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पंजाब में 292 करोड़ रुपये के मुफ्त इलाज को मिली मंजूरी, 3 महीने में 1.77 लाख मरीजों को हुआ फायदा

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत बड़े स्तर पर जनस्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। गत आठ जनवरी को योजना की शुरुआत के बाद तीन महीनों के भीतर ही 30.51 लाख से अधिक परिवारों का पंजीकरण किया गया है। इस योजना के तहत 292 करोड़ रुपये के मुफ्त इलाज को मंजूरी दी गई है। पंजाब भवन में  पत्रकार वार्ता में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि अब तक 1,77,097 लोगों के मुफ्त उपचार की मंजूरी दी गई है। 71,000 दावों का निपटारा कर दिया गया है। सूचीबद्ध अस्पतालों को 60 करोड़ का भुगतान भी किया जा चुका है। अस्पतालों को समय पर भुगतान का आश्वासन देते हुए डॉ. बलबीर ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने बकाया भुगतान के लिए एक मजबूत प्रणाली विकसित की है। अस्पतालों को 31 मार्च तक के सभी बकाया 15 अप्रैल तक चुका दिए जाएंगे। CM स्वास्थ्य योजना के तहत 3 महीनों से कम समय में 30.51 लाख से अधिक परिवारों का पंजीकरण मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत बड़े स्तर पर जनस्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर एक नया मानक स्थापित किया है और 8 जनवरी 2026 को योजना की शुरुआत के बाद तीन महीनों के भीतर ही 30.51 लाख से अधिक परिवारों का पंजीकरण किया गया है और 292 करोड़ रुपये के मुफ्त इलाज को मंजूरी देकर पूरे देश में एक उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। इस योजना के क्रियान्वयन के पैमाने और गति के बारे में जानकारी देते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना तेजी से पंजाब के लाखों परिवारों को वास्तविक वित्तीय राहत और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है। पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने बताया, “इस योजना के तहत अब तक 30,51,325 लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है और 1,77,097 मुफ्त उपचारों को मंजूरी दी गई है। इलाज की कुल स्वीकृत लागत 292 करोड़ रुपये है, जिसमें से 267 करोड़ रुपये पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं। हमने 71,000 दावों का निपटारा कर दिया है और सूचीबद्ध अस्पतालों को 60 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।” इस उपलब्धि के महत्व को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने हर मानक पर अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा, “यह पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। चाहे पंजीकरण की बात हो, कवर किए गए परिवारों की संख्या हो या उपचार प्राप्त करने वाले मरीजों की संख्या—हर मामले में पंजाब पहले स्थान पर है।” अस्पतालों को समय पर भुगतान का भरोसा दिलाते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने बकाया भुगतान के लिए एक मजबूत प्रणाली विकसित की है। उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक के सभी बकाया 15 अप्रैल तक चुका दिए जाएंगे, जिससे किसी भी अस्पताल का एक भी रुपया बकाया नहीं रहेगा। उन्होंने 1 अप्रैल से लागू होने वाले नए भुगतान ढांचे की जानकारी देते हुए बताया कि 1 लाख रुपये तक के दावों का निपटारा 15 दिनों के भीतर किया जाएगा, जबकि 1 लाख रुपये से अधिक के बिल एक सप्ताह के भीतर निपटाए जाएंगे। विवादित या सत्यापन की आवश्यकता वाले मामलों में यह प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी। योजना के वास्तविक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना पहले ही हर आयु वर्ग के लोगों को लाभ पहुंचा रही है। इसके लाभार्थियों में एक वर्ष के बच्चे से लेकर 99 वर्ष की बुजुर्ग महिला तक शामिल हैं, जिन्होंने इस योजना के तहत कैंसर का इलाज करवाया है। उन्होंने बताया कि इस योजना में दिल से जुड़ी 100 से अधिक गंभीर बीमारियों सहित जटिल प्रक्रियाओं को भी कवर किया गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि योजना के तहत पटियाला मेडिकल कॉलेज में “रप्चर्ड साइनस” जैसी गंभीर स्थिति वाले मरीज का सफल इलाज किया गया है। डॉ. बलबीर सिंह ने आगे कहा कि जब सरकार मुफ्त इलाज सेवाओं पर 292 करोड़ रुपये खर्च कर रही है, तो इसका सीधा अर्थ है कि आम जनता का पैसा बच रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य स्वास्थ्य एजेंसी, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के सहयोग से पूरे पंजाब में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की निर्बाध सुविधा सुनिश्चित कर रही है।

डॉ. रवजोत सिंह ने पंजाब के जेल मंत्री के तौर पर कार्यभार संभाला, जेलों को सुधार केंद्र बनाने की योजना

चंडीगढ़ पंजाब सरकार में नए जेल मंत्री के रूप में डॉ. रवजोत सिंह ने आज पंजाब सिविल सचिवालय में अपने पद का कार्यभार संभाल लिया। इसके अलावा वे एनआरआई और संसदीय मामलों जैसे विभागों की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। कार्यभार संभालने के बाद डॉ. रवजोत जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें विभाग के चल रहे कार्यों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि जेल विभाग को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा तथा कैदियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और सुधारात्मक प्रणाली को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जेलों को केवल सजा के केंद्र नहीं, बल्कि सुधार के केंद्र के रूप में विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैठक के दौरान जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा एक प्रस्तुति के माध्यम से विभाग के चल रहे प्रोजेक्ट्स, पहल और चुनौतियों के बारे में नए मंत्री को विस्तृत जानकारी दी गई। नए जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने अधिकारियों को विभाग में पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवाधिकारों का पालन सुनिश्चित करने तथा जेल प्रणाली को आधुनिक और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। इस मौके पर जेल विभाग की प्रमुख सचिव भावना गर्ग, सचिव मोहम्मद तैयब और एडीजीपी जेल अरुणपाल सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। 

Punjab Health Update: 292 करोड़ से मुफ्त इलाज, लाखों मरीजों को 3 महीने में राहत

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत बड़े स्तर पर जनस्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। गत आठ जनवरी को योजना की शुरुआत के बाद तीन महीनों के भीतर ही 30.51 लाख से अधिक परिवारों का पंजीकरण किया गया है। इस योजना के तहत 292 करोड़ रुपये के मुफ्त इलाज को मंजूरी दी गई है। पंजाब भवन में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि अब तक 1,77,097 लोगों के मुफ्त उपचार की मंजूरी दी गई है। 71,000 दावों का निपटारा कर दिया गया है। सूचीबद्ध अस्पतालों को 60 करोड़ का भुगतान भी किया जा चुका है। अस्पतालों को समय पर भुगतान का आश्वासन देते हुए डॉ. बलबीर ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने बकाया भुगतान के लिए एक मजबूत प्रणाली विकसित की है। अस्पतालों को 31 मार्च तक के सभी बकाया 15 अप्रैल तक चुका दिए जाएंगे। इस योजना के क्रियान्वयन के पैमाने और गति के बारे में जानकारी देते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना तेजी से पंजाब के लाखों परिवारों को वास्तविक वित्तीय राहत और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है। पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने बताया, “इस योजना के तहत अब तक 30,51,325 लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है और 1,77,097 मुफ्त उपचारों को मंजूरी दी गई है। इलाज की कुल स्वीकृत लागत 292 करोड़ रुपये है, जिसमें से 267 करोड़ रुपये पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं। हमने 71,000 दावों का निपटारा कर दिया है और सूचीबद्ध अस्पतालों को 60 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।” इस उपलब्धि के महत्व को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने हर मानक पर अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा, “यह पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। चाहे पंजीकरण की बात हो, कवर किए गए परिवारों की संख्या हो या उपचार प्राप्त करने वाले मरीजों की संख्या—हर मामले में पंजाब पहले स्थान पर है।” अस्पतालों को समय पर भुगतान का भरोसा दिलाते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने बकाया भुगतान के लिए एक मजबूत प्रणाली विकसित की है। उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक के सभी बकाया 15 अप्रैल तक चुका दिए जाएंगे, जिससे किसी भी अस्पताल का एक भी रुपया बकाया नहीं रहेगा। उन्होंने 1 अप्रैल से लागू होने वाले नए भुगतान ढांचे की जानकारी देते हुए बताया कि 1 लाख रुपये तक के दावों का निपटारा 15 दिनों के भीतर किया जाएगा, जबकि 1 लाख रुपये से अधिक के बिल एक सप्ताह के भीतर निपटाए जाएंगे। विवादित या सत्यापन की आवश्यकता वाले मामलों में यह प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी। योजना के वास्तविक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना पहले ही हर आयु वर्ग के लोगों को लाभ पहुंचा रही है। इसके लाभार्थियों में एक वर्ष के बच्चे से लेकर 99 वर्ष की बुजुर्ग महिला तक शामिल हैं, जिन्होंने इस योजना के तहत कैंसर का इलाज करवाया है। उन्होंने बताया कि इस योजना में दिल से जुड़ी 100 से अधिक गंभीर बीमारियों सहित जटिल प्रक्रियाओं को भी कवर किया गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि योजना के तहत पटियाला मेडिकल कॉलेज में “रप्चर्ड साइनस” जैसी गंभीर स्थिति वाले मरीज का सफल इलाज किया गया है। डॉ. बलबीर सिंह ने आगे कहा कि जब सरकार मुफ्त इलाज सेवाओं पर 292 करोड़ रुपये खर्च कर रही है, तो इसका सीधा अर्थ है कि आम जनता का पैसा बच रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य स्वास्थ्य एजेंसी, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के सहयोग से पूरे पंजाब में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की निर्बाध सुविधा सुनिश्चित कर रही है।

चंडीगढ़ एयर-शो: एयरफोर्स की सूर्यकिरन टीम ने किया डायमंड-Y फॉर्मेशन, पंजाब और हरियाणा के CMs ने भी लिया हिस्सा

चंडीगढ़  चंडीगढ़ में सुखना लेक पर सूर्यकिरण एयर शो का आज दूसरा दिन है। दूसरे दिन शो में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के सीएम नायब सैनी भी पहुंचे। वहीं दोनों प्रदेशों के गवर्नर भी पहुंचे।   पहले दिन के शो ने पूरे शहर को रोमांच से भर दिया, वहीं इस आयोजन ने बेटियों के सपनों को भी नई दिशा दे दी। आसमान में जांबाज पायलटों के हैरतअंगेज करतब देखकर कई छात्राओं के मन में देशसेवा का जज्बा जगा और उन्होंने पायलट बनने का संकल्प लिया। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से इस एयर शो में स्कूली बच्चों को भी शामिल होने का मौका दिया गया। चार सरकारी स्कूलों के 50-50 बच्चों को विशेष अनुमति देकर लाया गया। स्नेहालय के बच्चों ने भी इस आयोजन में भाग लिया। छोटे-छोटे बच्चों से लेकर किशोर छात्राओं तक, हर किसी के चेहरे पर उत्साह और गर्व दिखा। स्नेहालय के छोटे बच्चों ने भी पायलट बनने की इच्छा जताई। शिक्षकों ने प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के भविष्य को नई दिशा देते हैं। इस तरह के कार्यक्रमों से आत्मविश्वास बढ़ता है और बच्चे देश सेवा के लिए प्रेरित होते हैं। चंडीगढ़ में सुखना लेक पर चल रहे एयर शो का आज दूसरा और आखिरी दिन है। करीब एक घंटे चले एयर-शो में एयरफोर्स की टीम सूर्यकिरन ने आसमान में कई करतब दिखाए। टीम ने हवा में डायमंड, Y, तेजस, DNA जैसे फॉर्मेशन बनाकर लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर किया। साथ ही कभी 360 तो कभी 90 डिग्री पर घूमकर हैरतअंगेज कारनामे किए। अंत में टीम के 2 फाइटर जेट ने हवा में धुएं से हार्ट बनाकर दर्शकों को धन्यवाद कहा। इसी के साथ एयर-शो संपन्न हुआ। इसे देखने के लिए हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी और पंजाब के CM भगवंत मान भी पहुंचे। उनके साथ चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया और हरियाणा के गवर्नर अशीम घोष मौजूद रहे। एयर-शो संपन्न होने के बाद सुखना लेक को आम जनता के लिए दोपहर 2 बजे खोल दिया जाएगा। इस एयर शो के चलते 26 मार्च से आम जनता के लिए सुखना लेक बंद है। एयर शो के दौरान जैसे ही सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम ने आसमान में कलाबाजियां दिखाईं, पूरा माहौल तालियों और जयकारों से गूंज उठा। इस रोमांच ने खासतौर पर बेटियों के दिलों में एक नई ऊर्जा भर दी। कई छात्राओं ने कहा कि अब वे भी पायलट बनकर देश का नाम रोशन करना चाहती हैं। अब सपना नहीं, लक्ष्य बन गया सरकारी स्कूल की छात्रा तराना ने कहा कि वह पहले से ही डिफेंस में जाना चाहती थी लेकिन इस शो को देखने के बाद उसका हौसला और मजबूत हो गया है। अब पूरी मेहनत से तैयारी करूंगी और पायलट बनकर देश का नाम रोशन करूंगी। इस क्षेत्र में लड़कियों की भागीदारी और बढ़नी चाहिए। डर पर जीत, सपनों को मिली उड़ान छात्रा सादिया ने बताया कि एयर शो ने उसके सपने को और मजबूत बना दिया है। पहले मुझे ऊंचाई से डर लगता था लेकिन आज का शो देखने के बाद मेरा डर खत्म हो गया। अब देश सेवा के अपने लक्ष्य को जरूर पूरा करूंगी। वर्दी पहनने का सपना और मजबूत हुआ भारती ने कहा कि वह भारतीय सेना में जाकर आगे चलकर कर्नल बनना चाहती है। अगर मौका मिला तो वायुसेना में जरूर जाऊंगी। इस एयर शो ने मुझे पायलट बनने के लिए प्रेरित किया है।

पंजाब में बाढ़ के बाद पर्यावरण में बदलाव, वेटलैंड्स में पक्षियों की संख्या घटी, प्रजातियां बढ़ीं

 चंडीगढ़ पंजाब के वेटलैंड्स से इस बार मिले आंकड़े मिश्रित तस्वीर पेश कर रहे हैं। जहां प्रवासी पक्षियों की कुल संख्या में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं प्रजातियों (स्पीशीज) की विविधता बढ़ना पारिस्थितिकी तंत्र में बदलाव का संकेत दे रहा है। जनवरी 2026 में हुए बर्ड सेंसस के अनुसार, 2025 में 77,772 पक्षी दर्ज किए गए थे, जो 2026 में घटकर 71,129 रह गए। वहीं प्रजातियों की संख्या 270 से बढ़कर 304 हो गई। यह सेंसस हरिके वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी, नंगल वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी, केशोपुर वेटलैंड्स, रंजीत सागर वेटलैंड्स, रोपड़ वेटलैंड्स और कंजली वेटलैंड्स में एशियन वाटरबर्ड सेंसस प्रोटोकॉल के तहत किया गया। सर्वे के दौरान प्रजाति-वार गिनती, फ्लॉक (झुंड) साइज, हैबिटैट उपयोग और डिस्टर्बेंस फैक्टर्स का भी आकलन किया गया। राज्य के सबसे बड़े हरिके वेटलैंड में पक्षियों की संख्या 57,251 से घटकर 52,707 हो गई, लेकिन प्रजातियों की संख्या 80 से बढ़कर 87 दर्ज की गई। केशोपुर वेटलैंड में भी पक्षियों की संख्या 13,675 से घटकर 10,450 रह गई, जबकि प्रजातियां 75 से बढ़कर 78 हो गईं। रोपड़ वेटलैंड में पक्षियों की संख्या में हुआ इजाफा वहीं रोपड़ वेटलैंड में पक्षियों की संख्या 1,486 से बढ़कर 2,313 और प्रजातियां 44 से 46 हो गईं। नंगल वेटलैंड में भी संख्या 2,411 से बढ़कर 3,189 और प्रजातियां 36 से बढ़कर 44 दर्ज की गईं। कंजली वेटलैंड में भी सकारात्मक रुझान रहा, जहां पक्षियों की संख्या 440 से बढ़कर 623 और प्रजातियां 23 से बढ़कर 29 हो गईं। रंजीत सागर वेटलैंड में पक्षियों की संख्या 2,500 से घटकर 1,867 हो गई, हालांकि प्रजातियों की संख्या 20 से बढ़कर 21 हो गई। मुख्य वन्यजीव संरक्षक बसंता राजकुमार के अनुसार, पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ का असर वेटलैंड्स पर पड़ा, जिससे हरिके, केशोपुर और रंजीत सागर जैसे क्षेत्र अधिक प्रभावित हुए। इसके विपरीत रोपड़, नंगल और कंजली अपेक्षाकृत कम प्रभावित रहे, जिससे वहां पक्षियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। नई प्रजातियों के आने से मिले सकारात्मक संकेत इसके बावजूद कुछ सकारात्मक संकेत भी सामने आए हैं। केशोपुर में 441 कामन क्रेन (सारस) का बड़ा फ्लॉक दर्ज किया गया, जो पंजाब में सीमित क्षेत्र में ही पाया जाता है। नंगल में 11 ब्लैक-नेक्ड ग्रीब्स का देखा जाना भी खास माना जा रहा है, क्योंकि यह प्रजाति उत्तर-पश्चिम भारत में कम ही रिपोर्ट होती है। पंजाब के वेटलैंड्स वैश्विक स्तर पर भी अहम हैं। हरिके, रोपड़, कंजली, केशोपुर और नंगल को रामसर साइट का दर्जा प्राप्त है। राज्य में 7 प्रतिशत से कम फॉरेस्ट और वाइल्डलाइफ कवर होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय महत्व के वेटलैंड्स की संख्या के मामले में पंजाब देश में तीसरे स्थान पर है। जानें: कैसे हुआ बर्ड सेंसस 2026     जनवरी 2026 में एशियन वाटरबर्ड सेंसस प्रोटोकॉल के तहत सर्वे     वेटलैंड्स को अलग-अलग सर्वे ब्लॉक्स में बांटा गया     डबल काउंटिंग से बचने के लिए वैज्ञानिक तरीका अपनाया गया     स्पीशीज-वार गिनती, फ्लॉक साइज, हैबिटैट उपयोग और डिस्टर्बेंस का आकलन     पंजाब फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के साथ बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी (बीएनएचएस), वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर), डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया, पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू), गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू) और पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) की भागीदारी प्रमुख वेटलैंड्स का प्रदर्शन     हरिके: संख्या घटी, स्पीशीज बढ़ीं     केशोपुर: संख्या में गिरावट, स्पीशीज में इजाफा     रोपड़: संख्या और स्पीशीज दोनों बढ़ीं     नंगल: दोनों में मजबूत सुधार     कंजली: सकारात्मक ट्रेंड     रंजीत सागर: संख्या घटी, स्पीशीज में हल्की बढ़ोतरी जानें इस स्थ्डी से क्या अहम संकेत मिले     कुल बर्ड काउंट घटा, लेकिन स्पीशीज डाइवर्सिटी बढ़ी     बाढ़ का असर कई वेटलैंड्स पर साफ दिखा     कुछ वेटलैंड्स में इकोलॉजिकल बैलेंस बेहतर हुआ     रेयर स्पीशीज की मौजूदगी उम्मीद बढ़ाने वाली  

पंजाब में अनोखा रेलवे स्टेशन, जहां सिर्फ 2 दिन चलती है ट्रेन और साल में दो बार रुकती है

हुसैनीवाला भारत में रेलवे का नेटवर्क बहुत बड़ा है और ज्यादातर स्टेशनों पर हर दिन कई ट्रेनें आती-जाती रहती हैं। लेकिन एक ऐसा अनोखा स्टेशन भी है, जहां पूरे साल में सिर्फ दो बार ही ट्रेन पहुंचती है। यही वजह है कि यह स्टेशन इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। हाल ही में एक वायरल वीडियो में एक शख्स इस स्टेशन के बारे में बताता नजर आता है। वह स्टेशन पर खड़ी ट्रेन (Unique Railway Station India) के पास खड़े होकर कहता है कि यह वही खास ट्रेन है, जो साल में सिर्फ दो बार चलती है। वीडियो में वह रेलवे ट्रैक भी दिखाता है, जहां साफ दिखाई देता है कि पटरी आगे जाकर खत्म हो जाती है। इस स्टेशन पर ट्रेन आती है सिर्फ दो बार  यानी यह इस लाइन का आखिरी स्टेशन है और यहां से ट्रेन आगे नहीं जाती, बल्कि वापस उसी दिशा में लौट जाती है, जहां से आई होती है। इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर “northern_vlogger” नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है, जिसे लाखों लोग देख चुके हैं। यह खास स्टेशन पंजाब के फिरोजपुर जिले के पास हुसैनीवाला बॉर्डर के नजदीक स्थित है, जिसे हुसैनीवाला रेलवे स्टेशन (Hussainiwala Railway Station) कहा जाता है। यह स्टेशन अपनी अनोखी व्यवस्था के कारण लोगों को हैरान कर देता है। यहां पूरे साल में केवल दो ही बार ट्रेन आती है और बाकी समय यह स्टेशन (Indian Railways Facts) लगभग सुनसान रहता है। इन दो खास दिनों में पहला दिन 23 मार्च होता है और दूसरा 13 अप्रैल, जो बैसाखी का दिन होता है। साल में सिर्फ 2 बार ही क्यों आती है ट्रेन? हुसैनीवाला स्टेशन की सबसे खास बात यही है कि यहां रोजाना ट्रेन नहीं चलती. पूरे साल में सिर्फ दो खास मौकों पर ही ट्रेन यहां तक पहुंचती है. पहली ट्रेन 23 मार्च को चलती है, जो शहीद भगत सिंह की शहादत दिवस के मौके पर चलाई जाती है. इस दिन देशभर से लोग हुसैनीवाला बॉर्डर पर उन्हें श्रद्धांजलि देने आते हैं. वहीं, दूसरी ट्रेन की बात करें तो ये 13 अप्रैल को चलती है, जो बैसाखी के पर्व के अवसर पर चलाई जाती है. इन दोनों दिनों पर यहां काफी भीड़ देखने को मिलती है, जबकि बाकी समय यह स्टेशन लगभग खाली रहता है।  वायरल वीडियो से बढ़ी चर्चा हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक व्यक्ति इस स्टेशन के बारे में जानकारी देता नजर आता है. वह बताता है कि जिस जगह वह खड़ा है, वहां साल में सिर्फ दो बार ही ट्रेन आती है. इस वीडियो में वो शख्स स्टेशन और वहां खड़ी ट्रेन की झलक भी दिखाता है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. इस अनोखी जानकारी ने इंटरनेट यूजर्स को हैरान कर दिया और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रिया देने लगे।  रेलवे लाइन का आखिरी पड़ाव हुसैनीवाला रेलवे स्टेशन आखिरी रेलवे स्टेशन है और यहां पर आकर रेलवे लाइन भी खत्म हो जाती है. यह उत्तर रेलवे की आखिरी रेलवे लाइन है. यहां आई हुई ट्रेन उसी दिशा में वापस लौटती है, जहां से आई होती है. इस स्टेशन से पहले लाहौर तक की ट्रेन जाया करती थी, जिसे लोग पकड़ते थे. मगर अब वो भी बंद कर दिया गया है. इसके आगे पाकिस्तान लग जाता है।  लोगों की प्रतिक्रियाएं और भावनाएं वीडियो देखने के बाद कई लोगों ने इसपर अपनी प्रतिक्रियाएं दी. कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि इस स्टेशन का नाम बदलकर शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा देना चाहिए. वहीं, कुछ यूजर्स ने गर्व के साथ कहा कि वो फिरोजपुर से हैं और इस खास जगह से उनका काफी लगाव है।  23 मार्च का दिन देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई थी। इस दिन को शहादत दिवस (Shaheedi Diwas Train) के रूप में मनाया जाता है। बड़ी संख्या में लोग हुसैनीवाला बॉर्डर पर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचते हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए इस मौके पर स्पेशल ट्रेन चलाई जाती है। दूसरी बार 13 अप्रैल को बैसाखी (Baisakhi Special Train) के अवसर पर भी यहां ट्रेन चलाई जाती है, क्योंकि उस दिन भी बड़ी संख्या में लोग इस क्षेत्र में पहुंचते हैं। इन दो दिनों के अलावा यह स्टेशन लगभग खाली ही रहता है। इस अनोखे स्टेशन की कहानी लोगों को काफी आकर्षित कर रही है। यही कारण है कि इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे देखकर हैरान भी हो रहे हैं और भारत के रेलवे सिस्टम की इस खासियत को जानकर उत्साहित भी हैं।

पंजाब में 52 शराब ग्रुप्स के लिए खरीदार नहीं, 1200 ठेके खाली पड़े

चंडीगढ़  पंजाब में शराब के ठेकों की नीलामी को लेकर राज्य सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती है। ई-टेंडरिंग के कई राउंड पूरे होने के बावजूद, राज्य में 52 शराब ग्रुप्स के लिए कोई बोली लगाने वाला सामने नहीं आया है। इन ग्रुप्स के तहत करीब 1,200 रिटेल ठेके आते हैं जिन्हें अभी तक अलॉट नहीं किया गया है। राज्य भर में कुल 207 ग्रुप्स (जिनमें 6,378 ठेके शामिल हैं) में से सिर्फ 147 ग्रुप्स को ही रिन्यू किया गया है। बाकी ग्रुप्स के लिए सरकार लगातार कोशिश कर रही है लेकिन ट्रेडर्स की तरफ से कोई जवाब नहीं आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, ट्रेडर्स कई वजहों से इन्वेस्ट करने में हिचकिचा रहे हैं। ट्रेडर्स का कहना है कि साल 2025-26 में उन्हें काफी नुकसान हुआ है, जिसके चलते वे नए इन्वेस्टमेंट को लेकर परेशान हैं। सरकार ने पिछले साल के मुकाबले रिजर्व प्राइस में 6.5% की बढ़ोतरी की है, जिसे ट्रेडर्स बहुत ज्यादा मान रहे हैं। ओपन IMFL कोटा जारी रखने और एक इंस्टीट्यूशन के लिए ज्यादा से ज्तादा 5 ग्रुप की लिमिट जैसी शर्तें भी बोली लगाने वालों को रोक रही हैं। ट्रेडर्स का मानना ​​है कि बोली को फायदेमंद बनाने के लिए कीमतों में 8% से 12% की कमी ज़रूरी है। प्रभावित इलाके सबसे ज्तादा बिना अलॉट किए गए ठेको ज़ीरा (85), लहरा (74), फिरोजपुर छावनी (68), बाघा पुराना (60), निहाल खेड़ा (53), बेगोवाल (47) और शालीमार बाग (46) में हैं। न्यू चंडीगढ़, होशियारपुर और अमृतसर जैसी दूसरी बड़ी जगहों पर अभी भी कई ठेके अलॉट होने बाकी हैं। हालात सुधारने के लिए, एक्साइज डिपार्टमेंट ने पहले रिज़र्व प्राइस में 3% और फिर 2% की कमी की, लेकिन यह भी इन्वेस्टर्स को अट्रैक्ट करने में काफी नहीं रहा। ऑक्शन का अगला राउंड 27 मार्च को तय किया गया है। नई पॉलिसी के मुताबिक, फाइनेंशियल कमिश्नर के पास खास हालात में ग्रुप्स का कंपोज़िशन बदलने या कीमतों में और डिस्काउंट देने का भी अधिकार है ताकि रेवेन्यू पर असर न पड़े। 

गुरुग्राम-दिल्ली रूट पर रेंगती रफ्तार: द्वारका एक्सप्रेसवे टनल में लंबा ट्रैफिक जाम

चंडीगढ़/गुरुग्राम. दिल्ली और गुरुग्राम को जोड़ने वाली द्वारका एक्सप्रेसवे टनल एक बार फिर जाम का बड़ा केंद्र बन गई। शाम के समय हालात इतने बिगड़ जाते हैं कि 5 मिनट का सफर 30 से 40 मिनट में पूरा होता है। यह कोई एक दिन की बात नहीं बल्कि आए दिन यह लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। बुधवार की शाम करीब 5 बजे के बाद हालात कुछ ऐसे ही बिगड़ गए। टोल देने के बाद भी वाहन चालकों को लंबा इंतजार झेलना पड़ा। क्या है जाम लगने की वजह सबसे बड़ी वजह कापासहेड़ा की तरफ जाने वाला कट बंद होना बताया जा रहा है। पहले इस कट से काफी ट्रैफिक डायवर्ट हो जाता था, लेकिन अब दिल्ली-जयपुर हाइवे से आने वाले सभी वाहन टनल में ही घुस रहे हैं। इससे टनल के अंदर दबाव बढ़ गया है और एग्जिट पॉइंट पर जाम लग जाता है। सेक्टर-21 राउंड अबाउट के पास सड़क संकरी होने के कारण स्थिति और बिगड़ जाती है। रोज शाम के समय बिगड़ जाते हैं हालात सेक्टर-104 की पुरी एमरल्ड बे सोसायटी के निवासी दीपांकर का कहना है कि रोज शाम के समय यही हाल रहता है। पहले 4 किलोमीटर का सफर 10 मिनट में हो जाता था, लेकिन अब 30 मिनट तक लग रहे हैं। बुधवार को तो हालात और खराब रहे और लोगों को 40 मिनट तक जाम में फंसे रहना पड़ा। वहीं सेक्टर-103 की इंडिया बुल्स सोसायटी के निवासी धीरज ने बताया कि द्वारका एक्सप्रेसवे टनल में घुसते ही परेशानी शुरू हो जाती है और बाहर निकलने तक कोई रास्ता नहीं होता। ऐसे में काफी लंबे समय तक एक ही जगह खड़े रहना पड़ता है। सेक्टर-102 की हैरिटेज मैक्स सोसायटी के निवासी विमल का कहना है कि टनल से जो राहत मिलने की उम्मीद थी, वह अब नहीं मिल रही।

हरियाणा CM सैनी और बाबा गुरिंदर सिंह की मुलाकात: समाज सुधार में संतों की भूमिका पर जोर

चंडीगढ़. राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। मिली जानकारी के अनुसार बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों नायब सैनी से उनके चंडीगढ़ आवास पर मिलने पहुंचे। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बाबा ढिल्लों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री अपने परिवार सहित मौजूद रहे और उन्होंने आध्यात्मिक गुरु से आशीर्वाद प्राप्त किया। डेरा राधा स्वामी सत्संग ब्यास (Radha Swami Satsang Beas) प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों और जसदीप गिल से मुलाकात के बाद से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक्स पोस्ट किया है। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से पोस्ट करते हुए लिखा कि आज मुख्यमंत्री आवास संत कबीर कुटीर पहुंचने पर सहपरिवार 'राधा स्वामी सत्संग ब्यास डेरा के प्रमुख संत बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों जी का स्वागत सत्कार कर उनका स्नेह व आशीर्वाद प्राप्त किया। समाजिक कुरीतियों को दूर करने में संतों का बड़ा योगदान सीएम ने आगे लिखा कि समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने में संत-महापुरुषों का अतुलनीय योगदान हमेशा से ही रहा है। राधा स्वामी सत्संग ब्यास (Radha Swami Satsang Beas) द्वारा मानवता की सेवा और सामाजिक सद्भाव हेतु निरंतर किए जा रहे कार्य अपने आप में अद्भुत और प्रेरणादायी है। आप सभी संत जनों का आशीर्वाद प्रदेश के मेरे परिवारजनों पर बना रहे व उनकी सुख और समृद्धि को फलीभूत करें। डेरा राधा स्वामी सत्संग ब्यास के अब तक के प्रमुख डेरा राधा स्वामी सत्संग ब्यास (Radha Swami Satsang Beas) के अब तक कई प्रमुख रह चुके हैं। डेरा के सबसे पहले प्रमुख जैमल सिंह थे, जिन्हें 1878 में डेरे की गद्दी सौंपी गई थी। इसके बाद सावन सिंह को डेरे का प्रमुख बनाया गया था। सावन सिंह को 1903 में गद्दी की कमान दी गई और उन्होंने 45 सालों तक यानी 1948 तक गद्दी संभाली थी। सावन सिंह के बाद जगत सिंह को डेरे का प्रमुख बनाया गया था। जगत सिंह ने केवल तीन साल यानी 1948 से लेकर 1951 तक डेरे की गद्दी संभाली थी। इसके बाद डेरे के प्रमुख की जिम्मेदारी चरण सिंह को दे दी गई थी। चरण सिंह 39 सालों तक डेरा प्रमुख रहे थे। चरण सिंह 1951 से 1990 तक डेरे के प्रमुख रहे थे। चरण सिंह के बाद बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों (Gurinder Singh Dhillon) को डेरा प्रमुख बनाया गया। बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों 1991 से अब तक डेरे के गद्दी पर विराजमान हैं। हालांकि, अब गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने जसदीप सिंह गिल (Jasdeep Singh Gill) को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया है।

अश्वनी शर्मा ने किया PM मोदी का धन्यवाद, वैश्विक संकट के बीच केंद्र सरकार ने दिया राहत पैकेज

जालंधर दुनियाभर में बने युद्ध जैसे हालातों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बावजूद, केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। पंजाब  भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर महंगाई का बोझ कम करने की कोशिश की गई है। पीएम मोदी के इस फैसले की सराहना करते हुए अश्वनी शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में सरकार का यह कदम आम लोगों के हित में है और इससे महंगाई से राहत मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा जनता की भलाई को प्राथमिकता देते हैं और यह निर्णय भी उसी सोच का प्रतीक है। आपको बता दें कि, प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि डीजल पर यह 10 रुपये से घटाकर जीरो कर दी गई है।