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एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी: दिल्ली से जा रही फ्लाइट के APU में आग, दूसरी विमान का इंजन भी क्षतिग्रस्त

नई दिल्ली दिल्ली में 24 घंटे के भीतर एयर इंडिया के दो विमानों में सवार यात्री बाल-बाल बच गए। एक विमान के एपीयू में आग लगने के बाद उसे आनन-फानन में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर वापस उतारा गया तो दूसरे के इंजन ने एक कंटेनर को खींच लिया। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।   सिंगापुर जा रहा एयर इंडिया का एक विमान तकनीकी खराबी के कारण बुधवार देर रात राष्ट्रीय राजधानी लौट आया। पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि विमान में करीब 190 लोग सवार थे। सूत्रों के अनुसार, ड्रीमलाइनर विमान में एपीयू (ऑक्सिलियरी पावर यूनिट) में आग की चेतावनी मिली, जिसके बाद विमान करीब एक घंटे तक हवा में रहने के बाद दिल्ली लौट आया। यात्रियों को वैकल्पिक विमान से सिंगापुर भेजा गया। इस संबंध में संपर्क करने पर एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने बताया कि 14 जनवरी को दिल्ली से सिंगापुर जा रही उड़ान एआई 2380 के परिचालन दल ने संभावित तकनीकी समस्या के चलते उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एहतियातन दिल्ली लौटने का फैसला किया। रात करीब एक बजे IGI पर दोबारा उतरा प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, 'विमान दिल्ली में सुरक्षित उतरा। दिल्ली में हमारी टीमों ने यात्रियों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान की और उन्हें वैकल्पिक विमान से सिंगापुर के लिए रवाना किया गया।' प्रवक्ता ने इस अप्रत्याशित स्थिति के कारण यात्रियों को हुई असुविधा को लेकर खेद भी जताया। उड़ानों पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘फ्लाइटरडार24 डॉट कॉम’ पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बोइंग 787-9 विमान से संचालित यह उड़ान करीब एक घंटे तक हवा में रही और बुधवार देर रात करीब एक बजे दिल्ली में वापस उतरी। विमान के इंजन में घुसा कंटेनर एक अन्य घटना में एयर इंडिया के एक विमान ने एयरपोर्ट पर एक कंटेनर को अपनी ओर खींच लिया। इससे इंजन क्षतिग्रस्त हो गया। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एयर इंडिया के A350 विमान के इंजन में गुरुवार को कंटेनर घुस गया। इससे इंजन क्षतिग्रस्त हो गया। विमान में सवार एक यात्री ने घटना को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया। घटना पर एयर इंडिया का बयान सामने नहीं आया है।  

जालंधर की अदालत का बड़ा फैसला: आतिशी से जुड़ा वीडियो फर्जी, हटाने के निर्देश

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी के वीडियो मामले जालंधर की एक अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद कोर्ट ने पाया है कि जांच में पता चला है कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी। इस रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने इस वीडियो को सभी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म से हटाने के निर्देश दिए हैं।साथ ही, जिन भी अकाउंट्स से यह वीडियो पोस्ट किया गया है, उनसे संबंधित सभी लिंक भी डिलीट करने के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली में लॉरेंस बिश्नोई के शार्प शूटरों के साथ मुठभेड़, एक आरोपी नाबालिग; कांस्टेबल की जान बची

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट एंटी-नारकोटिक्स टीम और बदमाशों के बीच बुधवार देर रात एक एनकाउंटर हुआ। गोलाबारी के बाद पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शार्पशूटर्स को गिरफ्तार किया। एक गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने हीरानाकी मोड के पास जाल बिछाया था। एनकाउंटर के दौरान दोनों तरफ से गोलीबारी हुई जिसमें एक अपराधी के पैर में गोली लगने से वह जख्मी हो गया। एक पुलिस कांस्टेबल को भी गोली लगी लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से वह बाल-बाल बच गया। पकड़े गए अपराधियों की पहचान दीपक और एक नाबालिग के रूप में हुई है। हथियार भी बरामद पुलिस ने इनके कब्जे से दो पिस्टल, जिंदा कारतूस और एक स्कूटर बरामद की है। आरोपी हाल ही में पश्चिम विहार और वेस्ट विनोद नगर में हुई फायरिंग की घटनाओं में शामिल थे। पुलिस ने बताया कि सोमवार रात पश्चिम विहार में एक जिम के बाहर दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने कथित तौर पर हवाई फायरिंग की थी। कई राउंड हुई थी फायरिंग दिल्ली पुलिस के मुताबिक, फायरिंग की घटना की सूचना करीब 11 बजे मिली थी। घटनास्थल पर पहुंचने पर पुलिस को पता चला कि दो बाइक सवार शख्स ने पश्चिम विहार में आउटर रिंग रोड पर आरके फिटनेस के बाहर कई राउंड पायरिंग की।

दिल्ली में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती, मकर संक्रांति पर खुले 81 आयुष्मान आरोग्य मंदिर

नई दिल्ली मकर संक्रांति के अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को बड़ी सौगात दी है। बुधवार को उन्होंने दिल्ली भर में 81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नए केंद्रों के शुरू होने से दिल्ली के नागरिकों को उनके घर के पास ही बेहतर, सुलभ और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। उद्घाटन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इससे पहले दिल्ली में 238 आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहले से ही काम कर रहे थे। अब 81 नए केंद्र जुड़ने के बाद राजधानी में कुल 319 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हो जाएंगे। उन्होंने कहा, "आज मकर संक्रांति के दिन 81 नए आरोग्य मंदिर शुरू किए गए हैं। इसके साथ ही दिल्ली के लोगों को अधिक आरामदायक और आसानी से उपलब्ध होने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।" मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की तरह काम करते हैं और दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ये केंद्र बड़े अस्पतालों पर बढ़ते दबाव को कम करेंगे और आम लोगों की रोजमर्रा की स्वास्थ्य जरूरतों को समय पर पूरा करने में मदद करेंगे। अब नागरिकों को छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए दूर बड़े अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। रेखा गुप्ता ने यह भी बताया कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य पूरे शहर में कुल 1,100 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने का है और इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। आने वाले महीनों में और भी केंद्र शुरू किए जाएंगे। इस मौके पर भाजपा विधायक सतीश उपाध्याय ने कहा कि जिस तरह से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का निर्माण किया जा रहा है, वह सराहनीय है। उन्होंने बताया कि भीम नगर और मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र में यह आठवां आरोग्य मंदिर है और यहां दो और आरोग्य मंदिर बनाए जाने हैं। एक दिन पहले दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने भी इस योजना को लेकर अहम जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के विस्तार से दिल्ली में सुलभ और निवारक स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 81 नए केंद्र जुड़ने के बाद दिल्ली में कुल आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या बढ़कर 319 हो जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह पहल राजधानी के दीर्घकालिक प्राथमिक स्वास्थ्य रोडमैप के तहत की जा रही है, जिसके तहत 1,100 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार 'सभी के लिए स्वास्थ्य' के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप काम कर रही है। पंकज कुमार सिंह ने बताया कि हर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में मुफ्त डॉक्टर परामर्श, जरूरी दवाइयां और जांच की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कैंसर की स्क्रीनिंग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग, लाइफस्टाइल काउंसलिंग, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, योग और पोषण से जुड़ी सलाह भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ये मोहल्ला स्तर के स्वास्थ्य केंद्र महिलाओं, बुजुर्गों और गरीब परिवारों के लिए बेहद लाभकारी होंगे, क्योंकि इससे उन्हें लंबी दूरी तय करने और अस्पतालों की लंबी कतारों से राहत मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत-वय वंदना योजना के तहत दिल्ली में 13 जनवरी 2026 तक कुल 6,91,530 हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनमें 2,65,895 वय वंदना कार्ड शामिल हैं। इसके अलावा, दिल्ली में अब 189 सूचीबद्ध अस्पताल हैं, जिनमें निजी, दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के अस्पताल शामिल हैं, जहां जरूरतमंद परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है।

पर्यावरण से कमाई तक: दिल्ली सरकार का नया कार्बन क्रेडिट प्लान, कैसे होगी बंपर आमदनी?

नई दिल्ली दिल्ली कैबिनेट ने मंगलवार को कार्बन क्रेडिट मोनेटाइजेशन फ्रेमवर्क को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से दिल्ली की हरित परियोजनाओं से होने वाली कार्बन उत्सर्जन में कमी को मापकर कार्बन क्रेडिट में बदला जाएगा और इन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचा जाएगा। इससे पर्यावरण संरक्षण के लिए बिना सरकारी खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ डाले नया राजस्व स्रोत बनेगा।   दिल्ली अब हरित प्रयासों से कमाएगी राजस्व मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'दिल्ली सरकार जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस फ्रेमवर्क से अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, जिससे विकास कार्य तेज होंगे। यह पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगा और राजस्व को राज्य के कंसॉलिडेटेड फंड में जमा कर सार्वजनिक कल्याण योजनाओं में लगाया जाएगा। दिल्ली कार्बन बाजार में अग्रणी राज्य बनेगी।' पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि दिल्ली पहले से ही बड़े पैमाने पर हरित बदलाव ला रही है। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों का विस्तार, इलेक्ट्रिक बसें, शहरी वानिकी, यमुना की सफाई, सोलर ऊर्जा का बढ़ता उपयोग, वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट और लैंडफिल से बायोगैस उत्पादन शामिल हैं। इन प्रयासों से होने वाली उत्सर्जन कटौती को वैज्ञानिक तरीके से मापा जाएगा। कैसे काम करेगा फ्रेमवर्क? एक मीट्रिक टन CO₂ (या समकक्ष ग्रीनहाउस गैस) कम होने पर एक कार्बन क्रेडिट मिलेगा। क्रेडिट को वीरा, गोल्ड सेटेंडर्ड या भारत के उभरते कार्बन मार्केट जैसे प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर किया जाएगा। इन्हें बेचकर मिलने वाली कमाई सीधे राज्य के फंड में जाएगी। ये पूरी प्रक्रिया राजस्व-साझेदारी मॉडल पर आधारित है। सरकार को कोई शुरुआती खर्च नहीं करना पड़ेगा। विशेष एजेंसियां सफलता के बाद ही फीस लेंगी। पर्यावरण विभाग तीन विशेषज्ञ एजेंसियों को पैनल में शामिल करेगा, जो प्रोजेक्ट की पहचान, दस्तावेजीकरण, सत्यापन, क्रेडिट जारी करना और ट्रेडिंग में मदद करेंगी। मॉनिटरिंग, रिपोर्टिंग और वेरिफिकेशन (MRV) सिस्टम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा। अन्य राज्यों से प्रेरणा दिल्ली ने सफल मॉडलों से सीख ली है। इंदौर ने कंपोस्टिंग और सोलर प्रोजेक्ट्स से 50 लाख रुपये कमाए। मेघालय में किसानों को प्रति टन 40 यूरो मिले, जबकि अरुणाचल प्रदेश के छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट से 16,000 से ज्यादा टन क्रेडिट बने। दिल्ली अब इनसे आगे बढ़कर शहरी स्तर पर मिसाल कायम करेगी। दिल्ली फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन बंद कैबिनेट ने दिल्ली फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन (DFC) को बंद करने का भी फैसला लिया। यह संस्था लगातार घाटे में चल रही थी। इसकी नेट वर्थ माइनस 15.45 करोड़ रुपये हो गई और बैड लोन 55.8% तक पहुंच गए। रिकवरी की कोई संभावना नहीं बची थी। अब इन संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा।  

अब तय! दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कब खुलेगा? पूरी जानकारी—टोल चार्ज से रूट तक

नई दिल्ली दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सफर का इंतजार अब बहुत जल्द खत्म होने वाला है। दिल्ली के अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन से देहरादून तक 213 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस फरवरी के पहले हफ्ते के बाद कभी भी ट्रैफिक के लिए खुल सकता है। इसके शुरू होने से दोनों शहरों के बीच सड़क यात्रा 3 घंटे से भी कम समय में पूरी हो जाएगी। 11000 करोड़ रुपये की लागत से हुआ 3 राज्यों को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसेव अब करीब-करीब तैयार है। इस कॉरिडोर पर अब बस कुछ ही काम बाकी बचा है। छोटे-छोटे हिस्सों को फाइनल किया जा रहा है, स्ट्रक्चर को ठीक किया जा रहा है और पिट स्टॉप को जल्दी-जल्दी तैयार किया जा रहा है ताकि यात्रियों को चाय, पानी और टॉयलेट मिल सकें। अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन से लोनी तक इस रोड को गाड़ियों के लिए खोल दिया गया है, लेकिन फिनिशिंग का काम जारी होने से उससे आगे अभी ट्रैफिक को जाने की इजाजत नहीं दी गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अब लगभग पूरा हो गया है, बस कुछ छोटा-मोटा काम ही बाकी है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अनुसार कॉरिडोर लगभग तैयार है। एनएचएआई अधिकारियों ने कहा कि सभी चार चरणों में औसत फिजिकल प्रोग्रेस 99% से ज्यादा है और बचा हुआ काम कुछ ही दिनों में पूरा होने वाला है। एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे 334B पर 8 किमी इंटरचेंज पर कुछ छोटा-मोटा काम बचा हुआ है, जो अगले 10 दिनों में पूरा होने की उम्मीद है। दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे स्पीड लिमिट और टोल चार्ज दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे खुलने के बाद दिल्ली से देहरादून तक कार से यात्रा में तीन घंटे से भी कम समय लगेगा। इस रूट पर चार टोल प्लाजा बनाए गए हैं। फास्टैग सालाना पास के जरिये यात्री सिर्फ 60 रुपये में एक साइड की यात्रा पूरी कर सकते हैं। सालाना पास नहीं होने पर उन्हें लगभग 500 रुपये टोल चुकाना होगा। कारों के लिए अधिकतम स्पीड लिमिट 100 किमी प्रति घंटा और बस एवं ट्रकों के लिए 80 किमी प्रति घंटा तय की गई है। चार फेज में बनाया गया दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे फेज- I (31.6 KM) : अक्षरधाम से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक, यह ब्राउनफील्ड स्ट्रेच मौजूदा सड़क को सर्विस रोड के साथ छह-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर में बदलता है। फेज-II (120 KM): बागपत से सहारनपुर बाईपास तक यह पूरी तरह से ग्रीनफील्ड सेक्शन है। फेज-III (42 KM): सहारनपुर बाईपास से उत्तराखंड में गणेशपुर तक यह स्ट्रेच पूरी तरह से तैयार है। फेज-IV (20 KM): गणेशपुर से देहरादून तक इस सेक्शन में ब्राउनफील्ड और ग्रीनफील्ड दोनों हिस्से शामिल हैं और यह सबसे बड़ी चुनौती थी।  

अब और मरीजों को मिलेगा मुफ्त इलाज, दिल्ली सरकार ने लागू किया नया कदम

नई दिल्ली रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट को जानकारी देते हुए बताया है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक मुफ्त इलाज की सुविधा का फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से सरकार ने EWS (आर्थिक रूप से कमजोर) वर्ग की सालाना आय सीमा तो बढ़ाकर 5 लाख रुपए तक कर दिया गया है। राज्य सरकार ने बताया कि निम्न आय वर्ग के लोगों को यह सुविधा सभी सरकारी अस्पतालों और रियायती दरों पर दी गई जमीन पर बने शहर के अस्पतालों में मिलेगी। जिसके बाद हाई कोर्ट ने भी दिल्ली सरकार की दलीलों को रिकॉर्ड पर लिया।   9 साल पहले लिया था स्वतः संज्ञान इस दौरान उच्च न्यायालय ने बताया कि सक्षम अथॉरिटी ने EWS सीमा की सालाना आय 2.20 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने को सहमति दे दी है। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और मनमीत पीएस अरोड़ा की बेंच ने यह बात 8 जनवरी को रेखा गुप्ता सरकार की दलीलों को रिकॉर्ड पर लेते हुए कही। कोर्ट सरकारी अस्पतालों में क्रिटिकल केयर की कमी पर स्वतः संज्ञान लेकर शुरू हुए एक मामले की सुनवाई कर रहा था। सालाना 5 लाख रुपए तक की आय वाले उठा सकेंगे फायदा कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा, 'दिल्ली में स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाने के इच्छुक सभी व्यक्ति अब जरूरी शर्तों को पूरा करने के बाद 5 लाख रुपए की निम्न आय वर्ग सीमा के तहत लाभ पाने के हकदार होंगे। सालाना आय की सीमा में यह बढ़ोतरी दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों और रियायती दरों पर आवंटित ज़मीन पर बने सभी पहचाने गए प्राइवेट अस्पतालों पर लागू होगी, जहां EWS नियम लागू हैं।' इससे पहले तक वार्षिक इतनी इनकम वालों को ही मिलता था फायदा अपने फैसले में कोर्ट ने राज्य सरकार व संबंधित विभागों को इस बढ़ोतरी का पर्याप्त प्रचार करने का निर्देश भी दिया ताकि नागरिकों को इसके बारे में पता चले और वे इसका लाभ उठा सकें। बेंच को बताया गया कि डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज़ ने कोर्ट के पिछले निर्देशों का पालन करते हुए 2 जनवरी को EWS की सालाना आय सीमा को 2.20 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने का आदेश पारित किया था। कोर्ट ने यह बात साल 2017 में स्वतः संज्ञान लेते हुए किए एक मामले की सुनवाई के दौरान कही, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी के सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन इलाज में कमी की वजह से साल 2017 में शुरू किए गए एक स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई कर रहा था। हाई कोर्ट ने पहले AIIMS के डायरेक्टर को डॉ. एसके सरीन समिति की सिफारिशों को लागू करने की जिम्मेदारी लेने का निर्देश दिया था, जिसने स्वास्थ्य प्रणाली में कई कमियों की ओर इशारा किया था, जिसमें खाली पद, महत्वपूर्ण फैकल्टी सदस्यों की कमी और इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। इस मामले में वकील अशोक अग्रवाल को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया गया था।  

दिल्ली एयरपोर्ट 6 दिन के लिए रहेगा बंद, यात्रियों को होगी भारी परेशानी

नई दिल्ली सर्दी में कोहरे से होने वाली परेशानी अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि अब दिल्ली एयरपोर्ट पर हवाई यात्रियों को 6 दिन मुश्किलें झेलनी पड़ सकती हैं। गणतंत्र दिवस के सुरक्षा प्रोटोकॉल के मद्देनजर 21 जनवरी से दिल्ली के ऊपर एयरस्पेस बंद होने के कारण यात्रियों को यात्रा में और भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।   मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने मंगलवार को 21 जनवरी से 6 दिनों के लिए 1020 घंटे से 1245 घंटे तक के लिए एक नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी किया है। 2 घंटे 25 मिनट के इस बंद से हजारों उड़ानें प्रभावित होंगी और कनेक्शन बाधित होंगे। इसके चलते यात्रियों को देरी और कैंसलेशन का सामना करना पड़ेगा और एयरलाइंस को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। यह प्रैक्टिस गणतंत्र दिवस पर हर साल होने वाली ड्रेस रिहर्सल और परेड के लिए है। इसमें कर्तव्य पथ पर परेड, फ्लाईपास्ट और संस्कृति और मिलिट्री हार्डवेयर का प्रदर्शन शामिल होता है। मंगलवार को जारी किए गए नोटैम के मुताबिक बंद होने में सिर्फ 8 दिन बचे हैं। इससे एयरलाइंस को अपनी उड़ानों को एडजस्ट करने, मिस-कनेक्टिंग यात्रियों को वेरिफाई कर उन्हें दूसरे रास्ते से भेजने या रिफंड और बदलाव देने में काफी मशक्कत करनी पड़ेगी, जो एयरलाइंस के लिए एक महंगा सौदा होगा। कितनी उड़ानों पर होगा असर? एविएशन एनालिटिक्स कंपनी सिरियम द्वारा शेयर किए गए डेटा से पता चलता है कि इस दौरान 600 से ज्यादा फ्लाइट्स पर असर पड़ेगा। यह वक्त दिल्ली में सबसे बिजी समय में से एक होता है, जब देशभर से आने वाले पैसेंजर यूरोप और भारत में दूसरी जगहों के लिए दोपहर की फ्लाइट्स पकड़ने के लिए लैंड करते हैं। कैंसलेशन, रीशेड्यूलिंग और रुकावटों की वजह से रोजाना हजारों पैसेंजर पर इसका असर पड़ने की उम्मीद है। क्यों किया जा रहा बंद? गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान फ्लाईपास्ट में शामिल विमानों के ही गणमान्य व्यक्तियों की सुरक्षा कारणों से इस तरह के पूरे बंद जरूरी होते हैं। जिन उड़ानों पर असर पड़ेगा, यह जरूरी नहीं कि वो सब कैंसिल ही हों। हालांकि, उनके टाइम में जरूर बदलाव होगा। इसके अलावा, पैसेंजर्स को दूसरे टाइम पर दूसरी फ्लाइट में एडजस्ट किया जाएगा। इस वक्त दिल्ली में कोहरा भी देखने को मिलता है, इसलिए जब किसी दिन विजिबिलिटी कम हो जाती है, तो इतने कम समय में इतनी सारी फ्लाइट्स और यात्रियों को मैनेज करना मुश्किल हो सकता है। यात्रियों के लिए सुझाव अगर आपकी फ्लाइट तय समय और तारीख पर दिल्ली से आने या जाने वाली है, तो सुनिश्चित करें कि आपकी कॉन्टैक्ट डिटेल्स अपडेट हों ताकि एयरलाइंस बदलावों या कैंसलेशन के बारे में जल्द से जल्द आपसे संपर्क कर सकें। उड़ान रद्द होने पर एयरलाइंस आमतौर पर दूसरे ऑप्शन या पूरा रिफंड देती हैं। आखिरी समय में बदलाव को देखते हुए, विमान के किराए टिकट बुक करते समय की कीमत से अधिक हो सकते हैं, इसलिए दूसरे ऑप्शन चुनना ज्यादा समझदारी होगी।  

2026 की लोक अदालत का टाइमटेबिल – जानिए तारीखें, स्थान और शेड्यूल

नई दिल्ली दिल्ली में रहने वाले लाखों लोग हर साल लोक अदालत का इंतजार करते हैं ताकि अपने पुराने ट्रैफिक चालान कम रकम में निपटा सकें या माफ करवा सकें। 10 जनवरी 2026 को दिल्ली के लिए लोक अदालत का आयोजन किया गया था, लेकिन अगर आप किसी वजह से इस मौके का फायदा नहीं उठा पाए, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। अब 2026 में दिल्ली में लगने वाली अगली लोक अदालत की तारीखें सामने आ चुकी हैं। दरअसल, दिसंबर 2025 में होने वाली लोक अदालत को आगे बढ़ाकर 10 जनवरी 2026 कर दिया गया था और यह आयोजन केवल दिल्ली के लोगों के लिए था। इसके बाद से लोग अगली लोक अदालत की तारीख जानने का इंतजार कर रहे थे। 2026 में दिल्ली में कब-कब लगेगी लोक अदालत पहली लोक अदालत: 14 मार्च 2026 दूसरी लोक अदालत: 9 मई 2026 तीसरी लोक अदालत: 12 सितंबर 2026 चौथी लोक अदालत: 12 दिसंबर 2026 लोक अदालत क्या होती है और इसमें क्या फायदे मिलते हैं लोक अदालत एक वैकल्पिक न्याय व्यवस्था है, जहां पुराने और छोटे मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया जाता है। ट्रैफिक चालानों के मामले में लोक अदालत लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आती है। यहां पुराने पेंडिंग चालान कम राशि में निपटाए जा सकते हैं और कई मामलों में चालान पूरी तरह माफ भी हो जाते हैं। हालांकि, हर तरह के चालान लोक अदालत में नहीं निपटाए जाते। दुर्घटना से जुड़े मामले, गंभीर अपराध या क्रिमिनल केस की सुनवाई लोक अदालत में नहीं होती। आमतौर पर छोटे ट्रैफिक उल्लंघन जैसे रेड लाइट जंप करना, हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट न लगाना या जेब्रा लाइन पर गाड़ी खड़ी करने जैसे मामलों का निपटारा यहां किया जाता है। लोक अदालत में जाने के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी होते हैं बहुत से लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि लोक अदालत वाले दिन कौन-कौन से कागजात साथ ले जाने जरूरी होते हैं। अगर आपने लोक अदालत के लिए पहले से टोकन या अप्वाइंटमेंट ले रखी है, तो आपको केवल उसी टोकन या अप्वाइंटमेंट स्लिप का प्रिंट आउट साथ रखना होता है। इस स्लिप में चालान से जुड़ी पूरी जानकारी होती है, जैसे चालान कब और कहां कटा, मोटर व्हीकल एक्ट की कौन सी धारा लगी है और आपको किस कोर्ट रूम में कितने बजे पहुंचना है। इसी स्लिप के नीचे बारकोड के साथ तीन छोटी स्लिप भी होती हैं। चालान भरने के बाद इनमें से एक स्लिप आपको लोक अदालत की तरफ से दी जाती है, जो भुगतान का प्रमाण होती है। लोक अदालत क्यों है आम लोगों के लिए फायदेमंद लोक अदालत न सिर्फ समय बचाती है, बल्कि कोर्ट की लंबी प्रक्रिया और ज्यादा जुर्माने से भी राहत दिलाती है। जिन लोगों के चालान लंबे समय से पेंडिंग हैं, उनके लिए यह एक आसान और किफायती रास्ता साबित होता है। 2026 में तय तारीखों पर आयोजित होने वाली लोक अदालतें दिल्ली वालों के लिए एक बार फिर बड़ा मौका लेकर आ रही हैं।

यमुना में क्रूज सेवा का रास्ता साफ, फरवरी से संचालन की तैयारी: कपिल मिश्रा

नवी मुंबई राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अगले महीने से यमुना क्रूज शुरू होने वाला है। यमुना क्रूज को लेकर सभी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी हैं और फरवरी महीने से दिल्लीवासी इसका आनंद उठा सकेंगे। दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने यह जानकारी दी। मंत्री कपिल मिश्रा ने सोमवार को यमुना क्रूज के लिए निर्माणाधीन नाव का निरीक्षण किया। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि गोवा की तर्ज पर मनोरंजनात्मक नौका यात्रा और फेरी सेवाएं अगले महीने से शुरू होंगी। उन्होंने बताया कि अस्थायी रूप से "यमुना रिवर संतोष क्रूज" नाम की यमुना नौका पर्यटन और फेरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का उद्घाटन अगले महीने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा किए जाने की संभावना है। उत्तर पूर्वी दिल्ली में सोनिया विहार और जगतपुर के बीच वजीराबाद बैराज के ऊपरी हिस्से में स्थित यह परियोजना दिल्लीवासियों को एक नया ग्रीन टूरिज्म अनुभव प्रदान करने और पर्यावरण के अनुकूल नदी यात्रा के माध्यम से कनेक्टिविटी बढ़ाने की उम्मीद है। कपिल मिश्रा ने आईएएनएस को बताया कि क्रूज बोट 20 जनवरी को मुंबई से रवाना होगी और 3 से 4 दिनों में दिल्ली पहुंचेगी। इसका इंजन दिल्ली में लगाया जाएगा और फरवरी में मुख्यमंत्री इसका शुभारंभ करेंगी। इसके साथ ही अन्य वॉटर स्पोर्ट्स एक्टिविटीज भी शुरू होने वाली हैं। मिश्रा ने कहा कि दिल्ली सरकार किफायती दामों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का शानदार अनुभव और मनोरंजन गतिविधियां उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। अंतर्देशीय जल परिवहन और कम दूरी के शहरी पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय सोनिया विहार और जगतपुर के बीच 6-7 किलोमीटर के राउंड-ट्रिप कॉरिडोर पर 20 करोड़ रुपए की लागत से सुविधाएं विकसित करने में दिल्ली सरकार की मदद कर रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कपिल मिश्रा ने 21 जून को सोनिया विहार में यमुना के किनारे स्थित वाटर स्पोर्ट्स क्लब में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग किया और क्रूज सर्विस शुरू करने की योजना की घोषणा की। मुख्यमंत्री गुप्ता ने 'यमुना के साथ योग' विषय पर योग किया और नदी को साफ रखने के अपने संकल्प को दोहराया। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है कि नालियों का अनुपचारित पानी नदी में न जाए और यमुना में बहने वाली हर बूंद स्वच्छ हो। उन्होंने कहा कि ‘योगा विद यमुना’ पहल के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि यमुना को साफ किया जा रहा है और जल्द ही नाव पर योग सत्रों के साथ-साथ क्रूज सेवाएं भी शुरू की जाएंगी। अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर इसी तरह की क्रूज सुविधा है, जिसमें दोपहर का भोजन या रात का खाना शामिल है। इसकी कीमत 1,000 रुपए से 2,000 रुपए के बीच हो सकती है।