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सुबह घना कोहरा, रात में कंपकंपाती ठंड—झारखंड के 15 जिलों के लिए IMD का येलो अलर्ट

रांची भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने झारखंड के 15 जिलों में अगले दो दिनों तक घने कोहरे के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया है। आईएमडी बुलेटिन के अनुसार, आज गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ के लिए घने कोहरे का 'येलो' अलर्ट जारी किया गया है। 15 जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना बुलेटिन में बताया गया है कि राज्य में सबसे ठंडा स्थान गुमला रहा, जहां तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस था, इसके बाद डाल्टनगंज और पाकुर में 8.3 डिग्री सेल्सियस और खूंटी में 9.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। झारखंड की राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 12.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार को रांची समेत 15 जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता 50 मीटर से 200 मीटर के बीच रहेगी। चार जनवरी से छह जनवरी तक तापमान में गिरावट आने की संभावना रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि अगले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की उम्मीद नहीं है, लेकिन उसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले तीन दिनों में इसमें तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा, "चार जनवरी से छह जनवरी तक तापमान में गिरावट आने की संभावना है।"  

केंद्र सरकार पर केशव महतो कमलेश का आरोप: मनरेगा को कमजोर कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था तोड़ी

रांची झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी 5 जनवरी को मनरेगा कानून और नाम में बदलाव के विरोध में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत यहां बापू वाटिका मोरहाबादी से लोक भवन रांची तक पैदल मार्च करेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी देते हुए बताया कि अखिल भारतीय स्तर पर ‘मनरेगा बचाओ संग्राम' अभियान चलाया जाएगा। कमलेश ने बताया कि इस आंदोलन को तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। प्रथम चरण के तहत 8 जनवरी को राज्य स्तर पर कांग्रेस नेताओं की राज्य प्रभारी के साथ तैयारी बैठक होगी। इसके बाद 10 जनवरी को जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। वहीं 11 जनवरी को गांधी प्रतिमा या अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष एक दिवसीय उपवास एवं धरना दिया जाएगा। मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था का रीढ़ था जिसे केंद्र सरकार ने तोड़ दिया कमलेश ने बताया कि द्वितीय चरण में 12 जनवरी से 30 जनवरी तक पंचायत स्तर पर चौपाल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान सभी ग्राम प्रधानों, पूर्व ग्राम प्रधानों, रोजगार सेवकों एवं मनरेगा कार्यकर्ताओं के बीच कांग्रेस अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष का पत्र वितरित किया जाएगा। इसके साथ ही विधानसभा स्तरीय नुक्कड़ सभाएं और पंपलेट वितरण कार्यक्रम होंगे। 30 जनवरी शहीद दिवस के अवसर पर मनरेगा कार्यकर्ताओं एवं आंदोलनकारियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। तृतीय चरण के तहत 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला स्तरीय ‘मनरेगा बचाओ' धरना आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 7 फरवरी से 15 फरवरी तक राज्य स्तरीय विधानसभा या लोक भवन घेराव किया जाएगा। वहीं 16 फरवरी से 25 फरवरी के बीच देश के विभिन्न क्षेत्रों में क्षेत्रीय स्तर पर चार ‘मनरेगा बचाओ' रैलियों का आयोजन किया जाएगा। कमलेश ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना ग्रामीण भारत पर हमला है, मनरेगा के तहत योजनाओं का चयन पहले गांव में होता था अब केंद्र योजना पंचायत और गांव का चुनाव करेगा। वर्तमान भी भीबी- जीरामजी योजना से क्षेत्रीय असंतुलन पैदा होगा जो देश के लिए हितकर नहीं होगा। मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था का रीढ़ था जिसे केंद्र सरकार ने तोड़ दिया, कोरोना काल में मनरेगा ने गांव में संजीवनी का काम किया था जो आपात स्थिति में किसी योजना के महत्व को दर्शाता है, नरेंद्र मोदी इसे मिटाना चाहते हैं। बीजेपी नहीं चाहती कि ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को रोजगार मिले कमलेश ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने 10 वर्षों पूर्व मनरेगा की आलोचना करते हुए मनरेगा को यूपीए सरकार का स्मारक कहा था, मनरेगा में हर पंचायत को राशि मिलता था, लेकिन अब सिर्फ चुनिंदा पंचायतों को राशि मिलेगी इससे ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर घटेंगे। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि भाजपा की विचारधारा गांधी जी के विपरीत है यही वजह है कि महात्मा गांधी के नाम को हटाकर नई योजना लाई गई। बीजेपी नहीं चाहती कि ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को रोजगार मिले, आर्थिक संपन्नता हो, क्रय शक्ति बढ़े इससे भाजपा की पूंजीवादी सोच झलकती है। नाम में बदलाव भाजपा की मानसिकता को दर्शाता है, हिंदू धर्म को योजना में भावनात्मक रूप से जोड़कर राजनीतिक मंसूबा साधने की कोशिश की गई है। सरकार 125 दिन रोजगार देने की बात करती है, लेकिन सभी निबंधित मजदूरों को रोजगार दिया गया तो बड़ी राशि की आवश्यकता पड़ेगी जिसका प्रावधान बजट में नहीं, सरकार मजदूरों के साथ छलावा कर रही है।  

डॉ. इरफान अंसारी का मानवीय संदेश: ठंड में हजारों गरीबों को बांटे कंबल, कहा– मैं किसी का बुरा नहीं सोचता

रांची  झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, इंसानियत की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं। हर साल की तरह इस साल भी भीषण ठंड को देखते हुए हमने हजारों जरूरतमंदों तक कंबल पहुंचाया है, ताकि कोई भी ठंड से बीमार न पड़े। यह सेवा का संस्कार मैंने अपने पिता फुरकान अंसारी से सीखा है, जो हर पर्व, हर संकट में जनता के बीच जाकर उनकी मदद करते रहे हैं। "जनता की सेवा पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करें" दरअसल, डॉ. अंसारी ने कड़ाके की ठंड को देखते जामताड़ा विधानसभा अंतर्गत पंचायत झिलुआ, पबिया, बाकुडीह, केन्दुआटांड़, बसपहाड़ी, पिपलाटांड़, उदयपुर, बगरूडीह और महेशपुर सहित कई गांवों में लगभग 8,000 कंबलों का वितरण किया गया। इस अवसर पर पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने कहा, कि ठंड में कोई भी गरीब, असहाय या जरूरतमंद व्यक्ति बीमार न पड़े, यही हमारी प्राथमिकता है। सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। मैंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से कहा है कि जनता की सेवा पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करें। विपक्ष की बातों में उलझने के बजाय जनता की आवाज सुनें और उनके सुख-दुख में साथ खड़े रहें। जनता आज उनके काम से खुश है और यही सबसे बड़ी पूंजी है।' "ठंड से किसी की जान बचाना सबसे बड़ा दान है" डॉ. अंसारी ने भावुक स्वर में कहा कि मैं विश्वास, मेहनत और लगन से जनता की सेवा कर रहा हूं। जब भी जनता को मेरी आवश्यकता होती है, मैं बिना बुलाए पहुंचता हूं। हजारों लोगों की दुआएं और आशीर्वाद ही मुझे भीतर से मजबूत बनाते हैं और ईमानदारी से काम करने की प्रेरणा देते हैं। जैसा कर्म करेंगे, वैसा ही फल मिलेगा-इस सिद्धांत पर मेरा पूरा विश्वास है। डॉ. इरफान अंसारी ने विपक्ष पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, कुछ लोग कहते हैं कि मैं कंबल, साड़ी या वस्त्र बांटता हूं। मैं उनसे कहना चाहता हूं- ठंड से किसी की जान बचाना सबसे बड़ा दान है। जब कोई गरीब इस कंबल से ठंड से बच पाएगा और मेरे पिता फुरकान अंसारी का नाम लेगा, वही मेरी असली पूंजी है।'  

ठंड बढ़ी, बच्चों को राहत: रांची में सभी स्कूल 6 जनवरी तक रहेंगे बंद

रांची झारखंड में ठंड का कहर जारी है। भीषण ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। ठंड के चलते रांची में 2 दिनों की पढ़ाई स्थगित कर दी है। रांची जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी विद्यालयों में केजी से 12वीं तक की कक्षाओं में पठन-पाठन का कार्य 5 जनवरी 2026 से 6 जनवरी 2026 तक स्थगित कर दिया गया है। KG से 12वीं तक कक्षाओं में पठन-पाठन का कार्य पूरी तरह बंद जारी आदेश के अनुसार दिनांक 5 जनवरी से 6 जनवरी 2026 तक सभी विद्यालयों में KG से 12वीं तक कक्षाओं में पठन-पाठन का कार्य पूरी तरह बंद रहेगा। हालांकि, यदि इस अवधि में किसी विद्यालय में पूर्व निर्धारित परीक्षाएं आयोजित हैं, तो विद्यालय प्रबंधन अपने विवेकानुसार परीक्षा का संचालन कर सकते हैं। साथ ही 10वीं और 12वीं कक्षाओं के संचालन को लेकर भी विद्यालयों को आवश्यक निर्णय लेने की छूट दी गई है। बता दें कि मौसम विभाग ने रांची जिला को येलो जोन की श्रेणी में चिह्नित करते हुए अत्यधिक ठंड पड़ने की संभावना जताई है। लगातार गिरते तापमान और शीतलहरी के प्रकोप को देखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

झारखंड के महिला थाना में नर्स ने की खुदकुशी की कोशिश

हजारीबाग. हजारीबाग के महिला थाना परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब न्याय की आस टूटने पर एक नर्स ने जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास कर लिया। घटना के बाद थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों और फरियादियों में हड़कंप मच गया। गंभीर हालत में युवती को तुरंत शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग लाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर है। वह खतरे से बाहर बताई जा रही है। युवती बड़कागांव थाना क्षेत्र की रहने वाली है। वह पेशे से नर्स है। शादी का झांसा देकर शोषण का आरोप पीड़िता का आरोप है कि बड़कागांव थाना क्षेत्र के हरली गांव निवासी विकास कुमार मेहता ने उसके साथ शारीरिक शोषण किया। आरोपी शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एमबीबीएस फोर्थ ईयर का छात्र है। युवती का कहना है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए। यौन शोषण की पहली घटना हजारीबाग के स्वर्ण जयंती पार्क में हुई। आरोपी ने दूसरी घटना गांव में हुई। जब उसने शादी की बात कही तो आरोपी टालमटोल करने लगा। इसके बाद उसने महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन लंबे समय तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। थाना प्रभारी पर असंवेदनशीलता का आरोप पीड़िता ने महिला थाना प्रभारी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि 8 जुलाई को जब वह शिकायत लेकर महिला थाना पहुंची तो उसे यह कहकर लौटा दिया गया कि पार्क में इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। न्याय न मिलने और कथित असंवेदनशील रवैये से वह अंदर से टूट गई। परिजनों का भी आरोप है कि आरोपी की मां पहले शादी का रिश्ता लेकर युवती के घर आई थी, लेकिन बाद में भारी दहेज की मांग शुरू कर दी गई। जिससे युवती की मानसिक स्थिति और बिगड़ती चली गई। जांच में जुटी पुलिस, बयान का इंतजार घटना की सूचना मिलते ही सीसीआर डीएसपी मनोज कुमार सिंह, महिला थाना प्रभारी विंध्यवासिनी सिन्हा, सदर थाना प्रभारी सुभाष सिंह सहित कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएसपी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पीड़िता के बयान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल युवती का इलाज चल रहा है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।

झारखंड में सुबह कोहरा और रात में कंपकंपा रही ठंड

रांची. राज्य के अधिकांश हिस्सों में सुबह के समय ठंड और कोहरे का प्रभाव बना हुआ है, जबकि रात में तापमान गिरने से कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। साथ ही कहीं कहीं बादल तो कहीं धूप निकलने से मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। पतली और ठंडी हवाओं के चलने से सर्दी का असर और तेज हो गया है। राजधानी रांची समेत राज्य के प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 23 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। कहां-कितना दर्ज हुआ तापमान? मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में न्यूनतम तापमान 6 से 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। रांची में अधिकतम तापमान 22.8 डिग्री और न्यूनतम 12.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं जमशेदपुर में अधिकतम 25.4 और न्यूनतम 10.5 डिग्री, डाल्टनगंज में अधिकतम 25.6 और न्यूनतम 8.3 डिग्री, बोकारो में अधिकतम 25.1 और न्यूनतम 11.2 डिग्री तथा देवघर में अधिकतम 24.4 और न्यूनतम 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। गुमला रहा राज्य का सबसे ठंडा इलाका मौसम केंद्र, रांची की रिपोर्ट के अनुसार गुमला राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि दिन में 23.6 डिग्री अधिकतम तापमान और धूप निकलने से लोगों को राहत मिली। वहीं लातेहार ऐसा जिला रहा, जहां दिन के समय भी ठंड का असर बना रहा। यहां अधिकतम तापमान मात्र 18.7 डिग्री और न्यूनतम 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चाईबासा में राज्य का सर्वाधिक 26.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड हुआ, जबकि अन्य जिलों में अधिकतम तापमान 21 से 26 डिग्री के बीच रहा। इन 11 जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट मौसम विभाग ने 5 जनवरी तक राज्य के 11 जिलों-गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़-में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। विशेषकर 4 जनवरी को उत्तरी झारखंड में घना कोहरा देखने को मिल सकता है, जिससे दृश्यता कम रहने और सड़क व रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है। लोगों से सावधानी बरतने की दी सलाह मौसम विभाग ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने, धीमी गति से वाहन चलाने और फॉग लाइट के उपयोग की सलाह दी है। साथ ही किसानों को बढ़ती ठंड और नमी को देखते हुए फसलों की सुरक्षा के उपाय अपनाने को कहा गया है। आम लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और सुबह-शाम अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

झारखंड की राजधानी से हटाए जाएंगे अवैध कब्जे

रांची. झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के मद्देनजर रांची शहर और जिले के विभिन्न इलाकों में अतिक्रमण के खिलाफ तगड़े बुलडोजर ऐक्शन के संकेत हैं। खासकर जब जलाशयों को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई तेजी से चल रही है। बाकी जगहों पर भी अतिक्रमण हटाने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची मंजुनाथ भजन्त्री ने शनिवार को हटिया जलाशय (धुर्वा डैम) के आस-पास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को अवैध कब्जों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। नक्शे के अनुसार चिह्नित हो जलाशयों की सीमा उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जलाशयों की मूल सीमा को राजस्व नक्शे के अनुसार चिह्नित किया जाए तथा किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को शीघ्र हटाया जाए। उन्होंने कहा कि जलाशयों पर अतिक्रमण न केवल जल भंडारण क्षमता को प्रभावित करता है, बल्कि पर्यावरण, भूजल स्तर एवं शहर की पारिस्थितिकी पर भी गहरा असर डालता है। इन जगहों पर होगा बुलडोजर ऐक्शन रांची जिला प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि रांची के सभी प्रमुख जलाशयों – जिसमें कांके डैम, हटिया डैम, धुर्वा डैम, गेतलसूद डैम, हरमू नदी, हिनू नदी एवं अन्य तालाब शामिल हैं – को पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त कर उनका संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण सुनिश्चित किया जाए। संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अंचल अधिकारी अन्य संबंधित विभागों को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। अपर समाहर्ता को सभी अंचल अधिकारियों के लिए रोस्टर तैयार कर नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही अतिक्रमण हटाए जाने के बाद वहां दोबारा कब्जा ना हो, इस बात को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त उपायुक्त भजन्त्री ने आम नागरिकों से अपील की कि वे जलाशयों के आस-पास किसी भी प्रकार का अतिक्रमण ना करें। उन्होंने साफ कहा कि माननीय झारखंड हाईकोर्ट के आदेशों का अक्षरशः पालन कराया जाएगा। इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई रांची को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन की सतत प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

झारखंड में टूटे पुल पर रेलकर्मी की तत्परता से टला बड़ा रेल हादसा

लोहरदगा. झारखंड में बड़ा ट्रेन हादसा होने से बच गया। लोहरदगा-रांची मेमु ट्रेन रविवार दुर्घटनाग्रस्त होते-होते रह गई। समय रहते रेलवे प्रशासन को कोयल नदी पर बने रेलवे पुल के पांच नंबर पिलर के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी समय रहते मिल गई, इसलिए रांची से आने वाले मेमू ट्रेन को पूल से पहले ही रोक कर पैसेंजर खाली करा दिया गया। सभी रेलवे यात्री पांव पैदल रेलवे पु ल पार कर स्टेशन पहुंचे। इस दौरान मामले की जानकारी मिलने के बाद रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं और मामले की जांच की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, दिनों की अपेक्षा आज ट्रेन में काफी भीड़ थी। रांची से चंदवा टोरी जा रही मेमो ट्रेन 68027 लगभग 9 बजे रांची से चली थी। बताया जाता है कि लोहरदगा पहुंचने से कुछ मिनटों पहले ही रेलवे कर्मी को पूल क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली । रेलवे कर्मी तत्परता दिखाते हुए जैसे ही मेमू ट्रेन रेलवे पुल के पास पहुंची उसे रोक दिया गया। पूल क्षतिग्रस्त होते ही पैसेंजरों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, पैसेंजर रेलवे ट्रैक से पुल पार होकर स्टेशन पहुंचे। वहीं जानकारी के बाद रेलवे के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद इस रूट पर रेलवे सेवा बंद कर दी गई है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी टीम के अप्रूवल के बाद ही रेलवे सेवा की जाएगी बहाल। फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है क्यों क्षतिग्रस्त हुआ पिलर मिली जानकारी के अनुसार, कोयल-शंख नदी में लगातार अवैध खनन चल रहा है। इस दौरान अवैध खनन की वजह से कोयल-शंख नदी पर बने पुल के पिलर नंबर 6 को क्षति पहुंची है, जिससे पिलर अब ट्रेन का भार सहने लायक नहीं रह गया है। इसकी वजह कोयल-शंख नदी में लगातार चल रहे अवैध खनन को बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर जां के लिए पहुंच गई है।रांची रेलमंडल की सीनियर डीसीएम शुचि सिंह ने बताया की पुल वाली सूचना सही है। हल्की दरार है। फिर भी सुरक्षा कारणों से इस लाइन में ट्रेन का आवागमन रोक दिया है। लोहरदगा मेमू पैसेंजर को नागजुवा स्टेशन से चलाया जा रहा है। वहीं राजधानी एक्सप्रेस भी परिवर्तित मार्ग से चलेगी।

किडनी ट्रांसप्लांट के लिए रांची के 2 अस्पतालों को लाइसेंस देने की तैयारी

रांची. झारखंड के मरीजों को आने वाले दिनों में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। रांची के 2 अस्पतालों में यह सुविधा शुरू होने की संभावना है। सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है। 9 जनवरी को एडवाइजरी कमिटी की बैठक बुलाई गई है। साथ ही राज्य के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी इस योजना पर काम किया जा रहा है। झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में किडनी ट्रांसप्लांट सेवा शुरू करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम बढ़ाया है। इसके साथ ही राज्य के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी चरणबद्ध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जा रहा है। इस पहल से झारखंड के किडनी रोगियों को इलाज के लिए राज्य से बाहर जाने की मजबूरी से राहत मिलने की उम्मीद है। 9 जनवरी को बुलाई गई बैठक स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार के उप सचिव ध्रुव प्रसाद की ओर से इस संबंध में पत्र जारी किया गया है। पत्र के अनुसार 9 जनवरी 2026 को पूर्वाह्न 11:30 बजे एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी कमिटी की बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग अजय कुमार सिंह के कार्यालय कक्ष में होगी। बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव करेंगे। 2 अस्पतालों को लाइसेंस देने पर विचार बैठक में फिलहाल रांची के दो अस्पतालों-राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) और राज हॉस्पिटल को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए लाइसेंस दिए जाने पर विचार किया जाएगा। इन अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं और निर्धारित मानकों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। निरीक्षण के बाद समिति देगी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत किडनी ट्रांसप्लांट की अनुमति से पहले निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं की अध्यक्षता में एक तकनीकी समिति का गठन किया जाता है। यह समिति संबंधित अस्पताल का स्थल निरीक्षण कर वहां उपलब्ध बुनियादी ढांचे, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, नेफ्रोलॉजी एवं यूरोलॉजी सेवाएं, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, ब्लड बैंक और अन्य आवश्यक संसाधनों का विस्तृत आकलन करती है। निरीक्षण के बाद समिति अपनी रिपोर्ट पेश करती है। एडवाइजरी कमिटी लेगी फैसला तकनीकी समिति की रिपोर्ट के आधार पर एडवाइजरी कमिटी यह निर्णय लेती है कि संबंधित अस्पताल किडनी ट्रांसप्लांट के लिए निर्धारित सभी मानकों और अर्हताओं को पूरा करता है या नहीं। सभी शर्तें पूरी होने की स्थिति में अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्षता में अंतिम निर्णय लिया जाता है और अस्पताल को किडनी ट्रांसप्लांट का लाइसेंस जारी किया जाता है।

CM नीतीश की बड़ी भविष्यवाणी: सम्राट चौधरी को लेकर पिता शकुनी चौधरी से क्या बोले?

पटना  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को यहां वरिष्ठ नेता शकुनी चौधरी के 90वें जन्मदिन समारोह में शामिल हुए। शकुनी चौधरी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पिता हैं और उनका तीन दशक लंबा राजनीतिक करियर है। जन्मदिन के मौके पर नीतीश कुमार शकुनी चौधरी के आवास पहुंचे और शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो इस समारोह के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री पहले शकुनी चौधरी को बधाई देते नजर आते हैं और फिर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की खुलकर प्रशंसा करते हैं। सीएम नीतीश कुमार ने कहा, “सम्राट चौधरी जिस तरह से अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं, वह काबिले-तारीफ है। आपका बेटा बहुत आगे जाएगा। मैं हमेशा उसके साथ हूं।” बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं शकुनी चौधरी बता दें कि शकुनी चौधरी बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं और राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारतीय सेना में भी सेवा दी थी। जन्मदिन समारोह में मुख्यमंत्री के अलावा कई अन्य मंत्री और नेता भी शामिल हुए। इस मौके पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा, “मेरे पिता लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने सेना में सेवा दी और सड़क से लेकर संसद तक बिहार के समाज को मुख्यधारा में लाने का काम किया। हम सभी की कामना है कि वे 190 साल तक हमें अपना आशीर्वाद देते रहें।” सम्राट चौधरी ने समारोह में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य मंत्रियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।