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पायलट बनने की लागत 34.31 लाख रुपये, पांच किस्तों में होगा पूरा भुगतान

रांची  झारखंड में 15 छात्रों को भुगतान के आधार पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चालू हो चुका है और इन्हें अभी ग्राउंड एक्टिविटी से जोड़ा जा रहा है। यहां सभी ट्रेनी पायलट कागजी पढ़ाई को पूरा करेंगे, जिसके बाद हवा में प्रशिक्षण शुरू होगा। छात्रों को छात्रावास शुल्क के अलावा पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पांच किस्तों में 34.31 लाख रुपये का भुगतान करना होगा। इसके अलावा परीक्षा के आधार पर 15 और छात्रों का चयन किया जाएगा जिन्हें अलग से प्रशिक्षण दिया जाएगा। झारखंड कमर्शियल पायलट के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम एक जून से शुरू हाे चुका है। इसके लिए चयनित छात्रों को दुमका स्थित स्टेट हैंगर में रखा गया है, जहां प्रारंभ में ग्राउंड एक्टिविटी के बारे में बताया जाएगा। प्रशिक्षण की शुरुआत हो चुकी है। छात्रों को इसके लिए पांच चरणों में पूरा भुगतान करना होगा जो कि 34.31 लाख रुपये है। सभी छात्रों को निबंधन के समय 3.5 लाख रुपये देने होंगे जिसके बाद भुगतान के लिए अलग-अलग तारीख और शर्तें निर्धारित की जा चुकी हैं। इसके अलावा अन्य 15 प्रतिभाशाली छात्रों को सरकार की ओर से मुफ्त प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। कैसे-कैसे करना है भुगतान चरण                          लागत (लाख रुपये) निबंधन के समय                    3.50 उड़ान शुरू करने से पहले        3.90 20 घंटे उड़ान के पूर्व               7.00 50 घंटे उड़ान के पूर्व                  7.00 100 घंटे उड़ान के पूर्व                7.00 150 घंटे उड़ान के पूर्व                   5.91 कुल लागत     34.31 परीक्षा पर्षद ने कुछ बिंदुओं को स्पष्ट करने का आग्रह किया छात्रों के चयन को लेकर परीक्षा के लिए अधिकृत एजेंसी झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद ने छात्रों के प्रमाणपत्रों की जांच के लिए पर्षद को ही अधिकृत करने की बात कही है। ऐसा होने से कहीं काेई भ्रम नहीं रह जाएगा। फिलहाल सिर्फ परीक्षा कराने का दायित्व पर्षद के पास है। पर्षद का तर्क है कि प्रमाणपत्रों की जांच पर्षद के जिम्मे होने से बेहतर परिणाम मिलेंगे।  

70 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी-बारिश का अलर्ट, कई जिलों में येलो वॉर्निंग

पटना  बिहार के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल बिहार के मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 4 से 5 दिनों में मानसून बिहार के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह अनुकूल स्थिति में है। आंधी-बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, पटना, नवादा, गया, औरंगाबाद, सिवान, भोजपुर, शेखपुरा, लखीसराय, बक्सर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, भागलपुर और मुंगेर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से आंधी चलने की चेतावनी है। वहीं, कल यानी 15 जून को पटना का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा। पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम? बीते 24 घंटों में बिहार के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई है । मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के गया में सबसे ज्यादा 16 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके साथ ही राजगीर में 61 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज और झोंकेदार हवाएं चलीं। मौसम विभाग की अपील मौसम विभाग ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आकाशीय बिजली कड़कने के समय खुले खेतों, पेड़ों के नीचे या कंक्रीट के फर्श/दीवारों के सहारे न रहें। आंधी-तूफान के समय सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और गैर-जरूरी यात्रा से बचें। बिजली कड़कने के दौरान घर के सभी कीमती इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल सामानों के प्लग निकाल दें।

किसानों को डिजिटल क्रॉप सर्वे और आधुनिक कृषि तकनीकों की दी जाएगी जानकारी: मुख्यमंत्री

 पटना  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सीएम आवास 01 अणे मार्ग से किसान जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026 से संबंधित 2 कृषि ज्ञान वाहन सहित सभी जिलों के लिए किसान जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। किसानों को क‍िया जाएगा जागरूक इस किसान जागरुकता वाहन द्वारा किसानों को खरीफ मौसम से संबंधित सभी योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक किया जाएगा। किसानों को खरीफ फसलों की तकनीकी जानकारी दी जाएगी। शारदीय (खरीफ) मौसम में कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं तथा खरीफ में अनुदानित दर पर उपादान वितरण की जानकारी दी जाएगी गृहमंत्री। किसानों का आय बढ़ाने, डिजिटल क्रॉप सर्वे/फार्मर रजिस्ट्री के बारे में अवगत कराने के साथ-साथ कृषि उपकरण की भी जानकारी दी जाएगी। सीएम ने कहा-उत्‍पादकता में होगी वृद्ध‍ि प्रशिक्षण एवं विस्तार सेवाओं के बारे में किसानों को अवगत कराया जाएगा। साथ ही खेत बचाओ अभियान, प्रकृति तथा संतुलित उर्वरक की जानकारी एवं फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरुकता किया जाएगा। मुख्‍यमंत्री ने अपने एक्‍स हैंडल पर लिखा है, क‍ि आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, फसल प्रबंधन तथा कृषि योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के लिए हेतु जागरूकता वाहनों को रवाना किया गया। यह अभियान किसानों तक कृषि संबंधी नवीनतम जानकारियां पहुंचाकर उनकी उत्पादकता एवं आय में वृद्धि के साथ-साथ राज्य में कृषि विकास को नई गति प्रदान करेगा। कार्यक्रम में कृषि मंत्री विजय सिन्हा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत एवं कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल के अतिरिक्त अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

पटना कोचिंग विवाद में नया मोड़, खान सर केस में नोटिस जारी कर थाने बुलावा

पटना  केस मुकदमे में फंसे कोचिंग गुरु फैसल खान उर्फ खान सर के कोचिंग सेंटर खान ग्लोबल स्टडीज से मैनेजर कन्हैया सिंह समेत तीन कर्मियों को पटना पुलिस ने नोटिस भेजकर तलब किया है। कोचिंग सेंटर पर नोटिस चस्पा करके तीनों को कदमकुआं थाने पर की गयी है। कोचिंग पर हमला, हंगामा और तोड़फोड़ के मामले में मैनेजर कन्हैया सिंह ने एफआईआर दर्ज कराया था। बार-बार बुलाने और रिमांडर देने पर भी वे पुलिस के पास नहीं जा रहे थे। रविवार को बजरिए नोटिस उन्हें थाने पर तलब किया गया है। खान ग्लोबल स्टडीज के 2 अन्य कर्मियों अजित कुमार और अंकित कुमार पांडे को भी पुलिस ने थाने पर तलब किया गया है। तीनों के नाम से निकले नोटिस में कहा गया है कि कदमकुआं थाना कांड संख्या 410/26 में अनुसंधान के क्रम में पूछताछ के लिए आपका सहयोग नहीं मिल रहा है। पहले से मौखिक और लिखित रुप से सूचना देने पर भी आप लोग थाने पर केस सी जानकारी देने के लिए नहीं आ। कहा गया है कि आपकी उपस्थिति थाने में अनिवार्य है। थाने में उपस्थित होकर पूछताछ में सहयोग करें। निर्देश का पालन नहीं करने पर कार्वाई की चे यह भी कहा गया है कि यदि आप बिना उचित कारण के इस नोटिस का अनुपालन नहीं करते हैं तो आपके खिलाफ विधि सम्मत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी जिसके लिए आप स्वयं उतरदायी होंगे। चार बजे तक उन्हें थाने पर पहुंचने का निर्देश दिया गया था। जानकारी के अनुसार निर्धारित समय पर ये लोग नहीं पहुंचे थे। कोचिंग में तोड़ फोड़ मामले में कन्हैया सिंह ने पटना पुलिस को आवेदन दिया गया था। इसी के आधार पर केस दर्ज हुआ और ज्ञान बिन्दु के संचालक रोशन सर की गिरफ्तारी हुई। इसी दौरान खान सर के गार्ड द्वारा फायरिंग किए जाने पर एक और एफआईआर दर्ज किया गया और दो गार्ड को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसी मामले में खान सर की गिरफ्तारी पर हाई कोर्ट से रोक लगी है। ज्ञान बिंदु कोचिंग के छात्र-छात्राओं ने खान सर की गिरफ्तारी के लिए गांधी मैदान के पास जोरदार प्रदर्शन किया। गिरफ्तारी की आशंका के बीच खान सर अंडर ग्राउंड हो गए। कोर्ट में सरेंडर की खबरें भी आईं।खान सर की ओर से एंटिसिपेटरी बेल पेटिशन दाखिल किया गया। इससे पहले खान सर प्रकरण में दिन रात हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। इधर कोचिंग विवाद में जेल में बंद रोशन सर के भाई प्रिंस यादव की नेपाल के एक होटल में मौत हो गई। प्रिंस की हत्या की बात बताई जा रही है।

रेल प्रोजेक्ट के तहत कक्षा 6 से 12 तक मासिक टेस्ट अनिवार्य, कंप्यूटर शिक्षा का भी होगा मूल्यांकन

 रांची  स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने रेल (रेगुलर असेसमेंट फार इंप्रूवमेंट इन लर्निंग) प्रोजेक्ट के तहत सरकारी स्कूलों में आयोजित होनेवाली मासिक परीक्षा को लेकर नया एसओपी लागू किया है। इसमें उन स्कूलों में कंप्यूटर और व्यावसायिक शिक्षा की भी परीक्षा आयोजित करने को कहा गया है, जहां समग्र शिक्षा अभियान के तहत क्रमश: आइसीटी तथा व्यावसायिक शिक्षा की पढ़ाई हो रही है। एसओपी में कहा गया है कि जिन स्कूलों में आइसीटी लैब उपलब्ध हैं, उन सभी स्कूलों में प्रत्येक माह के चौथे सप्ताह के किसी भी कार्यदिवस को कक्षा छह से 12 में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए आइसीटी रेल मासिक परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें छात्रों के कंप्यूटर से संबंधित दक्षता का मूल्यांकन किया जाएगा। उक्त परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र एवं उत्तर कुंजी का निर्माण स्कूल स्तर पर करते हुए निर्धारित अवधि में परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों के प्राप्तांकों की प्रविष्टि की जाएगी। वहीं, जिन स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा से संबंधित कक्षाएं संचालित होती हैं, वहां प्रत्येक माह के तीसरे सप्ताह के किसी भी कार्यदिवस को छात्र-छात्राओं की व्यावसायिक शिक्षा की रेल मासिक परीक्षा आयोजित होगी। एसओपी में यह भी कहा गया है कि राज्य स्तर से निर्धारित मासिक जांच परीक्षा की तिथि का पूर्व से जिलों के लिए निर्धारित अवकाश/अन्य कारणों से मेल होने पर उस जिले के स्कूलों द्वारा अवकाश के बाद मासिक जांच परीक्षा अगले कार्यदिवस में अनिवार्य रूप से ली जाएगी। आइसीटी तथा व्यावसायिक परीक्षा के अलावा सभी विषयाें में भी मासिक परीक्षा में 50 प्रतिशत प्रश्न वस्तुनिष्ठ तथा इतने ही प्रश्न विषयनुष्ठ (लघु उत्तरीय एवं दीर्घ उत्तरीय पूछे जाएंगे)। कक्षा एक से आठ के लिए अर्द्धवार्षिक एवं वार्षिक परीक्षाओं के पूर्व प्रोजेक्ट रेल के तहत होने वाली मासिक जांच परीक्षाओं के औसत प्राप्तांक को रचनात्मक मूल्यांकन का प्राप्तांक माना जाएगा। साथ ही यह अंक छमाही और वार्षिक मूल्यांकन के कुल योग में जुड़ेगा। बताते चलें कि वर्तमान में राज्य के 5,886 स्कूलों में आइसीटी लैब की सुविधा बहाल है। 61 पीएम श्री स्कूलों तथा 108 माध्यमिक विद्यालयों में शीघ्र ही यह सुविधा बहाल होगी। वहीं, राज्य के कई स्कूलों में 11 विषयों में व्यावसायिक शिक्षा दी जा रही है। रेल प्रोजेक्ट का आया है बेहतर परिणाम रेल प्रोजेक्ट के तहत स्कूलों में आयोजित हो रही मासिक परीक्षा का बेहतर परिणाम आया है। इससे जैक की 10वीं तथा 12वीं की परीक्षा के परिणाम में सुधार हुआ है। राज्य के कितने स्कूलों में आइसीटी लैब स्कूलों की श्रेणी                               कुल स्कूल     स्वीकृत स्कूल     जहां सुविधा बहाल है उच्च प्राथमिक                              11,382           3,368            3,290 माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक     2,869            2,794              2,596

दवा कीमतों में बढ़ोतरी से झारखंड में मरीजों की परेशानी बढ़ी

मेदिनीनगर (पलामू)  पलामू समेत राज्य में जीवनरक्षक दवाओं की कीमतों पर ईरान-अमेरिका युद्ध और पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ने का दोहरा असर देखने को मिल रहा है। इसके चलते जीवनरक्षक दवाओं की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। मधुमेह, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और थायरायड जैसी बीमारियों की नियमित दवाएं महंगी होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। पहले जहां मरीज एक महीने की दवाएं एक साथ खरीद लेते थे, अब वे केवल दो सप्ताह की दवाएं ही खरीद पा रहे हैं। कीमतों में बढ़ोतरी का असर दवा कारोबारियों के मुनाफे पर भी पड़ा है। जीएसटी में कटौती का लाभ महंगाई में बेअसर केंद्र सरकार द्वारा दवाओं पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किए जाने के बावजूद दवाओं के एमआरपी में वृद्धि के कारण इसका लाभ उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पा रहा है। 23 दिसंबर 2025 से लागू इस कटौती के बाद भी बढ़ी हुई एमआरपी के चलते मरीजों को राहत नहीं मिल रही है। वहीं पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत बढ़ने से परिवहन लागत बढ़ी है, जिससे दवा कारोबारियों के मार्जिन पर भी असर पड़ा है। प्लेटिनम महंगा होने से कैंसर की दवाओं पर असर कैंसर के उपचार में उपयोग होने वाले प्लेटिनम की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिससे सिस्प्लैटिन, कार्बोप्लाटिन और ऑक्सालिप्लाटिन जैसी दवाओं की उपलब्धता और कीमत दोनों प्रभावित हुई हैं। सितंबर 2025 में प्लेटिनम की कीमत 3869 रुपये प्रति ग्राम थी, जो अब बढ़कर लगभग 8000 रुपये प्रति ग्राम हो गई है। इसके चलते दवा कंपनियां बढ़ी हुई लागत पर दवाएं उपलब्ध कराने में असमर्थता जता रही हैं। इन दवाओं की कीमत 100 रुपये से लेकर 5000 रुपये प्रति डोज तक है। साथ ही बुखार और सामान्य बीमारियों में उपयोग होने वाली पैरासिटामोल जैसी दवाओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दवा निर्माण के कच्चे माल के साथ-साथ पैकिंग मैटेरियल जैसे प्लास्टिक दाना, बोतल व अन्य सामग्री के दाम बढ़ने से भी दवाओं की कीमतों पर असर पड़ा है। -रमेश कुमार शुक्ला, प्रदेश महासचिव, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट आर्गनाइजेशन उत्पादन और लॉजिस्टिक लागत में लगातार बढ़ोतरी फार्मा उद्योग के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। ऐसे में दवाओं की कीमत नियंत्रण और उनकी नियमित उपलब्धता के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। -मृत्युंजय शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट आर्गनाइजेशन

डीओपी योजना 2.0 के तहत डाक सेवा ऐप पर बढ़ीं बैंकिंग सुविधाएं

 फरीदाबाद  भारतीय डाक विभाग की डीओपी योजना 2.0 के तहत मोबाइल बैंकिंग एप पर अब उपभोक्ता ई-पासबुक घर बैठे ही डाउनलोड कर सकेंगे। प्राइवेट बैंकों की तरह अपने उपभोक्ताओं को सुविधाएं देने की दिशा में डाक विभाग नियमित रूप से अपनी डिजिटल सेवाओं को लगातार बढ़ा रहा है। प्ले स्टोर पर डाक सेवा के नाम से मौजूद यह ऐप केवल मोबाइल बैंकिंग एप नहीं है, बल्कि डाक विभाग से संबंधित समग्र जानकारी इसी एप्लीकेशन पर मौजूद हैं। फरीदाबाद के सिस्टम इंजीनियरिंग विंग के वरिष्ठ प्रबंधक संजय वर्मा ने बताया कि मोबाइल एप डाक सेवा बहुत तेजी से डाउनलोड की जा रही है। इसे बनाने का मकसद भी यही था कि लोग अपने घर बैठे ही बैंकिंग संबंधी कामकाज निपटा सके। इस एप्लीकेशन पर बैंकिंग संबंधी ई पासबुक सेवा को चालू कर दिया गया है, बाकि लेनदेन संबंधी ऐप भी जल्द ही लांच होगा। बता दें, भारतीय डाक विभाग देश का सबसे बड़ा बैंकिंग नेटवर्क हैं। देश भर में इसके 1.64 लाख से ज्यादा डाकघर हैं, जहां बचत बैंक खाते संचालित किए जाते हैं। अधिकांश लोगों का विश्वास डाक विभाग पर आज भी अन्य प्राइवेट बैंकों के मुकाबले ज्यादा है। अपने उपभोक्ताओं को प्राइवेट बैंकों की तरह सुविधाएं के लिए प्रयासरत विभागीय अधिकारी डिजिटल योजना के तहत नियमित रूप से सुधार की तरफ बढ़ रहे हैं।

सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में वित्तीय संकट गहराया, कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं मिला

 रांची  झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी आदर्श विद्यालय योजना का भविष्य अधर में लटक गया है। सितंबर 2025 में योजना की अवधि समाप्त होने के बाद से अब तक इसे आगे बढ़ाने की मंजूरी नहीं मिली है। इसका सीधा असर राज्य के 80 सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस (एसओई) के संचालन पर पड़ रहा है। सितंबर 2026 में योजना बंद हुए एक वर्ष पूरा हो जाएगा, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है। योजना के बंद रहने के कारण सीबीएसई से संबद्ध इन विद्यालयों को संचालन के लिए नियमित फंड नहीं मिल पा रहा है। नतीजतन, विद्यालयों में शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों को सुचारु रूप से चलाने में कठिनाइयां बढ़ती जा रही हैं। सीबीएसई मान्यता प्राप्त होने के कारण समय पर परीक्षाओं का आयोजन, छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकों का वितरण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना अनिवार्य है, लेकिन फंड की कमी के कारण इन कार्यों में लगातार बाधा आ रही है। हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हाल ही में नौवीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध कराने के लिए स्कूलों के पास राशि नहीं थी। इसके बाद झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) ने दूसरे मद से करीब 1.20 करोड़ रुपये का भुगतान कर पुस्तक आपूर्तिकर्ता को राशि उपलब्ध कराई, तब जाकर छात्रों को किताबें मिल सकीं। छह माह से वेतन नहीं, कर्मचारी छोड़ रहे हैं विद्यालय फंड संकट का सबसे बड़ा असर स्कूलों में कार्यरत मानव संसाधन पर पड़ा है। जानकारी के अनुसार, राज्य के 80 एसओई में कार्यरत 30 स्कूल मैनेजर, 240 अन्य कर्मी और तीन राज्य स्तरीय पीएमयू अधिकारी पिछले करीब छह महीनों से वेतन का इंतजार कर रहे हैं। वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि हजारीबाग, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, बोकारो और गोड्डा सहित कई जिलों के स्कूल मैनेजर इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं कई अन्य मैनेजर भी जल्द नौकरी छोड़ने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि लगातार छह माह तक वेतन नहीं मिलने से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। 100 नए एसओई की घोषणा, लेकिन पुराने स्कूलों का भविष्य अनिश्चित कर्मचारियों और स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोगों का कहना है कि एक ओर राज्य सरकार आदर्श विद्यालय योजना के तहत 100 नए सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस शुरू करने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर पहले से संचालित 80 विद्यालयों के लिए योजना का नवीनीकरण तक नहीं हो पाया है। इससे सरकार की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। योजना को आगे बढ़ाने के लिए कैबिनेट की मंजूरी आवश्यक है। प्रस्ताव को विभिन्न स्तरों से स्वीकृति मिलने के बाद ही इसे मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा जा सकेगा। ऐसे में पूरी प्रक्रिया में अभी कई महीने और लग सकते हैं।

100 दिनों के कामकाज का हिसाब तैयार करेगी बिहार सरकार, उपलब्धियों पर फोकस

 पटना  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार के 100 दिन 24 जुलाई को पूरे होने वाले हैं। सौ दिनों में भाजपा कोटे के मंत्रियों द्वारा जनहित में कौन-कौन से महत्वपूर्ण फैसला लिया गया? कौन-सी नई योजनाएं संचालित की गईं और योजनाओं के क्रियान्वयन में कितनी प्रभावी प्रगति हुई? इन सब पर भाजपा नेतृत्व ने अपने सभी मंत्रियों से विभागवार उपलब्धियों और कार्यों का विस्तृत ब्यौरा मांगा है। पार्टी का लक्ष्य है कि सम्राट सरकार के 100 दिनों के कामकाज का आकलन कर उसे जनता के बीच प्रभावी ढंग से रखा जाए। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में गत दिनों मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर पार्टी के मंत्रियों की बैठक हुई। इस दौरान संगठन के रणनीतिकारों ने सम्राट सरकार के ब्रांडिंग की विस्तृत कार्ययोजना तैयारी की। जमकर होगा प्रचार-प्रसार पार्टी नेतृत्व ने मंत्रियों से विभागवार प्रमुख निर्णयों, नई योजनाओं, विकास कार्यों की प्रगति, प्रशासनिक सुधारों तथा जनहित से जुड़े कदमों की जानकारी उपलब्ध कराने की ओर ध्यान आकृष्ट किया। इसके आधार पर सरकार के 100 दिनों की उपलब्धियों का संकलन तैयार किया जाएगा। पार्टी का उद्देश्य यह दिखाना है कि नई सरकार ने कम समय में शासन और विकास के मोर्चे पर क्या-क्या पहल की है। भाजपा संगठन की ओर से जुटाई जा रही जानकारी का उपयोग आगामी जनसंपर्क कार्यक्रमों, मीडिया संवाद और विभिन्न राजनीतिक अभियानों में भी किया जाएगा। पार्टी नेताओं का मानना है कि सरकार के शुरुआती कार्यकाल में लिए गए फैसलों और शुरू की गई योजनाओं को जनता तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि शासन की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके। सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय की कवायद के रूप में भी देखा जा रहा है। एक ओर सरकार अपने कामकाज का लेखा-जोखा तैयार कर रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा संगठन उसे जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति बना रहा है। माना जा रहा है कि 100 दिन पूरे होने के मौके पर सरकार की उपलब्धियों को लेकर व्यापक स्तर पर जन संपर्क अभियान भी चलाया जा सकता है।

सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए 80% लाभुकों का वेरिफिकेशन पूरा

पटना  राज्य में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के 95 लाख 82 हजार पेंशनधारियों ने अब तक जीवन प्रमाणीकरण कराया है। समाज कल्याण मंत्री डाॅ.श्वेता गुप्ता के मुताबिक अब तक राज्य के करीब 80 प्रतिशत लाभुकों ने जीवन प्रमाणीकरण करा लिया है। मंत्री ने शेष पेंशनधारियों से जल्द जीवन प्रमाणीकरण कराने की अपील की उन्होंने राज्‍य के शेष पेंशनधारियों से पंचायत स्तरीय शिविर या नजदीकी काॅमन सर्विस सेंटर के माध्यम से निशुल्क जीवन प्रमाणीकरण कराने की अपील की है, ताकि सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि उन्हें निर्बाध रूप से मिलती रहे। समाज कल्याण विभाग द्वारा सभी पात्र लाभुकों तक संबंध‍ित योजनाओं को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इन योजनाओं की प्रखंड व पंचायत स्तर तक निगरानी ककायी जा रही है, ताकि सही लाभुक को योजना लाभ मिल सके। वहीं 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग जिन्हें पेंशन नहीं मिलती है, विभाग ने उनसे शीघ्र ही आवेदन करने की अपील की है। सबसे अधिक पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्वी चंपारण में लाभुक विभाग के आंकड़े के मुताबिक सबसे अधिक मधुबनी जिले में 4 लाख 78 हजार लाभुकों ने जीवन प्रमाणीकरण कराया है। इसके बाद पूर्वी चंपारण में 4 लाख 47 हजार, पटना में 4 लाख 43 हजार, मुजफ्फरपुर में 4 लाख 24 हजार लाभुकों ने प्रमाणीकरण कराया है।   इसी तरह समस्तीपुर में 4 लाख 10 हजार और दरभंगा जिले में 3 लाख 80 हजार लाभुकों ने अपना जीवन प्रमाणीकरण कराया है। सबसे कम शेखपुरा जिले में 62 हजार लाभुकों ने जीवन प्रमाणीकरण कराया है। इसके बाद शिवहर में 67 हजार, अरवल में 76 हजार और लखीसराय में 96 हजार लोगो ने जीवन प्रमाणीकरण कराया है।