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देश सेवा करते हुए पंजाब का वीर जवान शहीद, लेह में ऑक्सीजन लेवल घटने से बिगड़ी तबीयत

चंडीगढ़. देश की सेवा करते हुए पंजाब के एक फौजी जवान के शहीद होने की दुखद खबर सामने आई है। पंजाब आर्मर्ड रेजिमेंट के जवान नायक सरबजीत सिंह लेह (लद्दाख) में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। जानकारी के अनुसार गांव बिंदरख निवासी नायक सरबजीत सिंह पुत्र दर्शन सिंह लेह के ऊंचाई वाले क्षेत्र में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान अचानक ऑक्सीजन की कमी होने से उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह वीरगति को प्राप्त हो गए। इस दुखद समाचार के बाद गांव बिंदरख सहित पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि शहीद सरबजीत सिंह का विवाह 25 जनवरी 2026 को ही हुआ था। शादी के महज 5 महीने बाद उनके शहीद होने की खबर से परिवार गहरे सदमे में है। शहीद के ताऊ सुखविंदर सिंह ने बताया कि सरबजीत सिंह का पार्थिव शरीर जल्द ही उनके पैतृक गांव बिंदरख लाया जाएगा, जहां पूर्ण राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले इस वीर जवान की शहादत पर विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।

सड़कों पर उतरे नगर निगम कमिश्नर ओजस्वी, सफाई अभियान और ट्रैफिक सुधार को लेकर दिए निर्देश

लुधियाना. नगर निगम कमिश्नर ओजस्वी ने कार्यभार संभालते ही शहर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए एक्शन मोड अपना लिया है। चार्ज संभालने के बाद लगातार दूसरे दिन भी वह शहर की सड़कों पर उतरे और विभिन्न इलाकों का दौरा कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। सोमवार को पदभार ग्रहण करने के बाद कमिश्नर ने नगर निगम अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक की थी। बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था, मानसून के दौरान जलभराव रोकने की तैयारियों, सीवरेज और पानी की निकासी सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई थी। इसके बाद मंगलवार को कमिश्नर ओजस्वी ने शहर के अंदरूनी मोहल्लों का दौरा कर जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं पंजाब सरकार की 'मिशन क्लीन' मुहिम के तहत बुधवार को भी उन्होंने फील्ड में उतरकर बुड्ढा नाला और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने अधिकारियों को बुड्ढा नाले के किनारों को पक्का करने के निर्देश दिए, ताकि बरसात के दौरान कटाव और अन्य समस्याओं से बचा जा सके। इसके अलावा उन्होंने पंपिंग स्टेशनों की कार्यक्षमता, मोटरों और जनरेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, जिससे भारी बारिश की स्थिति में जल निकासी प्रभावित न हो। कमिश्नर ने ढोका मोहल्ला का भी दौरा कर स्थानीय समस्याओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गैंग पर पुलिस का शिकंजा, चंडीगढ़ से 3 आरोपी दबोचे गए

चंडीगढ़  चंडीगढ़ में एक्टिव अपराधियों तक अवैध हथियार पहुंचाने वाले एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल ने भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से एक पिस्टल, दो देसी कट्टे और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी स्थानीय अपराधियों को जरूरत पड़ने पर हथियार और अन्य लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध करवाते थे। तीन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मौलीजागरां निवासी अभियास यादव (23), डीएमसी कॉलोनी निवासी विकास उर्फ बट्टी (20) और मनीमाजरा निवासी तैयब उर्फ चेतन (20) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार तीनों के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। गुप्त सूचना के बाद शुरू हुई कार्रवाई यूटी पुलिस की ओर से असामाजिक तत्वों, वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान ऑपरेशन सेल को सूचना मिली थी कि कुछ युवक अवैध हथियारों की सप्लाई कर रहे हैं और स्थानीय अपराधियों को वारदातों के लिए हथियार उपलब्ध करवा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी और तकनीकी व स्थानीय स्तर पर जांच शुरू की। पहले आरोपी से मिली पिस्टल और कारतूस जांच के दौरान 8 जून को ऑपरेशन सेल की टीम ने बीएसएनएल मोड़ फेज-2 के पास एक संदिग्ध युवक को रोका। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। आरोपी की पहचान अभियास यादव के रूप में हुई। उसके खिलाफ सेक्टर-31 थाना में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ और पुलिस रिमांड के दौरान उसने अपने अन्य साथियों के बारे में अहम जानकारी दी। पूछताछ में सामने आए दो और नाम अभियास यादव से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने 10 जून को सेक्टर-43 स्थित सीटीयू वर्कशॉप के पीछे से विकास उर्फ बट्टी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक देसी कट्टा बरामद हुआ। इसके बाद जांच आगे बढ़ी तो तीसरे आरोपी तैयब उर्फ चेतन का नाम सामने आया। पुलिस ने 15 जून को किशनगढ़ चौक के पास स्लिप रोड से उसे गिरफ्तार किया और तलाशी के दौरान उसके पास से भी एक देसी कट्टा बरामद किया। अपराधियों तक पहुंचाए जा रहे थे हथियार प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े हुए थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से लाए गए और इन्हें किन अपराधियों तक पहुंचाया जाना था। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक वारदात में किया जा सकता था। आरोपियों का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अभियास यादव के खिलाफ पंचकूला, चंडीगढ़ और मोहाली में हत्या के प्रयास, मारपीट, अपहरण, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के करीब 19 मामले दर्ज हैं। वहीं विकास उर्फ बट्टी के खिलाफ हत्या के प्रयास, दंगा, धमकी और आर्म्स एक्ट से जुड़े आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। तीसरे आरोपी तैयब उर्फ चेतन के खिलाफ भी लूट और चोरी के कई मामले दर्ज बताए गए हैं। नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने में जुटी पुलिस फिलहाल पुलिस आरोपियों के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हथियार सप्लाई चेन में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इनके संभावित गैंग कनेक्शन क्या हैं और इन हथियारों का इस्तेमाल किन वारदातों में किया जाना था। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से धमकी भरा मेल, दिल्ली जाने वाली ट्रेन में धमाके की चेतावनी

लुधियाना  महानगर में एक बार फिर बम धमाके की धमकी मिलने से सनसनी फैल गई है। बुधवार को नगर निगम (MC) और डिप्टी कमिश्नर (DC) दफ्तर की आधिकारिक ईमेल आई.डी. पर आए एक धमकी भरे मेल के बाद प्रशासनिक हलकों और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस बार शातिर ईमेल भेजने वाले ने किसी लावारिस बैग या टाइमर बम की नहीं, बल्कि 'ह्यूमन बम' (मानव बम) के जरिए इन दफ्तरों को उड़ाने की खौफनाक धमकी दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईमेल भेजने वाले सिरफिरे ने लुधियाना मेयर के दफ्तर, नगर निगम कार्यालय, डी.सी. दफ्तर और शहर के व्यस्त रेलवे ट्रैक पर बम धमाके करने की चेतावनी दी है। जैसे ही इसकी भनक उच्च अधिकारियों को लगी, तुरंत पुलिस के आला अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं। चंडीगढ़ और दिल्ली तक की खुफिया एजेंसियां अलर्ट, खंगाले जा रहे डिजिटल फुटप्रिंट्स  धमकी भरे ईमेल की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम की टीमें और देश की खुफिया एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गई हैं। इस मेल के ओरिजिन (कहाँ से भेजा गया) का पता लगाने और भेजने वाले शातिर को बेनकाब करने के लिए हाई-लेवल जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी पहलुओं, आई.पी. एड्रेस (IP Address) और डिजिटल फुटप्रिंट्स की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके। सर्च ऑपरेशन में नहीं मिला कुछ संदिग्ध, एडिशनल DCP बोले- घबराएं नहीं  मामले की पुष्टि करते हुए एडिशनल डी.सी.पी. (ADCP) देव सिंह ने बताया कि बम की धमकी वाला ईमेल मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस की विशेष टीमों और बम निरोधक दस्ते ने तुरंत दोनों दफ्तरों के परिसरों की सघन चेकिंग की। पूरे इलाके को खंगालने के बाद पुलिस को वहां कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने जनता से अपील की है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। मेल आने के बाद पुलिस व प्रशासन ने डीसी दफ्तर, नगर निगम दफ्तर में हर आने जाने वाले पर नजर रखनी शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की मेल पहले भी आई थी। हालांकि तब भी कुछ नहीं निकला था। फिर भी प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। जानकारी के अनुसार प्रशासन को 17 जून 2026 को सुबह करीब 9:34 बजे मेल मिली। ईमेल भेजने वाले ने खुद को खालिस्तान नेशनल आर्मी' का सदस्य बताया है। ईमेल में बेहद आपत्तिजनक और डराने वाली बातें लिखी गई हैं। इस ईमेल के बाद लुधियाना मेयर दफ्तर, डीसी कॉम्प्लेक्स और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुट गई है कि यह ईमेल कहाँ से जनरेट हुआ है और इसके पीछे किसी शरारती तत्व का हाथ है या वाकई कोई बड़ी साजिश रची जा रही है। प्रशासन को मिली मेल में लिखी अहम बातें… मेयर और DC ऑफिस पर फिदायीन हमला: आज दोपहर 1:11 बजे लुधियाना मेयर और डीसी ऑफिस को 'मानव बम' से उड़ाने की धमकी दी गई थी। CM भगवंत मान को निशाना बनाने का दावा: ईमेल में लिखा गया है कि 2027 तक पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर पूर्व सीएम बेअंत सिंह की तरह आत्मघाती हमला किया जाएगा। रेलवे ट्रैक और आम जनता को चेतावनी: ईमेल में साफ लिखा गया है कि 18 जून से 30 सितंबर के बीच अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और पटियाला के रेलवे ट्रैक को निशाना बनाया जाएगा। भेजने वाले ने खुलेआम चेतावनी दी है अपने बच्चे बचाओ, कोई भी 18 जून से 30 सितंबर के बीच दिल्ली वाली रेल से सफर न करे। गृह मंत्री अमित शाह को धमकी: ईमेल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाना बनाने और हरदीप सिंह निज्जर की मौत का बदला लेने की बात भी कही गई है। पहले भी आ चुकी हैं फर्जी धमकियां, सिंगर दिलजीत दोसांझ का घर भी था निशाने पर  काबिलेगौर है कि लुधियाना में बम धमाकों की धमकी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे करीब तीन हफ्ते पहले भी एक ऐसा ही फर्जी ईमेल आया था, जिसमें लुधियाना के मेयर दफ्तर और मशहूर पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के घर को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। हालांकि, लुधियाना में पिछले समय के दौरान आए ऐसे सभी बम थ्रेट ईमेल महज एक 'होक्स' (अफ़वाह या फर्जी कॉल) ही साबित हुए हैं। पुलिस का मानना है कि यह किसी शरारती तत्व का काम है, जिसे जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

Holiday Alert: 18 जून को चंडीगढ़ में सार्वजनिक अवकाश घोषित, प्रशासन ने जारी किए आदेश

चंडीगढ़  चंडीगढ़ प्रशासन ने कल यानी 18 जून (गुरुवार) को सरकारी छुट्टी की घोषणा की है। यह फैसला श्री गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर लिया गया है। प्रशासन के गृह विभाग ने बुधवार को इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। पहले प्रतिबंधित अवकाश था जारी अधिसूचना के मुताबिक, पहले इस दिन चंडीगढ़ प्रशासन के कैलेंडर वर्ष 2026 में ‘प्रतिबंधित अवकाश’ घोषित किया गया था। अब पुराने आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए इसे पूर्ण 'सार्वजनिक अवकाश' घोषित कर दिया गया है। इन जगहों पर रहेगा अवकाश प्रशासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि इस दौरान सरकारी कार्यालय, बोर्ड और कॉर्पोरेशन,सरकारी संस्थान, औद्योगिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहेंगे। गृह सचिव दिप्रावा लाकरा की तरफ से यह आदेश जारी किए गए है।  

शिक्षा विभाग का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, पंजाब में 16 प्राचार्यों और अधिकारियों को मिली नई तैनाती

चंडीगढ़. चंडीगढ़ प्रशासन के डायरेक्टरेट ऑफ स्कूल एजुकेशन (DSC) ने गर्मी की छुट्टियों में सरकारी स्कूलों में प्रशासनिक काम को आसान बनाने के मकसद से प्रिंसिपल, हेड टीचर और ऑफिसर इन इंचार्ज के बड़े पैमाने पर ट्रांसफर और एडजस्टमेंट के ऑर्डर जारी किए हैं। ये ऑर्डर तुरंत लागू हो गए हैं। स्कूल एजुकेशन डायरेक्टर नीतीश सिंगला, PCS द्वारा जारी ऑर्डर के मुताबिक, कुल 16 अधिकारियों का ट्रांसफर और एडजस्टमेंट किया गया है। ट्रांसफर – राजिंदर सिंह को GMHS-46 से GMHS खुदा जस्सू में ट्रांसफर किया गया। विवेक गुप्ता को GMHS-31C से GMHS मलोआ कॉलोनी में ट्रांसफर किया गया। मंजुला खन्ना को GMHS-29A से GMHS विकास नगर, मौली जागरण में ट्रांसफर किया गया। श्याम लाल को GMHS-28 से GMHS माखन माजरा में ट्रांसफर किया गया।  नवदीप कौर को GMHS-42 से GMHS दरिया में पोस्ट किया गया। सुमन जायसवाल को GMHS-53 से GMHS कजहेड़ी में ट्रांसफर किया गया। मनमोहन सिंह को GMHS-20D से GMHS मौली जागरण में पोस्ट किया गया। इंदु को GMHS-50 से GMHS पॉकेट नंबर 8, मनीमाजरा में ट्रांसफर किया गया। सुनीता खुराना को GMHS-47 से GMHS मलोआ में पोस्ट किया गया। तेजवीर कौर को GMHS मलोआ से GMHS-36 में पोस्ट किया गया। इंचार्ज ऑफिसर्स की जिम्मेदारियां भी बदली गई हैं। इसके अलावा, मीनाक्षी सोनी, चरणजीत कौर, भारती वंदना, सुमन, सुनीता टंडन और रेणु बाला समेत कई इंचार्ज ऑफिसर्स को नए स्कूलों में ज़िम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें से ज़्यादातर नियुक्तियां खाली पोस्ट पर या संबंधित स्कूलों में एग्जीक्यूटिव अरेंजमेंट के तहत की गई हैं। एजुकेशन डिपार्टमेंट के मुताबिक, प्रशासनिक का मकसद स्कूलों में एडमिनिस्ट्रेटिव एफिशिएंसी बढ़ाना, खाली पोस्ट भरना और एकेडमिक और प्रशासनिक कामों को बेहतर तरीके से करना है। ऑर्डर की कॉपी डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर, डिप्टी डायरेक्टर, संबंधित स्कूलों के हेड और दूसरे अधिकारियों को जरूरी एक्शन के लिए भेज दी गई हैं।

प्रदूषण पर चंडीगढ़ का बड़ा कदम! 2×2 KM ग्रिड में मापा जाएगा कार्बन फुटप्रिंट, हॉटस्पॉट्स की होगी पहचान

चंडीगढ़ पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में चंडीगढ़ प्रशासन बड़ा कदम उठाने जा रहा है। शहर में पहली बार व्यापक और वैज्ञानिक कार्बन फुटप्रिंट एवं कार्बन स्टॉक असेसमेंट किया जाएगा। इस अध्ययन के जरिए यह पता लगाया जाएगा। प्रशासन पूरे शहर को 2×2 किलोमीटर के ग्रिड में बांटकर अध्ययन करेगा। हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट इमेजरी और जीआईएस मैपिंग के जरिए इलाकेवार प्रदूषण के हॉटस्पॉट्स की पहचान की जाएगी। इस आधार पर भविष्य की पर्यावरण और जलवायु संबंधी नीतियां तैयार की जाएंगी। 2030 तक क्लाइमेट प्लान तैयार:-     सात प्रमुख क्षेत्रों का होगा मूल्यांकन: अध्ययन के दौरान ऊर्जा खपत, परिवहन, भवन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर, कचरा प्रबंधन, उद्योग, कृषि और व्यावसायिक गतिविधियों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही शहर के हरित क्षेत्रों की कार्बन अवशोषण क्षमता का भी वैज्ञानिक मूल्यांकन होगा।     पेड़ों के साथ मिट्टी और जड़ों का भी होगा सर्वे: अध्ययन में केवल पेड़ों की संख्या ही नहीं, बल्कि उनकी जड़ों के बायोमास और मिट्टी में मौजूद ऑर्गेनिक कार्बन की भी गणना की जाएगी। शहर के लगभग 4,500 हेक्टेयर ग्रीन कवर, जिसमें 3,200 हेक्टेयर अधिसूचित वन क्षेत्र और 26 वर्ग किलोमीटर में फैली सुखना वाइल्डलाइफ सेंचुरी शामिल है, का विस्तृत सर्वे किया जाएगा। सुखना सेंचुरी के लिए अलग से कार्बन सीक्वेस्ट्रेशन डेटाबेस तैयार होगा।     2030 तक का तैयार होगा जलवायु रोडमैप: यह अध्ययन पिछले 5 से 10 वर्षों के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के रुझानों का विश्लेषण करेगा। इसके आधार पर 2030 और उससे आगे के लिए कार्बन उत्सर्जन का अनुमान लगाया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों, साइकिलिंग और कचरा प्रबंधन से जुड़ी नई रणनीतियां तैयार की जाएंगी।     सौर ऊर्जा से हर साल बच रहे 57,960 टन CO₂: प्रशासन के अनुसार शहर में सरकारी गैर-आवासीय भवनों पर बड़े स्तर पर सोलर पैनल लगाए गए हैं।  वर्तमान में 377 सरकारी इमारतों पर सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित है, जिससे हर वर्ष करीब 8.4 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे सालाना लगभग 57,960 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम हो रहा है।     EV और साइकिलिंग से भी घटा कार्बन उत्सर्जन: चंडीगढ़ में पिछले पांच वर्षों के दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में 16 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।  इससे वाहनों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आई है और कार्बन बचत 26 गुना तक बढ़ी है। वहीं, पब्लिक बाइसिकल शेयरिंग सिस्टम के जरिए प्रतिवर्ष लगभग 36 हजार किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन कम हो रहा है, जो करीब 1,600 पेड़ लगाने के बराबर माना जाता है। 4 साल में कार्बन बचत में बड़ा उछाल प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में शहर की कुल कार्बन बचत करीब 5.65 किलोटन CO₂ समतुल्य थी, जो वर्ष 2025 तक बढ़कर लगभग 150 किलोटन CO₂ समतुल्य पहुंच गई है। प्रशासन का मानना है कि नया वैज्ञानिक अध्ययन चंडीगढ़ को देश के अग्रणी लो-कार्बन शहरों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

4000 डॉलर में चली थी गोली! AP Dhillon केस के आरोपी को कनाडा से निकालने का आदेश

लुधियाना  लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कथित शूटर अभिजीत किंगरा को कनाडा से भारत भेजे जाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। कनाडा के इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (आईआरबी) ने किंगरा को देश से निर्वासित (डिपोर्ट) करने का आदेश जारी किया है। बोर्ड ने अपने फैसले में कहा है कि किंगरा बिश्नोई गैंग का सदस्य है, जो हत्या, रंगदारी, गोलीबारी, आगजनी और धमकी जैसी संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। जानकारी के अनुसार, अभिजीत किंगरा वर्ष 2018 में स्टडी परमिट पर कनाडा पहुंचा था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि कनाडा पहुंचने के बाद वह धीरे-धीरे बिश्नोई गैंग के संपर्क में आया और गैंग के लिए काम करने लगा। कनाडाई अधिकारियों के मुताबिक सितंबर 2024 में ब्रिटिश कोलंबिया के कोलवुड क्षेत्र में पंजाबी गायक एपी ढिल्लों के घर पर हुए हमले में किंगरा की भूमिका सामने आई थी। आईआरबी ने साफ कर दिया है कि अभिजीत किंगरा जैसे गैंगस्टर को कनाडा में रहने का कोई अधिकार नहीं है और उसे तुरंत डिपोर्ट किया जाए। अभिजीत किंगरा पिछले एक साल से कनाडा की जेल में बंद है। उस पर एपी ढिल्लों के अलावा अन्य लोगों से भी रंगदारी वसूलने के आरोप हैं। आईआरबी ने यह फैसला 15 जून को सुनाया है। किंगरा ने बोर्ड के सामने एक अहम खुलासा करते हुए कहा कि एपी ढिल्लों के घर फायरिंग करने के लिए उसके एक सहयोगी ने उसे 4000 डॉलर देने की पेशकश की थी। इसके बाद उसने इस घटना को अंजाम दिया। एपी ढिल्लों के घर फायरिंग से लेकर डिपोर्टेशन के ऑर्डर तक की पूरी कहानी..     स्टूडेंट वीजा पर गया, गैंगस्टर बन गया: अभिजीत किंगरा भारत से विदेश पढ़ने के लिए गया। वहां जाकर वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के संपर्क में आ गया। पहले उससे छोटे मोटे अपराध करवाए गए और उसके बदले उसे डाॅलर दिए गए। फिर वह नियमित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का मेंबर बन गया। अभिजीत के खिलाफ कनाडा में भारतीय मूल के लोगों से रंगदारी मांगने और फायरिंग करने के कई मामले हैं। इन्हीं मामलों में उसे छह साल की सजा हो चुकी है।     पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के घर पर फायरिंग की: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर अभिजीत किंगरा ने 2 सितंबर 2024 को ब्रिटिश कोलंबिया (B.C.) के वैंकूवर आइलैंड पर स्थित पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के घर को निशाना बनाया गया था। रात के अंधेरे में दो हमलावर वहां पहुंचे। उनमें से एक अभिजीत किंगरा था। किंगरा ने सिंगर के घर पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। उसने एक के बाद एक कुल 14 गोलियां चलाईं। वहीं, उसके साथी ने घर के बाहर खड़ी गाड़ियों पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।     4000 डॉलर का लालच: डिपोर्टेशन की सुनवाई के दौरान अभिजीत किंगरा ने खुद कोर्ट के सामने यह बात मानी कि उसे इस हमले के लिए पैसे दिए गए थे। उसने बताया कि विन्निपेग में उसकी कंपनी में काम करने वाले एक साथी ने उसे ब्रिटिश कोलंबिया जाने और एपी ढिल्लों के घर पर फायरिंग करने के लिए सिर्फ 4,000 कनाडाई डॉलर (लगभग ढाई लाख रुपए) का ऑफर दिया था।     सोशल मीडिया पर वीडियो: किंगरा ने बताया कि उसने न केवल गोलियां चलाईं, बल्कि इस वारदात का एक वीडियो भी अपने फोन से रिकॉर्ड किया। हमले के कुछ ही घंटों बाद, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इस वीडियो को अपलोड कर दिया, जिसमें किंगरा को साफ तौर पर फायरिंग करते हुए देखा जा सकता था। यह वीडियो बिश्नोई गैंग की तरफ से एक धमकी भरा संदेश था, जो बाद में पुलिस के लिए किंगरा के खिलाफ सबसे पक्का सबूत बन गया।     विन्निपेग में नौकरी और गैंग से संपर्क: अपनी पढ़ाई और रहने का खर्च निकालने के लिए किंगरा विन्निपेग शहर में एक मूविंग कंपनी में काम करने लगा। यहीं पर वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुछ लोगों के संपर्क में आया।     शॉर्टकट से पैसे कमाने की चाह: किंगरा ने रिफ्यूजी बोर्ड के सामने गवाही देते हुए कहा कि वह एक सीधा-साधा लड़का है। उसने दावा किया कि उसे यह बिल्कुल नहीं पता था कि वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम कर रहा है। भारत में रह रहे अपने माता-पिता को पैसे भेजने की मजबूरी और 'आसान तरीके से अमीर बनने' के लालच ने उसे इस जुर्म की दुनिया में धकेल दिया।     कनाडा में कई घटनाओं को दिया अंजाम: एपी ढिल्लों के घर पर की गई गोलीबारी अकेली घटना नहीं थी। कनाडाई पुलिस और कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) की जांच में किंगरा के खिलाफ कई और गंभीर मामले सामने आए हैं। जांचकर्ताओं के मुताबिक, किंगरा और उसके साथियों ने सिर्फ एक सिंगर को निशाना नहीं बनाया था। उन्होंने ब्रिटिश कोलंबिया के कोलवुड ( इलाके में भी एक घर पर हमला किया था। वहां भी 14 राउंड गोलियां चलाई गईं और गाड़ियों को आग लगाई गई। इसके अलावा, ब्रिटिश कोलंबिया के ही सरे इलाके में भी इन दोनों पर इसी तरह के डराने-धमकाने वाले हमले करने का आरोप है। इसके साथ ही, दूसरी जगहों पर की गई फायरिंग और आगजनी के मामलों में उस पर केस चल रहा है।     फरार साथी और पुलिस की तलाश: इस पूरी साजिश में किंगरा का एक मुख्य जोड़ीदार विक्रम शर्मा भी शामिल था। विक्रम शर्मा ने ही गाड़ियों में आग लगाने का काम किया था। हालांकि, पुलिस के हत्थे चढ़ने से पहले ही विक्रम शर्मा कनाडा से भागकर भारत लौट आया। कनाडाई पुलिस (RCMP) ने उसके खिलाफ कई केस दर्ज किए हैं और वह इस समय कनाडा पुलिस का मोस्ट वांटेड अपराधी है।     किंगरा का ड्रामा और भारत में जान का खतरा: इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड के मेंबर अजीम लालजी के सामने जब किंगरा की सुनवाई हुई, तो उसने बचने के लिए कई पैंतरे आजमाए। बिना वकील के कोर्ट में पेश हुए किंगरा ने खुद को एक बेवकूफ और नासमझ लड़का बताया, जिसे चालाकी से फंसाया गया था। किंगरा ने कोर्ट के सामने भावुक होते हुए कहा कि मैं अपने माता-पिता का इकलौता बेटा हूं। मुझे भारत मत भेजिए। अगर मुझे वापस भारत डिपोर्ट किया गया, तो लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लोग जेल के … Read more

कनाडा इमिग्रेशन बोर्ड का बड़ा फैसला, सिंगर AP Dhillon के घर पर फायरिंग का आरोपी अभिजीत आएगा भारत

चंडीगढ़. लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कथित शूटर अभिजीत किंगरा को कनाडा से भारत भेजे जाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। कनाडा के इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (आईआरबी) ने किंगरा को देश से निर्वासित (डिपोर्ट) करने का आदेश जारी किया है। बोर्ड ने अपने फैसले में कहा है कि किंगरा बिश्नोई गैंग का सदस्य है, जो हत्या, रंगदारी, गोलीबारी, आगजनी और धमकी जैसी संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। जानकारी के अनुसार, अभिजीत किंगरा वर्ष 2018 में स्टडी परमिट पर कनाडा पहुंचा था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि कनाडा पहुंचने के बाद वह धीरे-धीरे बिश्नोई गैंग के संपर्क में आया और गैंग के लिए काम करने लगा। कनाडाई अधिकारियों के मुताबिक सितंबर 2024 में ब्रिटिश कोलंबिया के कोलवुड क्षेत्र में पंजाबी गायक एपी ढिल्लों के घर पर हुए हमले में किंगरा की भूमिका सामने आई थी। किंगरा ने एपी ढिल्लों के घर के बाहर फायरिंग की थी आरोप है कि किंगरा ने एपी ढिल्लों के घर के बाहर करीब 14 राउंड फायरिंग की थी, जबकि उसके एक साथी ने बाहर खड़ी गाड़ियों को आग लगा दी थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। किंगरा और उसका एक अन्य सहयोगी सरे (ब्रिटिश कोलंबिया) में हुई एक अन्य समान घटना में भी आरोपित हैं। सुनवाई के दौरान किंगरा ने दावा किया कि उसे इस वारदात में शामिल होने के लिए 4,000 कनाडाई डॉलर देने का लालच दिया गया था। उसने कहा कि वह अपने परिवार की आर्थिक मदद करना चाहता था और उसे यह जानकारी नहीं थी कि वह बिश्नोई गैंग के लिए काम कर रहा है। हालांकि कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (सीबीएसए) ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि संगठित गैंग अपने नेटवर्क को स्तरों में संचालित करते हैं, जहां निचले स्तर के सदस्य केवल अपने तत्काल संपर्कों को जानते हैं। आईआरबी सदस्य अजीम लालजी ने अपने फैसले में कहा कि ब्रिटिश कोलंबिया की अदालत पहले ही किंगरा को बिश्नोई गैंग का सदस्य मान चुकी है। बोर्ड ने यह भी माना कि गैंग कनाडा में भारतीय मूल के कारोबारियों, गायकों और अन्य लोगों को निशाना बनाकर धमकी, रंगदारी और हिंसा की घटनाओं में शामिल रहा है। गोलीबारी के मामले में छह साल की सजा काट रहा है किंगरा फिलहाल किंगरा गोलीबारी के मामले में छह साल की सजा काट रहा है और एक अन्य मामले में मुकदमे का सामना कर रहा है। उसकी अगली अदालत पेशी 18 जून को निर्धारित है। हालांकि वह डिपोर्टेशन आदेश के खिलाफ अपील की तैयारी कर रहा है। उसने दावा किया है कि भारत लौटने पर उसकी जान को खतरा हो सकता है, लेकिन बोर्ड ने कहा कि इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए गए। सीबीएसए के अनुसार, कनाडा में संगठित अपराध, रंगदारी और गैंग हिंसा से जुड़े 400 से अधिक मामलों की जांच चल रही है, जबकि 55 संदिग्धों को पहले ही देश से बाहर किया जा चुका है। एजेंसी का कहना है कि बिश्नोई गैंग की गतिविधियां ब्रिटिश कोलंबिया, अल्बर्टा, मैनिटोबा और ओंटारियो में सबसे अधिक सक्रिय रही हैं। वहीं इस मामले में आरोपित विक्रम शर्मा कनाडा छोड़कर भारत भाग चुका है और रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने उसे वांछित घोषित कर रखा है। आरोप है कि अभिजीत किंगरा ने सितंबर 2024 में ब्रिटिश कोलंबिया के कोलवुड स्थित एपी ढिल्लों के घर के बाहर 14 राउंड फायरिंग की थी। मामले का जिक्र आईआरबी के डिपोर्टेशन आदेश और सीबीएसए की सुनवाई में हुआ। पंजाबी कलाकारों और कारोबारियों को धमकियां कनाडाई एजेंसियों ने सुनवाई में कहा कि बिश्नोई गैंग ने कनाडा में भारतीय मूल के कारोबारियों, गायकों और अन्य लोगों को धमकी भरे कॉल, संदेश और इंटरनेट मीडिया के जरिए रंगदारी के लिए निशाना बनाया। हाल में दिल्ली में गायक गुरु रंधावा के जिम पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी कथित तौर पर बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया के जरिए ली थी। हालांकि यह मामला पंजाब में नहीं, लेकिन एक पंजाबी गायक से जुड़ा होने के कारण चर्चित रहा। आईआरबी के फैसले में उल्लेख है कि बिश्नोई गैंग की गतिविधियां विशेष रूप से पंजाबी मूल के लोगों से जुड़े रंगदारी और धमकी के मामलों में सामने आई हैं।

क्राइम कंट्रोल के लिए चंडीगढ़ का बड़ा प्लान, शिमला में पड़ोसी राज्यों संग बनेगी साझा रणनीति

चंडीगढ़. चंडीगढ़ में हाल के दिनों में बढ़ी आपराधिक घटनाओं के मद्देनजर प्रशासन 19 जून को शिमला में होने वाली उत्तरी क्षेत्रीय परिषद (एनजेडसी) की स्थायी समिति की 22वीं बैठक में कानून-व्यवस्था का मुद्दा प्रमुखता से उठाएगा। इसके अलावा बुनियादी ढांचा विकास, ट्रैफिक प्रबंधन और सुखना वन्यजीव अभयारण्य के आसपास इको-सेंसिटिव जोन (ईएसजेड) घोषित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, शहर में अपराध करने के बाद कई आरोपित गिरफ्तारी से बचने के लिए पड़ोसी राज्यों में फरार हो जाते हैं। ऐसे मामलों में अपराधियों की तलाश और सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए समिति के सदस्य राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की मांग की जाएगी। शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन रिंग रोड परियोजना को शीघ्र पूरा करने का मुद्दा भी बैठक में उठाएगा। इससे अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश किए बिना बाहरी मार्ग से ही आगे भेजा जा सकेगा। मोहाली स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक कम दूरी वाले मार्ग का मुद्दा भी चर्चा का हिस्सा बन सकता है। बैठक में सुखना वन्यजीव सेंचरी के आसपास ईको-सेंसिटिव जोन घोषित करने का मामला भी उठाया जाएगा। चंडीगढ़ प्रशासन लंबे समय से पंजाब सरकार से इस दिशा में कार्रवाई की मांग करता रहा है। पंजाब ने अभयारण्य की सीमा से 2 से 2.75 किलोमीटर तक के क्षेत्र को संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव रखा था, जबकि पहले केवल 100 मीटर क्षेत्र को ईएसजेड घोषित करने का प्रस्ताव प्रशासन ने अस्वीकार कर दिया था। दूसरी ओर, हरियाणा सरकार ने अपने क्षेत्र में 1 से 1.5 किलोमीटर तक के क्षेत्र को ईएसजेड घोषित करने की मंशा जताई है। बैठक में चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। उत्तरी क्षेत्रीय परिषद में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली तथा चंडीगढ़ शामिल हैं। स्थायी समिति की बैठक का उद्देश्य मुख्य परिषद बैठक के लिए एजेंडा तैयार करना है। गौरतलब है कि वर्ष 2017 में केंद्र सरकार ने केवल चंडीगढ़ क्षेत्र के लिए ईको-सेंसिटिव जोन अधिसूचित किया था। चंडीगढ़ प्रशासन लगातार यह मांग करता रहा है कि सुखना वन्यजीव अभयारण्य के संरक्षण के लिए पंजाब और हरियाणा के हिस्सों को भी ईएसजेड के दायरे में लाया जाए। प्रशासन का मानना है कि इससे झील और अभयारण्य के आसपास अनियंत्रित व्यावसायिक निर्माण पर रोक लगेगी और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।