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नमो मैराथन में दौड़ा रायगढ़: आत्मनिर्भर भारत, फिट इंडिया और नशा मुक्त भारत का दिया संदेश

रायपुर : जिंदगी में जीत हार से ज्यादा महत्वपूर्ण है पूरी क्षमता से खेलना: वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी नमो मैराथन में दौड़ा रायगढ़: आत्मनिर्भर भारत, फिट इंडिया और नशा मुक्त भारत का दिया संदेश  वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी का युवाओं को संदेश – जीत-हार से ऊपर है समर्पण और प्रयास प्रथम दस स्थानों पर आने वाले प्रतिभागियों को मिलेगा 5-5 हजार रूपये का पुरूस्कार   रायपुर रायगढ़ में आत्मनिर्भर भारत, फिट इंडिया और नशा मुक्त भारत का संदेश देते हुए मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। वित्त मंत्री  ओ.पी.चौधरी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ चौक से मैराथन दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह मैराथन रायगढ़ के दौड़ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ चौक से होते हुए गांधी चौक, सुभाष चौक, रामनिवास टॉकीज चौक, शहीद चौक से हेमू कालानी चौक होते हुए कमला नेहरू उद्यान में समाप्त हुई। यह कार्यक्रम सेवा पखवाड़ा 2025 के तहत आयोजित किया गया। सेवा पखवाड़ा 2025 के तहत हुआ नमो मैराथन दौड़ का आयोजन वित्त मंत्री  ओ.पी.चौधरी ने मैराथन दौड़ के विजेताओं को बधाई देते हुए अपने संबोधन में कहा कि जीत-हार से ज्यादा महत्वपूर्ण अपनी पूरी क्षमता और खेल भावना से प्रतियोगिता में हिस्सा लेना है।  लगन और समर्पण के साथ किया गया प्रयास ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने प्रतियोगिता में प्रथम दस स्थान पर आने वाले बालक और बालिकाओं को स्वेच्छानुदान मद से 5-5 हजार रूपये देने की घोषणा की। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने अपने कुशल नेतृत्व से आज भारत को वैश्विक मानचित्र में स्थापित करने का काम किया है। उनके मार्गदर्शन में किए जा रहे कार्यों से देश ने प्रगति के कई सोपान तय किए हैं। 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक यह सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। जिसमें विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वित्त मंत्री  ओ.पी.चौधरी ने कहा कि राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में एक भी राष्ट्रीय स्तर की संस्था नहीं थी। किन्तु आज आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपलआईटी, एनआईटी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसी देश की लगभग सभी प्रमुख संस्थाएं यहां संचालित हैं। पिछले डेढ़ साल में छत्तीसगढ़ में 3 राष्ट्रीय स्तर कि संस्थाओं की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ है। जिनमें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टी टेक्नोलॉजी, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी तथा नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटीज शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण देने रायपुर कलेक्टर रहते नालंदा परिसर की आधारशिला रखी थी। आज वहां 3 हजार छात्र प्रवेशित हैं और लगभग उतने ही छात्र प्रतीक्षा सूची में है। रायगढ़ के छात्रों के सुदृढ़ भविष्य के लिए यहां मरीन ड्राइव में 40 करोड़ की लागत से नालंदा परिसर का निर्माण तेजी से हो रहा है। रायगढ़ स्टेडियम में उपलब्ध खेल सुविधाओं का उन्नयन किया जा रहा है। खेल सुविधाओं को नया आयाम देने लोहरसिंह में 105 करोड़ की लागत से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण की स्वीकृति मिली है। इसका लाभ पूरे जिले के खिलाडिय़ों को मिलेगा। पुसौर और महापल्ली में भी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स/स्टेडियम का निर्माण होगा। अग्निवीर भर्ती की लिखित परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के फिजिकल टेस्ट की तैयारी की सुविधा उर्दना पुलिस लाइन में प्रदान की जाती है। यहां प्रतिभागियों को पौष्टिक आहार के साथ फिजिकल ट्रेनिंग भी दी जाती है इसके लिए उन्हें आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है। वित्त मंत्री ने बताया कि रायगढ़ में नव गुरुकुल संस्था का शुभारंभ किया गया है। यहां बालिकाओं एवं युवतियों को आज के बदलते दौर की आवश्यकता के हिसाब से जरूरी ट्रेनिंग प्रदान किया जा रहा है। जिससे वे आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार हासिल कर सके। रायगढ़ में प्रयास आवासीय संस्था का संचालन किया जा रहा है। यहां प्रवेश लेने वाले छात्रों को आईआईटी और नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की निरूशुल्क तैयारी कराई जाती है। संस्था का संचालन प्रारंभ हो चुका है तथा 50 करोड़ में इसका नया भवन बनने वाला है। लोकसभा सांसद  राधेश्याम राठिया ने कहा कि 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक हम सेवा पखवाड़ा मना रहे हैं। जिसके तहत यह मैराथन दौड़ का आयोजन आज रायगढ़ में आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य युवाओं को जीवन में सकारात्मकता के साथ आगे बढऩे के लिए फिट इंडिया और नशामुक्त भारत का संदेश देना है। महापौर  जीवर्धन चौहान ने कहा कि यह नमो मैराथन दौड़ युवाओं के प्रयास और सहभागिता से संपन्न हुआ है। युवा देश में भविष्य हैं। विजेताओं को दिए गए पुरस्कार वित्त मंत्री  ओ.पी.चौधरी ने नमो मैराथन दौड़ के समापन में विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। इनमें पुरूष वर्ग में प्रथम स्थान पर मनोज कुमार यादव, द्वितीय-भोजराम साहू एवं तृतीय स्थान पर सुनील कुमार साहू रहे। इसी तरह महिला वर्ग में प्रथम स्थान पर सोना चौहान, द्वितीय-संगीता यादव एवं तृतीय स्थान पर धनकुवर सिदार रही। प्रथम आने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को 5100 रूपए, द्वितीय को 3100 रुपए एवं तृतीय स्थान पर रहे प्रतिभागियों को 2100 रुपए दिए गए। बालक और बालिका वर्ग से प्रथम दस स्थानों पर आने वाले प्रतिभागियों को वित्त मंत्री  ओ.पी.चौधरी ने 5-5 हजार रूपये देने की घोषणा भी की।

नारायणपुर में मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने एक नक्सली को किया ढेर

अबूझमाड़  छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के महाराष्ट्र सीमावर्ती अबूझमाड़ क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने सर्चिंग अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान आज सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी रही। मुठभेड़ स्थल से एक पुरुष माओवादी का शव बरामद हुआ है तो वहीं हथियार भी जब्त किए गए हैं। अबूझमाड़ क्षेत्र में हुई मुठभेड़ मुठभेड़ की जानकारी पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को दी। अधिकारियों ने बताया कि जिले के अंतर्गत अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ ने एक नक्सली को मार गिराया है। अबूझमाड़ के महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिली थी। जिसके बाद सुरक्षाबल के जवानों को नक्सल विरोधी अभियान के तहत मिशन पर भेजा गया था। नक्सलियों ने शुरू की फायरिंग अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों की टीम जब क्षेत्र में पहुंची तो नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने घटनास्थल की तलाशी के दौरान एक नक्सली का शव और हथियार बरामद किया है। क्षेत्र में गोलीबारी जारी है। गोलीबारी रुकने के बाद क्षेत्र में सर्चिंग अभियान चलाया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि जवानों की वापसी के बाद ही मिशन की डिटेल्स दी जाएगी। एक नक्सली ढेर डीआरजी और बीएसएफ जवानों की संयुक्त टीम इस इलाके में पहुंची. इस दौरान नक्सलियों और जवानों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई. फिलहाल सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर लगातार मुठभेड़ जारी है. हथियार भी बरामद इस मुठभेड़ में जवानों ने एक पुरुष नक्सली को मार गिराया. मारे गए नक्सली का शव फिलहाल बरामद कर लिया गया है. मौके से एक हथियार भी बरामद किया है.  पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के अंतर्गत अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक नक्सली को मार गिराया. उन्होंने बताया कि अबूझमाड़ के महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान में रवाना किया गया था. सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ जारी अधिकारियों ने बताया कि दल जब क्षेत्र में पहुंचा तो नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की. उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने घटनास्थल की तलाशी के दौरान एक नक्सली का शव और हथियार बरामद किया है. क्षेत्र में गोलीबारी जारी है. अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में तलाश अभियान अब भी जारी है. अभियान पूर्ण होने के बाद इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाएगी.  इस साल छत्तीसगढ़ में मारे गए 248 नक्सली बता दें कि इस साल छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ की अलग-अलग घटनाओं में अब तक 248 नक्सली मारे गए हैं. इनमें से 219 बस्तर संभाग (जिसमें नारायणपुर समेत सात जिले शामिल हैं) में मारे गए, जबकि 27 अन्य रायपुर संभाग के गरियाबंद जिले में मारे गए. दुर्ग संभाग के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में दो अन्य नक्सली मारे गए. राज्य के गरियाबंद जिले में 11 सितंबर को एक मुठभेड़ में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम) मोडेम बालकृष्ण समेत 10 नक्सली मारे गए थे. इस साल 248 नक्सली ढेर अधिकारियों ने कहा कि इस कार्रवाई के साथ इस साल छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ की अलग-अलग घटनाओं में अब तक 248 नक्सली मारे गए हैं। इनमें से 219 बस्तर संभाग जिसमें नारायणपुर समेत सात जिले शामिल हैं मारे गए हैं। जबकि 27 नक्सलियों को रायपुर संभाग के गरियाबंद जिले में मारा गया है। दुर्ग संभाग के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में दो नक्सलियों को जवानों ने मार गिराया है। 11 सितंबर को हुई थी मुठभेड़ बता दें कि हाल ही में गरियाबंद जिले में सुरक्षाबल के जवानों को बड़ी सफलता मिली थी। जवानों ने गरियाबंद जिले में 11 सितंबर को एक मुठभेड़ में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम) मोडेम बालकृष्ण समेत 10 नक्सलियों को मार गिराया था। पवन तिवारी

रायपुर : प्रदेश में अब तक 1044.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1044.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1472.8 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 498.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।  रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 910.5 मि.मी., बलौदाबाजार में 766.3 मि.मी., गरियाबंद में 921.9 मि.मी., महासमुंद में 749.0 मि.मी. और धमतरी में 943.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1092.9 मि.मी., मुंगेली में 1057.2 मि.मी., रायगढ़ में 1272.6 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 917.9 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1245.7 मि.मी., सक्ती में 1147.5 मि.मी., कोरबा में 1055.1 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1011.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 799..0 मि.मी., कबीरधाम में 766.9 मि.मी., राजनांदगांव में 885.4 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1250.8 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 792.0 मि.मी. और बालोद में 1090.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 735.6 मि.मी., सूरजपुर में 1102.1 मि.मी जशपुर में 1026.3 मि.मी., कोरिया में 1169.7 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1054.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1425.2 कोंडागांव जिले में 970.4 मि.मी., कांकेर में 1167.4 मि.मी., नारायणपुर में 1259.4 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1401.5 मि.मी., सुकमा में 1099.5 मि.मी. और बीजापुर में 1423.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। 

राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध – मुख्यमंत्री साय

 जगदलपुर में धुरवा समाज के संभाग स्तरीय नुआखाई मिलन समारोह एवं नवनिर्मित सामाजिक भवन ने  राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध – मुख्यमंत्री  साय मुख्यमंत्री  साय धुरवा समाज के लिए 5 स्थानों पर डोम निर्माण हेतु 75 लाख रुपए की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध है।  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने आदिवासी बहुल गांवों के विकास में किसी प्रकार की कमी न हो, धन की कोई समस्या न हो—इस दृष्टि से धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना शुरू की है। इस योजना के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान हेतु प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ की गई है, जिससे इन विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सकारात्मक प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इन सभी सार्थक प्रयासों से जनजातीय क्षेत्रों में विकास की गंगा बहेगी और हमारे जनजातीय समुदाय निरंतर प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होंगे। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने यह बात जगदलपुर के वन विद्यालय परिसर में धुरवा समाज के संभाग स्तरीय नुआखाई मिलन समारोह और नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर उन्होंने धुरवा समाज हेतु 05 स्थानों पर पंद्रह-पंद्रह लाख रुपए की लागत से डोम निर्माण के लिए कुल 75 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही, धुरवा समाज के 36 सरपंचों द्वारा ग्राम पंचायतों के विकास हेतु प्रस्तुत प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रतीकात्मक गुड़ी में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना की और धुरवा समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने धुरवा समाज के वीर नायक शहीद गुंडाधुर को नमन करते हुए कहा कि आज का यह ऐतिहासिक नुआखाई मिलन समारोह हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का संवाहक है। यह हमारे जनजातीय समाज की महान परंपरा है कि हम किसी भी अनाज या फल को ग्रहण करने से पूर्व अपने देवी-देवताओं की पूजा कर उन्हें अर्पित करते हैं और फिर ग्रहण करते हैं। यह परंपरा आज भी कायम है और आने वाली पीढ़ियों तक इसे बनाए रखा जाएगा। मुख्यमंत्री  साय ने धुरवा समाज को सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण की बधाई देते हुए कहा कि यह नवीन भवन समाज के विकास की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और समाज के सभा-सम्मेलनों के लिए काम आएगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि अटलजी ने जनजातीय समुदाय के कल्याण को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार में पृथक से जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया।  उन्होंने छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि अटलजी का जन्मशताब्दी वर्ष अटल निर्माण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभाग के विकास के लिए विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इन क्षेत्रों के विकास की चिंता करते हुए दोनों विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरणों का गठन किया था, जिससे योजनाओं के अतिरिक्त भी इन इलाकों में आवश्यक विकास कार्य सुनिश्चित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से सड़कों, पुल-पुलियों, बिजली और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही आवास और राशन जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान कर रही है। हर पात्र व्यक्ति को जनहितकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में हम पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने धुरवा समाज के सदस्यों को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज का यह समन्वित प्रयास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि जब हम अपने पूर्वजों की परंपराओं का निर्वहन करते हुए उन्हें निरंतर संजोए रखते हैं, तो समाज की एकता और संस्कृति मजबूत होती है। कार्यक्रम को वन मंत्री  केदार कश्यप, सांसद बस्तर  महेश कश्यप और विधायक जगदलपुर  किरण देव ने भी संबोधित करते हुए धुरवा समाज को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं दीं। आरंभ में धुरवा समाज के संभागीय अध्यक्ष  पप्पू नाग ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया और समाज की गतिविधियों से अवगत कराया। समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक छतड़ी, धुरवा तुवाल एवं कोटी सहित तीर-धनुष भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। अन्य अतिथियों का भी पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इस अवसर पर चित्रकोट विधायक  विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक  चैतराम आटामी, छत्तीसगढ़ ब्रेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष  निवास राव मद्दी, जगदलपुर के महापौर  संजय पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर बस्तर  डोमन सिंह, आईजी  सुंदरराज पी, कलेक्टर  हरिस एस, पुलिस अधीक्षक  शलभ सिन्हा तथा समूचे बस्तर संभाग से आए धुरवा समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय का स्नेहभरा अंदाज़, नन्ही भूमिका को महुआ लड्डू खिलाकर किया दुलार

रायपुर धुरवा समाज के नुआखाई मिलन समारोह में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का आत्मीय और वात्सल्यपूर्ण रूप सभी ने देखा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने धुरवा समाज की नन्हीं बच्ची भूमिका बघेल को स्नेहपूर्वक अपने गोद में बिठाकर दुलार किया और उसे महुआ लड्डू खिलाया। जगदलपुर विकासखंड के उलनार निवासी भूमिका बघेल अपने दादा सोनसारी बघेल के साथ कार्यक्रम में पहुंची थी। पारंपरिक पोशाक में सजी-धजी भूमिका ने सभी का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री  साय ने स्नेहपूर्वक उसका नाम पूछते हुए कहा—"बिटिया, किस कक्षा में पढ़ाई कर रही हो?" मासूम मुस्कान के साथ भूमिका ने उत्तर दिया—"मैं दीप्ति कान्वेंट स्कूल में एलकेजी में पढ़ती हूँ।" यह स्नेहिल दृश्य समारोह में उपस्थित सभी लोगों के मन को गहराई तक छू गया। एलकेजी में पढ़ रही भूमिका की निश्छल मुस्कान, पारंपरिक परिधान और मासूम नज़रों की चमक में बस्तर की संस्कृति और उसकी खुशियाँ झलक रही थी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि समाज ने पिछले वर्ष ही अपने बच्चों के लिए कक्षा 12वीं तक की शिक्षा अनिवार्य करने का सराहनीय निर्णय लिया। यही शिक्षा और संस्कार हमारी आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवारेंगे। उन्होंने कहा कि मैं यही कामना करता हूँ कि भूमिका और छत्तीसगढ़ की हर बेटी खूब पढ़े, आगे बढ़े, उड़ान भरे और अपनी संस्कृति से यूँ ही जुड़ी रहे। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जिस आत्मीयता और वात्सल्य से नन्हीं भूमिका बघेल से स्नेहपूर्ण वार्तालाप किया, उसने पूरे समारोह का वातावरण  स्नेह और आत्मीयता से परिपूर्ण कर दिया। मुख्यमंत्री  साय का आत्मीय व्यवहार जनजातीय समाज के साथ उनके गहरे जुड़ाव और बच्चों के प्रति स्नेहपूर्ण हृदय का प्रमाण है। उनकी यह सरलता और अपनापन न केवल लोगों को विश्वास से भरता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि सरकार का नेतृत्व समाज के हर वर्ग और हर बच्चे के सुख-दुख में सहभागी है।

नवरात्र पर यात्रियों को तोहफ़ा, इतवारी से कोरबा तक MEMU स्पेशल ट्रेन की सुविधा

रायपुर नवरात्र पर्व पर ट्रेनों में यात्रियों की होने वाली अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे कोरबा-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) कोरबा के मध्य नवरात्र फेस्टिवल मेमू स्पेशल ट्रेन चला रही है. 25 सितंबर से तीन अक्टूबर तक चलने वाली इस ट्रेन के परिचालन से उन यात्रियों को राहत मिलेगी, जो डोंगरगढ़ मां बम्बलेश्वरी मंदिर व मड़वारानी मंदिर दर्शन को जाने वाले हैं. मेमू स्पेशल होने के कारण रिजर्वेशन या आरक्षित कोच की समस्या भी नहीं रहेगी.  नेताजी सुभाष चंद्र बोस-कोरबा मेमू 06883 नंबर के साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेशन से प्रतिदिन सुबह पांच बजे रवाना होगी और 19:30 बजे कोरबा रेलवे स्टेशन पहुंचेगी. इसी तरह वापसी में कोरबा-नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेमू 06884 से कोरबा स्टेशन से प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे छूटकर 19:30 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेशन पहुंचेगी. इस स्पेशल ट्रेन के परिचालन से इस रेल मार्ग पर चलने वाली अन्य ट्रेनों में भीड़ का दबाव कम होगा और यात्री बिना किसी परेशानी के गंतव्य तक पहुंच सकते हैं. ट्रेन का परिचालन समय भी जारी अरेलवे ने ट्रेन का परिचालन समय और जिन स्टेशनों में ट्रेन का ठहराव रहेगा, उससे संबंधित जानकारी जारी कर दी है. इसके तहत नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेशन से ट्रेन 5:00 बजे छूटकर कलमना, कन्हान, सलवा, चचेर, रेव्रत, खत, भंडारारोड, कोका, तुमसर रोड, मुंडीकोटा, तिरोरा, काचेवानी, गंगाझारी स्टेशन में ठहरते हुए 7:59 बजे गोंदिया, 9:50 बजे डोंगरगढ़, 10:43 बजे राजनांदगांव पहुंचेगी. 11:40 बजे दुर्ग और भिलाई नगर, भिलाई पावर हाउस, कुम्हारी, सरस्वती नगर स्टेशन में रुकते हुए 13:12 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन, 14:29 बजे भाटापारा, 15:50 बजे बिलासपुर पहुंचेगी. बिलासपुर से छूटने के बाद यह ट्रेन गतौरा, जयरामनगर, अकलतरा, जांजगीर-नैला, चांपा, बालपुर स्टेशन में ठहरकर 17:40 बजे मड़वारानी और 19:30 बजे कोरबा रेलवे स्टेशन पहुंचेगी. कोरबा से 5:30 बजे छूटकर 5:54 बजे मड़वारानी, 7:55 बजे बिलासपुर और 19:30 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेशन पहुंचेगी.

मुख्यमंत्री साय का आत्मीय और वात्सल्यपूर्ण व्यवहार : नन्ही बच्ची भूमिका बघेल को दुलारते हुए खिलाया महुआ लड्डू

रायपुर  धुरवा समाज के नुआखाई मिलन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आत्मीय और वात्सल्यपूर्ण रूप सभी ने देखा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने धुरवा समाज की नन्हीं बच्ची भूमिका बघेल को स्नेहपूर्वक अपने गोद में बिठाकर दुलार किया और उसे महुआ लड्डू खिलाया। जगदलपुर विकासखंड के उलनार निवासी भूमिका बघेल अपने दादा सोनसारी बघेल के साथ कार्यक्रम में पहुंची थी। पारंपरिक पोशाक में सजी-धजी भूमिका ने सभी का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्नेहपूर्वक उसका नाम पूछते हुए कहा—"बिटिया, किस कक्षा में पढ़ाई कर रही हो?" मासूम मुस्कान के साथ भूमिका ने उत्तर दिया—"मैं दीप्ति कान्वेंट स्कूल में एलकेजी में पढ़ती हूँ।" यह स्नेहिल दृश्य समारोह में उपस्थित सभी लोगों के मन को गहराई तक छू गया। एलकेजी में पढ़ रही भूमिका की निश्छल मुस्कान, पारंपरिक परिधान और मासूम नज़रों की चमक में बस्तर की संस्कृति और उसकी खुशियाँ झलक रही थी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि समाज ने पिछले वर्ष ही अपने बच्चों के लिए कक्षा 12वीं तक की शिक्षा अनिवार्य करने का सराहनीय निर्णय लिया। यही शिक्षा और संस्कार हमारी आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवारेंगे। उन्होंने कहा कि मैं यही कामना करता हूँ कि भूमिका और छत्तीसगढ़ की हर बेटी खूब पढ़े, आगे बढ़े, उड़ान भरे और अपनी संस्कृति से यूँ ही जुड़ी रहे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिस आत्मीयता और वात्सल्य से नन्हीं भूमिका बघेल से स्नेहपूर्ण वार्तालाप किया, उसने पूरे समारोह का वातावरण  स्नेह और आत्मीयता से परिपूर्ण कर दिया। मुख्यमंत्री श्री साय का आत्मीय व्यवहार जनजातीय समाज के साथ उनके गहरे जुड़ाव और बच्चों के प्रति स्नेहपूर्ण हृदय का प्रमाण है। उनकी यह सरलता और अपनापन न केवल लोगों को विश्वास से भरता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि सरकार का नेतृत्व समाज के हर वर्ग और हर बच्चे के सुख-दुख में सहभागी है।

मुख्यमंत्री साय ने किया माहरा समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण

एक करोड़ 63 लाख रुपए की लागत से बना सामाजिक भवन मुख्यमंत्री श्री साय ने जगतू माहरा एवं धरमू माहरा के योगदान सहित माहरा समाज के गौरवशाली इतिहास को किया रेखांकित रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जगदलपुर के गुरु गोविंद सिंह वार्ड में एक करोड़ 63 लाख रुपए की लागत से निर्मित माहरा समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय का पारंपरिक मोहरी बाजा के साथ भव्य स्वागत किया गया। माहरा समाज के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री श्री साय को पारंपरिक माहरा पाटा पहनाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने फीता काटकर भवन का विधिवत उद्घाटन किया और इस ऐतिहासिक क्षण में आमंत्रण एवं आत्मीय स्वागत के लिए समाज के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में माहरा समाज के गौरवशाली इतिहास को याद किया। उन्होंने कहा कि जगदलपुर की स्थापना जगतू माहरा तथा धरमपुरा की स्थापना धरमू माहरा द्वारा की गई थी। उन्होंने भूमकाल जैसे आंदोलनों में समाज की सक्रिय भूमिका और अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध संघर्ष को विशेष रूप से रेखांकित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री श्री अमित शाह के प्रयासों से माहरा समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा मिला है। इस ऐतिहासिक निर्णय से समाज के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बड़े अवसर प्राप्त होंगे और उनका भविष्य उज्ज्वल होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का मुख्य लक्ष्य गरीबों का कल्याण और किसानों का आर्थिक विकास है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 18 लाख आवासों को मंजूरी दी गई है। किसानों से 21 क्विंटल धान प्रति एकड़ खरीदा जा रहा है, जिसके लिए 3100 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य में नई उद्योग नीति बनाई गई है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को नौकरी मिले और स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार नक्सलियों के समूल उन्मूलन के लिए तेजी से कार्य कर रही है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में  सड़कों का निर्माण, बिजली की आपूर्ति और मोबाइल टावरों की स्थापना जैसे विकास कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सकें और लोगों को मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ जनहितकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि इस दिशा में नियद नेल्लानार योजना दूरगामी परिणाम देने वाली साबित हो रही है। कार्यक्रम में  माहरा समाज के संभाग अध्यक्ष श्री राजू बघेल ने स्वागत उद्बोधन दिया। शांति नाग ने प्रतिवेदन का वाचन किया तथा समाज के संरक्षक श्री बिच्चेम पोंदी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, महापौर श्री संजय पांडे, पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप, पूर्व विधायक श्री महेश गागड़ा, श्री लच्छूराम कश्यप, श्री बैदूराम कश्यप, श्री सुभाऊ कश्यप, कलेक्टर श्री हरिस एस, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, माहरा समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।

राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध – मुख्यमंत्री साय

जगदलपुर में धुरवा समाज के संभाग स्तरीय नुआखाई मिलन समारोह एवं नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय धुरवा समाज के लिए 5 स्थानों पर डोम निर्माण हेतु 75 लाख रुपए की घोषणा रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध है।  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आदिवासी बहुल गांवों के विकास में किसी प्रकार की कमी न हो, धन की कोई समस्या न हो—इस दृष्टि से धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना शुरू की है। इस योजना के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान हेतु प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ की गई है, जिससे इन विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सकारात्मक प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन सभी सार्थक प्रयासों से जनजातीय क्षेत्रों में विकास की गंगा बहेगी और हमारे जनजातीय समुदाय निरंतर प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यह बात जगदलपुर के वन विद्यालय परिसर में धुरवा समाज के संभाग स्तरीय नुआखाई मिलन समारोह और नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर उन्होंने धुरवा समाज हेतु 05 स्थानों पर पंद्रह-पंद्रह लाख रुपए की लागत से डोम निर्माण के लिए कुल 75 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही, धुरवा समाज के 36 सरपंचों द्वारा ग्राम पंचायतों के विकास हेतु प्रस्तुत प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रतीकात्मक गुड़ी में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना की और धुरवा समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धुरवा समाज के वीर नायक शहीद गुंडाधुर को नमन करते हुए कहा कि आज का यह ऐतिहासिक नुआखाई मिलन समारोह हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का संवाहक है। यह हमारे जनजातीय समाज की महान परंपरा है कि हम किसी भी अनाज या फल को ग्रहण करने से पूर्व अपने देवी-देवताओं की पूजा कर उन्हें अर्पित करते हैं और फिर ग्रहण करते हैं। यह परंपरा आज भी कायम है और आने वाली पीढ़ियों तक इसे बनाए रखा जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने धुरवा समाज को सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण की बधाई देते हुए कहा कि यह नवीन भवन समाज के विकास की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और समाज के सभा-सम्मेलनों के लिए काम आएगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि अटलजी ने जनजातीय समुदाय के कल्याण को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार में पृथक से जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया।  उन्होंने छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि अटलजी का जन्मशताब्दी वर्ष अटल निर्माण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभाग के विकास के लिए विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इन क्षेत्रों के विकास की चिंता करते हुए दोनों विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरणों का गठन किया था, जिससे योजनाओं के अतिरिक्त भी इन इलाकों में आवश्यक विकास कार्य सुनिश्चित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से सड़कों, पुल-पुलियों, बिजली और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही आवास और राशन जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान कर रही है। हर पात्र व्यक्ति को जनहितकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में हम पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने धुरवा समाज के सदस्यों को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज का यह समन्वित प्रयास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि जब हम अपने पूर्वजों की परंपराओं का निर्वहन करते हुए उन्हें निरंतर संजोए रखते हैं, तो समाज की एकता और संस्कृति मजबूत होती है। कार्यक्रम को वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप और विधायक जगदलपुर श्री किरण देव ने भी संबोधित करते हुए धुरवा समाज को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं दीं। आरंभ में धुरवा समाज के संभागीय अध्यक्ष श्री पप्पू नाग ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया और समाज की गतिविधियों से अवगत कराया। समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक छतड़ी, धुरवा तुवाल एवं कोटी सहित तीर-धनुष भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। अन्य अतिथियों का भी पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इस अवसर पर चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम आटामी, छत्तीसगढ़ ब्रेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, जगदलपुर के महापौर श्री संजय पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर श्री हरिस एस, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा तथा समूचे बस्तर संभाग से आए धुरवा समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

प्रदेश में औसत वर्षा का आंकड़ा 1039.8 मि.मी. पहुँचा

रायपुर, छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1039.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1472.0 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 498.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 903.0 मि.मी., बलौदाबाजार में 758.4 मि.मी., गरियाबंद में 917.6 मि.मी., महासमुंद में 736.4 मि.मी. और धमतरी में 936.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1091.9 मि.मी., मुंगेली में 1057.2 मि.मी., रायगढ़ में 1260.2 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 907.7 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1240.2 मि.मी., सक्ती में 1125.7 मि.मी., कोरबा में 1054.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1011.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 798.0 मि.मी., कबीरधाम में 766.1 मि.मी., राजनांदगांव में 879.5 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1249.9 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 789.8 मि.मी. और बालोद में 1089.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 735.6 मि.मी., सूरजपुर में 1102.1 मि.मी जशपुर में 1012.9 मि.मी., कोरिया में 1169.7 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1054.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1415.3 कोंडागांव जिले में 960.7 मि.मी., कांकेर में 1163.4 मि.मी., नारायणपुर में 1251.9 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1393.4 मि.मी., सुकमा में 1096.3 मि.मी. और बीजापुर में 1417.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।