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जेएसपी बनी भारत की पहली विविधीकृत बड़ी कंपनी जिसे एनसीवीईटी द्वारा अवार्डिंग बॉडी के रूप में मान्यता मिली

जेएसपी बनी भारत की पहली विविधीकृत बड़ी कंपनी जिसे एनसीवीईटी द्वारा अवार्डिंग बॉडी के रूप में मान्यता मिली जिंदल स्टील को कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE), भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद (NCVET) द्वारा अवार्डिंग बॉडी के रूप में मान्यता प्रदान की गई है।जिंदल स्टील यह मान्यता प्राप्त करने वाली भारत की पहली विविधीकृत बड़ी कंपनी तथा पहली एकीकृत इस्पात निर्माता कंपनी है।यह मान्यता जेएसपी को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क के तहत उद्योग-उन्मुख स्किलिंग कार्यक्रम तैयार करने और लागू करने की शक्ति प्रदान करती है। इसमें डीकार्बोनाइजेशन, सर्कुलर इकॉनमी और उन्नत तकनीकों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। रायपुर जिंदल स्टील ने देश की पहली बड़ी विविधीकृत कंपनी और पहली एकीकृत इस्पात निर्माता कंपनी बनकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसे एनसीवीईटी द्वारा अवार्डिंग बॉडी के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। यह उपलब्धि कंपनी की कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा को नए मानक देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और इस्पात एवं अवसंरचना क्षेत्र में इसकी नेतृत्वकारी स्थिति को और मजबूत करती है। एनसीवीईटी और जिंदल स्टील के बीच हुए इस समझौते के तहत जेएसपी को पैन-इंडिया स्तर पर "अवार्डिंग बॉडी" का अधिकार प्राप्त हुआ है। अब जेएसपी उद्योग-उन्मुख मानक तय करने, संरचित स्किलिंग प्रोग्राम लागू करने और भविष्य की कार्यबल तैयार करने की दिशा में तेजी से कार्य कर सकेगी। इसके अंतर्गत तैयार सभी प्रशिक्षण मानक और योग्यताएँ राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क में मान्यता प्राप्त होंगी। यह मील का पत्थर शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटने में सहायक होगा और बहु-क्षेत्रीय, परिणाम-आधारित स्किलिंग को बढ़ावा देगा। यह जेएसपी की राष्ट्र निर्माण, अंतर्विषयक क्षमता विकास और हरित ऊर्जा तथा आधुनिक अवसंरचना की दिशा में भारत के संक्रमण के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है। इस ढांचे के अंतर्गत जारी सभी प्रमाणपत्र अधिक विश्वसनीय होंगे और वैश्विक स्तर पर भी मान्यता प्राप्त होंगे, जिससे करियर अवसरों और गतिशीलता में वृद्धि होगी। जेएसपी के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल ने कहा: “एनसीवीईटी द्वारा ‘अवार्डिंग बॉडी’ के रूप में मान्यता मिलना एक बड़ी जिम्मेदारी है जिसे हम गंभीरता और उद्देश्य के साथ स्वीकार करते हैं। यह हमें उद्योग मानकों को सीधे शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ने की शक्ति देता है, ताकि भारत के युवा आवश्यक ज्ञान और अनुशासन प्राप्त कर सकें और कार्यस्थल पर सफल होते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें।”

कांग्रेस के आरोपों पर टंकराम वर्मा का पलटवार, कहा- मोदी पर ‘वोट चोर’ का ठप्पा लगाना बेबुनियाद

रायपुर देशभर में कांग्रेस सत्तारूढ़ भाजपा पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ का अभियान चला रही है. PM मोदी को ‘वोट चोर’ कहने पर छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कांग्रेस पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने सबूत मांगे थे, लेकिन कांग्रेस कोई सबूत पेश नहीं कर सकी. जनता ने उन्हें एक लाइन में खारिज कर दिया है. प्रदेश और देश में कांग्रेस का जनाधार खत्म : मंत्री टंक राम वर्मा मंत्री वर्मा ने कहा कि कांग्रेस के पास अब बोलने को कुछ नहीं है. पीएम मोदी को पहले ‘चौकीदार चोर’ कहा, अब ‘वोट चोर’ बोल रहे हैं. वे जनता को गुमराह कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश और देश में उनका जनाधार खत्म हो चुका है. कांग्रेस बूथ अध्यक्ष नियुक्ति पर कसा तंज कांग्रेस के संगठन सृजन पर मंत्री टंक राम वर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा में बूथ, मंडल से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक लोकतांत्रिक नियुक्ति होती है. कांग्रेस में पहले राष्ट्रीय नेताओं की नियुक्ति होती है, फिर उनके नीचे अन्य नेताओं की. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष कहते हैं कि ऐसा बूथ अध्यक्ष बनाएंगे, जो उनके आदेश पर कुत्ते की तरह भौंके. कम बारिश होने से फसलें प्रभावित वहीं छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में इस साल कम वर्षा हुई है, जिसके चलते कई किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं. राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राजस्व विभाग सभी जिलों में सर्वे कर रहा है, रिपोर्ट आने के बाद कहां और कितनी फसल प्रभावित हुई है, यह स्थित साफ होगी.

8-9 नवंबर: रायपुर में सुपरक्रॉस और फ्रीस्टाइल मोटोक्रॉस, युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण

रायपुर राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय सुपरक्रॉस और अंतरराष्ट्रीय फ्री स्टाइल मोटोक्रॉस प्रतियोगिता होने जा रही है. यह कार्यक्रम में बूढ़ातालाब स्थित आउटडोर स्टेडियम में 8 और 9 नवंबर को होगा. बीते 25 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय और FMSCI (Federation of Motor Sports Clubs of India) से एकमात्र मान्यता प्राप्त संस्था छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन (CGMSA) देश के सबसे बड़े मोटरस्पोर्ट्स आयोजनों में से एक की मेजबानी करने जा रही है. इस चैंपियनशिप में देशभर से 100 से अधिक प्रोफेशनल राइडर्स भाग लेंगे. वहीं करीब 20,000 प्रतिदिन दर्शकों की उपस्थिति की संभावना है. इस वर्ष की थीम – Safe Racing • Safe Riding • Safe Driving तय की गई है. युवाओं को सड़क पर असुरक्षित रेसिंग से रोककर उन्हें सुरक्षित माहौल और प्रोफेशनल ट्रैक पर रेसिंग के लिए प्रेरित करना ही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है. विशेष प्रशिक्षण सत्र (छत्तीसगढ़ के राइडर्स के लिए) • तारीख : 5 October 2025 • समय : सुबह 10:00 बजे से • स्थान : सोनपुर, पाटन • आयोजक : छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन (CGMSA) ट्रेनिंग क्यों? यह प्रशिक्षण सत्र छत्तीसगढ़ के स्थानीय युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए तैयार करने का एक अवसर है. इसका उद्देश्य :-     प्रोफेशनल रेसिंग की तकनीकें सीखना     सेफ्टी मेजर्स और रेसिंग एथिक्स समझाना     मानसिक और शारीरिक रूप से प्रतियोगिता के लिए तैयार करना चयनित प्रतिभागियों को सुपरक्रॉस चैम्पियनशिप में राज्य का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा. कार्यक्रम से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए इनसे करें संपर्क अतुल श्रीवास्तव, सचिव, CGMSA — 98931 40004 उज्ज्वल दीपक, अध्यक्ष, CGMSA – 8720092000

10 महीने की कवायद के बाद भी काम अधूरा: हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट केवल 10 लाख वाहनों में लगी, अब पुलिस करेगी चालानिंग

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार की सुरक्षा के मद्देनजर सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने की कवायद पर ‘नौ दिन चले अढ़ाई कोस’ वाली कहावत सटीक बैठती है. छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश के 10 महीने बाद तक प्रदेश के करीबन 80 फीसदी वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) नहीं लगा है. इस बीच पुलिस ने एक अक्टूबर से चालान काटने की तैयारी कर ली है. मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 52 लाख 48 हजार 478 वाहन हैं. इनमें से अब तक सिर्फ 7 लाख 31 हजार वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाए जा सके हैं. वहीं 3 लाख 40 हजार नंबर प्लेट बनाने का ऑर्डर हुआ है. इस तरह से 45 लाख से ज्यादा वाहनों में HSRP नंबर प्लेट नहीं लगाए जा सके हैं. जानकार बताते हैं कि जिन 7.31 लाख वाहनों में नंबर प्लेट लगे हैं, इनमें से 30 फीसदी ऐसे हैं, जिन्हें आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस की टीम ने सड़क पर रोक-रोक फार्म भरवाया था. आरटीओ की ओर से 30 सितंबर तक हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने लोगों को अल्टीमेटम दिया गया है. अब अक्टूबर से जिन वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगा होगा इनका 1000 रुपए का चालान कटेगा, इसके साथ ही मौके पर एचएसआरपी के लिए फार्म भी भरवाया जाएगा. रायपुर जिले की बात करें तो यहां 13 लाख 34 हजार पंजीकृत गाड़ियां हैं. इनमें से सिर्फ 2 लाख 36 हजार गाड़ियों में नंबर प्लेट लगाए जा सके हैं. वह करीब एक लाख लोगों ने नंबर प्लेट बनवाने के लिए आवेदन किया है. 10 महीने में सिर्फ 17 फीसदी वाहनों में नंबर प्लेट लगाए जा सके हैं. छत्तीसगढ़ में 6 हजार से ज्यादा पंजीकृत वाहन ऐसे हैं, जो 15 साल पुराने हैं. इन वाहनों को स्क्रैप करने के निर्देश हैं. इन 6 हजार वाहनों में से 1200 दोपहिया हैं. 3 हजार से ज्यादा चारपहिया और शेष 1800 मालवाहक गाड़ियां हैं. रायपुर जिले की बात करें तो 300 से ज्यादा पंजीकृत वाहन 15 से ज्यादा पुराने हैं. वहीं शहर में ऐसे वाहन भी घूम रहे हैं, जो अपंजीकृत हैं. वाहनों को स्क्रेप करने में भी पिछड़ा विभाग रायपुर शहर में 15 साल पुराने वाहनों को स्क्रैप करने दो करोड़ की लागत से धनेली में प्लांट बनाया गया है. अब तक यहां सिर्फ 1 हजार वाहनों को स्क्रैप किया जा सका है. जबकि यहां 600 से ज्यादा वाहन स्क्रैप होने के लिए खड़े हैं. यानी की परिवहन विभाग पुराने वाहनों को स्क्रैप करवाने और एचएसआरपी लगवाने दोनों में पिछड़ता दिख रहा है. चालकों को रोक-रोककर भरवाया फार्म परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की टीम ने मिलकर दो महीने तक एचएसआरपी को लेकर जागरूकता अभियान चलाया था. वाहन चालकों को सड़कों पर रोक-रोक कर एचएसआरपी के लिए फार्म भरवाया गया था. तब जाकर प्रदेशभर में 7 लाख लोगों ने वाहनों में एचएसआरपी लगवाया है.

ब्रह्माकुमारी प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री साय से की मुलाकात, वैश्विक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिया निमंत्रण

मुख्यमंत्री साय को वैश्विक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिया निमंत्रण रायपुर,  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री  निवास कार्यालय में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रतिनिधि मण्डल ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर रायपुर की संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने मुख्यमंत्री  साय को आगामी 10 से 13 अक्टूबर तक माउण्ट आबू में आयोजित होने वाले वैश्विक शिखर महासम्मेलन में सम्मिलित होने हेतु आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री  साय ने प्रतिनिधि मण्डल को इस आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा आमंत्रण के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा शांति, आध्यात्मिकता और मानवता के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्य अनुकरणीय हैं। भेंट के दौरान सविता दीदी ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के आगामी रायपुर प्रवास के दौरान नवा रायपुर, सेक्टर-20 स्थित शान्ति शिखर के नये भवन "एकेडमी फार ए पीसफुल वर्ल्ड- शान्ति शिखर" के लोकार्पण कार्यक्रम की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी। प्रतिनिधि मण्डल में ब्रह्माकुमारी सविता दीदी के साथ बीके रश्मि दीदी, बीके महेश डोडवानी और बीके हीरेन्द्र नायक भी उपस्थित रहे।  

जीएसटी बचत उत्सव: ट्रैक्टर खरीदी में किसानों को मिली बड़ी राहत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जीएसटी बचत उत्सव के बीच औचक निरीक्षण पर देवपुरी स्थित ट्रैक्टर शोरूम पहुंचे। साय ने यहां किसानों से आत्मीय संवाद कर जीएसटी कटौती पर उनकी प्रतिक्रिया और खरीदी में हुई बचत की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने शोरूम में ट्रैक्टर और हार्वेस्टर खरीदने आए किसानों को चाबी सौंपकर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने अभनपुर के बिरोदा निवासी रवि कुमार साहू को उनके नए हार्वेस्टर की चाबी सौंपी। इस अवसर पर खुशी व्यक्त करते हुए रवि साहू ने कहा, "मैने सपने में भी नहीं सोच था कि मैं नया हार्वेस्टर खरीदूंगा। मैं सेकेंड हैंड हार्वेस्टर खरीदने के बारे में सोच रहा था। जीएसटी उत्सव में नए हार्वेस्टर खरीद पर मुझे पूरे 2 लाख रुपए की बचत हुई है। किसानों की चिंता का समाधान हमारे संवेदनशील प्रधानमंत्री मोदी जी और किसानहितैषी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी ही कर सकते हैं। मुख्यमंत्री जी ने स्वयं मुझे मेरे नए हार्वेस्टर की चाबी सौंपी और मुझसे बेहद आत्मीयता से संवाद किया। मैंने उन्हें बताया कि मेरे पास दो एकड़ खेत है और अब हार्वेस्टर आने से मैं गांव में साझेदारी से और अधिक खेती कर पाऊंगा।” श्री रवि ने जीएसटी में कटौती के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया। मुख्यमंत्री  साय ने अभनपुर कोलर से आए वरिष्ठ किसान ज्ञानिक राम साहू को उनके नए ट्रैक्टर की चाबी सौंपी। मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए साहू ने बताया कि जीएसटी में कटौती के बाद नए ट्रैक्टर की खरीदी पर उन्हें पूरे 60 हजार रुपए की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि इस बचत से उनका परिवार त्योहार को और अच्छे से मना सकेगा। ट्रैक्टर शो रूम के प्रोप्राइटर अशोक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से संवाद में बताया कि जीएसटी में कटौती के कारण बिक्री में इज़ाफ़ा हो रहा है और ग्राहकों का उत्साह बढ़ा है। उन्होंने कहा, “पहले जो ट्रैक्टर 10.25 लाख रुपए का आता था, वह अब 9.75 लाख रुपए में उपलब्ध है, जिससे किसानों को 50 हजार रुपए की बचत हो रही है। इसी तरह 7.62 लाख का ट्रैक्टर अब 7.21 लाख और 6.51 लाख का ट्रैक्टर अब 6.11 लाख रुपए में मिल रहा है। कीमतों में कटौती और फेस्टिवल डिस्काउंट से किसानों की बड़ी बचत हो रही है। जीएसटी दर घटने के बाद हार्वेस्टर भी सस्ते हो गए हैं।” जीएसटी कटौती से बाइक खरीदी में 7 हजार की बचत इसके बाद मुख्यमंत्री साय देवपुरी के बजाज बाइक शोरूम पहुंचे और यहां मौजूद ग्राहकों से जीएसटी कटौती पर आत्मीय चर्चा की। उन्होंने बाइक खरीदने आए संतोषी नगर निवासी श्री एम.डी. गुलाब को उनकी नई बाइक की चाबी सौंपी।  श्री गुलाब ने बताया कि जीएसटी में कटौती के बाद बाइक खरीदने पर उन्हें 7 हजार रुपए की बचत हुई है। उन्होंने कहा, “मैंने बजाज प्लेटिना 110 सीसी बाइक खरीदी है, जिसकी पहले कीमत 89,000 रुपए थी, जो अब मुझे 82,000 रुपए में मिली।” मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने आम जनता, किसानों और उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत दी है। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि यंत्रों की कीमतों में आई कमी से किसानों को सीधा लाभ हो रहा है, जिससे उनकी खेती-किसानी और जीवनयापन और सुगम होगा। उन्होंने कहा कि इस जीएसटी बचत उत्सव से उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ कम हुआ है और त्यौहारी सीजन में परिवारों की खुशियाँ बढ़ी हैं।  यह सुधार न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति दे रहा है बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उत्साह और समृद्धि का नया वातावरण भी बना रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया “मेक-इन-सिलिकॉन” पोस्टर और वेबसाइट का शुभारंभ

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में “मेक-इन-सिलिकॉन: राष्ट्रीय सिंपोजियम ऑन एनेबलिंग इंडिजिनस सेमीकंडक्टर इन्फ्रास्ट्रक्चर” के पोस्टर और आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ किया। यह संगोष्ठी भारत में सेमीकंडक्टर मिशन को नई दिशा देने और देश में स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने की पहल है। ट्रिपल आईटी-नया रायपुर के निदेशक प्रो. ओमप्रकाश व्यास  ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि यह राष्ट्रीय संगोष्ठी 7–8 नवम्बर 2025 को ट्रिपल आईटी-नया रायपुर में आयोजित होगी। इसमें देशभर के विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, शिक्षाविद और नीति-निर्माता शामिल होंगे। संगोष्ठी का उद्देश्य भारत की घरेलू सेमीकंडक्टर व्यवस्था को मज़बूत बनाने के लिए ठोस रणनीति बनाना है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर मिशन में योगदान देगा। उन्होंने कहा कि युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों को मिलकर नवाचार करना होगा और नेतृत्व की भूमिका निभानी होगी। उनके अनुसार, स्वदेशी सेमीकंडक्टर अधोसंरचना ही भारत की डिजिटल और आर्थिक मजबूती की नींव है। यह आयोजन भारत सरकार के “सेमीकंडक्टर इंडिया मिशन” और छत्तीसगढ़ सरकार की तकनीकी आत्मनिर्भरता की सोच के अनुरूप है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयास युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेंगे। इस अवसर पर संयोजक डॉ. मनोज मजूमदार, डॉ. दीपिका गुप्ता और आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित थे।  

नक्सली दंपत्ति का खुला रहस्य : राजधानी में आम लोगों के बीच बिताए दो महीने

रायपुर राजधानी में पुलिस और माओवादी विरोधी दस्ता को बड़ी सफलता मिली है. नक्सल संगठन से जुड़े फरार दंपत्ति को रायपुर से गिरफ्तार किया गया है. जानकारी के मुताबिक, दोनों बीते दो महीने से फर्जी पहचान पत्र के सहारे राजधानी में रह रहे थे. जानकारी के मुताबिक, आरोपियों की पहचान जग्गू और कमला के रूप में हुई है. मामले का खुलासा तब हुआ, जब वे रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे. इस दौरान उनके आईडीकार्ड फर्जी निकले. फर्जी आईडी के उजागर होते ही एसआईए और नक्सल विरोधी दस्ते ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नक्सल दंपत्ति को धर दबोचा. 2 महीने से किराये के मकान पर थे निवासरत दोनों चंगोराभाटा इलाके में किराए के मकान में रह रहे थे. स्थानीय किरायेदारों के मुताबिक, वे किसी से बातचीत नहीं करते थे और जब भी बाहर निकलते, तो चेहरा ढककर ही आते-जाते थे. पुलिस जांच में सामने आया है कि ये दंपत्ति नक्सल संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था और फरारी के दौरान फर्जी आधार कार्ड तक बनवा लिया था. फिलहाल, एसआईए की टीम आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है.

प्रेम दिखाने की कोशिश भारी पड़ी: कार से कुचलकर युवती हुई मृत, चार आरोपी गिरफ्तार

डोंगरगढ़ भिलाई से मां बम्लेश्वरी के दर्शन करने पैदल डोंगरगढ़ जा रही 21 वर्षीय महिमा साहू की जिंदगी 24 सितंबर की रात सड़क हादसे में खत्म हो गई। घटना सोमनी थाना क्षेत्र के ग्राम मनकी के पास नेशनल हाईवे पर हुई, जहां तेज रफ्तार थार क्रमांक CG 04 QC 8007 की टक्कर से महिमा की मौत हो गई। सूत्रों के अनुसार, यह नाबालिग अपनी रसूखदार पृष्ठभूमि का फायदा उठाते हुए कार चला रही थी। वजह थी अपनी गर्लफ्रेंड को प्रभावित करना और दिखाना कि “हम भी कुछ कर सकते हैं”। तेज रफ्तार और नाबालिग की स्टंट जैसी लापरवाही ने मासूम महिमा की जान ले ली। इस मामले में पुलिस ने कार जब्त कर वाहन स्वामी रजत सिंह, नयन सिंह, राजू कुमार धुर्वे और नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 106, 61(2), 238 बीएनएस और मोटर वाहन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। लापरवाही और नियंत्रण खोने से हुआ हादसा पुलिस ने बताया कि हादसा पूरी तरह से गाड़ी चलाने में लापरवाही और नियंत्रण खोने के कारण हुआ। घटना ने सिर्फ सड़क सुरक्षा का मुद्दा उजागर नहीं किया, बल्कि यह सवाल खड़ा कर दिया है कि रसूखदार परिवारों के नाबालिग क्यों बिना जिम्मेदारी के वाहन चला रहे हैं। लोगों ने कहा – सुरक्षा इंतजामों की कमी से हो रहे हादसे स्थानीय लोगों का कहना है कि हाइवे पर सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण यह हादसा और भी गंभीर हो गया। यह हादसा न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चेतावनी भी है कि तेज रफ्तार, लापरवाही और अभिभावकों की उदासीनता मिलकर मासूमों की जान खतरे में डाल सकती है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।

जिंदल स्टील ने अंगुल में देश के सबसे बड़े ब्लास्ट फर्नेस में से एक का कमीशन किया, 12 एमटीपीए क्षमता की ओर अग्रसर

जिंदल स्टील ने अपने एकीकृत स्टील प्लांट, अंगुल में देश के सबसे बड़े ब्लास्ट फर्नेस में से एक का कमीशन किया, जिससे हॉट मेटल क्षमता 4 एमटीपीए से बढ़कर 9 एमटीपीए हो गई। नया फर्नेस अंगुल, ओडिशा को सबसे बड़े एकल-स्थान स्टील प्लांट के रूप में स्थापित करता है और इसे जिंदल स्टील की भविष्य की विकास रणनीति का केंद्रबिंदु बनाता है। रायपुर  जिंदल स्टील ने भारत के स्टील उद्योग में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने 5 एमटीपीए क्षमता वाले ब्लास्ट फर्नेस को चालू किया है। यह सफलता भगवती सुभद्रिका ब्लास्ट फर्नेस – II के कमीशनिंग से हासिल हुई। इस “ब्लो-इन” समारोह का नेतृत्व जिंदल स्टील के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल ने किया। इसके साथ ही अंगुल देश का सबसे बड़ा एकल-स्थान स्टील प्लांट बन गया है। भगवती सुभद्रिका ब्लास्ट फर्नेस, जिसकी उपयोगी क्षमता 5,499 वर्गमीटर है, दुनिया के सबसे बड़े और उन्नत फर्नेस में से एक है। यह जिंदल स्टील की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें कंपनी पैमाने, अत्याधुनिक ऑटोमेशन, मजबूत सुरक्षा डिज़ाइन और बेहतर स्थिरता को जोड़कर उद्योग में नए मानक स्थापित कर रही है। श्री नवीन जिंदल, चेयरमैन, जिंदल स्टील ने कहा, “अंगुल में भगवती सुभद्रिका ब्लास्ट फर्नेस का कमीशन होना जिंदल स्टील और भारत के लिए गर्व का क्षण है। अंगुल की क्षमता को 12 एमटीपीए तक दोगुना करके हम अपनी वैश्विक प्रतिस्पर्धा को और मजबूत कर रहे हैं तथा आत्मनिर्भर भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहरा रहे हैं। ओडिशा की संस्कृति में जड़े हुए और अत्याधुनिक तकनीक से संचालित यह फर्नेस हमारी उस दृष्टि का प्रतीक है, जिसमें परंपरा और नवाचार का संगम है।” यह उपलब्धि जिंदल स्टील की दीर्घकालिक विकास योजनाओं को नई गति प्रदान करती है। अब अंगुल कंपनी के भविष्य के विस्तार का केंद्रीय केंद्र होगा। प्रस्तावित परियोजनाओं में पारादीप में एक समर्पित पोर्ट, स्लरी पाइपलाइन और कोल पाइप कन्वेयर (सप्लाई चेन दक्षता बढ़ाने के लिए), श्रीभूमि पावर प्लांट और नए कोक ओवन संयंत्र शामिल हैं। इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से अंगुल को जिंदल स्टील की वैश्विक विकास रणनीति की धुरी के रूप में विकसित किया जाएगा। जिंदल स्टील के बारे में जिंदल स्टील भारत के प्रमुख एकीकृत स्टील उत्पादकों में से एक है, जो अपने पैमाने, दक्षता और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता के लिए प्रसिद्ध है। कंपनी माइन-टू-मेटल मॉडल पर कार्य करती है और अपने खनिज संसाधनों, उन्नत विनिर्माण क्षमताओं और वैश्विक वितरण नेटवर्क का लाभ उठाकर उच्च-प्रदर्शन स्टील समाधान प्रदान करती है। 12 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के निवेश के साथ, जिंदल स्टील अंगुल, रायगढ़ और पतरातू में अत्याधुनिक सुविधाएं संचालित करती है तथा भारत और अफ्रीका में अपनी रणनीतिक गतिविधियां बनाए रखती है। इसका विविध और भविष्य-उन्मुख उत्पाद पोर्टफोलियो बुनियादी ढांचा, निर्माण और विनिर्माण जैसे कोर क्षेत्रों को सशक्त बनाता है, जो स्ट्रेंथ और सस्टेनेबिलिटी के साथ प्रगति को गति देता है।