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विरासत की वस्तुएं विदेश कैसे पहुंचीं? MLA हॉस्टल फर्नीचर नीलामी मामले में जांच के आदेश

चंडीगढ़. चंडीगढ़ स्थित पंजाब एमएलए हॉस्टल से जुड़े हेरिटेज फर्नीचर अमेरिका में हाल ही में नीलाम होने के मामले में विधानसभा स्पीकर की ओर से जांच के आदेश दिए गए हैं। जानकारी अनुसार चंडीगढ़ स्थित पंजाब एमएलए हॉस्टल से जुड़ा हेरिटेज फर्नीचर अमेरिका के शिकागो में 72,720 डॉलर में नीलाम हुआ है, जिसक भारतीय मूल्य 59 लाख के करीब बताया गया है और इसकी नीलामी आगे भी जारी है। आगे से आगे नीलाम हो रहे इस फर्नीचर में दो हेरिटेज कुर्सियां और चार स्टूल शामिल हैं। इस मामले को लेकर चंडीगढ़ में हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल से जुड़े अजय जग्गा ने पंजाब मुख्यमंत्री और विधानसभा स्पीकर को शिकायत दी है, जिसके बाद विधानसभा स्पीकर की ओर से मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। अजय जग्गा के अनुसार एमएलए हॉस्टल से जुड़ी दो कुर्सियां 42 लाख और स्टूल 17 लाख में नीलाम हुईं। उन्होंने कहा कि मिनिस्ट्री आफ होम अफेयर्स के कड़े निर्देशों के बावजूद चंडीगढ़ से जुड़े हेरिटेज फर्नीचर की विदेश में लगातार नीलामी हो रही है। नीलामी रोकने को लेकर चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से विशेष हेरिटेज कमेटी भी गठित की गई, जिसने इस मामले में कई बार केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन को भी पत्र लिखा है, लेकिन हेरिटेज फर्नीचर की विदेश में नीलामी लगातार जारी है। अजय की ओर से पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान और विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखकर मामले में कार्रवाई की मांग की गई है, साथ ही उन्होंने पत्र में बताया कि हेरिटेज स्थल को चंडीगढ़ के चीफ सेक्रेटरी हेड करते हैं। पंजाब एमएलए हॉस्टल से जुड़े फर्नीचर को अब अमेरिका स्थित ऑक्शन हाउस राइट की ओर से नीलाम किया जा रहा है। ऑक्शन के लिए वेबसाइट पर डाला गया इस फर्नीचर को ऑक्शन के लिए संबंधित हाउस की ओर से वेबसाइट पर भी डाला गया है। इस मामले में पंजाब स्पीकर की ओर से कहा गया है कि मामले की जांच करेंगे। जो हेरिटेज फर्नीचर अमेरिका में नीलम हुआ है, वह कैपिटल प्रोजेक्ट से जुड़ा है। इस नीलामी के बाद फिर से चंडीगढ़ के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा विधानसभा और एमएलए हाउस में रखे हेरिटेज फर्नीचर की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल के सदस्य एडवोकेट अजय जगह ने कहा कि भारत सरकार को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से हेरिटेज फर्नीचर को सुरक्षित रखने के लिए विशेष तौर पर फर्नीचर की टैगिंग भी की गई है, जिसमें 12000 हेरिटेज फर्नीचर आइटम शामिल है। 500 करोड़ से अधिक का हेरिटेज फर्नीचर नीलाम चंडीगढ़ से जुड़ा हेरिटेज फर्नीचर विदेश में लगातार नीलाम हो रहा है। बीते 10 सालों में 500 करोड़ से अधिक के हेरिटेज आइटम अमेरिका सहित अन्य देशों में नीलाम किया जा चुके हैं। यह फर्नीचर कई वर्ष पहले चंडीगढ़ से चोरी छिपे विदेश में ले जाया गया। हेरिटेज फर्नीचर चंडीगढ़ का निर्माण करने वाले ली कार्बिजियर और उनके सहयोगी द्वारा तैयार किया गया था। हेरिटेज फर्नीचर से जुड़ा काफी आइटम पंजाब और हरियाणा विधानसभा हाई कोर्ट के अलावा पंजाब यूनिवर्सिटी पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज और दूसरे शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ा हुआ है।

नायब सिंह सैनी बोले- गुरु अमर दास जी ने समाज को दिया समानता और मानवता का अमूल्य संदेश

अमृतसर  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने  पंजाब के लुधियाना स्थित अमरपुरा चौक पर श्री गुरु अमर दास जी के प्रकाश पर्व पर आयोजित 9वें विशाल नगर कीर्तन में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधन को 5 लाख रुपये अनुदान देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने गुरु अमर दास सेवा सोसायटी, श्री सुखमनी सेवा सोसायटी और गुरु अमर दास गुरुद्वारा एवं धर्मशाला चौरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुरु जी का ‘पहले पंगत, पीछे संगत’ का संदेश सामाजिक क्रांति का आधार था। गुरु जी ने जात-पात, ऊंच-नीच, सती प्रथा और पर्दा प्रथा का कड़ा विरोध किया। मुख्यमंत्री ने आनंद साहिब की वाणी का जिक्र करते हुए इसे आत्मिक शांति का मार्ग बताया। विरासत सर्किट और वीर बाल दिवस सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण हो रहा है। विरासत सर्किट में श्री आनंदपुर साहिब, श्री फतेहगढ़ साहिब, श्री चमकौर साहिब, फिरोजपुर, अमृतसर, खटकड़ कलां, कलानौर और पटियाला शामिल किए गए हैं। ज्योतिसर में श्री गुरु तेग बहादुर जी को श्रद्धांजलि, करतारपुर साहिब कॉरिडोर और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह व बाबा फतेह सिंह की स्मृति में 'वीर बाल दिवस' ऐतिहासिक कदम हैं। उन्होंने बताया कि 1984 दंगों के 121 पीड़ित परिवारों के सदस्यों को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नियुक्ति पत्र सौंपे। गुरुओं की स्मृति में ऐतिहासिक कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनानगर के कलेसर में गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर वन विकसित करने के अलावा सिरसा स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा चिल्ला साहिब को 9 एकड़ भूमि हस्तांतरित की गई है। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा में गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर चेयर स्थापित हुई है। अंबाला के पॉलिटेक्निक और यमुनानगर के मेडिकल कॉलेज का नाम भी गुरु जी पर रखा गया है। इसके अलावा असंध में बाबा फतेह सिंह जी, लाखन माजरा में माता गुजरी जी और यमुनानगर के लोहगढ़ में बाबा बंदा सिंह बहादुर का स्मारक बन रहा है। स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा योजना के तहत श्री हजूर साहिब, श्री ननकाना साहिब, श्री हेमकुंड साहिब और श्री पटना साहिब की यात्रा के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। कुरुक्षेत्र और सिरसा से नांदेड़ के लिए निशुल्क ट्रेनें चलाई गई हैं। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा, चेयरमैन गुरदीप सिंह नीटू व अमरजीत सिंह सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मजाक से सिनेमा हॉल चला सकते हैं, सरकार नहीं', हरियाणा CM नायब सिंह सैनी पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने  मुख्यमंत्रीमान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मजाक करने के अलावा कुछ नहीं जानते। उन्होंने कहा कि मजाक सिनेमा हॉल चला सकते हैं, लेकिन वे सरकारें नहीं चला सकते। पंजाब के लोग अब झूठे वादों और खोखले आश्वासनों की राजनीति से थक चुके हैं और विकास, अच्छे शासन और पारदर्शी प्रशासन का एक नया रास्ता चुनने के लिए तैयार हैं। आम आदमी पार्टी पर बोला हमला सीएम सैनी पंजाब के धुरी में थे। उन्होंने यहां कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के नेता खुद को क्रांतिकारी बताते हैं, लेकिन असल में वे अपनी कमियों को छिपाने की कोशिश में दूसरों के काम और उपलब्धियों के बारे में जनता को गुमराह करते हैं। उन्होंने कहा कि धुरी मुख्यमंत्री का अपना चुनाव क्षेत्र है, फिर भी उन्होंने न केवल पंजाब से, बल्कि धुरी से भी खुद को दूर कर लिया है। पंजाब कभी डेवलपमेंट के मामले में कई राज्यों से बहुत आगे था, लेकिन अपने फायदे के लिए पॉलिटिकल पार्टियों ने इसे पिछड़े राज्यों की कैटेगरी में धकेल दिया है। आज पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई सिर्फ अखबारों के विज्ञापन के जरिए लड़ी जा रही है, जबकि जमीन पर कुछ खास नहीं हो रहा है। देश के अन्नदाता हैं पंजाब के किसान सीएम सैनी ने कहा कि पंजाब के किसान देश के अन्नदाता हैं। इन किसानों ने आम आदमी पार्टी पर भरोसा करके 2022 में उसे वोट दिया, लेकिन न तो सभी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का फायदा मिला है और न ही किसानों को फसल नुकसान का पूरा मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने इसे किसानों के साथ सबसे बड़ा धोखा बताया और कहा कि वे आने वाले चुनावों में इसका जवाब देंगे। इसके उलट, हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां सरकार किसानों की सभी फसलें एमएसपी पर खरीदती है। इसी तरह, प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का मुआवजा देने में भी हरियाणा बहुत आगे है। हरियाणा ने किसानों को 16,500 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद दी उन्होंने कहा कि पिछले साल बारिश और बाढ़ से फसल खराब होने के बाद हरियाणा ने किसानों को 16,500 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद दी थी। मंडियों में अपनी उपज लाने वाले किसानों को तुरंत ऑनलाइन जे-फॉर्म मिल जाते हैं और पेमेंट 72 घंटों के अंदर उनके अकाउंट में क्रेडिट हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने हाल ही में खुद को कांग्रेस से आजाद किया है, क्योंकि आप ने लोगों के सामने बड़े-बड़े वादे किए थे और अच्छी-अच्छी तस्वीरें दिखाई थीं। भोले-भाले लोगों ने उन वादों पर भरोसा किया, और पंजाब आज भी इसका नतीजा भुगत रहा है। इसके उलट, भारतीय जनता पार्टी सिर्फ वादे करने में नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर लागू करने में यकीन रखती है। पीएम मोदी के विकास के कामों का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए विकास के कामों का जिक्र करते हुए सीएम सैनी ने कहा कि केंद्र सरकार ने गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और समाज के पिछड़े तबकों की भलाई के लिए कई ऐतिहासिक स्कीमें शुरू की हैं, जिनसे देश भर में लाखों लोगों को फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि धुरी जैसे तरक्की पसंद शहर कभी आर्थिक गतिविधियों के सेंटर थे, लेकिन मौजूदा सरकार की बेपरवाह नीतियों ने उन्हें विकास की दौड़ में पीछे धकेल दिया है। पंजाब में कई इंडस्ट्री बंद होने की कगार पर हैं। इसके उलट, हरियाणा में डबल-इंजन सरकार ने पिछले साढ़े 11 सालों में लोगों की जिंदगी में अच्छे बदलाव लाए हैं। सीएम सैनी ने कहा कि पारदर्शी शासन के जरिए, कल्याणकारी योजनाओं … Read more

बाढ़ के खतरे को रोकने की तैयारी, मानसून से पहले नालों से निकाली जा रही गाद

चंडीगढ़. मानसून 20 दिन बाद शहर में दस्तक दे देगा। पहाड़ों से बहकर आने वाला पानी सुखना चो, पटियाला की राव और एन चो से होकर चंडीगढ़ के बीच में से गुजरता है। पिछले कई वर्षाें से यह पानी बाढ़ का रूप लेकर शहर का जीवन प्रभावित करने लगा है। ट्राइसिटी के  फेफड़े  मोरनी हिल्स  के जंगलों का सर्वे  के लिए   60 रिटायर्ड पटवारी और 4 कानूनगो तैनात करने के आदेश हैं। इसको देखते हुए चंडीगढ़ ने जलीय आपदा से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। इन बरसाती नदियों से बाढ़ आने का मुख्य कारण कमजोर तटबंध, तलहटी में जमी गाद से क्षमता घटना रहे हैं। इस वजह से चंडीगढ़ प्रशासन ने इससे निपटने का प्लान तैयार कर उस पर ग्राउंड स्तर पर कार्य शुरू कर दिया है। सुखना रेगुलेटरी एंड से गाद निकालने की शुरुआत हुई थी। अब पटियाला की राव से भी गाद निकाली जा रही है। सुखना रेगुलेटरी एंड पर गाद निकालने का काम 40 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अब पटियाला की राव से गाद निकालनी शुरू की गई है। पटियाला की राव भी धनास, खुड्डा लाहौरा, डड्डू माजरा जैसे एरिया को प्रभावित करती है। पानी रेजिडेंशियल एरिया में दाखिल हो जाता है। डंपिंग ग्राउंड का गंदा पानी कालोनी एरिया में घुसने से बीमारी फैलने का डर रहता है। इसी तरह से एन चो रोज गार्डन और शहर के अंदरूरी हिस्से को प्रभावित करता है। अगर रेगुलेटरी एंड और पटियाला की राव की गाद निकल जाती है तो इनकी गहराई बढ़ जाएगी और अत्यधिक पानी आने पर भी वह बाहर नहीं आएगा। साथ ही सुखना चो में भी पानी एकदम से नहीं छोड़ना पड़ेगा। पंचकूला मोहाली तक को होगा फायदा इनसे केवल चंडीगढ़ ही पंचकूल और मोहाली तक प्रभावित रहते हैं। सुखना चो में एकदम ज्यादा पानी छोड़ने से जीरकपुर बलटाना का काफी हिस्सा जलमग्न हो गया था। बलटाना पुलिस चौकी तक सुखना चो की वजह से डूब गई थी। आस-पास के एरिया में पानी भर गया था। इतना ही नहीं सुखना चो आगे जाकर घग्गर नदी में ही गिरती है। इससे घग्गर का जलप्रवाह बढ़ने से पंचकूला के एरिया में भी बाढ़ का खतरा रहता है। यूटी चंडीगढ़ के इंजीनियरिंग विभाग ने सुखना लेक के रेगुलेटर एंड पर सूखे क्षेत्र की डी-सिल्टिंग (गाद निकासी) का कार्य शुरू किया था। अभी तक रेगुलेटरी एंड से 40 प्रतिशत गाद निकालने का कार्य पूरा किया जा चुका है। विशेषज्ञ एजेंसियों की सिफारिशों के आधार पर सूखे झील क्षेत्र से गाद निकालने और निकाली गई मिट्टी का उपयोग झील के आसपास मौजूद तटबंधों और पैदल मार्गों को मजबूत बनाने में किया जा रहा है। परियोजना के तहत लगभग 351 मीटर स्तर तक खुदाई की जा रही है। कुल मिलाकर करीब 34,000 घन मीटर मिट्टी निकालने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब नौ हजार घन मीटर मिट्टी निकाली जा चुकी है, जिसका उपयोग तटबंधों को सुदृढ़ करने में किया गया है। पटियाला की राव से निकाली जा रही गाद पटियाला की राव से आई बाढ़ के कारण पिछले वर्ष डड्डूमाजरा, धनास और आसपास क्षेत्रों में सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हुई थी। इसको देखते हुए गाद निकालने काे मंजूरी मिली है। मंजूरी के बाद मनोनीत पार्षद सतिंदर सिंह सिद्धू ने पटियाला की राव से गाद निकालने का कार्य शुरू कराया। सिद्धू ने कहा कि बाढ़ की पुनरावृत्ति रोकने के लिए वन विभाग एवं इंजीनियरिंग विभाग को समन्वित कार्रवाई करनी चाहिए। यह कार्य क्षेत्र को बाढ़ से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। हजारों क्यूबिक मिट्टी निकाली जाएगी इससे तटबंध मजबूत होंगे। साथ ही जल सहेजने की क्षमता बढ़ेगी।

रसोई गैस 29 रुपये महंगी, हरपाल चीमा का केंद्र पर हमला; महंगाई को लेकर घेरा

चंडीगढ़  राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने घरेलू गैस सिलिंडर की कीमतों में 29 रुपये की वृद्धि को लेकर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की।उन्होंने कहा कि तेल और जरूरी वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों की जिंदगी दिन-ब-दिन मुश्किल होती जा रही है। गरीब व मध्य वर्गीय परिवार पहले से ही महंगाई के बोझ तले दबे हैं।रसोई गैस में ताजा वृद्धि ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। एलपीजी की कीमतें तुरंत वापस लेने की मांग करते चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार कीमतें बढ़ाने के बजाय महंगाई कम करने के लिए ठोस कदम उठाए। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी पर आप के सीनियर नेता और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी के बाद अब एक बार फिर घरेलू रसोई पर यह बोझ डाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक हर तरफ से महंगाई की मार झेल रहा है। डीजल, एलपीजी, सीएनजी और दूसरी ज़रूरी चीज़ों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लाखों परिवारों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी और महंगी हो गई है।  आप के सीनियर नेता ने कहा कि भाजपा सरकार यूएस-ईरान युद्ध समेत अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का बहाना बनाकर नागरिकों पर और आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि महंगाई को कंट्रोल करने और तेल की ऊंची कीमतों से राहत देने के वादे पर सत्ता में आने के बावजूद भाजपा इन वादों को पूरा करने में लगातार नाकाम रही है। उन्होंने आगे कहा कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का असर पहले ही छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों और लोकल ढाबों/होटलों पर पड़ चुका है। हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का असर पहले ही छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों और लोकल खाने-पीने की दुकानों पर पड़ चुका है। अब घरेलू एलपीजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने से परिवारों और छोटे कारोबारियों पर आर्थिक दबाव और बढ़ेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों ने देश की आर्थिक स्थिति को कमजोर किया है और आम लोगों की खरीदने की ताकत कम की है। उन्होंने मज़ाक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर विदेश दौरे करते हैं, लेकिन उनकी सरकार की विदेश और आर्थिक नीतियां देश के नागरिकों को राहत देने में पूरी तरह से फेल रही हैं। बढ़ी हुई एलपीजी की कीमतों को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार को बार-बार तेल की कीमतें बढ़ाने के बजाय महंगाई को कंट्रोल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि तेल और रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देश को आर्थिक तंगी की ओर धकेल रही है। केंद्र को आम लोगों पर बोझ डालना बंद करना चाहिए और जनता को असली राहत देने पर ध्यान देना चाहिए।  

बीमा फ्रॉड और वाहन घोटालों का जाल, कनाडा में सक्रिय ठगी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश

चंडीगढ़. कनाडा में फर्जी सड़क हादसों, वाहन खरीद घोटालों, बीमा धोखाधड़ी और ज्वेलरी चोरी के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले कथित क्रिमिनल टूरिज्म नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। कनाडाई पुलिस की लंबे समय तक चली जांच में सामने आया है कि संगठित गिरोहों के सदस्य देश में पहुंचकर योजनाबद्ध तरीके से आर्थिक अपराधों को अंजाम दे रहे थे। इस मामले में पंजाब मूल के कई लोगों के नाम भी जांच के दायरे में आए हैं। डरहम रीजनल पुलिस सर्विस (डीआरपीएस) की ओर से चलाए गए प्रोजेक्ट जेटसेटर के तहत हुई जांच में 46 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जबकि 164 संदिग्ध अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार यह कोई सामान्य चोरी या धोखाधड़ी का मामला नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय संगठित नेटवर्क से जुड़ा प्रकरण है। फर्जी दस्तावेजों के सहारे धोखाधड़ी जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य वाहन खरीद और फाइनेंसिंग से जुड़े फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी करते थे। इसके अलावा बीमा कंपनियों से रकम वसूलने के लिए कथित तौर पर फर्जी सड़क दुर्घटनाएं भी करवाई जाती थीं। महंगे वाहनों की चोरी कर उन्हें दूसरे स्थानों पर भेजने और ज्वेलरी दुकानों को निशाना बनाने जैसे मामलों की भी जांच में पुष्टि हुई है। पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क तेजी से मुनाफा कमाने के उद्देश्य से काम कर रहा था। अपराधों को अंजाम देने के लिए सुनियोजित तरीके अपनाए गए, जिससे जांच एजेंसियों के लिए पूरे नेटवर्क तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण रहा। करीब 5,000 घंटे की जांच और नौ से अधिक अलग-अलग मामलों की पड़ताल के बाद अधिकारियों ने 200 से ज्यादा घटनाओं को इस नेटवर्क से जोड़ा है। 1400 से अधिक आरोप दर्ज डीआरपीएस के अनुसार केवल ओंटारियो के डरहम क्षेत्र में ही इन अपराधों से 26.1 लाख कनाडाई डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है। जांच वर्ष 2019 से जारी है और अब तक 1,440 से ज्यादा आरोप दर्ज किए जा चुके हैं। कनाडाई अधिकारियों का कहना है कि ‘क्रिमिनल टूरिज्म’ संगठित अपराध का नया और तेजी से बढ़ता स्वरूप बनकर उभरा है। इसमें अपराधी सीमाओं के पार जाकर आर्थिक अपराधों को अंजाम देते हैं और फिर पहचान छिपाने का प्रयास करते हैं। अधिकारियों के मुताबिक इस तरह के नेटवर्क से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और पुलिस एजेंसियों के बीच मजबूत सहयोग की जरूरत है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और मामलों का खुलासा हो सकता है तथा कई अन्य संदिग्धों तक भी जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है। यह भी पढ़ें- जालंधर में दर्दनाक हादसा, पति के साथ स्कूटर पर जा रही महिला को ट्रक ने कुचला, मौके पर मौत ये हैं गिरफ्तार किए गए आरोपित कनाडाई पुलिस ने ‘प्रोजेक्ट जेटसेटर’ जांच के तहत पंजाब मूल के दो युवकों को गिरफ्तार किया है : अरशजोत सिंह ढिल्लों (23 वर्ष) अरमान शर्मा (23 वर्ष) पुलिस दस्तावेजों के अनुसार दोनों पर कथित तौर पर संगठित आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह नेटवर्क वाहन खरीद घोटालों, वाहन फाइनेंसिंग फ्राड, फर्जी सड़क दुर्घटनाओं के जरिए बीमा दावों में धोखाधड़ी, रिटेल चोरी और अन्य वित्तीय अपराधों में सक्रिय था। हालांकि पुलिस ने सार्वजनिक बयान में प्रत्येक आरोपित की व्यक्तिगत भूमिका का विस्तृत खुलासा नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आरोपितों की नेटवर्क में भूमिका से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। जांच के प्रमुख बिंदु 2019 से चल रही है जांच 46 लोगों पर कार्रवाई 164 संदिग्ध अब भी फरार 1,440 से अधिक आरोप दर्ज 26.1 लाख कनाडाई डालर से ज्यादा का वित्तीय नुकसान वाहन घोटाले, बीमा फ्राड और चोरी के मामलों पर फोकस

सेहत से खिलवाड़! पंजाब में खाद्य पदार्थों की जांच में चौंकाने वाला खुलासा, हर सातवां नमूना असफल

चंडीगढ़  पंजाब में खाद्य पदार्थों में बड़े स्तर पर मिलावट का खेल चल रहा है और हर सात में एक एक सैंपल फेल हो रहा है। मिलावटखोर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। डेयरी उत्पादों में अधिक मिलावट हो रही है और यहां तक कि केमिकल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।  फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) की रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ साल से खाद्य पदार्थों में मिलावट बढ़ती जा रही है। वर्ष 2025-26 के दौरान खाद्य पदार्थों के 6054 सैंपल लिए गए जिसमें से 852 हो गए। सरकार अलग-अलग खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी का पता लगाने के लिए सैंपल ले रही है। साथ ही मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई भी कर रही है बावजूद इसके इस पर रोक नहीं लग पा रही है। वर्ष 2024-2025 के दौरान विभाग की तरफ से 4131 सैंपल लिए गए जिसमें से 748 खाने योग्य नहीं पाए गए। इसी तरह 2023-2024 के दौरान 6041 सैंपल जांच के लिए भेज गए जिसमें से 929 मानकों पर खरे नहीं उतरे। वर्ष 2022-2023 के दौरान 8179 सैंपल लिए गए और इस दौरान 1724 सैंपलों में मिलावट सामने आई जबकि वर्ष 2021-2022 में 6768 सैंपलों की जांच की गई और 1059 में मिलावट सामने आई है। केंद्र सरकार का सभी राज्यों में सैंपलिंग बढ़ाने पर जोर है ताकि मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। दूध, पनीर, घी, मिठाई, मसाले, तेल, बिस्कुट, नमकीन समेत अन्य खाद्य पदार्थों में अधिक मिलावट हो रही है। पंजाब में दूसरे राज्यों से तैयार घटिया पनीर व अन्य पदार्थों की आपूर्ति हो रही है जिन्हें बनाने में केमिकल तक का इस्तेमाल होता जो सेहत के लिए खतरनाक है। यह कैंसर को न्योता दे रहा है। हरियाणा में भी चल रहा मिलावट का खेल हरियाणा में भी बड़े स्तर पर मिलावट का खेल चल रहा है और राज्य में वर्ष 2025-26 के दौरान खाद्य पदार्थों के 900 सैंपल लिए गए जिनमें से 34% यानी 309 फेल हो गए। इसी तरह वर्ष 2024-2025 में 2233 सैंपल लिए गए जिनमें से सैंपल फेल पाए गए। वहीं वर्ष 2023-2024 के दौरान 3485 में से 856 और 2022-2023 में 4445 में से 1425 और वर्ष 2021-2022 के दौरान 4235 में से 1182 सैंपल फेल पाए गए हैं। नियमित से की जा रही जांच एफएसएसएआई के क्षेत्रीय कार्यालय और राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की टीमें मिलावट का पता लगाने के लिए भी नियमित रूप से निगरानी, निरीक्षण और खाद्य पदार्थों के नमूने लेती हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत अथॉरिटी की तरफ से कार्रवाई की जाती है जिसमें जुर्माना लगाना और लाइसेंस रद्द करना भी शामिल है। विभाग की तरफ से फूड सेफ्टी ऑन व्हील पर नियमित रूप से जांच की जा रही है। इन टेस्टिंग वैन में दूध, पनीर, पानी और अन्य रोजाना के प्रयोग वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच करने की सुविधा है। विशेष अभियान चला रही सरकार स्वास्थ्य डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि खाद्य पदार्थों की जांच के लिए सरकार विशेष अभियान चला रही है। पिछले महीने दो दिन विशेष अभियान चलाकर पूरे राज्य की स्थानीय डेयरियों की जांच की गई, जिसके दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरियों, प्रोसेसिंग यूनिटों और खुदरा दुकानों से पनीर के 211 सैंपल लिए गए हैं। इसके अलावा दूध के भी कुल 204 सैंपल एकत्र किए गए थे, जिनमें से 68 सैंपल गुणवत्ता मानकों पर फेल पाए गए।  

चंडीगढ़ को दहलाने की साजिश नाकाम, बम धमकी मामले में पुलिस का बड़ा खुलासा

चंडीगढ़. देशभर में विभिन्न संस्थानों को भेजी जा रही बम धमकियों की जांच में गिरफ्तार बांग्लादेश मूल के आरोपित सौरव विश्वास से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। चंडीगढ़ पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपित ने अपने यूट्यूब चैनल पर लाइक, कमेंट, फॉलो, शेयर और सब्सक्राइबर बढ़ाने के लिए टेलीग्राम के जरिये किसी अज्ञात व्यक्ति से करीब 300 पुरानी और डीएक्टिवेट ई-मेल आईडी खरीदी थीं। इन आईडी का इस्तेमाल कर बाद में आरोपित ने 219 ई-मेल आईडी बांग्लादेश में एक व्यक्ति को बेच दीं। सूत्रों के अनुसार अब इन्हीं ई-मेल आईडी से देशभर में बम से उड़ाने की धमकियां भेजी जा रही है। सौरव विश्वास वर्ष 2017 में एक ब्रोकर की मदद से अवैध तरीके से जंगल के रास्ते से भारत में दाखिल हुआ था। भारत आने के बाद वह पश्चिम बंगाल में रहने लगा भारत आने के बाद वह पश्चिम बंगाल में रहने लगा। शुरुआती दिनों में उसने करीब दो महीने तक मजदूरी की। इसके बाद वह एक साइबर कैफे में काम करने लगा, जहां से उसे इंटरनेट और तकनीकी गतिविधियों की जानकारी मिली। साइबर कैफे की नौकरी छोड़ने के बाद आरोपित ने अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया और उस पर थ्री-डी एनिमेशन वीडियो अपलोड करने लगा। चैनल को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए उसने टेलीग्राम के माध्यम से पुरानी और डीएक्टिवेट ई-मेल आईडी खरीदी । जांच में सामने आया है कि वह एक-एक ई-मेल आईडी का पासवर्ड जनरेट कर उसे सक्रिय करता था और फिर उन्हीं आईडी के माध्यम से अपने यूट्यूब और फेसबुक चैनल पर लाइक, कमेंट और सब्सक्रिप्शन बढ़ाता था। इस तरीके से आरोपित का यूट्यूब चैनल तेजी से बढ़ा और उसके करीब पांच लाख सब्सक्राइबर हो गए। इसके बाद उसने डिजिटल मार्केटिंग का काम भी शुरू कर दिया और फेसबुक विज्ञापन तैयार करने सहित अन्य ऑनलाइन प्रचार गतिविधियों से जुड़ गया। इससे उसकी आय भी बढ़ने लगी थी। हालांकि बाद में कॉपीराइट के कारण उसका यूट्यूब चेनल बंद हो गया। ई-मेल आईडी का पूरा रिकॉर्ड एक्सेल शीट में रखा था जांच में सामने आया है कि आरोपित ने खरीदी और बेची गई ई-मेल आईडी का पूरा रिकॉर्ड एक्सेल शीट में तैयार कर रखा था। सूत्रों के अनुसार गुजरात पुलिस को सबसे पहले आरोपित से जुड़ा महत्वपूर्ण सुराग मिला था। इसके बाद पुलिस ने टेलीग्राम पर उससे संपर्क किया और ई-मेल आईडी खरीदने के लिए बात की। आरोपी ने गुजरात पुलिस को आम व्यक्ति समझकर एक्सेल शीट भेज दी। एक्सेल शीट देखते ही पुलिस को पता चला कि जिन ईमेल से बम धमकियां दी जा रही हैं, वह सौरव ने ही बेची हैं। जिसके बाद तकनीकी जांच, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पुलिस आरोपित तक पहुंच गई। 145 यूएसडीटी में बेचीं 219 ई-मेल आईडी पूछताछ में सामने आया है कि आरोपित ने अपने पास मौजूद 219 ई-मेल आईडी टेलीग्राम के माध्यम से बांग्लादेश में रहने वाले मामुनुर राशिद नामक व्यक्ति को बेच दी थीं। सूत्रों के अनुसार यह सौदा 145 यूएसडीटी में हुआ था। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत करीब 13 हजार रुपये बैठती है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इन्हीं ई-मेल आईडी का इस्तेमाल बाद में बम धमकी वाले ई-मेल भेजने में किया गया। सूत्रों के अनुसार जिन ई-मेल आईडी को आरोपित ने बेचा था, उनका इस्तेमाल विभिन्न संस्थानों को धमकी भरे संदेश भेजने में किया गया। चंडीगढ़ और मोहाली में भी स्कूलों और अदालतों, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, मेयर कार्यालय, पासपोर्ट कार्यालय, डाकघर, सचिवालय और अन्य संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। तीन लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन हुए बरामद गुजरात पुलिस ने आरोपित के कब्जे से तीन लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन बरामद किए थे। इन उपकरणों की जांच के दौरान ई-मेल आईडी से संबंधित डेटा भी मिला। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि जिन ई-मेल आईडी से धमकी भरे संदेश भेजे गए, वह आरोपित सौरव विश्वास ने ही बेची हुई है। दिल्ली और अमृतसर पुलिस भी कर चुकी पूछताछ गिरफ्तारी के बाद आरोपित गुजरात पुलिस की हिरासत में था। इसी दौरान चंडीगढ़ पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेने पहुंची, लेकिन उससे पहले दिल्ली पुलिस उसे अपने साथ ले गई। दिल्ली पुलिस की पूछताछ के बाद आरोपित को अमृतसर पुलिस ने भी पूछताछ के लिए लिया। बाद में उसे तिहाड़ जेल भेज दिया गया। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर आरोपित को चंडीगढ़ लाकर पूछताछ की। शहर में सेक्टर-17 और सेक्टर-3 थाना क्षेत्र में दर्ज दो अलग-अलग एफआईआर में उससे पूछताछ हुई। पहले सेक्टर-17 थाना पुलिस ने पूछताछ की और बाद में सेक्टर-3 थाना पुलिस ने पूछताछ की। पूछताछ पूरी होने के बाद शुक्रवार को आरोपित को दोबारा तिहाड़ जेल भेज दिया गया। बिस्वास को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 1 मार्च को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से गिरफ्तार किया था। चंडीगढ़, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश , गुजरात और महाराष्ट्र में ईमेल से बम धमकियां आ चुकी हैं।

यात्रीगण कृपया ध्यान दें: अमृतसर से मुंबई तक नई स्पेशल ट्रेन, रेलवे ने बढ़ाई अतिरिक्त सुविधाएं

अमृतसर गर्मी के मौसम में बढ़ती यात्रियों की संख्या और लंबी वेटिंग सूची को देखते हुए रेलवे ने अमृतसर से मुंबई के बीच नई समर स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही पंजाब में रह रहे बिहार के यात्रियों की सुविधा के लिए अमृतसर-कटिहार स्पेशल ट्रेन के संचालन की अवधि बढ़ाने के साथ अतिरिक्त फेरे भी जोड़े गए हैं।  रेलवे अधिकारियों के अनुसार अमृतसर और मुंबई (बांद्रा टर्मिनस) के बीच विशेष ट्रेन चलाए जाने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह ट्रेन जालंधर सिटी, फगवाड़ा, धंडारी कलां (लुधियाना), अंबाला कैंट, पानीपत, नई दिल्ली (सफदरजंग), मथुरा, कोटा, रतलाम, वडोदरा, सूरत और बोरीवली होते हुए बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। अमृतसर-बांद्रा टर्मिनस समर स्पेशल का शेड्यूल ट्रेन संख्या 04694/04693 अमृतसर-बांद्रा :  टर्मिनस-अमृतसर स्पेशल अमृतसर से 12, 19 और 26 जून तथा 3 और 10 जुलाई को प्रत्येक शुक्रवार रात 8:10 बजे रवाना होगी। वापसी में यह ट्रेन बांद्रा टर्मिनस से 14, 21 और 28 जून तथा 5 और 12 जुलाई को प्रत्येक रविवार सुबह 8 बजे चलेगी। इसी तरह कटिहार स्पेशल ट्रेन के भी फेरे बढ़ा दिये गए है। रेलवे ने अमृतसर और कटिहार के बीच चल रही विशेष ट्रेन के संचालन को जुलाई के अंत तक बढ़ा दिया है। ट्रेन संख्या 05736/05735 कटिहार-अमृतसर-कटिहार स्पेशल अब विस्तारित अवधि के तहत अतिरिक्त फेरों के साथ संचालित होगी। कटिहार से अमृतसर के लिए यह ट्रेन 22 जुलाई से 29 जुलाई तक प्रत्येक बुधवार को तीन अतिरिक्त फेरे लगाएगी। वहीं अमृतसर से कटिहार के लिए 17 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रत्येक शुक्रवार को तीन अतिरिक्त फेरे संचालित किए जाएंगे। रेलवे अधिकारियोंका कहना है कि इन विशेष ट्रेनों के संचालन से पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और बिहार जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी तथा गर्मी के मौसम में बढ़ी हुई यात्रा मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

13 जून तक का समय, फिर आर-पार की लड़ाई! पंजाब कर्मचारियों के ऐलान से बढ़ी सरकार की चिंता

लुधियाना   पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विस यूनियन की प्रदेश स्तरीय ऑनलाइन वर्चुअल मीटिंग प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह विर्क और प्रदेश महासचिव तरसेम भट्ठल की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग में 3 जून को वित्त मंत्री की अध्यक्षता में यूनियन की मांगों को लेकर हुई मीटिंग पर विस्तार से चर्चा की गई। नेताओं ने बताया कि सरकार की तरफ से मीटिंग की कार्रवाई रिपोर्ट 48 घंटे में जारी करने का भरोसा दिया गया था परंतु निर्धारित समय में रिपोर्ट जारी न होने के बाद मीटिंग में शामिल नेताओं ने संदेह जताया कि सरकार कहीं समय बिताने की नीति तो नहीं अपना रही? लीडरशिप ने कहा कि मौजूदा भगवंत मान सरकार के पिछले साढ़े 4 साल के कार्यकाल के दौरान कर्मचारियों की मांगों पर कोई प्रगति नहीं हुई है, जिसके कारण कर्मचारी वर्ग का सरकार से विश्वास उठ चुका है। इसलिए फैसला किया गया कि पंजाब सरकार को तुरंत एक नोटिस जारी किया जाए और वित्त मंत्री के साथ हुई मीटिंग में विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में मांगों पर लिए गए फैसलों संबंधी संगठन की तरफ से खुद एक कार्रवाई रिपोर्ट तैयार करके जारी की जाए। नोटिस के जरिए सरकार को लिखा जाए कि वह मीटिंग में हुए फैसलों के मुताबिक 12 जून तक कर्मचारियों की मांगों को लागू करे, नहीं तो 13 जून को अगले बड़े संघर्ष का ऐलान किया जाएगा। प्रदेश प्रैस सचिव गुरप्रीत सिंह खटड़ा ने बताया कि इस ऑनलाइन मीटिंग में संगठन की प्रदेश लीडरशिप, विभागीय संगठनों की लीडरशिप और जिलों के अध्यक्ष व महासचिव शामिल हुए। इनमें रघबीर सिंह बडवाल, अनिरुद्ध मोदगिल, पिप्पल सिंह, जगदीश ठाकुर, खुशकरनजीत सिंह, तेजिंदर सिंह नंगल, विनोद सागर, गुरसेवक सिंह, हितेश शर्मा, विशालवीर, अमित कटोच, गुरप्रीत सिंह पनेसर, जैमल सिंह, मैनुअल नाहर, संगत राम बागी, अमरप्रीत सिंह, प्रताप सिंह और जसवंत सिंह मौजो शामिल थे।  पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विस यूनियन की प्रदेश स्तरीय ऑनलाइन वर्चुअल मीटिंग प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह विर्क और प्रदेश महासचिव तरसेम भट्ठल की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग में 3 जून को वित्त मंत्री की अध्यक्षता में यूनियन की मांगों को लेकर हुई मीटिंग पर विस्तार से चर्चा की गई। नेताओं ने बताया कि सरकार की तरफ से मीटिंग की कार्रवाई रिपोर्ट 48 घंटे में जारी करने का भरोसा दिया गया था परंतु निर्धारित समय में रिपोर्ट जारी न होने के बाद मीटिंग में शामिल नेताओं ने संदेह जताया कि सरकार कहीं समय बिताने की नीति तो नहीं अपना रही? लीडरशिप ने कहा कि मौजूदा भगवंत मान सरकार के पिछले साढ़े 4 साल के कार्यकाल के दौरान कर्मचारियों की मांगों पर कोई प्रगति नहीं हुई है, जिसके कारण कर्मचारी वर्ग का सरकार से विश्वास उठ चुका है। इसलिए फैसला किया गया कि पंजाब सरकार को तुरंत एक नोटिस जारी किया जाए और वित्त मंत्री के साथ हुई मीटिंग में विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में मांगों पर लिए गए फैसलों संबंधी संगठन की तरफ से खुद एक कार्रवाई रिपोर्ट तैयार करके जारी की जाए। नोटिस के जरिए सरकार को लिखा जाए कि वह मीटिंग में हुए फैसलों के मुताबिक 12 जून तक कर्मचारियों की मांगों को लागू करे, नहीं तो 13 जून को अगले बड़े संघर्ष का ऐलान किया जाएगा। प्रदेश प्रैस सचिव गुरप्रीत सिंह खटड़ा ने बताया कि इस ऑनलाइन मीटिंग में संगठन की प्रदेश लीडरशिप, विभागीय संगठनों की लीडरशिप और जिलों के अध्यक्ष व महासचिव शामिल हुए। इनमें रघबीर सिंह बडवाल, अनिरुद्ध मोदगिल, पिप्पल सिंह, जगदीश ठाकुर, खुशकरनजीत सिंह, तेजिंदर सिंह नंगल, विनोद सागर, गुरसेवक सिंह, हितेश शर्मा, विशालवीर, अमित कटोच, गुरप्रीत सिंह पनेसर, जैमल सिंह, मैनुअल नाहर, संगत राम बागी, अमरप्रीत सिंह, प्रताप सिंह और जसवंत सिंह मौजो शामिल थे।

गोकशी पर सख्त कानून की मांग, शंकराचार्य निश्चलानंद ने कहा- गाय के वध पर पूरी तरह लगे रोक

होशियारपुर. गाय को काटने की आयु सीमा नहीं तय होनी चाहिए। न ही उसके फिटनेस का मानक हो। गाय काटने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगना चाहिए। यह बात होशियारपुर में गोवर्धन मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज ने कही। शंकराचार्य जी पश्चिम बंगाल सरकार के उस फैसले को आड़े हाथ लिया, जिसमें गाय काटने की आयु चौदह वर्ष हो और उसकी फिटनेस भी हो। उन्होंने भाजपा को रडार पर लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह थे और उस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। तब मोदी गाय काटने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की वकालत करते थे और मोदी पिछले ग्यारह साल से देश के प्रधानमंत्री हैं तो गाय काटने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने पर फैसला नहीं ले पा रहे हैं। ऐसा इसलिए कि सरकार में इच्छा शक्ति की कमी है। एक सवाल के जवाब में शंकराचार्य जी ने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गौ माता का दर्जा देना चाहिए ताकि ऐसे फिजूल बातें करने वालों के मुंह बंद हो जाए। शंकराचार्य जी ने कहा कि गाय माता में देवी देवता का वास होता है। जब कोई मुसीबत पड़ती है तो देवी देवता गाय के रूप में अवतरित होते हैं। एक सवाल के जवाब में शंकराचार्य जी ने कहा हिन्दू को ऐसे कदम उठाने की जरूरत है कि कोई भी गरीबी से धर्म परिवर्तन न करे।