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किसानों के मवेशी लेकर पहुंचते ही घबराए अधिकारी, मौके पर समाधान

रानीतराई/दुर्ग. खुले में घूमने वाले मवेशियों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने से आक्रोशित किसानों ने आज विरोध शुरू कर दिया। किसान बड़ी संख्या में खुले में घूम रहे मवेशियों को एकत्रित कर उन्हें एसडीएम कार्यालय एवं तहसील कार्यालय पाटन में छोड़ने के लिए निकल पड़े। इस दौरान औसर, रानीतराई, असोगा, डीड़गा सहित आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। किसानों के पाटन पहुंचने की जानकारी मिलने पर पाटन के पूरे प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्राम तेलीगुंडरा के पास रोकने पहुंचे, उन्हें रोककर किसानों से चर्चा की। मौके पर एसडीएम उत्तम ध्रुव, तहसीलदार मनोज गुप्ता, नायब तहसीलदार मनोज रस्तोगी, सिंग, पाटन टीआई युवराज साहू, रानीतराई थाना प्रभारी हुबलाल चंद्राकर, जनपद पंचायत के भूपेंद्र सीईओ महेंद्र जांगड़े सहित पाटन और रानीतराई थाना पुलिस का बल मौजूद रहा। अधिकारियों से किसानों ने अपनी समस्या रखी। किसानों ने कहा कि आप इन मवेशियों की व्यवस्था करेंगे तभी यहां से हटेंगे। अधिकारियों ने किसानों की समस्या सुनी और मवेशियों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासन द्वारा मवेशियों को गौशाला भेजने की प्रक्रिया की तैयारी की और गाड़िया बुलाकर गौ शाला भेजना शुरू किया तब जाकर किसान शांत हुए।

8 करोड़ बकाया पर बिजली विभाग की कार्रवाई, कुम्हारी नपा के कनेक्शन काटे

भिलाई नगर. कुम्हारी नगर पालिका क्षेत्र में विद्युत विभाग ने 8 करोड़ बकाया बिल के चलते कार्रवाई करते हुए लगभग 20 प्रमुख स्थानों का बिजली कनेक्शन काट दिया। बिजली कटने की वजह से शहर में सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और खेल गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। मिली जानकारी के अनुसार, पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल के दौरान कुम्हारी नगर पालिका पर विद्युत विभाग का बकाया बिल लगभग 5 करोड़ रुपये था। समय पर भुगतान न होने और बकाया राशि जमा न किए जाने के कारण यह राशि बढ़कर अब लगभग 8 करोड़ रुपये हो चुकी है। विद्युत विभाग द्वारा बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद बकाया राशि का भुगतान न किए जाने पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए 23 सितंबर को बिजली काटने की कार्रवाई की है। बिजली कनेक्शन काटे जाने का सीधा असर स्थानीय युवाओं पर पड़ा है। अटल परिसर तथा बैडमिंटन कोर्ट का बिजली कनेक्शन काट दिए जाने के कारण यहां रोजाना बैडमिंटन खेलने और अभ्यास करने आने वाले दर्जनों युवा साथी खेल सुविधाओं से वंचित हो गए हैं। वहीं कुम्हारी के सबसे प्रमुख स्थानों में से एक, स्टेशन चौक स्थित ओवरब्रिज के नीचे पूरी तरह से अंधेरा पसरा हुआ है, जिससे रात के समय आवाजाही करने वाले लोगों को दुर्घटना और सुरक्षा का भय सताता रहता है। इसके साथ ही, राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे लगी कई स्ट्रीट लाइटें भी पिछले कई महीनों से बंद पड़ी हैं, जिनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। बुनियादी सुविधाओं पर पड़ा असर: बिजली विभाग की इस कार्रवाई की गाज शहर की बुनियादी सुविधाओं पर भी गिरी है। कुम्हारी के सभी सार्वजनिक शौचालयों, पंप हाउसों और अन्य लगभग 20 महत्वपूर्ण स्थानों का बिजली कनेक्शन काट दिया गया है। पंप हाउस बंद होने से कई वार्डों में पेयजल संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों ने कहा है कि इस समस्या का शीघ्र समाधान निकाला जाए और बिजली आपूर्ति जल्द बहाल की जाए।

संस्कृति विभाग ने राज्य सम्मान 2026 के लिए आमंत्रित की प्रविष्टियां

संस्कृति विभाग ने राज्य सम्मान 2026 के लिए आमंत्रित की प्रविष्टियां साहित्य, लोककला, संगीत, नृत्य, सिनेमा और रंगकर्म सहित 13 क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रतिभाओं को मिलेगा सम्मान, 5 अक्टूबर तक पंजीकृत डाक से भेज सकेंगे आवेदन रायपुर  संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विभिन्न कला, साहित्य, संस्कृति एवं सामाजिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को प्रदान किए जाने वाले राज्य सम्मान 2026 के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। विभाग द्वारा स्थापित 12 राज्य स्तरीय सम्मान एवं 1 राष्ट्रीय सम्मान के लिए निर्धारित प्रारूप में 5 अक्टूबर 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। चयनित प्रतिभाओं को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित ‘राज्योत्सव 2026’ के राज्य अलंकरण समारोह में सम्मानित किया जाएगा। राज्य सम्मान के लिए इच्छुक पात्र व्यक्ति निर्धारित प्रारूप में अपनी प्रविष्टियां प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन में आवेदक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि एवं आयु के साथ प्रस्तावक का विवरण तथा आवेदक की उपलब्धियों का संक्षिप्त ब्यौरा देना होगा। आवेदक द्वारा पूर्व में प्राप्त सम्मान एवं पुरस्कारों की जानकारी भी निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत करनी होगी। इसमें अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय, प्रदेश एवं जिला स्तर पर प्राप्त सम्मान एवं पुरस्कारों का विवरण शामिल किया जाना है। शासकीय सेवा में कार्यरत आवेदकों को सामान्य प्रशासन विभाग से अनुमति पत्र संलग्न करने का प्रावधान भी रखा गया है। सम्मान की नियमावली एवं आवेदन का निर्धारित प्रारूप विभागीय वेबसाइट www.cgculture.in पर उपलब्ध है। 13 प्रमुख क्षेत्रों में मिलेगा सम्मान संस्कृति विभाग द्वारा वर्ष 2026 के लिए विभिन्न विधाओं और क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित किया जाएगा। पं. सुन्दरलाल शर्मा सम्मान हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में, दाऊ मंदराजी सम्मान लोक नाट्य एवं लोक शिल्प के क्षेत्र में तथा चक्रधर सम्मान शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य के क्षेत्र में प्रदान किया जाएगा। देवदास बंजारे स्मृति पुरस्कार लोक नृत्य के क्षेत्र में तथा लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार आंचलिक साहित्य एवं लोक कविता के क्षेत्र में दिया जाएगा। हबीब तनवीर सम्मान समकालीन रंगकर्म के लिए प्रदान किया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ी, हिन्दी एवं अन्य भाषाओं के नाटक शामिल हैं। इसी क्रम में देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार पंथी नृत्य के क्षेत्र में, लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान छत्तीसगढ़ी लोकगीत के क्षेत्र में और खुमान साव सम्मान छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के क्षेत्र में प्रदान किया जाएगा। सिनेमा के क्षेत्र में भी प्रतिभाओं को सम्मान किशोर साहू सम्मान हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय एवं पटकथा निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जाएगा। वहीं किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी सिनेमा में निर्देशन के क्षेत्र में प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान देश के बाहर रहकर सामाजिक कल्याण, मानव संसाधन विकास, कला, साहित्य अथवा आर्थिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अप्रवासी भारतीयों को प्रदान किया जाएगा। डॉ. तीजन बाई राज्य सम्मान पंडवानी के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रदान किया जाएगा। दीर्घ साधना और उपलब्धियों के आधार पर होगा चयन संबंधित क्षेत्रों में उपलब्धि, योगदान एवं दीर्घ साधना को ध्यान में रखते हुए पात्र प्रतिभाओं का चयन किया जाएगा। चयनित प्रतिभाओं को ‘राज्योत्सव 2026’ के राज्य अलंकरण समारोह में राज्य सम्मान से विभूषित किया जाएगा। प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं, साहित्य, संगीत, नृत्य, रंगमंच एवं सिनेमा के क्षेत्र में निरंतर योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करने की यह पहल राज्य की कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी। 5 अक्टूबर तक पंजीकृत डाक से भेजें आवेदन संस्कृति विभाग ने संबंधित क्षेत्र के पात्र कलाकारों, साहित्यकारों, सांस्कृतिक कर्मियों एवं अन्य प्रतिभाओं से निर्धारित प्रारूप में अपनी प्रविष्टियां 5 अक्टूबर 2026 तक पंजीकृत डाक से भेजने का आग्रह किया है। आवेदन इस पते पर भेजे जा सकते हैं: संचालक, संस्कृति एवं राजभाषा द्वितीय तल, व्यावसायिक परिसर, सेक्टर-27, नवा रायपुर अटल नगर, छत्तीसगढ़ आवेदन निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेजों एवं उपलब्धियों के विवरण के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर भेजना होगा। सम्मान से संबंधित विस्तृत जानकारी, नियमावली एवं आवेदन का निर्धारित प्रारूप संस्कृति विभाग की वेबसाइट www.cgculture.in पर उपलब्ध है।

अनफिट इमारतें बनीं अपराधियों का अड्डा, अब होगी कार्रवाई

भिलाई नगर. जिले में असामाजिक तत्वों के सुरक्षित ठिकाने और अपराध के केंद्र बन चुके जर्जर व लावारिस भवनों पर अब जिला प्रशासन का जल्द बुलडोजर चलेगा। एसएसपी की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने ऐसे खतरनाक, जर्जर और अनुपयोगी भवनों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं। भिलाई-दुर्ग से आसपास के कई स्थानों को चिह्नांकित किया है। जर्जर व असामाजिक गतिविधियों के अड्डे चिन्हित : छावनी थाना क्षेत्र क्वार्टर के बैकुंठधाम, भगत सिंह चौक स्कूल, इस्पात क्लब, सुभाष चौक, मेंटेनेंस ऑफिस, पानी टंकी, रोजगार कार्यालय, शीतला कॉम्प्लेक्स कैंप 2, मदर टेरेसा नगर, पुराना पुलिस क्वार्टर, जवाहर उद्यान (बीएसपी और ननि मिलाई का स्वामित्य), खुर्सीपार थाना क्षेत्र के तेलगु मोहल्ला, जोन 3 स्कूल खंडहर, बापू नगर, उड़िया स्कूल, बापू नगर तीन तालाब परिसर खंडहर (बीएसपी और ननि भिलाई का स्वामित्य), पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र के रायपुर नाका रेलवे क्वार्टर, सुलभ शौचालय के पास खंडहर, पीडब्ल्यूडी क्वार्टर आरटीओ व पीएचई ऑफिस के सामने (बीएसपी और पीडब्ल्यूडी का स्वामित्र), मोहन नगर थाना क्षेत्र के तितुरडीह की पुरानी शराब भट्टी, धमधा नाका सब्जी मंडी स्थित परित्यक्त सुलभ कॉम्प्लेक्स, कातुलबोर्ड 7 मंजिला भवन (ननि दुर्ग, पीडब्ल्यूडी व निजी) व भिलाई नगर थाना क्षेत्र के सेक्टर-6 स्थित इंडियन बैंक, बैंक ऑफइंडिया, पीएनबी, पीएंडटी और आयकर विभाग की कॉलोनियां (बैंक व केंद्रीय विभाग) शामिल है।

हॉकी लीग टीम चयन के लिए 28-29 सितंबर को सलेक्शन ट्रायल

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के लिए 28-29 सितम्बर को टीम सलेक्शन ट्रायल समन्वय और तकनीकी सहायता के लिए खेल विभाग ने अधिकारियों को दी जिम्मेदारी सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में होगा ट्रायल, 6 टीमें बनेंगी रायपुर  रायपुर में होने वाले छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन के टीमों के चयन के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। टीमों के चयन के लिए रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के पिच-1 में 28 सितम्बर और 29 सितम्बर को दो दिवसीय चयन ट्रायल का आयोजन किया जा रहा है। चयन ट्रायल के सुचारू आयोजन, आवश्यक समन्वय एवं तकनीकी सहायता के लिए विभाग ने तीन अधिकारियों की टीम बनाई है। चयन ट्रायल के लिए आवश्यक तकनीकी एवं आयोजन संबंधी कार्यवाही छत्तीसगढ़ हॉकी संघ द्वारा निर्धारित नियमों एवं मापदंडों के अनुसार की जाएगी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो ने छत्तीसगढ़ हॉकी संघ को परिपत्र जारी कर खिलाड़ियों के चयन ट्रायल के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है। विभाग ने निर्धारित तिथियों एवं समय पर चयन ट्रायल के आयोजन के साथ ही ट्रायल प्रारंभ होने के पहले चयन पूर्व मानदंडों और चयन प्रक्रिया का लिखित विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। विभाग ने चयन प्रक्रिया पारदर्शी और निर्धारित मानदंडों के अनुरूप संपादित कर चयनित 6 टीमों की सूची एवं चयन प्रक्रिया से संबंधित प्रतिवेदन खेल संचालनालय को उपलब्ध कराने को कहा है। इन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी खिलाड़ियों के चयन के लिए होने वाले ट्रायल को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने आवश्यक तकनीकी और आयोजन संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी तीन अधिकारियों को सौंपी है। इनमें खेल अधिकारी श्री दीनू प्रसाद पटेल, रायपुर में हॉकी की वरिष्ठ प्रशिक्षक श्रीमती रश्मि संध्या एक्का और बिलासपुर में वरिष्ठ हॉकी प्रशिक्षक श्री राकेश टोप्पो शामिल हैं।  21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक होगी छत्तीसगढ़ हॉकी लीग, 6 टीमें उतरेंगी छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह टीमें मैदान में उतरेंगी। इनमें राजधानी रॉयल्स, चित्रकूट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स शामिल हैं। इन टीमों में खेलने वाले खिलाड़ियों के चयन के लिए ट्रायल 28-29 सितम्बर को रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के पिच-1 में सवेरे 9 बजे से आयोजित किए जा रहे हैं।

खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 14.78 करोड़ रुपये स्वीकृत

खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 14.78 करोड़ रुपये स्वीकृत रायपुर, छत्तीसगढ़-शासन जल संसाधन विभाग द्वारा खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 14 करोड़ 78 लाख 61 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं।      जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत सिंचाई योजनाओं में खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के टेकापार जलाशय जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 94 लाख 42 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूरा होने से 133 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इसी तरह से साल्हेवारा जलाशय का जीर्णोद्धार, नहरों का रिमाडलिंग एवं लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 85 लाख 33 रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 164 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। सिंगारपुर व्यपवर्तन शीर्ष कार्य का जीर्णोद्धार एवं नहरों का रिमाडलिंग एवं लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 98 लाख 86 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 111 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।

पेंशन प्रकरण में लापरवाही पर मुंगेली के शिक्षा विभाग के छह अधिकारी-कर्मचारी निलंबित

पेंशन प्रकरण में लापरवाही पर मुंगेली के शिक्षा विभाग के छह अधिकारी-कर्मचारी निलंबित दिवंगत शिक्षक के वेतन निर्धारण का समय पर अनुमोदन नहीं कराने और लंबित पेंशन के संबंध में गलत जानकारी भेजने का मामला रायपुर लोक शिक्षण संचालनालय ने मुंगेली जिले में दिवंगत शिक्षक के पेंशन प्रकरण से जुड़े कार्यों में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर छह अधिकारी-कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालक  श्री ऋतुराज रघुवंशी ने आदेश जारी किया है। आदेशानुसार, शासकीय हाईस्कूल लाखासार में पदस्थ सहायक शिक्षक विज्ञान अंजनी त्रिपाठी का 25 सितंबर 2022 को सेवाकाल के दौरान निधन हो गया था। उनकी मृत्यु के बाद परिवार पेंशन और मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति उपादान के प्रकरण की प्रक्रिया में यह पाया गया कि वर्ष 2018 में  सहायक शिक्षक एल बी संवर्ग संविलियन के बाद किए गए वेतन निर्धारण की सक्षम प्राधिकारी से समय पर जांच और अनुमोदन नहीं कराया गया। विलंब से अनुमोदन के कारण अधिक भुगतान की वसूली की स्थिति बनी।साथ ही लंबित पेंशन के संबंध में संचालनालय  लोक शिक्षण को गलत जानकारी भेजे जाने का भी उल्लेख है। इस मामले में तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य राघवेन्द्र कुमार सोनी, प्रभारी प्राचार्य रघुनंदन सिंह राजपूत, सहायक ग्रेड-3 मोतीराम यादव, सहायक ग्रेड-2 त्रिवेणी ध्रुव, सहायक ग्रेड-3 अशोक ध्रुव तथा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पेंशन कक्ष प्रभारी एवं कनिष्ठ लेखा परीक्षक शत्रुघन कुलमित्र को निलंबित किया गया है। आदेश में कहा गया है कि संबंधित कर्मचारियों द्वारा सौंपे गए दायित्वों के निर्वहन में नियम विरुद्ध कार्य, गंभीर लापरवाही और शासकीय कार्य में विलंब पाया गया। निलंबन अवधि में सभी का मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर का कार्यालय निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

छत्तीसगढ़ में बारिश का असर, सभी स्कूलों में छुट्टी का आदेश

बालोद. बालोद. छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश को देखते हुए छात्र हित में बड़ा फैसला लिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से 25 सितंबर को जिले में संचालित सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। जारी आदेश के मुताबिक, लगातार हो रही बारिश के कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आज 25 सितंबर को स्कूल बंद रहेंगे। यह आदेश जिले के सभी संबंधित स्कूलों पर तत्काल प्रभाव से लागू होगा। 28 सितंबर को होगी परीक्षा आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 25 सितंबर को आयोजित होने वाली सभी परीक्षाएं अब 28 सितंबर को होंगी। परीक्षाएं पूर्व निर्धारित समय के अनुसार ही संचालित की जाएंगी। जीपीएम के कई इलाकों में बारिश गुरुवार शाम से गौरेला, पेंड्रा, मरवाही सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश होती रही. शुक्रवार सुबह भी घने बादल छाए रहे और कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहा. बारिश के कारण सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई, वहीं सुबह अपने कामकाज के लिए घरों से निकलने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई स्थानों पर लोग बारिश थमने का इंतजार करते नजर आए. धमतरी में बारिश से स्कूल बंद इधर धमतरी में भी लगातार बारिश जारी है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने आज सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की है. कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर जिले में संचालित सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में आज किसी भी तरह की शैक्षणिक गतिविधियां नहीं होंगी. लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव और आवागमन की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से ये फैसला लिया है. मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट मौसम विज्ञान विभाग ने छत्तीसगढ़ में बारिश और गरज-चमक को लेकर चेतावनी जारी की है. आईएमडी के 24 सितंबर को जारी पूर्वानुमान के अनुसार 25 सितंबर को छत्तीसगढ़ में अत्यधिक भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है. 26 और 27 सितंबर को भी गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणाली के प्रभाव से आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर बना रह सकता है. ऐसे में लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और गरज-चमक के समय खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है. मौसम केंद्र के अनुसार दक्षिण छत्तीसगढ़ से जुड़े मौसम तंत्र का प्रभाव प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश के रूप में दिखाई दे रहा है. बारिश से जहां आम जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है. खेतों में नमी बढ़ने से कृषि कार्यों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.

छत्तीसगढ़ के गांव बने विदेशी पर्यटकों की पसंद, ग्रामीण पर्यटन मॉडल दे रहा नई पहचान

विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा छत्तीसगढ़ का ग्रामीण पर्यटन मॉडल लमना विलेज स्टे में ब्रिटेन के अतिथियों ने ग्रामीण जीवन, स्थानीय संस्कृति और हाट-बाजार का लिया अनुभव लमना में दिखी संस्कृति और अपनत्व की खूबसूरत तस्वीर रायपुर छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, ग्रामीण जीवनशैली, लोक संस्कृति और आत्मीय आतिथ्य अब देश ही नहीं, बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहा है। पर्यटन के बदलते स्वरूप में अब पर्यटक केवल बड़े शहरों और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे गांवों की मिट्टी की खुशबू, स्थानीय खान-पान, परंपराओं, हस्तशिल्प और ग्रामीण जीवन को करीब से अनुभव करने में भी रुचि ले रहे हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के लमना विलेज स्टे में ब्रिटेन से पहुंचे पर्यटकों का प्रवास इसी बदलती पर्यटन तस्वीर की जीवंत मिसाल है। ब्रिटेन से आए श्री फ्रैंक रोजर मार्सटन और श्रीमती जेनिफर मार्गरेट रेनफ्रू मार्सटन का लमना गांव पहुंचने पर ग्रामीणो ने पारंपरिक आत्मीयता के साथ तिलक लगाकर तथा ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच स्वागत किया। विदेशी अतिथियों ने भी ग्रामीणों के इस आत्मीय स्वागत का आनंद लिया और स्थानीय लोगों के साथ सहजता से घुल-मिलकर छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति को करीब से महसूस किया। लमना विलेज स्टे में अतिथियों का  अनुभव केवल ठहरने तक सीमित नहीं रहा। उन्हें गांव की गलियों, खेत-खलिहानों, पारंपरिक परिवेश और स्थानीय जीवन से परिचित कराने के लिए ‘विलेज वॉक’ कराया गया। इस दौरान अतिथियों ने ग्रामीणों से संवाद किया, स्थानीय जीवनशैली को समझा और गांव के सहज वातावरण का आनंद लिया।  अतिथियों ने ग्रामीण परिवारों, बच्चों, महिलाओं और स्थानीय लोगों के साथ आत्मीय संवाद भी किया।  ग्रामीण हाट बना खास आकर्षण लमना प्रवास के दौरान स्थानीय ग्रामीण हाट का भ्रमण विदेशी मेहमानों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। हाट में उन्होंने स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों से बातचीत की तथा मिट्टी के बर्तन, बांस से बने सामान, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, स्थानीय खाद्य सामग्री, सब्जियों और अन्य ग्रामीण उत्पादों को करीब से देखा। ग्रामीण बाजार की चहल-पहल, स्थानीय उत्पादों की विविधता और लोगों के सहज व्यवहार ने अतिथियों को भारतीय गांव के वास्तविक जीवन का अनुभव कराया।   ग्रामीण जीवन से सीधे जुड़ने का अनुभव लमना विलेज स्टे की खासियत यह है कि यहां पर्यटक केवल किसी स्थान को देखने नहीं आते, बल्कि स्थानीय जीवन का हिस्सा बनकर उसे महसूस करते हैं। ब्रिटिश अतिथियों ने ग्रामीण परिवेश में समय बिताया, स्थानीय लोगों के साथ बैठकर बातचीत की और पारंपरिक ग्रामीण वातावरण को नजदीक से जाना। गांव की सादगी, प्राकृतिक परिवेश और लोगों की सहज आत्मीयता ने उनके प्रवास को एक अलग तरह का अनुभव दिया। छत्तीसगढ़ के पर्यटन पहचान में जुड़ रहा नया अध्याय छत्तीसगढ़ में पर्यटन अब प्रकृति और दर्शनीय स्थलों से आगे बढ़कर अनुभव आधारित पर्यटन की ओर विस्तार कर रहा है। छत्तीसगढ़ में प्रकृति, जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प, होमस्टे और इको-टूरिज्म को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में प्रयास हो रहे हैं। इससे स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसरों को जोड़ने वाले पर्यटन मॉडल को महत्व मिल रहा है।  प्रकृति, संस्कृति और ग्रामीण आतिथ्य का संगम है लमना गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में मैकल पर्वत श्रृंखला, जंगल, जलप्रपात, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक पर्यटन की विविध संभावनाएं मौजूद हैं। शिवघाट मनौरा, जलेश्वर धाम, लक्ष्मणधारा, झोजा जलप्रपात और धनपुर सहित अनेक प्राकृतिक एवं धार्मिक स्थल शामिल हैं।  लमना विलेज स्टे जैसे ग्रामीण पर्यटन केंद्र पर्यटकों को  प्रकृति और स्थानीय जीवन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बस्तर से लमना तक—छत्तीसगढ़ में अनुभव आधारित पर्यटन की बढ़ती तस्वीर पर्यटक अब केवल पर्यटन स्थलों के दर्शन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्थानीय जीवन, खान-पान, हस्तशिल्प, लोक संस्कृति और समुदाय के साथ जुड़ने वाले अनुभवों को भी महत्व दे रहे हैं। होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन इस बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी बन रहे हैं।  लमना में ब्रिटेन के पर्यटकों का अनुभव इसी सोच को आगे बढ़ाता दिखाई देता है। यहां विदेशी मेहमानों ने किसी पर्यटन स्थल को दूर से देखने के बजाय गांव के बीच जाकर लोगों से मुलाकात की, ग्रामीण हाट में स्थानीय गतिविधियों को समझा और छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन की सहजता को महसूस किया। विदेशी मेहमानों के लिए यादगार बना छत्तीसगढ़ का अपनापन लमना प्रवास के दौरान श्री फ्रैंक रोजर मार्सटन और श्रीमती जेनिफर मार्गरेट रेनफ्रू मार्सटन ग्रामीणों के साथ तस्वीरें खिंचवाते, बच्चों से बातचीत करते और स्थानीय परिवारों के साथ समय बिताते नजर आए।  वे ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के साथ आत्मीयता से मिले ।  विदेशी पर्यटकों का गांवों तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की संभावनाएं अब नए क्षेत्रों और नए अनुभवों तक विस्तार पा रही हैं। ग्रामीण पर्यटन के विस्तार से स्थानीय परिवारों, छोटे व्यवसायों, हस्तशिल्पकारों, ग्रामीण बाजारों, स्थानीय गाइडों और होमस्टे संचालकों के लिए आय एवं रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।  लमना में ब्रिटेन के मेहमानों की यह यात्रा छत्तीसगढ़ के उस पर्यटन मॉडल की खूबसूरत झलक है, जहां प्रकृति के साथ संस्कृति, गांव के साथ आतिथ्य और पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था आगे बढ़ती है। छत्तीसगढ़ की यही सहज, आत्मीय और जीवंत पहचान देश-दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

LKG को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, स्कूलों को निर्देश

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने बेमेतरा जिले में स्वामी आत्मानंद एक्सीलेंट इंग्लिश मीडियम स्कूलों में एलकेजी कक्षाएं तुरंत शुरु करने का आदेश दिया है। यह फैसला जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच ने फैसला सुनाया। बता दें कि बेमेतरा के ग्राम साजा के रहने वाले सुदर्शन लोढ़ी, सूरज साहू, गोविंद पटेल, दकवार बंजारे, लालाराम सोनी, चंद्र प्रकाश, मुकेश सोनी, आत्माराम साहू, भारत साहू, ओम प्रकाश सोनी, सुनीला वर्मा और देकोराम ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया कि उनके बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर और सामान्य आय वाले परिवारों से हैं। वे अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम शिक्षा दिलाने के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में एलकेजी में एडमिशन दिलाना चाहते हैं, लेकिन बेमेतरा जिले एलकेजी की प्रवेश प्रक्रिया ही शुरू नहीं की गई है। याचिका में लगाया गया था ये आरोप याचिका में आरोप लगाया गया था कि राज्य के अन्य जिलों में एलकेजी में दाखिले हो रहे हैं, लेकिन बेमेतरा में जिला शिक्षा अधिकारी और स्कूल प्रबंधन ने बजट और स्टाफ की कमी का हवाला देकर दाखिला प्रक्रिया शुरु नहीं किया है। मामले में हाईकोर्ट ने कहा कि एक बार राज्य सरकार ने सभी जिलों में गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम शिक्षा देने की नीति बनाई है, तो बेमेतरा को इससे वंचित नहीं रखा जा सकता। यह अनुच्छेद 14 और 21ए का उल्लंघन है। कोर्ट ने चार सप्ताह के भीतर व्यवस्था पूरी कर दाखिला शुरु करने का निर्देश  दिया। राज्य सरकार की ओर से डिप्टी एजी डॉ. सौरभ कुमार पांडेय ने तर्क दिया कि एलकेजी पर आरटीआई का अनिवार्य  प्रावधान लागू नहीं होता, लेकिन कोर्ट ने  इसे अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि क्षेत्रीय भेदभाव किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है।