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यात्रा पर निकलने से पहले सावधान! रेलवे ने 7 दिसंबर तक जारी किया बड़ा अपडेट

जालंधर  रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और राजस्व संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मंडल में 7 दिसम्बर तक स्पैशल टिकट चैकिंग ड्राइव शुरू की गई है। डी.आर.एम. संजीव कुमार की अध्यक्षता में चलाया जा रहा यह विशेष अभियान यात्रियों को जागरूक भी करेगा। इसी अभियान के पहले दिन जालंधर सिटी, जालंधर कैंट, ब्यास सहित मंडल के विभिन्न स्टेशनों, विभिन्न ट्रेनों में चैकिंग टीमों ने व्यापक जांच की। सहायक वाणिज्य प्रबंधक कुमार की अगुवाई में गठित टीमों ने जांच के दौरान 1494 यात्रियों को बिना टिकट/अनियमित टिकट के साथ यात्रा करते पकड़ा। इन यात्रियों से रेलवे प्रशासन ने लगभग 10 लाख रुपए का जुर्माना वसूला, जिसे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। डी.आर.एम. संजीव कुमार ने कहा कि बिना टिकट और अनियमित यात्रा पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यह अभियान शुरू हुआ है। इस अवधि में विभिन्न स्टेशनों और ट्रेनों में आकस्मिक जांच कर ऐसे यात्रियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है जो बिना टिकट यात्रा कर रहे हैं या नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। रेल प्रशासन का कहना है कि इस तरह की चैकिंग ड्राइव अत्यंत आवश्यक है। ऐसे अभियानों से न केवल रेलवे का राजस्व सुरक्षित रहता है, बल्कि यात्रियों में जागरूकता भी बढ़ती है। कई बार बिना टिकट यात्रा के कारण भीड़ बढ़ती है और वैध टिकटधारी यात्रियों को कोच में असुविधा का सामना करना पड़ता है। इस दौरान रेलवे द्वारा यात्रियों को जागरूक भी किया जा रहा है।   एजैंटों पर भी रेलवे प्रशासन की पैनी नजर इस ड्राइव के दौरान बिना टिकट यात्रियों पर कार्रवाई होगी व अनियमित टिकट बनवाकर यात्रा करने वालों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। इसी के अन्तर्गत एजैंटों पर भी रेलवे प्रशासन की पैनी नजर होगी। अधिकारियों ने बताया कि टिकट किस कोटे से बनाया गया? क्या टिकट किसी तत्काल एजैंट के माध्यम से जारी किया गया? क्या वरिष्ठ नागरिक कोटे या अन्य कोटे का दुरुपयोग हुआ? इन सभी पहलुओं की जांच विशेष टीमों द्वारा की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोई भी यात्री यदि गलत तरीके से कोटा का उपयोग करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भी नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

Weather Alert: पंजाब में बदल सकता है मौसम, 2 दिसंबर तक क्या बोले विशेषज्ञ?

जालंधर पंजाब के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। दिन-ब-दिन राज्य में ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों को लेकर मौसम विभाग ने ताज़ा अपडेट जारी किया है। विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, पंजाब में शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। राज्य के कई क्षेत्रों में सुबह धुंध देखने को मिल रही है। मौसम विभाग ने आज से 2 दिसंबर तक का पूर्वानुमान जारी किया है। फिलहाल बारिश को लेकर कोई अलर्ट नहीं है और 2 दिसंबर तक मौसम के शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि, विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार अगले हफ़्ते राज्य में बारिश के आसार बन सकते हैं। तापमान की बात करें तो पिछले 24 घंटों में पंजाब का औसत तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है। जिला मानसा में दिन का अधिकतम तापमान 27.7°, रोपड़ और मोहाली में 26.7°C, बठिंडा में 26.2°C, होशियारपुर और रूपनगर में 25.4°C , लुधियाना में 24.2°C दर्ज किया गया। रात का तापमान सबसे कम फरीदकोट में 3.5°C रिकॉर्ड किया गया। बठिंडा में 5.6°C, अमृतसर में 5.9°C, लुधियाना में 6.65°C दर्ज किया गया। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में शीतलहर चल सकती है, जिससे ठंड और बढ़ेगी। 

CM भगवंत मान का बड़ा संदेश: गांव के पंच-सरपंचों को दी अहम जिम्मेदारी

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यहां एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राज्य के लोगों के लिए बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले सरकार ने 19,373 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के लिए 4,092 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट शुरू किया था। अब इसे बढ़ाते हुए कुल 44,920 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसके टेंडर जारी किए जाएंगे। इन सड़कों के लिए 16,209 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि उन्होंने सड़क ठेकेदारों से बैठक कर साफ कहा है कि उनसे कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा और सड़क बनाते समय कोई अफसर भी उनसे पैसे नहीं मांगेगा। बस यह सुनिश्चित किया जाए कि सड़क की क्वालिटी से कोई समझौता न हो। उन्होंने ठेकेदारों से अपील की कि वे सड़क निर्माण में गुणवत्ता की कमी न रखें। यह जनता का पैसा है और अगर यह जनता के काम आए तो इससे बड़ी खुशी कोई नहीं। उन्होंने बताया कि जब गांव की पंचायतें सड़क के मटीरियल और गुणवत्ता से संतुष्ट होंगी, तभी ठेकेदारों को भुगतान जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने गांवों के सरपंचों और पंचों से भी अपील की कि जहां सड़क या कोई अन्य काम चल रहा हो, वहां जाकर गुणवत्ता जरूर जांचें। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि सड़कों की जांच के लिए एक फ्लाइंग टीम बनाई गई है। जिस भी ठेकेदार को सड़क का टेंडर मिलेगा, उसकी 5 साल तक मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी उसी ठेकेदार की होगी। उन्होंने कहा कि पंजाब में अब तक का सबसे बड़ा सड़क निर्माण कार्य हो रहा है। सरकार ने बताया कि इन सड़कों पर होने वाला पूरा खर्च पंजाब सरकार खुद उठा रही है और इसमें RDF (रूरल डवलपमेंट फंड) का कोई पैसा शामिल नहीं है। 

मनरेगा लाभार्थियों को राहत, पंजाब सरकार ने कहा—घर पर किए काम की भी मिलेगी पूरी मज़दूरी

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मनरेगा योजना में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए एक क्रांतिकारी फैसला लिया है। अब मजदूरों को सिर्फ सरकारी प्रोजेक्ट्स पर ही नहीं, बल्कि अपने घर पर काम करने पर भी पूरी मज़दूरी मिलेगी। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि जिन मज़दूरों ने नरेगा के तहत रजिस्ट्रेशन करवाया है और जिनके पास नरेगा कार्ड है, उन्हें अब अपने घर में काम करने का भी पूरा लाभ मिलेगा। यह योजना गरीब परिवारों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी। अगर कोई मज़दूर अपने घर पर 90 दिन काम करता है, तो उसका पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा और उसे 31,140 रुपये की राशि सीधे खाते में ट्रांसफर की जाएगी। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि नरेगा योजना के तहत अब कई सुविधाएं शामिल की गई है।  इस योजना में ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण, तालाब निर्माण, नहर की सफाई, वृक्षारोपण और जल संरक्षण के काम शामिल है। इसके अलावा किसानों को अपने खेतों में मेड़बंदी, कुआं खुदाई और सिंचाई की सुविधाएं बनाने के लिए भी मज़दूरी मिलेगी। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब मज़दूर अपने घर पर शौचालय निर्माण, पक्का फर्श बनाना, छत की मरम्मत और अन्य घरेलू निर्माण कार्य करके भी मज़दूरी प्राप्त कर सकेंगे। इससे गरीब परिवारों को दोहरा फायदा होगा – एक तरफ उनके घर का विकास होगा, दूसरी तरफ उन्हें रोज़गार भी मिलेगा। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि नरेगा के तहत प्रत्येक मज़दूर को 346 रुपये प्रति दिन की दर से मज़दूरी दी जाती है। एक वित्तीय वर्ष में हर परिवार को कम से कम 100 दिन का रोजगार की गारंटी दी जाती है। अगर किसी मजदूर को 15 दिन के अंदर काम नहीं मिलता है, तो उसे बेरोज़गारी भत्ता भी दिया जाता है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि योजना के तहत महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है। कुल कार्यबल का कम से कम 33 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित है। काम के दौरान कार्यस्थल पर पीने के पानी, छाया और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा भी अनिवार्य है। छोटे बच्चों वाली महिलाओं के लिए क्रेच की व्यवस्था भी की जाती है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि मजदूरों का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते या डाकघर खाते में किया जाता है, जिससे बिचौलियों का खात्मा होता है। काम शुरू होने के 15 दिनों के अंदर मजदूरी का भुगतान करना जरूरी है। अगर देरी होती है तो मजदूर को मुआवजे के रूप में अतिरिक्त राशि भी दी जाती है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि नरेगा योजना में रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ्त है। कोई भी 18 वर्ष से अधिक उम्र का व्यक्ति जो ग्रामीण क्षेत्र में रहता है और अकुशल शारीरिक श्रम करने को तैयार है, वह इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है। रजिस्ट्रेशन के 15 दिनों के अंदर जॉब कार्ड जारी किया जाता है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह फैसला गरीब मज़दूरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा। उन्होंने सभी पात्र मज़दूरों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द नरेगा के तहत रजिस्ट्रेशन करवाएं और इस योजना का पूरा लाभ उठाएं। इस योजना से न केवल रोज़गार मिलेगा बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास भी होगा।

कच्चे कर्मचारियों को Suspend करने पर CM मान की दो-टूक प्रतिक्रिया, मामला गरमाया

चंडीगढ़ पंजाब में किलोमीटर स्कीम की बसों का टेंडर रद्द करने के विरोध में चल रही हड़ताल पर पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। हड़ताल में शामिल सभी कच्चे कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इस पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने जो फैसले लिए थे, उनके परिणाम अब सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कच्चे कर्मचारी तो भर लिए गए, लेकिन इस बारे में कोई नोटिफिकेशन नहीं आया कि ये कर्मचारी कब तक काम करेंगे और इनकी तनख्वाह कितनी होगी। CM मान ने कहा कि वे नहीं चाहते कि किसी के घर का चूल्हा बंद पड़े, इसलिए सरकार रोडवेज कर्मचारियों का मसला बैठकर हल करेगी, लेकिन लोगों को परेशान करने के तरीके सही नहीं हैं। उन्होंने कच्चे कर्मचारियों से अपील की कि वे टेबल पर बैठकर बातचीत करें और सरकार उनके मुद्दों का समाधान निकालेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने के लिए हड़ताल लोकतांत्रिक तरीका है, लेकिन इससे जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार कर्मचारियों की समस्याएं सुनेगी और जल्द समाधान किया जाएगा।  

रोडवेज कर्मियों की हड़ताल से जनजीवन प्रभावित, महिला यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी

पटियाला/होशियारपुर/लुधियाना/संगरूर पंजाब रोडवेज, PUNBUS और PRTC के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। बसें न चलने की वजह से आम यात्रियों को भारी परेशानी हुई। खासकर महिलाओं को मुफ्त यात्रा न होने की वजह से नुकसान उठाना पड़ा और उन्हें प्राइवेट बसों में टिकट खरीदकर सफर करना पड़ा। कर्मचारियों का गुस्सा इसलिए है क्योंकि सरकार किलोमीटर स्कीम के तहत टेंडर खोल रही है। उनका आरोप है कि यह सरकारी बसों को खत्म करने और प्राइवेट ऑपरेटरों को फायदा पहुंचाने की 'पीछे के दरवाजे' वाली चाल है। प्राइवेट बसें सरकारी रूटों पर चलेंगी और हजारों कर्मचारियों की नौकरी खतरे में पड़ जाएगी।   'हमारे 4 बड़े लीडर अभी भी पुलिस हिरासत में हैं' होशियारपुर में PUNBUS कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट संदीप सिंह ने बताया, 'हमारे 4 बड़े लीडर अभी भी पुलिस हिरासत में हैं, स्टेट कमेटी मेंबर कुलवंत सिंह, डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट रामिंदर सिंह, सेक्रेटरी नरिंदर सिंह और कैशियर धर्मिंदर सिंह। जब तक ये रिहा नहीं होंगे, किलोमीटर स्कीम के टेंडर रद्द नहीं होंगे और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जाएगा, तब तक हमारा धरना और हड़ताल जारी रहेगी।' संदीप सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, 'पिछले 4 साल में पंजाब रोडवेज़ को एक भी नई बस नहीं दी गई। 500 से ज्यादा पुरानी बसें सड़क से बाहर हो चुकी हैं। जो बसें चल रही हैं, उनमें भी बड़े-बड़े रिपेयर की जरूरत है। टायर तक खरीदने के पैसे नहीं हैं। मेंटेनेंस के लिए फंड ही नहीं है।' धुरी थाने के SHO की यूनिफॉर्म में लगी आग, झुलसे शुक्रवार को हड़ताल शुरू होने से पहले ही पुलिस ने कई यूनियन लीडरों को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद कई जगह कर्मचारियों और पुलिस में झड़प हुई। संगरूर में तो मामला बहुत गंभीर हो गया। वहां कुछ कर्मचारी बस के ऊपर चढ़ गए और पुलिस वालों पर पेट्रोल छिड़क दिया। धुरी थाने के SHO की यूनिफॉर्म में आग लग गई और वे झुलस गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लुधियाना में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, 'सरकार हमारी मांग मान ले और हिरासत में लिए गए साथियों को तुरंत रिहा करे।' मुफ्त यात्रा करने वाली महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवन सिंह पंधेर ने भी कर्मचारियों का खुलकर साथ दिया। उन्होंने राज्य सरकार पर इस स्कीम को प्राइवेट ठेकेदारों के हित में लाने का आरोप लगाया। दूसरी तरफ सड़कों पर सरकारी बसें गायब होने से यात्रियों का बुरा हाल है। प्राइवेट बस वाले मनमाना किराया वसूल रहे हैं। मुफ्त यात्रा करने वाली महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं। कर्मचारी कह रहे हैं कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, हड़ताल खत्म नहीं होगी। सरकार और यूनियनों के बीच अभी तक कोई बातचीत शुरू नहीं हुई है। अब देखने वाली बात ये है कि यह आंदोलन कब तक चलता है और आम जनता को कब तक परेशानी झेलनी पड़ती है। 

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार: पंजाब सरकार ने 300 विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल को दी मंजूरी

चंडीगढ़  पंजाब के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने 12 प्रमुख श्रेणियों के 300 स्पेशलिस्ट डाक्टरों को सूचीबद्ध करने की मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री दफ्तर के प्रवक्ता ने बताया कि कैबिनेट ने 12 महत्वपूर्ण श्रेणियों अर्थात मैडीसिन, पीडियाट्रिक्स (बाल रोग विशेषज्ञ), साइकियाट्री (मनोरोग विशेषज्ञ), डर्मेटोलॉजी (त्वचा रोग विशेषज्ञ), चेस्ट एवं टी.बी. (छाती रोग विशेषज्ञ), सर्जरी, गायनेकोलॉजी (स्त्री रोग विशेषज्ञ), ऑर्थोपेडिक्स (हड्डी रोग विशेषज्ञ), ऑप्थल्मोलॉजी (नेत्र रोग विशेषज्ञ), ई.एन.टी. (कान, नाक, गला विशेषज्ञ) तथा एनेस्थीसियोलॉजी में 300 विशेषज्ञ डाक्टरों को एम्पैनल करने का भी निर्णय लिया है. इस कदम से विशेषज्ञ डाक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और पंजाब के लोगों को सकैंडरी स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा. यह फैसला आज यहां मुख्यमंत्री मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया. इन विशेषज्ञ डाक्टरों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया जिला स्तर पर सिविल सर्जनों के माध्यम से की जाएगी तथा एम्पैनल हुए डाक्टर ओ.पी.डी., आई.पी.डी., इमरजेंसी, बड़े-छोटे ऑपरेशन तथा अन्य विभिन्न सेवाओं के लिए प्रति मरीज एम्पैनलमेंट फीस लेने के हकदार होंगे. केन्द्रीय सहकारी बैंकों में एकरूपता आएगी कैबिनेट ने पंजाब को-ऑपरेटिव सोसायटीज नियम, 1963 के तहत नियम 28ए यानी एकसमान अनुशासनात्मक एवं अपीलीय ढांचे को भी मंजूरी दे दी है. इससे अपील चैनलों की दोहरी प्रक्रिया रोकी जा सकेगी, एक ही बोर्ड या उसकी समितियों में परस्पर विरोधी निर्णयों से बचा जा सकेगा तथा अनुशासनात्मक कार्रवाइयों में कमांड की स्पष्ट लड़ी बनेगी. साथ ही यह सुनिश्चित होगा कि अपीलों की सुनवाई संस्था के भीतर केवल एक बार ही हो. इससे पंजाब में सहकारी क्षेत्र के अंतर्गत कार्यरत सभी शीर्ष संस्थाओं एवं केन्द्रीय सहकारी बैंकों में एकरूपता आएगी. पंजाब माइनर मिनरल रूल्स 2013 में संशोधन मंत्रिमंडल ने खनन सेवाओं को और अधिक कुशल, नागरिक-हितैषी तथा पारदर्शी बनाने के लिए पंजाब स्टेट माइनर मिनरल्स (संशोधन) पॉलिसी 2025 के अनुसार पंजाब माइनर मिनरल रूल्स, 2013 में संशोधन करने की भी अनुमति दे दी है. प्रदेश में आवंटित की जाने वाली क्रशर माइनिंग साइटों तथा भूमि मालिकों की माइनिंग साइटों के माइनिंग लीज धारकों को माइनिंग अधिकारों के आवंटन के लिए मौजूदा पंजाब माइनर मिनरल रूल्स 2013 में इन नए नियमों/संशोधनों को जोड़ने/बदलने की आवश्यकता थी.

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सुबह-सुबह बस स्टैंड पर मारा छापा! दंग रह गए कर्मचारी

मोहाली पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा आज सुबह 4 बजे कुराली बस स्टैंड पर अचानक छापा मारा गया। इस दौरान उन्होंने बस स्टैंड की साफ-सफाई, सुविधाओं और ट्रांसपोर्ट सेवाओं का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री मान को अचानक पहुंचे देख कई अधिकारी और कर्मचारी भी हैरान रह गए। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री मान बिना किसी सुरक्षा और काफिले के अकेले ही बस स्टैंड पहुंचे। यहां उन्होंने मौके पर मौजूद यात्रियों से बातचीत भी की। 

CM भगवंत मान ने PU सीनेट नतीजों को बताया ऐतिहासिक, कहा—जनता की सोच की जीत

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजधानी चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) के सीनेट चुनाव के कार्यक्रम को मंजूरी दिए जाने को राज्य के लिए ‘‘शानदार जीत'' करार दिया है। मान ने X पर एक पोस्ट में कहा कि यह संस्थान केवल एक विश्वविद्यालय नहीं है, बल्कि पंजाब की विरासत है। मुख्यमंत्री ने आंदोलन में भाग लेने वाले शिक्षकों, छात्रों और संकाय सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ‘भारी दबाव' को झेला और महीने भर चले आंदोलन के दौरान अपना जज्बा नहीं टूटने दिया।   मान ने कहा, ‘‘छात्र, शिक्षक, संकाय सदस्य और सभी पंजाबी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने संघर्ष जारी रखा और अंततः उनका संघर्ष रंग लाया।'' उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) के सीनेट चुनाव कार्यक्रम को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी। उपराष्ट्रपति पंजाब विश्वविद्यालय (PU) के कुलाधिपति भी हैं। यह घटनाक्रम छात्रों द्वारा सीनेट चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की मांग को लेकर किये जा रहे जोरदार प्रदर्शन के बीच हुआ है। यह चुनाव एक वर्ष से अधिक समय से नहीं हुआ है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव सात सितंबर 2026 से चार अक्टूबर 2026 तक कराये जाएंगे। उपराष्ट्रपति सचिवालय से पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) की कुलपति रेणु विग को भेजे गए पत्र में लिखा है, ‘‘मुझे यह सूचित करने का निर्देश दिया गया है कि माननीय उपराष्ट्रपति और पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) के कुलाधिपति ने उपरोक्त पत्र में प्रस्तावित सीनेट चुनाव के कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है।'' सफाई कर्मचारियों को मिलेगा एरियर, मेयर का आभार जताया' विश्वविद्यालय की कुलपति ने इससे पहले कुलाधिपति को पत्र लिखकर सीनेट चुनाव कार्यक्रम की मंजूरी मांगी थी। पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) बचाओ मोर्चा के बैनर तले पीयू के छात्र चुनाव कार्यक्रम की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पंजाब के कई राजनीतिक दलों आम आदमी पार्टी (आप), शिरोमणि अकाली दल (शिअद), कांग्रेस, साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा जैसे किसान संगठनों ने छात्रों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया था।

यू‌नियन नेताओं की गिरफ़्तारी से भड़का आक्रोश, मजदूर संगठनों ने कहा—अब होगी बड़ी लड़ाई

पटियाला/होशियारपुर  पंजाब में राज्य-स्वामित्व वाली बस सेवाओं के ठेके पर आधारित “किलोमीटर स्कीम” के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। शुक्रवार को कई संविदा कर्मियों की गिरफ्तारी के बाद शनिवार को लुधियाना सहित विभिन्न जिलों में कर्मचारियों ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और गिरफ्तार यूनियन नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की। होशियारपुर में PUNBUS कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि उनके चार पदाधिकारी राज्य समिति सदस्य कुलवंत सिंह, जिला अध्यक्ष रामिंदर सिंह, सचिव नरिंदर सिंह और कैशियर धर्मिंदर सिंह अभी भी हिरासत में हैं। उन्होंने चेतावनी दी, “जब तक नेताओं को रिहा नहीं किया जाता, किलोमीटर स्कीम के टेंडर रद्द नहीं होते और संविदा कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जाता, हमारा धरना और हड़ताल जारी रहेगी।”   “चार साल में एक भी नई बस नहीं मिली” संदीप सिंह ने कहा कि पिछले चार वर्षों में पंजाब रोडवेज को एक भी नई बस नहीं मिली है। 500 से अधिक पुरानी बसें सेवा से बाहर हो चुकी हैं और मौजूदा बसें भारी खराबियों से जूझ रही हैं। विभाग के पास टायरों व जरूरी मरम्मत के लिए भी धन नहीं है। दूसरा दिन: बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित पंजाब रोडवेज, PUNBUS और PRTC के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शनिवार को भी कई हिस्सों में बस सेवाएं प्रभावित रहीं।कर्मचारियों का आरोप है कि किलोमीटर-आधारित बस स्कीम राज्य परिवहन तंत्र को खत्म कर निजी ऑपरेटरों को सरकारी मार्गों पर कब्जा दिलाने की “पीछे के दरवाज़े से कोशिश” है। संगरूर में हिंसा, SHO घायल शुक्रवार को कई यूनियन नेताओं को विरोध से पहले ही हिरासत में ले लिया गया, जिसके बाद राज्यभर में तनाव बढ़ गया। संगरूर में विरोध हिंसक हो गया जब कुछ कर्मचारी बसों की छत पर चढ़ गए और उन्हें नीचे उतारने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मियों पर पेट्रोल छिड़क दिया। धूरी थाने के SHO की वर्दी में आग लगने से वह जल गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है।   पुलिस कार्रवाई की निंदा, रिहाई की मांग लुधियाना में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार को गिरफ्तार कर्मचारियों को तुरंत रिहा करना चाहिए। कर्मचारियों का कहना है कि नई स्कीम से निजी कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा और हजारों परिवारों की रोज़ी-रोटी खतरे में पड़ जाएगी। किसानों का समर्थन किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता सरवन सिंह पंधेर ने बस कर्मियों के आंदोलन का समर्थन किया और राज्य सरकार की नई बस नीति पर सवाल उठाए। यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं सरकारी बसें बंद होने से यात्री भारी परेशानी में रहे। महिलाओं ने बताया कि राज्य-चालित बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा के चलते वे आम तौर पर किराया नहीं देतीं, लेकिन सरकारी बसें न चलने से उन्हें निजी बसों में टिकट खरीदकर सफर करना पड़ा।