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नगर निगम की नई पहल, शादी-समारोह के लिए ऑनलाइन बुक होंगे रांची के सामुदायिक भवन

रांची अब शहरवासियों को शादी, पारिवारिक समारोह या सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजन के लिए सामुदायिक भवन बुक कराने के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। निगम ने सामुदायिक भवनों की बुकिंग को ऑनलाइन करने की पहल शुरू की है। पहले चरण में पांच सामुदायिक भवनों को ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है। इनकी बुकिंग छह सितंबर से शुरू हो जाएगी। ऑनलाइन सुविधा के तहत लोग घर बैठे भवन की उपलब्धता देख सकेंगे और अपनी सुविधा के अनुसार तारीख का चयन कर बुकिंग करा सकेंगे। नगर निगम के अनुसार कुल 16 सामुदायिक भवनों को ऑनलाइन व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी है। चरणबद्ध तरीके से शेष भवनों को भी इस प्रणाली में शामिल किया जाएगा पहले चरण में वार्ड 14 स्थित इंदिरा गांधी चौक, वार्ड 18 स्थित ईस्ट जेल रोड, वार्ड 36 स्थित न्यू पुंदाग, वार्ड 44 स्थित इलासिया कम्युनिटी हाल, पारस टोली और वार्ड 45 स्थित ग्वाला टोली, मजार रोड, डोरंडा के सामुदायिक भवन शामिल हैं। इन भवनों का इस्तेमाल विवाह समारोह, सामाजिक व पारिवारिक आयोजन, धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य आयोजनों के लिए किया जा सकेगा। दो श्रेणियों में बांटे गए सामुदायिक भवन निगम ने सामुदायिक भवनों को उपलब्ध सुविधाओं और क्षमता के आधार पर दो श्रेणियों में बांटा है। स्वर्णरेखा श्रेणी के भवन की बुकिंग के लिए 25 हजार रुपये और वस्तु एवं सेवा कर देना होगा। वहीं, पलाश श्रेणी के भवन के लिए 15 हजार रुपये और वस्तु एवं सेवा कर निर्धारित किया गया है। इसके अलावा बुकिंग के समय पांच हजार रुपये की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी। निर्धारित शर्तों के अनुसार यह राशि वापस की जाएगी। ऐसे कराएं ऑनलाइन बुकिंग नागरिक https://apnaranchi.rsccl.in/ पर जाकर सामुदायिक भवनों की उपलब्धता देख सकेंगे। उपलब्ध तारीख में से अपनी पसंद की तिथि चुनकर ऑनलाइन बुकिंग की जा सकेगी।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर पटना समेत 8 हाईकोर्ट को मिले नए चीफ जस्टिस

पटना सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर पटना समेत आठ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों की शनिवार को नियुक्ति की गई। एक्स' पर एक पोस्ट में, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के मौजूदा जज जस्टिस वल्लूरी कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस रवींद्र वी. घुगे कलकत्ता हाईकोर्ट के प्रमुख होंगे। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है, जबकि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के जज संदीप मेहता द्वारा राजस्थान के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस कृष्ण राम महापात्रा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के प्रमुख होंगे। राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। जानकारी के मुताबिक, जस्टिस वी. कामेश्वर का जन्म 7 अगस्त 1965 को हुआ था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से 1987 में भूगोल में बीए आनर्स और 1990 में एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। मार्च 1991 में बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट और केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण की प्रधान पीठ में वकालत की। बताया जाता है कि जस्टिस वी. कामेश्वर ने वर्ष 1991 में बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में अधिवक्ता के तौर पर नामांकन करवाया था। उन्होंने श्रम, मध्यस्थता, संवैधानिक और प्रशासनिक कानूनों से जुड़े मामले में विशेषज्ञता हासिल की है।

गंगा-पुनपुन का कहर बढ़ा, पटना में बाढ़ का खतरा गंभीर; टूटे रिंग बांध से गांव में घुसा पानी

पटना  गंगा व पुनपुन ने शनिवार को बाढ़ की विभीषिका और विकराल कर दी। गांधी घाट पर गंगा ने 2016 के उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) का रिकार्ड तोड़ दिया। शाम पांच बजे तक यहां जलस्तर 50.57 मीटर हो गया, जो एचएफएल 50.52 मीटर से पांच सेंटीमीटर ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार रविवार सुबह आठ बजे तक यह पांच सेंटीमीटर बढ़कर 50.62 मीटर तक पहुंच सकता है। पुनपुन-श्रीपालपुर में अपने उच्चतम बाढ़ स्तर 53.91 मीटर से 52 सेंटीमीटर नीचे 53.39 मीटर है। इसमें 24 घंटे में 11 सेमी की वृद्धि हुई और यह खतरे के निशान से 2.79 मीटर ऊपर बह रही है। शुक्रवार रात पुनपुन नदी पर बना रिंग बांध टूटने से फुलवारी प्रखंड के कुरा नवादा गांव में पानी घुस गया। रिसाव की सूचना पर मरम्मत नहीं करने से आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के जेई को बंधक बना जमकर हंगामा व नारेबाजी की। पांच दिन में 1.62 मीटर चढ़ी गंगा एक से पांच सितंबर शाम तक के आंकड़े देखें तो गंगा का उफान सामान्य वृद्धि नहीं है। इन पांच दिनों में बड़ा जलस्तर उछाल दर्ज किया गया। मनेर में 52.15 मीटर से 53.77 मीटर यानी 162 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। दीघा घाट पर 50.44 से 51.92 मीटर यानी 148 सेंटीमीटर और हाथीदह में 42.24 से 43.42 मीटर यानी 118 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। गांधीघाट पर 49.40 मीटर से बढ़कर 50.57 मीटर यानी 117 सेंटीमीटर पानी बढ़ा। चार प्रमुख केंद्रों में से तीन पर जलस्तर ऐतिहासिक उच्चतम बाढ़ स्तर के एक मीटर के भीतर पहुंच गया है। मनेर में पुराने उच्चतम स्तर से केवल दो सेंटीमीटर, हाथीदह में 10 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं दीघा में 60 सेंटीमीटर नीचे हैं। गंगा-पुनपुन के दोहरे दबाव का खतरा गंगा और पुनपुन दोनों के उफनाने का दुष्प्रभाव अब ग्रामीणा आबादी, खेतों से होते हुए शहरी क्षेत्र व तटबंधों तक पहुंच गया है। 2019 में इन्हीं दोनों नदियों के कारण पाश कालोनियों ने नावें चली थीं। दोनों नदियों के ऊंचे जलस्तर का असर अब नदी के किनारे तक सीमित नहीं है।   पुनपुन का पानी रिंग बांधों में रिसाव और टूटने के बाद गांवों, खेतों और सड़कों तक पहुंच रहा है, जबकि गंगा का पानी निचले इलाकों और संपर्क मार्गों पर दबाव बढ़ा रहा है। खतरा इसलिए ज्यादा गंभीर है कि दोनों तरफ से पानी का दबाव बना हुआ है। गंगा रिकार्ड स्तर पार कर चुकी है तो पुनपुन अपने उच्चतम बाढ़ स्तर के बेहद करीब है।

काली सूची वाली 14 कंपनियों को दोबारा काम देने पर घिरी कृषि निदेशालय, जांच के आदेश

 रांची कृषि निदेशालय ने काली सूची में डाली गई 14 कंपनियों को फिर से कार्यादेश देने के मामले की जांच कराने का निर्णय लिया है। इस मामले की जांच की जिम्मेदारी सभी जिलों के उपायुक्तों को सौंपी गई है। कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद राज्य के सभी जिला उपायुक्तों को इसकी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के जिला सचिव सह राज्य कार्यकारिणी सदस्य अजय कुमार सिंह ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के उप आयुक्त  योगेश ए. रौंडल से पत्राचार कर काली सूची में डाली गई 14 कंपनियों को फिर से कार्यादेश मिलने की जानकारी दी है शिकायत में कहा गया है कि झारखंड कृषि निदेशालय ने वर्ष 2023 में जिन 14 कंपनियों को गंभीर अनियमितता के आरोप में काली सूची में डाला था, उन्हें 30 दिनों के भीतर तार्किक आदेश देकर मुक्त कर दिया गया था। जबकि इन कंपनियों ने शर्तों का अनुपालन नहीं किया था। इन कंपनियों में मोहित इंडिया, मेक नाउ इंडस्ट्रीज, ग्लोबल मैकेनिकल इक्विपमेंट, प्रीमियर इरिगेशन एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड, निंबस पाइप्स लिमिटेड, मोहित पालिटेक प्राइवेट लिमिटेड, वेदांता पालीमर्स प्राइवेट लिमिटेड, रूंगटा इरिगेशन लिमिटेड, श्री भंडारी प्लास्टिक प्राइवेट लिमिटेड, भारत ड्रिप इरिगेशन एंड एग्रो, आरएम ड्रिप एंड स्प्रिंकलर सिस्टम लिमिटेड, समय इरिगेशन प्राइवेट लिमिटेड, दिनेश इरिगेशन प्राइवेट लिमिटेड व इरिलिंक ड्रिप इरिगेशन इंडस्ट्रीज शामिल हैं। शिकायत में कहा गया कि इन कंपनियों को मुक्त करने संबंधित तार्किक आदेश की पहली शर्त यह थी कि सभी किसानों के यहां लगे कम गुणवत्ता वाले उपकरणों के बैच बदलकर पुन: सीपेट से जांच कराकर रिपोर्ट कृषि निदेशक रांची को समर्पित करेंगे, जो जांच अब तक नहीं हो सकी है। शर्तों का अनुपालन नहीं होने पर इन कंपनियों को काली सूची में ही माना जाना था, लेकिन उन्हें फिर से कार्यादेश मिल गया और भुगतान भी हो गया। इसकी सीआइटी से जांच कराने की मांग की गई। इधर, यह मामला संज्ञान में आने के बाद कृषि निदेशक ने सभी उपायुक्तों केा इसकी जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।

झारखंड में SIR पर बड़ी राहत, दस्तावेज नहीं होने पर प्रखंड-अंचल कार्यालय से मिलेगी मदद

 रांची मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत नोटिस पाने वाले वैसे मतदाता, जिनके पास निर्धारित 13 प्रकार के दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। वैसे मतदाताओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था हैं। ऐसे मतदाता अपने, प्रखंड या अंचल कार्यालय में जाकर अधिकारियों से सहायता ले सकते हैं। वे परिवार के पुराने सदस्यों के नाम, माता-पिता अथवा अन्य पारिवारिक विवरण के आधार पर वंशावली तैयार कराकर सीओ से प्रमाणित दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं। जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी विवेक कुमार सुमन ने कहा कि वे अपने संबंधित प्रखंड एवं अंचल कार्यालय में संपर्क कर सीओ से निर्गत वंशावली, जाति प्रमाण पत्र, स्थानीय निवासी, आवासीय प्रमाण पत्र, व ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज उपलब्ध कराकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। ऐसे मतदाता आनलाइन के साथ ऑफलाइन माध्यम से भी आवश्यक प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रमाण पत्रों के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आने को देखते हुए कार्मिक, प्रशासनिक विभाग की ओर से जाति, स्थानीय निवासी व ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनाने की ऑफलाइन व्यवस्था तीन माह तक रखी गई है। इससे खासकर ग्रामीण, गरीब और तकनीकी जानकारी नहीं रखने वाले मतदाताओं को सुविधा मिलेगी। 2003 की मतदाता सूची में नाम नहीं मिल रहा तो क्या करें एसआईआर में प्रारंभिक स्तर पर नाम हटाए गए मतदाताओं को संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) की ओर से नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में आधार, दसवीं का प्रमाण पत्र, माता-पिता से संबंधित प्रमाण पत्र, पासपोर्ट समेत 13 प्रकार के दस्तावेजों में से निर्धारित प्रमाण प्रस्तुत करने और नोटिस में दी गई तारीख व समय पर अंचल कार्यालय में उपस्थित होकर कर सकते है। लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता हैं जो कम पढ़े-लिखे हैं, मजदूरी करते हैं, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं, व दूसरे राज्य से आकर यहां बसे हैं। ऐसे मतदाता अपने , प्रखंड या अंचल कार्यालय में जाकर अधिकारियों से मदद ले सकते हैं। सहायता ले सकते हैं। परिवार के पुराने सदस्यों के नाम, माता-पिता अथवा अन्य पारिवारिक विवरण के आधार पर वंशावली तैयार कराकर सीओ से प्रमाणित दस्तावेज प्राप्त किया जा सकता है। 10 दिनों में अब तक 30 हजार मतदाताओं सुनवाई हो चुकी एसआईआर के तहत 24 अगस्त से प्रखंड व अंचल कार्यालयों में मतदाताओं की सुनवाई जारी है। 24 अगस्त से 5 सितंबर तक अंचल कार्यालयों में 30 हजार से अधिक मतदाताओं की सुनवाई हो चुकी है। रोजाना करीब 200 मतदाताओं को सुनवाई के लिए तारीख दी जा रही है, लेकिन करीबन 70 से 80 मतदाता ही पहुंच रहे हैं। बता दे कि पांच अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद रांची जिले की सात विधानसभा सीटों के करीब 6.44 लाख मतदाताओं को अलग-अलग कारणों से नोटिस जारी किया गया था।

मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से झारखंड में शोक, दो दिन आधा झुका रहेगा राष्ट्रीय ध्वज

रांची  झारखंड में कैबिनेट मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर 6 और 7 सितंबर को राजकीय शोक की घोषणा की गई है। मंत्रिमंडल एवं समन्वय विभाग ने इसको लेकर आदेश जारी किया है। राजकीय शोक के दौरान जिन भवनों नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाते हैं, वहां राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे। इस दौरान सात सितंबर को राज्य सरकार के सभी कार्यालय, स्कूल आदि बंद रहेंगे। छह एवं सात सितंबर को कोई राजकीय समारोह आयोजित नहीं होगा। सुदिव्य कुमार का देहांत रविवार सुबह हार्ट अटैक से 56 साल की उम्र में अस्पताल में हुआ। उनके पास पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेलकूद और युवा कार्य विभाग के साथ नगर विकास और उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी थी। JMM पार्टी का झंडा भी झुका झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के सम्मान में JMM ने अपने कैंप ऑफिस में पार्टी का झंडा झुका दिया। इसके अलावा पार्टी ने अपने सारे प्रस्तावित कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। मंत्री सुदिव्य सोनू का पार्थिव शरीर विधानसभा नहीं लाया जाएगा। गृह क्षेत्र गिरिडीह में आज ही उनका दाह संस्कार होगा। कांग्रेस ने रद किया लोकभवन मार्च झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू जी के आकस्मिक निधन के कारण उत्पन्न शोक की घड़ी को देखते हुए 7 सितंबर को प्रस्तावित लोकभवन मार्च-प्रदर्शन कार्यक्रम एवं 8 सितम्बर को SIR पर आयोजित बैठक को भी स्थगित किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस दुःख की घड़ी में कांग्रेस पार्टी शोकाकुल परिवार के साथ खड़ी है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें एवं शोक संतप्त परिजनों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दें। जिला ओलंपिक एसोसिएशन का सम्मान समारोह टला झारखंड के कैबिनेट मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक निधन से पश्चिमी सिंहभूम जिले में शोक की लहर है। इसके चलते पश्चिमी सिंहभूम जिला ओलंपिक एसोसिएशन ने खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक सम्मान समारोह को स्थगित कर दिया है। इसके साथ ही 7 सितंबर को पश्चिमी सिंहभूम के सभी प्रखंड मुख्यालयों में आयोजित होने वाला धरना-प्रदर्शन भी स्थगित रहेगा। आयोजकों के अनुसार इन सभी कार्यक्रमों की नई तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी।

बिहार में शिक्षकों को मिलेगी AI की ट्रेनिंग, गूगल इंडिया के साथ हुआ MoU

पटना बिहार के शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) के क्षेत्र में गूगल इंडिया दक्ष बनाएगा। शिक्षा दिवस समारोह के मौके पर इस बाबत शिक्षा विभाग और गूगल इंडिया के साथ करार हुआ।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की मौजूदगी में एससीईआरटी के निदेशक यतेंद्र कुमार पाल और गूगल इंडिया के कंट्री हेड संजय जैन ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राज्य के शिक्षकों से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही बिहार के स्वर्णिम भविष्य के निर्माता हैं। उनके भीतर देश का सर्वोच्च पद हासिल करने का माद्दा है। शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के साथ उनके व्यक्तित्व और चरित्र का भी निर्माण करते हैं। शिक्षकों का सबसे महत्वपूर्ण कर्मक्षेत्र उनका विद्यालय है। अब उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पटना आकर धरना-प्रदर्शन करने की नौबत नहीं आएगी। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार, शिक्षा सचिव राजीव रौशन, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, शिक्षा विभाग के विशेष सचिव धर्मेन्द्र कुमार, प्राथमिक शिक्षा निदेशक निशांत कुमार विवेक, माध्यमिक शिक्षा निदेशक नितिन कुमार सिंह, एससीईआरटी के निदेशक यतेंद्र कुमार पाल, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एसए, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा उपस्थित थे। लाइव प्रसारण से जुड़े स्कूलों के विद्यार्थी और शिक्षक कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय समेत राज्य के उन माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में, जहां स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब की सुविधा उपलब्ध है, वहां समारोह का सीधा प्रसारण किया गया। इससे हजारों विद्यालयों में मौजूद शिक्षक और विद्यार्थी सीधे जुड़े रहे। दूसरे सत्र में बच्चों की प्रस्तुतियों ने मन मोहा : समारोह के दूसरे सत्र में स्कूली बच्चों ने लगभग दो घंटे तक नृत्य और संगीत की प्रस्तुति देकर लोगों का मन मोह लिया। इसके लिए राजधानी के 11 स्कूलों के तकरीबन 400 बच्चों और शिक्षकों को बुलाया गया था।

बिहार समेत कई राज्यों के यात्रियों को राहत, मुंबई-कटिहार और कानपुर-गुवाहाटी स्पेशल ट्रेनें हुईं विस्तारित

पटना  त्योहारों के इस मौसम में घर जाने की सोच रहे यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय रेलवे के पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) जोन ने यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट की समस्या से निपटने के लिए दो जोड़ी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों की सेवाओं का विस्तार कर दिया है। रेलवे के इस महत्वपूर्ण फैसले से बिहार, उत्तर प्रदेश, असम और मुंबई के बीच सफर करने वाले हजारों यात्रियों को आवागमन के लिए बेहतर और सुविधाजनक विकल्प मिल सकेंगे, साथ ही प्रमुख व्यस्त रूटों पर अत्यधिक भीड़भाड़ का दबाव भी कम होगा। ​ मुंबई-कटिहार और कानपुर-गुवाहाटी रूट पर राहत ​एनएफआर द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिन दो प्रमुख गाड़ियों के फेरे बढ़ाए गए हैं, उनमें ट्रेन संख्या 09189/09190 मुंबई सेंट्रल कटिहार मुंबई सेंट्रल फेस्टिवल स्पेशल और ट्रेन संख्या 04127/04128 कानपुर सेंट्रल गुवाहाटी कानपुर सेंट्रल फेस्टिवल स्पेशल शामिल हैं। ये सभी स्पेशल ट्रेनें अपने पुराने निर्धारित समय, ठहराव (स्टॉपेज), कोच कंपोजिशन और तयशुदा शेड्यूल के अनुसार ही पटरियों पर दौड़ेंगी, जिससे यात्रियों को किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा। ​ट्रेन संख्या 09189/09190 (मुंबई सेंट्रल कटिहार) की नई तिथियां ​मुंबई सेंट्रल से कटिहार के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 09189 फेस्टिवल स्पेशल इस त्योहारी सीजन में कुल सात अतिरिक्त फेरे लगाएगी। यह गाड़ी 5 और 12 सितंबर, 17, 24 और 31 अक्टूबर, तथा 7 और 14 नवंबर 2026 को अपनी यात्रा शुरू करेगी। ​वहीं, वापसी की दिशा में कटिहार से मुंबई सेंट्रल जाने वाली ट्रेन संख्या 09190 फेस्टिवल स्पेशल भी सात अतिरिक्त फेरों के साथ संचालित होगी। यह वापसी सेवा 8 और 15 सितंबर, 20 और 27 अक्टूबर, और साथ ही 3, 10 और 17 नवंबर 2026 को यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेगी। ​ ट्रेन संख्या 04127/04128 (कानपुर सेंट्रल गुवाहाटी) का विस्तारित शेड्यूल ​कानपुर सेंट्रल और गुवाहाटी के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को इस बार लंबी अवधि की राहत दी गई है। कानपुर सेंट्रल से गुवाहाटी के लिए चलने वाली ट्रेन संख्या 04127 स्पेशल को 10 सितंबर से 10 दिसंबर 2026 तक कुल 14 अतिरिक्त फेरों के लिए बढ़ाया गया है। ​इसके विपरीत दिशा में, गुवाहाटी से कानपुर सेंट्रल लौटने वाली ट्रेन संख्या 04128 स्पेशल 11 सितंबर से 11 दिसंबर 2026 तक 14 अतिरिक्त फेरों के साथ अपनी सेवाएं प्रदान करेगी, जिससे उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर के बीच संपर्क और मजबूत होगा। ​ यात्रियों की सुविधा और भीड़ नियंत्रण पर जोर ​पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) कपिंजल किशोर शर्मा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि त्योहारी सीजन के दौरान ट्रेनों में अचानक बढ़ने वाली भारी भीड़ को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इन अतिरिक्त फेरों के संचालन से यात्रियों को यात्रा करने के लिए अधिक विकल्प प्राप्त होंगे और व्यस्त मार्गों पर यात्रियों का दबाव घटेगा। रेलवे का मुख्य उद्देश्य हर यात्री को इस व्यस्त समय में एक आसान, सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करना है।  

झारखंड में सौर ऊर्जा को बढ़ावा, 3500 भवनों पर 82 मेगावाट के रूफटॉप प्लांट

रांची  झारखंड में सरकारी भवनों की छतों का इस्तेमाल सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा रहा है. राज्य के 3500 से अधिक सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाए जा चुके हैं. इनकी कुल उत्पादन क्षमता करीब 82 मेगावाट है. 617 सोलर मिनी ग्रिड से 30 हजार घरों में पहुंची बिजली वहीं, सुदूर और दुर्गम ग्रामीण इलाकों में बिजली पहुंचाने के लिए 617 से अधिक सोलर मिनी ग्रिड स्थापित किए गए हैं. इनकी कुल क्षमता करीब 10.60 मेगावाट है. इन मिनी ग्रिड के जरिए 30 हजार से अधिक घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचने का दावा किया गया है. अब इन सभी सौर ऊर्जा परियोजनाओं की निगरानी और उनके प्रदर्शन का आकलन डिजिटल तकनीक के जरिए करने की तैयारी है. IoT से होगी सोलर प्लांट की निगरानी झारखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (JREDA) इसके लिए एक एजेंसी का चयन करने जा रही है. यह एजेंसी IoT यानी इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित सिस्टम तैयार करेगी. इसके तहत सोलर प्लांट की स्थिति, उत्पादन, प्रदर्शन और तकनीकी समस्याओं की जानकारी डिजिटल तरीके से मिल सकेगी. इसके अलावा एसेट और इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम तथा IT आधारित परफॉर्मेंस मॉनीटरिंग और इवैल्यूएशन फ्रेमवर्क भी तैयार किया जाएगा. तीन साल का व्यापक वार्षिक रखरखाव अनुबंध चयनित एजेंसी सिस्टम के डिजाइन, डेवलपमेंट, इंप्लीमेंटेशन, होस्टिंग और संचालन का काम करेगी. राज्यभर की सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए तीन साल का व्यापक वार्षिक रखरखाव अनुबंध भी किया जाएगा. इससे सोलर प्लांट का समय-समय पर मेंटेनेंस सुनिश्चित किया जा सकेगा. 66 से 70 करोड़ रुपये की बचत का दावा JREDA के अनुसार सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने से बिजली के खर्च में कमी आई है. इससे राज्य को हर साल करीब 66 से 70 करोड़ रुपये की बिजली बचत होने का दावा किया गया है. डिजिटल निगरानी भी जरूरी JREDA के एमडी केके वर्मा के अनुसार, एजेंसी का फोकस केवल सरकारी भवनों की छत पर सोलर प्लांट लगाने तक सीमित नहीं है. प्लांट से कितना बिजली उत्पादन हो रहा है, उसकी स्थिति कैसी है, परिसंपत्तियों का रिकॉर्ड क्या है और रखरखाव ठीक से हो रहा है या नहीं, इसकी डिजिटल निगरानी भी जरूरी है. हर प्लांट की स्थिति पर रहेगी नजर नई डिजिटल व्यवस्था से सौर परियोजनाओं की परिसंपत्तियों और इन्वेंट्री का रिकॉर्ड ऑनलाइन तैयार किया जा सकेगा. IoT आधारित सिस्टम के माध्यम से हर प्लांट के प्रदर्शन की लगातार निगरानी और उसका मूल्यांकन किया जाएगा. इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि कौन सा सोलर प्लांट अपनी निर्धारित क्षमता के अनुसार बिजली पैदा कर रहा है और कहां तकनीकी खराबी या उत्पादन में कमी आ रही है. सोलर परियोजनाओं के रखरखाव और प्रदर्शन से जुड़ी जानकारी भी एक ही डिजिटल सिस्टम में उपलब्ध रहेगी. इससे खराबी की पहचान और उसके समाधान में तेजी आने की उम्मीद है. साथ ही राज्य में चल रही सौर ऊर्जा परियोजनाओं के प्रबंधन को भी अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा.  

बिहार के 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश के आसार

 पटना बिहार में कल यानी 6 सितंबर 2026 को मौसम कई इलाकों में बदला हुआ रह सकता है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधि देखने को मिल सकती है. कुछ जिलों में तेज हवा के साथ मौसम खराब होने की संभावना है. उत्तर और उत्तर-पूर्व के कई जिलों को ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है. दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के कई जिलों में कोई चेतावनी नहीं दी गई है. इन सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट कल उत्तर-पूर्वी बिहार के 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इनमें सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार शामिल हैं. इन जिलों में मौसम खराब होने के साथ गरज-चमक और तेज बारिश हो सकती हैं. बारिश और आंधी-तूफान के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है. खेतों और खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को भी विशेष रूप से मौसम पर नजर रखने की जरूरत है. येलो अलर्ट भी कई जिलों में जारी येलो अलर्ट वाले जिलों की संख्या अधिक है. इनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, खगड़िया, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, बांका और जमुई शामिल हैं. इन जिलों में भी मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है. बक्सर, भोजपुर, पटना, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, गया, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर में कोई चेतावनी नहीं दी गई है. पिछले 24 घंटे के दौरान कैसा रहा मौसम मौसम विभाग के 5 सितंबर तक के आंकड़ों के अनुसार बिहार में पिछले 24 घंटे के दौरान बारिश सामान्य रही. राज्य में अब तक 524.1 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य बारिश 812.2 मिमी होनी चाहिए थी. इस तरह बारिश में 35 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. 4 सितंबर को कैमूर के भभुआ में राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. 5 सितंबर को पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि नगर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा. पिछले 24 घंटे में सीवान के नौतन में 80.8 मिमी बारिश सबसे अधिक दर्ज की गई. इसके बाद सीवान के गोरियाकोठी में 80.2 मिमी और सीवान के भगवानपुर हाट में 78.6 मिमी बारिश दर्ज हुई.