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नए साल पर J&K बनेगा म्यूज़िक हब, मशहूर पंजाबी सिंगर लगाएंगे सुरों का तड़का

जम्मू  जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के जम्मू में पंजाबी संगीत प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के लोकप्रिय कलाकार निंजा जम्मू पहुंच रहे हैं। वह पटनीटॉप–सानासर विंटर कार्निवल 2025 के दौरान अपनी लाइव परफॉर्मेंस से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। ठंड और रोमांच के अनोखे संगम के साथ यह बहुप्रतीक्षित विंटर कार्निवल 30 और 31 दिसंबर 2025 को सानासर और पटनीटॉप में आयोजित किया जाएगा। साल के अंत में होने वाला यह आयोजन पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनेगा। कार्निवल के दौरान पंजाबी सिंगर निंजा के लाइव शो के अलावा कई रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन स्थल पर लाइव म्यूजिक बैंड, स्थानीय लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां, घुड़सवारी, नाव दौड़ और ओपन माइक जैसे कार्यक्रम दर्शकों को रोमांचित करेंगे।   इसके साथ ही पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल, स्ट्रीट बाजार और मेगा गिफ्ट हैम्पर्स भी लोगों के लिए खास आकर्षण रहेंगे। पर्यटन विभाग की ओर से इस आयोजन को भव्य बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। पटनीटॉप–सानासर विंटर कार्निवल 2025 न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय प्रतिभाओं को भी एक नया मंच प्रदान करेगा।

विजिलेंस अमृतसर में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, नए SSP के तौर पर IPS अधिकारी की तैनाती

पंजाब  पंजाब सरकार द्वारा विजिलेंस के एसएसपी लखबीर सिंह को सस्पेंड किए जाने के बाद अब  नए अधिकारी की नियुक्ति कर दी गई है। विजिलेंस ब्यूरो पंजाब ने हरप्रीत सिंह, आईपीएस को अमृतसर का नया SSP विजिलेंस नियुक्त किया है। वे अब जिले में विजिलेंस से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी संभालेंगे। बता दें कि एसएसी लखबीर सिंह को भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों के चलते सस्पेंड किया गया था।   

SGPC पर सवालों के घेरे में 328 लापता स्वरूप, संगत की नाराजगी के बीच बोले CM भगवंत मान

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिरोमणि कमेटी और अकाली दल पर श्रीअकाल तख़्त साहिब और पंथ को ढाल बनाने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि ये लोग श्रीअकाल तख़्त साहिब और पंथ को अपने कर्मों से बचने के लिए ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 लापता हुए स्वरूपों के मामले में कोई कार्रवाई न होने से पूरी संगत नाराज़ है. शिरोमणि कमेटी इस पाप में शामिल अपने आकाओं के करीबी धनाढ्यों को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का ज़ोर लगा रही है. चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले कुछ सालों से पंजाबी और सिख समुदाय गहरे सदमे में है क्योंकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों के लापता होने के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. विशेष जांच टीम भी गठित उन्होंने कहा कि पंथक संगठनों और संत समाज ने लंबे समय से इस संबंध में कार्रवाई की मांग की है और इस उद्देश्य से राज्य सरकार तक भी पहुंच की है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अपनी नैतिक जिम्मेदारी के तहत राज्य सरकार ने इस संबंध में एफ.आई.आर. दर्ज की है और मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि एफ.आई.आर. दर्ज होते ही अपने आकाओं के निर्देशों पर शिरोमणि कमेटी ने प्रेस के माध्यम से जानकारी देना शुरू कर दी और धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार के खिलाफ ज़हर उगलना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी के मुखिया ने स्वीकार किया है कि कमेटी में रोज़ाना 10-12 घोटाले होते हैं, जो यह दर्शाता है कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए गोलक के धन का दुरुपयोग हो रहा है.   शिरोमणि कमेटी के फैसले पर सवाल उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी अपने आकाओं के इशारे पर यह दावा करती है कि राज्य सरकार पंथ के मामलों में हस्तक्षेप कर रही है, जो पूरी तरह गलत है, क्योंकि शिरोमणि कमेटी ने स्वयं दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव पारित किया है, जिस पर कार्रवाई करना राज्य सरकार का अधिकार है. उन्होंने कहा कि इस पाप में शामिल प्रभावशाली व्यक्तियों को बचाने के लिए शिरोमणि कमेटी ने बाद में अपने सभी प्रस्ताव वापस ले लिए. भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली शासन के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाशन के सभी अधिकार जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट, 2008 (पंजाब एक्ट) के माध्यम से शिरोमणि कमेटी को दिए गए थे, लेकिन अब जब राज्य सरकार इन स्वरूपों की बरामदगी सुनिश्चित करना चाहती है ताकि किसी भी प्रकार की बेअदबी या अन्य घिनौना अपराध न हो, तो ये लोग इसे धार्मिक रंग दे रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि शिरोमणि कमेटी हर तरह की ताकत चाहती है, लेकिन जनता के प्रति जवाबदेह नहीं बनना चाहती. उन्होंने कहा कि अब वे श्री अकाल तख़्त साहिब का इस्तेमाल अपने आकाओं के नज़दीकियों को बचाने के लिए करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी और उसके अध्यक्ष अकाली लीडरशिप के हाथों की कठपुतलियाँ हैं, जो इसे अपने निजी हितों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे एसआईटी से डरते हैं, क्योंकि शिरोमणि कमेटी और उनके आका जानते हैं कि निष्पक्ष और गहन जांच उनके घिनौने चेहरे बेनकाब कर देगी. लापता स्वरूप ढूंढने में नाकाम मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भले ही शिरोमणि कमेटी लापता स्वरूपों को ढूंढने में अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रही है, लेकिन राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस घिनौने अपराध के दोषियों को कानून के अनुसार सज़ा दी जाए. उन्होंने कहा कि पिछले 14 वर्षों से इस प्रतिष्ठित संस्था के चुनाव नहीं हुए हैं और इन नेताओं ने केंद्र सरकार से इसकी मांग तक नहीं की है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 स्वरूपों के लापता होने से हर सिख की भावना को गहरी ठेस पहुंची है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1920 में जब अकाली दल की स्थापना हुई थी, तब उसे शेरों की पार्टी के रूप में जाना जाता था, लेकिन मौजूदा नेताओं ने उसे डायनासोरों की पार्टी में बदल दिया है. उन्होंने कहा कि वर्तमान अकाली लीडरशिप केंद्र सरकार के सामने राज्य के मुद्दे उठाने से कतराती है, जबकि राज्य सरकार ने इसमें कोई कमी नहीं छोड़ी. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसके पीछे एकमात्र कारण सत्ता की लालसा है, जिसके चलते अकाली लीडरशिप हर राज्य-विरोधी रुख अपनाने से भी नहीं झिझकते.  

घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित: हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में हादसों का खतरा, रेल सेवाएं बाधित

चंडीगढ़  उत्तर भारत में सर्दी का असर और गहरा गया है। हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में लगातार तीसरे दिन घनी धुंध छाई रही, जिससे जनजीवन के साथ सड़क और रेल यातायात पर भी बड़ा असर पड़ा। सुबह के समय कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम रही और वाहन धीमी गति से चलते नजर आए। चंडीगढ़ में सुबह घना कोहरा छाया रहा। प्रमुख सड़कों और चौराहों पर विजिबिलिटी कम होने के कारण वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर और सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए चलना पड़ा। प्रशासन ने अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्कता बरतने की सलाह दी है। हरियाणा: तीसरे दिन भी राहत नहीं हरियाणा के कई जिलों में तीसरे दिन भी कोहरे का प्रकोप बना रहा। India Meteorological Department ने कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला और यमुनानगर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। गुरुग्राम, झज्जर, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, हिसार और नूंह समेत कई जिलों में सुबह दृश्यता काफी कम दर्ज की गई। बहालगढ़: दिल्ली–सोनीपत रोड पर हादसे सोनीपत जिले के बहालगढ़ क्षेत्र में दिल्ली–सोनीपत रोड पर घने कोहरे के कारण कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं। इस हादसे में कई यात्रियों के घायल होने की सूचना है। मौके पर पुलिस और राहत टीमें पहुंचीं, जबकि घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया। प्रशासन की ओर से हादसे को लेकर विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है। महेंद्रगढ़ में भी टक्कर महेंद्रगढ़ जिले के कनीना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 152-डी पर देर रात घने कोहरे के कारण तीन पिकअप और तीन ट्रक आपस में टकरा गए। गनीमत रही कि सभी सवार बाल-बाल बच गए, लेकिन यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा।   तापमान का हाल प्रदेश में बीती रात नारनौल में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम रहा। हिसार में, जहां बीते दिनों सबसे ठंडी रातें रही थीं, वहां न्यूनतम तापमान बढ़कर 5.8 डिग्री पर पहुंच गया। गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री रहा, जबकि नूंह में सबसे अधिक 10.2 डिग्री दर्ज किया गया। नए साल से पहले बूंदाबांदी के संकेत मौसम विभाग के अनुसार, 31 दिसंबर को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके असर से पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी होगी और मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ेगी। नए साल के आसपास हरियाणा के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी जताई गई है। रेल यातायात पर असर कोहरे के कारण रेल संचालन भी प्रभावित हुआ है। अंबाला कैंट की ओर जाने वाली 26 ट्रेनें देरी से चल रही हैं। कालका शताब्दी, शान-ए-पंजाब और मालवा एक्सप्रेस समेत कई प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे बाद पहुंच रही हैं।

पंजाब कैबिनेट का बड़ा फैसला: होशियारपुर में नई सब तहसील और बनूड़ को मिलेगा अपग्रेड status

 चंडीगढ़  सीएम भगवंत मान कैबिनेट में आज होशियारपुर को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। होशियारपुर में नई तहसील होशियारपुर बनाने का निर्णय लिया गया है।पंजाब सरकार की कैबिनेट मीटिंग मुख्यमंत्री भगवंत मान के सरकारी निवास पर हुई। मीटिंग में फैसला लिया गया कि बनूड़ सब तहसील को अपग्रेड किया जाएगा। जबकि होशियारपुर में नई तहसील होशियारपुर बनाई गई। इसके अलावा मेरा घर मेरे नाम स्कीम को तेजी से लागू किया जाएगा। यह जानकारी मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि बनूड़ सब-तहसील मोहाली में आती है।बहुत लंबे समय से लोगों की मांग थी कि तहसील छोटी है और इसे अपग्रेड किया जाए। क्योंकि लोगों को अपने काम करवाने में दिक्कत आती थी। अब इसे अपग्रेड किया जाएगा। इसमें दो कानूनगो, 14 पटवार सर्किल और 40 गांव शामिल होंगे।इसके साथ ही होशियारपुर जिले में तहसील हरियाणा बनाने का फैसला लिया गया। इसमें 12 पटवार सर्किल, दो कानूनगो सर्किल और 50 गांव शामिल किए गए हैं। वहीं, भू-राजस्व एक्ट 1888 में संशोधन किया गया है। रिकॉर्ड कंप्यूटर में रखा जाएगा। मेरा घर, मेरा नाम को तेजी से लागू करने की मंजूरी दी गई है। इसमें संशोधन भी किया गया। कल मनरेगा स्कीम को लेकर होगा सेशन हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि मनरेगा स्कीम का नाम बदलने और उसमें लगाई गई शर्तों के खिलाफ कल विधानसभा का स्पेशल सेशन बुलाया गया है। केंद्र की बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री साहब की नीतियों से गरीब लोग उलझन में आ गए है। कल 30 तारीख को विधानसभा में केंद्र सरकार से मांग करेंगे कि जैसे स्कीम चलती थी, वैसे ही चलती रहे। बीजेपी सरकार पंजाब और राज्य के लोगों के साथ भेदभाव करती है। जो गरीब लोग मजदूरी कर अपना परिवार पाल रहे थे, उनका रोजगार छीनने की कोशिश की जा रही है। 20 दिसंबर की मीटिंग में हुए थे चार फैसले इससे 20 दिसंबर को पंजाब सरकार कैबिनेट मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में मुख्य फैसला लिया गया था कि केंद्र सरकार के VB-G RAM G Bill 2025 (जो MGNREGA को प्रभावित करने वाला प्रस्तावित बिल है) के खिलाफ विधानसभा का विशेष सत्र 30 दिसंबर 2025 को बुलाया जाए, ताकि इसके विरोध में प्रस्ताव पारित किया जा सके। यह मीटिंग मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई थी। इसके अलावा कैबिनेट की मीटिंग में 4 अहम फैसले और भी लिए गए । इनमें रिकार्ड ऑफ राइट्स एक्ट, लोकल बॉडी विभाग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस शामिल है। अब लोगों को इन तीनों मामलों से जुड़ी शिकायतों का जल्द निस्तारण और लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा बठिंडा में थर्मल प्लांट की 30 एकड़ जमीन बस स्टैंड बनाने के लिए दी गई थी। वित्तमंत्री चीमा ने कहा कि अब यह बस स्टैंड 10 एकड़ में बनेगा।

केंद्र का फैसला: अगले 5 सालों में लुधियाना, अमृतसर, चंडीगढ़ समेत 10 रेलवे स्टेशनों की क्षमता दोगुना की जाएगी

फिरोजपुर  फिरोजपुर रेलवे डिवीजन की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि अगले 5 सालों में नई ट्रेनें शुरू करने के लिए बड़े शहरों की क्षमता को मौजूदा लैवल से दौगुना करने की जरूरत है। साल 2030 तक बेसिक क्षमता को दोगुना करने के कामों में ये काम शामिल होंगे। मौजूदा टर्मिनलों को एक्स्ट्रा प्लेटफॉर्म के साथ बढ़ाना, लाइनों, पिट लाइनों और सही शंटिंग सुविधाओं को ठीक करना, शहरी इलाकों में और उसके आसपास नए टर्मिनलों की पहचान और कंस्ट्रक्शन आदि। उत्तर रेलवे के 10 स्टेशनों के बुनियादी ढांचे के उन्नयन की भी योजना बनाई गई है जिसमें दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर, जम्मू, हरिद्वार और बरेली शामिल हैं। यह उम्मीद की जाती है कि अगले 5 वर्षों में क्षमता को धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा ताकि क्षमता वृद्धि के लाभों को तुरंत महसूस किया जा सके। इससे वर्षों में धीरे-धीरे यातायात की आवश्यकता को पूरा करने में मदद मिलेगी। उत्तर रेलवे ने जिन 10 रेलवे स्टेशनों का इंफ्रॉस्ट्रक्चर अपग्रेड करने के लिए चुना है। लुधियाना समेत तीनों रेलवे स्टेशनों को अपग्रेड करने का काम चल रहा है। हर रेलवे स्टेशन पर अभी जितने प्लेटफार्म हैं, उन्हें बढ़ाकर डबल कर दिया जाएगा। रेलवे स्टेशनों पर मॉडर्न स्टेशन बिल्डिंग तैयार की जा ताकि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो। रेल मंत्रालय ने जारी की स्टेशनों की सूची रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने एक दिन पहले देश के रेलवे स्टेशनों की क्षमता को डबल करने की घोषणा करते हुए स्टेशनों की सूची जारी की है। उत्तर रेलवे के दस स्टेशनों को उसमें शामिल किया गया है। इस सूची में अमृतसर, लुधियाना व चंडीगढ़ के अलावा जम्मू, दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, हरिद्वार और बरेली के नाम शामिल हैं। एयरपोर्ट टर्मिनल की तर्ज पर मिलेंगी सुविधाएं लुधियाना, अमृतसर व चंडीगढ़ के रेलवे स्टेशनों का काम पूरा होते ही वहां पर यात्रियों को एयरपोर्ट टर्मिनल की तर्ज पर सुविधाएं मिलेंगी। रेलवे परिसर में मल्टी-लेवल पार्किंग, एलिवेटेड कॉनकोर्स, नए एंट्री-एग्जिट पॉइंट, फूड कोर्ट, एस्केलेटर और लिफ्ट शामिल हैं, ताकि यात्रियों को बेहतर अनुभव मिले और ट्रैफिक सुगम हो सके, जिससे ये स्टेशन पंजाब में प्रमुख ट्रांसपोर्ट हब बन सके। रेल गाड़ियों के संचालन का मैकेनिज्म भी होगा अपग्रेड उत्तर रेलवे के मुताबिक रेल गाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। इसलिए रेलवे स्टेशनों पर संचालन का मैकेनिज्म भी अपग्रेड किया जाएगा। रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, सिग्नल सिस्टम, मल्टीट्रैकिंग सिस्टम को भी 2030 तक डबल करने की योजना है। रेल मंत्री का अश्वनी वैष्णव का दावा है कि 2030 तक रेल नेटवर्क दुनिया के बेहतरीन नेटवर्क में से एक हो जाएगा। पंजाब को मिलेगा विशेष फायदा केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्‌टू का कहना है कि पंजाब में रेलवे स्टेशनों की क्षमता डबल होने से रेल गाड़ियों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब के लोगों को देश के अलग-अलग कोनों तक पहुंचने के लिए रेल की उपलब्धता बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि लुधियाना में मुख्य रेलवे स्टेशन के अलावा ढंडारी रेलवे स्टेशन को भी डेवलप किया जा रहा है। मुख्य विशेषताएं और कार्य:     आधुनिक इंफ्रॉस्ट्रक्चर: स्टेशन को एयरपोर्ट जैसा लुक देने के लिए नया डिज़ाइन, AC कॉनकोर्स (प्रतीक्षालय) और फुट ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं।     बेहतर पार्किंग: मल्टी-लेवल पार्किंग की सुविधा, जिसमें 1,30,000 वर्ग फीट का पार्किंग क्षेत्र भी शामिल है।     ट्रैफिक मैनेजमेंट: एंट्री व एग्जिट के लिए अलग-अलग रास्ते, एक नया प्रवेश द्वार और एलिवेटेड रोड्स से सीधा जुड़ाव, जिससे यातायात सुगम हो सके।     यात्री सुविधाएं: लिफ्ट, एस्केलेटर, फूड कोर्ट, वीआईपी लाउंज और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाएँ जोड़ी जा रही हैं.     पर्यावरण अनुकूल: स्टेशन को ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेशन दिलाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

पंजाब में सेहत विभाग के 4 सीनियर अधिकारियों के तबादले, सरकार ने लिया अहम कदम

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के 4 सीनियर अधिकारियों के तबादले किए हैं। सरकार ने कुछ समय पहले सीनियर मेडिकल अधिकारियों को डिप्टी डायरेक्टर कम सिविल सर्जन और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के रूप में पदोन्नत किया था। अब सरकार ने इन चारों अधिकारियों के नए स्थानों पर तबादले और तैनातियां की हैं। जानकारी के अनुसार, रूपनगर के सिविल सर्जन डॉ. सुखविंदरजीत सिंह को पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन का डिप्टी डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, डॉ. हरिपाल सिंह को बरनाला का सिविल सर्जन, डॉ. प्रभजोत रंधावा को रूपनगर का सिविल सर्जन और डॉ. राजीव पराशर को फिरोजपुर का सिविल सर्जन नियुक्त किया गया है।

अमृतसर एयरपोर्ट पर घना कोहरा: विजिबिलिटी जीरो होने के कारण कई फ्लाइट्स रद्द

अमृतसर  पंजाब में धुंध को लेकर आज भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अधिकतर इलाके धुंध की चपेट में हैं और विजिबिलिटी शून्य के करीब दर्ज की जा रही है। वहीं, तापमान में अधिक बदलाव देखने को नहीं मिला, लेकिन सोमवार का न्यनूतम तापमान 2 डिग्री के करीब पहुंच गया है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी ने राज्य में ठिठुरन को बढ़ा दिया है।  सोमवार सुबह राज्य में सबसे कम तापमान एसबीएस नगर के बल्लोवाल सोनखड़ी में देखने को मिला। यहां न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि अमृतसर में न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री, लुधियाना में 5.6 डिग्री, पटियाला में 6.4 डिग्री, बठिंडा में 4.2 डिग्री, फरीदकोट में 4.9 डिग्री और गुरदासपुर में 4.3 डिग्री दर्ज किया गया है।  कोहरे के कारण चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं। सुबह 7:15 बजे जयपुर, 7:30 बजे बेंगलुरु और 7:55 बजे दिल्ली से आने वाली उड़ानें रद्द कर दी गईं। वहीं कई फ्लाइटें लेट चल रही है, जिसके कारण यात्री घंटों परेशान हो रहे हैं। दिल्ली से आने वाली 5:45 बजे की फ्लाइट काफी देर से उड़ान भरी है, वह 7:31 बजे रवाना हुई। इसी तरफ लखनऊ से आने वाली 5:55 बजे की फ्लाइट 7:13 बजे रवाना हुई। वहीं, अमृतसर एयरपोर्ट पर एयर इंडिया की बर्मिंघम से आने वाली फ्लाइट अपने निर्धारित समय 11:55 बजे की बजाय 12:17 बजे लैंड करेगी। एयरपोर्ट पर उड़ानें प्रभावित कोहरे के कारण चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं। सुबह 7:15 बजे जयपुर, 7:30 बजे बेंगलुरु और 7:55 बजे दिल्ली से आने वाली उड़ानें रद्द कर दी गईं। इसके अलावा कई फ्लाइटें देरी से संचालित हुईं। दिल्ली से आने वाली 5:45 बजे की फ्लाइट 7:31 बजे रवाना हुई, जबकि लखनऊ से आने वाली 5:55 बजे की फ्लाइट 7:13 बजे रवाना हुई।वहीं, अमृतसर एयरपोर्ट पर एयर इंडिया की बर्मिंघम से आने वाली फ्लाइट अपने निर्धारित समय 11:55 बजे की बजाय 12:17 बजे लैंड करेगी। आने वाले दिनों का मौसम मौसम विभाग के अनुसार 30 और 31 दिसंबर को गुरदासपुर, अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) सहित कई जिलों में कहीं-कहीं घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसके अलावा 31 दिसंबर और 1 जनवरी को पठानकोट, अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और मोहाली समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार भी जताए गए हैं।  आने वाले दिनों को लेकर अलर्ट जारी आपको बता दे की आने वाले दिनों ठंड और भी पढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही कोहरा भी जारी रहेगा। पंजाब में मौसम विभाग कोहरे को लेकर फिर से एक अलर्ट जारी की है। जानकारी के अनुसार 30 और 31 दिसंबर को गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, अमृतसर, मोहाली सहित कई जिलों में कहीं-कहीं घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। लोगों को घरों से निकलने के पहले सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।साथ ही यह भी कहा गया है कि सड़क का सफर रात के बजाए दिन में किया जाना अधिक अच्छा होगा।  

वीर बाल दिवस पर विवाद: नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन ने कहा- बाल वीर शब्द का उपयोग सही नहीं

लुधियाना  नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन ने गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों के लिए बाल वीर शब्द के इस्तेमाल का विरोध किया है। एसोसिएशन ने कहा है कि यह गलत है और उनके असली आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व को नहीं दिखाता है। नापा के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सतनाम सिंह चहल ने कहा कि साहिबजादे सिर्फ बहादुर बच्चे नहीं थे, बल्कि आध्यात्मिक रूप से जागरूक शहीद थे जिन्होंने सिख मूल्यों और न्याय को बनाए रखने के लिए जानबूझकर अपनी जान कुर्बान कर दी। उन्होंने एक बयान में कहा कि "बाल वीर" शब्द उनके बलिदान की गहराई को कमजोर करता है और सिख इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय को बहुत ज़्यादा सरल बना देता है। चहल ने कहा कि साहिबजादों को सम्मानजनक और ऐतिहासिक रूप से सही शब्दों जैसे साहिबजादे, शहीदी साहिबजादे या छोटे साहिबजादे से संबोधित किया जाना चाहिए, जैसा कि सिख परंपरा में इस्तेमाल होता है। नापा ने कहा कि सिख इतिहास को बचाने के लिए सही भाषा का इस्तेमाल ज़रूरी है, खासकर युवा पीढ़ियों के लिए, और संगठनों और संस्थानों से अपील की कि वे "बल वीर" शब्द का इस्तेमाल करने से बचें और इसके बजाय सम्मानजनक शब्दों का इस्तेमाल करें। 2022 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि साहिबजादे बाबा ज़ोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की शहादत की याद में 26 दिसंबर को 'वीर बाल दिवस' के रूप में मनाया जाएगा।  

पंजाब सरकार की नई आबकारी नीति पर मंथन तेज, राजस्व और नियमों में होंगे अहम संशोधन

जालंधर/चंडीगढ पंजाब के आबकारी आयुक्त जतिंदर जोरवाल ने आज जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर और गुरदासपुर जिलों के शराब ठेकेदारों के साथ एक अहम बैठक की। बैठक के दौरान ठेकेदारों ने आगामी आबकारी नीति 2026-27 को लेकर अपनी प्रमुख मांगें आबकारी विभाग एवं राज्य सरकार के समक्ष रखीं। ठेकेदारों ने मांग की कि नई आबकारी नीति बनाते समय उनके हितों को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने कहा कि पंजाब में अंग्रेजी शराब की ओपन कोटा व्यवस्था समाप्त की जानी चाहिए, क्योंकि इससे बाजार में आपूर्ति अत्यधिक बढ़ जाती है, जिससे ठेकेदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से देसी शराब का कोटा नियंत्रित रहता है उसी तरह से अंग्रेजी शराब का कोटा भी नियंत्रित रहना चाहिए। शराब की अत्याधिक आपूर्ति वैसे भी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि शराब की ज्यादा सप्लाई होने से शराब की कीमतों को लेकर भी उतार-चढ़ाव बना रहता है। बाजार में शराब के दामों में भी गिरावट बनी रहती है क्योंकि प्रत्येक ठेकेदार न्यूनतम कीमत पर इसे बेचने का प्रयास करता है। इसके साथ ही ठेकेदारों ने सरकार से वर्तमान शराब ठेकेदारों को नवीनीकरण (रिन्यूअल) का विकल्प देने की भी मांग की, ताकि कारोबार में स्थिरता बनी रहे और अनावश्यक प्रतिस्पर्धा से बचा जा सके। बैठक में यह भी मांग उठाई गई कि नई आबकारी नीति तैयार करते समय छोटे-छोटे ग्रुप बनाए जाएं, जिससे छोटे शराब ठेकेदार भी इस कारोबार में प्रवेश कर सकें। ठेकेदारों का कहना था कि वर्तमान में 50-50 करोड़ रुपए तक के बड़े ग्रुप ही इस कारोबार में सक्रिय हैं, जिसके चलते छोटे ठेकेदारों के लिए व्यापार में उतरना लगभग असंभव हो गया है। उन्होंने बताया कि 2024-25 में राज्य में 236 ग्रुप होते थे जो 2025-26 में कम होकर 207 रह गए। इससे पता चलता है कि ग्रुपों का आकार बढ़ा दिया गया। ठेकेदारों ने आबकारी आयुक्त को बताया कि इस समय शराब के कारोबार में आपसी प्रतिस्पर्धा काफी अधिक हो चुकी है। चालू वर्ष के दौरान ठेकेदारों ने बड़ी मुश्किल से अपना अस्तित्व बचाया है और वह मार्जन पर काम कर रहे हैं। ठेकेदारों ने कहा कि छोटे ठेकेदार अगर बाजार में प्रवेश करते हैं तो सरकार का राजस्व भी इससे बढ़ेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि अधिकांश ठेकेदारों के ठेकों को पुन: नवीकृत कर देना चाहिए और शेष बचने वाले ठेकों को लाटरी के जरिए ड्रॉ निकाल देने चाहिए।   ठेकेदारों ने कहा कि अतिरिक्त आई.एम.एफ.एल. कोटा केवल निर्धारित स्लैब के अनुसार जारी होना चाहिए। प्रत्येक सलैब तभी जारी हो जब उसको लागू अतिरिक्त लाइसैंस फीस जमा की जाए। उन्होंने आशंका जाहिर की कि अगर नीति में संशोधन न किया गया तो खुदरा शराब व्यापार के टूटने, रोजगार में कमी और राजस्व में गिरावट आने का खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि घटते मार्जन और अतिरिक्त स्टाक के कारण कई लाइसैंस धारक समय पर मासिक लाइसैंस फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं। आबकारी आयुक्त जतिंदर जोरवाल ने ठेकेदारों की मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि नई आबकारी नीति बनाते समय सभी पक्षों के सुझावों पर विचार किया जाएगा। पंजाब सरकार द्वारा आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी शराब ठेकेदारों के साथ ऐसी ही बैठकें की जाएंगी। आमतौर पर जनवरी के अंत या फरवरी के शुरू में पंजाब सरकार द्वारा अपनी नई आबकारी नीति को कैबिनेट में मंजूरी दी जाती है।