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Moga: गणेश चतुर्थी के मद्देनजर पनीर-खोया की जांच, 10 नमूने लिए गए

मोगा. गणेश चतुर्थी और आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। मोगा में खाद्य सुरक्षा टीम ने हलवाइयों और डेयरी दुकानों पर विशेष जांच करते हुए पनीर और खोया के कुल 10 नमूने लिए। सभी नमूनों को जांच के लिए सरकारी खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद गुणवत्ता में कमी या मिलावट पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी कमिश्नर मोगा सागर सेतिया के दिशा-निर्देशों और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. संदीप सिंह की अगुवाई में खाद्य सुरक्षा टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जांच अभियान चलाया। टीम ने टुडीके, चूड़चक्क, मुख्य बाजार मोगा, कोटकपूरा मार्ग, गांधी मार्ग और फिरोजपुर मार्ग सहित कई क्षेत्रों में स्थित हलवाइयों और डेयरी दुकानों की जांच की। दुकानों पर साफ सफाई की भी हुई बात जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ दुकानों में साफ-सफाई, खाद्य सामग्री तैयार करने और उसके भंडारण की व्यवस्था भी देखी गई। अधिकारियों ने कारोबारियों को खाद्य पदार्थ तैयार करने में अच्छी गुणवत्ता वाले कच्चे माल का इस्तेमाल करने और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. संदीप सिंह ने बताया कि त्योहारों के दौरान दूध, पनीर, खोया और मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग की ओर से लगातार निगरानी और नमूने लिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी नमूने सरकारी प्रयोगशाला भेजे गए हैं और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। मिलावट मिली तो होगी कानूनी कार्रवाई – यदि किसी नमूने में मिलावट, घटिया गुणवत्ता या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित खाद्य कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। कारोबारियों को स्वच्छता रखने की हिदायत खाद्य सुरक्षा टीम ने हलवाइयों और डेयरी संचालकों को दूध व दुग्ध उत्पाद तैयार करते समय साफ-सफाई रखने, स्वीकृत खाद्य रंग का ही निर्धारित मात्रा में इस्तेमाल करने और गैर-स्वीकृत रंग या रसायन का प्रयोग नहीं करने की हिदायत दी। कच्चे और तैयार खाद्य पदार्थ अलग रखने तथा उचित तापमान पर सामग्री का भंडारण करने को कहा गया। विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को अपना लाइसेंस या पंजीकरण वैध रखने और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश भी दिए। डा. संदीप सिंह ने कहा कि त्योहारी सीजन में जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाना है। खाने से पहले देख लें ये पॉइंट्स – पनीर में साबुन या रसायन जैसी गंध असामान्य स्वाद या बहुत ज्यादा चिकनापन बहुत ज्यादा सफेद, असामान्य रूप से मुलायम या रबर जैसा पैकेट वाला पनीर खरीदते समय लेबल, सामग्री और निर्माता की जानकारी जरूर देखें आयोडीन से खुद पनीर की करें जांच – आयोडीन से घर पर पनीर में स्टार्च की मिलावट की जांच की जा सकती है। पनीर को पानी में उबालकर ठंडा करने के बाद आयोडीन डालने पर नीला रंग आने पर स्टार्च होने की आशंका होती है। हालांकि यह जांच डिटर्जेंट की नहीं है। पर, इससे डिटर्जेंट की भी शंका का समाधान किया जा सकता है। डिटर्जेंट की पक्की पुष्टि प्रयोगशाला जांच से ही हो सकती है।

लुधियाना में बम धमकी से हड़कंप, कोर्ट के साथ एयरपोर्ट और नेताओं को निशाना बनाने की चेतावनी

लुधियाना. लुधियाना में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की आधिकारिक ईमेल पर शनिवार को कोर्ट परिसर में बम धमाके की धमकी मिलने से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। धमकी उस समय मिली, जब कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत चल रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाकर पूरे परिसर की गहन तलाशी शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश की आधिकारिक ईमेल पर 12 सितंबर को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। ईमेल भेजने वाले ने खुद को खालिस्तान नेशनल आर्मी और बब्बर खालसा से जुड़ा हुआ बताया। ईमेल में दोपहर एक बजकर 11 मिनट पर धमाका करने की धमकी दी गई थी। धमकी मिलने के बाद न्यायिक परिसर में मौजूद लोगों की सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई। राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे। पुलिस टीमों ने कोर्ट परिसर के अलग-अलग हिस्सों, प्रवेश और निकास द्वारों तथा आसपास के क्षेत्र की जांच शुरू कर दी।   एयरपोर्ट और नेताओं को भी धमकी धमकी भरे ईमेल में केवल लुधियाना जिला अदालत और राष्ट्रीय लोक अदालत को निशाना बनाने की बात नहीं कही गई, बल्कि मोहाली और हलवारा एयरपोर्ट पर भी हमले की चेतावनी दी गई। इसके अलावा कुछ राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाने की धमकी का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस अब ईमेल के स्रोत और इसे भेजने वाले व्यक्ति की पहचान का पता लगाने में जुटी है।   जिला जज ने पुलिस कमिश्नर को भेजा पत्र धमकी की जानकारी मिलने के तुरंत बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया। पत्र में न्यायाधीशों, कोर्ट स्टाफ, वकीलों और परिसर में मौजूद आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा गया। साथ ही न्यायालय भवन की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ईमेल की जांच कर रही हैं। फिलहाल परिसर में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और धमकी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस की ओर से मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

तरनतारन में एनकाउंटर के बाद वांटेड बदमाश गिरफ्तार, पैर में लगीं दो गोलियां

तरनतारन. तरनतारन जिले के मुरादपुर इलाके में शनिवार को पुलिस और एक वांछित आरोपित के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान आरोपित की टांग में दो गोलियां लगीं। पुलिस ने उसे घायल हालत में गिरफ्तार कर इलाज के लिए सिविल अस्पताल तरनतारन में भर्ती करवाया है। पुलिस ने घटनास्थल से एक पिस्तौल और मोटरसाइकिल भी बरामद की है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक रिपूतपन सिंह ने बताया कि थाना सिटी तरनतारन की पुलिस को सूचना मिली थी कि मामले में वांछित आरोपित मुरादपुर इलाके में मौजूद है। सूचना के आधार पर थाना सिटी तरनतारन के प्रभारी निरीक्षक परमजीत सिंह विरदी ने पुलिस टीम गठित कर आरोपित की तलाश शुरू की। जवाबी कार्रवाई में लगी दो गोलियां पुलिस के मुताबिक, पीछा किए जाने पर आरोपित मुरादपुर स्थित एक बंद पड़े पेट्रोल पंप में जाकर छिप गया। पुलिस टीम ने जब इलाके की घेराबंदी कर उसे पकड़ने का प्रयास किया और उसके करीब पहुंची तो आरोपित ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी गोलीबारी की। इसी दौरान आरोपित की टांग में दो गोलियां लगीं। इसके बाद पुलिस ने उसे काबू कर लिया और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पहले भी पुलिस पर कर चुका फायरिंग पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायल आरोपित पहले भी अपने भाई के साथ मिलकर पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर चुका है। इस संबंध में दर्ज मामले में दोनों पुलिस को वांछित थे। शनिवार की मुठभेड़ के बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके भाई की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है। मुठभेड़ की सूचना मिलने पर नगर उपाधीक्षक सुखबीर सिंह और उपाधीक्षक डी शिवदर्शन सिंह भी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने मौके से एक मोटरसाइकिल और पिस्तौल बरामद की है। पुलिस की ओर से पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

नशा तस्करी के खिलाफ चंडीगढ़ में बड़ा एक्शन, 58 हॉटस्पॉट पर होगी सख्त कार्रवाई

चंडीगढ़. चंडीगढ़ में अब ड्रग तस्करों की खैर नहीं। नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस की निगरानी और कार्रवाई दोनों को और सख्त किया जाएगा। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने नशा तस्करों पर सख्ती बरतने के आदेश दिए हैं। चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय में नशे की रोकथाम को लेकर हुई बैठक में प्रशासक ने शहर में नशे की सप्लाई और बिक्री रोकने को पहली प्राथमिकता बनाने के आदेश दिए। बैठक में पुलिस अफसरों की ओर से बताया गया कि शहर में नशे की बिक्री या इस्तेमाल की शिकायत वाले 58 हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इन स्थानों पर पुलिस की नजर है। इसके अलावा पहले नशे से जुड़े मामलों में शामिल रहे आरोपितों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है। कई चिह्नित नशा तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई चल रही है और कई न्यायिक हिरासत में हैं। सप्लाई चेन तोड़ने पर फोकस प्रशासक ने पुलिस को नशे की सप्लाई करने वालों, पेडलरों और नशा बेचने या इस्तेमाल होने वाले स्थानों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने को कहा। बैठक में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसमें अतिरिक्त पुलिसकर्मियों के साथ साइबर विशेषज्ञ, कानूनी विशेषज्ञ और अनुभवी अधिकारियों को शामिल करने की बात कही गई। बीट सिस्टम मजबूत होगा, लापरवाही पर कार्रवाई कटारिया ने थानों के बीट सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिए। संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त और अचानक निरीक्षण बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों पर कार्रवाई में किसी तरह की लापरवाही मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल स्टोरों की भी होगी निगरानी नशे की रोकथाम के लिए मेडिकल स्टोरों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। ऐसी दवाओं की बिक्री पर विशेष नजर रखने को कहा गया है, जिनमें नशे की लत लगाने वाले या नियंत्रित पदार्थ होते हैं और जो बिना उचित प्रिस्क्रिप्शन के बेची जा सकती हैं। जनता बनेगी पुलिस की ‘आंख और कान’ बैठक में नशे से जुड़ी सूचनाएं पुलिस तक पहुंचाने के लिए गोपनीय और प्रभावी व्यवस्था तैयार करने पर भी चर्चा हुई। डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि एनडीपीएस कानून के तहत ऐसा सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जिससे लोग नशे की बिक्री या संदिग्ध नशा तस्करों की सूचना पुलिस को दे सकें। इसका उद्देश्य जनता को पुलिस की ‘आंख और कान’ के रूप में जोड़ना है। नशामुक्ति के लिए परिवार और समाज की भागीदारी जरूरी प्रशासक ने कहा कि चंडीगढ़ को नशामुक्त बनाने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई के साथ नशे की लत से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास तथा परिवार और समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने सभी विभागों और एजेंसियों को समन्वय के साथ लगातार प्रयास करने के निर्देश दिए।

चंडीगढ़ के खिलाड़ियों का जलवा, 29 स्केटर्स भारतीय टीम में शामिल; 2 अक्टूबर से विश्व मुकाबले

चंडीगढ़. पराग्वे की राजधानी असुनसियोन में दो से 18 अक्टूबर तक होने वाले पांचवें विश्व स्केट खेलों में चंडीगढ़ के 29 स्केटर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे। चयनित खिलाड़ियों में 15 बेटियां हैं। ये खिलाड़ी अलग-अलग आयु वर्गों में रोलर हाॅकी और इनलाइन हाॅकी स्पर्धाओं में देश के लिए पदक की दावेदारी पेश करेंगे। रोलर स्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से चंडीगढ़ में 30 और 31 अगस्त को चयन ट्रायल कराए गए थे। ट्रायल के लिए देशभर से 250 से अधिक स्केटर्स ने पंजीकरण कराया था। रोलर और इनलाइन हॉकी के ट्रायल सेक्टर-10 स्थित स्केटिंग रिंक में हुए। वहीं, स्केटबोर्डिंग और फ्रीस्टाइल के ट्रायल सेक्टर-17 स्केट पार्क में आयोजित किए गए। खेल मंत्रालय की ओर से भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की अधिकारी खुशबू सोनी को ट्रायल का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन ने ट्रायल के आयोजन और समन्वय में अहम भूमिका निभाई। एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण वालिया ने चयनित खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि चंडीगढ़ ने एक बार फिर रोलर और इनलाइन हाकी में अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। महासचिव एवं पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हरप्रीत सिंह ने बताया कि खिलाड़ियों की तैयारियां जारी हैं और जल्द प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा। संयुक्त सचिव सनन महाजन ने कहा कि 15 बेटियों का चयन महिला स्केटिंग की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। ये खिलाड़ी हुए चयनित रोलर हॉकी जूनियर लड़के: नितिन, ध्रुव, इकजोत, सार्थक, अखिलेश। रोलर हॉकी सीनियर महिलाएं: अन्वी, अनूप, पंकिता, दिवलीन, प्रांजल, सांची, पुन्नया, दिवनूर। इनलाइन हॉकी जूनियर लड़के: पारसप्रीत, आयु, मौर्या, जसराज, पार्थ, स्तव्य, आरव, स्वस्तिक, नियाम। इनलाइन हॉकी जूनियर लड़कियां: दिशा, एंजल, स्मायरा, तन्वी, अवंतिका, दिया, जैस्मिन।

कैप्टन अमरिंदर की कांग्रेस में वापसी की अटकलों पर सचिन पायलट ने लगाया विराम

चंडीगढ़. पंजाब पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा भाजपा नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह के पिछले कुछ समय से कांग्रेस में वापसी की चर्चा है। लेकिन फिलहाल इस पर संस्पेंस भी बरकरार है। पंजाब कांग्रेस के नए प्रधान सचिन पायलट ने कैप्टन को लेकर बड़ी बात कही है। पायलट ने कहा कैप्टन को लेकर उनकी हाईकमान से कोई बातचीत नहीं हुई है। ऐसे में इस बारे में वह कुछ नहीं कह सकते। पंजाब दौरे से पहले सचिन पायलट अपनी तैयारी में जुटे हैं। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट ने कहा है कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव पूरी ताकत और मजबूती के साथ लड़ेगी। पार्टी का मुख्य मुद्दा पंजाब में नशे को खत्म करना, विकास और युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए योजनाएं तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य पंजाब को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। बातचीत में पायलट ने नशे की समस्या को पंजाब के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की आम आदमी पार्टी सरकार नशे के खिलाफ कार्रवाई करने में पूरी तरह विफल रही है। केंद्र नशे की आपूर्ती रोकने में विफल वहीं, केंद्र की भाजपा सरकार भी पंजाब में बाहर से आने वाले नशे की आपूर्ति को रोकने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पंजाब के विकास के अपने पुराने रिकार्ड और युवाओं के बेहतर भविष्य के संकल्प के साथ जनता के बीच जाएगी। भाजपा के पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया की ओर से अकाली दल के साथ संभावित गठबंधन को लेकर कांग्रेस पर की गई टिप्पणी पर पायलट ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को यह बताना चाहिए कि जिन लोगों को वह पहले गालियां देती थी और जिन्हें उसने किनारे कर दिया था, आज उसी शरण में वापस क्यों जाना पड़ रहा है। प्रकाश सिंह बादल के बाद अकाली दल टूटा अकाली दल को लेकर पायलट ने कहा कि यह पार्टी अब वह नहीं रही जो प्रकाश सिंह बादल के समय हुआ करती थी। पार्टी में कई टूट हुई हैं और अलग-अलग दल बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल और भाजपा जमीन तलाशने के लिए एक-दूसरे का साथ लेने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, जब दोनों दलों का गठबंधन था, तब भी उन्हें पंजाब में बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था। पायलट ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच होगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के परिणाम इसका संकेत दे चुके हैं। बिखर रही आप आप पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी बिखर गई है और उसके राज्यसभा के अधिकतर सांसद भाजपा के साथ चले गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास विपक्षी दलों को तोड़ने के अलावा कोई मुद्दा नहीं है और सांसदों को तोड़कर किसी तरह परिसीमन से जुड़े कानून को आगे बढ़ाना उसका प्रयास है। पायलट ने कहा कि पंजाब के लोग राजनीतिक रूप से जागरूक हैं और कांग्रेस का संगठन पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़कर जीत हासिल करेगा।

पंजाब सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 3 IAS अफसरों के ट्रांसफर; ऋषि पाल को नई जिम्मेदारी

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर तीन IAS अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार 2014 बैच के IAS अधिकारी ऋषि पाल सिंह को पंजाब राज्य महिला आयोग का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही दो अन्य आइएएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। 2014 बैच के अधिकारी ऋषि पाल सिंह अब पंजाब राज्य महिला आयोग में सदस्य सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे। आयोग से जुड़े प्रशासनिक कार्यों और विभागीय स्तर पर समन्वय की जिम्मेदारी उनके पास रहेगी। IAS सुखपाल रजिस्ट्रार नियुक्त इसी तरह 2018 बैच के आइएएस अधिकारी सुखजीत पाल सिंह का तबादला करते हुए उन्हें पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना का रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। वह विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगे। IAS अभिजीत संभालेंगे ऊर्जा विकास वहीं, 2015 बैच के आइएएस अधिकारी अभिजीत कपलिश को पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें खेल एवं युवा सेवाएं विभाग के निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है। सरकार के इन प्रशासनिक आदेशों के बाद तीनों अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ है। अभिजीत कपलिश के पास ऊर्जा विकास एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद के साथ खेल एवं युवा सेवाएं विभाग के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।

प्रकाश पर्व पर रोशनी से जगमगाया गोल्डन टेंपल, हरिमंदिर साहिब में उमड़ी भारी भीड़

अमृतसर. पंजाब के अमृतसर में मौजूद गोल्डन टेंपल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पहले प्रकाश पर्व को लेकर आज धार्मिक समागम करवाए जा रहे हैं। गोल्डन टेंपल को फूलों से सजाया गया है। यहां बड़ी संख्या में लग नतमस्तक होने के लिए पहुंच रहे हैं। गोल्डन टेंपल और श्री अकाल तख्त साहिब व गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब में जलौ सजाएं जाएंगे। हरमंदिर साहिब में तैयारियां किस तरह चल रही हैं। उसे इन तस्वीरों में देखा जा सकता है। अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पहले प्रकाश पर्व को लेकर आज (12 सितंबर) विशेष धार्मिक समागम करवाए जा रहे हैं। गोल्डन टेंपल परिसर को फूलों से खूबसूरती से सजाया गया है। बड़ी संख्या में संगत नतमस्तक होने के लिए पहुंच रही है। पहले प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब से गोल्डन टेंपल तक पुरातन परंपरा के अनुसार नगर कीर्तन सजाया। इसमें शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी, सिंह साहिबान और प्रमुख शख्सियतें शामिल होंगी। वहीं, गोल्डन टेंपल, श्री अकाल तख्त साहिब और गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब में जलौ सजाए जाएंगे। रात को गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हॉल में शब्द विचार और कीर्तन समागम होगा। इसके साथ ही गोल्डन टेंपल परिसर में दीपमाला और आतिशबाजी भी की जाएगी। गुरु ग्रंथ साहिब से जुड़े ये तथ्य- बाबा बुड्ढा जी ने बाणी पढ़ने की शुरुआत की थी: सिखों के पांचवें गुरु अर्जन देव जी ने 1604 में दरबार साहिब में पहली बार गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश किया था। 1430 अंग (पन्ने) वाले इस ग्रंथ के पहले प्रकाश पर संगत ने कीर्तन दीवान सजाए और बाबा बुड्ढा जी ने बाणी पढ़ने की शुरुआत की। बाबा बुड्ढा जी इस ग्रंथ के पहले ग्रंथी बने: पहली पातशाही से छठी पातशाही तक अपना जीवन सिख धर्म की सेवा को समर्पित करने वाले बाबा बुड्ढा जी इस ग्रंथ के पहले ग्रंथी बने। आगे चलकर इसी के संबंध में दशम गुरु गोबिंद सिंह ने हुक्म जारी किया, "सब सिखन को हुकम है गुरु मान्यो ग्रंथ।" गुरु अर्जन देव बोलते गए, भाई गुरदास लिखते गए: 1603 में 5वें गुरु अर्जन देव ने भाई गुरदास से गुरु ग्रंथ साहिब को लिखवाना शुरू करवाया, जो 1604 में संपन्न हुआ। नाम दिया ‘आदि ग्रंथ’। 1705 में गुरु गोबिंद सिंह ने दमदमा साहिब में गुरु तेग बहादुर के 116 शबद जोड़कर पूर्ण किया। 1708 में दशम गुरु गोबिंद सिंह ने हजूर साहिब में फरमान जारी किया था, “सब सिखन को हुकम है गुरु मान्यो ग्रंथ।” समूची मानवता को एक लड़ी में पिरोने का संदेश है गुरु ग्रंथ साहिब: सिखों में जीवंत गुरु के रूप में मान्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब केवल सिख कौम ही नहीं, बल्कि समूची मानवता के लिए आदर्श व पथ प्रदर्शक हैं। दुनिया में यह इकलौते ऐसे पावन ग्रंथ हैं, जो तमाम तरह के भेदभाव से ऊपर उठकर आपसी सद्भाव, भाईचारे, मानवता व समरसता का संदेश देते हैं।

पंजाब में सचिन पायलट का तंज, ‘कॉकरोचों’ को दी राजस्थान जैसी हिम्मत दिखाने की चुनौती

लुधियाना राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और हाल ही में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी बनाए गए सचिन पायलट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) शासित पंजाब में भी स्कूलों का ऑडिट उसी तरह किया जाना चाहिए, जैसे दूसरे राज्यों में किया जा रहा है। पायलट की यह टिप्पणी पंजाब के लुधियाना में CJP की ओर से तीन सरकारी स्कूलों के किए गए ऑडिट के बाद आई है। CJP के सह-संयोजक सौरव दास के नेतृत्व में टीम ने एक सरकारी ‘स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’, एक सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल और एक सरकारी प्राथमिक स्कूल का दौरा किया था। लुधियाना के स्कूलों में क्या मिला? सौरव दास ने गुरुवार को एक वीडियो पोस्ट किया था। इसके मुताबिक, ‘स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ में बेहतर बुनियादी सुविधाएं मौजूद थीं। वहां स्विमिंग पूल, बैडमिंटन कोर्ट, दिव्यांगों के लिए रैंप और AI लैब जैसी सुविधाएं थीं। वहीं, बाकी दो स्कूलों में कई समस्याएं सामने आईं। दास ने यह भी कहा कि तीनों स्कूलों में शौचालयों की स्थिति को और बेहतर किया जा सकता है। इसके बाद सौरव दास और उनकी टीम ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस से भी मुलाकात की। दास के मुताबिक, मंत्री ने शिकायतों पर कार्रवाई का भरोसा दिया। AAP के संस्थापक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी दास को कमियां सामने लाने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि इन्हें तुरंत दूर किया जाएगा। सोशल मीडिया पर उठे सवाल हालांकि, CJP के इस ‘ऑडिट’ को सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने निशाने पर लिया। आरोप लगाया गया कि पंजाब में AAP की सरकार होने के कारण CJP ने यहां नरमी बरती। सोशल मीडिया यूजर्स ने इसकी तुलना उन दूसरे राज्यों के स्कूलों से की, जिन्हें CJP ने अपने ऑडिट के लिए चुना था। पायलट ने राजस्थान का उदाहरण दिया सचिन पायलट ने अपने गृह राज्य राजस्थान का उदाहरण देते हुए CJP से पंजाब में भी उसी तरह की सख्ती बरतने को कहा। राजस्थान में CJP ने 21 अगस्त को एक ऐसे स्कूल से ऑडिट शुरू करने की योजना बनाई थी, जो कथित तबेले में चल रहा था। संगठन के मुताबिक, सह-संयोजक आशुतोष रांका के नेतृत्व में पहुंची CJP की टीम पर कुछ स्थानीय लोगों ने हमला किया था। CJP का दावा था कि ये लोग BJP से जुड़े थे। पायलट ने क्या कहा? सचिन पायलट ने कहा कि पंजाब या कहीं भी स्कूलों का ऑडिट किया जाना स्वागत योग्य है। लेकिन उन्होंने CJP से एक खास अनुरोध किया। पायलट के मुताबिक, पंजाब का ऑडिट भी उसी नजर, उन्हीं सवालों और उसी साहस के साथ किया जाना चाहिए, जिस तरह दूसरे राज्यों की सरकारों का ऑडिट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब को कोई विशेष छूट नहीं मिलनी चाहिए और AAP को भी कोई ‘दोस्ताना छूट’ नहीं मिलनी चाहिए। AAP नेताओं ने पायलट को दिया पलटवार पायलट के बयान के बाद AAP नेताओं ने उन्हें पंजाब के स्कूलों की तुलना कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश के स्कूलों से करने की चुनौती दी। AAP नेता और दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब में ऐसे 1,000 बेहतरीन स्कूल दिखाए जा सकते हैं और पायलट को हिमाचल प्रदेश के ऐसे 1,000 स्कूल दिखाने चाहिए। उन्होंने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों का एक साथ ऑडिट कराने की चुनौती देते हुए पूछा कि क्या पायलट इसके लिए तैयार हैं। AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग धांडा ने भी BJP शासित राजस्थान के जर्जर स्कूलों के बचाव को लेकर पायलट पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि इस रिश्ते को क्या नाम दिया जाए। धांडा ने कहा कि अगर पायलट हिमाचल प्रदेश के 1,000 स्कूलों की सूची दें तो AAP पंजाब के 1,000 स्कूलों की सूची देगी। उन्होंने दोनों राज्यों के स्कूलों का साथ जाकर ऑडिट करने की भी बात कही। CJP ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री को लेकर क्या कहा? इस बीच CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने एक यूजर को टैग करते हुए कहा कि उन्होंने राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से कई बार उनके कार्यकाल में बनाए गए 10 सबसे शानदार स्कूल दिखाने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। रांका ने कहा कि अगर किसी को ऐसे स्कूलों के बारे में जानकारी है तो वह बताए, CJP वहां जाकर उन्हें देखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अच्छे स्कूल भी दिखाए जाने चाहिए। पहले भी CJP पर उठे हैं सवाल CJP इससे पहले भी उन राज्यों को लेकर आलोचना का सामना कर चुकी है, जिन्हें उसने अपने ऑडिट के लिए चुना। BJP नेता रविशंकर प्रसाद ने हाल में आरोप लगाया था कि CJP पंजाब और कांग्रेस शासित राज्यों पर चुप है, जबकि BJP शासित राज्यों को निशाना बना रही है।

पंजाब पुलिस के 70 इंस्पेक्टरों को प्रमोशन, DSP पद पर हुई तैनाती; एक साल का कार्यकाल

चंडीगढ़  पंजाब पुलिस में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे इंस्पेक्टर को सरकार ने बड़ी राहत दी है। गृह मामलों एवं न्याय विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार जिला कैडर और आर्म्ड कैडर के कुल 70 इंस्पेक्टर को पदोन्नत कर डीएसपी बनाया गया है। इन अधिकारियों को पंजाब पुलिस सेवा के वेतन स्तर-18 में पदोन्नति दी गई है, जिसमें 56,100 से 1,77,500 रुपये का वेतनमान है। सरकार की ओर से यह पदोन्नति विभागीय तरक्की कमेटी की 23 मई 2025 को हुई सिफारिशों के आधार पर की गई है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि पदोन्नत अधिकारियों को वरिष्ठता सूची में उनकी स्थिति और निर्धारित नियमों के तहत डीएसपी के पद पर नियुक्त किया गया है। जिला कैडर में 50 और आर्म्ड कैडर में 20 अधिकारी पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों में जिला कैडर के 50 इंस्पेक्टर शामिल हैं, जबकि आम्र्ड कैडर के 20 इंस्पेक्टर को डीएसपी बनाया गया है। सूची में कई ऐसे अधिकारी भी हैं, जो लंबे समय से इंस्पेक्टर के पद पर सेवाएं दे रहे थे। सरकार के इस फैसले से इन अधिकारियों को न केवल उच्च पद मिला है, बल्कि वेतनमान में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होगी। एक साल की रहेगी पदोन्नति की अवधि अधिसूचना में पदोन्नति को लेकर एक अहम शर्त भी रखी गई है। इसके तहत संबंधित अधिकारियों की पदोन्नति का प्रभाव तत्काल लागू होगा, लेकिन उनकी पदोन्नति एक साल की अवधि के लिए रहेगी। इस अवधि के दौरान निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार उनके प्रदर्शन तथा सेवा संबंधी मामलों को देखा जाएगा। इसके अलावा यदि किसी अधिकारी की वरिष्ठता सूची में कोई बदलाव होता है अथवा किसी स्तर पर कोई आपत्ति या न्यायिक मामला सामने आता है, तो उसके अनुसार पदोन्नति पर दोबारा विचार किया जा सकेगा। डीएसपी के खाली पदों को भरने में मिलेगी मदद पंजाब पुलिस में डीएसपी स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियां कानून-व्यवस्था, अपराध की जांच और पुलिस प्रशासन से जुड़ी महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में 70 इंस्पेक्टर को डीएसपी बनाए जाने से विभाग को फील्ड स्तर पर भी अनुभवी अधिकारियों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी। खासकर जिला पुलिस और आर्म्ड पुलिस में अधिकारियों की कमी को दूर करने में यह पदोन्नति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार ने यह आदेश सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद जारी किया है। पदोन्नत अधिकारियों को अब डीएसपी स्तर की जिम्मेदारियां संभालनी होंगी और विभाग की ओर से उनके नए पदों पर तैनाती के आदेश अलग से जारी किए जा सकते हैं।