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धमतरी में बनने वाले दो फोरलेन सड़कों की जगह भी देखी, दोनों सड़कों का जल्द शुरू होगा काम

रायपुर  लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज धमतरी शहर में बनने वाले दो फोरलेन सड़कों की जगह देखी। लोक निर्माण विभाग द्वारा रत्नाबांधा चौक से कांकेर बायपास तक पांच किलोमीटर तथा सिहावा चौक से नगरी रोड में पांच किलोमीटर सड़क का फोरलेन के रूप में उन्नयन किया जा रहा है। इन दोनों सड़कों का काम जल्दी ही शुरू होगा।  बंसल ने अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए दोनों सड़कों के काम समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश कार्यपालन अभियंता को दिए। विभागीय सचिव ने धमतरी जिले में कुरुद-चरमुड़िया-गोबरा-सिवनी-चिंवरी-सिर्री सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण कार्य का निरीक्षण किया। लोक निर्माण विभाग द्वारा 30 करोड़ 38 लाख रुपए से अधिक की लागत से इस 9.3 किमी सड़क का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण किया जा रहा है। इसे फरवरी-2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।  बंसल ने सिर्री-फुसेरा-करगा-चटौद सड़क चौड़ीकरण के कार्यों को भी देखा। उन्होंने अच्छी गुणवत्ता के साथ सड़क का काम तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। विभाग द्वारा 15 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से 9.6 किमी सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। धमतरी के कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी भी दोनों सड़कों के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।  

ऑनलाइन मेडिसिन सेल के विरोध में उतरे दवा व्यापारी, CG में 20 हजार मेडिकल स्टोर बंद

रायपुर. ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ ऑफलाइन दवा विक्रताओं ने हल्ला बोल दिया है. छत्तीसगढ़ सहित देशभर में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में दवा विक्रेताओं ने 20 मई को राष्ट्रव्यापी बंद का ऐलान किया है. इस बंद के समर्थन में छत्तीसगढ़ के करीब 20 हजार मेडिकल स्टोर एक दिन के लिए बंद रहेंगे. दवा व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए बिना पर्याप्त निगरानी और नियमों के दवाइयों की बिक्री की जा रही है, जिससे मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो सकता है और छोटे दवा व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है. छत्तीसगढ़ के दवा व्यापारियों ने कहा कि ऑनलाइन दवा कंपनियों को लेकर लंबे समय से सरकार से शिकायत की जा रही है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसी के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (AIOCD) के आह्वान पर यह राष्ट्रव्यापी बंद बुलाया गया है. बंद के दौरान प्रदेशभर में मेडिकल स्टोर संचालक अपना कारोबार बंद रखेंगे और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी करेंगे. संवेदनशील दवाओं का हो रहा गलत इस्तेमाल दवा विक्रेताओं के संगठन का आरोप है कि कई ऑनलाइन कंपनियां डॉक्टर की पर्ची के बिना भी दवाइयां उपलब्ध करा रही हैं. इससे एंटीबायोटिक और अन्य संवेदनशील दवाओं का गलत इस्तेमाल बढ़ रहा है. व्यापारियों का कहना है कि दवा कोई सामान्य वस्तु नहीं है, बल्कि यह सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है, इसलिए इसकी बिक्री पर सख्त नियंत्रण जरूरी है. हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाओं से जुड़े कुछ मेडिकल स्टोर खुले रह सकते हैं, ताकि मरीजों को जरूरी दवाओं की परेशानी न हो. वहीं, बंद को लेकर आम लोगों से पहले ही जरूरी दवाइयां खरीद लेने की अपील की गई है. दवा व्यापारियों का कहना है कि यदि सरकार ने ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम लागू नहीं किए, तो आगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा.

महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रयासों से एक वर्षीय बालिका बनी प्रेरणा

रायपुर महिला एवं बाल विकास विभाग की सतत निगरानी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मेहनत और परिवार के सहयोग से बीजापुर जिले के विकासखंड भोपालपटनम के ग्राम पीलूर की एक वर्षीय बालिका शान्वी मड़े ने गंभीर कुपोषण को मात देकर सामान्य श्रेणी में स्थान प्राप्त किया है। शान्वी की यह सफलता क्षेत्र के अन्य परिवारों के लिए भी प्रेरणादायक बन गई है। शान्वी की माता  सरिता मड़े ने बताया कि बच्ची का स्वास्थ्य काफी कमजोर था और उसका वजन उम्र के अनुसार बहुत कम था। जांच में शान्वी गंभीर कुपोषण से पीड़ित पाई गई। उस समय उसका वजन 7.900 किलोग्राम था। स्थिति को गंभीर देखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने लगातार घर-घर जाकर परिवार को संतुलित आहार, स्तनपान, पूरक पोषण और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में समझाया। प्रारंभ में परिवार बच्ची को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) ले जाने के लिए तैयार नहीं था, लेकिन लगातार समझाइश और मार्गदर्शन से परिवार सहमत हुआ। परियोजना अधिकारी  कल्पना रथ और सेक्टर सुपरवाइजर कु. उजाला बंजारे ने भी परिवार से मुलाकात कर आवश्यक परामर्श दिया। इसके बाद  विगत 2 अप्रैल को शान्वी को एनआरसी में भर्ती कराया गया, जहां उसे चिकित्सकीय देखरेख, विशेष पोषण आहार और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया। एनआरसी में उपचार और घर लौटने के बाद नियमित देखभाल तथा सही पोषण मिलने से शान्वी के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ। वर्तमान में उसका वजन बढ़कर 9.200 किलोग्राम हो गया है तथा उसकी ऊंचाई 70.2 सेंटीमीटर दर्ज की गई है। अब शान्वी पूरी तरह सामान्य श्रेणी में पहुंच चुकी है। शान्वी की यह कहानी बताती है कि समय पर पहचान, सही उपचार, पोषण संबंधी जागरूकता और परिवार के सहयोग से कुपोषण जैसी समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। स्वस्थ बचपन, खुशहाल भविष्य शान्वी की सफलता आज पूरे क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संदेश बन गई है कि सही देखभाल और पौष्टिक आहार से हर बच्चा स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ सकता है।

हज यात्रा पर निकले छत्तीसगढ़ के 391 श्रद्धालु, मुंबई एयरपोर्ट से उड़ान

रायपुर हज 2026 के लिए मुंबई के अंतराष्ट्रीय विमानतल से अब तक छत्तीसगढ़ राज्य के 391 हज यात्री हज-ए- बैतुल्लाह के लिए रवाना हो चुके हैं। हाजियों के मुंबई से प्रस्थान के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा  हज हाउस में हाजियों की रिपोर्टिंग कराई गई एवं हज यात्रा के आवश्यक दस्तावेजों का वितरण हज कमेटी के चेयरमैन मिर्ज़ा एजाज बेग द्वारा किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मिर्ज़ा एजाज बेग एवं सदस्य  मौलाना अमीर बेग, मौलाना महताब, गुलाम रहमान खान, ने  हज हाऊस से विशेष बसों को हरी झंडी दिखाकर एयरपोर्ट के लिए रवाना किया गया। एयरपोर्ट पर भी हज हाऊस यात्रियों के लिए छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जिससे हज यात्रियों का प्रस्थान सुगमता पूर्वक संपन्न हुआ। एंबारकेशन प्वाइंट से राज्य के हज यात्रियों की सुगमता पूर्वक प्रस्थान की समस्त व्यवस्थाओं का संपादन छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मिर्ज़ा एजाज़ बेग के दिशा निर्देशों व मार्गदर्शन में  पूर्ण  किया गया।

कहीं तेज रफ्तार तो कहीं ट्रेन बनी मौत की वजह, CG में 7 लोगों ने गंवाई जान

रायपुर/कोरबा/सूरजपुर. छत्तीसगढ़ में अलग-अलग जिलों में हुई दुर्घटनाओं में 7 लोगों की मौत हो गई. कहीं तेज रफ्तार ने कहर बरपाया तो कहीं फैक्ट्री में लापरवाही ने महिला मजदूर की जान ले ली. वहीं ट्रेन की चपेट में आकर ग्रामीण की मौत हो गई. मृतकों में 6 पुरुष और 1 महिला की मौत हुई. यह हादसे रायपुर, कोरबा और सूरजपुर जिले से सामने आए हैं.  सड़क हादसे में दो की मौत: जवाली-चाकाबुड़ा मार्ग की पहली घटना है, जहां अज्ञात वाहन की टक्कर से दो ग्रामीणों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान अरदा निवाी प्रकाश और चाकाबुड़ा निवासी बबलू के रूप में हुई है. घटना के बाद लोगों ने आधी रात तक चक्काजाम किया। जानकारी के मुताबिक, घटना मोंगरा थाना इलाके की है. अज्ञात वाहन की टक्कर से दो लोगों की मौत हो गई. स्थानीय लोगों को खबर मिलने पर वह मौके पर पहुंचे. आक्रोशित होकर उन्होंने आधी रात तक चक्काजाम किया. ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में रात में अवैध रेत परिवहन के ट्रैक्टर तेज रफ्तार से दौड़ते हैं. सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर समझाइश दी, जिसके बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन खत्म किया. मातम में बदली खुशियां बालको थाना इलाके के अगजरबहार के पास तेज रफ़्तार का कहर देखने को मिला है. पिकनिक मना कर लौट रहे युवकों से भरा ऑटो का नियंत्रण बिगड़ने से हादसा हो गया. ऑटो पलटने से दो युवकों की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल हुए हैं. घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है. जानकारी के अनुसार, लगभग खरमोरा से 10 युवक पिकनिक मनाने झोरघाट गए थे. वापस लौटने के दौरान उनकी ऑटो पलट गई. मौके पर दो युवक ने दम तोड़ दिया, मृतकों की पहचान सोनू यादव और सत्यम यादव के रूप में हुई है.  वहीं घायलों को राहगिरों ने मानवता दिखाते हुए अस्पातल भिजवाया. पुलिस सूचना पर मौके पर पहुंची और दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिया गया है. मशीन में दबकर मजदूर की मौत कोरबा में प्रेम एंटरप्राइजेज राखड़ ईंट फैक्ट्री में महिला मजदूर मशीन की सफाई कर रही थी. घटना के वक्त फैक्ट्री में चार से पांच मजदूर काम कर रहे थे. मृतका भी लंबे समय बाद उसी दिन काम पर लौटी थी. चालू हालत में मशीन साफ करने के दौरान अचानक लीवर नीचे गिर गया और महिला उसकी चपेट में आ गई. मशीन में दबने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई. मृतिका की पहचान 26 साल की बिछनी बाई के रूप में हुई है. मृतका का एक नाबालिग बेटा है. हादसे के बाद ग्रामीणों ने शव उठाने से मना कर दिया। उन्होंने मृतिका के परिवार को उचित मुआवजे की मांग की. वहीं घटना की जानकारी मिलती ही पुलिस भी मौके पर पहुंची. इधर रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया और स्थानीय जनप्रतिनिधि अरविंद भगत आंदोलन पर बैठ गए. लगभग 4 घंटे के बाद फैक्ट्री संचालक प्रदीप अग्रवाल, ग्रामीणों और पुलिस के बीच बातचीत चली. इसके बाद मुआवजे देने पर सहमति बनी. पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता के रूप में 75 हजार रुपये दिए गए. वहीं मृतका के पुत्र के नाम पर 2 लाख रुपये की एफडी कराने, 18 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह 1500 रुपये भरण-पोषण राशि देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने पर सहमति बनी. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.  रायपुर-राजिम ट्रेन की चपेट आकर ग्रामीण की मौत अभनपुर में रायपुर-राजिम ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान ग्राम सिवनी निवासी के रूप में सामने आई है. शव से कुछ दूर पर पुलिस को एक बाइक भी बरामद हुई है, जो मृतक की बताई जा रही है. घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है. जानकारी के अनुसार, मंगलवार को रेलवे ट्रैक के पास एक शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने जांच शुरू की तो शव के सिर और अन्य हिस्सों में भी ट्रेन से टकराने के कारण गंभीर चोट नजर आई है.  घटना स्थल के सामने स्थित सोनी मल्टी अस्पताल में मृतक के परिवार का एक सदस्य भर्ती बताया जा रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिया गया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. यह सुसाइड है या हादसा इसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है.  ट्रैक्टर पलटने से ड्राइवर की मौत  सूरजपुर जिले में भी मंगलवार को दर्दनाक हादसा साबित हुआ. सिंदरी नाले में ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया. घटना में ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई. मामला बसदेई चौकी क्षेत्र का है. जानकारी के मुताबिक, ट्रैक्टर केवरा से कुसमुसी रेत लेने जाने जा रहा था. इस दौरान सिंदरी नाला में ड्राइवर ने ट्रैक्टर से नियंत्रण खो दिया. ट्रैक्टर नाले के नीचे पलट गई. मृतक भैयाथान के दर्रीपारा का निवासी बताया जा रहा है. घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है. पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

गबन मामले में बड़ा एक्शन, रायपुर SDM कोर्ट ने 11 पूर्व सरपंचों को जेल भेजने के दिए आदेश

अभनपुर/रायपुर. रायपुर के अभनपुर विकासखंड के 11 पंचायतों के पूर्व सरपंचों को न्यायालय एसडीएम अभनपुर की ओर से 30 दिनों के लिए जेल भेजने का आदेश जारी किया गया है, जिससे हड़कंप मच गया है। यह आदेश उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान शासकीय राशि का गबन और उस राशि को राजकोष में जमा करने के आदेश का उल्लंघन करने पर जारी किया गया है। क्या है पूरा मामला 30 दिनों का जेल भेजने का आदेश जारी किए जाने के पहले उन सभी पूर्व सरपंचों को न्यायालय एसडीएम अभनपुर की ओर से मांग नोटिस जारी करने के साथ ही उनकी चल/अचल संपति जब्त करने की कार्रवाई भी गई थी, लेकिन इसके बावजूद संबंधित राशि चुकाने के लिए पर्याप्त साधन होने के बाद भी संबंधित पूर्व सरपंचों द्वारा गबन की गई शासकीय राशि जमा करने में हीलाहवाली किया जा रहा था। नोटिस का नहीं दिया जवाब इतना ही नहीं एसडीएम न्यायालय द्वारा सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर उन्हें उनके कृत्य के लिए क्यों न जेल भेजा जाए ? भी पूछा गया था, लेकिन किसी भी पूर्व सरपंच ने नोटिस का संतोषजनक और वैधानिक उत्तर नहीं दिया। आखिरकार 18 मई को एसडीएम न्यायालय द्वारा सभी को 30 दिन या फिर जब तक वे संबंधित राशि जमा नहीं कर देते हैं, तब तक सिविल जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया गया। आदेश की तामिली करते हुए संबंधित पूर्व सरपंचों को जेल भेजने का पत्र संबंधित थाना प्रभारी को प्रेषित कर दिया गया है। साथ ही केंद्रीय जेल रायपुर के अधीक्षक को भी इसका पत्र भेजा गया है । इन पूर्व सरपंचों के खिलाफ जारी किया गया आदेश जिन पूर्व सरपंचों के विरुद्ध इस आशय का आदेश जारी किया गया है उनमें सेवाराम यादव (पूर्व सरपंच घोंठ ) 1 लाख 96 हजार रुपए, गोपाल ध्रुव (पूर्व सरपंच कुर्रु) 80 हजार रुपए, गोपेश ध्रुव (पूर्व सरपंच आलेखुंटा) 50 हजार रुपए, तुलसीराम बारले (पूर्व सरपंच खोला) 20 हजार 927 रूपए, रामेश्वर प्रसाद डहरिया (पूर्व सरपंच परसुलीडीह) 5 लाख 90 हजार 387 रुपए, थनवार बारले (पूर्व सरपंच पचेड़ा) 3 लाख 80 हजार रुपए, सावित्री यादव (पूर्व सरपंच गोतियारडीह) 2 लाख 47 हजार 34 रुपए, धर्मेंद्र यदु (पूर्व सरपंच चंपारण) 30 हजार 700 रुपए, राधेश्याम लहरी (पूर्व सरपंच घुसेरा) 80 हजार रुपए, तुकाराम कारले (पूर्व सरपंच भोथीडीह) 2 लाख रुपए और सेवेंद्र तारक (पूर्व सरपंच तोरला) 1 लाख 56 हजार 915 रुपए शामिल हैं। एसडीएम अभनपुर ने बताया कि अगर संबंधित पूर्व सरपंच राशि जमा कर देते हैं तो उन्हें जेल नहीं जाना पड़ेगा ।

CG के जंगल में सफेद भालू की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही. छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल के जंगलों में एक ओर जहां दुर्लभ एल्बिनो यानी सफेद भालू को देखकर ग्रामीण हैरान है, तो वहीं दूसरी ओर इस भालू के हमले से इलाके में दहशत का माहौल है। वही वन विभाग भी ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट मोड पर है। दरअसल, मरवाही वनमंडल के आमादांड गांव के जंगलों में दुर्लभ एल्बिनो यानी सफेद भालू देखने को मिला है। काले भालुओं के बीच दिखे सफेद भालू ने सबको हैरान कर दिया है, लेकिन दूसरी तरफ इसके हमले ने इलाके के लोगों को डर को साए में जीने को मजबूर कर दिया है। सफेद भालू ने ड्राइवर पर किया हमला बताया जा रहा है कि सफेद भालू ने स्थानीय निवासी लल्लू ड्राइवर पर अचानक हमला कर दिया। भालू के इस जानलेवा हमले में लल्लू ड्राइवर के हाथों पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है। रंग दोष के कारण सफेद हो जाता है रंग वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कोई अलग प्रजाति नहीं है, बल्कि भालू के शरीर में जीन परिवर्तन यानी रंग में दोष परिवर्तन के कारण इनका रंग काले की जगह पूरी तरह सफेद हो जाता है, जिसे विज्ञान की भाषा में एल्बिनो कहा जाता है। वहीं वन विभाग भी अलर्ट मोड पर है ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित रखा जा सके।

छुट्टियों में भी जारी रहेगा न्यायिक कामकाज, बिलासपुर हाईकोर्ट में वेकेशन बेंच शुरू

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सोमवार से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो गया है. अवकाश में जरूरी मामलों की सुनवाई वेकेशन बेंच में शुरू शुरू हो गई है. मंगलवार को पहली बार वेकेशन बेंच में सुनवाई शुरू हो रही है. हाईकोर्ट में समर वेकेशन शुरू हो चुका है. इसके बाद भी आवश्यक मामलों की सुनवाई करने चीफ जस्टिस के निर्देश पर अलग से व्यवस्था की गई है. हर सप्ताह अलग से बेंच निर्धारित किया गया है. इनमें अवकाश के दौरान सामने आने वाले महत्वपूर्ण मुकदमों की सुनवाई की जाएगी. मंगलवार को जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की डिवीजन बेंच में आवश्यक रिट मामलों, फेमिली मैटर और अपराधिक मामलों की सुनवाई होगी. इसी प्रकार जस्टिस एनके व्यास और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की सिंगल वेकेशन बेंच भी रखी गई है. हाईकोर्ट प्रशासन ने नया रोस्टर जारी कर दिया है, जो 7 मई से प्रभावी है। नई व्यवस्था के तहत विभिन्न मामलों की सुनवाई के लिए चार डिवीजन बेंच और 14 सिंगल बेंच गठित की गई हैं। 7 मई से लागू हुआ नया रोस्टर हाईकोर्ट द्वारा जारी नई सूची के अनुसार अब अलग-अलग प्रकार के मामलों की सुनवाई तय बेंचों द्वारा की जाएगी। समर वेकेशन से पहले लंबित मामलों के प्रभावी निपटारे और कार्यों के बेहतर संचालन को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है। पहली डिवीजन बेंच संभालेगी जनहित याचिकाएं मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की प्रथम डिवीजन बेंच को जनहित याचिकाओं, हेबियस कॉर्पस, रिट अपील और अन्य विशेष मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी दी गई है। यह बेंच महत्वपूर्ण संवैधानिक और सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों पर सुनवाई करेगी। दूसरी बेंच में होगी आपराधिक मामलों की सुनवाई जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस संजय जायसवाल की डिवीजन बेंच आपराधिक मामलों और अल्ट्रा वायर्स से जुड़े प्रकरणों की सुनवाई करेगी। इस बेंच के पास गंभीर आपराधिक और कानूनी वैधता से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी रहेगी। कैदी अपीलों के लिए अलग बेंच गठित तीसरी डिवीजन बेंच में जस्टिस संजय अग्रवाल और जस्टिस एनके व्यास को कैदी अपीलों से संबंधित मामलों की सुनवाई सौंपी गई है। जेलों से जुड़े अपील मामलों और सजा संबंधी याचिकाओं की सुनवाई इसी बेंच में होगी। वैवाहिक, टैक्स और सेवा मामलों के लिए चौथी बेंच जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की चौथी डिवीजन बेंच वैवाहिक अपील, टैक्स और सेवा संबंधी मामलों की सुनवाई करेगी। कर्मचारियों और पारिवारिक विवादों से जुड़े प्रकरण इसी बेंच में सुने जाएंगे। 14 सिंगल बेंच भी करेंगी नियमित सुनवाई नई व्यवस्था में मुख्य न्यायाधीश की विशेष बेंच सहित कुल 14 सिंगल बेंच भी गठित की गई हैं। ये बेंच विभिन्न श्रेणी के मामलों की नियमित सुनवाई करेंगी, जिससे मामलों के तेजी से निपटारे में मदद मिलने की उम्मीद है। न्यायिक कार्यों में आएगी तेजी हाईकोर्ट के नए रोस्टर से न्यायिक कार्यों के बेहतर संचालन और लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। समर वेकेशन से पहले यह बदलाव कोर्ट की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वकीलों और पक्षकारों के लिए अहम अपडेट नए रोस्टर लागू होने के बाद अब अधिवक्ताओं और पक्षकारों को अपने मामलों की सुनवाई के लिए निर्धारित बेंच के अनुसार तैयारी करनी होगी। कोर्ट प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों को नई व्यवस्था की जानकारी दे दी है।

जब सरकार ने सुनी मिट्टी की पुकार, गोड़बहाल के गेट से फिर बह निकली उम्मीद की जल

जब सरकार ने सुनी मिट्टी की पुकार, गोड़बहाल के गेट से फिर बह निकली उम्मीद की जल *सुशासन तिहार—जहां शिकायतें फाइलों में नहीं, खेतों तक पहुंचकर होती  हैं समाधान * रायपुर  महासमुंद के पिथौरा विकासखंड के परसापाली गांव में शाम होते ही खेतों के किनारे बुजुर्ग किसान रामलाल यादव अक्सर गोड़बहाल जलाशय की तरफ टकटकी लगाकर देखते रहते थे।  सालों से यही जलाशय पोटापारा और परसापाली के खेतों की प्यास बुझाता आया था। पर इस बार बरसात से पहले ही उसका मुख्य गेट जर्जर होकर जवाब दे गया। गेट से पानी रिसता रहता, खेतों तक पानी पहुंचता ही नहीं। बीज पड़े रहे, मगर सिंचाई न होने से फसल का सपना अधूरा रह जाता। “साहब, बीज बो दिए, पर पानी नहीं पहुंचा तो सब मेहनत मिट्टी में मिल जाएगी,”— यही दर्द लेकर रामलाल और गांव के दर्जनों किसान सुशासन तिहार के समाधान शिविर में पहुंचे। मंच पर उनकी बात सुनी गई, कागजों में दर्ज हुई, और सबसे बड़ी बात—भूली नहीं गई। शिकायत सुनते ही कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने उसी वक्त जल संसाधन विभाग को निर्देश भेजे। अगली सुबह कार्यपालन अभियंता अजय खरे अपनी टीम के साथ गोड़बहाल पहुंचे। टूटे गेट को देखा, औजार मंगवाए और प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत शुरू कर दी। तीन दिन बाद जब गेट फिर से मजबूत होकर खड़ा हुआ, तो गांव में जैसे त्योहार जैसा माहौल हो गया। पानी का पहला प्रवाह जब नहरों में उतरा, तो खेतों की सूखी मिट्टी ने जैसे राहत की सांस ली। रामलाल की आंखें भर आईं।  “सालों से यही शिकायत करते आए, पर इस बार  मुख्य मंत्री श्री विष्णुदेव की सरकार सरकार ने सच में सुनी। सुशासन तिहार ने हमारी आवाज को सीधे अफसरों तक पहुंचा दिया। अब  गोड़बहाल से निकलने वाला पानी सिर्फ खेतों को नहीं सींच रहा, वो किसानों के भरोसे को भी सींच रहा है।  राज्य सरकार के लिए ये सिर्फ एक गेट की मरम्मत नहीं है। ये इस बात का सबूत है कि जब शासन ग्रामीणों की मांग को प्राथमिकता देता है, तो फसलों के साथ-साथ उम्मीदें भी फिर से लहलहा उठती हैं।

कोलियारी समाधान शिविर में दूर हुईं ग्रामीणों की समस्याएं

कोलियारी समाधान शिविर में दूर हुईं ग्रामीणों की समस्याएं ​ ​रायपुर           छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना “सुशासन तिहार 2026” के तहत जनपद पंचायत नारायणपुर के ग्राम कोलियारी में आयोजित समाधान शिविर सफल रहा। आम जनता की समस्याओं को उनके घर-द्वार पर ही सुलझाने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में प्रशासन द्वारा मौके पर ही कई आवेदनों का त्वरित निराकरण कर ग्रामीणों को बड़ी राहत दी गई।      ​गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा 1 मई से 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में 'सुशासन तिहार' का व्यापक जन-समस्या निवारण अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शासकीय सेवाओं को सीधे जनता तक पहुँचाना और उनकी शिकायतों का ऑन-स्पॉट समाधान सुनिश्चित करना है। ​विभिन्न विभागों को मिले 176 आवेदन, पंचायत विभाग अव्वल       ​कोलियारी के इस शिविर में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 176 आवेदन दर्ज किए गए। आंकड़ों के लिहाज से सबसे अधिक 58 आवेदन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को प्राप्त हुए। इसके बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में 41, कृषि विभाग में 17 और विद्युत विभाग में 13 आवेदन जमा किए गए। ​इसी तरह ​ऊर्जा/क्रेडा के 9,पीएमई के 8, मत्स्य व परिवहन के  6-6, PMGSY (आरईएस) के 5,​जल संसाधन के 3,उद्योग, राजस्व व आदिम जाति कल्याण के 2-2,​महिला एवं बाल विकास, वन, शिक्षा व सहकारिता के 1-1 आवेदन प्राप्त हुए। ​स्वास्थ्य के लिए स्वेच्छानुदान और बुजुर्गों को डिजिटल राहत    ​शिविर में संवेदनशील पहल करते हुए गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 21 हितग्राहियों को 5-5 हजार रुपये कुल 1 लाख रुपये की स्वेच्छानुदान राशि का चेक प्रदान किया गया। इसके साथ ही डिजिटल कनेक्टिविटी को सुगम बनाते हुए खाद्य विभाग द्वारा मौके पर ही वरिष्ठ नागरिकों (सीनियर सिटीजन) का ई-केवाईसी (e-KYC) सफलतापूर्वक पूरा किया गया। ​खुशहाली की चाबी और 'गोद भराई' की रस्म     ​शिविर में न केवल समस्याओं का समाधान हुआ, बल्कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी सीधे तौर पर हितग्राहियों को सौंपा गया। जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में ​04 हितग्राहियों को उनके सपनों के 'प्रधानमंत्री आवास' की चाबियां सौंपी गईं। इसी तरह ​02 परिवारों को नए राशन कार्ड वितरण के साथ-साथ ​5 गर्भवती माताओं की पारंपरिक रूप से 'गोद भराई' की रस्म संपन्न कराई गई। ​एक ही छत के नीचे समाधान से खिले ग्रामीणों के चेहरे      ​दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों ने इस बात पर बेहद संतोष जताया कि उन्हें एक ही छत के नीचे सभी विभागों की सेवाएं और अधिकारी मिल गए, जिससे उनके समय और पैसे दोनों की बचत हुई। शिविर में उपस्थित अधिकारियों ने लोगों को शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की बारीकियों से अवगत कराया और उन्हें पात्रता अनुसार लाभ लेने की प्रक्रिया समझाई। ​इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के जिला व जनपद स्तर के आला अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।