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बीजापुर के खिलाड़ियों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रौशन किया नाम

25 वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में जीते 25 पदक वन मंत्री केदार कश्यप ने खिलाड़ियों को दी बधाई रायपुर, छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकने में सक्षम खिलाड़ी छत्तीसगढ़ में हैं। खिलाड़ी कभी हारता नहीं है या तो वह जीतता है या सीखता है। बीजापुर जिले के खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और लगन से एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। कोरबा जिले में आयोजित 25 वीं छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2025 में बीजापुर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 25 पदक जीतकर जिले का मान बढ़ाया। खिलाड़ी अब राष्ट्रीय स्तर तक परचम लहराने को तैयार खिलाड़ियों ने स्विमिंग सहित विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 10 स्वर्ण, 10 रजत और 5 कांस्य पदक अपने नाम किए और ओवरऑल द्वितीय स्थान प्राप्त किया। अंडर-19 बालिका वर्ग में सदना पोरतेटी ने 3 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीते। अक्षिता तोड़ेम ने 3 स्वर्ण और 1 रजत पदक प्राप्त किया। अंडर-17 बालक वर्ग में बबलु ऐंजा ने 3 रजत पदक और सरैया पालदेव ने 1 कांस्य पदक जीता।  इसी तरह अंडर-14 बालिका वर्ग में रीता पोरतेटी ने 2 स्वर्ण और 1 रजत,गुंजन कोरसा ने 2 स्वर्ण और 1 रजत,सपना कोरसा ने 2 रजत और 1 कांस्य, जबकि तमन्ना ने 1 कांस्य पदक हासिल किया। अंडर-14 बालक वर्ग में खिलाड़ियों ने 1 रजत और 2 कांस्य पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया। मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास से बीजापुर के खिलाड़ी अब राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक परचम लहराने को तैयार हैं। बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा इन सभी खिलाड़ियों ने बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त किया। उनकी सफलता में कोच दीप्ति वर्मा का मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने बच्चों को अनुशासन, फिटनेस और आत्मविश्वास के साथ खेल भावना सिखाई, जिसका परिणाम आज सामने आया। प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने खिलाड़ियों की उपलब्धि के लिए दी बधाई खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि बीजापुर के इन युवा खिलाड़ियों ने पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। यह सफलता जिले के खेल प्रेमी युवाओं के लिए प्रेरणा है। सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है ताकि बस्तर और बीजापुर जैसे अंचलों की प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर पर चमकें। इस शानदार प्रदर्शन से पूरे बीजापुर जिले में खुशी का माहौल है। कलेक्टर संबित मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी, खेल अधिकारी एवं अन्य प्रशिक्षकों ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। स्थानीय खेल प्रेमियों और अभिभावकों ने भी गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि बीजापुर के इन बच्चों ने जिले को गौरवान्वित किया है।

सियासी पारा गर्म: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की बिहार चुनाव में अहम भूमिका?

रायपुर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ उनका घर है और यहां का सनातनी वातावरण देश में सबसे समृद्ध है, इसलिए वे त्यौहार मनाने और सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होने आते हैं। बिहार चुनाव और गौ रक्षा का संदेश शंकराचार्य ने कहा कि गौ माता की रक्षा की शपथ लेने वाले उम्मीदवार के लिए वे वोट की सिफारिश करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो उम्मीदवार गौ रक्षा की बात किए बिना वोट मांगेंगे, उन्हें वोट देने से गौ हत्या का पाप लगेगा। उन्होंने कहा, “संकल्प घोषित करना और शपथ पूर्वक बोलना अलग है। शपथ लेकर पलटना पाप है। यदि कोई शपथ लेकर पलट जाए तो दोष उसका होगा, हमारा नहीं।” ओवैसी पार्टी को समर्थन पर स्पष्टता शंकराचार्य ने कहा कि जो भी गौ माता के लिए खड़ा होगा, वे उसका समर्थन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ओवैसी भी गौ माता को अपनी मां कहकर उनके लिए खड़े होंगे, तो उनका भी समर्थन किया जाएगा। “जो हमारी मां को अपनी मां कहेगा, वह हमारा भाई ही हुआ,” उन्होंने जोड़ा। गौ माता को राज्य माता घोषित करने पर विचार प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेन्द्र शास्त्री द्वारा गौ माता को राज्यमाता घोषित करने की मांग पर शंकराचार्य ने कहा कि घोषणा तो हो चुकी है, लेकिन कार्यान्वयन में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि गौ माता को राज्य माता घोषित किया जाए, तो वे उत्सव मनाने के लिए तैयार हैं। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का यह प्रवास छत्तीसगढ़ में धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ गौ माता संरक्षण और समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राष्ट्रपति का सम्मान: छत्तीसगढ़ को आदि कर्मयोगी अभियान और पीएम जनमन योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए किया गया सम्मानित

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं मंत्री नेताम ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं राष्ट्रपति के हाथों राज्य सरकार की ओर से प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने किया सम्मान ग्रहण रायपुर, छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर अपनी सशक्त पहचान दर्ज कराई है। आदि कर्मयोगी अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राज्य को आज भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य’ के रूप में सम्मानित किया गया। यह सम्मान राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया। राज्य सरकार और जनजातीय विकास विभाग की ओर से यह सम्मान प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने राष्ट्रपति के करकमलों से प्राप्त किया। प्रमुख सचिव  बोरा ने इस मौके पर पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में जनजातियों और विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए किए जा रहे कार्यो के संबंध में विस्तार से प्रस्तुती दी। वहीं मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिलों में जनजातियों के विकास में किए जा रहे कार्यो की जानकारी दी। कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुआल ओराम तथा राज्य मंत्री श्री दुर्गा दास उइके, जनजातीय कार्य मंत्रालय के सचिव विभु नायर भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर समस्त विभागीय अधिकारियों और फील्ड टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य के उन कर्मयोगियों के परिश्रम और समर्पण की पहचान है, जिन्होंने जनजातीय सशक्तिकरण को धरातल पर साकार किया है। कार्यक्रम में धमतरी और कोरिया जिलों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इसके साथ ही जनजाति विभाग के स्टेट ट्रेनर ललित शुक्ला को भी व्यक्तिगत श्रेणी में पुरस्कार प्राप्त हुआ। आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत मोहला-मानपुर, बालोद, दंतेवाड़ा और धमतरी जिलों को ‘स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड’ मिला, जो इस बात का प्रमाण है कि जनजातीय सेवा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को राज्य के प्रत्येक जिले में प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इस मौके धमतरी कलेक्टर अविनाश मिश्रा, कोरिया कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, बालोद कलेक्टर दिव्या मिश्रा एवं दंतेवाड़ा कलेक्टर कुणाल दुदावत उपस्थित थे। आदिम जाति विकास मंत्री राम विचार नेताम ने इस उपलब्धि पर पूरे विभाग को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जनजातीय विकास विभाग ने जन-कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर सफलतापूर्वक लागू किया है। उन्होंने कहा कि “यह पुरस्कार हमारे अधिकारियों, फील्ड कर्मचारियों और उन जनप्रतिनिधियों की मेहनत का परिणाम है, जो राज्य के दूरस्थ अंचलों तक योजनाओं की रोशनी पहुँचाने में दिन-रात जुटे हैं।” गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ ने हाल के वर्षों में जनजातीय शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य और प्रशिक्षण के क्षेत्र में कई अभिनव कदम उठाए हैं। आदि कर्मयोगी अभियान ने प्रशासनिक दक्षता को नई दिशा दी है, वहीं पीएम जनमन योजना ने आदिवासी समाज के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार लाया है। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के जनजातीय कल्याण विभागों के अधिकारी, परियोजना निदेशक, विकास सहयोगी संस्थाएँ और जनजातीय प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री साय ने 90 करोड़ रुपये के 26 निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में आयोजित सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के 13वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 90 करोड़ रुपये की लागत से 26 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री साय ने जिले के प्रत्येक विकासखंड में 50-50 लाख रुपये की लागत से एक-एक सामुदायिक भवन के निर्माण तथा पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में ओबीसी विद्यार्थियों की सीटों में वृद्धि करने की घोषणा की। कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव तथा वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछड़ा वर्ग के विकास और हितों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग को संवैधानिक अधिकार प्रदान किए गए हैं, जिसके लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन केवल प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि शासन की नीतियों और रीति-नीति से प्रभावित होकर जगदलपुर में आज 210 भटके हुए लोग मुख्यधारा में लौटे हैं तथा उन्होंने 153 हथियार भी जमा किए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मोदी की गारंटी को पूर्ण करने के लिए प्रदेश सरकार पिछले 22 महीनों से  समर्पण के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वायदे के अनुरूप तेंदूपत्ता खरीदी की कीमत में वृद्धि की, 3100 रुपये प्रति क्विंटल के मान से धान खरीदा, रामलला दर्शन योजना लागू की तथा मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना को पुनः प्रारंभ किया। इसके अतिरिक्त भी अनेक जनहितकारी और महत्वाकांक्षी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के स्थापना दिवस की बधाई देते हुए समाजजनों से शासन की योजनाओं से जुड़कर विकास में सहभागी बनने की अपील की। इससे पूर्व उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समाजजनों को बधाई देते हुए समाज में अपनी भूमिका को और सशक्त करने का आह्वान किया। वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि पिछड़ा वर्ग समाज मेहनतकश और कर्मठ है। उन्होंने आने वाली पीढ़ी को बेहतर ढंग से शिक्षित करने और अपने अधिकारों के प्रति सजग एवं जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने जिले में संचालित ‘मावा मोदोल कोचिंग संस्थान’ की सराहना करते हुए अधिक से अधिक युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही। मुख्यमंत्री साय ने सर्व पिछड़ा वर्ग सम्मेलन के दौरान कुल 90 करोड़ 06 लाख 88 हजार रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 56 करोड़ 51 लाख 40 हजार रुपये की लागत से 14 विकास कार्यों का शिलान्यास तथा 33 करोड़ 55 लाख 48 हजार रुपये की लागत से 12 निर्माण कार्यों का लोकार्पण सम्मिलित है।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने ओबीसी वर्ग के तीन मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर सांसद भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी, भानुप्रतापपुर विधायक  सावित्री मंडावी, कांकेर विधायक आशाराम नेताम, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद, प्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

सुरक्षा के साथ सौगात: दंतेवाड़ा पुलिस ने धनतेरस पर नागरिकों को लौटाए 107 मोबाइल

जगदलपुर धनतेरस के अवसर पर दंतेवाड़ा पुलिस ने लोगों को सौगात देते हुए उनके गुम मोबाइल लौटाए. लगभग 22,00,000 रुपए मूल्य के 107 मोबाइल को पड़ोसी राज्य ओडिशा के अलावा पड़ोसी जिले जगदलपुर, सुकमा, बीजापुर और कोंडागांव से बरामद किया गया था. पुलिस अधीक्षक आईपीएस गौरव राय, एएसपी आईपीएस राम कुमार वर्मन, एएसपी आईपीएस उदित पुष्कर एवं सायबर सेल नोडल अधिकारी डीएसपी ठाकुर गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में गुम मोबाइल तलाश अभियान चलाया गया था. गुम मोबाइल को CEIR पोर्टल के माध्यम से तलाश कर ‘‘इया आपलो सामान निया’’ कार्यक्रम के माध्यम से उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा गया. दन्तेवाड़ा पुलिस ने आम नागरिकों की सुगमता के लिए सायबर हेल्पलाइन नम्बर 9479151665 जारी किया है. इसके साथ भारत सरकार द्वारा जारी 1930 हेल्पलाइन नम्बर और cybercrime@gov.in में भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. सायबर हेल्पलाइन दन्तेवाड़ा के नाम से व्हाटसप अकाउंट भी बनाया गया है, जिसमें आम नागरिक अपने शिकायत व्हाटसप के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं. सायबर अपराध होने की स्थिति में 24X7 सायबर हेल्पलाइन दन्तेवाड़ा 9479151665 एवं क्यूआर कोड को स्केन कर घर बैठे सम्पर्क कर अपने साथ हुए किसी भी तरह के सायबर अपराध की शिकायत दर्ज करने हेतु सम्पर्क कर सकते हैं, ताकि उनकी शिकायत सीधे सायबर पोर्टल में दर्ज कर दी जाए. प्रार्थी को व्हाटसप के माध्यम से ही एकनालेजमेंट नम्बर प्रदाय कर दिया जाएगा. इसके साथ दन्तेवाड़ा जिले के आमजन को सायबर अपराध व इसके रोकथाम के लिए जागरूक करने ‘‘सायबर संगवारी दन्तेवाड़ा’’ नामक व्हाटस्अप चैनल बनाया गया है, जिसमें प्रत्येक दिन सायबर अपराध एवं उसके रोकथाम संबंधी जानकारी प्रेषित की जाएगी, यही नहीं अननोन काल, संदिग्ध व्हाटसप काल, मेसेज, लिंक या आपके बैंक अकाउंट या सोशल मीडिया अकाउंट पर किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि होने पर साइबर हेल्पलाईन दन्तेवाड़ा 9479151665 से सम्पर्क कर शिकायत कर सकते हैं.

भूमि खरीद-फरोख्त में बड़ी राहत: साय सरकार ने ऋण पुस्तिका अनिवार्यता खत्म की

रायपुर जमीन से जुड़ी अगर रत्ती भर की भी कभी आपने कोई कार्रवाई की होगी, या कभी किसी किसान या जमीन के कारोबारी से पाला पड़ा हो तो आपको ऋण पुस्तिका की अहमियत अच्छे से पता है. इसको लेकर अच्छी यादें कम, बुरी यादें ज्यादा होंगी. अब साय सरकार ने ऐतिहासिक और दूरगामी फैसला लेते हुए जमीन की खरीदी-बिक्री में ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता समाप्त कर दी है. पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक महानिरीक्षक कार्यालय द्वारा प्रदेश के तमाम जिला पंजीयकों को ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता समाप्त करने के संबंध में पत्र जारी किया है. इसमें पंजीयकों से अधीनस्थों को जमीन की खरीदी-बिक्री में ऋण पुस्तिका की अनिवार्यकता समाप्त किए जाने के संबंध में निर्देशित करते हुए इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने कहा गया है. किसानों-जमीन मालिकों की समस्या को इंगित करते हुए पत्र में लिखा गया है कि कृषि भूमि के राजस्व अभिलेख की प्रविष्टियों का इंद्राज कर किसानों को ऋण पुस्तिका जारी की जाती है. इसके अलावा किसानों को समय समय पर दिए जाने वाले ऋण, बंधक आदि का रिकार्ड भी ऋण पुस्तिका में दर्ज किया जाता है. वर्तमान में छत्तीसगढ़ में राजस्व अभिलेख ऑनलाइन कर दिए गए हैं, तथा भूमि पर भारित ऋण की प्रविष्टि ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाती है. राजस्व अभिलेखों के गिरदावरी संबंधी रिकार्ड ऑनलाईन अद्यतन होते हैं जो ऋण पुस्तिका में अद्यतन नहीं हो पाते हैं. पंजीयन अधिकारियों के द्वारा रजिस्ट्री के समय ऑनलाइन प्रविष्टियों से डाटा मिलान किया जाता है, दस्तावेज में शुल्क अवधारण के या पंजीयन के उद्देश्य से ऋण पुस्तिका की कोई विशेष प्रासंगिता नहीं होती हैं. पंजीयन अधिकारियों के लिए ऋण पुस्तिका के तथ्यों की सत्यता जांचने का कोई प्रावधान नहीं है. प्रायः यह देखने में आया है कि भौतिक ऋण पुस्तिका की कमी अथवा अन्य कारणों से क्रेता किसानों को जमीन खरीदी-बिक्री के बाद नई ऋण पुस्तिकाएं समय पर नहीं मिल पाती हैं. इससे पक्षकारों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है तथा शासन की छवि भी खराब होती हैं. प्रदेश में दस्तावेजों का ऑनलाईन पंजीयन वर्ष 2017 से किया जा रहा है, तथा भुईयां से किसानों को नक्शा खसरा व बी-1 की प्रति भी ऑनलाइन प्राप्त हो रही है. विक्रेता के स्वामित्व के वेरिफिकेशन हेतु पंजीयन साफ्टवेयर का भुईया के साथ इंटीग्रेशन किया गया है, जिससे पंजीयन के समय दस्तावेज में वर्णित तथ्यों का राजस्व विभाग के डाटा से ऑनलाइन मिलान होने पर पंजीयन की कार्रवाई की जाती है. शासन द्वारा राजस्व विभाग के साफ्टवेयर में ऑटो म्यूटेशन का प्रावधान किया गया है. जिसके तहत् भूमि के पंजीयन के साथ ही स्वतः खसरे का बटांकन होकर नवीन बी-1 जनरेट हो जाता है, जिसमें क्रेता एवं विक्रेता के पास धारित भूमि की जानकारी स्वतः अद्यतन हो जाती है. प्रदेश में भूमि के पंजीयन से लेकर अन्य कार्य ऑनलाईन हो रहे हैं, जिसके तहत् पंजीयन प्रणाली को पेपरलेस भी किया गया है। भुईयां पोर्टल पर भूमि का बी-1, खसरा एवं नक्शा आदि ऑनलाइन उपलब्ध है, और मान्य भी है. अतः अब भौतिक रूप से प्रदाय की जा रही ऋण पुस्तिका या किसान किताब की पंजीयन हेतु आवश्यकता नहीं है. अतः दस्तावेजों के पंजीयन के लिए किसानों / पक्षकारों से ऋण पुस्तिका की मांग न की जाए. भूमि के स्वामित्व फसल विवरण एवं पंजीयन हेतु प्रासंगिक अन्य तथ्यों की पुष्टि ऑनलाइन डाटा से अनिवार्य रूप से किया जाए.

खुशखबरी: गन्ना किसानों को मिला 5.98 करोड़, दीपावली की खुशियाँ दोगुनी

कवर्धा/पंडरिया  दीपावली पर्व से पहले कबीरधाम जिले के गन्ना उत्पादक किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है. राज्य शासन ने वर्ष 2024-25 के पेराई सत्र के लिए गन्ना विक्रेता किसानों को प्रति क्विंटल 39.90 रुपए की दर से 5 करोड़ 98 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है. यह राशि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना मर्या. पंडरिया को प्राप्त हुई है. शासन से राशि मिलने के बाद कारखाना प्रबंधन द्वारा कुल 7,658 गन्ना उत्पादक किसानों के खातों में यह धनराशि सीधे बैंक के माध्यम से भेजने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है. यह निर्णय दीपावली से ठीक पहले आने के कारण किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है. किसान अब त्योहार को और अधिक हर्षोल्लास से मना सकेंगे. किसानों ने इस निर्णय के लिए प्रदेश सरकार और विधायक भावना बोहरा के प्रति आभार व्यक्त किया है. कारखाना प्रबंधन ने बताया कि गन्ना किसानों को प्रोत्साहन राशि देने का उद्देश्य उन्हें आर्थिक मजबूती प्रदान करना और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है. पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि किसानों के हित और खुशहाली ही उनकी प्राथमिकता है, और यह प्रयास उसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है. त्योहार के इस मौसम में राज्य शासन की यह पहल निश्चित रूप से किसानों के लिए “दीपावली का बोनस तोहफा” साबित हो रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी नई रौनक देखने को मिलेगी.

ललमोतिया की दिवाली: मिट्टी के दीयों से रोशन होंगे घर-आंगन, इस बार होगा खास उत्सव

मिट्टी के दीयों से घर-आंगन जगमगाने वाली ललमोतिया की दिवाली इस बार होगी खास महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक मदद से बढ़ाया उत्पादन, दोगुनी हुई कमाई रायपुर अम्बिकापुर जिले के ग्राम कुमरता की कुम्हार महिला ललमोतिया की इस बार की दिवाली पहले से कहीं ज्यादा खास रहने वाली है। मिट्टी के दीये बनाकर लोगों के घरों को रोशन करने वाली ललमोतिया की मेहनत को अब शासन की महतारी वंदन योजना से नया सहारा मिला है। योजना से मिली आर्थिक सहायता के चलते उन्होंने इस वर्ष दीयों और कलशों की मात्रा बढ़ाई, जिससे उनकी कमाई दोगुनी हो गई है। ललमोतिया बताती हैं कि यह उनका पारंपरिक व्यवसाय है वे मिट्टी से दीये, कलश और अन्य सामग्री बनाकर जीवन-यापन करती हैं। पहले सीमित आमदनी के कारण उत्पादन बढ़ाना मुश्किल था, क्योंकि मिट्टी की व्यवस्था से लेकर भट्टी में पकाने तक हर चरण में मेहनत और खर्च दोनों अधिक लगते थे। लकड़ी, कोयला और अन्य सामग्रियों की व्यवस्था करने में भी कठिनाई होती थी।     उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत हर माह मिलने वाले एक हजार रुपये को उन्होंने बचाकर दिवाली के लिए उपयोग किया। इस राशि से आवश्यक सामग्री खरीदी और उत्पादन की मात्रा बढ़ा दिया। अब वे पहले की तुलना में अधिक दीये बना रही हैं, जिससे बिक्री और आय दोनों में वृद्धि हुई है। पहले वे केवल अपने गांव के बाजार में सामग्री बेचती थीं, पर अब नवानगर, दरिमा, कर्रा और टपरकेला जैसे आसपास के बाजारों में भी अपने उत्पाद बेचने जाती हैं। ललमोतिया कहती है कि पहले लगा था कि पारंपरिक काम छोड़कर मजदूरी करनी पड़ेगी, लेकिन महतारी वंदन योजना ने हमारी उम्मीदों को फिर से जगाया। इस योजना ने न केवल हमारी आर्थिक स्थिति सुधारी है बल्कि हमारी कला और परंपरा को भी संजोने का अवसर दिया है।     मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना उनके परिवार के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस बार उनकी भी दिवाली खुशियों और रोशनी से भरपूर होगी।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता बनवारी लाल अग्रवाल का निधन

कोरबा,  छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता बनवारी लाल अग्रवाल का 78 वर्ष की आयु शुक्रवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। कोरबा के मोतीसागर पारा के मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। भाजपा नेता बनवारी लाल अग्रवाल छात्र जीवन से ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे। उन्होंने अपना जीवन संगठन, समाज और शिक्षा के प्रति समर्पित किया। उन्होंने शिक्षक के रूप में छत्तीसगढ़ उच्चतर माध्यमिक शाला बिलासपुर और सावन पब्लिक स्कूल, नई दिल्ली में अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जनसंघ के समय में की थी। 1990 के दशक में वे बिलासपुर भाजपा कमेटी के संगठन महामंत्री बने। इसके बाद उन्होंने कोरबा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। वे 1993 में पहली बार कटघोरा विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुए और 1998 में भी पुनः चुने गए। विधानसभा में अपने कार्यकाल के दौरान वे लोकलेखा समिति, प्रश्न एवं संदर्भ समिति, आवास समिति और कार्य मंत्रणा समिति सहित कई महत्वपूर्ण समितियों के सदस्य रहे। उन्हें छत्तीसगढ़ विधानसभा का उपाध्यक्ष बनने का अवसर भी मिला।  

छत्तीसगढ़: BMO रिश्वत लेते गिरफ्तार, एसीबी की बड़ी कार्रवाई

रायपुर एसीबी की टीम ने आज सक्ती जिले में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) राजेंद्र कुमार पटेल को अपने ही कार्यालय के बाबू से 15000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा. यह कार्रवाई बीएमओ कार्यालय डभरा के बाबू की शिकायत पर की गई. एसीबी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. एसीबी इकाई बिलासपुर की टीम ने पिछले डेढ़ साल में 35 ट्रैप की कार्रवाई है। 6 अक्टूबर 2025 को वार्ड नंबर 12 डभरा, जिला सक्ती निवासी उमेश कुमार चंद्रा बीएमओ कार्यालय डभरा में बाबू के पद पर पदस्थ है. उन्होंने एसीबी इकाई बिलासपुर में शिकायत की थी कि उसकी यात्रा भत्ता बिल की राशि 81000 रुपए का भुगतान पूर्व में हो चुका है. राशि भुगतान होने के एवज में डभरा के बीएमओ राजेंद्र कुमार पटेल ने उससे 32500 रुपए रिश्वत की मांग की. बीएमओ 16500 रुपए ले लिए हैं. 16000 रुपए की और मांग की जा रही है, जिसे वह बीएमओ को नहीं देना चाहता बल्कि उसे रंगे हाथ पकड़वाना चाहता है. जांच में शिकायत सही पाई गई. इसके बाद एसीबी ने बीएमओ को रिश्वत लेते पकड़ने का जाल बिछाया. मोलभाव पर आरोपी ने 15000 रुपए लेने सहमति दी, जिस पर ट्रैप की योजना तैयार की गई. आज प्रार्थी को रिश्वती रकम 15000 रुपए आरोपी को देने के लिए भेजा गया. बीएमओ राजेंद्र कुमार पटेल डभरा स्थित अपने कार्यालय में प्रार्थी से 15000 रुपए रिश्वत ले रहा था, इस दौरान एसीबी की टीम ने बीएमओ को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा और रिश्वत रकम को आरोपी से बरामद किया. अचानक हुई कार्रवाई से आसपास हड़कंप मच गया. पकड़े गए आरोपी से रिश्वत की रकम 15 हजार रुपए जब्त कर एसीबी की टीम रिश्वतखोर बीएमओ के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई कर रही है. एसीबी ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.