samacharsecretary.com

बोर्ड परीक्षाओं की रैंकिंग में बड़ा बदलाव, बराबर नंबर पर उम्र नहीं करेगी फैसला : सीएम मान

चंडीगढ़  पंजाब में बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर्स की रैंकिंग तय करने के लिए आयु में अंतर (एज डिफरेंस) का नियम अब खत्म होगा। भविष्य में यदि एक से अधिक विद्यार्थियों के समान अंक आते हैं तो सभी को एक ही रैंक दी जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में व्यवस्था में बदलाव करने के निर्देश दिए हैं।  चंडीगढ़ में आयोजित सितारे जमीन पर कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने विद्यार्थियों के अनुभव सुने और अपने अनुभव भी साझा किए। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे। छात्रा ने उठाया मुद्दा कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा ने मुख्यमंत्री के समक्ष रैंकिंग व्यवस्था का मुद्दा उठाया। छात्रा ने बताया कि अमृतसर जिले में उसके सहित तीन छात्राओं ने समान अंक प्राप्त किए थे लेकिन आयु प्रमाण पत्र के आधार पर उन्हें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान दिया गया। इस कारण वह प्रथम स्थान हासिल नहीं कर सकी। छात्रा की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को नियमों में बदलाव करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समान अंक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थी टॉपर हैं और उनमें कोई अंतर नहीं किया जाना चाहिए। इसलिए भविष्य में समान अंक पाने वाले सभी विद्यार्थियों को समान स्थान और सम्मान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। पहले तीन टॉपर के हैं समान अंक मनीष सिसोदिया ने भी छात्रा के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य बच्चों को अपनी बात रखने और व्यवस्था में सुधार की मांग करने का साहस देना है। हाल ही में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा के परिणामों में भी ऐसा मामला सामने आया था। मानसा की सुपनीत कौर, लुधियाना की सुहानी चौहान और दिव्यांशी ने 500 में से 500 अंक हासिल किए थे। हालांकि तीनों के अंक समान थे लेकिन आयु के आधार पर उन्हें क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान दिया गया था। अब अगले सत्र से इस व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।   

गर्मी से राहत जारी! पंजाब में बारिश और आंधी का अलर्ट, पारा सामान्य से नीचे

पटियाला पंजाब में भीषण गर्मी से राहत का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने सोमवार से चार दिनों के लिए पंजाब में यलो अलर्ट जारी कर दिया है। इसके तहत पंजाब में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बारिश होगी।   रविवार को मौसम मुख्यता शुष्क रहने के चलते पंजाब के तापमान में 4.8 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। फिलहाल यह सामान्य से 7.8 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। पंजाब में सबसे अधिक 38 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में भी गर्मी से बचाव रहेगा।  विभाग के मुताबिक सोमवार को चार जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर व तरनतारन में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। वहीं, इन चार जिलों समेत कुल 10 जिलों में तेज हवाएं चलेंगी।  इन चार जिलों के अलावा फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा व मानसा जिले शामिल हैं। मंगलवार को तकरीबन पूरे पंजाब में ही मौसम खराब रहेगा और 40 से 50 किलोमीटर की गति से तेज हवाएं चलने के साथ बारिश होगी। पंजाब के न्यूनतम तापमान में 1.1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इससे अब यह सामान्य से 4.4 डिग्री नीचे पहुंच गया है। पंजाब में सबसे कम 18 डिग्री का न्यूनतम पारा बठिंडा का दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम पारा 33.5 डिग्री, लुधियाना का 31.8 डिग्री, पटियाला का 32.0 डिग्री, पठानकोट का 34.4 डिग्री, फाजिल्का का 33.7 डिग्री, फिरोजपुर का 33.3 डिग्री, होशियारपुर का 31.2 डिग्री, रूपनगर का 33.3 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 21.3 डिग्री, लुधियाना का 20.6 डिग्री, पटियाला का 21.2 डिग्री, पठानकोट का 22.2 डिग्री, फाजिल्का का 20.5 डिग्री, फिरोजपुर का 20.6 डिग्री, होशियारपुर का 20.8 डिग्री, रूपनगर का 23.1 डिग्री दर्ज किया गया।

पंजाब की राजनीति में हलचल तेज, बिक्रम मजीठिया पर केस के बाद घर पहुंची पुलिस

अमृतसर  थाना मजीठा से अकाली कार्यकर्ता को छुड़ाकर ले जाने के आरोप में वरिष्ठ अकाली नेता एवं पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया पर केस दर्ज कर लिया गया है। इसके बाद सोमवार को पंजाब पुलिस की टीम मजीठिया के अमृतसर स्थित आवास पर पहुंची। पुलिस की ओर से  विभिन्न स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई, जिसके लिए कई टीमों का गठन किया गया था। इन्हीं में से एक टीम मजीठिया के घर भी पहुंची। पुलिस टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अकाली कार्यकर्ता मौके पर एकत्रित हो गए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई। हालांकि पुलिस ने अपनी कार्रवाई जारी रखी और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। गौरतलब है कि मजीठा में उस समय विवाद खड़ा हो गया था जब अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एक पार्टी कार्यकर्ता जोबनप्रीत सिंह को हिरासत में लेने के बाद थाने में नहीं रखा, बल्कि उसे थाना प्रभारी के सरकारी आवास पर कमरे में बंद कर रखा गया है। सूचना मिलने पर बिक्रम सिंह मजीठिया अपने समर्थकों के साथ थाना मजीठा पहुंचे थे। वहां पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई। अकाली नेताओं का आरोप था कि संबंधित कार्यकर्ता को थाने में पेश नहीं किया गया। इसके बाद मजीठिया और उनके समर्थक उस सरकारी आवास पर पहुंचे जहां कार्यकर्ता को रखा गया था। वहां भी पुलिस और अकाली कार्यकर्ताओं के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। बाद में कार्यकर्ता के वहां से बाहर आने के बाद उसे समर्थक अपने साथ ले गए। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस कार्रवाई में हस्तक्षेप करने और हिरासत में लिए गए व्यक्ति को छुड़ाकर ले जाने सहित विभिन्न आरोपों के तहत मामला दर्ज किया। मामले में बिक्रम सिंह मजीठिया को भी नामजद किया गया है। इसी प्रकरण के सिलसिले में सोमवार को पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर दबिश दी और मजीठिया के आवास पर भी टीम पहुंची। दूसरी ओर, अकाली दल ने पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए इसका विरोध किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि उनके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।  

पंजाब में जल्द पक्की होगी 65 हजार कर्मचारियों की नौकरी, कैबिनेट ले सकती है बड़ा फैसला

चंडीगढ़. पंजाब में नगर निकाय चुनावों के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में सोमवार को पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है। खास बात यह है कि निकाय चुनावों के बाद शनिवार को भी मंत्रिमंडल की बैठक हुई थी और अब दो दिन के भीतर दूसरी बार कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है। सूत्रों के अनुसार बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार किया जा सकता है। इसके अलावा जनहित से जुड़े मुद्दों, विकास परियोजनाओं और लंबित प्रशासनिक मामलों पर भी चर्चा होने की संभावना है। कुछ विभागों की ओर से भेजे गए प्रस्तावों को मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जा सकता है। हालांकि सरकार की ओर से बैठक का विस्तृत एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि राज्य में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी। इसके साथ ही वित्तीय मामलों और विभागीय कार्यों से जुड़े मुद्दों पर भी मंत्रियों के साथ चर्चा हो सकती है। निकाय चुनावों के नतीजों के बाद यह लगातार दूसरी कैबिनेट बैठक है। ऐसे में सरकार की आगामी प्राथमिकताओं और प्रशासनिक रणनीति को लेकर भी बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि मंत्रिमंडल की बैठक में कौन-कौन से फैसले लिए जाते हैं और उनका राज्य की राजनीति तथा प्रशासन पर क्या असर पड़ता है। कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री आवास, सेक्टर-2, चंडीगढ़ में आयोजित होगी। बैठक के बाद सरकार की ओर से लिए गए फैसलों की जानकारी साझा की जाएगी। पक्की नौकरी का दमदार फॉर्मूला सरकार ने कर्मचारियों को रेगुलर करने का पारदर्शी और कड़ा ब्लूप्रिंट तैयार किया है. नियम के तहत जिन ग्रुप-C और ग्रुप-D के कर्मचारियों ने 5 साल की निरंतर सेवा पूरी कर ली है, उन्हें अब सीधे सरकारी ठेके के अधीन लाया जाएगा. वहीं, अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी करने वाले फायर सर्विस कर्मचारी, पी.एस.पी.सी.एल. लाइनमैन, सीवर वर्कर और सफाई कर्मचारियों को महज 3 साल की सेवा के बाद ही यह लाभ मिल जाएगा. इसके बाद, सरकारी ठेके पर 10 साल पूरे करने वाले कर्मचारियों को मंजूरशुदा खाली पदों पर पूरी तरह से ‘रेगुलर’ कर दिया जाएगा।  ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने का ऐलान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘पंजाब के 65,000 से अधिक कॉन्ट्रैक्ट वर्करों ने सूबे की सेवा में अपनी जिंदगी के कई-कई साल दिए हैं. इस फैसले के साथ पंजाब सरकार ने उन्हें वह दे दिया है, जो उनका हक है. अब कोई भी ठेकेदार इन कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच खड़ा नहीं होगा.’ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘इन कर्मचारियों को अब सीधा रोजगार, पूरा सम्मान और पक्की नौकरी का स्पष्ट रास्ता मिलेगा. पंजाब सरकार के विभागों और संस्थाओं में निजी ठेकेदारों के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारियों को सीधे राज्य सरकार की अपनी रोजगार प्रणाली के अधीन लाया जाएगा, जिससे बिचौलिया ठेकेदारी प्रथा समाप्त हो जाएगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब राज्य आउटसोर्स्ड पर्सनल (ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्टुअल एंगेजमेंट) बिल, 2026 के तहत आउटसोर्स्ड ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के कर्मचारियों, जिन्होंने पांच साल की निरंतर सेवा पूरी कर ली है, को सीधे सरकारी ठेके पर रोजगार के अधीन लाया जाएगा. जोखिम वाली श्रेणियों में काम करने वाले कर्मचारी तीन साल की सेवा पूरी करने के बाद योग्य हो जाएंगे. पांच साल की निरंतर आउटसोर्स्ड सेवा के बाद सीधे राज्य सरकार के अधीन रोजगार प्रदान किया जाएगा. इसके बाद सरकारी ठेके पर 10 साल सेवा पूरी करने के बाद, कर्मचारियों को रेगुलर मंजूरशुदा असामियों के विरुद्ध रेगुलर करने के लिए विचार किया जाएगा. दो नए कानून लाए जा रहे हैं, जिनमें से एक आउटसोर्स्ड रोजगार से सीधे राज्य सरकार के अधीन ठेके पर करने के लिए और दूसरा मंजूर खाली असामियों के विरुद्ध सरकारी ठेके से रेगुलर कैडर में करने के लिए है।  51 विभागों के 65 हजार कामगार को सरकारी नौकरी इस पहल के पैमाने को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ’51 विभागों में कुल 65,048 आउटसोर्स कामगार इस सुधार के दायरे में आते हैं और 26,000 से अधिक कामगार पहले लाभार्थियों में शामिल होंगे.’ उन्होंने आगे घोषणा की कि जीवन और स्वास्थ्य के लिए जोखिम से संबंधित ड्यूटी निभाने वाले कामगारों पर नीति के तहत तेजी से विचार किया जाएगा. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘जिन कामगारों की रोजाना ड्यूटी में खतरा होता है, उन्हें पांच साल की बजाय तीन साल बाद विचार किया जाएगा. इनमें फायर सर्विसेज कर्मचारी, पी.एस.पी.सी.एल. लाइनमैन, सीवर वर्कर, शहरी स्थानीय संस्थाओं के सेनिटेशन कर्मचारी, कूड़ा-कर्कट संभालने वाले कर्मचारी और फील्ड शिकायत स्टाफ शामिल हैं।  लाभार्थी में किस विभाग से कौन-कौन? लाभ लेने वाले विभागों का विवरण देते हुए बयान में कहा गया है कि सुधार में बिजली क्षेत्र के 15,753 कर्मचारियों को शामिल किया गया है, जिसमें शिकायतों का समाधान करने वाला स्टाफ, पैसको कर्मचारी, मीटर रीडर और नोडल सेंटर वर्कर शामिल हैं. स्थानीय सरकार विभाग के 8,436 कर्मचारी, जिनमें मुख्य रूप से सफाई कर्मचारी, चीनी मिलों, स्पिनफेड और मार्कफेड समेत सहकारी संस्थाओं के 8,373 कामगार; स्कूल शिक्षा के 7,704 कर्मचारी, परिवहन विभाग के 4,746 कर्मचारी और 1,472 आउटसोर्स्ड फायर कर्मचारी शामिल हैं।  इसके अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के 2,688 कर्मचारी, जल आपूर्ति और सेनिटेशन के 1,575 कर्मचारी, कृषि के 1,533 कर्मचारी, जेलों के 1,311 कर्मचारी, तकनीकी शिक्षा के 1,251 कर्मचारी, पी.डब्ल्यू.डी. (बी एंड आर) के 1,570 कर्मचारी, सामान्य प्रशासन विभाग के 1,322 कर्मचारी और मेडिकल शिक्षा के 1,231 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।  ठेकेदारी खत्म, मजदूर-मालिक के बीच और कोई नहीं मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘मजदूरों का अब मालिकों से सीधा संपर्क होगा. इस प्रणाली में अब ठेकेदारों के लिए कोई जगह नहीं होगी.’ मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘मेहनताने के बिना किसी एजेंसी की कटौती या कमीशन के सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में जमा की जाएंगी. कर्मचारियों को हर कैलेंडर वर्ष में कानूनी प्रसूति लाभ और 10 दिनों की कैजुअल छुट्टी मिलेगी. वे बायोमेट्रिक हाजिरी और आई.एच.आर.एम.एस. प्रणालियों के अधीन भी कवर किए जाएंगे।  काम में पारदर्शिता, मनमानी पर कार्रवाई कर्मचारियों की सुरक्षा के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यहां पारदर्शिता और मनमानी वाली कार्रवाई नहीं चलेगी. किसी भी कर्मचारी को लिखित कारण … Read more

IIT का सपना हुआ और करीब, JEE Advanced में जालंधर के सिफ्त का शानदार प्रदर्शन

 जालंधर  देश की प्रतिष्ठित तकनीकी शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश का रास्ता खोलने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा एडवांस्ड 2026 का परिणाम घोषित कर दिया गया है। परिणाम जारी होते ही विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। शहर के विद्यार्थियों ने भी इस कठिन परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता का परचम लहराया है। ला ब्लॉसम स्कूल के विद्यार्थी सिफ्त मोंगा ने अखिल भारतीय स्तर पर 722वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। वहीं इनोसेंट हार्ट स्कूल के तनीष शर्मा ने 4146वीं अखिल भारतीय रैंक प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। दोनों विद्यार्थियों की उपलब्धि से उनके परिवारों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन में खुशी का माहौल है। 17 मई को हुई थी परीक्षा संयुक्त प्रवेश परीक्षा एडवांस्ड 2026 का आयोजन 17 मई 2026 को किया गया था। परीक्षा दो अलग-अलग सत्रों में आयोजित हुई थी। इस वर्ष परीक्षा के संचालन की जिम्मेदारी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के पास थी। देशभर से लाखों विद्यार्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया था, जिनमें से सफल विद्यार्थियों को अब देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में दाखिले का अवसर मिलेगा। संयुक्त प्रवेश परीक्षा एडवांस्ड को देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है। इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में योग्य विद्यार्थियों का चयन करना है। परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले अभ्यर्थियों को अब अगले चरण यानी काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेना होगा। काउंसलिंग प्रक्रिया जल्द होगी शुरू परिणाम घोषित होने के बाद अब संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण की ओर से काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सफल अभ्यर्थियों को अपनी रैंक और पसंद के अनुसार संस्थानों तथा पाठ्यक्रमों का चयन करना होगा। इसके बाद सीट आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसी प्रक्रिया के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के साथ-साथ अन्य सहभागी तकनीकी संस्थानों में प्रवेश मिलेगा। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि काउंसलिंग के दौरान विद्यार्थियों को अपनी रैंक, रुचि और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए विकल्प भरने चाहिए। सही निर्णय से उन्हें अपनी पसंद के संस्थान और पाठ्यक्रम में प्रवेश मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

Punjab Road Accident: सड़क किनारे चल रहीं महिलाओं को वाहन ने कुचला, गर्भवती महिला ने तोड़ा दम

नूरमहल/चंडीगढ़. जालंधर के नूरमहल में एक भयानक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक अनजान गाड़ी ने पैदल जा रही तीन महिलाओं को टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में छह महीने की गर्भवती महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। मृत महिला की पहचान नकोदर रोड कॉलोनी की रहने वाली मनप्रीत कौर के रूप में हुई है। उसके पति जसपाल जस्सी ने बताया कि हादसा रात करीब 9:30 बजे हुआ। परिवार के लोग रोज की तरह खाना खाने के बाद टहलने निकले थे। जब वे मिशर पेट्रोल पंप के पास सड़क पार कर रहे थे, तो एक तेज रफ्तार अनजान गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी। मनप्रीत कौर अपने पीछे 6 साल का बेटा छोड़ गई है। हादसे में घायल दो अन्य महिलाओं की पहचान किरण और जोगिंद्रो के रूप में हुई है। किरण के सीने पर गंभीर चोटें आई हैं और जोगिंद्रो के पैर टूट गए हैं। दोनों को जालंधर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। थाना नूरमहल इंचार्ज लाभ सिंह ने बताया कि पुलिस को शिकायत मिली है। पुलिस आरोपी ड्राइवर की पहचान के लिए इलाके के CCTV कैमरे चेक कर रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही गाड़ी की पहचान कर ली जाएगी और ड्राइवर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गुरिंदर सिंह ढिल्लों और CM सैनी की मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल

चंडीगढ़. डेरा ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से उनके कैंप ऑफिस में मुलाकात की। इस मुलाकात से पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले संभावित चुनावी गठबंधनों को लेकर नई राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, अधिकारियों और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से जुड़े लोगों ने इस मुलाकात के राजनीतिक महत्व को कम करके दिखाने की कोशिश की और इसे सामाजिक शिष्टाचार और धार्मिक नेताओं के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया, लेकिन इस मुलाकात सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब सैनी को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रमुख चेहरों में से एक के तौर पर पेश किया जा रहा है। उन्हें चुनावों से पहले पंजाब में पार्टी की मौजूदगी और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने का काम सौंपा गया है। इस भूमिका में सैनी लगातार पंजाब का दौरा भी कर रहे हैं। सीएम ने शेयर की तस्वीरें हरियाणा मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपने आधिकारिक एक्स एकाउंट से तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, 'डेरा ब्यास प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों जी का आज संत कबीर कुटीर पधारने पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर उनसे शिष्टाचार भेंट कर सपरिवार आशीर्वाद प्राप्त किया।' इस मुलाकात का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि इससे कुछ समय पहले ही बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने पंजाब की एक जेल में पूर्व अकाली नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया से भेंट की थी। उस मुलाकात ने भी पूरे राज्य में राजनीतिक चर्चाओं और अटकलों को जन्म दिया था। राजनीतिक हलचल हुई तेज कैंप ऑफिस में की शिष्टाचार मुलाकात। सीएम कार्यालय ने इस सामाजिक शिष्टाचार से जुड़ी मुलाकात बताया। सीएम सैनी ने एक्स पर लिखा, उनसे शिष्टाचार भेंट कर सपरिवार आशीर्वाद प्राप्त किया। सीएम सैनी इन दिनों पंजाब में कई बार दौरा कर चुके हैं। इससे पहले बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने बिक्रमजीत सिंह मजीठिया से भी मुलाकात की थी। साल 2027 के शुरुआत में पंजाब विधानसभा चुनाव होने हैं।       बता दें कि डेरा ब्यास को इस क्षेत्र के सबसे प्रभावशाली धार्मिक संप्रदायों में से एक माना जाता है। पूरे उत्तर भारत में, विशेष रूप से पंजाब में, इसके बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। हरियाणा विधानसभा चुनावों से पहले, BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी विभिन्न डेरों और संप्रदाय प्रमुखों से जुड़ने के लिए एक विशेष टीम तैनात की थी।

Illegal Mining के खिलाफ पंजाब पुलिस का अभियान तेज, कई जगहों पर कार्रवाई

हाजीपुर. हाजीपुर पुलिस द्वारा इलाके में अवैध माइनिंग (खनन) करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किए जाने का समाचार प्राप्त हुआ है। इस संबंध में जानकारी देते हुए हाजीपुर थाने की एस.एच.ओ. इंस्पेक्टर अमरजीत कौर ने बताया कि मुकेरियां के माइनिंग इंस्पेक्टर हरदीप सिंह द्वारा पुलिस को एक एंडोर्समेंट शुदा शिकायत दी गई थी। शिकायत मिलने के बाद हाजीपुर पुलिस के ए.एस.आई. रविंदर सिंह ने अपनी पुलिस पार्टी के साथ तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस की जांच के दौरान गांव निक्कूचक की जमीन में टिपर और पोकलेन मशीन की मदद से नाजायज (अवैध) तौर पर माइनिंग होती पाई गई। माइनिंग इंस्पेक्टर हरदीप सिंह की शिकायत और मौके के हालात को देखते हुए हाजीपुर पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की अगली कार्रवाई और उचित कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

चुनावी जश्न के बाद पंजाब में बड़ा एक्शन, अकाली नेता समेत कई आरोपी नामजद

खन्ना/लुधियाना. नगर कौंसिल चुनाव के नतीजों के बाद लुधियाना जिले के खन्ना कस्बे में सियासी तनाव खुलकर सामने आ गया। जीत की खुशी दौरान हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद पुलिस को सख्त कदम उठाने पड़े। इस प्रकरण में शिरोमणि अकाली दल से जुड़े नेता हरदीप सिंह उर्फ हनी रोशा और उनके भतीजे करण रोशा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वार्ड नंबर 30 से जीत दर्ज करने के बाद हनी रोशा समर्थकों के साथ क्षेत्र में जश्न मना रहे थे। इसी दौरान जुलूस आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी प्रदीप कुमार उर्फ सोनू जौहर के घर के पास पहुंच गया। यहां तेज आवाज में गाने बजाने और पटाखे चलाने को लेकर दोनों पक्षों में पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते झगड़े में बदल गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विवाद के दौरान कुछ लोग जबरन घर के भीतर घुस गए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। मामले में महिला के साथ अभद्र व्यवहार और गर्भवती महिला से धक्का-मुक्की के आरोप भी लगाए गए हैं। घटना की सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। खन्ना पुलिस ने फुटेज और शिकायत के आधार पर दो दर्जन से ज्यादा लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। फिलहाल मुख्य आरोपी हनी रोशा और करण रोशा को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

गुरिंदरवीर के रिकॉर्ड की PM मोदी ने की तारीफ, ‘मन की बात’ में जानना चाहा जीत का मंत्र

जालंधर. पंजाब के जालंधर के युवा धावक गुरिंदरवीर सिंह ने अपनी रफ्तार से देशभर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हाल ही में रांची में आयोजित राष्ट्रीय फेडरेशन कप एथलेटिक्स प्रतियोगिता में गुरिंदरवीर सिंह ने 100 मीटर दौड़ महज 10.09 सेकंड में पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में गुरिंदरवीर सिंह की खुलकर सराहना की और उनसे सीधे बातचीत कर उनके संघर्ष और सफलता की कहानी देशवासियों तक पहुंचाई। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि रांची में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटे, लेकिन पुरुष 100 मीटर दौड़ में दो दिनों के भीतर तीन बार रिकॉर्ड टूटना पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। इसी उपलब्धि के कारण गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया। भारतीय नौसेना में ऑफिसर हैं गुरविंदर बातचीत के दौरान गुरिंदरवीर सिंह ने बताया कि वह भारतीय नौसेना में पेटी ऑफिसर हैं और उनका सपना ट्रैक पर भी देश का नाम रोशन करना तथा वर्दी में भी राष्ट्र सेवा करना है। उन्होंने बताया कि उनके पिता और दादा दोनों खिलाड़ी रहे हैं। बचपन में जब वह उनके पदक और ट्रॉफियां साफ करते थे, तभी उनके मन में भी खिलाड़ी बनने का सपना जागा। गुरिंदरवीर ने प्रधानमंत्री को बताया कि एक समय ऐसा भी था जब लोगों ने उन्हें कहा कि 100 मीटर दौड़ भारतीय खिलाड़ियों के लिए उपयुक्त स्पर्धा नहीं है। कई लोगों का मानना था कि भारतीय धावक इस स्पर्धा में विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते। लेकिन उनके पिता ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने और असंभव को संभव करने की प्रेरणा दी। यही विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। संघर्ष व अनुशासन को बताया सफलता का राज प्रधानमंत्री ने जब उनसे सफलता का राज पूछा तो गुरिंदरवीर ने कहा कि संघर्ष, अनुशासन, परिवार का सहयोग और प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन उन्हें लगातार आगे बढ़ाता रहा। हार और चोट के दौर में भी परिवार ने उनका मनोबल नहीं टूटने दिया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने दोनों खिलाड़ियों की खेल भावना की भी सराहना की। गुरिंदरवीर ने बताया कि मैदान के बाहर वह और अनिमेष अच्छे मित्र हैं, लेकिन प्रतियोगिता के दौरान दोनों एक-दूसरे को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं। यही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भारतीय दौड़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत के अंत में गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि दोनों खिलाड़ी भविष्य में भी देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन करेंगे। ‘मन की बात’ में मिली इस विशेष पहचान के बाद पंजाब ही नहीं, पूरे देश के खेल प्रेमियों में गुरिंदरवीर सिंह की उपलब्धि को लेकर गर्व का माहौल है। साथियो, एक स्पर्धा जिसकी पूरे देश में सबसे अधिक चर्चा हुई, वह थी 100 मीटर दौड़। महज दो दिनों के भीतर पुरुष 100 मीटर दौड़ का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा। यह उपलब्धि हासिल करने वाले दो खिलाड़ी हैं—गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर। मैंने सोचा कि इस बार ‘मन की बात’ में इन दोनों खिलाड़ियों से बातचीत की जाए, ताकि देशवासी इनके संघर्ष और सफलता की कहानी सुन सकें। प्रधानमंत्री: अनिमेष जी नमस्कार। गुरिंदरवीर जी, आपको भी नमस्कार, सत श्री अकाल। अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह: नमस्कार सर। प्रधानमंत्री: आप दोनों ने अद्भुत उपलब्धि हासिल की है। संगीत में तो जुगलबंदी के बारे में सुना था, लेकिन खेल में इस तरह की सकारात्मक प्रतिस्पर्धा कम ही देखने को मिलती है। आप दोनों ने एक-दूसरे को चुनौती दी और फिर उससे आगे निकलने का प्रयास किया। मैं चाहता हूं कि ‘मन की बात’ के श्रोता आपके बारे में अधिक जानें। पहले अनिमेष जी, आप अपने बारे में बताइए। अनिमेष कुजूर: सर, मेरा नाम अनिमेष कुजूर है। मैं 200 मीटर और 400 मीटर स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हूं। मेरा संबंध छत्तीसगढ़ से है और वर्तमान में मैं ओडिशा की ओर से खेलता हूं। पिछले वर्ष मैं एशियाई प्रतियोगिता और विश्व विश्वविद्यालय खेलों में पदक जीतकर लौटा था। मैंने वर्ष 2021 में एथलेटिक्स की शुरुआत की। उससे पहले मैं सैनिक विद्यालय, अंबिकापुर में पढ़ता था और फुटबॉल खेलता था। कोविड काल के दौरान मेरे माता-पिता मुझे बाहर जाकर दौड़ने और खेलने की अनुमति देते थे। बाद में मेरे मित्रों ने मुझे राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। मुझे यह भी नहीं पता था कि वहां से राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन होगा। वहीं से मेरा चयन हुआ और आज मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। प्रधानमंत्री: बहुत अच्छा। अब गुरिंदरवीर जी, आप अपनी कहानी बताइए। गुरिंदरवीर सिंह: नमस्कार सर। मेरा नाम गुरिंदरवीर सिंह है। मैं भारतीय नौसेना में पेटी ऑफिसर हूं और हाल ही में मैंने 100 मीटर दौड़ में 10.09 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। मैं पहला भारतीय हूं जिसने 10.1 सेकंड की बाधा को पार किया है। मेरा प्रयास है कि मैं ट्रैक पर भी और वर्दी में भी देश की सेवा करूं। मेरे पिता और दादा दोनों खिलाड़ी रहे हैं। बचपन में जब भी घर की सफाई होती थी, मैं उनके पदक और ट्रॉफियां साफ करता था। उन्हें देखकर मेरे मन में जिज्ञासा पैदा होती थी कि ये सम्मान कैसे मिले। तब मेरे पिता मुझे अपनी खेल यात्राओं की कहानियां सुनाते थे। वहीं से मेरे भीतर भी खिलाड़ी बनने का सपना पैदा हुआ। वे सुबह दौड़ने जाते थे, तो मैं भी उनके साथ जाने लगा। उन्होंने जो कुछ खेलों से सीखा था, वह मुझे सिखाना शुरू किया। इसी दौरान मैंने उसेन बोल्ट को विश्व रिकॉर्ड बनाते देखा। तब मैंने अपनी मां से मजाक में कहा था कि आज आप मुझे टेलीविजन देखने नहीं दे रहीं, लेकिन एक दिन ऐसा आएगा जब आप मुझे टेलीविजन पर खोजेंगी। आज जब मेरी मां मुझे दौड़ते हुए देखती हैं तो मुझे बहुत खुशी होती है। हम एक मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। मेरे पिता वॉलीबॉल खिलाड़ी थे, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उन्हें खेल छोड़ना पड़ा। उनका अधूरा सपना उन्होंने मेरे भीतर देखा। वे हमेशा कहते थे कि सपने केवल देखने से पूरे नहीं होते, उनके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। वे मुझे मिल्खा … Read more