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पंजाब चुनाव को लेकर भगवंत मान की भविष्यवाणी, बोले- भाजपा सीमित रहेगी, अकाली दल रहेगा खाली हाथ

 पठानकोट  पंजाब में शहरी निकाय चुनावों के लिए मतदान जारी है। इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आगामी विधानसभा चुनाव नतीजों को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी कर प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री का दावा है कि विधानसभा चुनावों में विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ होने वाला है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश में निकाय चुनावों के लिए वोट डाले जा रहे हैं, जिन्हें मिनी चुनाव भी कहा जा रहा है। विपक्ष पर साधा निशाना एक निजी मीडिया हाउस के कार्यक्रम के दौरान सोमवार शाम मान ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी पठानकोट जिले में महज एक या दो सीटों तक सीमित रह जाएगी। वहीं, कांग्रेस अधिकतम नौ सीटें हासिल कर सकती है, जबकि शिरोमणि अकाली दल का खाता तक नहीं खुलेगा। मुख्यमंत्री ने बाकायदा एक हस्ताक्षर किए हुए नोट के जरिए यह दावा किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मान का यह बयान चुनावी आंकड़ों के विज्ञान पर आधारित होने के बजाय, मंगलवार को हो रहे शहरी निकाय चुनावों से ठीक पहले पार्टी कैडर का मनोबल बढ़ाने की एक मजबूत कोशिश है। शुक्रवार को आएंगे नतीजे कानून-व्यवस्था और शासन की चुनौतियों से जुड़ी चिंताओं के बीच इन निकाय चुनावों को जनता के मूड का बैरोमीटर माना जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में अक्सर सत्ता विरोधी लहर यानी एंटी इनकंबेंसी का प्रभाव ग्रामीण इलाकों से अधिक माना जाता है। कांग्रेस को अधिकतम नौ सीटें देने की बात कहकर मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे मुख्य मुकाबला कांग्रेस से ही मान रहे हैं। संगठन बनाने के लिए संघर्षरत है भाजपा पठानकोट में भाजपा को सीमित बताने वाला बयान इस बात का संकेत है कि दल-बदल और केंद्र सरकार की पहुंच के बावजूद, भाजपा अभी भी पंजाब में एक मजबूत जमीनी संगठन बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आम आदमी पार्टी के 1801 उम्मीदवारों के लिए सीधे तौर पर प्रचार नहीं किया है, हालांकि उनकी माता ने कुछ प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार जरूर किया था। इन निकाय चुनावों के नतीजे शुक्रवार को घोषित किए जाएंगे।

तेल कीमतों के विरोध में राजा वड़िंग का अलग अंदाज, बैलगाड़ी से पहुंचे मतदान केंद्र

श्री मुक्तसर साहिब. पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग मंगलवार को पत्नी अमृता वड़िंग के साथ बैलगाड़ी पर सवार होकर मुक्तसर के वार्ड नंबर पांच में वोट डालने पहुंचे। महंगाई के खिलाफ सांकेतिक विरोध जताते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम इस कदर बढ़ गए हैं कि आम आदमी के लिए गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया है। राजा वड़िंग ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से ऐसे हालात बन गए हैं कि लोगों को अपने वाहन घरों में खड़े करने पड़ रहे हैं। गरीब व्यक्ति कैसे चलेगा? जिसकी आमदनी कम है, वो घर चलाएगा या वाहन चलाएगा? उन्होंने बताया कि पंजाब में औसतन पेट्रोल 105.44 और डीजल 95.38 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। केंद्र सरकार पर साधा निशाना उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी को केवल चुनाव जीतने के लिए प्रधानमंत्री नहीं बनाया गया है। जनता को राहत देना भी सरकार की जिम्मेदारी है। बैलगाड़ी से वोट डालने का मकसद सरकार को संदेश देना था कि महंगाई ने हालात इतने खराब कर दिए हैं कि लोगों को फिर से बैलगाड़ियों का सहारा लेना पड़ेगा। राजा वड़िंग ने ऐलान किया कि कांग्रेस देशभर और पंजाब में पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि बीते 10 दिनों में चौथी बार दाम बढ़े हैं। लगातार बढ़ रहे दामों से ट्रांसपोर्ट महंगा हो रहा है और सब्जी, राशन समेत जरूरी सामान के दाम भी बढ़ने की आशंका है। राजा वड़िंग ने कहा कि महंगाई ने आम घर का बजट 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। किसानों पर भी बोझ बढ़ रहा है। कांग्रेस जनता की आवाज बनकर सड़क से संसद तक यह मुद्दा उठाएगी।

पंजाब में वोटिंग का माहौल गरम, 1896 वार्डों में मतदान; संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई

चंडीगढ़. पंजाब में मंगलवार सुबह 8 बजे से निकाय चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है। राज्य के आठ नगर निगम, 75 नगर कौंसिल और 20 नगर पंचायत सहित कुल 103 निकायों के 1896 वार्डों में मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। चुनाव को लेकर पूरे राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर पंजाब में चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम और नगर काउंसिल चुनावों के दौरान बड़ी संख्या में वोटरों को मतदान केंद्रों तक पहुंचने से रोका गया तथा विपक्षी उम्मीदवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। पंजाब निकाय चुनाव में मतदान जारी है। सुबह 10:30 बजे तक कुल 14.5 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। अमृतसर जिले में सुबह 10 बजे तक नगर काउंसिल रमदास में 29%, जंडियाला गुरु में 15% और मजीठा में 14.1% मतदान दर्ज किया गया। लुधियाना जिले में सुबह 10 बजे तक कुल 15.07 प्रतिशत मतदान हुआ। दोराहा में 16.21%, जगराओं में 11.09%, खन्ना में 14%, पायल में 19.15%, रायकोट में 17.42% और समराला में 16.40% मतदान दर्ज किया गया। पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पत्नी अमृता वड़िंग के साथ बैलगाड़ी पर सवार होकर मुक्तसर के वार्ड नंबर पांच में वोट डालने पहुंचे। महंगाई के खिलाफ सांकेतिक विरोध जताते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम इस कदर बढ़ गए हैं कि आम आदमी के लिए गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया है। भाजपा के जिला अध्यक्ष और पूर्व विधायक दीदार सिंह भट्टी ने पोलिंग स्टेशन पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।वोट डालने के बाद पोलिंग बूथ से बाहर आते ही उन्होंने मीडिया और समर्थकों के सामने अपनी उंगली पर लगी चुनावी स्याही का निशान दिखाया। अमृतसर में नगर कौंसिल मजीठा में मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर न होने की वजह से मतदान डालने के लिए दिव्यांग मतदाता परेशान होते। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, राज्य में चुनावी माहौल भी गार्माता जा रहा है। लुधियाना के अंतर्गत आते रायकोट में सुबह वार्ड नंबर 4 से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार जगदेव सिंह जग्गा पर कथित तौर पर किरपानों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। आरोप है कि उन पर ये हमला आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अमनदीप मान मांगट के समर्थकों ने किया। फिलहाल वह अस्पताल में उपचाराधीन हैं। वहीं, फरीदकोट के वार्ड नंबर 17 में आर्मी कैंट के जवानों को वोट डालने से रोकने के आरोप पर हंगामा हो गया। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस, अकाली दल और आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाए। भाजपा नेताओं का कहना है कि 1000 के करीब जवानों की वोट बनी है और सभी यहां लंबे समय से रह रहे हैं। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने सभी समर्थकों को बाहर भेजकर मतदान दोबारा शुरू करवाया। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई। राज्य के आठ नगर निगम, 75 नगर कौंसिल और 20 नगर पंचायत सहित कुल 103 निकायों के 1896 वार्डों में मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। चुनाव को लेकर पूरे राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। जबकि पंजाब में अन्य जगह अभी माहौल शांत है। अधिकतर सभी बूथों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। इस बार चुनाव आयोग ने महिलाओं व पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारें बनवाई हैं, वहीं सुरक्षा के मद्देनजर चुनावों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही है, जिसे एक साल के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। अभी तक राज्य में चुनाव शांतिपूर्वक चल रहा है। जबकि बीती शाम बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब व अबोहर में छुटपुट घटनाएं देखने को मिली। चुनाव आयोग ने इस बार पिछली बार के मुकाबले अधिक मतदान प्रतिशत का लक्ष्य रखा है। दिसंबर 2024 में हुए निकाय चुनाव में करीब 61 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। राज्य चुनाव आयोग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार निकाय चुनाव में कुल 7555 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें 1613 उम्मीदवार नगर निगम, 5142 नगर कौंसिल और 800 उम्मीदवार नगर पंचायत चुनाव लड़ रहे हैं। राजनीतिक दलों की बात करें तो सबसे अधिक 1801 उम्मीदवार आम आदमी पार्टी ने उतारे हैं। कांग्रेस के 1550, भारतीय जनता पार्टी के 1316 और शिरोमणि अकाली दल के 1251 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी के 96 उम्मीदवार और 1528 निर्दलीय प्रत्याशी भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा कड़ी चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है। पूरे पंजाब में 740 मतदान केंद्रों को संवेदनशील और 274 को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है। चुनाव ड्यूटी के लिए 35 हजार कर्मचारियों को लगाया गया है, जबकि सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए 32 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार इस बार मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है। चुनाव आयोग ने निर्देश दिए हैं कि रिकॉर्डिंग को एक वर्ष तक सुरक्षित रखा जाएगा। महिलाओं के लिए मतदान केंद्रों पर अलग लाइन की व्यवस्था भी की गई है। विश्वविद्यालयों ने परीक्षाएं की स्थगित भीषण गर्मी को देखते हुए चुनाव आयोग ने सभी बूथों पर पीने के पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं के इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। चुनाव आयुक्त के अनुसार शाम 5 बजे तक मतदान केंद्र पहुंचने वाले सभी मतदाताओं को वोट डालने का अवसर दिया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए 23 आईएएस और पीसीएस अधिकारियों को आब्जर्वर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा छह वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को विशेष ड्यूटी पर लगाया गया है। आईपीएस अधिकारी प्रवीण सिन्हा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। निकाय चुनाव के चलते राज्य की कई यूनिवर्सिटियों ने भी अपनी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ और अन्य संस्थानों ने 26 मई की प्रस्तावित परीक्षाएं आगे बढ़ा दी हैं। पूरे पंजाब में आज का दिन राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

रेलवे की हाईटेक पहल, AI कैमरों से ट्रेनों की होगी मॉनिटरिंग; हादसे रोकने में मिलेगी मदद

फरीदाबाद  देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल दिल्ली-मुंबई रूट पर ट्रेन हादसों को रोकने के लिए रेलवे अब हाईटेक तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। फरीदाबाद रेल सेक्शन में एमवीआईएस ( मशीन विजन इंस्पेक्शन सिस्टम ) लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। यह सिस्टम ट्रेनों के पहियों और अन्य महत्वपूर्ण पुर्जों की निगरानी करेगा और किसी भी तकनीकी खराबी की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंचाएगा। इस सिस्टम को उत्तर रेलवे के दिल्ली डिवीजन में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लगाने की तैयारी है। ये सिस्टम एआई आधारित एक तकनीक है जिसे चलती ट्रेनों में लटके हुए कल पुर्जे, ढीले या गायब पुर्जों का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। रेल मंत्रालय की टीम ने इस परियोजना को लेकर सर्वे कार्य शुरू कर दिया है। यह सिस्टम निजामुद्दीन से पलवल के बीच लगाया जाना है। 300 से अधिक ट्रेनों का होता है परिचालन दिल्ली मुंबई रूट का यह रेल मार्ग देश के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त कॉरिडोर में शामिल है। क्योंकि इस रूट से देश की सबसे तेज चलने वाली गतिमान एक्सप्रेस, वंदे भारत समेत रोजाना करीब 300 से अधिक ट्रेनें देश के अलग अलग हिस्सों के लिए आती जाती हैं। इनमें मेल एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या करीब 220 है। जबकि 80 से अधिक मालगाड़ियां संचालित होती हैं। इस रूट से दौड़ने वाले ट्रेनों की रफ्तार 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की होती है। बल्लभगढ़ स्टेशन से आगे गतिमान की रफ्तार 140 से 150 किमी की हो जाती है। एमवीआईएस सिस्टम रखेगा नजर रेलवे अधिकारियों के अनुसार एमवीआईएस एक अत्याधुनिक एआई आधारित तकनीक है। इसमें ट्रैक के किनारे विशेष कैमरे और सेंसर लगाए जाएंगे, जो तेज गति से गुजर रही ट्रेनों की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करेंगे। यह सिस्टम खास तौर पर ट्रेनों के पहियों, एक्सल, ब्रेक सिस्टम और अन्य बाहरी हिस्सों की जांच करेगा। यदि किसी ट्रेन में कोई पुर्जा ढीला, टूटा, लटका हुआ या गायब पाया जाता है तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करेगा। सिस्टम की मॉनिटरिंग दिल्ली स्थित कंट्रोल रूम से की जाएगी। वहां मौजूद तकनीकी विशेषज्ञ लगातार ट्रेनों से प्राप्त डेटा और तस्वीरों पर नजर रखेंगे। किसी भी संदिग्ध स्थिति में संबंधित स्टेशन और रेलवे अधिकारियों को तुरंत सूचना भेजी जाएगी, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके। अभी मैन्युअल तरीके होती है जांच रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस एमवीआईएस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह चलती ट्रेन की रियल टाइम मॉनिटरिंग करेगी। अभी तक ट्रेनों की तकनीकी जांच मुख्य रूप से मैन्युअल तरीके से की जाती रही है, जिसमें समय अधिक लगता है और कई बार छोटी तकनीकी खामियां पकड़ में नहीं आ पातीं। यही दुर्घटना का कारण बनती है। सिस्टम ऐसे करेगा काम     रेल अधिकारियों के मुताबिक एमवीआईएस सिस्टम की ट्रैक के किनारे लगाए जाने वाला हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरों और सेंसर का एक नेटवर्क है।     जब ट्रेनें तेजी से गुजरती हैं, तो यह सिस्टम उनके पहियों, बोगियों और निचले हिस्सों (अंडर-गियर) की तस्वीरें और वीडियो कैप्चर करता है।     इसका एआई सॉफ्टवेयर इन तस्वीरों को पल भर में स्कैन करके पता लगा लेता है कि कोई पुर्जा असामान्य रूप से लटक तो नहीं रहा है, कोई स्प्रिंग टूटी हुई तो नहीं है, या कोई बोल्ट/पार्ट्स गायब तो नहीं हैं।     यदि कोई तकनीकी खराबी मिलती है, तो यह सिस्टम तुरंत संबंधित अधिकारियों को अलर्ट भेज देता है। सर्वे शुरू, जल्द लगाने की तैयारी रेल अधिकारियों के मुताबिक उत्तर रेलवे के दिल्ली डिवीजन में इसे फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा रहा है। भविष्य में इसे देश के अन्य महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर भी लगाया जाएगा। रेलवे का मानना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से न केवल ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों को भी अधिक सुरक्षित सफर कर सकेंगे। अधिकारियों ने बताया कि इसे लगाने के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। संभवत: इसे नीलम पुल के या उसके आसपास इसे लगाया जाएगा।

पानी संकट से निपटने को पंजाब सरकार का बड़ा कदम, DSR तकनीक अपनाएंगे किसान

चंडीगढ़  देश के सबसे अधिक भूजल संकट झेल रहे राज्यों में शामिल पंजाब में गिरते भूजल स्तर को रोकने के लिए राज्य सरकार ने डायरेक्ट सीडिंग ऑफ राइस (डीएसआर) तकनीक को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने का फैसला किया है। जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सरकार ने वर्ष 2026-27 के फसल सीजन में राज्यभर में पांच लाख एकड़ भूमि को डीएसआर तकनीक के तहत लाने का लक्ष्य तय किया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पंजाब अपने वार्षिक भूजल पुनर्भरण (ग्राउंडवॉटर रिचार्ज) का 156.36 प्रतिशत तक दोहन कर रहा है। राज्य के 153 प्रशासनिक ब्लॉकों में से 111 ब्लॉक ‘ओवर एक्सप्लॉइटेड’ श्रेणी में आ चुके हैं। इसका अर्थ है कि इन क्षेत्रों में भूजल का इस्तेमाल उसकी प्राकृतिक भरपाई से कहीं अधिक हो रहा है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए पंजाब सरकार ने डीएसआर तकनीक को प्रोत्साहित करने की नीति अपनाई है। इस योजना के तहत डीएसआर अपनाने वाले किसानों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रति एकड़ 1500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। आगामी वित्तीय वर्ष में डीएसआर कार्यक्रम के लिए सरकार ने 40 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025-26 में 23,410 किसानों ने डीएसआर तकनीक अपनाई थी। इन किसानों को कुल 35.38 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। डीएसआर तकनीक पंजाब सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भूजल संरक्षण, पारंपरिक धान रोपाई पर निर्भरता कम करना और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि डीएसआर तकनीक पारंपरिक धान खेती की तुलना में पानी, बिजली और श्रम लागत में उल्लेखनीय कमी लाती है। ऐसे में यह तकनीक पंजाब के कृषि और पर्यावरण संबंधी संकट से निपटने में अहम भूमिका निभा सकती है।

पंजाब में वोटिंग का दिन! निकाय चुनाव के लिए सुरक्षा कड़ी, बूथों पर CCTV से निगरानी

चंडीगढ़  पंजाब में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के लिए आज  यानि मंगलवार को मतदान हो रहा । राज्य की 8 नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों के लिए आज  वोट डाले जा रहे , जबकि चुनावी नतीजों की घोषणा 29 मई को होगी।  वहीं, इस बार बैलेट पेपर के माध्यम से वोटिंग होगी। 3977 बूथ हैं। 36 हजार मुलाजिम चुनावी प्रक्रिया में शामिल हैं। 35500 पुलिस मुलाजिम व होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं। जबकि, हर बूथ पर 5 मुलाजिम तैनात रहेंगे। आईएएस व पीसीएस अफसर जिलों में तैनात किए गए हैं। 36.72 लाख मतदाता डालेंगे वोट इस बार बठिंडा, अबोहर, बटाला, बरनाला, कपूरथला, मोगा, पठानकोट और मोहाली नगर निगम के चुनाव सभी राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बने हुए हैं। विशेष बात यह है कि बरनाला नगर निगम के लिए पहली बार चुनाव करवाए जा रहे हैं। राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक इस चुनाव में कुल 36,72,932 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। इसमें 18 लाख 990 पुरुष, 7,73,716 महिलाएं और 226 अन्य हैं। आप से सबसे अधिक उम्मीदवार मैदान में बता दें, पंजाब भर के निकाय चुनावों की घोषणा के बाद 10,809 उम्मीदवारों ने शुरुआती नामांकन भरा था। जिसमें से 2393 उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया था। 79 उम्मीदवारों को निर्विरोध चुन लिया गया है। अब चुनाव के लिए 7555 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें सबसे अधिक उम्मीदवार सत्तापक्ष आम आदमी पार्टी (आप) के चुनाव लड़ रहे हैं जिनकी संख्या 1801 हैं। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के 1550, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 1316, शिरोमणि अकाली दल के 1251, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के 96, 1528 निर्दलीय और 13 अन्य उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। निकाय चुनाव सभी दलों के लिए अहम हैं, क्योंकि इसे 2027 में विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। सभी पोलिंग बूथों के अंदर और बाहर सीसीटीवी पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए राज्य के सभी पोलिंग बूथों के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और उनकी रिकॉर्डिंग कम से कम एक वर्ष तक सुरक्षित रखी जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में संबंधित फुटेज को बिना अनुमति नष्ट नहीं किया जाएगा। जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस दीपक मंचंदा की खंडपीठ ने नगर निकाय चुनावों से जुड़ी विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान ये निर्देश जारी किए। 26 मई को पंजाब में सरकारी छुट्टी का एलान पंजाब सरकार ने स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए 26 मई को राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इस दौरान चंडीगढ़ सहित पंजाब सरकार के सभी सरकारी दफ्तर, बोर्ड, कॉर्पोरेशन, शैक्षणिक संस्थान और अन्य सरकारी प्रतिष्ठान इस दिन बंद रहेंगे। इसके अलावा, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने भी अपने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए 26 मई को विशेष आकस्मिक अवकाश की घोषणा की है। 5-6 दिन में ही निपटा प्रचार आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले इन स्थानीय निकाय चुनावों को शहरी मतदाताओं के राजनीतिक मिजाज का लिटमस टेस्ट माना जा रहा है। बता दें, पंजाब राज्य चुनाव आयोग ने 11 मई को इन चुनावों का एलान किया था। 19 मई को नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया के बाद उम्मीदवारों को प्रचार के लिए केवल 5-6 दिनों का ही समय मिल सका। जिसमें उम्मीदवारों ही नहीं, राजनीतिक पार्टियों के धुरंधरों नें इसमें पूरी ताकत झोंक दी। विधायकों मंत्रियों की परफॉर्मेंस का रिपोर्ट कार्ड होंगे नतीजे बता दें, सत्तारूढ़ 'आप' के विधायकों और मंत्रियों ने आज प्रचार में अपनी पूरी ताकत लगा दी, क्योंकि इन चुनावों के नतीजे उनकी परफॉर्मेंस का रिपोर्ट कार्ड तय करेंगे। इसके साथ ही, इन चुनावों से भाजपा का ग्राफ भी साफ हो जाएगा, जो इस बार काफी आक्रामक तरीके से चुनावी मैदान में उतरी है। राज्य चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, पोलिंग स्टेशनों के आसपास किसी भी तरह की प्रचार सामग्री प्रदर्शित करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। अकाली दल ने की मतदान का समय बढ़ाने की मांग शिरोमणि अकाली दल ने राज्य चुनाव आयोग से मतदान का समय बढ़ाने की मांग की है। अकाली नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि मतदान का समय सुबह 8 से 5 बजे की जगह सुबह 7 से शाम 6 बजे तक बढ़ाया जाना चाहिए। चीमा ने कहा कि प्रदेश में इस समय भीषण गर्मी का प्रकोप है जिसका असर मतदान प्रतिशत पर पड़ सकता है। अगर सुबह और शाम के चलते मतदान का समय दो घंटे बढ़ा दिया जाए तो उससे मतदान प्रतिशत में वृद्धि होगी। मौजूदा समय मजदूरों के लिए भी उपयुक्त नहीं है क्योंकि वो काम के कारण अपने मताधिकार का उपयोग नहीं कर पाएंगे।  

कॉमेडियन कपिल शर्मा के घर पर गोलीबारी की खबर, पहले कनाडा में भी हुआ था हमला

अमृतसर  मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा के अमृतसर स्थित घर के बाहर कथित फायरिंग की सूचना सामने आई है। बताया जा रहा है कि सोमवार देर रात बाइक सवार कुछ बदमाशों ने घर के बाहर गोलियां चलाईं। घटना के समय कपिल शर्मा का परिवार घर के अंदर मौजूद था, जबकि कपिल शर्मा शूटिंग के सिलसिले में मुंबई में बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार घटना अमृतसर के होली सिटी इलाके में स्थित कपिल शर्मा के घर के बाहर हुई। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि इस पूरे मामले को लेकर पुलिस अधिकारी फिलहाल खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर और सहायक पुलिस आयुक्त कमलप्रीत सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करने से इनकार कर दिया। रंगदारी की जताई गई आशंका इस घटना को कनाडा में हाल ही में हुई फायरिंग से भी जोड़कर देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार कनाडा स्थित कप्स कैफे के बाहर भी कुछ समय पहले फायरिंग हुई थी। बताया जाता है कि वह संपत्ति भी कपिल शर्मा से जुड़ी हुई है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि बदमाश कपिल शर्मा से रंगदारी मांग रहे हो सकते हैं। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। कनाडा में चार बार हुआ हमला कनाडा के सरे इलाके में स्थित कॉमेडियन कपिल शर्मा के 'कैप्स कैफे' और उसके बिल्कुल नजदीक अब तक कुल 4 बार फायरिंग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कनाडा पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, ये हमले मुख्य रूप से जबरन वसूली और भारतीय मूल के व्यापारियों को डराने के मकसद से किए गए हैं। जानें कब-कब हुआ हमला- 10 जुलाई 2025- कैफे की शुरुआत (लॉन्च) के कुछ ही समय बाद इसे पहली बार निशाना बनाया गया। अज्ञात हमलावरों ने कैफे की खिड़कियों और बाहरी दीवारों पर कई राउंड फायरिंग की थी। इस हमले की जिम्मेदारी बाद में जर्मनी में मौजूद बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के चरमपंथी हरजीत सिंह लाड्डी से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट द्वारा ली गई थी। 7 अगस्त 2025- कैफे पर करीब 25 राउंड गोलियां चलाई गईं, जिससे कैफे के कांच के शीशे पूरी तरह चकनाचूर हो गए। जांच के दौरान कनाडाई पुलिस को घटनास्थल से एक ज्वलनशील पदार्थ भी बरामद हुआ था। 16 अक्टूबर 2025- देर रात करीब 3:45 बजे कैफे पर तीसरी बार फायरिंग हुई। चलती गाड़ी से कैफे की तरफ हाथ निकालकर आधा दर्जन से अधिक गोलियां चलाई गईं, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस घटना के समय कुछ स्टाफ सदस्य अंदर मौजूद थे, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ। इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गोल्डी ढिल्लों और कुलवीर सिद्धू ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ली थी। 2 मई 2026- यह घटना 'कैप्स कैफे' के ठीक बगल में स्थित 'चाय सुट्टा बार' के बाहर हुई। हालांकि फायरिंग पड़ोसी आउटलेट के बाहर हुई, लेकिन इसके तुरंत बाद लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट से जुड़े एक सोशल मीडिया अकाउंट ने सीधे तौर पर कपिल शर्मा और कैफे मालिक को धमकी दी गई।

पंजाब फतह की तैयारी में BJP, हरियाणा CM सैनी को कमान देने के पीछे क्या रणनीति?

चंडीगढ़  भाजपा के लिए, किसी भी चुनाव की जमीनी तैयारी चुनावी अभियान के आधिकारिक आगाज से काफी पहले ही शुरू हो जाती है. यह उन कई राज्यों में देखा जा चुका है, जहां चुनाव होने वाले थे और अब पंजाब की बारी है. एक ऐसा राज्य जहां इस भगवा दल को ऐतिहासिक रूप से एक प्रमुख ताकत के रूप में उभरने के लिए संघर्ष करना पड़ा है, वहां 2027 के चुनावों के लिए जमीनी तैयारी शुरू हो चुकी है।    दशकों तक, भाजपा ने पंजाब में अपने पुराने क्षेत्रीय सहयोगी, शिरोमणि अकाली दल (SAD) के पीछे रहकर जूनियर पार्टनर की भूमिका निभाना चुना. लेकिन अब जब अकाली अलग हो चुके हैं, सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) बढ़ते सत्ता-विरोधी रुझान का सामना कर रही है, और कांग्रेस अंदरूनी कलह में उलझी हुई है, तो भाजपा को सालों बाद पंजाब में अपना सबसे बेहतरीन मौका दिखाई दे रहा है. भाजपा के इस महत्वाकांक्षी अभियान की कमान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी संभाल रहे हैं, जो पंजाब में बीजेपी के एक प्रमुख राजनीतिक सेतु के रूप में उभर रहे हैं।  हरियाणा के मुख्यमंत्री 2025 से लगभग हर हफ़्ते पंजाब का दौरा कर रहे हैं और 2026 के बाद से इन दौरों की संख्या और बढ़ गई है. सैनी के इन दौरों को BJP की उस मुहिम का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका मकसद अपने कार्यकर्ताओं को मज़बूत करना और 2027 के विधानसभा चुनावों में ज़्यादा सीटें जीतना है. बीजेपी के पास फिलहाल 117 सदस्यों वाली पंजाब विधानसभा में सिर्फ दो सीटें हैं, और राज्य से उसका कोई भी लोकसभा सांसद नहीं है।  बीजेपी ने सैनी को क्यों चुना? यह माना जाता है कि पंजाब में भाजपा के पास बड़े चेहरों की कमी है, लेकिन इस अभियान के लिए नायब सिंह सैनी को ही क्यों चुना गया? हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी समुदाय से आते हैं जो पंजाब में काफी प्रभावशाली है, और उनकी मां एक गैर-जट सिख हैं. पंजाबी सैनी की मातृभाषा है, और उन्हें पंजाब में भीड़ को धाराप्रवाह पंजाबी में संबोधित करते हुए सुना जा सकता है।  पंजाब विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर आशुतोष कुमार ने इंडिया टुडे डिजिटल को बताया, "भाजपा के पंजाब संपर्क अभियान के लिए नायब सिंह सैनी को आगे करना एक सही रणनीति है." कुमार ने आगे कहा, "सैनी ओबीसी समुदाय से आते हैं और 2020 के किसान आंदोलन से उनका कोई संबंध नहीं रहा है. इसके अलावा, सैनी को एक बाहरी व्यक्ति के रूप में नहीं देखा जा रहा है, बल्कि उन्हें भाजपा के लिए एक राजनीतिक सेतु के रूप में देखा जा रहा है।  गैर-जट मतदाताओं को एकजुट करने का भाजपा का प्रयास पंजाब में चुनाव जीतने के लिए भाजपा दो चीज़ों पर ध्यान दे रही है एक तो सही संदेश देना और दूसरा जातियों का सही तालमेल बिठाना. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 'सैनी' समाज से हैं, जो एक पिछड़ी जाति है. पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में इस समाज के काफी लोग रहते हैं, खासकर पंजाब के दोआबा इलाके में. दोआबा क्षेत्र को पंजाब के "एनआरआई हब" के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि यहां राज्य के अप्रवासी भारतीयों की सबसे बड़ी आबादी रहती है और यह दलित राजनीति का एक प्रमुख केंद्र है।  सैनी की मां, कुलवंत कौर, एक गैर-जट सिख हैं, और पंजाब में हरियाणा के मुख्यमंत्री को अक्सर भगवा पगड़ी पहने और धाराप्रवाह पंजाबी बोलते हुए देखा जाता है. सैनी के पंजाब संपर्क अभियान में भगवा पगड़ी एक निरंतर हिस्सा रही है. मुख्यमंत्री जब भी पंजाब में होते हैं, उन्हें इसे पहने हुए देखा जाता है. यह छवि सैनी के बारे में एक ऐसी धारणा बनाती है कि वे कोई बाहरी नहीं बल्कि यहीं के हैं।  प्रोफेसर कुमार ने यह बताते हुए कि भाजपा उन्हें पंजाब संपर्क अभियान के लिए एक स्वाभाविक विकल्प क्यों मानती है, कहा, "सैनी राजनीतिक रूप से 'बाहर से लाए गए' लगे बिना हिंदू और सिख दोनों सामाजिक हलकों में आसानी से घुल-मिल सकते हैं। " कई समाचार रिपोर्टों के अनुसार, भाजपा की व्यापक रणनीति पंजाब में भी "हरियाणा मॉडल" को दोहराने की है. भगवा दल जिस मॉडल पर काम कर रहा है, वह जट सिख राजनीति के पारंपरिक दबदबे को दरकिनार करने का प्रयास करते हुए, गैर-जट अन्य पिछड़ा वर्ग, दलितों और उच्च जाति के हिंदू मतदाताओं का एक गठबंधन तैयार करने का मॉडल है।  इसी फॉर्मूले की बदौलत भाजपा ने 2024 के हरियाणा चुनाव में जीत हासिल की थी, जबकि वह राज्य राजनीतिक रूप से जट-बहुल माना जाता है. पंजाब के जातीय समीकरण को देखते हुए, गैर-जट मतदाताओं को एकजुट करने की यह रणनीति भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है. राज्य की आबादी में ओबीसी समुदायों की हिस्सेदारी लगभग 31% है, जबकि दलितों की आबादी करीब 32% है. किसी भी भारतीय राज्य की तुलना में इन दोनों समुदायों की आबादी का अनुपात यहां सबसे अधिक है।  भाजपा का मानना है कि यदि वह खत्री और अरोड़ा जैसे उच्च जाति के हिंदू मतदाताओं के साथ-साथ इन वर्गों को भी सफलतापूर्वक एकजुट करने में कामयाब रहती है, तो पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में राज्य की सत्ता के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में उभर सकती है।  इस रणनीति के लिए नायब सिंह सैनी ही सबसे उपयुक्त क्यों हैं? भाजपा के गैर-जट सामाजिक गठबंधन के प्रयास के लिए सैनी सबसे सटीक पसंद हैं. साल 2025 से, सैनी ने कई सामुदायिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है, वंचित अनुसूचित जाति समूहों के प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की है, गुरुद्वारों के दर्शन किए हैं, और ओबीसी व दलित समुदायों से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं. अप्रैल में, उन्होंने चंडीगढ़ में पंजाब के धानक समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी, जहां बेरोजगारी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की कमी जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई थी।  इसके साथ ही, भाजपा ने बड़ी सूझबूझ से सैनी की छवि एक साफ-सुथरी प्रतिष्ठा वाले और मृदुभाषी प्रशासक के रूप में तैयार की है. पंजाब ने ऐतिहासिक रूप से उन नेताओं को नकारा है जिन्हें बाहरी माना जाता था या जिन्हें राज्य में ऊपर से थोपा गया था, और भाजपा का मानना है कि पंजाब के साथ सैनी का सांस्कृतिक जुड़ाव पार्टी को इस जाल से बचने … Read more

निजामुद्दीन-मुंबई राजधानी पर हमला, ट्रेन के AC कोच पर फेंके पत्थर; यात्रियों में दहशत

फरीदाबाद/पलवल  निजामुद्दीन से मुंबई जा रही राजधानी एक्सप्रेस पर पलवल के पास शरारतीतत्व द्वारा पथराव किए जाने का मामला सामने आया है। घटना में ट्रेन के एसी कोच की खिड़की का शीशा टूट गया। गनीमत रही कि कोई यात्री घायल नहीं हुआ, लेकिन अचानक हुई इस घटना से कोच में अफरा-तफरी मच गई और यात्री दहशत में आ गए। आगरा पहुंचने पर ट्रेन काे अटेंड किया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आयी। कब और कैसे किया किया हमला     निजामुद्दीन से मुंबई जाने वाली 22222 राजधानी एक्सप्रेस शनिवार दोपहर बाद 4 बजकर 55 मिनट पर निजामुद्दीन से रवाना हुई।     शाम करीब 5 बजकर 26 मिनट पर पलवल रेलवे स्टेशन क्षेत्र से गुजर रही थी।     तभी अचानक एसी कोच ए-5 पर तेज आवाज के साथ पत्थर आकर लगा।     पत्थर लगने से खिड़की का शीशा टूट गया और उसके टुकड़े कोच के अंदर जा गिरे। उस समय कई यात्री अपनी सीटों पर बैठे हुए थे। अचानक हुए हमले से मचा हड़कंप अचानक हुए इस घटनाक्रम से यात्रियों में हड़कंप मच गया। सीट नंबर 39 पर बैठे यात्री संदीप कुमार ने इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल रूम को दी। आगरा पहुंचने पर उक्त ट्रेन को अटेंड किया गया। विडाें में लगा शीशा आधा टूटकर कहीं रास्ते में ही गिर गया। कुछ समय के लिए यात्रियों को लगा जैसे कोई बड़ा हादसा हो गया हो। गनीमत रही कि किसी यात्री को चोट नहीं आयी। मई माह में ये तीसरी घटना मई महीने में इस तरह की ये तीसरी घटना हुई है। एक मई को निजामुद्दीन से ग्वालियर जा रही ताज एक्सप्रेस में होडल के पास लोहे का पाइप फेंका गया जिसमें दो तीन यात्री घायल हो गए थे। इस मामले में जीआरपी ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसके बाद 19 मई की शाम 22182 निजामुद्दीन जबलपुर एक्सप्रेस निजामुद्दीन में फरीदाबाद पलवल के बीच में पत्थरबाजी हुई। पत्थर एसी कोच बी-4 में लगा जिससे विंडो टूट गया। जबलपुर निवासी रविकांत नामक यात्री बाल बाल बच गए। ठीक चार दिन बाद शरारती तत्व ने 23 मई की शाम मुंबई राजधानी को शिकार बना दिया। टूटे विंडो की तलाश में आरपीएफ आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि पैसेंजर जिस वक्त पांच बजकर 26 मिनट की घटना बता रहा है उस समय ट्रेन पलवल स्टेशन को पार कर जाती है। स्टेशन पर लगे कैमरे से जांच की गई लेकिन कहीं कोई ऐसी घटना सामने नहीं आयी। क्योंकि यहां से ट्रेन करीब 120 किमी की रफ्तार से पास होती है। महज 900 मीटर दूर ट्रेन एनसीआर में प्रवेश कर जाती है। फिर भी पलवल की आरपीएफ टीम पूरे सेक्शन में पेट्रोलिंग करके टूट ग्लॉस की तलाश कर रही है ताकि घटनास्थल की सही जानकारी मिल सके।

खेल जगत में पंजाब की बेटियों का जलवा, बेसबॉल में शानदार प्रदर्शन पर मिला बड़ा सम्मान

चंडीगढ़  पंजाब बेसबॉल के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व के पल में, बेहतरीन खिलाड़ी अमनजोत कौर बैंस, अर्शदीप कौर और वीरपाल को बेसबॉल के क्षेत्र में उनके शानदार योगदान और उपलब्धियों के लिए पंजाब सरकार ने प्रतिष्ठित महाराजा रणजीत सिंह अवॉर्ड और 5 लाख रुपये के कैश प्राइज़ से सम्मानित किया है। यह सम्मान पंजाब के सबसे बड़े स्पोर्ट्स अवॉर्ड में से एक माना जाता है और यह स्पोर्ट्स में बेहतरीन काम, लगन और इंटरनेशनल लेवल के परफॉर्मेंस को पहचान देता है। इन खिलाड़ियों ने नेशनल और इंटरनेशनल चैंपियनशिप में अपने शानदार परफॉर्मेंस से पंजाब का नाम रोशन किया है और स्पोर्ट्स में युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा सोर्स बन गई हैं। इनकी उपलब्धियां नीचे दी गई हैं:- अमनजोत कौर बैंस ने गोवा में हुई 29वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, कर्नाटक में हुई 30वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, ओडिशा में हुई 31वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है।  अमनजोत कौर बैंस 2016 में कोरिया के गिजांग शहर में हुए 7वें विमेंस बेसबॉल वर्ल्ड कप में इंडियन विमेंस बेसबॉल टीम की कैप्टन थीं। अर्शदीप कौर ने 2015 में आचार्य नागार्जुन यूनिवर्सिटी में हुई ऑल इंडिया बेसबॉल यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल, 2015 में गोवा में हुई 29वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता  जो 2016 में कर्नाटक में हुई,  30वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने 2017 में पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में हुई ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में भी सिल्वर मेडल, 2017 में ओडिशा में हुई 31वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल और बाद में 2018 में छत्तीसगढ़ में हुई 32वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। उन्होंने कोरिया के गिजांग शहर में हुए 7वें विमेंस बेसबॉल वर्ल्ड कप में भी हिस्सा लिया।  वीरपाल ने 2015 में आचार्य नागार्जुन यूनिवर्सिटी में हुई ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल, 2015 में गोवा में हुई 29वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, 2016 में कर्नाटक में हुई 30वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल और 2017 में ओडिशा में हुई 31वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर पंजाब का नाम रोशन किया। उन्होंने 2018 में छत्तीसगढ़ में हुई 32वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता, साथ ही 2017 में पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में हुई ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने कोरिया के गिजांग शहर में हुई 7वीं महिला बेसबॉल वर्ल्ड कप चैंपियनशिप में भी भारत को रिप्रेजेंट किया। इस गर्व के मौके पर, पंजाब बेसबॉल एसोसिएशन के सेक्रेटरी इंजीनियर हरबीर सिंह गिल और प्रधान सरदार सुखदेव सिंह औलाख ने तीनों खिलाड़ियों को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये सम्मान न केवल खिलाड़ियों और उनके परिवारों के लिए बल्कि पूरे पंजाब बेसबॉल समुदाय के लिए गर्व की बात है।  उन्होंने आगे कहा कि इन लड़कियों की सफलता कई युवा एथलीटों, खासकर लड़कियों को खेलों में सक्रिय रूप से भाग लेने और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।