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अभनपुर के निमोरा और धुसेरा में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े हुईं शामिल, गोद भराई और अन्नप्राशन संस्कार में लिया भाग

मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे अभनपुर के निमोरा और धुसेरा में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े  हुईं शामिल, गोद भराई और अन्नप्राशन संस्कार में लिया भाग आंगनबाड़ी से हर परिवार का जुड़ाव बच्चों के बेहतर पोषण की ताकत बनेगा—मंत्री  राजवाड़े रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े आज अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के निमोरा और धुसेरा आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने बच्चों से आत्मीय बातचीत की, उन्हें चॉकलेट वितरित की और न्योता भोज में पौष्टिक भोजन कराया। मंत्री ने गर्भवती महिलाओं की गोद भराई तथा छोटे बच्चों के अन्नप्राशन संस्कार में भाग लेकर माताओं और परिवारों को शुभकामनाएं दीं।  सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित आंगन मिलन सेवा का उद्देश्य बच्चों के पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल विकास में परिवार तथा समुदाय की भागीदारी बढ़ाना है। इसी भावना के साथ मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दोनों केंद्रों में बच्चों, माताओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ समय बिताया। उन्होंने बच्चों से उनकी रूचियों के बारे में बात की और कार्यकर्ताओं से केंद्रों में संचालित पोषण एवं देखभाल संबंधी गतिविधियों की जानकारी ली। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि बच्चे स्वस्थ रहेंगे और अच्छी तरह सीखेंगे, तभी उनका भविष्य मजबूत होगा। इसके लिए परिवार और आंगनबाड़ी केंद्र का निरंतर जुड़ाव जरूरी है। उन्होंने माताओं से बच्चों के भोजन में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध दाल, हरी सब्जियों और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने तथा आंगनबाड़ी केंद्र से मिलने वाली सेवाओं का नियमित लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि गोद भराई और अन्नप्राशन जैसे अवसर परिवारों से पोषण पर संवाद करने का भी माध्यम बनते हैं। कार्यक्रम के दौरान ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में मुनगा का पौधा लगाया गया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने माताओं और महिलाओं को भी मुनगा के पौधे भेंट किए। उन्होंने उन्हें घर की बाड़ी या आसपास उपयुक्त स्थान पर पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया। मंत्री ने कहा कि मुनगा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध उपयोगी पौधा है। इसके पौधों को घरों और पोषण वाटिकाओं तक पहुंचाकर परिवारों को पौष्टिक आहार के एक अतिरिक्त स्रोत से जोड़ा जा सकता है। महिलाओं और ग्रामीणों से संवाद में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने महिला एवं बाल विकास विभाग की सेवाओं और योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों के आने का स्थान नहीं, बल्कि गर्भवती महिलाओं, माताओं और परिवारों तक पोषण, देखभाल तथा प्रारंभिक शिक्षा की जानकारी पहुंचाने का केंद्र हैं। समुदाय की सक्रिय भागीदारी से इन सेवाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

​मावा मीन अभियान- नारायणपुर के ग्रामीण अंचल में आजीविका की नई क्रांति

​मावा मीन अभियान- नारायणपुर के ग्रामीण अंचल में आजीविका की नई क्रांति   ​रायपुर       वनांचल जिले नारायणपुर में जल संरचनाओं के बहुउपयोग और ग्रामीण आजीविका को नई ऊँचाइयाँ देने के उद्देश्य से संचालित “मावा मीन अभियान” ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली और आर्थिक समृद्धि का नया रंग भर रहा है। कलेक्टर के कुशल मार्गदर्शन में शुरू किए गए इस अभियान के तहत मनरेगा एवं वीबी-जी राम जी योजना से निर्मित जल संरचनाओं (डबरियों) को मत्स्य पालन से जोड़कर ग्रामीणों को स्वावलंबन की राह दिखाई जा रही है। जिले में कुल 200 डबरियों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 165 डबरियों में गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज का सफल संचयन एवं वितरण किया जा चुका है। इस पूरी व्यवस्था में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से मत्स्य विभाग द्वारा लाभार्थियों को बीज के साथ-साथ उन्नत तकनीकी मार्गदर्शन भी निरंतर उपलब्ध कराया जा रहा है।         ​इस नीली क्रांति और बदलाव की एक जीवंत मिसाल बने हैं ग्राम करलखा के निवासी श्री सुरेन्द्र नाग। शासकीय योजनाओं का सटीक लाभ उठाकर उन्होंने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर मत्स्य पालन को अपनी आजीविका का मुख्य आधार बना लिया है। वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उन्होंने अपनी निजी भूमि पर 1 हेक्टेयर जलक्षेत्र में तालाब का निर्माण कराया था। लगभग 7 लाख रुपये की कुल लागत से बने इस तालाब के लिए उन्हें 4.20 लाख रुपये का शासकीय अनुदान मिला, जबकि शेष 2.80 लाख रुपये उन्होंने स्वयं लगाए।         ​तालाब निर्माण के बाद मत्स्य विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन से वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर सुरेन्द्र नाग ने उत्पादन में नए आयाम स्थापित किए। वर्तमान में वे प्रतिवर्ष लगभग 1,000 से 2,000 किलोग्राम मछली तथा 150 किलोग्राम झींगा का सफल उत्पादन कर रहे हैं, जिससे उन्हें हर साल करीब 2.50 से 3.50 लाख रुपये की अतिरिक्त शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। अपनी इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2025-26 में 'झींगा सह मछली पालन योजना' के तहत झींगा बीज मिलने के बाद, अब वे मत्स्य एवं झींगा पालन के साथ-साथ कुक्कुट (मुर्गी) पालन भी कर रहे हैं, जिससे उनके आय के स्रोतों में बहुगुणा वृद्धि हुई है।         ​अपनी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सुरेन्द्र नाग बताते हैं कि शासकीय सहायता, सही तकनीकी मार्गदर्शन और स्वयं की मेहनत के बल पर ही उन्हें अपने गाँव में आत्मनिर्भर बनने का यह अवसर मिला है। वे अपनी इस आर्थिक मजबूती और स्वावलंबन के लिए राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, जिला प्रशासन एवं मत्स्य विभाग के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। 'मावा मीन अभियान' आज नारायणपुर के सैकड़ों अन्य परिवारों के लिए भी समृद्धि और आत्मनिर्भरता की एक नई किरण साबित हो रहा है।

राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम से बदली योहिनापाली के नीलाम्बर की किस्मत

राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम से बदली योहिनापाली के नीलाम्बर की किस्मत 10 से 65 लीटर पहुँचा दूध उत्पादन ​रायपुर      सारंगढ़ तहसील स्थित ग्राम योहिनापाली के पशुपालक श्री नीलाम्बर पटेल के लिए पशुपालन अब केवल जीवन-यापन का जरिया नहीं रहा, बल्कि उनके परिवार की आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता का मुख्य आधार बन चुका है। राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम (NAIP) और पशुपालन विभाग के निरंतर तकनीकी मार्गदर्शन से उनके पशुधन में नस्ल सुधार हुआ, जिससे उनके जीवन में एक अभूतपूर्व बदलाव आया है।        ​कुछ वर्षों पूर्व तक नीलाम्बर के पास केवल 6 देशी नस्ल की गायें थीं, जिनसे प्रतिदिन कुल मिलाकर मात्र 10 से 15 लीटर दूध ही मिल पाता था। कम उत्पादन के कारण सीमित आय में परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करना, बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था करना और खेती में निवेश करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इस संघर्षपूर्ण स्थिति से बाहर निकलने के लिए उन्होंने पशुपालन विभाग से संपर्क किया और राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के तहत अपनी गायों में कृत्रिम गर्भाधान कराने का निर्णय लिया। ​नस्ल सुधार के इस निर्णय से उनके पशुधन की तस्वीर पूरी तरह बदल गई। आज उनके पास 2 एच.एफ. क्रॉसब्रीड और 4 जर्सी क्रॉसब्रीड दुधारू गायें हैं, जबकि इसी प्रक्रिया से जन्मी एक जर्सी क्रॉसब्रीड बछिया उनके डेयरी व्यवसाय के उज्ज्वल भविष्य की नींव बन रही है। उन्नत नस्ल की गायों के आने से दूध उत्पादन में क्रांतिकारी उछाल आया है और अब प्रतिदिन लगभग 60 से 65 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। नीलाम्बर इस दूध को स्थानीय निजी होटलों और ग्राहकों को 50 रुपए प्रति लीटर की दर से बेचते हैं, जिससे उन्हें प्रतिदिन 2,400 से 2,600 रुपए की सीधी आय होती है। इस प्रकार उनकी मासिक आय 72,000 से 78,000 रुपए और वार्षिक आय लगभग 8.76 लाख से 9.36 लाख रूपए तक पहुँच गई है।         ​इस सफलता में पशुपालन विभाग की स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं का भी निरंतर सहयोग रहा है। पशुओं को समय-समय पर लगने वाले टीके,कृमिनाशन, जूं-नाशन, स्वास्थ्य परीक्षण और रोग नियंत्रण के तकनीकी मार्गदर्शन से दुग्ध उत्पादन में स्थिरता बनी हुई है। इसके साथ ही, नीलाम्बर ने पशुपालन को कृषि से जोड़कर एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। वे पशुओं से प्राप्त गोबर से जैविक खाद तैयार कर अपने खेतों में उपयोग कर रहे हैं, जिससे रासायनिक उर्वरकों का खर्च कम हुआ है और भूमि की उर्वरता भी बनी हुई है।          ​नीलाम्बर पटेल का मानना है कि सही तकनीक, शासकीय मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत से पशुपालन ग्रामीण परिवारों के सशक्तिकरण और स्थायी आय का एक मजबूत जरिया बन सकता है। योहिनापाली की यह सफलता की कहानी आज क्षेत्र के अन्य ग्रामीण पशुपालकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।

युवाओं के लिए बड़ा मौका, रायपुर में लगेगा रोजगार मेला; CM साय देंगे ऑफर लेटर

रायपुर. छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए राजधानी रायपुर में 7 और 8 अक्टूबर को राज्यस्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में चयनित युवाओं को ऑफर लेटर वितरित किए जाएंगे। रोजगार मेले के लिए अब तक 36 नियोजकों और प्लेसमेंट संस्थाओं से 8,720 पदों की जानकारी प्राप्त हो चुकी है। इसमें अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता और तकनीकी दक्षता रखने वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। 10वीं-12वीं से पोस्ट ग्रेजुएट तक युवाओं के लिए मौका रोजगार मेले में 10वीं-12वीं पास से लेकर आईटीआई, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग और स्नातकोत्तर योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं। विभिन्न कंपनियों और संस्थानों में अलग-अलग पदों पर भर्ती के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इन क्षेत्रों में मिलेंगी नौकरियां रोजगार मेले में मैन्युफैक्चरिंग, टेक्निकल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, ऑटोमोबाइल, सेल्स एवं मार्केटिंग, बैंकिंग एवं फाइनेंस, ऑफिस वर्क, मानव संसाधन, कस्टमर सर्विस, हेल्थ एंड केयर, सिक्योरिटी, लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी समेत कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। ई-रोजगार पोर्टल पर कर सकते हैं पंजीयन इच्छुक अभ्यर्थी रोजगार मेले में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ के आधिकारिक ई-रोजगार पोर्टल पर पंजीयन कर सकते हैं। अभ्यर्थी https://www.erojgar.cg.gov.in/ पर जाकर आवश्यक जानकारी दर्ज कर अपना पंजीयन करा सकते हैं।

संकट में हर प्रभावित परिवार के साथ सरकार, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दिया भरोसा

संकट की घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है हमारी सरकार : वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी बाढ़ के पानी के बीच नाव से बोरिदा, ठेंगागुरी और तोरा पहुंचे वित्त मंत्री, प्रभावित परिवारों से मिलकर जाना हाल जलमग्न गांवों में ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद, अधिकारियों को तत्काल सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश रायपुर  चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से महानदी का जलस्तर बढ़ने के कारण रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सरिया तहसील के कई गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। संकट की इस घड़ी में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी स्वयं प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने राहत एवं बचाव दल के साथ नाव के जरिए जलमग्न ग्राम बोरिदा, ठेंगागुरी और तोरा पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की तथा बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियों का जमीनी जायजा लिया। चारों ओर पानी से घिरे गांवों में श्री चौधरी ने प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर माताओं-बहनों, बुजुर्गों, बच्चों और युवाओं का हालचाल जाना। उन्होंने ग्रामीणों से उनकी परेशानियों और तत्काल आवश्यकताओं के संबंध में सीधे बातचीत की। इस दौरान उन्होंने भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी सुरक्षा तथा सहायता के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। “आप चिंता न करें, सरकार और पूरा प्रशासन आपके साथ है” वित्त मंत्री श्री चौधरी ने प्रभावित ग्रामीणों से कहा कि बाढ़ के कारण उत्पन्न इस कठिन परिस्थिति में उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासन-प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। किसी भी प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को प्रभावित लोगों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देने तथा जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। श्री चौधरी ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता और उनका सुरक्षित बचाव सुनिश्चित करने के लिए सरकार और प्रशासन निरंतर जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे हैं। महानदी के जलस्तर और प्रभावित गांवों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा आवश्यकता के अनुरूप राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं।

वरिष्ठ नागरिकों की आस्था और तीर्थ दर्शन की अभिलाषा को सम्मान दे रही राज्य सरकार: मंत्री राजवाड़े

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन को दिखाई हरी झंडी रायपुर से रवाना हुए श्रद्धालु, शिर्डी, शनि शिंगणापुर और त्र्यंबकेश्वर के करेंगे दर्शन वरिष्ठ नागरिकों की आस्था और तीर्थ दर्शन की अभिलाषा को सम्मान दे रही राज्य सरकार: मंत्री  राजवाड़े रायपुर, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत आज रायपुर रेलवे स्टेशन से भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन तीर्थयात्रियों को लेकर रवाना हुई। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने यात्रियों से आत्मीय संवाद किया और उन्हें सुखद, सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं। यह यात्रा 28 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक आयोजित है। इस दौरान श्रद्धालु महाराष्ट्र के शिर्डी में साईं बाबा, शनि शिंगणापुर में शनिदेव तथा त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करेंगे। प्रस्थान से पहले रायपुर रेलवे स्टेशन पर तीर्थयात्रियों में उत्साह दिखाई दिया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष अवसर है, जो वर्षों से तीर्थयात्रा की इच्छा रखते हैं, लेकिन विभिन्न परिस्थितियों के कारण यात्रा नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि तीर्थ दर्शन आस्था और सांस्कृतिक जुड़ाव का अनुभव है। राज्य सरकार का प्रयास है कि पात्र हितग्राही आवश्यक सुविधाओं के साथ सहज और सुरक्षित वातावरण में तीर्थस्थलों के दर्शन कर सकें। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों एवं अन्य पात्र हितग्राहियों को प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा का अवसर उपलब्ध कराया जाता है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने यात्रियों से यात्रा के दौरान अपना ध्यान रखने और इस अवसर का आनंद लेने का आग्रह किया। रवानगी के अवसर पर समाज कल्याण विभाग और रेलवे के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

महानदी के तटीय क्षेत्रों में प्रशासन मुस्तैद, CM साय ने दिए राहत-बचाव के निर्देश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर महानदी के तटीय क्षेत्रों में राहत-बचाव के लिए प्रशासन मुस्तैद कलेक्टर-एसपी ने शिवरीनारायण पहुंचकर बैराज, पुल और प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, राहत शिविर में भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सहित सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित पुल पर बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए आवागमन बंद, संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार महानदी के बढ़ते जलस्तर और जांजगीर-चांपा जिले के तटीय क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे एवं पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने शिवरीनारायण पहुंचकर बैराज, पुल और महानदी के तटीय क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने नदी के जलस्तर एवं बहाव की स्थिति के साथ सुरक्षा, राहत और बचाव की तैयारियों का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को सतत निगरानी और आवश्यकतानुसार तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर-एसपी ने शिवरीनारायण बैराज और पुल के साथ तटीय क्षेत्रों तथा महंत लालदास महाविद्यालय में बनाए गए राहत शिविर का निरीक्षण किया। राहत शिविर में प्रभावित लोगों के ठहरने के साथ भोजन, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश, स्वच्छता और शौचालय सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। अधिकारियों को प्रभावित नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। महानदी पुल पर आवागमन बंद, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई महानदी के पुल पर पानी का बहाव बढ़ने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से आवागमन बंद कर दिया गया है। कलेक्टर-एसपी ने पुल और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा लोगों को तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से रोकने के निर्देश दिए हैं। नदी के जलस्तर एवं बहाव को देखते हुए अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमें सक्रिय, नियमित स्वास्थ्य जांच प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात हैं और नागरिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है। आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ जलभराव के कारण होने वाली संभावित बीमारियों और संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं। कलेक्टर-एसपी ने राजस्व, पुलिस, नगर सेना, जल संसाधन और स्वास्थ्य सहित संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। तटीय एवं जलभराव संभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत-बचाव कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक मानव संसाधन एवं अन्य संसाधनों को तैयार रखा गया है। तटीय क्षेत्रों में मुनादी, लोगों को सतर्क रहने की समझाइश मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। तटीय और पूर्व में जलभराव से प्रभावित आबादी वाले क्षेत्रों में मुनादी के माध्यम से नागरिकों को संभावित जलभराव तथा सुरक्षा संबंधी सावधानियों की जानकारी दी जा रही है। नदी के जलस्तर, पुल-पुलियों और आवागमन वाले मार्गों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि स्थिति में बदलाव होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकें। कलेक्टर-एसपी ने नागरिकों से नदी, पुल, घाट और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि तेज बहाव वाले पानी के पास सेल्फी या वीडियो बनाने का जोखिम न उठाएं तथा प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से बंद किए गए मार्गों और स्थानों पर जाने का प्रयास न करें। किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय पर राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके। जिला प्रशासन द्वारा महानदी के तटीय क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा, राहत और आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। राहत शिविर में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्वास्थ्य जांच में जुटी हैं, वहीं पुलिस, राजस्व, नगर सेना और जल संसाधन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। निरीक्षण के दौरान नगर पालिका शिवरीनारायण के अध्यक्ष राहुल थवाईत, एसडीएम जांजगीर सुब्रत प्रधान, एसडीएम शिवरीनारायण सुभावना साहू, कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 17.42 करोड़ रुपये स्वीकृत

राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 17.42 करोड़ रुपये स्वीकृत रायपुर, छत्तीसगढ़-शासन जल संसाधन विभाग द्वारा राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के सिंचाई योजनाओं के विभिन्न कार्यों के लिए 17 करोड़ 42 लाख 31 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत सिंचाई योजनाओं में राजनांदगांव जिले के पार्रीकला एनीकट कम काजवे निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 94 लाख 06 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 120 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। कोपेडीह जलाशय जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य केलिए 2 करोड़ 55 लाख 31 हजार रूपए स्वीकृत किए गए हैं। योजना के कार्य पूर्ण होने से 71 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। अण्डी जलाशय जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 35 लाख 01 हजार रूपए स्वीकृत किए गए हैं। योजना के कार्य पूर्ण होने से 81 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसी तरह से पिनकापार जलाशय जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 3 करोड़ 20 लाख 82 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 145 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के बिरझूटोला जलाशय का जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 37 लाख 11 हजार रूपए स्वीकृत किए गए हैं।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस की अहम बैठक शुरू, सुखदेव भगत सहित दिग्गज नेता मौजूद

रायपुर. राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यकारणी की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। बैठक की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत कर रहे हैं। बैठक में PCC अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए हैं। राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक के बाद कनेक्ट सेंटर की टीम के साथ भी बैठक प्रस्तावित है। नए प्रदेश प्रभारी के तौर पर सुखदेव भगत का यह पहला छत्तीसगढ़ दौरा है, ऐसे में उनकी वरिष्ठ नेताओं और संगठन के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों के साथ हो रही बैठकों पर राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं। मुलाकात के दौरान नेताओं के बीच छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं में नयी ऊर्जा का संचार करने, जिला एवं ब्लॉक इकाइयों को सक्रिय करने व आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ. चर्चा में संगठनात्मक एकजुटता, युवाओं व महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, अनुसूचित जाति-जनजाति एवं पिछड़े वर्गों को संगठन में समुचित प्रतिनिधित्व देने तथा जनता के ज्वलंत मुद्दों महंगाई, बेरोजगारी, जल-जंगल-जमीन, किसानों-मजदूरों के हक को सड़क से सदन तक प्रभावी ढंग से उठाने पर विशेष जोर दिया गया. इस अवसर पर प्रभारी सुखदेव भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी कांग्रेसी एक परिवार की तरह हैं. हम सब मिलकर संगठन को गांव-गांव, बूथ-बूथ तक मजबूत करेंगे. कार्यकर्ता ही हमारी असली पूंजी हैं, उनका सम्मान और मनोबल बढ़ाना मेरी पहली प्राथमिकता होगी. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप छत्तीसगढ़ में संगठन को नयी धार दी जायेगी और भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सशक्त जनआंदोलन खड़ा किया जायेगा.

बीटूबी बैठकों से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की पहल, नए टूर पैकेज, व्यावसायिक साझेदारी और निवेश की संभावनाओं को मिला मंच

‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ में देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स और हॉस्पिटैलिटी विशेषज्ञों का संगम बीटूबी बैठकों से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की पहल, नए टूर पैकेज, व्यावसायिक साझेदारी और निवेश की संभावनाओं को मिला मंच पर्यटन को रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और महिला-जनजातीय सशक्तिकरण से जोड़ने पर जोर, उत्कृष्ट पर्यटन हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार से किया गया सम्मानित विश्व पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है छत्तीसगढ़- राजेश अग्रवाल रायपुर,  विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ ने अपने समृद्ध प्राकृतिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल एवं छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में मेफेयर लेक व्यू रिसॉर्ट, नवा रायपुर में ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन किया गया। आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों के साथ पड़ोसी राज्यों के प्रमुख टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटलियर्स, होम-स्टे संचालक, पर्यटन संस्थाओं तथा विदेशी टूर एजेंसियों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रही। इस आयोजन ने छत्तीसगढ़ को केवल एक पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय उसे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन कारोबार के संभावनाशील बाजार के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। बीटूबी बैठकों के माध्यम से पर्यटन कारोबारियों के बीच सीधे व्यावसायिक संवाद, नए टूर पैकेज तैयार करने, पर्यटक समूहों को छत्तीसगढ़ लाने, निवेश की संभावनाओं को तलाशने तथा प्रदेश के पर्यटन उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचाने पर चर्चा हुई। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल रहे मुख्य अतिथि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने की। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, एलियांज इंडिया एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीप भगत, छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष जसप्रीत भाटिया, कपिल जैन, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही कलेक्टर विजय दयाराम के., होटल मेफेयर के जीएम नीलेश, जिला पंचायत जीपीएम के सीईओ मुकेश रावटे सहित पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि एवं पर्यटन मंडल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की प्रतिबद्धता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है। छत्तीसगढ़ के पास बस्तर की जीवंत जनजातीय संस्कृति, सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे जलप्रपात, सिरपुर की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत, राजिम की धार्मिक आस्था, भोरमदेव की स्थापत्य कला और बारनवापारा का वन्यजीवन जैसी विविध पर्यटन संपदाएं हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, कारीगरों एवं कलाकारों के लिए बाजार तथा ग्रामीण एवं जनजातीय समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर तैयार करना भी है। अग्रवाल ने कहा कि ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस’ देश-विदेश के पर्यटन कारोबारियों को छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण बिजनेस प्लेटफॉर्म है। इस प्रकार के आयोजन से व्यावसायिक साझेदारी बढ़ाने, नए पर्यटन बाजारों से जुड़ने, नए टूर पैकेज विकसित करने और छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को अधिक से अधिक पर्यटकों तक पहुंचाने के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने रायपुर में निर्माणाधीन फिल्म सिटी, भोरमदेव कॉरिडोर और जशपुर के मयाली क्षेत्र में पर्यटन विकास जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। 400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से जुड़ीं छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव या औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। देश-विदेश के पर्यटन कारोबारियों और विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाकर व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने तथा छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दिल्ली, भुवनेश्वर, पुणे और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में रोड शो एवं विभिन्न राष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों में सहभागिता के माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और पर्यटन सुविधाओं का प्रचार-प्रसार किया गया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से जुड़ चुकी हैं। आने वाले समय में इस नेटवर्क को और विस्तारित किया जाएगा। पर्यटन को स्थानीय रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाने पर जोर पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि पर्यटन को केवल भ्रमण का विषय न मानकर विकास, रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाना होगा। स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़कर रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संपदा को बेहतर पर्यटन उत्पादों और पैकेज में परिवर्तित करते हुए अन्य राज्यों एवं देशों के साथ पर्यटन साझेदारी विकसित करनी होगी। उन्होंने आयोजन में बने नए संपर्कों और साझेदारियों को वास्तविक पर्यटन विकास में परिवर्तित करने तथा डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया। डिजिटल तकनीक और एआई से वैश्विक पर्यटन बाजार में नई पहुंच छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम ‘डिजिटल एजेन्डा एन्ड आर्टिफिशियल इन्टेलिजेन्स टू रिडिजाइन टूरिज्म’ के संदर्भ में छत्तीसगढ़ पर्यटन की संभावनाओं को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। पर्यटन संबंधी जानकारी, डिजिटल प्रचार-प्रसार, पर्यटक अनुभव, कंटेंट निर्माण और पर्यटन स्थलों की वैश्विक पहुंच बढ़ाने में इन तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है। प्रस्तुतीकरण में चित्रकोट, तीरथगढ़, कुटुमसर, मैनपाट, जशपुर, बस्तर दशहरा, सिरपुर, भोरमदेव, ढोलकल गणेश, नारायणपाल और मल्हार सहित छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक, जनजातीय, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक पर्यटन स्थलों की संभावनाओं को रेखांकित किया गया। चौबे ने बताया कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के साथ आधारभूत संरचना को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। होम-स्टे के लिए … Read more