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‘आओ मुझे खरीदकर दिखाओ’: भगवंत मान का भाजपा को कड़ा जवाब, AAP में बगावत के बाद चुनौती

चंडीगढ़  राघव चड्ढा की अगुवाई में राज्यसभा के सात सांसदों के इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) में भगदड़ मच गई है। पूरी पार्टी सहम सी गई है। इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भारतीय जनता पार्टी को चुनौती दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है, 'क्या बीजेपी को पंजाब के बेटे भगवंत मान का चैलेंज स्वीकार है? आओ मुझे खरीदकर दिखाओ।' इससे पहले भगवंत मान ने चंडीगढ़ में एक प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा, आम आदमी पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रही है और उसने पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात किया है।' भगवंत मान ने दावा किया कि 'बेअदबी' के खिलाफ सख्त कानून बनने के बाद से भाजपा की बेचैनी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, क्योंकि उसे पंजाब की भावनाओं से गहराई से जुड़े एक मुद्दे पर निर्णायक कार्रवाई को स्वीकार करने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में बार-बार अस्वीकृति का सामना कर चुकी भाजपा ने राज्य और आम आदमी पार्टी (आप) दोनों के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया अपनाया है तथा धमकी, प्रलोभन और दल-बदल के प्रयासों के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त सरकार को कमजोर करने की कोशिश की है। गौरतलब है कि ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं, जब अगले साल के आरंभ में पंजाब विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। पार्टी छोड़ने वालों और ऐसा कराने वालों की निंदा करते हुए मान ने कहा कि भाजपा के राजनीतिक आधार की कमी ने उसे ऐसी रणनीति अपनाने के लिए मजबूर किया है तथा स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और रोजगार में दिखाई देने वाले सुधारों ने उसे अस्थिर कर दिया है। भगवंत मान ने कहा कि किसी व्यक्ति से पार्टी बड़ी है, और आप छोड़ने वाले 6-7 लोग पंजाब का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वे गद्दार हैं। राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने शुक्रवार को घोषणा की कि वे पार्टी के पांच अन्य सांसदों के साथ भाजपा में शामिल हो रहे हैं। इससे पहले, दिल्ली में प्रेस वार्ता में आप के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने कहा कि वे भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

स्टूडेंट्स की सेहत पर फोकस: पंजाब में स्कूल-कॉलेज में Energy Drink बिक्री प्रतिबंधित

लुधियाना. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लेते हुए ने राज्यभर में बच्चों को कैफीन युक्त एनर्जी ड्रिंक बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है।  जारी आदेश के अनुसार, अब न सिर्फ बच्चों को एनर्जी ड्रिंक बेचना मना होगा, बल्कि स्कूल-कॉलेज कैंटीन और आसपास भी इसकी बिक्री पर रोक रहेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल से 100 मीटर और शहरी इलाकों में 50 मीटर के दायरे में एनर्जी ड्रिंक नहीं बेची जा सकेगी। स्वास्थ्य विभाग ने अपने आदेश में बताया कि कई एनर्जी ड्रिंक्स के लेबल पर पहले ही लिखा होता है कि ये बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं हैं, बावजूद इसके इन्हें बड़े पैमाने पर बच्चों और युवाओं को बेचा जा रहा है। इन ड्रिंक्स में कैफीन, ग्वाराना, टॉरिन, जिनसेंग जैसे तत्व होते हैं, जो शरीर पर उत्तेजक प्रभाव डालते हैं। शरीर पर पड़ सकता है नकारात्मक असर मेडिकल स्टडीज के हवाले से विभाग ने चेतावनी दी है कि ज्यादा कैफीन के सेवन से दिल, दिमाग, पाचन तंत्र और किडनी पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। खासकर बच्चों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए यह अधिक खतरनाक है। एफ डी ऐ कमिश्नर कनवल प्रीत बराड़ ने बताया कि यह फैसला पब्लिक हेल्थ को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

पंजाब में एजीटीएफ की छापेमारी, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का करीबी गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद

चंडीगढ़  पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एजीटीएफ ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक सक्रिय सहयोगी को गिरफ्तार किया है, जो अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क का अहम हिस्सा बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपित के कब्जे से एक .32 बोर पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पकड़ा गया आरोपित राजस्थान में दर्ज एक हत्या के मामले में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर नकद इनाम भी घोषित किया गया था। लंबे समय से फरार चल रहा यह आरोपित विभिन्न राज्यों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के बाद लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई थी। एजीटीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर सुनियोजित तरीके से ऑपरेशन चलाया और आरोपित को दबोच लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह गैंगस्टर अर्जू बिश्नोई के संपर्क में था, जो लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सक्रिय सदस्य माना जाता है। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क पंजाब, राजस्थान और आसपास के राज्यों में सक्रिय रहकर हथियारों की सप्लाई, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों को अंजाम देता रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपित से पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं और किन-किन राज्यों में इसकी जड़ें फैली हुई हैं। इसके साथ ही ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक’ यानी इस गैंग से जुड़े पुराने और नए संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है। पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। एजीटीएफ की यह कार्रवाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हाल के महीनों में पुलिस ने कई बड़े गैंग्स के सदस्यों को गिरफ्तार कर उनकी गतिविधियों पर अंकुश लगाया है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी कीमत पर अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने यह भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। एजीटीएफ की इस कार्रवाई से यह साफ संकेत गया है कि पंजाब पुलिस राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है और संगठित अपराध के खिलाफ उसकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

फिनलैंड यूनिवर्सिटी के साथ पंजाब सरकार का सहयोग, शिक्षा में सुधार और बेहतर क्लासरूम वातावरण

 चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार और फिनलैंड की टुर्कू यूनिवर्सिटी के बीच सहयोग से पंजाब के क्लासरूम में प्रत्यक्ष बदलाव दिखने लगे हैं, जिसने शिक्षण प्रथाओं को अधिक आनंदमय और व्यावहारिक बना दिया है और विद्यार्थियों के लिए सीखने का माहौल अधिक प्रभावशाली बन रहा है।  इस पहल के हिस्से के रूप में पढ़ाई-लिखाई रट्टे मारने के तरीकों से हटकर अब अधिक आनंदमय और सहभागितापूर्ण सीखने के माहौल की ओर बढ़ रही है. पंजाब की व्यापक शिक्षा क्रांति में शामिल यह कार्यक्रम स्थानीय क्लासरूम में वैश्विक विशेषज्ञता को शामिल करने पर केंद्रित है, जो एक संरचित ट्रेन-द-ट्रेनर्स मॉडल के माध्यम से पैमाने को निर्धारित करता है, जिसमें बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए लगभग 300 शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी।  फिनलैंड की अपनी सरकारी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कुकुलो-मोइकोइनेन अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन एंड केयर सेंटर का दौरा किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल पहले से ही स्थानीय क्लासरूम के साथ वैश्विक शिक्षा विशेषज्ञता को एकीकृत करके शानदार परिणाम दे रही है।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग के माध्यम से शुरू की गई यह साझेदारी प्रारंभिक और बुनियादी शिक्षा में शिक्षक की भूमिका को मजबूत करने के प्रयासों की ओर अग्रसर है. यह अल्पकालिक हस्तक्षेप के रूप में नहीं बल्कि पंजाब की शिक्षा प्रणाली में बाल-केंद्रित और खेल-आधारित शिक्षा को शामिल करने के लिए दीर्घकालिक संस्थागत प्रयास के रूप में तैयार की गई है, जिसमें बेहतरीन शिक्षा प्रथाओं को भी शामिल किया गया है।  यह कार्यक्रम शिक्षकों को शोध-आधारित तरीकों से सुसज्जित करने पर केंद्रित है, यह सुनिश्चित करते हुए कि ये दृष्टिकोण पंजाब के सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ के अनुकूल हों. उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण सत्र चंडीगढ़ और फिनलैंड के शहरों टुर्कू तथा राउमा दोनों जगह आयोजित किए गए, जिसमें शिक्षकों को कार्यशालाओं, मार्गदर्शन प्रथाओं और स्कूलों के दौरों के माध्यम से क्लासरूम की नई तकनीकों से अवगत करवाना शामिल है. गौरतलब है कि मई 2026 तक चार समूहों में लगभग 300 शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर लेंगे, जिससे पूरे पंजाब भर के विद्यार्थियों को लाभ होगा।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देते हुए कहा, "शिक्षा को आनंदमय और दिलचस्प बनाने पर जोर दिया जा रहा है. इसलिए हम रट्टे लगाने के पुराने तरीकों के स्थान पर सक्रिय सहभागिता की ओर बढ़ रहे हैं. शिक्षकों को विशेषज्ञों की सहायता वाले संदर्भ-विशिष्ट प्रोजेक्ट डिजाइन करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है ताकि इन विचारों को उनके अपने क्लासरूम में लागू किया जा सके. क्षेत्र से मिले फीडबैक से विद्यार्थियों की भागीदारी और प्रेरणा में सुधार होता है और क्लासरूम का वातावरण सकारात्मक बनता है।  उन्होंने कहा, "शिक्षकों ने नए तरीकों के साथ प्रयोग करने और सीखने की विभिन्न आवश्यकताओं के अनुसार पाठों को ढालने में अधिक विश्वास प्रकट किया है. इस पहल की एक अनूठी विशेषता विदेशी मॉडलों को सीधे लागू करने के बजाय प्रासंगिक अनुकूलन पर जोर देना है. फिनलैंड के विशेषज्ञों से निरंतर सलाह सहायता ने इस बदलाव को सक्षम बनाया है और यह सुनिश्चित किया गया है कि वैश्विक स्तर के सर्वोत्तम अभ्यासों को स्थानीय प्रणालियों में सार्थक रूप से एकीकृत किया जाए।  इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विस्तृत बातचीत के लिए टुर्कू यूनिवर्सिटी और टुर्कू शिक्षक प्रशिक्षण स्कूल का भी दौरा किया. उन्होंने कहा, "सरकार अब कार्यक्रम को 'ट्रेन-द-ट्रेनर्स' दृष्टिकोण के माध्यम से विस्तारित करने की योजना बना रही है, जिससे प्रांत भर में इसकी पहुंच बढ़ाने के लिए मास्टर ट्रेनर्स का एक कैडर तैयार किया जा रहा है." उन्होंने आगे कहा, "निरंतर व्यावसायिक विकास और व्यापक पहुंच का समर्थन करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और मिश्रित प्रशिक्षण फॉर्मेट भी विकसित किए जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा, "विस्तार के लिए एक संरचित प्रणाली और प्रशिक्षित शिक्षकों के बढ़ते पूल के साथ इस सहयोग को पंजाब के व्यापक शिक्षा सुधारों की नींव के रूप में देखा जा रहा है. प्रांत जन शिक्षा को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि विद्यार्थी सफल होने के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें और इस क्षेत्र में गति बनाए रखने के लिए इसी प्रकार की पहल की जाएंगी। 

AAP के 7 सांसदों ने BJP में किया विलय, राघव चड्ढा भी शामिल, शिअद के नेता को AAP ने किया अपना सदस्य

कपूरथला  आम आदमी पार्टी के लिए शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026)का दिन बहुत बुरा साबित हुआ क्योंकि आप सांसद राघव चड्ढा समेत कुल सात सांसदों ने बीजेपी में विलय कर लिया। आम आदमी पार्टी को एक तरह बहुत बड़ा झटका लगा, तो वहीं कपूरथला में पार्टी को बढ़त मिली है। दरअसल, वार्ड नंबर नौ के पूर्व पार्षद अवतार सिंह अपने साथियों सहित शिरोमणि अकाली दल छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। आप के हलका प्रभारी एडवोकेट कर्मबीर सिंह चंदी ने अवतार सिंह को सिरोपा पहनाकर पार्टी में स्वागत किया और उन्हें पूरा सम्मान देने का आश्वासन दिया। पूर्व पार्षद अवतार सिंह ने कहा कि एडवोकेट चंदी के नेतृत्व में पार्टी लगातार मजबूत हो रही है। वह पूरी लगन से आम आदमी पार्टी की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने का काम करेंगे। एडवोकेट चंदी ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा कर रही है और हर वर्ग पार्टी के कार्यों से संतुष्ट है। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी राजनीति से ऊपर उठकर विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है।

जालंधर में गेहूं की 3.31 लाख मीट्रिक टन खरीद, 882 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ

जालंधर जिले की मंडियों में गेहूं की आवक ने अब रफ्तार पकड़ ली है। पंजाब सरकार के एक-एक दाना खरीदने के वादे के बीच जिला प्रशासन ने दावा किया है कि अब तक 3,31,419 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने शुक्रवार को खरीद प्रक्रिया का जायजा लेते हुए बताया कि किसानों को फसल के बदले 882 करोड़ रुपए की अदायगी भी कर दी गई है। हालांकि, कागजों में खरीद की रफ्तार जितनी तेज है, मंडियों में लिफ्टिंग की सुस्त चाल ने किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी है। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इस सीजन में जिले में कुल 5 लाख 27 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब 60 फीसदी से ज्यादा आवक हो चुकी है। डीसी ने खरीद एजेंसियों को सख्त लहजे में हिदायत दी है कि खरीदी गई फसल का स्टॉक मंडियों से तुरंत उठाया जाए। असल में, अगर समय पर लिफ्टिंग नहीं हुई तो आने वाले दिनों में फसल रखने के लिए जगह कम पड़ जाएगी, जिससे जाम जैसी स्थिति बन सकती है। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लिफ्टिंग में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का सबसे बड़ा दावा किसानों को समय पर पेमेंट देने का है। डीसी वालिया के अनुसार, अब तक खरीदी गई फसल के बदले 882 करोड़ रुपए की अदायगी सुनिश्चित की गई है।

लॉरेंस गैंग पर शिकंजा: AGTF ने हथियारों के साथ सहयोगी को दबोचा

चंडीगढ़. पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एजीटीएफ ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक सक्रिय सहयोगी को गिरफ्तार किया है, जो अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क का अहम हिस्सा बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपित के कब्जे से एक .32 बोर पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पकड़ा गया आरोपित राजस्थान में दर्ज एक हत्या के मामले में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर नकद इनाम भी घोषित किया गया था। लंबे समय से फरार चल रहा यह आरोपित विभिन्न राज्यों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के बाद लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी चुनौती बनी थी। एजीटीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर सुनियोजित तरीके से ऑपरेशन चलाया और आरोपित को दबोच लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह गैंगस्टर अर्जू बिश्नोई के संपर्क में था, जो लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सक्रिय सदस्य माना जाता है। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क पंजाब, राजस्थान और आसपास के राज्यों में सक्रिय रहकर हथियारों की सप्लाई, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों को अंजाम देता रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपित से पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं और किन-किन राज्यों में इसकी जड़ें फैली हुई हैं। इसके साथ ही ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक’ यानी इस गैंग से जुड़े पुराने और नए संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है। पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। एजीटीएफ की यह कार्रवाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हाल के महीनों में पुलिस ने कई बड़े गैंग्स के सदस्यों को गिरफ्तार कर उनकी गतिविधियों पर अंकुश लगाया है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी कीमत पर अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने यह भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। एजीटीएफ की इस कार्रवाई से यह साफ संकेत गया है कि पंब पुलिस राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है और संगठित अपराध के खिलाफ उसकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

पंजाब के लुधियाना में बिजली गुल, मॉक ड्रिल के दौरान 30 लोगों का रेस्क्यू

लुधियाना. शहर में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए शुक्रवार रात जिला प्रशासन ने 15 मिनट का ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित कर अपनी तत्परता का दमदार प्रदर्शन किया। रात 7:55 बजे सायरन बजते ही पूरे इलाके में अलर्ट जारी हुआ और ठीक 8 बजे पीएयू, किचलू नगर, अग्र नगर सहित कई क्षेत्रों की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। अंधेरे में डूबे इन इलाकों में अचानक बना आपातकालीन माहौल वास्तविक स्थिति जैसा प्रतीत हुआ। इस दौरान विभिन्न एजेंसियों ने मिलकर राहत व बचाव कार्यों का अभ्यास किया। खासतौर पर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) परिसर में एयर स्ट्राइक जैसी स्थिति का दृश्य तैयार कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायलों को सुरक्षित निकालने का हुआ अभ्यास मॉक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेंस, नगर निगम और पंजाब होम गार्ड्स की टीमों ने संयुक्त रूप से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। टीमों ने यह अभ्यास किया कि आपदा के समय घायलों को सुरक्षित कैसे निकाला जाए, मौके पर प्राथमिक उपचार कैसे दिया जाए और उन्हें तेजी से अस्पताल कैसे पहुंचाया जाए। मॉक ड्रिल के दौरान ट्रैफिक कंट्रोल और भीड़ प्रबंधन की भी रिहर्सल की गई। एंबुलेंस के जरिए डमी घायलों को अस्पताल पहुंचाकर आपातकालीन सेवाओं की तत्परता और प्रतिक्रिया समय का आकलन किया गया। पूरी प्रक्रिया मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के तहत संचालित की गई। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर पूनम सिंह ने कहा कि ऐसे अभ्यास किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि मॉक ड्रिल के दौरान घबराएं नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें। दो मिनट तक लगातार बजा सायरन मॉक ड्रिल समाप्त होने के बाद ‘आल क्लियर’ सिग्नल के तौर पर दो मिनट तक लगातार सायरन बजाया गया, जिसके बाद बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई। नायब तहसीलदार रंजीत सिंह ने इसे सफल बताते हुए कहा कि इस तरह के अभ्यास से विभागों के बीच समन्वय मजबूत होता है और रिस्पान्स टाइम बेहतर होता है। इस दौरान सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे, जिन्होंने मिलकर शहर की सुरक्षा तैयारियों की मजबूत झलक पेश की।

भगवंत मान का बयान: ‘अदरक, लहसुन, जीरा’ जैसे सांसद कभी सब्जी नहीं बनेंगे, AAP छोड़ने वालों पर तंज

चंडीगढ़  राघव चड्डा सहित आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। इस बीच, विदेश दौरे से लौटे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बीजेपी पर निशाना साधा। तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी की पंजाबियों के साथ बिल्कुल नहीं बनती है और बीजेपी ने पंजाबियों के साथ गद्दारी की है। मान ने आरोप लगाया कि बीजेपी केंद्रीय एजेंसियों ईडी, सीबीआई का इस्तेमाल करके आम आदमी पार्टी के नेताओं को डरा-धमका रही है और सरकार को अस्थिर करने के लिए ऑपरेशन लोटस चला रही है। बीजेपी के पास पंजाब में कोई चेहरा नहीं है। पंजाब में बीजेपी की वाशिंग मशीन चल रही है। बीजेपी पंजाब नहीं जीत सकती। उन्होंने आप छोड़ने वाले सातों सांसदों को गद्दार बताते हुए कहा कि भाजपा में उन्हें कुछ भी नहीं मिलने वाला है। 'पार्टी छोड़ने वाले कैप्टन और सिंधिया का हाल देख लें' सात राज्यसभा सांसदों के आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पार्टी बड़ी होती है, संगठन बड़ा होता है, व्यक्ति नहीं। ये सात लोग जो गए हैं, वे पंजाबियों के साथ गद्दारी करके गए है। यहां बैठे-बैठे इन्हें पद मिल गए, इन्हें किसी से वोट मांगने की जरूरत नहीं पड़ी। अब ये अपनी राजनीतिक नहीं जान बचाने के लिए वहां गए हैं, लेकिन वहां भी इनका कुछ नहीं होना है। वहां भी इन्हें इस्तेमाल करके छोड़ दिया जाएगा। पहले देख लो कैप्टन साहब की बात कोई नहीं सुनता। सिंधिया का हाल भी सबके सामने है। भगवंत मान ने आप छोड़कर बीजेपी जॉइन कर चुके और करने की आशंका वाले 7 सांसदों की तुलना 7 मसालों से की है. उन्होंने इन सब्जियों की खासियत बताते हुए कहा कि ये सब्जियां तब तक ही अहम हैं जब तक किसी में डाली जाए. अपने आप में इनकी कोई अहमयित नहीं है।  भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया. ये 7 चीजें मिलकर सब्जी को स्वादिष्ट बनाती हैं, लेकिन अकेले ये चीजें सब्जी नहीं बन सकतीं।  बलबीर सिंह ने भी दी प्रतिक्रिया बलबीर सिंह ने भी आप सांसदों के पार्टी छोड़ने पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, जिनको हमने चुन के भेजा था, 'पंजाब के MLAs ने भेजा था, उनको इन लोगों ने धोखा दिया है, विश्वास घात किया है हमारे साथ.अगर उनमे थोड़ी सी भी तमीज होती तो वो रिजाइन करके जाते. ये बीजेपी का ऑपरेशन लोटस है, यही काम करती है बीजेपी।  आज पूरी हो सकती है 7 सांसदों के बीजेपी में विलय की प्रक्रिया दूसरी तरफ, सूत्रों के हवाले से खबर है कि राज्यसभा में 'आप' के 7 सांसदों के बीजेपी में विलय की प्रक्रिया आज पूरी हो सकती है. विलय से जुड़ी सभी कानूनी और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं. इन सात सांसदों के गुट को बीजेपी संसदीय दल में शामिल करने की मंजूरी आज राज्यसभा के सभापति दे सकते हैं।  'भाजपा वाले हमारी सरकार के कामों से डरे ' उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के समय भी बीजेपी ने गद्दारी की। अब हमारे सांसदों को अपने साथ शामिल किया जा रहा है, क्योंकि पंजाब में उनका अपना कोई मजबूत आधार नहीं है। लेकिन वे पूछते हैं कि भगवंत मान सरकार का विकल्प क्या है। मान ने कहा कि भाजपा वाले हमारी सरकार के कामों से डरे हुए हैं। इन्होंने जरूर सर्वे करवाया होगा, जिसमें उन्हें पता चला होगा कि उनकी स्थिति बिल्कुल मजबूत नहीं है। इसलिए हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की गई। पंजाबी दिल से प्यार करते हैं, लेकिन अगर कोई उनसे धोखा करता है, तो वे उसे पीढ़ियों तक याद रखते हैं। मान ने कहा कि मैं सख्त शब्दों में इस चीज की निंदा करता हूं। अमित शाह को यह बात पसंद नहीं आई होगी कि भगवंत मान का कोई विकल्प नहीं है। रवनीत बिट्‌टू तीन-चार दिन पहले राघव चड्‌ढा को गालियां निकाल रहे थे। अब कैसे मिलेंगे। अगर सभापति आज इस विलय को मंजूरी दे देते हैं, तो आम आदमी पार्टी के लिए ये संसद में अब तक का सबसे बड़ा झटका होगा. इन सात सांसदों के जाने से उच्च सदन में 'आप' की ताकत काफी कम हो जाएगी, जबकि बीजेपी का पलड़ा और भारी हो जाएगा।  तीन नेता बीजेपी में शामिल, 4 पर सस्पेंस बता दें कि राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने शुक्रवार को बीजेपी जॉइन कर ली थी. वहीं, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी और राजिंदर गुप्ता के भी बीजेपी में शामिल होने की चर्चा है. हालांकि, इन चारों नेताओं के नाम पर अभी सस्पेंस जारी है। 

DIG भुल्लर की मुश्किलें गहराईं, CFSL रिपोर्ट आई सामने, CBI की प्रारंभिक जांच मंजूर, पंजाब के अफसर रडार पर

चंडीगढ़  चंडीगढ़ में रिश्वत मामले में फंसे पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और सह-आरोपी कृष्णु शारदा की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। विशेष अदालत ने सीबीआई की ओर से दायर प्रारंभिक जांच (पीई) से संबंधित अर्जी को मंजूर कर लिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 अप्रैल की तारीख तय की है, जिसमें आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। जांच एजेंसी को नए और अहम सबूत मिले हैं, जिनसे पंजाब के कई IAS-IPS अधिकारियों की भूमिका सामने आई है। सीबीआई ने अज्ञात अफसरों के खिलाफ प्रारंभिक जांच (प्रिलिमनरी इंक्वायरी) जांच शुरू कर दी है। बचाव पक्ष ने किया विरोध सीबीआई की ओर से दायर इस अर्जी का दोनों आरोपियों की तरफ से विरोध किया गया था। बचाव पक्ष ने अदालत में अपने अलग-अलग जवाब दाखिल करते हुए कहा कि सीबीआई की यह अर्जी कानूनी रूप से सही नहीं है। उन्होंने दलील दी कि यह अर्जी अधिकार क्षेत्र से बाहर है और कानून के निर्धारित प्रावधानों का पालन नहीं करती, इसलिए इसे मंजूर नहीं किया जाना चाहिए। बचाव पक्ष के वकीलों ने यह भी कहा कि जांच एजेंसी बिना उचित आधार के कार्रवाई करना चाहती है और इस तरह की अनुमति देने से आरोपियों के अधिकारों का हनन हो सकता है। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि सीबीआई की इस अर्जी को खारिज किया जाए और उन्हें किसी भी तरह की अतिरिक्त जांच की अनुमति न दी जाए। वहीं, सीबीआई की तरफ से दलील दी गई कि मामले में नए और अहम सबूत सामने आए हैं, जिनकी गहराई से जांच जरूरी है। एजेंसी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य साक्ष्य मामले की सच्चाई तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार किया और अंततः सीबीआई की अर्जी को मंजूरी दे दी। अदालत के इस फैसले से जांच एजेंसी को आगे की कार्रवाई करने और मामले की गहराई से जांच करने का अधिकार मिल गया है। CFSL रिपोर्ट अदालत में पेश सुनवाई के दौरान केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) की रिपोर्ट भी अदालत में पेश की गई, जिसे इस मामले में अहम कड़ी माना जा रहा है। यह रिपोर्ट उन इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच के आधार पर तैयार की गई है, जिन्हें पहले जांच एजेंसी ने जब्त कर फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा था। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट में शिकायतकर्ता और कथित बिचौलिए के बीच हुई बातचीत की ऑडियो सीडी या उससे संबंधित विश्लेषण शामिल हो सकता है। फॉरेंसिक जांच के जरिए इन ऑडियो क्लिप्स की सत्यता, एडिटिंग या छेड़छाड़ की संभावना और आवाज की पहचान जैसे पहलुओं की जांच की जाती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बातचीत असली है या नहीं। यदि रिपोर्ट में बातचीत प्रमाणित होती है, तो यह मामले में एक मजबूत साक्ष्य के तौर पर सामने आ सकती है। इससे यह भी स्पष्ट हो सकता है कि कथित रूप से किस तरह रिश्वत की मांग या बातचीत की गई थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। इसी कारण CFSL रिपोर्ट को इस केस में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिस पर आगे की सुनवाई और जांच की दिशा काफी हद तक निर्भर कर सकती है। मोबाइल, दस्तावेज और नकदी जब्त करने की मांगी अनुमति सीबीआई ने मार्च में दायर अपनी प्रारंभिक जांच (पीई) अर्जी में अदालत से आरोपियों के मोबाइल फोन, मूल दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य संबंधित वस्तुएं व नकदी अपने कब्जे में लेने की अनुमति मांगी थी। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान कुछ अहम इलेक्ट्रॉनिक सबूत सामने आए हैं, जिनकी गहराई से जांच जरूरी है। सीबीआई के मुताबिक, मोबाइल फोन, चैट्स, लैपटॉप और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड में ऐसे सुराग मिल सकते हैं, जो पूरे मामले की सच्चाई तक पहुंचने में मदद करेंगे। इसलिए इन सभी चीजों को जब्त कर उनकी फॉरेंसिक जांच कराना जरूरी बताया गया है, ताकि आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सके। DIG से पूछताछ में 14 अफसरों के नाम मिले CBI ने हरचरण सिंह भुल्लर को गिरफ्तार करने के बाद पहली बार 5 दिन का रिमांड लिया। CBI सोर्सेज के मुताबिक भुल्लर ने बताया कि पंजाब के अफसर पटियाला के प्रॉपर्टी डीलर के जरिए प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट करते हैं। इस पूछताछ में CBI को ऐसे 14 अफसरों का पता चला, जिसमें 10 IPS और 4 IAS अधिकारी थे। CBI ने जब छानबीन की तो पता चला कि 10 IPS में से 8 अभी भी फील्ड में अहम पदों पर तैनात हैं। वहीं 2 पंजाब पुलिस की एकेडमी में हैं। इसके अलावा 4 IAS अफसरों का संबंध किसी ने किसी तरह से मंडी गोबिंदगढ़ से है। इसके बाद CBI ने प्रॉपर्टी डीलर के पटियाला और लुधियाना के ठिकानों पर रेड कर डॉक्यूमेंट्स जब्त किए थे। बिचौलिए कृष्नु के मोबाइल से 50 अफसरों के लिंक मिले CBI कोर्ट में DIG हरचरण भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा की पेशी के दौरान जांच एजेंसी ने एक प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की थी। इसमें कहा गया कि पिछले रिमांड में कृष्णु शारदा के मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खंगाली गईं। इसके जरिए पता चला कि वह कई अफसरों की करप्ट डीलिंग में शामिल था। CBI ने डेटा के आधार पर बताया कि कृष्णु शारदा अफसरों के साथ मिलकर न केवल केसों की जांच को प्रभावित करता था बल्कि ट्रांसफर-पोस्टिंग, आर्म्स लाइसेंस बनवाने से लेकर FIR दर्ज करवाने या पहले से दर्ज FIR खारिज करवाने तक का काम करता था। ऐसे करीब 50 अफसर हैं, जिनमें IAS और IPS अफसर भी शामिल हैं।