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नैन्सी ग्रेवाल का आखिरी वीडियो वायरल, लाल बैग लेकर घर से निकलीं, बहन का इमोशनल संदेश

चंडीगढ़  कनाडा में हत्या का शिकार हुई पंजाबी इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल का आखिरी वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में नैन्सी लाल कार में बैठने से पहले हाथ में लाल बैग लिए घर से निकलती दिखाई दे रही है। यह वीडियो उनकी बहन अलीशा ग्रेवाल ने इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए लिखा- आई मिस यू सिस्टर एवरी सिंगल डे।  चार मार्च की रात करीब साढ़े 9 बजे हमलावरों ने नैन्सी पर चाकू से हमला कर दिया था। कैनेडियन पुलिस के अनुसार, हमले के दौरान वह जान बचाने के लिए भागी, लेकिन हमलावरों ने कई वार किए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।   हरियाणा में जन्मी नैन्सी का परिवार बाद में पंजाब के लुधियाना और फिर जालंधर में रहा। वह कनाडा के विंडसर इलाके में रहती थी। वीडियो में वह 4 मार्च को दोपहर 3:02 बजे काम पर जाते हुए नजर आती है। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उसकी जिंदगी का आखिरी सफर होगा। बता दें कि 4 मार्च को चाकू मारकर नैन्सी की हत्या कर दी गई थी। कैनेडियन पुलिस के मुताबिक रात करीब साढ़े 9 बजे हमलावर घर में घुसे। उस समय नैन्सी अपनी किसी बुजुर्ग पेशेंट को देखने के लिए गई थी। जब हमला हुआ तो वह जंगल की तरफ भागी। जहां 2 हमलावरों ने उसके पेट में कई बार चाकू से वार किए। पुलिस ने पहुंचकर नैन्सी को अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। नैन्सी का जन्म हरियाणा में हुआ था। लेकिन बाद में उनका परिवार लुधियाना फिर जालंधर शिफ्ट हो गया। वह कनाडा के विंडसर इलाके में रहती थी। वीडियो में क्या दिख रहा… अलीशा की तरफ से अपलोड किए वीडियो में साफ दिख रहा है कि नैन्सी 4 मार्च को 3 बजकर 2 मिनट पर अपने काम पर जा रही है। नैन्सी ने ब्लैक टॉप पहन रखा है और हाथ में बैग पकड़े हुए घर से बाहर निकल रही है। इसके बाद वह लॉन में पार्क की गई अपनी लाल कार में बैठती है और निकल जाती है। इसके बाद से नैन्सी कभी घर नहीं लौटी। बहन बोली- मैं तुम्हें हर रोज मिस करती हूं नैन्सी नैन्सी ग्रेवाल की बहन अलीशा ने अपने इंस्टा अकाउंट पर वीडियो शेयर कर लिखा कि नैन्सी मैं तु्म्हें हर रोज मिस करती हूं। ये उस दिन का लास्ट वीडियो है जब रात को नैन्सी का कत्ल कर दिया गया। काम पर जाने से पहले वो अपने घर में टहल रही है। वह कभी नहीं जानती थी कि आज के बाद इस घर में लौटकर आएगी। कनाडा पुलिस ने खालिस्तानी लिंक स्वीकार किया नैन्सी ग्रेवाल की हत्या को लगभग 1 महीना होने को है। लेकिन अभी तक कोई भी कातिल नहीं पकड़ा गया है। कनाडा पुलिस ने शुरुआती जांच में खालिस्तानी लिंक होने से मना कर दिया था। लेकिन अब खालिस्तानी लिंक होने की बात स्वीकार करते हुए इस एंगल से भी जांच को आगे बढ़ाया है। हालांकि खालिस्तानी आतंकी पन्नू ने वीडियो जारी कर दावा किया था कि नैन्सी की हत्या के पीछे सिख फॉर जस्टिस का कोई हाथ नहीं है। खालिस्तान और पंजाब मुद्दों पर बोलती थी नैन्सी नैन्सी खालिस्तानियों के साथ ही पंजाब के हर मुद्दे पर बात करती थी। कत्ल से पहले अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया के नाभा जेल से बाहर आने पर डेरा राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों पर भी तीखी टिप्पणी की थी। इसके अलावा श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गड़गज के खिलाफ भी वीडियो अपलोड किए थे। थ्रेट के चलते उसने कुछ हफ्तों से सोशल मीडिया पर वीडियो डालने भी बंद कर दिए थे।

PSEB Class 8th Result 2026: जानें कब आएगा पंजाब बोर्ड का रिजल्ट और कैसे करें चेक

चंडीगढ़  पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (PSEB) के छात्रों का इंतजार अब खत्म होने वाला है. कक्षा 8वीं के बोर्ड एग्जाम का रिजल्ट इस महीने के आखिर तक जारी हो सकता है. एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है PSEB के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि क्लास 8वीं का रिजल्ट जल्‍द ही घोषित किया जाएगा.वहीं क्लास 5वीं की बोर्ड परीक्षा पिछले दो साल से नहीं हो रही है इसलिए इस बार भी 5वीं का रिजल्ट नहीं आएगा।  8वीं की परीक्षा कब हुई थी? पंजाब बोर्ड कक्षा 8वीं की परीक्षा 17 फरवरी 2026 से 27 फरवरी 2026 तक पेन-पेपर मोड में पूरे पंजाब में आयोजित की गई थी. अब छात्र अपने स्कोरकार्ड का इंतजार कर रहे हैं।  क्‍या कहता है पिछले पांच सालों का ट्रेंड? हालांकि PSEB ने अभी कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन पिछले सालों के ट्रेंड को देखें तो रिजल्ट अप्रैल के पहले हफ्ते में आ सकता है. पिछले कुछ सालों में रिजल्ट की तारीखों की बात करें तो वर्ष 2025 में 4 अप्रैल को रिजल्‍ट आया था इसी तरह 2024 में आठवीं का रिजल्‍ट 30 अप्रैल को और 2023 में 28 अप्रैल को रिजल्‍ट घोषित किया गया था. 2022 में 2 जून और 2021 में 17 मई को रिजल्‍ट जारी किया गया था. इन आंकड़ों से साफ है कि ज्यादातर बार अप्रैल के पहले या आखिरी हफ्ते में नतीजे आ जाते हैं इसलिए इस बार भी अप्रैल के पहले सप्ताह में रिजल्ट आने की मजबूत संभावना है।  रिजल्ट कैसे चेक करें? रिजल्ट जारी होते ही छात्र इसे आसानी से ऑनलाइन देख सकेंगे. 1. PSEB की आधिकारिक वेबसाइट pseb.ac.in पर जाएं. 2. होमपेज पर Results सेक्शन में जाएं. 3. PSEB Class 8th Result 2026 लिंक पर क्लिक करें. 4. अपना रोल नंबर या पूरा नाम दर्ज करें. 5. सबमिट करने के बाद आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा. रिजल्ट DigiLocker पर भी उपलब्ध होगा जहां छात्र अपनी डिजिटल मार्कशीट आसानी से डाउनलोड कर सकेंगे. मार्कशीट में क्या-क्या जानकारी होगी? डिजिटल मार्कशीट में निम्नलिखित डिटेल्स होंगी: – विषय-वार अंक – कुल अंक – पास/फेल स्टेटस – छात्र का नाम, रोल नंबर आदि पिछले साल का प्रदर्शन कैसा रहा? पिछले साल 2025 में कक्षा 8वीं का पास प्रतिशत 97.30% रहा जो 2024 के 98.31% से थोड़ा कम था.लड़कियों का पास प्रतिशत 98.9% और लड़कों का पास प्रतिशत 96.49% रहा.2025 के रिजल्‍ट में पहले स्‍थान पर 600 में 600 अंकों के साथ पुनीत वर्मा रहे और दूसरे स्‍थान पर नवजोत कौर रहे दोनों के बराबर अंक थे लेकिन उम्र और टाई नियमों के आधार पर उन्‍हें दूसरी रैंक दी गई वहीं तीसरे स्‍थान पर नवजोत कौर रहीं उन्‍होंने 600 में से 599 अंक हासिल किया था. 2024 में कुल 2,91,917 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे जिनमें से 2,86,987 पास हुए थे .PSEB की आधिकारिक वेबसाइट पर ही रिजल्ट चेक करें. फर्जी वेबसाइटों या लिंक्स से बचें। .

स्कूलों पर गिरेगी गाज: CBSE ने LOC के बहाने फीस लेने पर कड़ा रुख अपनाया

लुधियाना. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) के नोटिस में यह गंभीर मामला आया है कि कई राज्यों में स्कूल एलओसी (लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स) जमा करने के नाम पर विद्यार्थियों से ट्यूशन फीस की मांग कर रहे हैं। बोर्ड ने इसे पूरी तरह से नियम विरुद्ध बताते हुए स्पष्ट किया है कि पहले चरण में एलओसी के लिए कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। बोर्ड के अनुसार, स्कूलों द्वारा केवल वही परीक्षा फीस ली जा सकती है जो सर्कुलर में पहले से तय है। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ बोर्ड सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। जानकारी के अनुसार बोर्ड ने अभी सिर्फ एलओसी मांगी है ताकि परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों की सही संख्या का पता चल सके। जब विद्यार्थी अपने सब्जेक्ट्स का चयन करेंगे, तभी उन्हें तय किया गया फीस देनी होगी। मई में होगी दूसरी बोर्ड परीक्षा नई शिक्षा नीति 2020 के तहत पहली बार मई में दूसरी बोर्ड परीक्षा आयोजित होने जा रही है। इस परीक्षा में विद्यार्थी विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा जैसे अधिकतम 3 सब्जेक्ट्स में अपना स्कोर सुधारने (इम्प्रूवमेंट) के लिए आवेदन कर सकते हैं। एलओसी प्रक्रिया का पहला चरण 31 मार्च तक था, जबकि दूसरा चरण मुख्य परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद शुरू होगा। इसके बाद तीसरे चरण में लेट फीस के साथ विद्यार्थियों को एक और मौका दिया जाएगा। परीक्षा के लिए एलिजिबिल्टी और नियम इस विशेष परीक्षा में केवल वही विद्यार्थी बैठ सकते हैं जो पहली मुख्य परीक्षा में शामिल हुए हों और जिन्होंने कम से कम तीन सब्जेक्ट्स की परीक्षा दी हो। बोर्ड ने साफ किया है कि जो छात्र मुख्य परीक्षा में तीन या अधिक सब्जेक्ट्स में फेल या एब्सेंट रहे हैं, वे इस परीक्षा के पात्र नहीं होंगे। कंपार्टमेंट वाले विद्यार्थी भी इसमें शामिल हो सकते हैं, लेकिन एलओसी में किसी भी नए विद्यार्थी का नाम नहीं जोड़ा जा सकेगा। यदि कोई छात्र फॉर्म भरने के बाद परीक्षा में शामिल नहीं होता है, तो मुख्य परीक्षा के अंकों के आधार पर ही उसका फाइनल रिजल्ट घोषित किया जाएगा।

तनाव का असर आम जनता पर: सीमावर्ती इलाकों में बिगड़ा किचन बजट

अमृतसर. भले ही अमेरिका, ईरान और इजराइल जैसे देशों पर जंग के मैदान सजे हों, लेकिन इसकी तपिश अब हजारों मील दूर भारत और खासकर पवित्र शहर अमृतसर में महसूस की जा रही है। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव ने दुनिया भर में सप्लाई चेन पर जहां असर डाला है। वहीं इसका सीधा असर अमृतसर के बाजारों और आम आदमी की जेब पर पड़ता दिख रहा है। विगत कुछ ही दिनों में खाने-पीने के खाद्य पदार्थों के अलावा रोजाना में प्रयोग होने वाली सभी चीजों पर खासा असर पड़ा है और लगभग सभी चाजों के दामों में वृद्धी आंकी जा रही है। इससे लोग काफी सकते में पंड़ चुके हैं कि आखिर वे करें भी तो क्या? और रोजाना की जरूरतों के दाम बढ़ गए हैं। बॉर्डर एरिया होने से दोहरी मार  अमृतसर एक बॉर्डर जिला है और इसकी इकॉनमी का एक बड़ा हिस्सा ट्रेड और टूरिज्म पर निर्भर करता है। जंग के हालात की वजह से इंटरनेशनल मार्किट में क्रूड ऑयल के दाम बढ़ गए हैं, जिससे माल ढुलाई बहुत महंगी हो गई है। इसका सीधा असर बाहरी राज्यों से आने वाली सब्जियों और दालों पर पड़ रहा है। अमृतसर की बड़ी सब्जी मंडी (वल्ला मंडी), लोहगढ़ की सब्जी की फड़ियो वाली मंडी के अलावा छेहरटा सब्जी मंडी में जहां सभी सबिज्यों के दाम आसमान छू चुके हैं, जिससे आम लोगों के बीच दामों को अब सब्जियों का जायका लेना काफी दूभर हो चुका है। इसके अलावा खाने-पीने वाले सभी पदार्थ व अन्य सामान भी अब महंगे दामों पर बिक रहा है। बर्तन और तेल के दाम बढ़े ईरान और उसके आस-पास के इलाकों से क्रूड ऑयल व खरेलू गैस एल.पी.जी की सप्लाई प्रभावित होने से माल-ढुलाई में खासा असर पड़ रहा है। इसको लेकर सप्लाई पर असर पड़ने के डर से कंपनियों ने खाने के तेलों (रिफाइंड और सरसों का तेल) के दाम 5 से 10 परसैंट बढ़ा दिए हैं। अमृतसर के बड़े बाजारों जैसे मजीठ मंडी और दाल मंडी के व्यापारियों का कहना है कि अगर लड़ाई और बीस-पच्चीस दिन लंबी चली तो फिर दालों और चीनी आदि के दाम और बढ़ सकते हैं। घरेलू रसोई गैस और पैट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का डर लोगों को अभी से सताने लगा है। टूरिज्म और होटल इंडस्ट्री पर मंदी का खतरा अमृतसर एक वर्ल्ड-क्लास टूरिज्म हब है। इंटर नैशनल फ्लाइट्स के रूट बदलने और फ्यूल के बढ़ते दामों की वजह से हवाई किराए बढ़ गए हैं। इससे श्री हरिमंदिर साहिब आने वाले विदेशी और एन.आर.आई श्रद्धालुओं की संख्या में भी काफी कमी आंकी जा रही है। होटल मालिकों के मुताबिक अगर महंगाई इसी तरह बढ़ती गई तो होटल के कमरों और खाने के रेट बढ़ा जाएंगे, जिससे शहर के टूरिज्म बिजनेस को बड़ा झटका लगेगा। इसके अलावा होटल वालों के लिए गैस सिलैंडर अब सबसे बड़ी समस्या बन चुके हैं। कई होटलों व ढाबों वालों ने गैस की किल्लत के कारण डीजल की भटि्टयों की ओर रूख किया है, जिससे उनकी खाना बनाने की लागत काफी बढ़ चुकी है। अब वो कब तक मूल्य स्थिर रख सकेगें, ये तो समय के गर्भ में है। ड्राई फ्रूट्स और ट्रेड पर असर  अमृतसर को ड्राई फ्रूट्स ट्रेड का हब माना जाता है। युद्ध के रास्तों की वजह से अब अफगानिस्तान और मिडिल ईस्ट के देशों से आने वाला सामान रुक रहा है। इससे बादाम, काजू और किशमिश जैसी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। ट्रेडर्स का कहना है कि स्टॉक कम हो रहा है और डिमांड बढ़ रही है, जिससे आने वाले त्योहारों के सीजन में ये चीजें आम लोगों के लिए खरीदना मुश्किल हो सकता है। स्थानीय लोगों और एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत जैसे देश के लिए, जो अपनी 80 परसैंट से ज्यादा तेल की जरूरतों के लिए इंपोर्ट पर निर्भर है, यह युद्ध किसी आर्थिक सुनामी से कम नहीं है। अमृतसर में मिडिल क्लास परिवारों का कहना है कि पहले से ही नौकरियों की कमी है और अब महंगाई ने उनकी कमर तोड़ दी है। अगर सरकार ने तुरंत कदम नहीं उठाए और युद्ध जारी रहा, तो अमृतसर के हर घर का बजट पूरी तरह से बिगड़ जाएगा।

पंजाब के किसानों को मिला सुनहरा अवसर, 24 अप्रैल तक करें काम, समय घट रहा है

 गुरदासपुर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पंजाब द्वारा पराली के उचित प्रबंधन के लिए उपयोग में लाई जाने वाली मशीनों पर सब्सिडी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में गुरदासपुर के मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. रणधीर सिंह ठाकुर ने बताया कि इच्छुक किसान विभाग के पोर्टल agrimachinerypb.com के माध्यम से 1 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 शाम 5 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। डॉ. ठाकुर ने बताया कि सरकार की ओर से निजी तौर पर मशीनें खरीदने वाले किसानों को 50 प्रतिशत तक और किसान समूहों या सोसायटियों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। इस योजना का लाभ जनरल और एससी श्रेणी के सभी किसान उठा सकते हैं। सब्सिडी के तहत मिलने वाली मशीनों में सुपर एसएमएस, हैपी सीडर, सुपर सीडर, स्मार्ट सीडर, जीरो टिल ड्रिल, बेलर, रेक और मल्चर सहित कई आधुनिक उपकरण शामिल हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा पहले भी करोड़ों रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है, जिससे किसानों में जागरूकता आई है और उन्होंने पराली जलाने के बजाय उसे खेतों में ही प्रबंधित करना शुरू कर दिया है। कई किसान पराली की गांठें बनाकर बेच भी रहे हैं, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हो रही है। मुख्य कृषि अधिकारी ने कहा कि पराली को खेत में मिलाने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और खाद पर होने वाला खर्च कम होता है। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषण से बचाव होता है, बल्कि मिट्टी में मौजूद लाभदायक जीव भी सुरक्षित रहते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाते हुए समय पर आवेदन करें। 

स्कूलों में बड़ा बदलाव: छोटे बच्चों को मिलेगी AI की शुरुआती शिक्षा

लुधियाना. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE)और शिक्षा मंत्रालय ने स्कूली शिक्षा में बड़ी तबदीली करते हुए तीसरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग पर एक नया कोर्स शुरू किया है। इस पहलकदमी का मकसद बच्चों को शुरूआती स्तर से ही डिजिटल और तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करना है। सी.बी.एस.ई. द्वारा जारी इस पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को सरल और गतिविधि-आधारित तरीके से ए.आई. की बुनियादी समझ दी जाएगी। इसके साथ ही अध्यापकों के लिए हैंडबुक और विद्यार्थियों के लिए अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध करवाई जाएगी जिससे से पढ़ाई को आसान और दिलचस्प बनाया जा सके। बच्चों के लिए फायदा यह नए अध्ययन से बच्चों में लॉजिकल थिंकिंग, प्रॉब्लम सॉल्विंग और क्रिएटिविटी डेवलप होगी। AI की शुरूआती समझ मिलने से वह भविष्य में तकनीक से जुड़े करियर विकल्प के लिए तैयार हो सकें। इसके साथ ही डिजिटल लिटरेसी बढ़ेगी और बच्चे समझदारी से तकनीक का इस्तेमाल करना सीखेंगे। स्कूलों को क्या करना होगा? अध्यापकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी।  क्लास के हिसाब से गतिविधि-आधारित पढ़ाई अपनानी होगी। स्कूलों को डिजिटल स्त्रोत और जरूरी बुनियादा ढांचा तैयार करना होगा। विद्यार्थियों का मुल्यांकल रिवायती परीक्षा की बजाय प्रोजेक्ट और प्रैक्टिकल आधार पर किया जाएगा। बाकी कक्षाओं के लिए भी लाया जाएगा कोर्स  जानकारों का मानना ​​है कि आने वाले समय में इस कोर्स को क्लास 9 और 10 में भी लाया जाएगा, जबकि क्लास 11 और 12 में इसे इलेक्टिव सब्जेक्ट के तौर पर शामिल किया जाएगा। यह पहल नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के मुताबिक है, जिसका मकसद एजुकेशन को मॉडर्न और एम्प्लॉयमेंट-ओरिएंटेड बनाना है। एजुकेशन एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि यह कदम इंडियन स्टूडेंट्स को ग्लोबली कॉम्पिटिटिव बनाने में अहम रोल निभाएगा। नए सिलेबस की खासियत  पढ़ाने का तरीका अलग और ज्यादा इंटरेस्टिंग होगा। गेम, पहेलियां और एक्टिविटी के जरिए सीखने पर जोर दिया जाएगा। बड़े सवालों को छोटे-छोटे हिस्सों में हल करने की समझ विकसित करना। ग्रुप डिस्कशन और टीमवर्क को बढ़ावा देना। रटने की जगह समझ और स्किल-बेस्ड लर्निंग पर फोकस करना।  एग्जामिनेशन सिस्टम में भी बदलाव, एक्सपेरिमेंटल और प्रोजेक्ट-बेस्ड असेसमेंट। स्टूडेंट्स की क्रिएटिव सोच और समझ को पहल।

फसल कटाई पर समय सीमा लागू: रात में हार्वेस्टर-कम्बाइन पर बैन

पटियाला. पंजाब के अलग-अलग जिलों में गेहूं की कटाई के सीजन को देखते हुए डी.सी. द्वारा पाबंदियों के कई आदेश जारी किए गए हैं। इसके तहत जिला मजिस्ट्रेट नवजोत कौर ने मानसा जिले में गेहूं की कटाई के बाद नाड़ में आग लगाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। आदेश में कहा गया है कि साल 2026 में गेहूं की कटाई का सीजन शुरू होने वाला है। आमतौर पर देखा गया है कि गेहूं की कटाई के बाद नाड़ में आग लगा दी जाती है, जिससे नुकसान होने का खतरा रहता है। हवा में धुएं से प्रदूशन होता है, जिससे सांस की बीमारियां हो सकती हैं। जिला मजिस्ट्रेट नवजोत कौर ने मानसा जिले में शाम 7 बजे से अगली सुबह 6 बजे तक कंबाइन चलाने पर पाबंदी के आदेश जारी किए हैं। गेहूं की फसल की कटाई के दौरान रात में कंबाइन चलाने पर रोक लगाई गई है। ऊपर दिए गए दोनों आदेश 31 मई, 2026 तक लागू रहेंगे। फाजिल्का: जिला मजिस्ट्रेट फाजिल्का द्वारा जिले में शाम 7:00 बजे से सुबह 8:00 बजे तक कंबाइन के जरिए गेहूं की कटाई करने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है। यह आदेश 31 मई 2026 तक लागू रहेंगे। इसी तरह गेहूं की नाड़ को आग लगाने के बाद भी सख्ती से पाबंदी लगाई गई है। गुरदासपुर: अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट गुरदासपुर गुरसिमरन सिंह ढिल्लों द्वारा गेहूं के अवशेष (नाड़) को आग लगाने या जलाने पर पूर्ण रूप से पाबंदी के आदेश जारी किए गए हैं। यह आदेश 1 अप्रैल से 10 जून 2026 तक लागू रहेंगे। जारी आदेशों में बताया गया कि अकसर गेहूं की कटाई के बाद किसान खेतों में बची नाड़ को आग लगा देते हैं। इससे पर्यावरण प्रदूषित होता है और जमीन की उपजाऊ शक्ति भी कम हो जाती है। आग लगने से मिट्टी की ऊपरी सतह में मौजूद लाभदायक जीवाणु नष्ट हो जाते हैं और आसपास खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंच सकता है। होशियारपुर: जिला मैजिस्ट्रेट आशिका जैन ने होशियारपुर में शाम 7 बजे से लेकर सुबह 10 बजे तक कम्बाइनों से गेहूं काटने पर पाबंदी लगाने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही उन्होंने गेहूं की कटाई करने वाली कम्बाइनों के मालिकों को निर्देश दिए कि वे हार्वेस्टर कम्बाइन का उपयोग करने से पहले कृषि विभाग के माध्यम से मशीन की अनिवार्य जांच (इंस्पैक्शन) करवाएं और कोई भी कम्बाइन हार्वेस्टर सुपर एस.एम.एस. लगाए बिना न चलाया जाए। यह आदेश 31 मई 2026 तक लागू रहेंगे। जिला मैजिस्ट्रेट ने यह भी अपील की है कि गेहूं की पराली या फसल के अवशेष को आग न लगाई जाए, क्योंकि इससे स्वच्छ वातावरण प्रदूषित होता है।

पंजाब में अग्निवीर भर्ती रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख बढ़ाई, 10वीं पास के लिए 45% अंक की शर्त

जालंधर जालंधर में रोजगार अफसर ने अग्निनवीर भर्ती को लेकर मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने बताया कि पंजाब में अग्निनवीर भर्ती के रजिस्ट्रेशन लिए डेट बढ़ाकर 10 अप्रैल 2026 कर दी गई है। जुलाई 2005-2009 के बीच जन्में बच्चे इसमें अप्लाई कर सकते हैं। थेह कांजला सी पाइट सेंटर में अभ्यर्थी फ्री तैयारी कर सकते है। इसके अलावा उनके खाने-पीने की व्यवस्था भी पंजाब सरकार की तरफ से होगी। अगर आप भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करना चाहते हैं, तो आपके लिए ये अच्छा मौका साबित हो सकता है। जिला रोजगार एवं कारोबार ब्यूरो की डिप्टी डायरेक्टर नीलम महे ने बताया कि सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की समय सीमा बढ़ा दी गई है। पहले आवेदन करने की आखिरी तारीख 1 अप्रैल थी, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। जो युवा इस भर्ती में शामिल होना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। शेड्यूल के मुताबिक, इन पदों के लिए ऑनलाइन परीक्षा 1 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। भर्ती के लिए वही उम्मीदवार पात्र होंगे जिनका जन्म 1 जुलाई 2005 से 1 जुलाई 2009 के बीच हुआ है। 45 फीसदी अंकों के साथ 10वीं पास होना जरूरी भर्ती की शर्तों के अनुसार, अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता तय की गई है। अग्निवीर जनरल ड्यूटी (GD) के लिए 45 फीसदी अंकों के साथ 10वीं पास होना जरूरी है। वहीं, तकनीकी पदों (Technical) के लिए 12वीं में साइंस (PCM) अनिवार्य है। क्लर्क या स्टोर कीपर (SKT) के पदों के लिए 10वीं में 60 फीसदी अंक होने चाहिए, जबकि ट्रेड्समैन के पदों के लिए 8वीं या 10वीं पास युवा भी आवेदन कर सकते हैं। लिखित और फिजिकल टेस्ट की तैयारी मुफ्त पंजाब के युवाओं के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि वे इस भर्ती की लिखित और शारीरिक परीक्षा की तैयारी पूरी तरह मुफ्त में कर सकते हैं। कपूरथला के थेह कांजला स्थित सी-पाईट (C-PYTE) कैंप में ट्रेनिंग ऑफिसर कैप्टन अजीत सिंह ने बताया कि यहां छात्रों के लिए हॉस्टल, खाना, जिम और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं बिल्कुल फ्री हैं। इच्छुक उम्मीदवार अपने शैक्षणिक सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, 2 फोटो और ऑनलाइन भरे गए फॉर्म की कॉपी लेकर सीधे कैंप में संपर्क कर सकते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबरों 83601-63527 और 69002-00733 पर भी फोन किया जा सकता है।  

मौसम ने ली करवट: बारिश से सुहावना हुआ माहौल, आंधी का अलर्ट जारी

लुधियाना. पंजाब के कई जिलों में मंगलवार मध्यरात्रि से लेकर बुधवार सुबह छह बजे के दौरान तेज हवाओं के बीच हल्की से तेज वर्षा हुई, जिससे सुबह मौसम में ठंडक घुली रही। सुबह हल्की ठंड महसूस हो रह थी, जिसके चलते बहुत से लोगों को हलके गर्म कपड़े पहनने पड़े। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, लुधियाना में 4.6 मिलीमीटर, पटियाला में 9.2 मिलीमीटर, बठिंडा में 21.2 मिलीमीटर, फरीदकोट में 8.4 मिलीमीटर, फिरोजपुर में 16.5 मिलीमीटर, रूपनगर में 9.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। वर्षा के चलते इन जिलों में दिन का तापमान कम रहा। हालांकि, सुबह छह बजे के बाद से लगभग सभी जिलों में तेज धूप निकल आई थी। लुधियाना में भी सुबह नौ बजे के बाद दिनभर बादलों का आना जाना लगा रहा। दूसरी तरफ मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार को मौसम साफ रहेगा, लेकिन शुक्रवार व शनिवार को पंजाब के कई जिलों में गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। कुछ जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने की संभावना है।इसे लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पांच अप्रैल से मौसम दोबारा से साफ हो जाएगा। दिन का तापमान बढ़ेगा।

हिमाचल के टैक्स फैसले पर तकरार तेज, भगवंत मान का सख्त संदेश

चंडीगढ़. हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पंजाब और हरियाणा की गाड़ियों पर लगाए गए एंट्री टैक्स को लेकर को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने कहा हैं कि हम पंजाब में टोल टैक्स बंद करवा रहे हैं, जिसका फायदा हिमाचल की गाड़ियों को भी मिल रहा है। दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश हमारी गाड़ियों पर टैक्स लगा रहा है। सीएम ने कहा कि हमें भी टैक्स लगाना आता है। हालांकि इससे पहले उन्होंने एचपी सरकार द्वारा टैक्स कम करने को लेकर कहा कि सुबह का भूला अगर शाम को घर आ जाए तो भूला नहीं कहते। यह तो दोपहर में ही आ गए हैं। दरअसल, हिमाचल सरकार ने हरियाणा-पंजाब से आने वाली गाड़ियों पर 130 रुपये एंट्री टैक्स लगा दिया था, जिसे लेकर खासा विवाद हुआ। बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार ने टैक्स को 130 के स्थान पर 100 रुपये कर दिया। वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के कांग्रेसी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, "हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। इस पर पंजाब कांग्रेस के नेता क्यों चुप हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिए कि भविष्य में पंजाब सरकार भी हिमाचल की गाड़ियों पर एंट्री टैक्स लगाने का विचार कर सकती है।" ग्रामीण क्षेत्रों में होगा जातीय सर्वेक्षण पंजाब सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में जातीय सर्वेक्षण करवा रही है। बुधवार को अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस सर्वेक्षण के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस वर्ग की कितनी आय हैं। क्योंकि इस सर्वे में ड्रग्स का डाटा भी एकत्रित किया जाएगा। सर्वे में नशा लेने वालों की जानकारी भी जुटाई जाएगी। जानकारी के अनुसार, पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत एससी वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये मासिक भत्ता दिया जाना है। इसका आंकड़ा भी इसी सर्वे से जुटाया जाएगा। वहीं, ड्रग्स को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि कई पंचायतों ने अपने गांवों को नशा मुक्त करार दिया हो। इस सर्वेक्षण के बाद यह तस्वीर भी स्पष्ट हो जाएगी की कितने गांव नशा मुक्त हो गए हैं। बता दें कि पंजाब में 13236 पंचायतें हैं। पंजाब में 1 अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीद सीजन से पहले ही आढ़तियों ने हड़ताल की चेतावनी दे दी है, जिसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आढ़तियों की मांग केंद्र सरकार से जुड़ी हुई है। इसके बावजूद राज्य सरकार इस तरह की ब्लैकमेलिंग को बर्दाश्त नहीं करेगी। आज जब खरीद का सीजन शुरू हो रहा है तो वह हड़ताल पर जाने की बात कर रहे हैं। इससे सख्ती से निपटा जाएगा। खेतों को जाने वाली बिजली की लाइन होगी अंडरग्राउंड मुख्यमंत्री भगवान मान ने कहा कि खेतों को जाने वाली बिजली की लाइनें को अंडरग्राउंड करने का नया प्रयोग वह अपने गांव सतौज (संगरूर) में करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली की लाइनें से कई प्रकार के नुकसान होता है। लाइन शॉर्ट होने पर फसल जल जाती है। वहीं खंभों को लेकर के गांव वासियों के बीच आपस में विवाद होता है। इसलिए वह एक नया प्रयोग करने जा रहे हैं। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो इस पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा। 'फूलका ने बीच में छोड़ दी थी राजनीति' आप के पूर्व विधायक व विपक्षी दल के नेता रहे एचएस फूलका द्वारा भाजपा में शामिल होने पर मुख्यमंत्री ने कहा, पूर्व विधायक ने राजनीति से संन्यास ले लिया था। दाखा विधान सभा के लोगों को मझधार में छोड़ दिया था। ऐसे लोग पुन: राजनीति में सफल नहीं होते।