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पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: 4 मार्च (बुधवार) को प्रदेशभर में अवकाश, सब संस्थान बंद

पंजाब पंजाब सरकार ने होली के पर्व के अवसर पर 4 मार्च (बुधवार) को राज्य में सरकारी छुट्टी घोषित कर दी है। इस आदेश के तहत पूरे पंजाब में स्कूल, कॉलेज और सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। बता दें कि इस वर्ष होलिका दहन 3 मार्च की शाम को किया जाएगा, जबकि होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने 4 मार्च को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया है।  

करोड़ों की हेरोइन सहित नशा तस्कर गिरफ्तार

फिरोजपुर. सीआईए स्टाफ फिरोजपुर की पुलिस ने पंजाब सरकार की नशा विरोधी मुहिम तहत कार्रवाई करते हुए एसएसपी फिरोजपुर भूपिन्द्र सिंह के दिशा निर्देशानुसार नशा तस्करों के खिलाफ चलाई मुहिम तहत गश्त व चैकिंग के दौरान मिली सूचना के अधार पर करोड़ों रुपए की डिलीवरी देने के लिए आए नशा तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद करने में सफलता हासिल की है। उक्त मामलें में पुलिस ने गिरफ्तार किए नशा तस्कर के खिलाफ थाना आरफके में एनडीपीएस एक्ट तहत मामला दर्ज किया है। जानकारी देते हुए एसएसपी फिरोजपुर भूपिन्द्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने नशा बेचने वाले लोगों को गिरफ्तार करने के लिए उच्चाधिकारियों व पंजाब सरकार के निर्देशानुसार मुहिम चलाई हुई है। उन्होंने बताया कि उक्त मुहिम तहत थाना सीआईए स्टाफ फिरोजपुर के इंस्पैक्टर मोहित धवन को बीते दिन गश्त व चैकिंग के दौरान फिरोजपुर से मल्लांवाला रोड परगांव अटारी के नजदीक सूचना मिली थी कि सोनू सिंह पुत्र महिन्द्र सिंह वासी गांव किलचे हालवासी गांव भंबा सिंह वाला उर्फ मतड़ हेरोइन बेचने का आदि है और आज भी वह हेरोइन लेकर आगे डिलीवरी देने के लिए कच्चा बांध गांव अक्कू वाला में खड़ा किसी का इंतजार कर रहा है। जिस पर पुलिस ने छापेमारी करके सोनू को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 6 किलो 38 ग्राम हेरोइन बरामद की है। एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने गिरफ्तार नशा तस्कर सोनू से पूछताछ कर रही है कि वह हेरोइन की डिलीवरी किसे देने के लिए आया था और अभी इस मामलें में ओर भी अहम सुराग हाथ लगने की संभावना है, जिसका खुलासा आने वाले समय में किया जाएगा। 

पंजाब सरकार से कैदियों की माफी पर विधानसभा कमेटी से रखी मांग

लुधियाना. पंजाब विधानसभा की शेड्यूल्ड कास्ट,शेड्यूल्ड ट्राइब्स व बैकवर्ड क्लास के वेलफेयर के लिए बनी कमेटी ने ताजपुर रोड की सैट्रल जेल, ब्रौस्टल जेल व महिला जेल, का निरीक्षण किया। और कैदियों/हवालातियों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। कैदियों ने कमेटी को बताया कि उन्हें लंबे समय से माफी नहीं मिली है। इसलिए माफी दी जानी चाहिए। जेलों की बैरको, किचन,खाने की सर्विस, टॉयलेट,साफ-सफाई व दूसरी सुविधाओं का अच्छी तरह से निरीक्षण किया। उन्होंने जेलों के अंदर किचन के खाने का स्वाद भी चखा। शऔर कैदियों से बातचीत की। उन्होंने साफ़-सफ़ाई बनाए रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।खासकर किचन में,जहाँ उन्होंने खुद कैदियों/हवालातियों को दिए जाने वाले खाने की क्वालिटी और सफ़ाई की जाँच की।उन्होंने जेल हॉस्पिटल का दौरा किया। ओएटी क्लिनिक,एच आई वी, टीबी के इलाज के लिए एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी आर्ट व काउंसलिंग प्रोग्राम जैसी मेडिकल सर्विस के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित की। उन्होंने कैदियों के लिए काफ़ी वॉशरूम और उनकी रेगुलर सफ़ाई और मेंटेनेंस की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।जेल के आस-पास के इंडस्ट्रियल एरिया को ध्यान में रखते हुए, चेयरपर्सन ने उस इंडस्ट्री में इस्तेमाल हो रहे कैमिकल की पहचान करने और डिज़ास्टर की तैयारी के हिस्से के तौर पर उनके एंटीडोट्स आदि जैसे इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्लान का पता लगाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।उन्होंने बेकरी, बढ़ईगीरी,वेल्डिंग, पावरलूम, बुनाई लकड़ी का काम और टेलरिंग वर्कशॉप जैसे वोकेशनल सेक्शन का भी दौरा किया। उन्होंने सीसीटीवी कंट्रोल रूम और दूसरी मनोरंजन की जगहों का भी इंस्पेक्शन किया। जेल अधिकारियों ने उन्हें कैदियों के स्किल डेवलपमेंट के लिए उपलब्ध अलग-अलग इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (आईटीआई) कोर्स के बारे में बताया।जेल अधिकारियों के साथ कमेटी सदस्यों ने एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसीजर का रिव्यू किया।और प्रोसेस को आसान बनाने के लिए निर्देश दिए।ताकि यह पक्का हो सके। कि कैदी/हवालाती तय प्रोटोकॉल के मुताबिक अपने परिवार वालों से मिल सकें।कमेटी के दूसरे सदस्यों ने महिला जेल की कैदियों से बातचीत की। और उनसे जेल हॉस्पिटल में दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं,परोसे जा रहे खाने और उनकी कोर्ट में चल रहे केस के बारे में जानकारी ली।उन्होंने जेल के कैदियों को बताया कि जो कैदी अपने केस के लिए खुद वकील नहीं रख सकते, वह जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी,से निशुलक कानूनी सहायता ले सकते हैं। उन्होंने जेल के कैदियों से कहा कि निशुलक लीगल एड लेने के लिए वह जेल में खुले लीगल एड क्लिनिक में जाकर लीगल एड फॉर्म भर सकते हैं। विधानसभा कमेटी ने आगे बताया कि महिला जेल की कैदियों/हवालातियां के अधिकारों का ध्यान रखा जाए।चेयरपर्सन व कमेटी मेंबर्स ने महिला जेल में महिला कैदियों के साथ रह रहे छोटे बच्चों से भी मुलाकात की। उन्हें पढ़ाई के लिए मोटिवेट किया।चेयरपर्सन व कमेटी मेंबर्स ने जाने से पहले जेल के विजिटर्स रजिस्टर में अपने सुझाव भी लिखे।इस अवसर पर असिस्टेंट कमिश्नर (जनरल) और सब डिविजनल मजिस्ट्रेट श्रीमती पायल गोयल, एडीजीपी (जेल) श्री अरुण पाल सिंह, डीआईजी पटियाला सर्कल (जेल)एसएस मंड,सेंट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट कुलवंत सिंह सिद्धू,डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट हरबंस सिंह, ब्रौस्टल जेल के सुपरिटेंडेंट गुरप्रीत सिंह, महिला जेल के सुपरिटेंडेंट दलबीर सिंह काहलो,डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट रवनीत कौर के अतिरिक्त जिले के सिविल व पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन के दूसरे अधिकारी भी मौजूद थे।

ट्राईसिटी में 1463 करोड़ रुपये के रिंग रोड को केंद्र की मंजूरी

चंडीगढ़. ट्राईसिटी को ट्रैफिक की समस्या से राहत मिलने जा रही है। केंद्र की ओर से ट्राईसिटी रिंग रोड परियोजना को मंजूरी दे दी गई। योजना के तहत 1,463.95 करोड़ की लागत से 6-लेन, एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड स्पर बनाया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर इस की जानकारी दी। भारतीय जनता पार्टी के महासचिव तरुण चुग ने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्री गडकरी का आभार व्यक्त किया है। चुग ने कहा कि यह निर्णय पंजाब के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम है। चुग ने कहा कि इस परियोजना से मोहाली, चंडीगढ़ और पंचकूला के प्रमुख जंक्शनों पर वर्षों से बनी ट्रैफिक समस्या में ठोस राहत मिलेगी। एनएच-44, एनएच-205A और एनएच-152 पर दबाव कम होगा और हिमाचल प्रदेश, विशेषकर शिमला क्षेत्र की ओर जाने वाली आवाजाही तेज और सुगम बनेगी। उन्होंने कहा कि यह केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने की व्यापक सोच का हिस्सा है। चुग ने बताया की इस कारिडोर से उद्योग, व्यापार, पर्यटन और लाजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ा लाभ होगा। किसानों, व्यापारियों, उद्यमियों और युवाओं को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिलेंगी, जिससे समय और ईंधन की बचत के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

मॉडर्न जेल के ऊपर तंबाकू और सिगरेट लेकर उड़ते ड्रोन को पत्थर मारकर गिराया

कपूरथला. पंजाब के कपूरथला में देर रात मॉडर्न जेल परिसर के ऊपर एक ड्रोन उड़ता हुआ देखा गया। हालांकि, जेल अधिकारियों ने ड्रोन को गिरा दिया। अगली सुबह सर्च करने पर एक सिक्योरिटी टावर के पास भूरे रंग का ड्रोन मिला, और उससे तंबाकू, सिगरेट, रोलिंग पेपर और एक लाइटर बरामद हुआ। पंजाब की जेल में ड्रोन से सामान पहुंचाने का यह पहला मामला है, जिससे जेल प्रशासन की चिंताए बढ़ गई है। बेशक जेल प्रशासन की मुस्तैदी ने ड्रोन से सामान अंदर पहुंचाने के मंसूबे को नाकाम कर दिया है, लेकिन यह जेल प्रशासन के लिए खतरे की घंटी है। एसपी जेल के अनुसार, ड्रोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है और अज्ञात के खिलाफ प्रीजन एक्ट, बीएनएस और एयरक्राफ्ट एक्ट के तहत केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है। सुभानपुर रोड पर थेह कांजला स्थित मॉडर्न जेल कपूरथला के सहायक सुपरिटेंडेंट धीरज कुमार ने थाना कोतवाली की पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 17/18 की दरमियानी रात को वह ड्यूटी पर तैनात थे। रात करीब 11:30 बजे गश्त के दौरान जेल की सीमा के ऊपर एक ड्रोन मंडराता देखा। उन्होंने तुरंत तत्परता दिखाते हुए ड्रोन को गिरा दिया। फिर जेल गार्ड के साथ मिलकर पूरे जेल परिसर की तलाशी शुरू कर दी, लेकिन अंधेरा होने के कारण ड्रोन नहीं मिला। अगली सुबह होने पर उन्होंने जेल गार्ड के साथ फिर से पूरे जेल परिसर की तलाशी ली शुरू कर दी। सुबह करीब आठ बजे सुरक्षा टावर नं.9 के पीछे बैरक नं.3 के पास मिनी 255 कंपनी का एक भूरे रंग का ड्रोन पड़ा मिला। उसके साथ टेप से कुछ सामान लिपटा हुआ था, जिसे खोलने पर उसमें से तंबाकू, सिगरेट, रोलिंग पेपर और पांच लाइटर बरामद हुए। एसपी जेल श्यामल ज्योति ने बताया कि ड्रोन के आपरेटिंग कंट्रोल का पता लगाने के लिए उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। वहां से रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कि ड्रोन कहां से आया है। इसके अलावा उन्होंने जेल के अंदर चौकसी बढ़ा दी है। इस तरह की गतिविधियां कतई बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

पंजाब में जल संकट के बीच चार दोस्तों ने लगाए 1500 वर्षा जल संचयन प्लांट

जालंधर. ‘बिन पानी सब सून’, ‘पवन गुरु पानी पिता, माता धरत महत्त’ सरीखे श्लोक। जिनका जिक्र धार्मिक ग्रंथों में किया गया है। यहीं प्रेरणा अध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर जी ने अपने अनुयायियों को देते है। जिसके तहत श्री श्री रवि शंकर जी ने अपने प्रवचनों में बताया है कि ‘प्रकृति का सम्मान करना और उसकी रक्षा करना ही सच्ची भक्ति है’। उनकी इस सोच को शहर के चार कारोबारियों ने ना केवल जीवन में अपनाया है, बल्कि इसे मिशन बनाकर इस दिशा में कार्य कर रहे है। इसके लिए उन्होंने द वरुण मित्रा कंपनी की शुरूआत की। जिसके बैनर तले वैज्ञानिक तरीके से वर्षा जल संचयन प्रणालियों को डिजाइन तथा इंस्टाल किया जा रहा है। कंपनी के हर प्रोजेक्ट में पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी को प्राथमिकता दी जाती है। यह सफर 2012 में शुरू हुआ था। जिसके तहत 14 वर्षों में अभी तक देश भर में 1500 से अधिक वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाए जा चुके है। यह मिशन केवल वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगवाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि श्री श्री रविशंकर जी द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लेकर दी जा रही प्रेरणा के तहत समाज को भी इन चार दोस्तों द्वारा जागरूक किया जा रहा है। 2012 में हुई थी कंपनी की शुरुआत द वरुण मित्रा लेबर एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी की शुरुआत 2012 में हुई थी, बाद में इसे द वरुण मित्रा कंपनी के रूप में विकसित किया गया। संस्था द्वारा लगवाए जा रहे प्लांट्स की 1500 से लेकर तीन लाख लीटर तक है, जो वर्षा के पानी को स्टोर करने और भू-जल स्तर को रिचार्ज करने में मदद करते हैं। इन प्लांट्स के जरिए अब तक करोडो़ं लीटर पानी रिचार्ज किया जा चुका है। कंपनी के संचालक रमन कुमार बठला, गुरमीत सिंह गोल्डी, राजेश शर्मा व परमवीर सिंह के मुताबिक वर्षा के पानी को जमीन के नीचे आरसीसी टैंक्स में स्टोर किया जाता है, जो 3 से 4 दिनों में स्थापित हो जाते हैं। सामाजिक जिम्मेदारी का कर रहे निर्वाह रमन कुमार बठला ने कहा कि उनका मकसद आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध करवाना है। जिस रफ्तार के साथ जल स्तर गिर रहा है, समाज में चेतना ना आई तो परिणाम गंभीर होने तय है। उनके सहित चारों दोस्तों का अपना-अपना कारोबार है। ऐसे में वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगवाना व्यावसायिक पहल नहीं सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वाह किया जा रहा है। पर्यावरणीय जागरूकता फैलाने के बीच बिना किसी लाभ के इस प्रोजैक्ट को अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घरेलू प्रोजैक्ट में 50 हजार से लेकर एक लाख लीटर पानी की क्षमता वाले प्लांट लगाए जा रहे है। इसी तरह कमर्शियल प्रोजैक्ट में एक से तीन लाख लीटर पानी क्षमता वाले प्लांट लगाए जा रहे है। देश के कई नामी संस्थानों में लगा चुके है प्लांट द वरुणा मित्रा द्वारा देश के कई नामी संस्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाए जा चुके है। जिसमें विश्व विख्यात पवित्र धार्मिक स्थल श्री दरबार साहिब अमृतसर, पंजाब के एकमात्र सिद्ध शक्तिपीठ श्री, आदमपुर एयरपोर्ट, टाटा कैंसर अस्पताल मोहाली, सोनालिका कंपनी, बस स्टैंड पटियाला, जिला प्रशासकीय परिसर जालंधर, गोरखनाथ मंदिर बठिंडा सहित कई नामी जगहों पर प्लांट लगाकर ना केवल जल संरक्षण की पहल की गई है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। विशेष नीति बनाए जाने की जरूरत इस बारे में रमन कुमार बठला बताते है कि जल संरक्षण परियोजनाओं के लिए विशेष नीति बनाए जाने की जरूरत है। जिसमें सब्सिडी, टैक्स में छूट के साथ प्लांट लगवाने का प्रोत्साहन जरूरी है। जबकि, इस समय इस सामाजिक प्रोजैक्ट पर 18 प्रतिशत टैक्स लगाया गया है। जिसमें राहत की जरूरत है। इसके अलावा नए निर्माणों, खासकर शहरी क्षेत्रों में, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य करने, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) माडल के तहत सहयोग देना चाहिए। इसी तरह डमी प्लांट लगाकर औपचारिकता पूरी करने वाले संस्थानों की तलाश करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार को एक मानिटरिंग एजेंसी बनानी चाहिए, जो प्लांट लगाने को सार्टिफाइट तो करे ही साथ ही इमारतों में लगाए जा रहे प्लांटस को सुनिश्चित किए जाने का काम भी करे। इसके अलावा सोलर की तर्ज पर वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाने पर सब्सिडी तथा एनजीओ या कम्यूनिटी स्तर पर प्लांट लगवाने के लिए पहल किए जाने की अहम जरूरत है।

ट्राईसिटी को राहत: 6-लेन स्पर प्रोजेक्ट को मंजूरी, रवनीत सिंह बिट्टू बोले- केंद्र का आभार

चंडीगढ़ केंद्र सरकार ने पंजाब के लिए एक बड़ी सौगात दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एनएच-205ए के अंबाला-चंडीगढ़ सेक्शन को जीरकपुर बाईपास से जोड़ने वाले 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड स्पर के निर्माण के लिए 1,463.95 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस योजना पर खुशी जाहिर की और केंद्र सरकार का आभार जताया। यह प्रोजेक्ट ट्राइसिटी रिंग रोड (चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला) का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो क्षेत्र की यातायात समस्याओं को काफी हद तक हल करने वाला साबित होगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके इस प्रोजेक्ट की जानकारी दी। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि यह कॉरिडोर मोहाली, चंडीगढ़ और पंचकूला के मुख्य शहरी चौराहों पर ट्रैफिक को डायवर्ट करके भीड़ कम करेगा। उन्होंने बताया कि इससे एनएच-44, एनएच-205ए और एनएच-152 पर भारी वाहनों का दबाव घटेगा। खास तौर पर हिमाचल प्रदेश, विशेषकर शिमला क्षेत्र की ओर जाने वाले यात्रियों को तेज और आसान कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे यात्रा का समय कम होगा और क्षेत्रीय आर्थिक जुड़ाव मजबूत होगा। यह प्रोजेक्ट सड़क सुरक्षा बढ़ाने, प्रदूषण कम करने और आर्थिक विकास को गति देने में मददगार साबित होगा। पंजाब से सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए नितिन गडकरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "पंजाब की तरक्की को प्राथमिकता देने के लिए गडकरी जी का शुक्रिया। यह 6-लेन ग्रीनफील्ड स्पर ट्राइसिटी रिंग रोड प्रोजेक्ट के तहत एक बड़ा बदलाव लाएगा। इससे चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में ट्रैफिक जाम कम होगा, हिमाचल तक पहुंच आसान बनेगी, सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और प्रदूषण घटेगा। पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यह विश्व-स्तरीय कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर से विकास का वादा पूरा करने वाला कदम है।" ट्राइसिटी क्षेत्र लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है। चंडीगढ़ ट्राइसिटी रिंग रोड प्रोजेक्ट कुल मिलाकर 244 किलोमीटर लंबा है और इसकी अनुमानित लागत 12,000 करोड़ रुपए से अधिक है। यह परियोजना पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत चल रही है, जिसका उद्देश्य इंटरस्टेट मूवमेंट को सुगम बनाना और क्रॉनिक बॉटलनेक्स को दूर करना है।

CM भगवंत मान को चेतावनी: सुखबीर सिंह बादल बोले– पंजाब के हितों से कोई समझौता नहीं

खेमकरण शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को पंजाब का पानी राजस्थान में जाने से रोकने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि अगली एसएडी सरकार राजस्थान की सहायक नहर में बहने वाले पानी को पंजाब के खेतों की सिंचाई के लिए मोड़ देगी। अमरकोट के अनाज मंडी में पंजाब बचाओ, सुखबीर सिंह बादल ल्याओ अभियान के तहत रैली को संबोधित करते हुए एसएडी अध्यक्ष ने कहा कि हम कांग्रेस पार्टी द्वारा राज्य के साथ किए गए भेदभाव को खत्म करेंगे, जिसने नदी के आधे पानी को राजस्थान को दे दिया। सुखबीर बादल ने यह भी स्पष्ट किया कि एसएडी मुख्यमंत्री भगवंत मान को राज्य के हितों से समझौता नहीं करने देगी, क्योंकि केंद्र के पास ऑस्ट्रेलिया में उनकी 2500 एकड़ जमीन की खरीद से संबंधित फाइल है, जिसके चलते एसवाईएल नहर के माध्यम से हरियाणा को पानी दिया जा रहा है। यही कारण है कि भगवंत मान ने अब इस मुद्दे पर अपना रुख नरम कर लिया है और सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि वे पंजाब के पानी को हरियाणा को सौंपने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने घोषणा की कि 2027 में एसएडी की सरकार बनने पर वह गैंगस्टरों की संस्कृति और ड्रग माफिया राज को हमेशा के लिए खत्म कर देगी। उन्होंने कहा कि हम ऐसे तत्वों को दस साल तक जमानत देने से इनकार करने के लिए कानून बदलेंगे और उनकी संपत्तियों की नीलामी भी करेंगे। एसएडी अध्यक्ष ने पंजाबियों से हर चुनाव में नई राजनीतिक पार्टियों के साथ प्रयोग बंद करने की भावुक अपील की। ​​उन्होंने कहा कि अगर हमें पंजाब को बचाना है तो हमें एसएडी को सत्ता में वापस लाना होगा। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि अपने पिता एस प्रकाश सिंह बादल की तरह मैं पंजाब को तेजी से आगे ले जाऊंगा। उन्होंने यह भी उदाहरण दिया कि कैसे आम आदमी पार्टी ने राज्य को इस हद तक खोखला कर दिया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान नाममात्र के रह गए हैं और पूरा मुख्यमंत्री कार्यालय अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक बिभव कुमार के नियंत्रण में है। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे उद्योगपति राजिंदर गुप्ता को राज्यसभा नामांकन के लिए 75 करोड़ रुपए देने पड़े और लवली यूनिवर्सिटी के मालिक अशोक मित्तल ने नामांकन के लिए 50 करोड़ रुपए दिए। बादल ने पंजाब के लोगों के लिए समाज के सभी वर्गों को शामिल करते हुए कई प्रतिबद्धताओं की घोषणा की। किसानों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगली एसएडी सरकार के गठन के एक सप्ताह के भीतर उन सभी किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन दिए जाएंगे जिनके पास अभी तक कनेक्शन नहीं है। उन्होंने बाढ़ से निपटने के लिए नदियों पर पक्के बांध बनाने की भी घोषणा की, अब तक जिन लोगों को भूमि अधिकार से वंचित रखा गया था, उन्हें भूमि अधिकार देने का आश्वासन दिया और भूमि के संयुक्त स्वामित्व का मुफ्त विभाजन सुनिश्चित किया। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी द्वारा पहले वंचितों को दी जाने वाली सामाजिक कल्याण सुविधाओं को कम करने और अब उन्हें पूरी तरह से नकारने के बारे में बोलते हुए बादल ने कहा कि हम एस प्रकाश सिंह बादल द्वारा शुरू की गई सभी सामाजिक कल्याण योजनाओं को बढ़ाने के साथ-साथ कमजोर वर्गों के लिए और भी नई योजनाएं बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि आटा-दाल योजना को फिर से शुरू किया जाएगा, जिसमें आटा 4 रुपए प्रति किलो और दाल 20 रुपए प्रति किलो दी जाएगी। गरीब वर्गों को एक लाख रुपए की विवाह सहायता दी जाएगी और वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाकर 3100 रुपए प्रति माह की जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि गांवों में ‘लाल डोरा’ के अंतर्गत आने वाली सभी जमीनों को उनके मालिकों के नाम पर पंजीकृत किया जाएगा, सभी कच्चे मकानों का आधुनिक तरीके से पुनर्निर्माण किया जाएगा और सभी ग्रामीण सड़कों को कंक्रीट से पक्का किया जाएगा।

2 लाख बिजली खपतकारों की मीटर किराया राशि लौटाई

चंडीगढ़. चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ने शहर के करीब 2 लाख बिजली खपतकारों को राहत देते हुए मीटर किराय के रूप में वसूली गई राशि वापस कर दी है। जॉइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन और बिजली लोकपाल के निर्देशों की पालना करते हुए कंपनी ने ये रिफंड सीधा खपतकारों के बिजली खातों में जमा कर दिया है। यह फैसला रेगुलेटरी अथॉरिटीज द्वारा मीटर किराया खत्म किए जाने के बावजूद लंबे समय तक की गई वसूली के विरोध में आया है। उन्होंने कहा कि कंपनी खपतकारों के हितों की रक्षा करने और बिलिंग प्रणाली में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वचनबद्ध है। इस कदम से शहर के लाखों लोगों को आर्थिक राहत मिली है, जिससे बिजली विभाग और नई कंपनी की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों का भी निपटारा हो गया है।

दिल्ली से अमृतसर के बीच दौड़ेगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

चंडीगढ़. पंजाब के लोगों को एक और सौगात मिलने वाली है। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने यात्रियों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अगली सर्दियों तक रेलवे दिल्ली से अमृतसर के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहा है। यह जानकारी उन्होंने लुधियाना जिले के दोराहा में रेलवे ओवरब्रिज के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान दी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित ट्रेन चंडीगढ़, लुधियाना और जालंधर होते हुए चलेगी, जिससे पंजाब के प्रमुख शहरों और राष्ट्रीय राजधानी के बीच यात्रा और अधिक आसान हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस ट्रेन के संचालन के लिए अंतिम स्टेशनों पर लोको शेड की जरूरत होती है और इसके लिए लाडोवाल क्षेत्र में जमीन चिन्हित कर ली गई है, जहां यह सुविधा बनाई जाएगी। रेलवे द्वारा शुरू की जा रही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी के यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक सफर देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसमें सोने की सुविधा वाली बर्थ, सेंसर आधारित लाइटिंग, बायो-वैक्यूम टॉयलेट, स्वचालित दरवाजे, चार्जिंग प्वाइंट और अन्य आधुनिक सुविधाएं होंगी। ट्रेन को लगभग 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने के लिए डिजाइन किया गया है और यह उन्नत सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ से भी लैस होगी। बताया गया कि भविष्य में ऐसी ट्रेनें देश के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी चलाई जाएंगी, जिनमें दिल्ली से श्रीनगर और अन्य व्यस्त रूट शामिल हो सकते हैं। मंत्री दोराहा रेलवे स्टेशन के पास लेवल क्रॉसिंग नंबर 164-एबी पर बनने वाले रोड ओवरब्रिज की आधारशिला रखने पहुंचे थे। यह पुल बनने के बाद दोराहा और नीलोन के बीच संपर्क बेहतर होगा तथा लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कारणों से परियोजना लंबे समय से लंबित थी, लेकिन अब इसके निर्माण से क्षेत्र में सड़क और रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। समारोह में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।