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पंजाब-चंडीगढ़ में बढ़ी गर्मी, आज हीट वेव का यलो अलर्ट, कल से आंधी और बारिश का अनुमान

 कपूरथला शहरवासियों को भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने झुलसा दिया पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही तपिश ने आम जनजीवन को अस्तव्यस्त कर दिया है। दोपहर के समय लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि बाजारों में सन्नाटा छाने लगा है। सुबह और शाम के समय जहां कुछ चहल-पहल नजर आती है, वहीं दोपहर के समय मुख्य बाजार, सड़कें और सार्वजनिक स्थान लगभग खाली दिखाई देते हैं। मौसम विभाग के अनुसार जिले में तापमान लगातार बढ़ रहा है और यह 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है, जिससे लोगों को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। पंजाब और चंडीगढ़ में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। बठिंडा और फरीदकोट में अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री, जबकि चंडीगढ़ में 41.0 डिग्री दर्ज किया गया है। शुक्रवार की तुलना में तापमान में 0.5 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। यह सामान्य से पांच डिग्री अधिक रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने आज के लिए पंजाब और चंडीगढ़ में हीट वेव का यलो अलर्ट जारी किया है। चंडीगढ़ में इस दौरान वार्म नाइट रहने की संभावना है। वहीं कल यानी 26 से 30 अप्रैल तक बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। आज मुख्य रूप से 10 जिलों मोगा, फिरोजपुर, फरीदकोट, फाजिल्का, बरनाला, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा, संगरूर और पटियाला में कुछ स्थानों पर हीट वेव की स्थिति बन सकती है। वहीं अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फरीदकोट, फाजिल्का, बरनाला और लुधियाना में कुछ जगहों पर वार्म नाइट रहने की संभावना है। इसके अलावा फाजिल्का, मुक्तसर और बठिंडा में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। भीषण गर्मी का असर सिर्फ आम जनजीवन पर ही नहीं, बल्कि बाजारों और छोटे व्यापारियों पर भी पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि दोपहर के समय ग्राहक न के बराबर आते हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। विभाग के अनुसार इस मौसम में लापरवाही बरतना खतरनाक साबित हो सकता है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग लू की चपेट में जल्दी आ सकते हैं। सिविल अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि इन दिनों हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। डिहाइड्रेशन से बचाव जरूरी एसएमओ डॉ. परमिंदर कौर का कहना है कि शरीर में पानी की कमी से कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए लोगों को दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थ शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा अत्यधिक मीठे और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों से दूरी बनाकर रखना चाहिए। लू के लक्षण और सावधानियां लू लगने पर सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार, कमजोरी और शरीर में ऐंठन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे लक्षण महसूस होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें तथा सिर को ढककर रखें। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यदि इसी तरह तापमान बढ़ता रहा, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। सात जिलों का तापमान 40 डिग्री से अधिक पंजाब में गर्मी का असर साफ दिख रहा है। आंकड़ों के अनुसार 7 जिलों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। इनमें चंडीगढ़ (सिटी) 41.0 डिग्री, अमृतसर 40.3 डिग्री, लुधियाना 42.4 डिग्री, पटियाला 42.4 डिग्री, बठिंडा 42.5 डिग्री (एयरपोर्ट पर 44.3 डिग्री), फरीदकोट 44.3 डिग्री और रूपनगर (भाखड़ा डैम) 41.3 डिग्री शामिल हैं। वहीं 6 जिलों में तापमान 35 से 40 डिग्री के बीच रहा। जिनमें फाजिल्का 39.9 डिग्री, फिरोजपुर 39.2 डिग्री, होशियारपुर 38.4 डिग्री, एसबीएस नगर 39.6 डिग्री, मोगा 39.4 डिग्री और पठानकोट 38.6 डिग्री दर्ज किया गया। बाकी जिलों में तापमान 35 डिग्री के आसपास या उससे कम दर्ज किया गया। इनमें गुरदासपुर 38.0 डिग्री, रोपड़ (रूपनगर मुख्यालय) 39.0 डिग्री, पटियाला (AWS) 39.9 डिग्री, चंडीगढ़ (एयरपोर्ट) 40.0 के करीब और कुछ अन्य स्थानों पर तापमान 37 से 39 डिग्री के बीच रहा, जबकि किसी भी जिले में बारिश दर्ज नहीं की गई। रात को 26 डिग्री तक तापमान पूरे हफ्ते राज्य में बारिश की खास उम्मीद नहीं है। दिन का तापमान 38 से 42 डिग्री के बीच रहेगा और आम से ज्यादा गर्मी महसूस होगी। रात का तापमान 22 से 26 डिग्री के बीच रहेगा, यानी रातें भी सामान्य से थोड़ी ज्यादा गर्म रहेंगी। इस समय पश्चिमी विक्षोभ ऊपर की हवाओं में सक्रिय है और उत्तर दिशा की तरफ बना हुआ है। वहीं उत्तर हरियाणा और आसपास के इलाकों में करीब 1.5 किलोमीटर ऊंचाई पर हवा का हल्का सा चक्रवाती सिस्टम भी बना हुआ है, जिसका असर आसपास के मौसम पर पड़ सकता है। कल से आंधी और बारिश की संभावना मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल बताते हैं कि राज्य में 26 से 30 तारीख के बीच कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। अगले चार दिनों तक दिन के तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। 25 तारीख को कुछ जगहों पर लू चलने और वार्म नाइट रहने की संभावना है। वहीं 26 से 30 तारीख के दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अगले तीन दिन के मौसम का अनुमान 26 अप्रैल – फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं इन जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। 27 अप्रैल – पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और … Read more

अजनाला केस में सांसद अमृतपाल की आज पेशी, 2 दिन के रिमांड के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी सुनवाई

अमृतसर खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अजनाला अदालत में पेशी करवाई जाएगी। दो दिन की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद यह पेशी तय की गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) हटने के बाद अब उसके खिलाफ दर्ज मामलों में नियमित न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इसी के तहत अदालत में वर्चुअल माध्यम से सुनवाई की जा रही है। गौरतलब है कि पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम 21 अप्रैल को असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल पहुंची थी, जहां अमृतपाल सिंह राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत बंद थे। उनकी NSA के तहत नजरबंदी 22 अप्रैल को समाप्त हो चुकी है, जिसके बाद पुलिस ने पुराने मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। अमृतपाल सिंह के वकील एडवोकेट ऋतुराज सिंह ने बताया तब बताया था कि NSA समाप्त हो चुका है, लेकिन FIR नंबर 39 के तहत कानूनी कार्रवाई जारी है। इस मामले में धारा 307 समेत कई गंभीर आरोप दर्ज हैं। उनके अनुसार, इस केस में शामिल अन्य सहयोगियों की पहले ही अदालत में पेशी हो चुकी है। मोगा के रोड़े गांव से गिरफ्तार किया गया था अमृतपाल गौरतलब है कि अमृतपाल को अप्रैल 2023 में मोगा के रोड़े गांव से गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले फरवरी 2023 में अजनाला पुलिस थाने पर बड़ा विवाद हुआ था, जब अमृतपाल अपने समर्थकों के साथ बैरिकेड्स तोड़कर थाने में घुस गए थे। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच झड़प भी हुई थी, जिसका मकसद एक गिरफ्तार साथी को छुड़ाना बताया गया था। अमृतपाल सिंह सहित कुल 41 लोगों के खिलाफ आरोप दर्ज इस मामले में अमृतपाल सिंह सहित कुल 41 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, आपराधिक साजिश और दंगा जैसे गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, अमृतपाल इस केस के मुख्य आरोपी हैं। उधर, अमृतसर देहात पुलिस की टीम डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल पहुंच चुकी है, जहां से उसे पंजाब लाने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस द्वारा ट्रांजिट रिमांड सहित अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। बताया जा रहा है कि अमृतसर लाए जाने के बाद अमृतपाल सिंह को अजनाला थाने पर हुए हमले सहित कई दर्ज मामलों में संबंधित अदालतों में पेश किया जाएगा। इन मामलों में पुलिस आगे की जांच और कार्रवाई करेगी। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे मामले को लेकर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।  

रोज़गार की दिशा में एक और कदम: डॉ. बलजीत कौर ने ITI छात्रों को सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के लिए किया प्रेरित

चंडीगढ़/श्री मुक्तसर साहिब. अनुसूचित जाति के युवाओं को सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के मौके देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, पंजाब सरकार ने अलग-अलग जिलों के 351 ITI स्टूडेंट्स को टूल किट बांटे हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार अनुसूचित जाति के लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए कमिटेड है, ताकि वे अपना खुद का बिजनेस शुरू कर सकें और अपने परिवार का गुज़ारा कर सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए कमिटेड है और अनुसूचित जाति के लोगों को सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट बनाने के लिए लगातार असरदार कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग वेलफेयर स्कीमों का मकसद लोगों को सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के काबिल बनाना है। उन्होंने कहा कि ये टूल किट मलोट में डॉ. बीआर अंबेडकर जी की 136वीं जयंती के मौके पर डिस्ट्रिक्ट सोशल जस्टिस एंड एम्पावरमेंट डिपार्टमेंट की तरफ से आयोजित फंक्शन के दौरान बांटी गईं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमें बाबा साहेब डॉ. बीआर अंबेडकर की सोच को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने न सिर्फ अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा की, बल्कि महिलाओं का जीवन स्तर ऊपर उठाने और उन्हें पुरुषों के बराबर अधिकार दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई। इसी वजह से आज महिलाएं हर फील्ड में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि हम सब उनके दिखाए रास्ते पर चलें। उन्होंने कहा कि ये टूल किट श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर और फाजिल्का जिलों की 9 ITI में बांटी गईं। अलग-अलग ट्रेड में ट्रेनिंग ले चुके 351 सीखने वालों को बांटी जा चुकी हैं। बिजली, रेफ्रिजरेशन और एयर कंडीशनिंग और प्लंबर ट्रेड से जुड़े ये टूल किट ज़िला श्री मुक्तसर साहिब के 82, बठिंडा के 64, फरीदकोट के 67, फाजिल्का के 87 और फिरोजपुर के 51 स्टूडेंट्स को दिए गए हैं, ताकि वे अपना खुद का रोज़गार शुरू कर सकें। इस मौके पर उन्होंने स्कूली लड़कियों को लैपटॉप और ज़रूरतमंदों को सिलाई मशीनें भी बांटीं। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि जल्द ही अनुसूचित जाति के लोगों को अपना बिज़नेस शुरू करने के लिए लोन बांटने का कार्यक्रम रखा जाएगा। इस बीच, कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने मलोट में नए बने वॉलीबॉल ग्राउंड का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि शहरों और गांवों को सुंदर और सेहतमंद बनाने के लिए स्पोर्ट्स ग्राउंड और मिनी पार्क बनाए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को खेलों की तरफ़ प्रेरणा मिलेगी और वे नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहकर सेहतमंद ज़िंदगी जी सकेंगे। उन्होंने कहा कि हलके के 24 गांवों में स्पोर्ट्स स्टेडियम भी बनाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि मलोट में बना यह वॉलीबॉल ग्राउंड कैबिनेट मंत्री ने अपने पर्सनल फंड से पंचायती राज डिपार्टमेंट के ज़रिए 10 लाख रुपये की लागत से तैयार करवाया है। इस मौके पर, दूसरों के अलावा, मार्केट कमेटी मलोट के चेयरमैन जशन बराड़, जगमोहन सिंह मान, गुरमीत सिंह बराड़, डिस्ट्रिक्ट सोशल जस्टिस, एम्पावरमेंट और माइनॉरिटी ऑफिसर और इलाके के दूसरे गणमान्य लोग भी मौजूद थे।

वर्सिटी कॉलेज में पगड़ी सजाने का कॉम्पिटिशन

जालंधर. यूनिवर्सिटी कॉलेज, लाडोवाली रोड ने श्री गुरु अंगद देव जी के प्रकाशोत्सव को समर्पित पगड़ी सजाने का कॉम्पिटिशन आयोजित किया। इवेंट का उद्घाटन करते हुए कॉलेज के OSD डॉ. नवजोत ने कहा कि पगड़ी सिर्फ सिर की सजावट नहीं है, बल्कि पंजाबियों की पहचान और सम्मान की निशानी है। पगड़ी हमें अनुशासन, आत्म-सम्मान और जिम्मेदारी की प्रेरणा देती है और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ती है। उन्होंने स्टूडेंट्स को संस्कृति को समझने और अपनाने के लिए प्रेरित किया। कॉम्पिटिशन में स्टूडेंट्स ने अलग-अलग स्टाइल में पगड़ी सजाकर अपनी कला दिखाई। जजों द्वारा घोषित नतीजों के अनुसार, जगनूर सिंह ने पहला, दिलजानजीत सिंह ने दूसरा और हरमनदीप सिंह और ईशरपाल सिंह रंधावा ने तीसरा स्थान हासिल किया। लड़कियों में सुखदीप कौर ने पहला स्थान हासिल किया। इवेंट का मंच संचालन सिमरनप्रीत कौर ने सही तरीके से किया। आखिर में विजेताओं को सम्मानित किया गया और सभी प्रतिभागियों की हिम्मत बढ़ाई गई।

म्युनिसिपल कमिश्नर से FICO की खास मुलाकात, इंडस्ट्री मुद्दों पर हुई खुली चर्चा

लुधियाना. प्रेसिडेंट गुरमीत सिंह कुलार के नेतृत्व में इंडस्ट्रियलिस्ट्स के एक डेलीगेशन ने म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन लुधियाना की कमिश्नर डॉ. नीरू कत्याल गुप्ता से मुलाकात की और इंडस्ट्रियलिस्ट्स को आ रही दिक्कतों पर डिटेल में चर्चा की। कमिश्नर गुप्ता ने कहा कि सभी पॉइंट्स पर विचार किया गया है और इन सभी खतरों को रोकने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू किया जाएगा। इस मौके पर FICO के प्रेसिडेंट गुरमीत सिंह कुलार, एपेक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के वाइस प्रेसिडेंट अवतार सिंह भोगल, प्लाइवुड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट रघबीर सिंह सोहल, प्लास्टिक मैन्युफैक्चरर्स एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी राजीव जैन, यूनाइटेड सिलाई मशीन्स एंड पार्ट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी गुरमुख सिंह रूपल, FICO के एग्जीक्यूटिव मेंबर रवि महाजन मौजूद थे। फोकल पॉइंट्स में आस-पास के इलाकों और लेबर क्वार्टर्स से कचरा फोकल पॉइंट्स की सड़कों पर डाला जा रहा है, जिससे फोकल पॉइंट्स डंपिंग ग्राउंड जैसा लग रहा है। इससे बहुत गंदगी और अनहेल्दी हालात बन रहे हैं। उद्योगपति होने के नाते हमें अपनी फैक्ट्रियों में बिखरे कचरे के कारण अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को लाने में शर्म महसूस होती है। उन्होंने कहा कि इस मामले की ओर ध्यान दिया जाना चाहिए और इन इलाकों में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जरूरी कार्रवाई की जानी चाहिए। -फोकल प्वाइंटों के लिए स्टैटिक कॉम्पैक्टर प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लुधियाना के फोकल प्वाइंटों में कचरा रोकने के लिए उचित कचरा डंप और स्टैटिक कॉम्पैक्टर लगाए जाने चाहिए। औद्योगिक इलाकों में स्ट्रीट लाइटें फोकल प्वाइंटों में स्ट्रीट लाइटों के लिए करीब 2200 प्वाइंट हैं और इनमें से कोई भी चालू नहीं है, जिसके कारण इन इलाकों में चोरी और डकैती की घटनाएं बढ़ रही हैं। स्ट्रीट लाइटों पर भी तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। -ग्रीन बेल्टों का सौंदर्यीकरण प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि औद्योगिक ग्रीन बेल्टों में भी फोकल प्वाइंटों में कचरा डाला जा रहा है, कचरे को फैलने से रोकने और ग्रीन बेल्टों का सौंदर्यीकरण करने की सख्त जरूरत है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि फोकल प्वाइंटों में ग्रीन बेल्टों को अपनाने और विकसित करने के लिए इंडस्ट्री को ग्रीन बेल्ट अलॉट की जानी चाहिए, इससे इलाके में बढ़ते प्रदूषण को ठीक करने में भी मदद मिलेगी। गैर-कानूनी ट्रक और ट्रेलर पार्किंग: डेलीगेशन ने ध्यान दिलाया कि फोकल पॉइंट्स में कई सड़कों का इस्तेमाल पूरे साल ट्रकों और ट्रेलरों के लिए गैर-कानूनी पार्किंग के तौर पर किया जाता है, खासकर कंटेनर डिपो जैसे ढंडारी से जीवन नगर, ढंडारी से शेरपुर, ढंडारी से फोकल पॉइंट को जोड़ने वाली सड़कों पर, जिसकी वजह से ट्रैफिक के लिए लगभग एक लेन ही बचती है और आखिर में ट्रैफिक जाम हो जाता है। यह सुझाव दिया गया है कि हाई टेंशन बिजली की तारों के नीचे की जगह का इस्तेमाल ट्रक और ट्रेलर पार्किंग के लिए किया जा सकता है। फोकल पॉइंट्स में कब्ज़ा: फोकल पॉइंट्स में कई जगहों पर झुग्गियों और झुग्गियों के रूप में बहुत सारे कब्ज़े हैं, जो इलाकों में गैर-कानूनी कामों को बढ़ावा दे रहे हैं, इन्हें युद्ध स्तर पर हटाया जाना चाहिए।

स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश: DAV कॉलेज में पोस्टर प्रतियोगिता ने खींचा सबका ध्यान

अमृतसर. DAV कॉलेज अमृतसर के नेशनल सर्विस स्कीम (NSS) डिपार्टमेंट ने वर्ल्ड हेल्थ डे मनाने के लिए पोस्टर मेकिंग कॉम्पिटिशन सक्सेसफुली ऑर्गनाइज़ किया। कॉम्पिटिशन का मेन मकसद स्टूडेंट्स में हेल्थ अवेयरनेस, बैलेंस्ड लाइफस्टाइल और बीमारियों से बचाव का मैसेज फैलाना था। कॉलेज के अलग-अलग डिपार्टमेंट के स्टूडेंट्स ने कॉम्पिटिशन में जोश के साथ हिस्सा लिया। पार्टिसिपेंट्स ने मेंटल हेल्थ, न्यूट्रिशन, हाइजीन, रेगुलर एक्सरसाइज और तंबाकू और शराब से दूर रहने जैसे ज़रूरी टॉपिक पर पोस्टर के ज़रिए अपने क्रिएटिव एक्सप्रेशन पेश किए। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. अमरदीप गुप्ता ने इवेंट की तारीफ़ की और कहा कि ऐसी एक्टिविटीज़ स्टूडेंट्स को सोशल और हेल्थ इशूज़ के प्रति सेंसिटिव बनाती हैं। उन्होंने NSS डिपार्टमेंट की कोशिशों की बहुत तारीफ़ की। NSS ऑफिसर डॉ. स्मृति अग्रवाल ने कहा कि कॉम्पिटिशन का मकसद युवाओं को भारत को हेल्दी बनाने में एक्टिव रोल निभाने के लिए मोटिवेट करना था। उन्होंने सभी पार्टिसिपेंट्स और विनर्स, कशिश सैनी, खुशी लखोत्रा ​​और जशनप्रीत सिंह को बधाई दी। इस मौके पर प्रोफेसर मनीष कपूर, प्रोफेसर मोहित मेहरा और प्रोफेसर निधि कौशल खास तौर पर मौजूद थे।

अमृत योजना से पंजाब के शहरों में आई क्रांति, 5 साल में ₹3,600 करोड़ का हुआ निवेश

जालंधर  पंजाब के शहरी इलाकों में पिछले पांच वर्षों में केंद्र सरकार की AMRUT (अटल मिशन फॉर रीजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) योजना ने बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव लाने की कोशिश की है। जल आपूर्ति, सीवरेज सिस्टम और हरित क्षेत्रों के विकास पर फोकस करते हुए हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।सीवरेज व्यवस्था में सुधार ने भी शहरों को नई पहचान दी है। नई लाइनों और ट्रीटमेंट सिस्टम से जलभराव की समस्या घटी है और साफ-सफाई में सुधार आया है। इससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी कम हुए हैं। AMRUT योजना का एक और अहम पहलू—हरियाली। पिछले कुछ वर्षों में शहरों के पार्कों को नया जीवन मिला है। छोटे शहरों के पार्क अब लोगों के मिलने-जुलने सुकून के स्थान बन गए हैं। बच्चों के खेलने से लेकर बुजुर्गों की सैर तक, ये स्थान शहरी जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ₹3,626 करोड़ की परियोजनाएं, 80% से अधिक कार्य पूरे राज्य में AMRUT के तहत कुल 214 परियोजनाएं स्वीकृत हुईं, जिनकी कुल लागत ₹3,626 करोड़ रही। इनमें से लगभग ₹2,980 करोड़ के कार्य पूरे किए जा चुके हैं, यानी करीब 82% प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं। हर घर पानी की ओर बढ़ता पंजाब AMRUT 2.0 के तहत लक्ष्य है कि हर शहरी घर तक नल से पानी पहुंचे।     कुल बजट का 60–65% हिस्सा जल आपूर्ति पर खर्च     मलोट शहर में ₹16.25 करोड़ की योजना से लगभग 1 लाख लोगों को फायदा     समाना (पटियाला) में ₹61 करोड़ की जल परियोजना इन परियोजनाओं से कई शहरों में पानी की सप्लाई पहले से ज्यादा नियमित हुई है और टैंकर पर निर्भरता कम हुई है। सीवरेज नेटवर्क में विस्तार, स्वास्थ्य में सुधार योजना के तहत सीवरेज पाइपलाइन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाए गए हैं।     कई शहरों में जलभराव की समस्या में कमी     स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार     हालांकि, कुछ प्रोजेक्ट अभी भी अधूरे हैं, जिससे पूरी क्षमता हासिल नहीं हो पाई है। शहरों में बढ़े हरे-भरे क्षेत्र AMRUT के तहत पार्कों और हरित क्षेत्रों का विकास किया गया:     नए पार्क और ओपन जिम     वॉकिंग ट्रैक और सामुदायिक स्थान इससे छोटे शहरों में भी लोगों को बेहतर जीवन गुणवत्ता का अनुभव मिला है।   डेटा बॉक्स      214 परियोजनाएं स्वीकृत     ₹3,626 करोड़ कुल लागत     ₹2,980 करोड़ के कार्य पूरे     60%+ बजट जल आपूर्ति पर     ₹665 करोड़ (2026–27 आवंटन)     मलोट में 1 लाख लोगों को लाभ AMRUT योजना ने पंजाब के शहरों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया है। पानी, सीवरेज और हरित क्षेत्र में सुधार दिख रहा है, लेकिन पूरी सफलता के लिए समय पर क्रियान्वयन और स्थानीय निकायों की क्षमता बढ़ाना जरूरी रहेगा।

CM भगवंत मान बोले – AAP के राज्यसभा MP जो BJP में शामिल हुए, वे पंजाब के गद्दार हैं

चंडीगढ़.  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी छोड़ने वाले राज्यसभा MPs को पंजाब और पंजाबियत का गद्दार बताया है और कहा है कि पंजाब के लोग जल्द ही उन्हें इस हरकत का जवाब देंगे। आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा MPs ने शुक्रवार को दिल्ली में पार्टी से इस्तीफे का ऐलान किया। इन सात MPs में से छह पंजाब के हैं। राजनीतिक घटनाक्रम के बाद चंडीगढ़ में रिपोर्टर्स से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सात गद्दारों के जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता। पार्टी पूरी तरह मजबूत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पंजाब में 300 यूनिट फ्री बिजली दे रही है और पंजाब को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया है। पंजाब में 19 टोल टैक्स खत्म कर दिए गए हैं। भगवंत मान ने RDF का फंड रोकने के लिए केंद्र सरकार पर हमला बोला और कहा कि BJP पंजाब में हो रहे विकास के कामों को पचा नहीं पा रही है। BJP शुरू से ही पंजाब के लोगों को धोखा और धमका रही है। हरियाणा और देश के कई दूसरे राज्यों में BJP के गठबंधनों, जिसमें दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी भी शामिल है, का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि BJP जिस भी पार्टी से गठबंधन करती है, उसे खत्म कर देती है। भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में ऐसी घटना पहले भी हो चुकी है, जब सुखपाल सिंह खैरा ने कई MLA को तोड़कर अलग गुट बना लिया था। भारतीय जनता पार्टी ने पहले भी पंजाब में कई MLAs को तोड़ने के लिए ऑपरेशन लोटस चलाया था, लेकिन वह कामयाब नहीं हो सका। पार्टी छोड़ने वाले राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह भज्जी, विक्रमजीत साहनी और राजिंदर गुप्ता को पंजाब का सबसे बड़ा गद्दार बताते हुए भगवंत मान ने कहा कि ये सभी अपनी जान बचाने के लिए BJP में शामिल हुए हैं, लेकिन इन्हें बहुत जल्द इसका पछतावा होगा। मनप्रीत बादल और कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसे नेता, जो BJP में शामिल हो गए थे, आज पंजाब की राजनीति में हाशिये पर हैं। भगवंत मान ने ED और दूसरी जांच एजेंसियों को चुनौती देते हुए कहा कि वे जब चाहें उनके खिलाफ जांच कर सकते हैं। पिछले चार सालों में कई कोशिशें की गईं लेकिन जब कुछ नहीं मिला तो उन्होंने अपने लोगों को दबाने की कोशिश शुरू कर दी।

पंजाब में प्राइवेट स्कूलों के लिए किताबों की सीधी सप्लाई, बिचौलियों का खेल खत्म, अभिभावकों को मिली बड़ी राहत

 चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों के लिए पाठ्य-पुस्तकों के वितरण में एक बड़ा सुधार किया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) से संबंधित निजी स्कूलों में पढ़ रहे पहली से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को किताबों की सप्लाई सीधे तौर पर बोर्ड द्वारा की जाएगी। इस पहल से न केवल अधिकृत एजेंसियों और किताबें बेचने वाली दुकानों की एकाधिकार व्यवस्था खत्म होगी, बल्कि विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी राहत मिलेगी। नए सुधार की घोषणा करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि यह निर्णय पारदर्शिता को बेहतर बनाने, परिवारों का खर्च कम करने और बिचौलियों पर निर्भरता घटाने के साथ-साथ पाठ्य-पुस्तकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि स्कूल सख्ती से यह सुनिश्चित करेंगे कि पुस्तकों के लिए छपी हुई कीमत से अधिक पैसा न लिया जाए। यह केवल पुस्तकों के वितरण की सुविधा होगी, न कि राजस्व जुटाने का माध्यम। इससे निजी स्कूलों के दस लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि 15 प्रतिशत छूट, जो पहले पुस्तक बेचने वालों को मिलती थी, अब सीधे तौर पर विद्यार्थियों को मिलेगी। 10 लाख से ज़्यादा छात्रों को होगा फायदा एक आधिकारिक बयान में कहा गया, "स्कूल इस बात का सख्ती से ध्यान रखेंगे कि बिल पर छपी रियायती कीमत से ज़्यादा कोई भी रकम न ली जाए. वे बिना कोई मुनाफा कमाए, सिर्फ किताबों के वितरण में मदद करेंगे. इससे निजी स्कूलों के 10 लाख से ज़्यादा छात्रों को फायदा होगा।  शिक्षा मंत्री ने बताया कि 15 प्रतिशत की जो छूट पहले किताब बेचने वालों को दी जाती थी, अब उसका सीधा फायदा स्कूलों के जरिए छात्रों को मिलेगा. उम्मीद है कि इस कदम से परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी हद तक कम होगा और साथ ही व्यवस्था में ज़्यादा जवाबदेही आएगी।  शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस का बयान शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस सुधार की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना, परिवारों पर वित्तीय दबाव घटाना और किताबों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह कदम पूरी तरह जनहित में है और इससे निजी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। पारदर्शिता और सख्त नियम लागू मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी स्थिति में पुस्तकों पर अंकित मूल्य से अधिक शुल्क नहीं लिया जाए। यह व्यवस्था केवल वितरण को सरल बनाने के लिए है, न कि अतिरिक्त आय का साधन बनने के लिए। सरकार के अनुसार, इस नई प्रणाली से राज्य के लगभग 10 लाख से अधिक निजी स्कूल छात्रों को फायदा होगा। इसकी कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताते हुए, मंत्री बैंस ने जानकारी दी कि PSEB ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक खास ई-कॉमर्स पोर्टल बनाया है. छात्र मोबाइल ऐप या ऑनलाइन पोर्टल के ज़रिए पाठ्यपुस्तकों की मांग कर सकेंगे, जबकि स्कूल कक्षा और विषय के हिसाब से अपनी ज़रूरतें डिजिटल रूप से अपलोड करेंगे. उन्होंने आगे कहा, "हर छात्र को अलग से लॉगिन क्रेडेंशियल (पहचान पत्र) दिए जाएंगे, ताकि ज़रूरत पड़ने पर माता-पिता सीधे ऑर्डर दे सकें।  पंजाब सरकार द्वारा सुलभ और किफायती शिक्षा पर दिए जा रहे प्रयासों को दोहराते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि 15% की छूट, जो पहले केवल पुस्तक विक्रेताओं को दी जाती थी, अब स्कूलों के माध्यम से सीधे छात्रों को लाभ पहुंचाएगी। इस कदम से परिवारों पर वित्तीय बोझ काफी कम होने की उम्मीद है और साथ ही व्यवस्था में जवाबदेही भी बढ़ेगी। परिचालन ढांचे के बारे में विस्तार से बताते हुए मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने जानकारी दी कि पीएसईबी ने प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए एक समर्पित ई-कॉमर्स पोर्टल विकसित किया है। छात्र मोबाइल एप्लिकेशन या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पाठ्यपुस्तकों की मांग कर सकेंगे, जबकि स्कूल कक्षावार और विषयवार आवश्यकताओं को डिजिटल रूप से अपलोड करेंगे। उन्होंने आगे कहा, “प्रत्येक छात्र को व्यक्तिगत लॉगिन क्रेडेंशियल प्रदान किए जाएंगे, जिससे आवश्यकता पड़ने पर अभिभावक सीधे ऑर्डर दे सकेंगे।” पीएसईबी के अध्यक्ष डॉ. अमरपाल सिंह ने बताया कि पोर्टल को सुरक्षित ऑनलाइन भुगतान गेटवे से एकीकृत किया गया है ताकि निर्बाध, पारदर्शी और कुशल लेनदेन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली विशेष रूप से अधिक शुल्क लेने की किसी भी संभावना को खत्म करने और पूरी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिज़ाइन की गई है।  

पुलिस ने लूट को झपटमारी में बदलकर सजा कम करने की कोशिश की, हाई कोर्ट ने DSP और जांच अधिकारी को किया तलब

चंडीगढ़   पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक मामले में सजा कम करने के उद्देश्य से पुलिस ने लूटमार की घटना को झपटमारी में बदल दिया। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया लूटमार का मामला होने के बावजूद इसे झपटमारी में परिवर्तित करना न्याय प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ है। यह मामला जालंधर में दर्ज एक एफआईआर से संबंधित है, जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि तीन अज्ञात हमलावरों ने बेसबाल बैट और ‘दातर’ जैसे हथियारों से हमला कर उसे और उसके साथी को घायल किया और मोबाइल फोन, नकदी तथा मोटरसाइकिल छीनकर फरार हो गए। इन तथ्यों के बावजूद पुलिस ने लूटमार की गंभीर धाराओं के बजाय झपटमारी से संबंधित प्रविधानों में मामला दर्ज किया। सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्य प्रताप सिंह ने टिप्पणी की कि एफआईआर में वर्णित घटनाक्रम स्पष्ट रूप से लूटमार की श्रेणी में आता है। अदालत ने जांच अधिकारी और संबंधित डीएसपी को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि लूटमार के मामले को झपटमारी में क्यों बदला गया। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आपराधिक मामलों में लापरवाही या जानबूझकर की गई त्रुटियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। हमलावरों ने हथियारों से हमला कर जालंधर में की थी लूट आरोपित को दी जमानत कोर्ट ने कहा कि इस तरह की त्रुटियां तकनीकी नहीं होतीं, बल्कि इससे पूरे मामले की गंभीरता, सजा की प्रकृति और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होती है। आरोपित को नियमित जमानत भी प्रदान की, यह कहते हुए कि आरोपित सात महीने से हिरासत में है और जांच पूरी हो चुकी है। सह-आरोपितों को पहले ही मिल चुकी है।