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पटियाला में बीमारी फैलने की आशंका, 16 लोगों में लक्षण मिले, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

पटियाला. पटियाला में पीलिया (हैपेटाइटिस-ए) के फैलने का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 5 मामले पॉजीटिव पाए गए हैं, जबकि 16 संदिग्ध मामलों की पहचान की गई है। कार्यकारी सिविल सर्जन डॉ. कुशलदीप गिल ने बताया कि ये मामला सरहिंदी गेट के निकट स्थित डोगरा मोहल्ला क्षेत्र से सामने आए हैं। इस इलाके की आबादी 1,119 है, जो 243 घरों में निवास करती है। 10 जून को आई.डी.एस.पी. लैबोरेटरी, माता कौशल्या अस्पताल, पटियाला से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार डोगरा मोहल्ला के 2 मरीजों में हैपेटाइटिस-ए और एक मरीज में हैपेटाइटिस-ई की पुष्टि हुई है। इसके अलावा 2 और मरीजों की पुष्टि हुई है। डॉ. गिल ने बताया कि अब तक पीलिया के 16 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। प्रभावित लोगों की आयु 4 वर्ष से 48 वर्ष के बीच है। प्रारंभिक जांच में यह संक्रमण दूषित पानी के माध्यम से फैलने की आशंका जताई गई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल 5 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। कल शाम पांच एच-2-एस पानी के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए थे और आज पांच अन्य नमूने लेकर सरकारी प्रयोगशाला, खरड़ भेजे गए हैं। प्रभावित मरीजों से कल चार रक्त नमूने लिए गए थे, जिनमें से 3 हैपेटाइटिस-ए पॉजीटिव पाए गए। आज चार और रक्त नमूने एकत्र किए गए हैं, जिनकी जांच कल की जाएगी।

नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, अमृतसर में 5 अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन का एक्शन

अमृतसर. जिला अमृतसर में अवैध कालोनियों पर सख्त कार्रवाई की गई। पंजाब सरकार द्वारा जारी निर्देशों के तहत एडीए के मुख्य प्रशासक नितेश कुमार जैन, आईएएस तथा अतिरिक्त मुख्य प्रशासक इनायत, पीसीएस द्वारा जारी आदेशों का पालन करते हुए जिला टाउन प्लानर (रेगुलेटरी) विंग ने गांव बल्ल कलां, पंडोरी वड़ैच स्थित मजीठा रोड तथा बल्ल खुर्द स्थित अमृतसर-फतेहगढ़ चूड़ियां रोड पर विकसित की जा रही 5 अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें ध्वस्त कर दिया। जिला टाउन प्लानर ने जानकारी देते हुए बताया कि भविष्य के विकास को नियंत्रित करने के लिए सरकार के निर्देशों के अनुसार गांव बल्ल कलां, पंडोरी वड़ैच और बल्ल खुर्द में विकसित की जा रही नई अवैध कॉलोनियों को पापरा एक्ट-1995 के तहत नोटिस जारी कर निर्माण कार्य बंद करवाया गया था तथा इनके विरुद्ध 09.06.2026 को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि इन अवैध कॉलोनियों के मालिकों ने सरकारी नियमों की खुली अवहेलना की और नोटिस जारी होने के बावजूद स्पष्टीकरण देने के बजाय मौके पर विकास कार्य जारी रखे। इसके चलते थाना कंबो की ओर से पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध न होने के बावजूद उच्च अधिकारियों के आदेशों की पालना करते हुए यह कार्रवाई अमल में लाई गई। इसके अतिरिक्त गांव बल्ल खुर्द में बन रही एक अवैध कॉलोनी को विभाग द्वारा कई बार नोटिस जारी कर निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कॉलोनाइजर द्वारा मौके पर निर्माण कार्य जारी रखा गया। इसी कारण उच्च अधिकारियों द्वारा उक्त अवैध कॉलोनी को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए गए थे। हालांकि, सार्वजनिक जमावड़े और पुलिस बल की कमी के कारण उस समय ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं की जा सकी थी। इसके चलते आज पुनः ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पापरा एक्ट-1995 में वर्ष 2024 में किए गए संशोधन के अनुसार अवैध कॉलोनी विकसित करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध 5 से 10 वर्ष तक की कैद तथा 25 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसी के चलते उक्त कॉलोनियों के अंतर्गत आने वाली भूमि के मालिकों और कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के लिए राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस विभाग को भी लिखा जा रहा है। एडीए के रेगुलेटरी विंग ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि वे ऐसी अवैध कॉलोनियों, जिन्हें पुड्डा विभाग से मंजूरी प्राप्त नहीं है, में प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित कॉलोनी की स्वीकृति संबंधी दस्तावेज अवश्य देखें। साथ ही अमृतसर विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध अवैध कॉलोनियों से संबंधित विवरण का भी अवलोकन करें, ताकि उनके धन और संपत्ति का नुकसान न हो तथा भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा उन्होंने यह भी अपील की कि जिले में किसी भी स्थान पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले पुड्डा विभाग से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने के बाद ही निर्माण कार्य किया जाए।

CM भगवंत मान की कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय, युवाओं के लिए नौकरियां और छात्रों को बड़ी राहत

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने बुधवार को कई अहम फैसलों को मंजूरी दे दी है. इन फैसलों का उद्देश्य नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट) की दोबारा होने वाली परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों को बड़ी राहत देना, नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना, जनता के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और प्रदेश में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (कारोबार को आसान बनाने) में और सुधार करना है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिए गए इन फैसलों में नीट परीक्षार्थियों और उनके साथ एक अटेंडेंट (सहायक) के लिए मुफ्त बस सफर, 1,013 लेक्चरारों और 156 जूनियर इंजीनियरों (जे.ई.) की भर्ती, पटियाला और जालंधर में गीले कचरे पर आधारित कंप्रेस्ड बायोगैस प्रोजेक्टों की स्थापना और पंजाब में निवेश व औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति, 2026’ में अहम संशोधन शामिल हैं।  इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया, “मंत्रिमंडल ने विद्यार्थी कल्याण, शिक्षा, रोजगार के अवसर पैदा करने, बुनियादी ढांचे के विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, प्रशासनिक सुधारों और औद्योगिक विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है, जो जनता की भलाई और आर्थिक प्रगति के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हैं.” नीट (अंडर ग्रेजुएट) की दोबारा परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों को बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट ने उम्मीदवारों और उनके साथ जाने वाले एक अटेंडेंट के लिए पंजाब और चंडीगढ़ में परीक्षा केंद्रों तक मुफ्त बस सफर को मंजूरी दी है. उल्लेखनीय है कि 3 मई, 2026 को हुई नीट की परीक्षा रद्द कर दी गई थी और अब यह परीक्षा 21 जून, 2026 के लिए पुनर्निर्धारित की गई है।  विद्यार्थियों और उनके अटेंडेंट की सुविधा के लिए पंजाब रोडवेज, पनबस और पी.आर.टी.सी. की बसें 20, 21 और 22 जून को पंजाब और चंडीगढ़ के परीक्षा केंद्रों तक आने-जाने के लिए मुफ्त सफर की सुविधा प्रदान करेंगी. विद्यार्थियों को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए सिर्फ अपना एडमिट कार्ड दिखाना होगा और उनसे कोई किराया नहीं लिया जाएगा. मुफ्त सफर सुविधा का वित्तीय बोझ ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा उठाया जाएगा और वित्त विभाग द्वारा इसकी भरपाई की जाएगी. यह पहल विद्यार्थी कल्याण, शिक्षा को बढ़ावा देने और किफायती व सुलभ जनता परिवहन सेवाओं को सुनिश्चित करने के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।  लेक्चरार कैडर के 1,013 पद भरे जाएंगे; आयु सीमा में पांच साल की छूट को मंजूरी मंत्रिमंडल ने एजुकेशन रिक्रूटमेंट डायरेक्टोरेट के माध्यम से लेक्चरार कैडर (ग्रुप-बी) के बैकलॉग और नए सृजित पदों सहित 1,013 मंजूरशुदा रिक्त पदों को भरने की भी मंजूरी दे दी. कैबिनेट ने स्कूल शिक्षा विभाग में लेक्चरार कैडर के पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा में पांच साल की एकमुश्त छूट भी दी है. इस कदम का उद्देश्य नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना और सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।  लोक निर्माण विभाग में जूनियर इंजीनियर के 156 पदों को मंजूरी एक और अहम फैसला लेते हुए, मंत्रिमंडल ने लोक निर्माण विभाग में 156 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती को मंजूरी दे दी है, जिसमें जूनियर इंजीनियर (सिविल) के 127 पद और जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) के 29 पद शामिल हैं. इस भर्ती से विभाग का कामकाज और सुचारू बनेगा और प्रभावी योजना, निगरानी और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी. ये सभी पद पंजाब अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड (पी.एस.एस.एस.बी.) द्वारा सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाएंगे।  पटियाला और जालंधर में गीले कचरे पर आधारित सी.बी.जी. प्रोजेक्ट को मंजूरी कचरे के स्थायी प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल ने नगर निगम पटियाला और नगर निगम जालंधर में 100 टी.पी.डी. की क्षमता वाले गीले कचरे पर आधारित कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्रोजेक्टों को मंजूरी दे दी है और ये प्रोजेक्ट नामांकन के आधार पर एच.पी.सी.एल. रीन्यूएबल एंड ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एच.पी.आर.जी.ई.) को सौंपे जाएंगे. प्रदेश भर की 166 शहरी स्थानीय इकाइयों में प्रतिदिन लगभग 4,000 टन म्यूनिसिपल ठोस कचरा पैदा होता है. इस प्रोजेक्ट के तहत गीले कचरे की वैज्ञानिक ढंग से प्रोसेसिंग की जाएगी जिससे कचरे के नीचे दबी जगहें साफ हो सकेंगी, शहरी सफाई और जनता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, नवीकरणीय ऊर्जा और जैविक खाद पैदा होगी, मीथेन का उत्सर्जन घटेगा और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।  सीनियरिटी से संबंधित विवादों को सुलझाने के लिए पंजाब सिविल सेवाएं नियमों में संशोधन मंत्रिमंडल ने पंजाब सिविल सर्विसेज (जनरल एंड कॉमन कंडीशंस ऑफ सर्विस) रूल्स-1994 के नियम-8 में संशोधन को भी मंजूरी दे दी है. यह संशोधन उन स्थितियों का समाधान करता है जहां एक जैसी योग्यता प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों की जन्म तिथि भी एक जैसी होती है. ऐसे मामलों में अंतर-सीनियरिटी अब मेरिट के आधार पर निर्धारित की जाएगी, जिसमें संबंधित पद के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षिक योग्यता में प्राप्त अंतिम ग्रेडिंग या प्रतिशतता शामिल होगी।  निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘औद्योगिक और व्यापार विकास नीति-2026’ में संशोधन पंजाब के औद्योगिक माहौल को और मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण फैसले में मंत्रिमंडल ने ‘औद्योगिक और व्यापार विकास नीति-2026’ और पंजाब उद्योग क्रांति पहल के तहत विभिन्न सेक्टोरल नीतियों में संशोधनों को मंजूरी दी है. इन संशोधनों में वित्तीय रियायतें सिर्फ मौजूदा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एम.एस.एम.ई.) की बजाय मौजूदा औद्योगिक इकाइयों पर लागू होने का प्रावधान किया गया है. ये औद्योगिक क्लस्टरों, अनुसंधान एवं विकास सुविधाओं और पर्यावरण-अनुकूल प्रौद्योगिकियों से संबंधित प्रावधानों को भी मजबूत करती हैं।  पहली 50 योग्य इकाइयों के लिए 10 लाख रुपये का एकमुश्त प्रोत्साहन में अब न्यूनतम गोल्ड लेवल जेड.ई.डी. सर्टिफिकेशन या उससे अधिक सर्टिफिकेशन प्राप्त करने वाले उद्योग शामिल होंगे, जबकि सेक्टोरल नीतियों में समग्र प्रोत्साहन सीमाओं से संबंधित प्रावधानों को संकेतात्मक और गैर-कानूनी माना जाएगा. इन सुधारों से निवेश को बढ़ावा मिलने, औद्योगिक विकास को मजबूती मिलने और पंजाब के देश में सबसे आकर्षक निवेश स्थान के रूप में उभरने की उम्मीद है। 

आग की लपटों से दहला जालंधर, गोदाम में लगी भीषण आग, समय रहते पाया गया काबू

जालंधर. जालंधर के जेपी नगर क्षेत्र में मंगलवार देर रात उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब एक गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में आसमान में धुएं के घने गुबार दिखाई देने लगे। आग की लपटें और धुआं दूर-दूर तक नजर आने से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और कई परिवार एहतियात के तौर पर अपने घरों से बाहर निकल आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के समय तेज हवाएं चल रही थीं, जिसके कारण आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते गोदाम के भीतर रखा सामान आग की चपेट में आने लगा। स्थिति को गंभीर होता देख स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने बिना समय गंवाए आग बुझाने का अभियान शुरू कर दिया। आग की तीव्रता को देखते हुए विभाग ने अतिरिक्त संसाधनों का भी इस्तेमाल किया। एक घंटे बाद आग पर पाया गया काबू करीब एक घंटे की लगातार मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। समय रहते आग पर नियंत्रण मिलने से आसपास के मकानों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचने से बचा लिया गया। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही सबसे पहले सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दी गई। किसी भी संभावित खतरे से बचने के लिए बिजली विभाग से संपर्क कर संबंधित क्षेत्र की बिजली सप्लाई तत्काल बंद करवाई गई। इससे करंट लगने या शार्ट सर्किट से आग और फैलने जैसी आशंकाओं को रोका जा सका। जांच के दौरान पता चला कि जिस भवन में आग लगी थी, वहां कोई परिवार नहीं रहता था। भवन का इस्तेमाल गोदाम के रूप में किया जा रहा था। राहत की बात यह रही कि आग लगने के समय अंदर कोई मौजूद नहीं था। इसी कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। शार्ट सर्किट माना जा रहा आग का कारण हालांकि आग से गोदाम के अंदर रखे सामान को नुकसान पहुंचने की आशंका है, लेकिन नुकसान का सही आकलन अभी नहीं किया जा सका है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शार्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि अधिकारी सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रहे हैं। फिलहाल आग पूरी तरह बुझा दी गई है और संबंधित विभाग घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटे हुए हैं। स्थानीय लोगों ने भी समय पर पहुंचकर राहत कार्य करने के लिए दमकल विभाग की सराहना की है।

रोजगार मांगने नहीं, रोजगार देने की ओर बढ़ रहे पंजाब के युवा; सरकार दे रही पूरा सहयोग : भगवंत मान

चंडीगढ़  वर्तमान समय में पंजाब नवीन विचारों, विशिष्ट सोच और उद्यमी युवाओं द्वारा लीक से हटकर पहलकदमियां करने के कारण विकास की नई कहानी रच रहा है, जिसकी वजह से राज्य देश भर में सबसे पसंदीदा स्टार्टअप स्थल के रूप में उभर रहा है जहां युवा अपने विचारों को व्यवसाय और रोजगार के अवसरों में बदल रहे हैं। इस सोच की पैरवी करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 31 स्टार्टअप्स और उनके संस्थापकों को 1.07 करोड़ रुपए की सीड ग्रांट वितरित की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सफल उद्यमियों की अगली पीढ़ी न सिर्फ पंजाब से आए बल्कि पंजाब में अपनी कंपनियां भी स्थापित करे, जिससे राज्य के अंदर ही नौकरियों और कमाई के अवसर पैदा हों। स्टार्टअप को पंजाब के भविष्य के आर्थिक विकास का मुख्य स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है कि किसी भी शानदार उद्यम को वित्तीय सहायता की कमी के कारण छोड़ा न जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पंजाब स्टार्टअप और इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026’ के तहत सीड ग्रांट को 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया गया है, जिसमें 7 स्टार्टअप्स को 5-5 लाख रुपये और 24 स्टार्टअप्स को 3-3 लाख रुपए की ग्रांट मिल रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये उद्यम रोजगार के हजारों अवसर पैदा करेंगे और युवाओं में नौकरियों की तलाश में विदेश जाने के रुझान को कम करने में मदद करेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मुफ्त बिजली, किसानों को दिन में बिजली सप्लाई और कई अन्य सुधारों जैसी पहलकदमियों से यह पता चलता है कि कैसे नए विचार लोगों को सीधा लाभ पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमिता और नवाचार में मिल रहे भरपूर समर्थन के साथ पंजाब, भारत का स्टार्टअप हब बनने के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ रहा है। स्टार्टअप्स को सीड ग्रांट वितरित करने संबंधी समारोह के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पंजाब के उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक दिन है, खासकर हमारे युवा उद्यमियों के लिए जो नए विचारों के साथ अपना कारोबारी सफर शुरू कर रहे हैं। 31 स्टार्टअप्स को 1.07 करोड़ रुपए की सीड ग्रांट दी जा रही है। 7 स्टार्टअप्स को 5-5 लाख रुपए की ग्रांट मिल रही है, जबकि 24 स्टार्टअप्स को 3-3 लाख रुपए की ग्रांट मिल रही है। ये युवा उद्यमी अपने विचारों के माध्यम से सपनों को साकार कर रहे हैं और वे इस सहयोग के हकदार हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आम आदमी पार्टी (आप) खुद एक ऐसे विचार से पैदा हुई थी जब देश में परिवारवाद की राजनीति का दबदबा था और आम आदमी को अनदेखा कर दिया गया था। कई पहलुओं से ‘आप’ एक स्टार्टअप भी थी जिसने झाड़ू के अपने प्रतीक के साथ राजनीतिक व्यवस्था को साफ किया। 2022 के विधानसभा चुनाव में पंजाब के लोगों ने 7 पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को बाहर का रास्ता दिखाया और ईमानदार सरकार को मौका दिया। उस फैसले ने पंजाब को बदल दिया है और इसे देश का एक अग्रणी राज्य बना दिया है। पंजाबियों की उद्यमी भावना को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाबी अपनी मेहनत, जज्बे और उद्यम के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं। उसी भावना से प्रेरित होकर हमारे युवा नए उद्यम शुरू कर रहे हैं और नए अवसर पैदा कर रहे हैं। वे सिर्फ कारोबार नहीं चला रहे, वे पंजाब के भविष्य को नया रूप दे रहे हैं। पंजाबी मूल के सफल उद्यमियों के उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और दुनिया भर में बहुत सी सफल कंपनियां पंजाबियों द्वारा स्थापित या सह-स्थापित की गई हैं। जोमैटो, ओला और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां इसकी उदाहरण हैं कि कैसे पंजाबियों ने विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। पंजाब हमेशा उद्यमियों की धरती रहा है। पंजाबी जहां भी जाते हैं, वे कारोबार स्थापित करते हैं, रोजगार पैदा करते हैं और अपनी अलग छाप छोड़ते हैं। हमारा लक्ष्य है कि सफल संस्थापकों की अगली पीढ़ी न सिर्फ पंजाब से आए बल्कि पंजाब में अपनी कंपनियां भी स्थापित करे। इनोवेशन इको-सिस्टम (नवीनतम प्रणाली) की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीड मनी ( स्टार्टअप के लिए सहायता राशि) प्रदान करने का उद्देश्य स्टार्टअप्स पर आने वाले शुरुआती बोझ को कम करना और उन्हें अपने विचारों को हकीकत में बदलने तथा आगे बढ़ने का भरोसा देना है। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को नवाचार के केंद्र बनना चाहिए जहां विचार क्लासरूम से परे उत्पाद, सेवाएं, कंपनियां और समाधान की नींव बनते हैं। अपने विदेशी दौरों को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दक्षिण कोरिया के पैंगयो टेक्नो वैली और नीदरलैंड्स के वर्ल्ड हॉर्टी सेंटर में उन्होंने देखा कि कैसे एक योजनाबद्ध इनोवेशन इको-सिस्टम पूरे क्षेत्र को बदल सकता है। इस मॉडल से पता लगता है कि जब इको-सिस्टम को सही ढंग से डिज़ाइन किया जाता है तो विचार विश्व स्तरीय कंपनियों की नींव बन सकते हैं। इसी तरह नीदरलैंड्स में वर्ल्ड हॉर्टी सेंटर के अपने दौरे के दौरान मैंने देखा कि कैसे इनोवेशन नई तकनीकों की टेस्टिंग, लागूकरण और व्यावसायीकरण के माध्यम से खेतीबाड़ी और बागबानी को बदल सकती है। पंजाब की कृषि क्षमता के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में भविष्य का विकास उच्च-मूल्य वाली खेतीबाड़ी, एग्री-टेक, फूड प्रोसेसिंग, सुरक्षित खेती, कोल्ड चेन और एग्री-लॉजिस्टिक्स के माध्यम से होना चाहिए। हमारे किसान हमेशा प्रगतिशील रहे हैं और पंजाब सरकार उन्हें आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और नए कारोबारी मॉडलों तक पहुंच प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये स्टार्टअप्स रोजगार के अवसर पैदा करके और युवाओं में भरोसा बहाल करके पंजाब में सार्थक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हर उद्यमी पंजाब का ब्रांड एंबेसडर बने। आप जहां भी जाएं, पंजाब का नाम रोशन करें और दुनिया को बताएं कि पंजाब नवाचार के लिए तैयार है, पंजाब स्टार्टअप के लिए तैयार है और पंजाब भविष्य के लिए तैयार है। पंजाब सरकार की ओर से पूर्ण समर्थन का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह … Read more

ग्रेनेड केस में पुलिस को सफलता, दो आरोपी दबोचे गए; पिस्टल और नशीला पदार्थ भी मिला

अमृतसर  ग्रेनेड बरामदगी मामले की जांच के दौरान अमृतसर देहात पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने पहले गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों के दो अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से छह पिस्तौल और करीब तीन किलो हेरोइन बरामद की गई है। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बरामद की गई पिस्तौलें पंजाब में सक्रिय गैंगस्टरों तक पहुंचाई जानी थीं। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों का संबंध हथियार और नशा तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क से हो सकता है। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। दो साथियों से मिला था ग्रेनेड गौरतलब है कि कुछ समय पहले पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया था। उस गिरफ्तारी के बाद से ही जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई थीं। ताजा गिरफ्तारी को उसी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। ग्रेनेड के इस्तेमाल की जांच जारी हालांकि अब तक जांच एजेंसियां यह स्पष्ट नहीं कर पाई हैं कि बरामद किए गए ग्रेनेडों का इस्तेमाल कहां किया जाना था। यह भी रहस्य बना हुआ है कि किन पुलिस इमारतों या अन्य संवेदनशील ठिकानों को संभावित निशाना बनाने की योजना तैयार की गई थी। इस संबंध में सुरक्षा एजेंसियां अलग-अलग पहलुओं पर जांच कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और उनके मोबाइल फोन, संपर्कों तथा आर्थिक लेनदेन की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियार और नशे की खेप कहां से लाई गई तथा इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।  

रजबाहा टूटने से गुरदासपुर में बाढ़ जैसे हालात, खेत डूबे, दर्जनों गांवों में पानी का संकट

गुरदासपुर. अप्परबारी दोआब नहर से निकलने वाला रानिया रजबाहा गुरदासपुर के कलानौर के विर्क गांव के निकट टूट जाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। रजबाहा टूटने के कारण आसपास के सैकड़ों एकड़ कृषि क्षेत्र में पानी फैल गया, जबकि माइनर नंबर एक, दो और तीन के अंतर्गत आने वाले दर्जनों गांवों में नहरी पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है। घटना के बाद किसानों में चिंता का माहौल है और वे जल्द मरम्मत कार्य शुरू किए जाने की मांग कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार गुरुवार रात को विर्क और अठवाल गांवों के बीच रजबाहा अचानक टूट गया। बताया जा रहा है कि टूटने वाले स्थान पर करीब 25 फुट चौड़ी दरार बन गई, जिससे तेज बहाव के साथ पानी आसपास के खेतों में फैलने लगा। देखते ही देखते बड़ी मात्रा में पानी कृषि भूमि में जमा हो गया और कई खेत जलमग्न हो गए। सिंचाई व्यवस्था हुई प्रभावित स्थानीय किसानों ने बताया कि रजबाहा टूटने से सिंचाई व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा है। माइनर नंबर एक, दो और तीन के अधीन आने वाले अनेक गांवों तक नहरी पानी की आपूर्ति बंद हो गई है। इससे धान समेत अन्य फसलों की सिंचाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो खेती कार्य प्रभावित हो सकता है। घटना की सूचना मिलने के बाद किसानों ने नहर विभाग को जानकारी दी। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि नहर तंत्र में आई इस खराबी को जल्द दूर किया जाना चाहिए ताकि खेतों में फैले पानी को नियंत्रित किया जा सके और प्रभावित गांवों को फिर से पानी उपलब्ध कराया जा सके। विभाग हल निकालने में जुटी इस संबंध में नहर विभाग के उपमंडल अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि उन्हें रजबाहा टूटने की सूचना मिल चुकी है। विभागीय टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के बाद टूटे हुए हिस्से को भरने और मरम्मत का कार्य तत्काल शुरू किया जाएगा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कर नहरी पानी की आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं किसान उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई कर नुकसान को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा। फिलहाल विभागीय टीम मौके पर पहुंचने की तैयारी में जुटी हुई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

फैमिली पेंशन पर बड़ा फैसला: दूसरी पत्नी का दावा खारिज, पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट की स्पष्ट टिप्पणी

चंडीगढ़. पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करने वाली महिला को मृत सरकारी कर्मचारी की फैमिली पेंशन का अधिकार नहीं मिल सकता। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि दूसरा विवाह नियमों और कानून के विपरीत किया गया है तो ऐसी महिला को मृत कर्मचारी की ‘विधवा’ नहीं माना जा सकता और वह राज्य से पारिवारिक पेंशन की मांग भी नहीं कर सकती। जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने मोहाली निवासी प्रिया की ओर से दायर अपील एलपीए को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 के तहत दूसरी शादी तभी मान्य हो सकती है जब वह कानूनन वैध हो। पहली पत्नी के जीवित रहते किया गया दूसरा विवाह शून्य माना जाएगा और उससे किसी प्रकार का पेंशन संबंधी अधिकार पैदा नहीं होता। अधिकारों को लेकर शुरू हुआ विवाद मामले के अनुसार, मेजर हरि सिंह की मृत्यु के बाद उनकी पहली पत्नी मोहिंदर कौर और प्रिया के बीच सेवानिवृत्ति लाभों तथा अन्य अधिकारों को लेकर विवाद शुरू हुआ था। मोहिंदर कौर ने दीवानी अदालत में मुकदमा दायर कर खुद को मेजर हरि सिंह की वैध पत्नी बताते हुए सेवानिवृत्ति लाभों पर अधिकार मांगा था। ट्रायल कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और उन्हें कानूनी पत्नी माना। हालांकि, बाद में अपीलीय अदालत ने विवाह संबंधी साक्ष्यों और एक वसीयत के आधार पर प्रिया को कानूनी पत्नी मान लिया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट पहुंचा। हाई कोर्ट ने अपीलीय अदालत का फैसला पलटते हुए फिर से मोहिंदर कौर को ही मेजर हरि सिंह की वैध पत्नी घोषित कर दिया था। इसके बाद प्रिया ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली और वर्ष 2006 में उनकी अपील खारिज कर दी गई। फैमिली पेंशन में मांगी हिस्सेदारी इसके बावजूद प्रिया ने एक नया तर्क देते हुए फैमिली पेंशन में हिस्सेदारी की मांग की। उनका कहना था कि भले ही उन्हें कानूनी पत्नी का दर्जा न मिला हो, लेकिन केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमों के नियम 54(7) के तहत उन्हें सह-विधवा मानकर पारिवारिक पेंशन का हिस्सा दिया जाना चाहिए। हाई कोर्ट ने इस दलील को विस्तार से परखा और कहा कि नियम 54(7) में एक से अधिक विधवाओं के बीच पेंशन बांटने का प्रविधान है, लेकिन इसका लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिल सकता है जिनका विवाह कानूनन वैध हो। अदालत ने कहा कि ‘विधवा’ शब्द का सामान्य और कानूनी अर्थ मृत व्यक्ति की वैध पत्नी से है। यदि विवाह ही कानून की नजर में मान्य नहीं है तो संबंधित महिला को विधवा का दर्जा नहीं दिया जा सकता। दूसरी शादी नहीं कर सकते सरकारी सेवक? खंडपीठ ने कहा कि सरकारी सेवकों के लिए लागू नियम पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने पर रोक लगाते हैं। ऐसे में दूसरी शादी से उत्पन्न संबंध राज्य के विरुद्ध किसी वैधानिक अधिकार का आधार नहीं बन सकते। अदालत ने स्पष्ट किया कि गुजारा भत्ता या घरेलू संबंधों से जुड़े कुछ मामलों में न्यायालय अलग दृष्टिकोण अपना सकते हैं, लेकिन फैमिली पेंशन एक वैधानिक अधिकार है, जिसे केवल नियमों के अनुरूप ही प्रदान किया जा सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि जब पहले ही विभिन्न न्यायिक मंचों पर यह तय हो चुका है कि मोहिंदर कौर ही मेजर हरि सिंह की वैध पत्नी थीं और प्रिया का वैवाहिक दावा स्वीकार नहीं किया गया, तब उन्हें फैमिली पेंशन का लाभ देने का कोई कानूनी आधार नहीं बचता।

श्री हरमंदिर साहिब परिसर में हंगामा, युवक की हरकत से मचा बवाल; SGPC अध्यक्ष ने दिए जांच के आदेश

अमृतसर  अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल परिसर के गुरुद्वारा शहीद बाबा गुरबख्श सिंह में एक युवक ने बेअदबी का प्रयास किया। युवक ने बुधवार देर शाम पावन स्वरूप के सामने की तलवार निकाल ली। हालांकि सेवादारों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे पकड़ लिया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने इस घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए साजिशकर्ताओं को बेनकाब करने की मांग की है। धामी ने बताया कि सेवादारों की मुस्तैदी के कारण बेअदबी होने से बच गई। दोषी को अब तक सजा नहीं मिल पाई उन्होंने इस घटना को बेहद गंभीर बताया और कहा कि यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा प्रतीत होती है। धामी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बेअदबी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन सरकारों की नाकामी के कारण किसी भी दोषी को अब तक सजा नहीं मिल पाई है। धामी बोले- धार्मिक भावनाओं को भड़काने की साजिश धामी ने याद दिलाया कि कुछ वर्ष पहले सच्चखंड श्री हरिमंदिर साहिब में भी एक व्यक्ति ने जंगला फांदकर बेअदबी की कोशिश की थी, जिसकी साजिश का पर्दाफाश करने में सरकार विफल रही हैं। धामी के अनुसार, यह ताजा घटना शिरोमणि कमेटी के प्रबंधन को बदनाम करने और संगत की धार्मिक भावनाओं को भड़काने की साजिश है। सरकार सिख भावनाओं से जुड़े मामलों के प्रति गंभीर नहीं एडवोकेट धामी ने कहा कि आरोपी पुलिस हिरासत में है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस घटना के साजिशकर्ताओं को सामने नहीं लाया जाता, तो यह स्पष्ट होगा कि सरकार सिख भावनाओं से जुड़े मामलों के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधकों और संगत से भी अपील की कि ऐसे तत्वों को सफल होने से रोकने के लिए सभी को सतर्क रहकर अपनी सेवा निभानी चाहिए।  

कांग्रेस ने पंजाब चुनाव की तैयारियां तेज कीं, तीन पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से संगठन को मिलेगी मजबूती

चंडीगढ़  ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने पंजाब में वर्तमान राजनीतिक हालातों का जायजा लेने के लिए तीन ऑब्जर्वर नियुक्त किए हैं। कांग्रेस हाईकमान ने यह जिम्मेदारी अजय माकन, मीनाक्षी नटराजन और भजन लाल जाटव को सौंपीं है। जल्दी ही तीनों पंजाब का दौरा करेंगे। दरअसल, पंजाब में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इसके मद्देनजर कांग्रेस हाईकमान का फोकस पंजाब पर है।  कांग्रेस दो बार कर चुकी है चुनावी सर्वेक्षण हाईकमान दो बार पंजाब में अपना चुनावी सर्वेक्षण भी करवा चुका है मगर दोनों सर्वे में अंतर सामने आया। सर्वे में पंजाब के अध्यक्ष को बदलने के लिए भी अलग-अलग राय सामने आई। हाईकमान अब यह देखना चाहता है कि पंजाब में राजनीति के वर्तमान हालात क्या हैं और इन परिस्थितियों में कांग्रेस की स्थिति कितनी मजबूत है, पार्टी कहां कमजोर है और मतदाताओं का रुख कैसा है। ऑब्जर्वर तैयार करेंगे रिपोर्ट तीनों ऑब्जर्वर प्रदेश का दौरा कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसे अलग-अलग टिप्पणियों के साथ हाईकमान को सौंपी जाएगी। इस रिपोर्ट के बाद हाईकमान प्रदेश में अपनी चुनावी रणनीति को धार देगी।