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स्वर्ण पदक विजेता टीम की सदस्य संजू देवी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी बधाई

रायपुर : एशियन गेम्स में छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी का स्वर्णिम परचम, भारतीय महिला कबड्डी टीम ने बढ़ाया देश का मान स्वर्ण पदक विजेता टीम की सदस्य संजू देवी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी बधाई बेटियों का जज्बा, अनुशासन और समर्पण देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी-चौधरी     रायपुर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य एवं छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।     चौधरी ने कहा कि भारतीय महिला कबड्डी टीम की यह स्वर्णिम उपलब्धि पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है। इस ऐतिहासिक सफलता में छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी की भागीदारी ने प्रदेशवासियों की खुशी और गौरव को और बढ़ा दिया है। अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर तिरंगे की शान बढ़ाने वाली संजू देवी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और खेल प्रतिभा से छत्तीसगढ़ का नाम भी रोशन किया है।     वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि देश की बेटियां आज खेल सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का लोहा मनवा रही हैं। उनका जज्बा, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण देश के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने भारतीय महिला कबड्डी टीम की सभी खिलाडि़यों को स्वर्ण पदक की शानदार उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए संजू देवी के उज्ज्वल भविष्य और आगामी प्रतियोगिताओं में निरंतर सफलता की कामना की।

फसल बचाने ट्रांसफॉर्मर सुधार रहे थे, 3 की मौत

बेमेतरा. बेमेतरा जिले के दाढ़ी थाना क्षेत्र के ग्राम हेमाबंद खार में ट्रांसफार्मर फटने से गर्म तेल की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलसे पिता-पुत्र एवं एक अन्य किसान की हादसे के छठवें दिन उपचार के दौरान मौत हो गई। तीनों घायलों को रायपुर के आंबेडकर अस्पताल में भर्ती किया गया था। घटना 20 सितंबर की सुबह करीब 9 बजे के बीच हुई थी। हादसे में हुई ग्रामीणों की मौत पर स्थानीय विधायक और मंत्री दयालदास बघेल ने शोक जताया है। मिली जानकारी के अनुसार, बिजली बंद होने के कारण ग्राम मोहतरा निवासी किसान राधेश्याम चंद्राकर (50), उनके पुत्र छन्नू चंद्राकर (32) और किसान ईश्वर पटेल ट्रांसफार्मर देखने के लिए पहुंचे थे। वे ट्रांसफार्मर में डीओ (ड्रॉप आउट फ्यूज) चढ़ाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान ट्रांसफार्मर फट गया। तेज धमाके के साथ निकला गर्म तेल किसानों के ऊपर गिर गया, जिससे तीनों गंभीर रूप से झुलस गए। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन व ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्हें बेमेतरा जिला अस्पताल ले गए। यहां प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को रायपुर रेफर कर दिया गया। इस पर परिजन उन्हें रायपुर के निजी अस्पताल ले गए। दो दिनों तक चले इलाज के बाद भी आशाजनक सुधार नहीं होने पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने उन्हें आंबेडकर अस्पताल में शिफ्ट करा दिया था। यहां 25 सितंबर की सुबह राधेश्याम चंद्राकर और छन्नू चंद्राकर की मौत हो गई। वहीं किसान ईश्वर पटेल ने इसी दिन दोपहर में दम तोड़ दिया। फसल बचाने बिजली चालू करने पहुंचे थे ग्रामीण ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में अटल ज्योति योजना के तहत दी गई बिजली लंबे समय से बंद थी। इससे सिंचाई प्रभावित हो रही थी। ग्रामीणों ने विद्युत कंपनी के अधिकारियों को बिजली बंद होने की जानकारी देकर आपूर्ति बहाल करने की मांग की थी। इसके बाद भी बिजली चालू नहीं होने पर किसान परेशान थे। किसान रामकुमार पटेल ने बताया कि इसके चलते ही तीनों खुद बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने का प्रयास कर रहे थे, इसी दौरान हादसा हो गया। मृतक पिता-पुत्र बहुत गरीब परिवार के हैं। राधेश्याम के तीन पुत्र हैं, जिनमें से एक की मौत हो गई। मृतक छन्नू के भी दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। अधिकारी ने शिकायत से झाड़ा पल्ला सीएसपीडीसीएल उप संभाग दाढ़ी में पदस्थ सहायक यंत्री चंद्रकांत साहू ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर घटनास्थल पर कनिष्ठ यंत्री को भेजा गया था। विद्युत कंपनी ने उसी दिन घटना की सूचना दाढ़ी थाने में लिखित में दे दी थी। मुआवजे के लिए प्रकरण तैयार कर विद्युत कंपनी की उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि लाइन बंद होने की सूचना ऑफलाइन अथवा लिखित में नहीं दी गई थी। कॉल सेंटर में भी किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं है। ग्राम बटार में पदस्थ लाइन की देखरेख प्रेम साहू करते हैं। किसानों द्वारा बिजली बंद होने की शिकायत या सूचना विद्युत कंपनी उप संभाग दाढ़ी कार्यालय में दर्ज नहीं है। 

चिरायु योजना से जन्मजात समस्या से मिली राहत, तीन बच्चों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

चिरायु योजना से जन्मजात समस्या से मिली राहत, तीन बच्चों के चेहरों पर लौटी मुस्कान बीजापुर के दूरस्थ गांवों से अयान, अंजलि और सविता का रायपुर में हुआ उपचार परिवारों को मिली राहत, बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद हुई मजबूत रायपुर, गंगालूर के संतोष साहनी अपने सवा साल के बेटे अयान के जन्म से कटे होंठ की समस्या को लेकर काफी चिंतित थे। गांव में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिरायु टीम ने अयान की समस्या पहचानी। आवश्यक जांच और प्रक्रिया पूरी कर उसे उपचार के लिए रायपुर भेजा गया। जहां श्री मेडिशाइन अस्पताल में अयान का सफल उपचार होने के बाद परिवार को अब बड़ी राहत मिली है। बीजापुर जिले के दूरस्थ अंचलों में रहने वाले दो अन्य परिवारों के बच्चे जो इसी प्रकार की समस्या से पीड़ित थे उनका उपचार चिरायु योजना के माध्यम से हुआ। इशूलनार की आठ वर्षीय अंजलि हापका और तोड़का की तीन वर्षीय सविता ताती भी जन्मजात कटे होंठ की समस्या से प्रभावित थीं। चिरायु टीम ने दोनों बच्चियों की भी पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ उपचार के लिए रायपुर भेजा, जहां योजना के तहत उनका निःशुल्क उपचार कराया गया। चिरायु योजना के तहत बच्चों में जन्मजात समस्याओं, बीमारियों, पोषण संबंधी कमियों और विकास संबंधी समस्याओं की पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाता है। अयान, अंजलि और सविता के उपचार ने उनके परिवारों को बच्चों के भविष्य के लिए हो रही चिंता को दूर किया है।  अयान के परिवार को मिली नई उम्मीद अयान की समस्या की पहचान चिरायु टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान की थी। इसके बाद टीम ने आवश्यक जांच कराई और रायपुर में उपचार की प्रक्रिया पूरी की। बेटे का उपचार हो जाने से उनके पिता संतोष साहनी और उनके पूरे परिवार की चिंता कम हुई है। अयान के चेहरे में आया बदलाव पूरे परिवार के लिए मुस्कान की सौगात लेकर आया है। अंजलि और सविता के परिवारों को भी मिली बड़ी राहत इशूलनार निवासी अंजलि के पिता सुखमा हापका भी बेटी के उपचार को लेकर चिंतित थे। चिरायु टीम ने अंजलि को चिन्हांकित किया और रायपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उसका ऑपरेशन कराया। उपचार के बाद परिवार को उसके बेहतर स्वास्थ्य की उम्मीद मिली है। इसी तरह तोड़का निवासी सविता के पिता बीजू ताती के लिए भी बेटी का उपचार होना बड़ी राहत है। चिरायु योजना के माध्यम से सविता की पहचान और उपचार संबंधी प्रक्रिया पूरी की गई। रायपुर के श्री मेडिशाइन अस्पताल में उसका सफल उपचार हुआ। परिवार ने बेटी को मिली इस सहायता पर खुशी व्यक्त की है।

रायपुर आएंगे चिराग पासवान और बॉलीवुड एक्टर

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 4 अक्टूबर को ROLBOL का तीसरा यूथ कॉन्क्लेव का मंच सजने वाला है. जहां पांचवे ROLBOL Talks का आयोजन किया जाएगा. कार्यक्रम में सिनेमा, पत्रकारिता, उद्योग और डिजिटल जगत की हस्तियां शामिल होंगी. जेल रोड स्थित मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में 4 अक्टूबर को दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक ROLBOL Youth Conclave 2026 का आयोजन होगा. इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को नई सोच, नेतृत्व और सकारात्मक जीवन परिवर्तन से जोड़ना है. यूथ कॉनक्लेव में पांचवा ROLBOL Talks काफी खास होने वाला है. केंद्रीय मंत्री पासवान, बॉलीवुड एक्टर समेत कई दिग्गज होंगे शामिल इस वर्ष केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान, ‘मैरी कॉम’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ फेम बॉलीवुड अभिनेता दर्शन कुमार, अंतरराष्ट्रीय एवं सामरिक मामलों के वरिष्ठ पत्रकार आदित्य राज कौल और निलॉन्स के प्रबंध निदेशक दीपक सांघवी युवाओं से संवाद करेंगे. विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने वाली ये हस्तियां अपने जीवन के अनुभव, संघर्ष और सफलता की यात्रा साझा करेंगी ROLBOL Creators Award में जुटेंगी देश की चर्चित हस्तियां ROLBOL Youth Conclave के तहत 3 अक्टूबर को कीपीएस स्कूल में प्रदेशभर के सोशल मीडिया कंटेंटे क्रिएटर्स के लिए ROLBOL Creators Award आयोजित किया जाएगा. इसमें बॉलीवुड संगीतकार मोंटी शर्मा, Foodie Incarnate के अमर सिरोही, Shikshit Talks के शिखर चौधरी, लग्जरी कंटेंट क्रिएटर देवांश जी. सेठी, फिल्म निर्देशक दीपक गर्ग और Auriea London के सह-संस्थापक शौनक शर्मा शामिल होंगे. अवॉर्ड के विजेताओं को 4 अक्टूबर को कॉन्क्लेव के मुख्य मंच पर सम्मानित किया जाएगा. वहीं छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिष्ठित ROLBOL Changemaker Award से राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्देशक मनोज वर्मा, लोकप्रिय गायक अनुराग शर्मा और उभरते एंकर आरजे नमित को सम्मानित किया जाएगा. रायपुर से देशभर में विस्तार की तैयारी ‘Rest Of Life, Best Of Life’ के विचार के साथ संस्थापक दर्शन सांखला द्वारा शुरू की गई ROLBOL Community आठ वर्षों से व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से लोगों को बेहतर जीवन की दिशा में प्रेरित कर रही है. इसके मंच पर पूर्व में भी देश की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां युवाओं से संवाद कर चुकी हैं. रायपुर में ROLBOL Aspire और ROLBOL Blaze के बाद अब समुदाय देशभर में नए चैप्टर स्थापित करने की तैयारी में है. इस अवसर पर गगन बरड़िया को संगठन का प्रथम सेक्रेटरी जनरल और नेहा शालमोन को प्रथम एपेक्स काउंसिल में चेयर–ग्रोथ घोषित किया जाएगा. संस्थापक दर्शन सांखला एवं सह-संस्थापक वीरेन नागवंशी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कॉन्क्लेव की जिम्मेदारी संयोजक राकेश नवलखा, सह-संयोजक आकाश साहू, नमन कोरी, यश कुकरेजा एवं कोर टीम के सदस्य संभाल रहे हैं. ROLBOL का उद्देश्य केवल युवाओं को प्रेरित करना नहीं, बल्कि उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने, आगे बढ़ने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना है.

मुख्यमंत्री ने भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्टार खिलाड़ी संजू देवी से फोन पर की आत्मीय बातचीत, स्वर्णिम सफलता के लिए दी बधाई

छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी ने बढ़ाया देश-प्रदेश का गौरव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्टार खिलाड़ी संजू देवी से फोन पर की आत्मीय बातचीत, स्वर्णिम सफलता के लिए दी बधाई मुख्यमंत्री ने कहा – संजू देवी की उपलब्धि प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए बनेगी प्रेरणा एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ईरान को पराजित कर जीता स्वर्ण पदक भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत में कोरबा की संजू देवी ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य एवं छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की निवासी सुसंजू देवी को फोन कर इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सुसंजू देवी से आत्मीय संवाद करते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि उनकी इस उपलब्धि से पूरा छत्तीसगढ़ गौरवान्वित है। मुख्यमंत्री साय ने सुसंजू देवी से कहा कि आपने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और शानदार प्रदर्शन से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्वर्णिम सफलता प्रत्येक देशवासी के लिए गर्व का क्षण है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में छत्तीसगढ़ की बेटी की महत्वपूर्ण भागीदारी प्रदेश के लिए विशेष गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां आज शिक्षा, खेल सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का परचम लहरा रही हैं। कोरबा की संजू देवी ने अपनी मेहनत और खेल कौशल के बल पर राष्ट्रीय टीम में स्थान बनाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी सफलता प्रदेश के उन हजारों युवा खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने का सपना देख रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर, प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के गांवों, आदिवासी अंचलों और छोटे शहरों में मौजूद खेल प्रतिभाओं को उचित मंच मिले और वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करें। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में ईरान को पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। भारतीय टीम की इस स्वर्णिम सफलता में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की सुसंजू देवी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुसंजू देवी भारतीय राष्ट्रीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य हैं। मुख्यमंत्री साय ने भारतीय महिला कबड्डी टीम के सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ को भी इस शानदार सफलता के लिए बधाई दी और टीम के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय खिलाड़ी आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाते रहेंगे।

गांव को मिली नई पहचान, डिप्टी CM विजय शर्मा ने सौंपा राजपत्र

वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, राजपत्र लेकर गांव पहुंचे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, चंदनपुर को मिली नई पहचान राजपत्र की प्रति सौंपकर उप मुख्यमंत्री ने दी बधाई, चंडालपुर अब कहलाएगा ‘चंदनपुर’ गांव का नाम केवल पहचान नहीं, जनभावनाओं से जुड़ा होता है– उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा  गांव के विकास के लिए 11.70 लाख रुपए की घोषणा, दस्तावेजों में नाम बदलने लगेगा विशेष शिविर रायपुर,   तेज बारिश के बीच शुक्रवार देर रात उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा गांव की नई पहचान का राजपत्र लेकर चंदनपुर पहुंचे। लंबे समय से नाम परिवर्तन की मांग कर रहे ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उन्होंने राजपत्र की प्रति सौंपते हुए उन्हें बधाई दी। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण स्वागत के लिए जुटे रहे। मांग पूरी होने की खुशी में ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और उप मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। कबीरधाम जिले के ग्राम चंडालपुर का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर चंदनपुर कर दिया गया है।       नाम परिवर्तन की खुशी के बीच उप मुख्यमंत्री ने गांव के विकास कार्यों के लिए सीसी रोड और सामुदायिक भवन के लिए 11.70 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुविधा के लिए विशेष शिविर लगाया जाएगा। इसमें आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों में गांव का नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी, ताकि ग्रामीणों को इसके लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। छत्तीसगढ़ शासन ने ग्राम चंदनपुर के नाम परिवर्तन का राजपत्र में विधिवत प्रकाशन कर दिया है। इसके साथ ही गांव का नया नाम अब सरकारी अभिलेखों और शासकीय वेब पोर्टल में स्थायी रूप से दर्ज रहेगा।      उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ग्रामवासियों की ओर से लंबे समय से गांव का नाम बदलने की मांग की जा रही थी। स्थानीय लोगों की भावना और मांग को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। इसके बाद मंत्रिमंडल स्तर पर चर्चा हुई, राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त हुई और अंततः राजपत्र में इसका प्रकाशन किया गया। उन्होंने कहा कि राजपत्र में प्रकाशन के बाद अब ‘चंदनपुर’ नाम सरकारी अभिलेखों और संबंधित शासकीय वेब पोर्टलों में दर्ज रहेगा। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे भी अपने दैनिक व्यवहार और बोलचाल में गांव के नए नाम ‘चंदनपुर’ का उपयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसी नाम से गांव को जानें और इसकी पहचान आगे भी कायम रहे।       उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के नाम केवल किसी स्थान की पहचान नहीं होते, बल्कि उनमें स्थानीय इतिहास, संस्कृति, परंपरा और जनभावनाएं भी जुड़ी होती हैं। चंदनपुर नाम से गांव को नई पहचान मिलना ग्रामवासियों की लंबे समय से चली आ रही भावना और मांग के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नाम परिवर्तन से क्षेत्र की स्थानीय पहचान और ग्रामवासियों की भावनाओं को मजबूती मिलेगी।

सेवा सेतु से दूरस्थ अंचलों में नागरिक सेवाओं तक पहुंच हुई आसान

सेवा सेतु से दूरस्थ अंचलों में नागरिक सेवाओं तक पहुंच हुई आसान रायपुर  शासन की डिजिटल पहल सेवा सेतु के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों तक विभिन्न शासकीय सेवाएं अब सरल और सुविधाजनक तरीके से पहुंच रही हैं। डिजिटल व्यवस्था के जरिए आवश्यक प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान होने से ग्रामीणों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिल रही है। इसी कड़ी में एलीना कुंवर को सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण-पत्र (अनुसूचित जनजाति) प्रदान किया गया। यह प्रमाण-पत्र सेवा सेतु केंद्र, ग्राम पंचायत नेलसनार के जन सुविधा केंद्र के माध्यम से तैयार किया गया।  सेवा सेतु के माध्यम से प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया पूरी होने से हितग्राहियों को आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने में सुविधा हो रही है। डिजिटल माध्यम से सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से ग्रामीण नागरिकों के समय और श्रम की बचत हो रही है तथा शासकीय सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान हो रही है। सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से आय, जाति, निवास, विवाह पंजीयन एवं सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण-पत्र सहित विभिन्न शासकीय सेवाएं नागरिकों तक पहुंचाई जा रही हैं। इससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ रही है और नागरिकों के लिए शासकीय प्रक्रियाएं अधिक सरल, सहज और सुविधाजनक बन रही हैं।

ITI भवन हैंडओवर नहीं, NCVT मान्यता पर संकट

गरियाबंद. देवभोग में मुड़ागांव में 2013 से संचालित हो रहे आईटीआई के लिए सरकार ने 2018 में लगभग 3 करोड़ का भवन बनवा दिया। निर्माण की जिम्मेदारी लोकनिर्माण विभाग की थी। भवन में निर्धारित शौचालय और अन्य कक्ष का निर्माण नहीं होने के कारण तात्कालीन आईटीआई प्रभारी ने निर्माण एजेंसी विभाग पीडब्ल्यूडी से टेक ओवर नहीं लिया था। अधूरे काम को पूर्ण कराने संस्थान ने कई पत्राचार किया पर स्वीकृत डिजाइन के आधार पर भवन पूर्ण नहीं हो सका। आज भी हेंड ओवर की प्रकिया नहीं हुई है। कूल 28 कमरे के भवन में वर्तमान में केवल 6 कमरों का इस्तेमाल होता है। फर्स्ट फ्लोर के कमरों का कोई उपयोग नहीं। नीचे सीपेज के चलते वाशरूम इलाके के छत की पपड़िया टूट रही है। भवन में कई जगह दरार शुरू से आ गई जिसकी अनदेखी विभाग ने कर दिया। एनसीवीटी मोड की मान्यता लटकी 13 साल पुराना यह संस्थान आज संपूर्ण तरह से उपेक्षा का शिकार हो गया है। राज्य सरकार से अध्ययन्ता मिलने वाली एससीवीटी मोड पर अब भी संचालित है,जबकि एनसीवीटी मोड पर मान्यता मिलने से ही प्रशिक्षित छात्रों की प्रमाण पत्र बड़े उद्योग संस्थान में काम आ सकेगा। इसकी मान्यता के लिए संस्थान ने पत्राचार किया पर जरूरी दस्तावेजों में भवन संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो रहे, इसके अलावा ईक्यूपमेंट की प्रयाप्त उपलब्धता नहीं होना भी एक बड़ा कारण बताया गया है। यही वजह है कि अबतक 400 से ज्यादा छात्र प्रशिक्षित होकर निकले पर उन्हें बड़े अथवा सरकारी संस्थानों में कोई रोजगार उपलब्ध नहीं हो सका। स्टाफ और एक्यूपमेंट की कमी,अनदेखी वर्तमान में यहां कोपा इलेक्ट्रीशियन और फिटर ट्रेड में 88 छात्र प्रशिक्षन ले रहे हैं।एक परीक्षण अधिकारी और 4 संविदा प्रवक्ता के भरोसे संस्थान कई साल से संचालित है।15 से ज्यादा पद और नियमित प्राचार्य पद आज तक पूर्ति नहीं हुई।संस्था के बेहतर संचालन की मांग होती रही पर क्षेत्र के जरूरत मंदो को अधूरी और कम मान्यता वाले प्रमाण पत्र देकर केवल खानापूर्ति किया जा रहा है। लोकल मांग के आधार पर ट्रेड संचालन की मांग संचालित तीनों ट्रेड बड़े उद्योग और फर्मों के लिए जरूरत पूरी करता है।लेकिन प्रशिक्षण मोड एनसीवीटी नहीं होने के कारण प्रशिक्षित छात्र रोजगार से वंचित हो जाते हैं।इसे में स्थानीय जरूरत और रोजगार में सहायक साबित होने वाले ट्रेड वेल्डर,प्लंबर,राजमिस्त्री,टेलरिंग, साेलर मैकेनिक की मांग हो रही है।ताकि प्रशिक्षित युवा स्थानीय स्तर पर रोजगार ले सके। संतोष ध्रुव, प्रभारी प्राचार्य शाहिद भोजराज आईटीआई मुड़ागांव एन सी वीटी मान्यता दिल्ली से होता है, जिसके लिए हमे भवन के दस्तावेज चाहिए पर भवन अधूरे बने होने के कारण अब तक टेक ओवर के दस्तावेज नहीं है। स्थानीय आवश्यकता के आधार पर ट्रेड की मांग के लिए संचनालय से पत्राचार किया गया है।

मेहरम कोटे के लिये महिला हज आवेदिकाओ से आवेदन आमंत्रित – मिर्ज़ा एजाज बेग

 मेहरम कोटे के लिये महिला हज आवेदिकाओ से आवेदन आमंत्रित – मिर्ज़ा एजाज बेग    रायपुर   हज 2027 हेतु मेहरम कोटे से महिला हज आवेदकों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। एैसी महिला हज आवेदिकाएं जिनके मेहरम का चयन हो चुका है और वे किन्ही कारणो से समय पर आवेदन नही कर सकी हैं तो 07 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकतीं हैं। हज कमेटी ऑफ़ इंडिया से प्राप्त सूचना के अनुसार  मेहरम कोटे के अंतर्गत दिनांक 07 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन हज आवेदन आमंत्रित किये गये है। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमेन (राज्यमंत्री दर्जा) मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने आज जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि, हज कमेटी ऑफ़ इंडिया मुंबई के सर्कुलर 14 से प्राप्त सूचना अनुसार हज 2027 हेतु एैसी महिला हज आवेदिकाए जिनके मेहरम का चयन हो चुका है और वे किन्ही कारणो से आवेदन नहीं कर सकी हैं तो ऐसी हज आवेदिकाओं से हज कमेटी ऑफ़ इंडिया द्वारा मेहरम कोटे के अंतर्गत ऑनलाइन हज आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। ऐसी हज आवेदिकाएं जिन्होंने  पूर्व में हज ना किया हो वे ही  आवेदन कर सकती हैं । इसके साथ ही  दिनांक 31.12.2027 तक की वैधता युक्त पासर्पोट धारण करना भी अनिवार्य है। मेहरम कोटे के अंतर्गत आवेदन करने की नियमावली का सम्पूर्ण विवरण, हज कमेटी की वेबसाइट में सर्कुलर 14 पर उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी मुखर्जी बाड़ा बैरन बाजार रायपुर के दूरभाष क्रमांक 0771-4266646 पर संपर्क किया जा सकता है।*

आंगनबाड़ी केंद्र बने उत्सव स्थल, पहले दिन 97 हजार से ज्यादा लोगों की भागीदारी

आंगन मिलन सेवा से उत्सव स्थल बने आंगनबाड़ी केंद्र, पहले दिन 97 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता प्रदेश में 2,262 स्थानों पर हुए 12,698 आयोजन; मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुंगेली के मदकू में कार्यक्रम में हुए शामिल सुपोषित थाली के प्रदर्शन के साथ माताओं और बच्चों के पोषण पर हुआ संवाद रायपुर  सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश में शुक्रवार से शुरू हुई ‘आंगन मिलन सेवा’ के पहले दिन आंगनबाड़ी केंद्रों में उत्सव जैसा माहौल रहा। राज्यभर में 2,262 स्थानों पर 12,698 गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें 97,471 लोगों ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी मुंगेली जिले के मदकू में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में शामिल हुए और माताओं एवं बच्चों के पोषण का संदेश दिया। आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती माताओं का स्वागत किया गया। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों, दालों और हरी सब्जियों का प्रदर्शन कर परिवारों को संतुलित भोजन के बारे में बताया गया। सुपोषित थाली के माध्यम से महिलाओं ने जाना कि रोजमर्रा के भोजन में विविध खाद्य पदार्थ शामिल कर माताओं और बच्चों का पोषण कैसे बेहतर बनाया जा सकता है। कार्यक्रमों में बच्चों के अभिभावकों ने भी भाग लिया और पोषण तथा मातृ स्वास्थ्य से जुड़े अनुभव साझा किए। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लाभार्थियों ने बताया कि योजनाओं से मिली सहायता से वे अपनी और अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर पा रही हैं। आंगन मिलन सेवा के माध्यम से परिवारों और समुदाय को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ते हुए बच्चों के पोषण को साझा जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया गया।