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मता बनर्जी पर राम कृपाल यादव का आरोप, घुसपैठियों की मदद से सत्ता चाहती हैं

पटना, बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ममता बनर्जी पर तंज कसा है। उन्होंने चुनाव आयोग पर ममता बनर्जी के बयान को लेकर कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और यह कभी किसी दल से प्रभावित नहीं हुआ है। राम कृपाल यादव ने कहा कि मेरा मानना है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसलिए चिंता जता रही हैं क्योंकि चुनाव आयोग के प्रमुख ज्ञानेश कुमार अपना काम कर रहे हैं। उनकी समस्या यह है कि वे बांग्लादेश से आए घुसपैठियों की मदद से सरकार बनाना चाहती हैं, लेकिन यह संभव नहीं है। कानून का राज है और संवैधानिक व्यवस्था पर अगर कोई उंगली उठाता है तो जनता उसको कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि हिम्मत है तो महाभियोग लाएं। खारिज हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता उनके चेहरे को भी खारिज कर देगी। इस बार चुनाव में जनता ममता बनर्जी को हरा देगी। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार कातिल और असंवैधानिक है। वे कानून विरोधी काम करती है। ये सरकार भाजपा के कार्यकर्ताओं को चुन-चुन कर मरवा रही है। ममता बनर्जी के हाथ निर्दोषों के खून से रंगे हुए हैं। आने वाले वक्त में उनको इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार का सफाया होगा और भारतीय जनता पार्टी की दो तिहाई बहुमत से सरकार बनेगी। मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण ईंधन और गैस आपूर्ति में आई बाधाओं पर मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण हुई है। इस स्थिति के चलते कुछ कठिनाइयां उत्पन्न हो गई हैं। उन्होंने कहा कि भारत और राज्य की सरकार संयुक्त रूप से इस समस्या के निदान के लिए काम कर रही है। जिससे कि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार का कष्ट न उठाना पड़े। नियमित रूप से गैस और तेल इत्यादि मिलता रहे। कालाबाजारी करने वाले लोगों को लेकर उन्होंने कहा कि कालाबाजारी करने वाले लोगों को सरकार छोड़ेगी नहीं। जो कालाबाजारी करेंगे उनका लाइसेंस रद्द होगा और उनको जेल भी जाना पड़ेगा। इसलिए इन सब चीजों पर सरकार निगरानी रखे हुए हैं। सरकार का दायित्व है कि जनता के हित में काम करे। जनता के अहित में जो काम करेगा उसको सरकार छोड़ेगी नहीं।  

रामनवमी जुलूस में डीजे की अनुमति पर बवाल, झारखंड विधानसभा में भाजपा का जोरदार विरोध

रांची, झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को रामनवमी के जुलूस में डीजे बजाने पर लगी पाबंदी का मुद्दा छाया रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा और जमकर नारेबाजी की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार एक खास समुदाय को निशाना बना रही है और हिंदुओं की धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है। भारी शोरगुल और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने सदन में मोर्चा खोलते हुए कहा कि रामनवमी जैसे महापर्व पर डीजे बजाने पर रोक लगाना पूरी तरह से भेदभावपूर्ण है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जानबूझकर बहुसंख्यक समाज की परंपराओं को बाधित करने की कोशिश की जा रही है। नवीन जायसवाल के इस बयान का सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कड़ा विरोध किया, जिससे सदन में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। भाजपा विधायक इस दौरान ‘आसन’ (वेल) के समीप आकर नारेबाजी करने लगे। विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि कुछ लोग समाज में नफरत फैलाने और धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियम और कानून सभी के लिए बराबर हैं और इसे किसी खास समुदाय से जोड़कर देखना गलत है। सदन में लगातार बढ़ते शोरगुल को देख स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि सदन अब तक सुचारू रूप से चल रहा था, लेकिन इस तरह के व्यवधान से जनता के मुद्दों पर चर्चा प्रभावित हो रही है। हजारीबाग से भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने इस मुद्दे पर सदन के बाहर धरना दिया। उन्होंने हजारीबाग की विश्व प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय श्री चैत रामनवमी का जिक्र करते हुए मांग की कि इसे ‘राजकीय महोत्सव’ का दर्जा दिया जाए। प्रदीप प्रसाद ने सरकार को खुली चेतावनी देते हुए कहा, “हजारीबाग की रामनवमी अपनी भव्यता के लिए जानी जाती है। प्रशासन चाहे जो कर ले, हजारीबाग में हर हाल में डीजे बजेगा। हम अपनी परंपराओं और आस्था के साथ समझौता नहीं करेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन जानबूझकर जुलूसों में अड़ंगा डाल रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।  

साइकिल से विधानसभा पहुंचे झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी

रांची. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी बुधवार को साइकिल से विधानसभा पहुंचे. उन्होंने यह कदम राज्य में गैस और तेल की सप्लाई से जुड़े संकट को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में उठाया. मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, खासकर ईरान युद्ध के प्रभाव के कारण देश में गैस और तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिसका असर झारखंड के कई क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है. इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से साइकिल से विधानसभा पहुंचकर विरोध जताया. केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर झारखंड में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति तुरंत बहाल करने की मांग की है. उन्होंने अपने पत्र में कहा कि राज्य में कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई बाधित होने से कई औद्योगिक संस्थानों, होटलों और कैंटीनों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उद्योग और होटल व्यवसाय पर पड़ रहा असर डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि एलपीजी की कमी का असर सिर्फ व्यवसाय पर ही नहीं, बल्कि हजारों कामगारों के भोजन की व्यवस्था पर भी पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि रांची स्थित उषा मार्टिन लिमिटेड समेत कई औद्योगिक इकाइयों की कैंटीनों में गैस की कमी के कारण भोजन व्यवस्था प्रभावित हो रही है. इससे वहां काम करने वाले कर्मचारियों और श्रमिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि औद्योगिक कैंटीनों और होटल व्यवसाय के लिए कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल की जाए. उन्होंने कहा कि यदि गैस की नियमित आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो इससे उद्योगों के कामकाज, होटल व्यवसाय और श्रमिकों की भोजन व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है. मंत्री ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर जल्द सकारात्मक कदम उठाएगी.

झारखंड में हिंडाल्को द्वारा ‘रेड मड सप्लाई’ की फिर होगी जांच

रांची. मुरी स्थित हिंडाल्को इंडस्ट्रीज द्वारा रेड मड आपूर्ति के मामले की फिर से जांच होगी। मंगलवार को सिल्ली से झामुमो के विधायक अमित कुमार द्वारा ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से इसे उठाया। विधायक अमित कुमार ने आरोप लगाया कि हिंडाल्को इंडस्ट्रीज ने बिना पर्यावरणीय अनुमति के रेड मड की आपूर्ति की है। उन्होंने यह भी कहा कि रेड मड तालाब से जुड़ी एक घटना में 25 से 30 लोगों की मौत होने की बात सामने आई थी, जिसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। इस पर प्रभारी मंत्री सुदिव्य कुमार ने सदन को बताया कि झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने बिना पर्यावरणीय अनुमति के लगभग दो लाख टन रेड मड की आपूर्ति राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को किए जाने के मामले में हिंडालको इंडस्ट्रीज पर 37,96,875 रुपये का पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति दंड लगाया है। मंत्री ने कहा कि कथित मौतों की घटना को लेकर अब तक न तो किसी मीडिया में प्रमाणित रिपोर्ट सामने आई है और न ही किसी थाने में इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज हुई है। पहले गठित जांच टीम की रिपोर्ट में भी ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई। हालांकि, विधायक अमित कुमार ने जांच टीम की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए विधानसभा की कमेटी से जांच कराने की मांग की। इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार मामले की गंभीरता को देखते हुए नई कमेटी गठित कर दोबारा जांच कराएगी। यदि पहले की जांच रिपोर्ट और नई जांच रिपोर्ट में अंतर पाया जाता है, तो सरकार आगे की आवश्यक कार्रवाई करेगी। फर्जी हुकूमनामा और दस्तावेजों के सहारे सरकारी जमीन हेराफेरी का आरोप बोकारो जिले के चास अंचल स्थित नारायणपुर मौजा की 21 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री को लेकर उठे विवाद की जांच अब भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के सचिव करेंगे। चंदनक्यारी से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) विधायक उमाकांत रजक द्वारा विधानसभा में यह मामला उठाए जाने के बाद सरकार ने जांच कराने का फैसला लिया है। मंत्री दीपक बिरुआ ने सदन में कहा कि सरकार इस मामले में सख्त रुख अपनाएगी और विभागीय स्तर पर इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि मामला फिलहाल न्यायालय में भी विचाराधीन है और कोर्ट का फैसला आने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई करेगी। विधानसभा में ध्यानाकर्षण सूचना के दौरान विधायक उमाकांत रजक ने बताया कि संबंधित 21 एकड़ जमीन सर्वे के अनुसार गैर आबाद मालिक की श्रेणी में दर्ज थी। इसमें से 1.98 एकड़ जमीन भूमिहीनों को दानपत्र के माध्यम से दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गैर आबाद जमीन की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा किया गया और सादा हुकूमनामा बनाकर रजिस्ट्री कर ली गई। विधानसभा में वार-प्रतिवार उन्होंने कहा कि एक जनवरी 1946 से पहले के हुकूमनामा के आधार पर जमीन की दर तय की जा रही है, जबकि इस जमीन की बंदोबस्ती केलू महतो के नाम से दर्ज थी। उनके अनुसार धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और फर्जी दस्तावेजों के सहारे साजिश के तहत सरकारी जमीन की हेराफेरी की गई है। मामले के सामने आने के बाद बोकारो जिला प्रशासन ने प्राथमिकी भी दर्ज की है। विधायक ने यह भी बताया कि करीब 2.8 एकड़ जमीन पर एक रिजॉर्ट का निर्माण कर लिया गया है। इस पर विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि न्यायालय ने केवल 2.8 एकड़ जमीन पर कार्रवाई पर रोक लगाई है, जबकि बाकी 21 एकड़ जमीन पर कोई रोक नहीं है।

झारखंड की हेमंत सरकार 20 हजार करोड़ का निवेश लाकर बढ़ाएगी रोजगार

रांची. झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को द्वितीय पाली में श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग व उद्योग विभाग के कटौती प्रस्ताव पर चर्चा हुई। डुमरी विधानसभा से झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के विधायक जयराम कुमार महतो ने सदन में उपरोक्त विभाग के बजट में कटौती का प्रस्ताव लाया था। सदन में चर्चा के बाद श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के 1168.73 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हो गया। सरकार के उत्तर में विभागीय मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि रोजगार, नौकरी व श्रमिकों के हित में हेमंत सोरेन की सरकार बेहतर कार्य कर रही है। हर हाथ को काम, हर चेहरे पर मुस्कान, हेमंत सोरेन की सरकार का संकल्प है। उसे पूरा करने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। उनकी सरकार राज्य में 20 हजार करोड़ का निवेश ला रही है, ताकि रोजगार को बढ़ावा मिल सके। राज्य में औद्योगिक विकास पर भी काम हो रहा है, ताकि यहां के लोगों को रोजगार मिल सके। सरकार ने गिनाए काम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में जनवरी तक तीन लाख 89 हजार 568 निर्माण श्रमिकों का निबंधन किया गया है। झारखंड भवन व अन्य बोर्ड के माध्यम से 277582 निबंधित लाभुकों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए कुल 167.93 करोड़ रुपये का लाभ वितरित किया गया है। श्रमाधान पोर्टल पर अब तक निबंधित कुल असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की संख्या 15 लाख 57 हजार 373 है, जिन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए 31 जनवरी 2026 तक कुल 83919 श्रमिकों को कुल 58 .19 करोड़ रुपये के समतुल्य योजनाओं का लाभ दिया गया है। बाल श्रमिकों की विमुक्ति के लिए अभियान चलाया जा रहा है और अब तक 80 बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया गया है। इनमें से 22 बाल श्रमिकों का नामांकन विभिन्न विद्यालयों में कराया गया है, शेष के नामांकन की कार्रवाई चल रही है। उनके माता-पिता को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में 273 प्रवासी मजदूरों के आश्रितों को उनकी मृत्यु के बाद 225.50 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है। सामान्य मृत्यु की स्थिति में 219 श्रमिकों के पार्थिव शरीर को पैतृक आवास तक लाने के लिए 106.55 लाख रुपये आश्रितों को सहायता दी गई है। चालू वित्तीय वर्ष में विदेश में दुर्घटना में छह मजदूर की मृत्यु होने पर उनके आश्रित को विभाग ने 30 लाख रुपये का अनुदान दिया। बेरोजगार युवकों को निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठानों में रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 302 भर्ती कैंपों एवं 95 रोजगार मेलों का आयोजन कर 14748 युवाओं को रोजगार के लिए चयन किया गया। सीएम पर टिप्पणी को संसदीय कार्य मंत्री ने बताया गलत कटौती प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विधायक जयराम महतो ने कहा कि धनबाद की एक सभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था कि अगर निजी संस्थान नौकरी नहीं देते हैं, तो लोग उसपर कब्जा कर लें। जयराम महतो ने कहा कि एक विधायक कहें तो शोभा देता है, लेकिन मुख्यमंत्री का पद एक शक्तिशाली पद है। उन्हें तमाम अधिकार प्राप्त है। उनका यह संबोधन उनके पद की गरिमा के विपरीत है। इसपर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री से संबंधित इस तरह का कोई सबूत जयराम महतो के पास नहीं है, इसलिए इसे सदन की कार्यवाही से हटाया जाए। बाद में जयराम महतो ने इंटरनेट मीडिया से संबंधित फुटेज व छपी खबरों से संबंधित कतरन उन्हें मोबाइल पर भेजने का दावा किया। इन विधायकों ने भी रखी अपनी बातें कटौती प्रस्ताव के पक्ष में विधायक आलोक कुमार चौरसिया, जनार्दन पासवान, रागिनी सिंह व सरयू राय ने अपनी बात रखी। वहीं, कटौती प्रस्ताव के विपक्ष में व सरकार के पक्ष में विधायक दशरथ गगराई, प्रदीप यादव, सुरेश पासवान, अरुप चटर्जी, सुदीप गुड़िया व जगत मांझी ने अपनी बात रखी। विधायक सुदीप गुड़िया ने खूंटी, रनिया कोरिडोर को विकसित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पर्यटन के साथ-साथ रोजगार भी बढ़ेगा। सरयू राय ने कहा कि यहां उद्योगों के विकास के लिए पर्याप्त संसाधन है। यहां के खनिज से दूसरे राज्यों में उद्योग-धंधे चल रहे हैं। सरकार को इसपर ध्यान देना चाहिए। उद्योग लगने से यहां के श्रमिकों को यहीं पर रोजगार मिलेगा। विधायक प्रदीप यादव ने भी कहा कि नए उद्योगों को लाकर सरकार झारखंड की बेरोजगारी दूर कर सकती है।

स्वास्थ्य मुख्यालय में तुरंत मदद के लिए दो नर्सें और एंबुलेंस रहेगी तैनात

पटना. स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके तहत मुख्यालय में दो प्रशिक्षित ग्रेड-ए नर्सों की तैनाती की जाएगी। इस संबंध में विभाग की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के उप सचिव विनोद कुमार पाठक ने इस संबंध में असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, पटना को पत्र भेजा है। पत्र में मुख्यालय में चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। साथ ही इस व्यवस्था को शीघ्र लागू करने का अनुरोध भी किया गया है। कार्यालय अवधि में रहेंगी तैनात नर्सें पत्र के अनुसार स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय में दो प्रशिक्षित ग्रेड-ए नर्सों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। ये नर्सें कार्यालय अवधि के दौरान वहां मौजूद रहेंगी। उनका मुख्य कार्य अधिकारियों और कर्मचारियों की दैनिक और आकस्मिक स्वास्थ्य जांच करना होगा। आपात स्थिति में मिलेगी तुरंत मदद स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य यह है कि किसी भी कर्मचारी या अधिकारी की तबीयत अचानक बिगड़ने पर तुरंत प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध हो सके। इसके लिए मुख्यालय परिसर में ही स्वास्थ्य सहायता की व्यवस्था की जा रही है। इससे आपात स्थिति में इलाज में देरी की संभावना कम हो जाएगी। सचिवालय के पास तैयार रहेगी एंबुलेंस इसके अलावा आपातकालीन स्थिति को ध्यान में रखते हुए सचिवालय के आसपास एक एंबुलेंस भी तैयार रखने का निर्देश दिया गया है। जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस के माध्यम से मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा। इस व्यवस्था से कर्मचारियों को त्वरित चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। शीर्ष प्राथमिकता पर लागू होगी व्यवस्था पत्र में इस पूरी व्यवस्था को शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का अनुरोध किया गया है। विभाग का मानना है कि इससे मुख्यालय में कार्यरत कर्मियों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर मुख्यालय में ही तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।

बिहार में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए होगी 1080 नए डॉक्टरों की नियुक्ति

पटना. बिहार सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। सात निश्चय-3 (2025-2030) के तहत प्रखंड स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए नेत्र रोग और ईएनटी (कान-नाक-गला) के 1080 विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारियों के अतिरिक्त पद सृजित करने का प्रस्ताव सरकार ने स्वीकृत किया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य के 534 प्रखंड स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ 6 अन्य सीएचसी, यानी कुल 540 केंद्रों में यह व्यवस्था की जाएगी। प्रत्येक केंद्र पर एक नेत्र रोग विशेषज्ञ और एक ईएनटी विशेषज्ञ को तैनात किया जाएगा। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को इन रोगों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था को किया जा रहा मजबूत उल्लेखनीय है कि कि भारतीय लोक स्वास्थ्य मानक (आइपीएचएस) के अनुरूप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहले से ही जनरल सर्जन, फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ और एनेस्थेटिस्ट के पद सृजित हैं। अब सात निश्चय-3 के तहत स्वास्थ्य सेवाओं के दायरे को बढ़ाते हुए नेत्र रोग और ईएनटी विशेषज्ञों की भी नियुक्ति की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को आंख तथा कान-नाक-गला से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें बेहतर व गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा अपने ही प्रखंड में उपलब्ध हो सकेगी।

पटना DM बोले- ‘पैनिक होकर न करें बुकिंग, LPG की कमी नहीं’

पटना. पटना जिले में एलपीजी गैस को लेकर किसी तरह की कमी नहीं है और सभी उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस उपलब्ध कराई जा रही है। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे पैनिक होकर गैस सिलेंडर की बुकिंग न करें। उन्होंने कहा कि सभी गैस कंपनियों और वितरकों के पास पर्याप्त मात्रा में एलपीजी उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले के सभी डिस्ट्रिब्यूटर्स और गैस कंपनियों के पास पर्याप्त मात्रा में एलपीजी का स्टॉक मौजूद है। उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से की जा रही है। ऐसे में लोगों को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि गैस बुकिंग की व्यवस्था पहले की तरह ही जारी है। उपभोक्ता मिस्ड कॉल, एसएमएस, आईवीआरएस, व्हाट्सएप और ओटीपी के माध्यम से बुकिंग कर सकते हैं। यह पूरी प्रणाली अभी भी सुचारू रूप से काम कर रही है। बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर जरूरी प्रशासन के अनुसार एलपीजी गैस की एक बुकिंग और अगली बुकिंग के बीच 25 दिनों का अंतराल निर्धारित किया गया है। उपभोक्ताओं को इसी निर्धारित अवधि के बाद ही अगली बुकिंग करनी चाहिए। इस व्यवस्था से सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से गैस उपलब्ध कराना आसान होता है। जिलाधिकारी ने बताया कि इस विषय पर गैस कंपनियों के एरिया ऑफिसर्स और फील्ड ऑफिसर्स के साथ समीक्षा बैठक की गई है। बैठक में अपर जिला दंडाधिकारी (आपूर्ति), विशिष्ट पदाधिकारी अनुभाजन और सभी अनुमंडल पदाधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में जिले में गैस आपूर्ति की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रशासन की स्थिति पर पूरी नजर जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गैस आपूर्ति व्यवस्था पर नियमित निगरानी रखें। कहीं भी किसी प्रकार की समस्या सामने आने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। ब्लैकमार्केटिंग और होर्डिंग पर सख्ती सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को गैस डीलरों और वितरकों के यहां नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। जरूरत पड़ने पर छापेमारी भी की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि ब्लैकमार्केटिंग और होर्डिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गड़बड़ी करने वालों पर दर्ज होगी प्राथमिकी जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति या एजेंसी गैस की कालाबाजारी या जमाखोरी करती पाई गई तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि सभी उपभोक्ताओं को समय पर और बिना किसी परेशानी के गैस उपलब्ध हो सके।

होली के बाद भी जारी रहेंगी 28 स्पेशल ट्रेनें, रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर

 समस्तीपुर रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. होली के दौरान चलाई गई होली स्पेशल ट्रेनों के परिचालन अवधि में विस्तार किया गया है. सहरसा से आनंद विहार, पूर्णिया से आनंद विहार, मुज़फ्फरपुर से आनंद विहार, पटना, नई दिल्ली, दानापुर पुणे सहित 28 ट्रेनों के परिचालन अवधि में विस्तार किया गया है। पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बताया कि होली के बाद भी यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए उनकी सुविधा के मद्देनजर पूर्व मध्य रेल के प्रमुख स्टेशनों से देश के विभिन्न शहरों के लिए चलाई जा रही होली स्पेशल ट्रेनों का परिचालन आगे भी जारी रखने का फैसला किया गया है। आइए देखते हैं ट्रेनों की लिस्ट…     गाड़ी संख्या 03293 पटना-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन 16.03.2026 से 30.03.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.      गाड़ी संख्या 03294 नई दिल्ली-पटना स्पेशल ट्रेन 17.3.2026 से 31.03.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.      गाड़ी संख्या 03257 दानापुर-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 15.03.2026 से 29.03.2026 तक प्रत्येक रविवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03258 आनंद विहार-दानापुर स्पेशल ट्रेन 16.03.2026 से 30.03.2026 तक प्रत्येक सोमवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03697 शेखपुरा-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 16.03.2026 से 30.03.2026 तक सोम, मंगल, शुक्र एवं शनिवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03698 आनंद विहार-शेखपुरा स्पेशल ट्रेन 17.03.2026 से 31.03.2026 तक मंगल, बुध, शनि एवं रविवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 02397 शेखपुरा-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 22.03.2026 एवं 29.03.2026 (रविवार) को चलेगी.     गाड़ी संख्या 02398 आनंद विहार-शेखपुरा स्पेशल ट्रेन 23.03.2026 एवं 30.03.2026 (सोमवार) को चलेगी.     गाड़ी संख्या 01143 लोकमान्य तिलक-दानापुर स्पेशल ट्रेन 10.03.2026 से 31.03.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.     गाड़ी संख्या 01144 दानापुर-लोकमान्य तिलक स्पेशल ट्रेन 11.03.2026 से 01.04.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.     गाड़ी संख्या 01449 पुणे-दानापुर स्पेशल ट्रेन 10.03.2026 से 31.03.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.     गाड़ी संख्या 01450 दानापुर-पुणे स्पेशल ट्रेन 12.03.2026 से 02.04.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.     गाड़ी संख्या 05219 मुजफ्फरपुर-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 13.03.2026 से 27.03.2026 तक प्रत्येक शुक्रवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 05220 मुजफ्फरपुर-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 14.03.2026 से 28.03.2026 तक प्रत्येक शनिवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 04014 आनंद विहार-लौकहा बाजार स्पेशल ट्रेन 10.03.2026 से 15.03.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.     गाड़ी संख्या 04013 लौकहा बाजार-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 11.03.2026 से 16.03.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.     गाड़ी संख्या 05575 सहरसा-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 11.03.2026 से 25.03.2026 तक प्रत्येक बुधवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 05576 आनंद विहार-सहरसा स्पेशल ट्रेन 17.03.2026 से 31.03.2026 तक प्रत्येक मंगलवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 05579 पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 17.03.2026 से 29.03.2026 तक प्रत्येक मंगल, शुक्र एवं रविवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 05580 आनंद विहार-पूर्णिया कोर्ट स्पेशल ट्रेन 19.03.2026 से 29.03.2026 तक प्रत्येक गुरु, शुक्र एवं रविवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 06021 पोत्तनूर-बरौनी स्पेशल ट्रेन 16.03.2026 एवं 23.03.2026 (सोमवार) को चलेगी.     गाड़ी संख्या 06022 बरौनी-पोत्तनूर स्पेशल ट्रेन 19.03.2026 एवं 26.03.2026 (गुरुवार) को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03311 धनबाद-चंडीगढ़ स्पेशल-10.03.2026 से 27.03.2026 तक प्रत्येक मंगल एवं शुक्रवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03312 चंडीगढ़-धनबाद स्पेशल-12.03.2026 से 29.03.2026 तक प्रत्येक गुरुवार एवं रविवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03639 धनबाद-शकूरबस्ती स्पेशल ट्रेन 13.03.2026 से 30.03.2026 तक प्रत्येक सोम एवं शुक्रवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03640 शकूरबस्ती-धनबाद स्पेशल ट्रेन 14.03.2026 से 31.03.2026 तक प्रत्येक मंगल एवं शनिवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03309 धनबाद-दिल्ली स्पेशल ट्रेन 14.03.2026 से 28.03.2026 तक प्रत्येक मंगल एवं शनिवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03310 दिल्ली-धनबाद स्पेशल ट्रेन 15.03.2026 से 29.03.2026 तक प्रत्येक बुध एवं रविवार को चलेगी.  

प्रशासन में हलचल: हड़ताल के दौरान 5 CO-RO के इस्तीफे स्वीकार, महिला अधिकारियों की संख्या ज्यादा

पटना   बिहार में राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। इस बीच राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से बड़ी खबर आई है। विभाग ने पांच अधिकारियों के इस्तीफे पर मंजूर की मुहर लगा दी है। इनमें तीन महिला और दो पुरुष अधिकारी शामिल हैं। मंगलवार को विभाग की ओर से पत्र जारी करके इसकी जानकारी दी है। स बीचविभागीय मंत्री विजय कुमार ने हड़ताल पर गए अधिकारियों और कर्मियों को कार्रवाई की चेतावनी दी है। जानकारी के मुताबिक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार राजस्व् सेवा के पांच अधिकारियों का त्याग पत्र स्वीकार कर लिया है। जिलाधिकारियों से मिले अनुशंसा पत्र के आलोक में विभाग ने अधिकारियों का त्याग पत्र बीते दिनों के प्रभाव से ही स्वीकार किया है। जिन अधिकारियों का त्याग पत्र स्वीकार किया गया है उसमें वैशाली के गोरौल के सीओ रहे अंशु कुमार हैं। इनका त्याग पत्र 19 दिसम्बर 2025 के प्रभाव से स्वीकार किया गया है। बिक्रमगंज के राजस्व् अधिकारी रहे राजन कुमार का त्याग पत्र 26 जून 2025 के प्रभाव से स्वीकार किया गया है। इसी प्रकार सारण के परसा की राजस्व् अधिकारी रहीं शिवांगी पांडेय का त्याग पत्र सात मई 2025 तो रोहतास के राजपुर की सीओ रही अंकिता वर्मा का त्याग पत्र 27 अगस्त 2024 के प्रभाव से ही स्वीकार किया गया है। जबकि हाजीपुर सदर की राजस्व अधिकारी रहीं स्मृति कुमारी का त्याग पत्र 20 अगस्त 2025 के प्रभाव से स्वीकार किया गया है। इधर उपमुख्यमंत्री सह भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। दिसंबर 2027 तक बिहार में भूमि सर्वेक्षण का कार्य हर हाल में पूरा किया जाएगा। भूमि सर्वेक्षण पूरा होने से राज्य में भूमि अभिलेख पूरी तरह अद्यतन और पारदर्शी हो जाएंगे, जिससे आम लोगों को जमीन से जुड़े विवादों से काफी राहत मिलेगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वेक्षण के कार्य को गति प्रदान करने के उद्देश्य से ही समीक्षा बैठक बुलाई गई है। इस दौरान हरेक मुद्दे की समीक्षा कर तय समय सीमा में कार्य पूरा कराना उद्देश्य है। राज्य में चल रहे विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए 13 मार्च को बैठक होगी। यह बैठक राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना के सभाकक्ष में आयोजित होगी। भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक सुहर्ष भगत की ओर से पत्र जारी किया गया है।