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दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे पर मातम: संगरूर में कार की टक्कर से दो लोगों की जान गई

संगरूर  संगरूर जिले में नए बने दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे के पास गांव झनेड़ी में एक स्विफ्ट कार ने पैदल चल रहे दो लोगों को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे दोनों लोगों की मौत हो गई, जबकि कार ड्राइवर घायल हो गया। सहायक सब इंस्पेक्टर जैबरा नंद ने बताया कि महेंदर कत्याल (53) निवासी कपिल कॉलोनी भवानीगढ़ और हरदयाल सिंह निवासी दीप कॉलोनी भवानीगढ़ गांव झनेड़ी के पास एक पोल्ट्री फार्म पर गए थे। जब वे दोनों पैदल भवानीगढ़ लौट रहे थे, तो दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे के पास गांव झनेड़ी के पास सुनाम की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के कारण महेंदर कत्याल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हरदयाल सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दौरान कार ड्राइवर भूपिंदर सिंह घायल हो गया। पुलिस ने एक्सीडेंट में शामिल कार को कब्जे में ले लिया है और कार ड्राइवर के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा रही है।

सीमा पार से ड्रग्स तस्करी करने वाले को पंजाब की अदालत ने दी तीन साल की जेल

जालंधर  पंजाब की एक विशेष अदालत (पीएमएलए) ने सीमा पार से ड्रग्स तस्करी करने वाले एक व्यक्ति को तीन साल की कठोर कारावास और 10,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक अधिकारी ने  यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि जालंधर के विशेष न्यायाधीश (पीएमएलए) ने सोमवार को अथर सईद को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया। विशेष अदालत ने जांच एजेंसी द्वारा बरामद 17 लाख रुपए की अपराध से प्राप्त आय (पीओसी) को जब्त करने का भी आदेश दिया। ईडी के जालंधर कार्यालय ने यह जांच पंजाब पुलिस द्वारा अथर सईद और अन्य के खिलाफ सीमा पार मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। ईडी की जांच में पता चला कि अथर सईद सीमा पार हेरोइन की तस्करी में शामिल था और इस प्रकार उसने अपराध से प्राप्त धन (पीओसी) अर्जित किया। वह हेरोइन की तस्करी और उसके बाद प्रतिबंधित माल की बिक्री और मादक पदार्थों की तस्करी से प्राप्त धन की वसूली में शामिल था। इससे पहले 1 अप्रैल 2016 को पीएमएलए के प्रावधानों के तहत दो स्थानों पर तलाशी ली गई थी। इसके अलावा 21 मार्च 2018 के कुर्की आदेश के तहत अथर सईद से 17 लाख रुपए की चल संपत्ति जब्त की गई थी। जालंधर के विशेष न्यायाधीश (पीएमएलए) ने अपने फैसले में कहा कि अगर अथर सईद 10,000 रुपए का जुर्माना अदा करने में लापरवाही करते हैं, तो उन्हें तीन महीने कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी।

गैस सिलेंडर पर नई आफत! पंजाब में अगले 7 दिन तक उपभोक्ताओं को झटका

लुधियाना सर्दियों के सीजन में घरेलू गैस सिलैंडरों की किल्लत पिछले डेढ़ महीने से बनी हुई है। इंडेन और हिंदुस्तान पैट्रोलियम गैस कम्पनियों के अधिकांश डीलर अपने उपभोक्ताओं को फोन कर माफी मांगते हुए बता रहे हैं कि अगले 7 दिन तक गैस सिलैंडर की सप्लाई संभव नहीं है। डीलरों ने बताया कि सर्दियों में रसोई गैस की मांग बढ़ जाने के कारण उन्हें लगातार दबाव का सामना करना पड़ रहा है। बुकिंग करने के बाद कई बार उपभोक्ताओं को 5 से 7 दिन तक सिलैंडर नहीं मिल पा रहे हैं। इसके पीछे कम्पनी अधिकारियों की तैयारी और समय पर प्लांट की मैंटीनैंस में देरी को मुख्य कारण माना जा रहा है। गैस एजैंसियों के कर्मचारियों और डिलीवरी स्टाफ ने कहा कि कई बार लोड (सिलैंडरों से भरे ट्रक) केवल 2 दिनों के अंतराल पर मिल रहे हैं, जिससे एजैंसी संचालन प्रभावित हो रहा है। घने कोहरे और मौसम की कठिनाई भी सप्लाई में देरी का एक और कारण बन रहे हैं। सेल्स अधिकारियों का दावा : इंडेन गैस कम्पनी के सेल्स अधिकारी अर्जुन कुमार और गौरव जोशी ने कहा कि केवल कुछ एजैंसियों में 3-4 दिनों का बैकलॉग है और जल्द ही स्थिति सामान्य कर दी जाएगी। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे पैनिक न हों।  

एक बयान और विवादों में नवजोत सिद्धू, क्या फिर छिड़ेगी राजनीतिक जंग?

अमृतसर  पंजाब की राजनीति में अपने साफ अंदाज के लिए जाने जाने वाले नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने विरोधियों को करारा जवाब दिया है। सिद्धू ने साफ कहा कि वह कबूतर की तरह नहीं, बल्कि बाज की तरह जीते हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे पलटना आता है, मुझे झपट्टा मारना भी आता है और झपट्टा मारने के बाद पलटना मेरी आदत है।’ इस बयान को उनके राजनीतिक विरोधियों को सीधी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। नवजोत सिंह सिद्धू ने यह भी कहा कि वह किसी के दबाव में नहीं झुकने वाले हैं, न ही किसी से डरते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति सच्चाई, हिम्मत और बहादुरी पर आधारित है। सिद्धू के बयान के बाद पंजाब की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना ​​है कि सिद्धू का बयान आने वाले समय में कांग्रेस की राजनीति और पंजाब के राजनीतिक माहौल को और गरमा सकता है। उनके समर्थक इस बयान से उत्साहित हैं, जबकि उनके विरोधी इसे सिर्फ बयानबाजी बताकर खारिज कर रहे हैं। 

हाईवे पर सफर होगा सस्ता और आसान, पंजाब में यह टोल प्लाजा हटाने का फैसला

बाघापुराना बाघापुराना-मोगा रोड पर स्थित गांव चंदपुराना में बना टोल-प्लाजा पिछले काफी समय से बंद पड़ा था, लेकिन इसका साजो-सामान तथा स्ट्रक्चर (इमारत) ज्यों का त्यों खड़ा था। यह स्ट्रक्चर सालों से गुजर रहे राहगीरों के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ था, खास कर इन दिनों में जब धुंध के कारण दृश्यता बहुत कम रहती है। बंद पड़े टोल-प्लाजा के पिल्लरों, शैडों तथा डिवाइडरों ने कई वाहनों को धुंध में धोखा देकर हादसों का कारण बनाया है तथा कई छोटे-बड़े हादसे यहां हो चुके हैं। राहगीरों तथा रोजाना गुजरने वाले डिवाइडरों द्वारा इस स्ट्रक्चर बारे लगातार चिंताएं जाहिर की जा रही थी। लोगों की समस्याओं को देखते हुए पंजाब केसरी द्वारा इस मसले को विशेष तौर पर प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। खबर प्रकाशित होने के बाद स्थानीय प्रशासन तथा संबंधित विभाग तुरंत हरकत में आ गए। लोगों में इस खबर को लेकर काफी रूची तथा उम्मीद पैदा हुई कि शायद अब यह खतरनाक स्ट्रक्चर हटाया जाएगा। आज इस खबर का सीधा प्रभाव सामने आया है। प्रशासन द्वारा बाघापुराना-मोगा रोड पर गांव चंदपुराना में टोल-प्लाजा के साजो-सामान तथा स्ट्रक्चर को हटाना शुरू कर दिया गया है। मशीनरी लगाकर शैडों, बूथों तथा दूसरे बनतरों को हटाया जा रहा है, ताकि सड़क पूरी तरह से खाली करके वाहनों की सुरक्षित आवाजाही यकीनी बनाई जा सके। इस कार्रवाई से राहगीरों तथा स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। उन्होंने पंजाब केसरी द्वारा इस मुद्दे को उजागर करने की प्रशंसा की है। लोगों का कहना है कि जब मीडिया लोगों की आवाज बनकर ऐसे मुद्दे उठाता है, तो प्रशासन तक सच्ची तस्वीर पहुंचती है तथा जनतक सुरक्षा के लिए जरूरी कदम तुरंत उठाए जाते हैं।  

केंद्रीय राज्यमंत्री के तीखे तेवर, दिशा बैठक में अपनी पार्टी के जिला अध्यक्ष को सार्वजनिक रूप से हड़काया

पलवल केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने आज पलवल लघु सचिवालय में दिशा की मीटिंग ली और नगर परिषद में हुए घोटालों को लेकर अधिकारियों ने जमकर लताड़ लगाई और घोटालों की विजिलेंस जांच के लिए लिखा। इस दौरान स्थानीय भाजपा जिला अध्यक्ष के बीच में हस्तपक्षेप करने पर उनको भी जमकर हड़काया और कहा कि मीटिंग लेने में आया हूं तुम नहीं चुप बैठो। इस दौरान अन्य अधिकारी भी बगल झांकते नजर आए। केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के ये तेवर यहां मौजूद लोगों के कैमरों में कैद हो गए। कृष्णपाल गुर्जर ने घोटालों की लिस्ट के साथ एक एक कर सभी घोटालों को लेकर सवाल जबाव किए इस दौरान अधिकारियों पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं बना तो केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर और ज्यादा हाइपर हो गए। इस दौरान उन्होंने अवैध रूप से निकाली गई राशि का ब्यौरा जिला नगर आयुक्त से सवाल किया तो कोई जवाब नहीं बन पाया, साथ ही उन्होंने कार्यरत कर्मचारी और भर्ती किए गए कुल कर्मचारियों के बीच के अंतर को लेकर भी जमकर लताड़ लगाई।   बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है और काफी लंबे समय से शिकायतें मिल रही थी जिसको लेकर अब विजिलेंस जांच के आदेश दिए है जो भी जांच में सामने आएगा उनपर कार्यवाही की जाएगी। आपको बतादें की नगर परिषद में लंबे समय से घोटालों के आरोप लग रहे थे हाल ही में कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री करन दलाल ने भी घोटालों के मुद्दे को प्रेस वार्ता के माध्यम से उठाया था जिनपर केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के तीखे तेवरों ने मोहर लगा दी।  

पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: तीन शहर घोषित हुए पवित्र, नॉन-वेज और शराब की बिक्री पर रोक

चंडीगढ़  अमृतसर वॉलड सिटी (चारदीवारी वाला शहर), तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब में मांस, शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री अब बैन है. पंजाब सरकार ने इन तीनों शहरों को ‘पवित्र शहर’ का दर्जा दिया है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक वीडियो मैसेज में इसका ऐलान किया था. पिछले महीने श्री आनंदपुर साहिब में पंजाब विधानसभा का एक विशेष सत्र आयोजित किया गया था. इस दौरान सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया था. यह विशेष सत्र गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ के मौके पर बुलाया गया था. फिर 15 दिसंबर को, राज्य सरकार ने रूपनगर जिले में श्री आनंदपुर साहिब, बठिंडा में तलवंडी साबो और अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के आसपास के ‘गलियारा’ क्षेत्र को ‘पवित्र शहर’ का दर्जा की एक अधिसूचना जारी की गई थी. अपने वीडियो संदेश में, सीएम मान ने कहा कि सिखों के पांच ‘तख्त’ हैं. जिनमें से तीन – श्री अकाल तख्त साहिब (अमृतसर), श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो, बठिंडा) और तख्त श्री केशगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) पंजाब में हैं. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ई-रिक्शा, मिनी-बसें, शटल बसें और अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट सर्विस समेत सभी जरूरी व्यवस्थाएं करेगी और सुविधाओं का इंतजाम करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि पवित्र शहरों में अब सख्त नियम लागू होंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि मांस, शराब, तंबाकू और किसी भी नशीले पदार्थ की बिक्री पूरी तरह से बैन है. उन्होंने आश्वासन दिया कि शहरों का उचित विकास होगा. सीएम मान ने कहा कि ये शहर न केवल धार्मिक केंद्र हैं बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत के एक बहुत अहम प्रतीक भी हैं.

पंजाब सरकार का बड़ा कदम: शहरी क्षेत्रों में नया कानून और 8 नए पार्क का विकास

जालंधर/चंडीगढ़ प्रदेश भर में वन क्षेत्र के अंतर्गत रकबे में वृद्धि के साथ-साथ आने वाली पीढय़िों के लिए स्वच्छ और हरित पर्यावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक के नेतृत्व में वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग ने वर्ष 2025 के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की हैं। इन महत्वपूर्ण पहलों में 8 वन एवं प्रकृति जागरूकता पार्कों का विकास शामिल है। इनमें से ग्रीनिंग पंजाब मिशन के तहत चार पार्क पठानकोट में, 2 पटियाला में तथा 1-1 अमृतसर और होशियारपुर में विकसित किए जा रहे हैं। कैबिनेट मंत्री श्री लाल चंद कटारूचक के नेतृत्व में वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रहा है। उल्लेखनीय है कि पठानकोट में गांव घरोटा में 0.50 हेक्टेयर, गांव कटारूचक में 0.75 हेक्टेयर, हैबत पिंडी में 0.60 हेक्टेयर क्षेत्र में पंचायत भूमि पर तथा आई.टी.आई. बमियाल में पर्यावरण पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इसी प्रकार पटियाला में बैरन माइनर सहित दो स्थानों पर पर्यावरण पार्क विकसित किए जा रहे हैं। अमृतसर में गांव जगदेव कलां में पर्यावरण पार्क बनाया जा रहा है, जबकि होशियारपुर के बसी पुरानी में एक वन चेतना प्रगति पर है। हैबत पिंडी में पार्क के संबंध में इंटरलॉकिंग टाइलों वाले नेचर ट्रेल का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि झूलों और ओपन एयर शेल्टर (गज़ेबो) की स्थापना इस समय चल रही है। राज्य सरकार का यह सदैव प्रयास रहा है कि अधिक से अधिक हरियाली सुनिश्चित की जाए और साथ ही आने वाली पीढय़िों के लिए पर्यावरण संरक्षण के उपाय किए जाएं। इसी क्रम में वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग, पंजाब ने ‘पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज़ एक्ट, 2025’ का मसौदा तैयार किया है, जिसका उद्देश्य हरित आवरण बनाए रखना, पर्यावरणीय संतुलन सुनिश्चित करना तथा पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के साथ-साथ मिट्टी संरक्षण करना है। यह अधिनियम पंजाब के सभी शहरी क्षेत्रों में लागू होगा। 

मुलाजिमों की छुट्टी पर मान सरकार का आदेश, नए निर्देश जारी

लुधियाना  नगर निगम में फर्जी तरीके से ए.टी.पी. व एम.टी.पी. की कुर्सी पर बैठने वालों की छुट्टी होगी, जिसके तहत सरकार ने सी.डी.सी. चार्ज वापस लेने का आदेश जारी कर दिया है। इस मामले में खुलासा हुआ है कि नगर निगम में सरकार की मंजूरी के बिना एस.ई. रंजीत सिंह को एम.टी.पी. का चार्ज दिया गया है। इसके अलावा 4 रैगुलर ए.टी.पी. खाली बैठे होने के बावजूद इंस्पैक्टर गुरविंद्र सिंह लक्की, कुलजीत मांगट, नवनीत खोखर व हैड ड्राफ्ट्समैन जगदीप सिंह को ए.टी.पी. का चार्ज दिया गया है। यह हालात खाली बैठे रैगुलर ए.टी.पी. राज कुमार, रणधीर सिंह, सुनील कुमार, निरवाण को तो मजाक का पात्र बना ही रहे हैं, इससे करैंट ड्यूटी चार्ज देने बारे सरकार के निर्देशों का भी उल्लंघन हो रहा है जिसके मद्देनजर लोकल बॉडीज विभाग द्वारा नगर निगम प्रशासन को फटकार लगाई गई है। इस संबंध में जारी सर्कुलर में साफ कहा है कि किसी भी मुलाजिम को करैंट डयूटी चार्ज देने के लिए पर्सोनल विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन किया जाए जिसके आधार पर किसी भी मुलाजिम को सी.डी.सी. चार्ज देने पर रोक लगा दी गई है और जिन मुलाजिमों को एडीशनल चार्ज दिया गया है, उसे तुरंत वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं। इस आर्डर में यह भी क्लीयर कर दिया गया है कि किसी मुलाजिम को सी.डी.सी. चार्ज देने वाले आफिसर की जिम्मेदारी होगी। अब देखना यह है कि गलत तरीके से दिया गया ए.टी.पी. व एम.टी.पी. का चार्ज वापस लेने के मामले में कमिश्नर द्वारा क्या फैसला किया जाएगा। नेताओं की सिफारिश पर तोड़े जा रहे हैं नियम जहां तक नगर निगम में ए.टी.पी. व एम.टी.पी. को सी.डी.सी. चार्ज देने के नियमों के उल्लंघन का सवाल है, उसके लिए नेताओं की सिफारिश का हवाला दिया जाता है जिसका सबूत यह है कि नगर निगम में मुलाजिमों की पोस्टिंग जोन की जगह हल्का वाइज की जा रही है और नेताओं की पसंद के मुताबिक ही कुछ देर बाद मुलाजिमों की ट्रांसफर कर दी जाती है। इस दौर में अब सी.डी.सी. चार्ज देने बारे सरकार के ऑर्डर लागू करने के मामले में अफसरों के सामने नेताओं की सिफारिश को नजरअंदाज करने की चुनौती भी आ गई है।

DIG भुल्लर के रिश्वत कांड की जांच तेज, गृह मंत्रालय ने लिया मामला

चंडीगढ़ रोपड़ रेंज के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर पर लगे भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के आरोप अब नई मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। सीबीआई ने उनके खिलाफ ट्रायल शुरू करने के लिए गृह मंत्रालय से मंजूरी मांगी है, क्योंकि पंजाब सरकार के पास केवल निलंबन या ट्रांसफर का अधिकार है। जांच में भुल्लर के घर से 7.36 करोड़ नकद, 2.5 किलो सोना, 24 ब्रांडेड घड़ियां और विदेशी शराब बरामद हुई थी। पहले 8 लाख रुपये की रिश्वत का मामला दर्ज हुआ था, और बाद में आय से अधिक संपत्ति का केस भी जुड़ा। भुल्लर ने हाईकोर्ट में दलील दी थी कि पंजाब सरकार से सेंक्शन लिए बिना सीबीआई की कार्रवाई अवैध है। इस याचिका पर अब तक तीन बार सुनवाई हो चुकी है। इसके अलावा, भुल्लर ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी भी दाखिल की थी, जिसे सुनवाई से पहले ही वापस ले लिया गया।