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Women’s Day 2026: महिलाओं के लिए वित्तीय सहारा, SBI का ₹4500 करोड़ प्रोजेक्ट

चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए बड़ा कदम उठाया है। बैंक ने करीब 500 मिलियन डॉलर (लगभग ₹4500 करोड़) की सिंडिकेटेड सोशल टर्म लोन सुविधा शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को व्यवसाय, उद्यमिता और आर्थिक गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी आर्थिक भागीदारी मजबूत हो सके। SBI की यह वित्तीय पहल वैश्विक स्तर पर अपनी तरह की बड़ी जेंडर-थीम आधारित लोन योजनाओं में से एक मानी जा रही है। बैंक के अनुसार यह फंड महिलाओं के लिए अवसर पैदा करने और सामाजिक प्रभाव को बढ़ाने पर केंद्रित है। इस वित्तीय व्यवस्था में ‘ग्रीनशू ऑप्शन’ भी शामिल किया गया है, जिससे जरूरत पड़ने पर लोन की राशि बढ़ाई जा सकती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज में मौजूद लैंगिक असमानता को कम करना और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। बैंक का कहना है कि यह पहल संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य-5 यानी लैंगिक समानता और महिलाओं के सशक्तिकरण के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में योगदान देगी। इसके माध्यम से महिला उद्यमियों और विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी महिलाओं को वित्तीय सहयोग मिलने की संभावना है। SBI के चेयरमैन सीएस सेट्टी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण सतत विकास की आधारशिला है और बैंक इस दिशा में मजबूत भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार वास्तविक प्रगति केवल आर्थिक वृद्धि से नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और महिलाओं को अवसर प्रदान करने से संभव है। यह पहल इसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास है। विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल केवल बैंकिंग क्षेत्र का कदम नहीं बल्कि सस्टेनेबल फाइनेंस की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस प्रकार के सामाजिक निवेश से समावेशी आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है और महिलाओं की वित्तीय भागीदारी बढ़ाने में मदद मिल सकती है। कुल मिलाकर, महिला दिवस के अवसर पर शुरू की गई यह पहल महिलाओं को आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और समाज में लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

निजी स्कूल प्रबंधकों के लिए चेतावनी, नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

अमृतसर पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत शिक्षा विभाग पंजाब द्वारा विद्यार्थियों के हित में निर्णय लेते हुए निजी स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ स्कूल की पाठ्य-पुस्तकें, वर्दियां और अन्य शैक्षणिक सामग्री किसी एक दुकान से खरीदने के लिए बाध्य न करें। इसी संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी (सैकेंडरी शिक्षा) अमृतसर राजेश कुमार शर्मा ने विभिन्न निजी स्कूलों की जांच की। इस संबंध में शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी निजी स्कूलों को कक्षाओं के लिए निर्धारित पाठ्य-पुस्तकों व अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए आवश्यक सामग्री के संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। कुछ निजी स्कूलों द्वारा इन निर्देशों के उल्लंघन की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसके मद्देनजर आज जिला शिक्षा कार्यालय अमृतसर की एक उच्च स्तरीय टीम, जिसमें उप जिला शिक्षा अधिकारी (सैकेंडरी शिक्षा) राजेश खन्ना और जिला रिसोर्स कोऑर्डिनेटर राजन शामिल थे, ने विभिन्न निजी स्कूलों का दौरा कर नए सत्र के लिए विद्यार्थियों को दी जा रही पाठ्य-पुस्तकों, ली जा रही फीस और अन्य सुविधाओं की जांच की। डी.ई.ओ. ने कहा कि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक स्कूल को विभिन्न कक्षाओं के लिए निर्धारित पाठ्य-पुस्तकों की सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य है, ताकि विद्यार्थी के माता-पिता किसी भी विक्रेता से किताबें खरीद सकें। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधकों द्वारा विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं के तहत सैक्रेड हार्ट स्कूल, मॉडल स्टडी पब्लिक स्कूल और स्टालवर्ट स्कूल सहित कई संस्थानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों के बाथरूम और अन्य सुविधाओं की भी जांच की गई। उन्होंने निजी स्कूलों को सख्त लहजे में कहा कि प्रत्येक स्कूल परिसर में पाठ्य-पुस्तकों की सूची लगाना अनिवार्य है और विद्यार्थियों के अभिभावक सूची के अनुसार किसी भी दुकान से किताबें खरीद सकते हैं। यदि कोई निजी स्कूल विद्यार्थियों या उनके अभिभावकों को किसी विशेष दुकान, स्कूल परिसर में खुली दुकान या आसपास अस्थायी रूप से खुली दुकान से किताबें, शिक्षण सामग्री या वर्दी खरीदने के लिए मजबूर करता है या शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित शर्तों से अधिक फीस वसूलता है तो शिक्षा विभाग पंजाब द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिकायत सही पाए जाने पर स्कूल की मान्यता की जा सकती है रद्द उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि कोई निजी स्कूल प्रबंधन उन्हें किसी विशेष दुकान से किताबें या वर्दियां खरीदने के लिए बाध्य करता है तो वे सीधे जिला शिक्षा कार्यालय अमृतसर से संपर्क करें। शिकायत सही पाए जाने पर स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। इस अवसर पर परमिंदर सिंह सरपंच (जिला मीडिया कोऑर्डिनेटर), राजदीप सिंह स्टेनो और अन्य शिक्षा कर्मचारी भी उपस्थित थे।

हरियाणा में निकाय चुनाव भी अगले महीने, पंजाब में डेरा फैक्टर चर्चा में

चंडीगढ़ चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा समेत अन्य दलों ने कमर कस ली है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की हो रही है। वे पिछले कई महीनों से लगातार पंजाब के दौरे कर रहे हैं। पत्रकार राम चंद्र छत्रपति हत्याकांड में बरी किए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं गर्म हो गई हैं। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनावों की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं और राजनीतिक दल अपने पैर जमाने की कोशिश में जुटे हैं। हरियाणा में भी अगले महीने निकाय चुनाव होने हैं। बहुत जल्द इन चुनावों की घोषणा हो सकती है। पंजाब व हरियाणा की राजनीति में डेरा सच्चा सौदा का प्रभाव लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। दोनों राज्यों के कई प्रभावशाली नेता डेरा का आशीर्वाद लेने जाते रहे भी रहे हैं। पंजाब के मालवा क्षेत्र विशेष रूप से बठिंडा, मानसा, फरीदकोट, मुक्तसर, संगरूर और फाजिल्का जैसे जिलों में डेरा के अनुयायियों की बड़ी संख्या मानी जाती है। इन क्षेत्रों में कई विधानसभा सीटों पर डेरा समर्थकों की संख्या इतनी है कि वे चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। पंजाब के बीते चुनावों में कई राजनीतिक दल चुनाव के दौरान डेरा समर्थकों का समर्थन हासिल करने की कोशिश करते रहे हैं। इसी तरह से हरियाणा में पंजाब से लगते सीमावर्ती क्षेत्र सिरसा, अंबाला, कुरुक्षेत्र, हिसार में भी डेरा का अच्छा प्रभाव रहा है। गुरमीत राम रहीम को मिली कानूनी राहत का मनोवैज्ञानिक प्रभाव उनके अनुयायियों पर पड़ सकता है। यह अलग बात है कि साध्वियों से रेप के मामले में डेरा प्रमुख जेल में रहेंगे, फिर इस फैसले से उनके समर्थकों के बीच एक सकारात्मक संदेश जा सकता है। यदि डेरा नेतृत्व किसी राजनीतिक दल के पक्ष में खुलकर समर्थन देता तो मालवा क्षेत्र की कई सीटों पर चुनावी समीकरण बदल सकता है। इसका एक दूसरा पहलू भी है। पंजाब की राजनीति में सिख धार्मिक संगठनों और डेरा परंपराओं के बीच लंबे समय से वैचारिक टकराव रहा है। इसलिए यदि किसी राजनीतिक दल को डेरा समर्थकों का खुला समर्थन मिलता है, तो इससे कुछ सिख मतदाताओं के बीच नकारात्मक प्रतिक्रिया भी उत्पन्न हो सकती है। हालांकि यह तो वक्त ही बताएगा कि डेरा किसे समर्थन देता है। पंजाब में अगले साल चुनाव होने हैं। चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा समेत अन्य दलों ने कमर कस ली है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की हो रही है। वे पिछले कई महीनों से लगातार पंजाब के दौरे कर रहे हैं। इससे वे पंजाब में चर्चाओं के केंद्र में आ गए हैं। पंजाब में भाजपा अभी तक मजबूत जनाधार बनाने के प्रयास में है और वह पारंपरिक क्षेत्रीय समीकरणों से बाहर नए सामाजिक समूहों को जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।उधर, पंजाब में आम आदमी पार्टी भी रणनीति के तहत अपनी तैयारियों में जुटी हुई है।

गर्मी की चेतावनी: पंजाब में 33.5°C, AC और पंखे चालू रखने की सलाह

पटियाला पंजाब में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बढ़ती गर्मी के  बीच अधिकतम पारा सामान्य से 7.5 डिग्री ऊपर पहुंच गया। बठिंडा का तापमान 33.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो पूरे पंजाब में सबसे गर्म रहा। मार्च का दूसरा हफ्ता शुरू होते ही गर्मी ने भी अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। दिन में तेज धूप चूभने लगी है। इतना ही नहीं अब तो दिन में धूप में निकलने से भी लोग परहेज करने लगे हैं। क्योंकि चटख धूप से गर्मी का अहसास होने लगा है। दिन के साथ रात में भी ठंड का असर खत्म हो चुका है। यही वजह है कि लोगों ने रजाई-कंबल पैक कर दिए हैं और गर्मी से निजात के लिए पंखे एसी शुरू कर दिए हैं। दिन में तो एसी की जरूरत बढ़ गई है। पंजाब में बढ़ती गर्मी के बीच अधिकतम पारा सामान्य से 7.5 डिग्री ऊपर पहुंच गया। शनिवार को सबसे अधिक 33.5 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज किया गया। पंजाब का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 5.4 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान में 0.7 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले छह दिन पंजाब में मौसम शुष्क रहने की भविष्यवाणी की है। इससे आने वाले दिनों में तापमान में 1 से 2 डिग्री की और वृद्धि दर्ज की जा सकती है। अमृतसर का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, लुधियाना का 32.8 डिग्री, पटियाला का 31.8 डिग्री, पठानकोट का 31.5 डिग्री, एसबीएस नगर का 30.8 डिग्री, फिरोजपुर का 33.0 डिग्री, होशियारपुर का 31.8 डिग्री, रूपनगर का 31.8 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर का न्यूनतम पारा 15.8 डिग्री, लुधियाना का 15.4 डिग्री, पटियाला का 17.1 डिग्री, पठानकोट का 14.2 डिग्री और सबसे कम 13.9 डिग्री का बठिंडा का दर्ज किया गया। इसके साथ ही फरीदकोट का 16.0 डिग्री, एसबीएस नगर का 16.2 डिग्री, फिरोजपुर का 14.7 डिग्री और होशियारपुर का 17.4 डिग्री दर्ज किया गया। बढ़ती गरमी के बीच मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत दोपहर के पीक घंटों के दौरान धूप में ज्यादा देर बाहर रहने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही गरमी से बचने के लिए तरल पदार्थों का ज्यादा सेवन करने और किसानों को बढ़ते तापमान के कारण दिन में सिंचाई करने से बचने की सलाह दी है।

पंजाब कैबिनेट के बड़े फैसले 2026: हर परिवार को ₹10 लाख का फ्री इलाज, बजट में और क्या मिला?

चंडीगढ़  पंजाब की भगवंत मान सरकार ने रविवार को अपना वार्षिक बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2,60,437 करोड़ रुपये का बजट विधानसभा में रखा। वित्त मंत्री ने इस बजट को 'मां-बेटियों को समर्पित' बताते हुए इसे 'गारंटी पूरा करने वाला बजट' करार दिया। शिक्षा क्षेत्र के लिए ये प्रावधान स्कूल शिक्षा के लिए ₹19,279 करोड़ का बजट, पिछले वर्ष से 7% अधिक। कक्षा शिक्षा परिणामों में पंजाब देश में पहले स्थान पर, केरल जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ा। सिखिया क्रांति 2.0 के तहत अगले 6 वर्षों में ₹3500 करोड़ खर्च कर शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। उच्च शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटी स्थापित होगी। ITI सीटें 35,000 से बढ़ाकर 52,000 की गईं। पंजाब की 11 जेलों में ITI शुरू। टेक्निकल एजुकेशन के लिए ₹569 करोड़ रुपये। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹6,879 करोड़ का बजट मुख्यमंत्री सेहत योजना हर परिवार को ₹10 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा। राज्य के लगभग 65 लाख परिवारों को लाभ। 900 से अधिक सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज। योजना के लिए ₹2,000 करोड़ का बजट। आम आदमी क्लिनिक राज्य में 881 आम आदमी क्लिनिक कार्यरत। 565 ग्रामीण क्षेत्रों में 316 शहरी क्षेत्रों में 107 दवाइयां और 47 टेस्ट मुफ्त। अब तक लगभग 5 करोड़ OPD विजिट। 55% लाभार्थी महिलाएं। नए क्लिनिक 143 नए आम आदमी क्लिनिक बनाए जाएंगे। 308 हेल्थ सेंटर को अपग्रेड किया जाएगा। 5 वर्षों में कुल 1,432 क्लिनिक स्थापित करने का लक्ष्य। इसके लिए ₹351 करोड़ का बजट। अस्पताल सुधार 23 जिला अस्पताल और 42 उप-डिविजनल अस्पताल अपग्रेड। ₹300 करोड़ की मेडिकल मशीनरी खरीदी जा रही है। स्वास्थ्य भर्ती 2022 से अब तक 934 डॉक्टर भर्ती। 400 विशेषज्ञ डॉक्टर और भर्ती किए जाएंगे। 400 नर्स भर्ती, 500 और भर्ती की प्रक्रिया में। कृषि और किसान कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए ₹15,377 करोड़। किसानों को मुफ्त बिजली के लिए ₹7,715 करोड़। कपास के बीज पर 33% सब्सिडी। डायरेक्ट सीडेड राइस पर ₹1500 प्रति एकड़ सहायता। फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी पर 80% तक सब्सिडी। कृषि में मक्का को बढ़ावा देने के लिए नई योजना। बागवानी बागवानी विकास के लिए ₹1300 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट। 2035 तक फल-सब्जी क्षेत्र को 4.59 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 17.34 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य।

Punjab Budget 2026: लुधियाना में मेडिकल कॉलेज, ₹250 करोड़ वाटर प्रोजेक्ट, हलवारा एयरपोर्ट से जल्द उड़ानें

चंडीगढ़  पंजाब सरकार के आज पेश किए गए बजट में औद्योगिक राजधानी लुधियाना को बड़ी सौगातें मिली हैं। सरकार ने स्वास्थ्य,कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं।  सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि लुधियाना को अब सिर्फ उद्योगों के शहर के रूप में नहीं बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। शहर में सरकारी मेडिकल कॉलेज बनने से स्थानीय छात्रों को मेडिकल की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के विद्यार्थियों को भी बड़ा फायदा मिलेगा। साथ ही शहर में डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता भी बढ़ेगी। बजट में लुधियाना के लिए ₹250 करोड़ की लागत से वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट की घोषणा की गई है। इस प्रोजेक्ट के तहत शहर के पुराने और जर्जर जल सप्लाई नेटवर्क को अपग्रेड किया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद उन इलाकों में भी 24 घंटे स्वच्छ पानी की आपूर्ति संभव हो सकेगी जहां लोग लंबे समय से पानी की कमी से जूझ रहे हैं। हलवारा एयरपोर्ट से जल्द शुरू होंगी उड़ानें हलवारा एयरपोर्ट टर्मिनल का काम पूरा हो चुका है और बजट में इसके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य जल्द से जल्द यहां से कमर्शियल फ्लाइट्स शुरू करना है। हलवारा एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यात्रियों को छोटे विमानों वाले साहनेवाल एयरपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यहां से बड़े विमानों की उड़ानें संभव होंगी जिससे दिल्ली और अन्य बड़े शहरों की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। बजट से लुधियाना को क्या होगा फायदा जानकारी देते हुआ पंकज शर्मा ने कहा व्यापार होजरी और साइकिल उद्योग के कारोबारियों को देश-विदेश से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। रोजगार, मेडिकल कॉलेज और एयरपोर्ट के आसपास होटल, मार्केट और लॉजिस्टिक्स में हजारों रोजगार बनेंगे। हलवारा और शहर के बाहरी इलाकों में जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना, स्वास्थ्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए शहर में ही उन्नत मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध होंगी।  विशेषज्ञों का मानना है कि ₹250 करोड़ का वाटर प्रोजेक्ट शहर के गिरते भूजल स्तर को नियंत्रित करने में मदद करेगा। वहीं हलवारा एयरपोर्ट शुरू होने से लुधियाना का एक्सपोर्ट बिजनेस करीब 30% तक बढ़ सकता है, क्योंकि सैंपल और जरूरी माल भेजने में समय की काफी बचत होगी। कुल मिलाकर यह बजट लुधियाना के विकास के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मेडिकल कॉलेज और एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में शहर की अर्थव्यवस्था और जीवनशैली दोनों को नई दिशा दे सकते हैं।

पंजाब सरकार का बड़ा कदम: हेल्थ सेक्टर को बढ़ावा, आम जनता के लिए 143 क्लीनिक तैयार

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया है। राज्य के बजट में हेल्थ सेक्टर के लिए ₹6,879 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय बढ़ोतरी मानी जा रही है। सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और राज्य के नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। 143 नए आम आदमी क्लीनिक खुलेंगे बजट में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 143 नए आम आदमी क्लीनिक खोलने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही कई स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया जाएगा। इन क्लीनिकों के जरिए लोगों को मुफ्त दवाइयां, जांच और प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे आम नागरिकों को अस्पतालों पर निर्भरता कम करनी पड़ती है। मौजूदा क्लीनिकों से लाखों लोगों को लाभ राज्य में पहले से चल रहे आम आदमी क्लीनिकों का नेटवर्क तेजी से बढ़ा है। वर्तमान में सैकड़ों क्लीनिक संचालित हो रहे हैं, जहां अब तक करोड़ों मरीज उपचार प्राप्त कर चुके हैं। इन केंद्रों पर कई प्रकार की जांच और आवश्यक दवाइयां मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हुई हैं। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना से कैशलेस इलाज सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना को भी विस्तार दिया है। इस योजना के तहत राज्य के लाखों परिवारों को हर साल ₹10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यह सुविधा सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में लागू है, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज का आर्थिक बोझ कम करने का प्रयास किया गया है। अस्पतालों के आधुनिकीकरण और भर्ती पर फोकस बजट में जिला और उप-जिला अस्पतालों के आधुनिकीकरण के लिए भी धनराशि तय की गई है। नई मेडिकल मशीनें, उपकरण और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ डॉक्टरों और नर्सों की भर्ती पर भी जोर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना और लोगों तक गुणवत्तापूर्ण इलाज पहुंचाना है। पंजाब बजट 2026 में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, क्लीनिक नेटवर्क बढ़ाने और कैशलेस इलाज जैसी योजनाओं पर विशेष फोकस दिखाई देता है। सरकार का मानना है कि इन पहलों से राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएं अधिक सुलभ और प्रभावी बनेंगी।

अचानक रद्द हुई कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, अमृतसर एयरपोर्ट पर हाहाकार

अमृतसर (पंजाब) एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और कतर एयरवेज की कुछ उड़ानों पर भी असर पड़ा है। कई उड़ानें या तो रद्द की गईं या उनका संचालन स्थगित कर दिया गया, जिससे बड़ी संख्या में यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुईं। अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से उड़ानों के रद्द होने का सिलसिला लगातार जारी है। रविवार को भी कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गई हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़े सैन्य तनाव और कुछ देशों के हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा है। जानकारी के अनुसार अमृतसर से खाड़ी और यूरोप के लिए संचालित कई उड़ानें रद्द कर दी गईं। इनमें दुबई, शारजाह और दोहा रूट की उड़ानें भी प्रभावित हुईं। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक एयरलाइनों ने सुरक्षा कारणों से इन सेवाओं को अस्थायी रूप से रद्द किया। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और कतर एयरवेज की कुछ उड़ानों पर भी असर पड़ा है। कई उड़ानें या तो रद्द की गईं या उनका संचालन स्थगित कर दिया गया, जिससे बड़ी संख्या में यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुईं। रद्द हुई प्रमुख उड़ानों में दुबई-अमृतसर, अमृतसर-शारजाह, शारजाह-अमृतसर, अमृतसर-दुबई, लंदन-अमृतसर और अमृतसर-बर्मिंघम जैसी अंतरराष्ट्रीय सेवाएं शामिल बताई जा रही हैं। उड़ानें रद्द होने के कारण कई यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए। संबंधित एयरलाइनों ने प्रभावित यात्रियों को रिफंड या अगली उपलब्ध उड़ानों में समायोजित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

Punjab Budget 2026: SC महिला को ₹1500, पेंशनर्स को राहत, वित्तमंत्री बोले—हम जुमलेबाज नहीं

चंडीगढ़  पंजाब में बजट पेश करने से पहले वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने CM भगवंत मान से मुलाकात की थी। पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को 1000 रुपए महीना देने का ऐलान कर दिया है। खास बात ये है कि SC वर्ग की महिलाओं को 500 रुपए ज्यादा यानी 1500 रुपए महीने दिए जाएंगे।  पेंशनधारकों को भी इसका लाभ मिलेगा। हालांकि सरकारी कर्मचारियों और सांसदों-विधायकों को इससे बाहर रखा गया है। खास बात ये है कि AAP सरकार ने इस स्कीम को लेकर हरियाणा की BJP सरकार पर भी तंज कसा है। वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने विधानसभा में बोलते हुए कहा कि हमारे पड़ोसी राज्य की सरकार ने इनकम लिमिट लगा दी। जिसमें सिर्फ 20% महिलाएं ही कवर होती हैं। वित्तमंत्री ने कहा कि हम जुमलेबाजी नहीं करते। पंजाब में इस स्कीम से 97% महिलाएं कवर होंगी। CM भगवंत मान सिर्फ 20% महिलाओं नहीं बल्कि 100% महिलाओं के मुख्यमंत्री हैं। महिलाओं के लिए 1 हजार रुपए राशि का ऐलान करते हुए वित मंत्री हरपाल सिंह चीमा। जिस पर जमकर तालियां बजी। महिलाओं के लिए 1 हजार रुपए राशि का ऐलान करते हुए वित मंत्री हरपाल सिंह चीमा। जिस पर जमकर तालियां बजी। SC महिलाओं को 500 रुपए ज्यादा मिलेंगे वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ शुरू की गई है। इस योजना के तहत पंजाब की हर बालिग महिला को हर महीने ₹1000 सीधे उसके बैंक खाते में दिए जाएंगे। इसके अलावा SC समुदाय की महिलाओं को हर महीने ₹1500 सीधे उनके खाते में दिए जाएंगे। वित्तमंत्री चीमा ने कहा- मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह योजना सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की पहली डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (यूनिवर्सल कैश ट्रांसफर) योजना होगी, जो महिलाओं के लिए शुरू की जा रही है। पंजाब में 18 वर्ष से अधिक उम्र की हर महिला इस योजना के तहत पंजीकरण करा सकेगी। चीमा ने कहा- केवल कुछ कैटेगरी की महिलाओं को इस स्कीम से बाहर रखा गया है, जिनमें मौजूदा या पूर्व स्थायी सरकारी कर्मचारी, मौजूदा या पूर्व सांसद/विधायक और आयकर देने वाली महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं जैसे बुजुर्ग पेंशन, विधवा/निराश्रित महिला पेंशन या दिव्यांग पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के लिए पात्र होंगी। चीमा ने कहा- कुल मिलाकर पंजाब की लगभग 97% बालिग महिलाएं इस योजना के दायरे में आएंगी, जो भारत के किसी भी राज्य में सबसे अधिक कवरेज है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, घर के फैसलों में उनकी भूमिका को मजबूत करना, स्वास्थ्य और पोषण के स्तर में सुधार लाना और लड़कियों को पढ़ाई जारी रखने तथा बड़े सपने देखने के लिए प्रोत्साहित करना है। पड़ोसी राज्य ने इनकम लिमिट लगाई, सिर्फ 20% को लाभ चीमा ने कहा- कई राज्यों ने ऐसी योजनाओं की घोषणा तो की है, लेकिन वे उन्हें सिर्फ महिलाओं के एक छोटे वर्ग तक सीमित कर देते हैं और उन बड़ी संख्या में महिलाओं को नजरअंदाज कर देते हैं जो अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए भी पुरुषों पर आर्थिक रूप से निर्भर हैं। उदाहरण के तौर पर, हमारे एक पड़ोसी राज्य ने भी ऐसी ही योजना घोषित की, लेकिन उसे सालाना ₹1 लाख से कम आय वाले परिवारों तक ही सीमित रखा, जिससे सिर्फ लगभग 20% बालिग महिलाएं ही कवर होती हैं। पंजाब ऐसी जुमलेबाजी नहीं करेगा। CM भगवंत मान पंजाब की सिर्फ 20% महिलाओं के नहीं, बल्कि पंजाब की हर महिला के मुख्यमंत्री हैं। इसीलिए हमने फैसला किया है कि इस योजना के तहत राज्य की सभी बालिग महिलाओं को कवर किया जाएगा। किताबों-कोचिंग, फिल्म देखने के लिए पैसे मांगने की जरूरत नहीं चीमा ने कहा कि चाहे कॉलेज में पढ़ने वाली बेटी हो जिसे अतिरिक्त किताबों की जरूरत हो, सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही बेटी हो जिसे कोचिंग की जरूरत हो, कोई महिला जो सिनेमा हॉल में फिल्म देखना चाहती हो, या कोई दादी जो अपनी पोती के लिए नया खिलौना खरीदना चाहती हो, अब उन्हें अपने खर्चों के लिए किसी से पैसे मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब उनके बड़े भाई और बेटे सरदार भगवंत सिंह मान हर महीने ₹1000 से ₹1500 सीधे उनके बैंक खाते में जमा करवाएंगे। चीमा ने कहा कि इस योजना को पारदर्शी और समय पर लागू करने के लिए वित्त वर्ष 2026–27 में ₹9,300 करोड़ का विशेष बजट रखा गया है। वित्तमंत्री चीमा ने कहा- इस सीधी आर्थिक सहायता के साथ-साथ सरकार पंजाब में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा भी जारी रखेगी। यह सुविधा महिलाओं के लिए आवागमन, अवसर और पहुंच बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण साधन बन चुकी है। पिछले एक साल में ही इस योजना के तहत महिलाओं ने लगभग 12 करोड़ मुफ्त बस यात्राएं की हैं, जो इसकी लोकप्रियता और सामाजिक प्रभाव को दिखाता है। इस सुविधा से महिलाओं को काम, पढ़ाई, इलाज और पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए यात्रा करने में आर्थिक बोझ नहीं पड़ता। इस योजना को जारी रखने के लिए वित्त वर्ष 2026–27 में ₹600 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

भगवंत मान का बड़ा तोहफा महिलाओं के लिए, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शुरू होगा मासिक लाभ

चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया है। पंजाब की आप सरकार ने 8 मार्च को महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा की है। जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र की पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को इस योजना के तहत 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। आम आदमी पार्टी (AAP) के 2022 विधानसभा चुनाव से पहले दिए गए प्रमुख वादों में से एक थी। योजना के तहत 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे पंजाब की भगवंत मान सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राज्य सरकार ने 'मुख्यमंत्री मावां धीयां सतिकार योजना' की शुरुआत की घोषणा की है, जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र की पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को इस योजना के तहत 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। यह योजना आम आदमी पार्टी (AAP) के 2022 विधानसभा चुनाव से पहले दिए गए प्रमुख वादों में से एक थी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 'मिशन पंजाब' रैली के दौरान यह गारंटी दी थी कि AAP की सरकार बनने पर राज्य की हर वयस्क महिला को मासिक 1000 रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं लाभान्वित होंगी AAP ने दावा किया है कि पार्टी द्वारा चुनाव में दी गई लगभग सभी गारंटियां पूरी की जा चुकी हैं, और यह योजना महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा देने का एक और बड़ा कदम है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज विधानसभा में राज्य का बजट पेश करते हुए इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इससे राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं लाभान्वित होंगी। हालांकि योजना के तहत वर्तमान या पूर्व सांसद-विधायक, स्थायी सरकारी कर्मचारी (वर्तमान या पूर्व) और आयकर दाता महिलाएं पात्र नहीं होंगी। राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई जाएगी, जिससे पारदर्शिता और प्रभावी वितरण सुनिश्चित होगा। AAP सरकार महिलाओं के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें छोटे-मोटे खर्चों के लिए परिवार पर निर्भर न रहने में मदद करेगी। उन्होंने जोर दिया कि AAP सरकार महिलाओं के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। योजना की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर होने से इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। विपक्षी दलों ने इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह वादा चार साल बाद पूरा हो रहा है, और सरकार को पिछले वर्षों की बकाया राशि भी चुकानी चाहिए। हालांकि, AAP का कहना है कि सरकार ने अन्य वादों की तरह इस गारंटी को भी पूरा करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। यह योजना पंजाब की महिलाओं के लिए एक बड़ा तोहफा साबित हो सकती है, जो न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाएगी बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण में भी योगदान देगी। योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है।