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प्रदर्शनकारियों ने रोकी ट्रेनों की आवाजाही, रेलवे स्टेशनों पर भारी चक्का जाम

रांची आदिवासी कुड़मी समाज मंच के आह्वान पर शनिवार तड़के से झारखंड के कई जिलों में रेल चक्का जाम शुरू हो गया है। बोकारो, रांची और गिरिडीह समेत राज्य के कई जिलों छोटे रेलवे स्टेशनों पर आज सुबह 4 बजे से ही आंदोलनकारियों ने ट्रैक पर कब्जा कर लिया। बड़ी संख्या में जुटे लोग झंडा-बैनर लेकर रेल की पटरियों पर बैठ गए हैं, जिससे ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। सुरक्षा और संचालन की द्दष्टि से रेलवे ने हटिया – बर्द्धमान मेमू एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 13504) को आज रद्द कर दिया। इस अप्रत्याशित निर्णय से यात्रियों में असंतोष फैल गया है और कई लोग वैकल्पिक यात्रा साधनों की तलाश में जुटे हैं। ज्ञातव्य हो कि कुर्मी समाज लंबे समय से कुड़मी समाज ने खुद को आदिवासी का दर्जा दिए जाने की अपनी पुरानी मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। इस क्रम में विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। रांची के राय स्टेशन पर सुबह दर्जनों लोग नारेबाजी करते हुए रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। वहीं, मूरी स्टेशन के पास भी भारी संख्या में लोग जमा हैं। स्थिति यह है कि कई छोटे स्टेशनों पर रेल पटरी पर बैठने के कारण प्रशासन की परेशानी बढ़ गई है। कुर्मी बहुल इलाकों में शुक्रवार देर रात से ही बड़ी संख्या में पुलिस ने बैरिकेडिंग की कोशिश की ताकि ग्रामीण स्टेशन न पहुंच पाएं, लेकिन इसके बावजूद सुबह होते-होते हर जगह लोग बड़ी संख्या में रेलवे ट्रैक तक पहुंच गए। सरायकेला-खरसांवा जिले के सोनी स्टेशन पर तो हजारों की भीड़ रेल चक्का जाम में शामिल हो गई। यहां मौजूद आरपीएफ और जिला पुलिस की पूरी ताकत भी आंदोलनकारियों को ट्रैक खाली कराने में नाकाम रही। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोनी स्टेशन पर 350 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। इसके बावजूद महिलाओं और पुरुषों ने झंडों के साथ पटरियों पर बैठकर नारेबाजी की। इसके अलावा चांडिल, नीमडीह, हैसालोंग, झीमड़ी, तिरूलडीह, और लेटमदा रेलवे स्टेशनों पर भी भीड़ ने रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया है। प्रशासन की ओर से लगातार अपील की जा रही है कि लोग शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करें और रेल परिचालन बाधित न करें। सूत्रों ने बताया कि इस चक्का जाम के कारण कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है। कुछ ट्रेनों को मार्ग बदलकर चलाया जा रहा है जबकि कई को स्टेशनों पर रोक दिया गया है। फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश जारी है।  

RJD-CONG की परेशानी बढ़ी: राहुल गांधी का बयान बिहार चुनाव में बना तीर

नई दिल्ली  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए माहौल गरमाने लगा है। महागठबंधन के बड़े नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी इस बार पूरे जोर-शोर से ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठा रहे हैं। वे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को संस्थागत वोट चोरी का तरीका बता रहे हैं। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस मुद्दे पर इतनी आक्रामक राजनीति कांग्रेस और उसके सहयोगियों को फायदा देगी, या फिर यह दांव उल्टा भी पड़ सकता है? राहुल गांधी ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि कर्नाटक की एक विधानसभा सीट पर वोट अवैध रूप से हटाए गए, जबकि महाराष्ट्र की एक सीट पर फर्जी तरीके से जोड़े गए। उन्होंने दावा किया कि उनके पास “हाइड्रोजन बम” जैसे बड़े सबूत हैं, जिन्हें वे जल्द सार्वजनिक करेंगे। इससे पहले वे “एटम बम” छोड़ने की बात कह चुके हैं। राहुल लगातार बीजेपी और चुनाव आयोग पर हमलावर हैं। उनका कहना है कि वोटर लिस्ट में हेरफेर कर चुनाव परिणाम प्रभावित किए जा रहे हैं। हालांकि, अब तक उन्होंने चुनाव आयोग के पास औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। सहयोगियों की बेचैनी महागठबंधन के भीतर ही इस रणनीति को लेकर असहजता दिखाई दे रही है। राजद सूत्रों के मुताबिक, तेजस्वी यादव बेरोजगारी, पलायन, अपराध, सरकारी सेवाओं की बदहाली और पेपर लीक जैसे सीधे मुद्दों पर आक्रामक कैंपेन कर रहे हैं। इसके उलट राहुल गांधी बार-बार सिर्फ ‘वोट चोरी’ की बात कर रहे हैं। इससे संदेश एकतरफा हो रहा है और जनता के असली सरोकारों पर ध्यान कम हो रहा है। कांग्रेस के अंदर भी कुछ नेताओं को आशंका है कि यह आक्रामक रुख न सिर्फ चुनावी रणनीति को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की साख पर भी सवाल खड़े कर सकता है। जमीन पर असर कितना? राहुल गांधी ने हाल ही में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान 16 दिन तक मार्च किया और हर सभा में वोट चोरी का मुद्दा उठाया। लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर कितना है? वोट वाइब के बिहार इलेक्शन 2025 सर्वे के मुताबिक, राज्य में सिर्फ 21% लोग SIR प्रक्रिया और वोट चोरी को बड़ा चुनावी मुद्दा मानते हैं। इसके विपरीत बेरोजगारी को 32% लोग सबसे अहम मुद्दा बता रहे हैं। इससे साफ है कि जनता की प्राथमिकताओं में वोट चोरी फिलहाल सबसे ऊपर नहीं है। बड़ा दांव या जोखिम? विश्लेषकों का कहना है कि राहुल गांधी ने अपनी पूरी ताकत ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर केंद्रित कर दी है। अगर यह मुद्दा जनता के बीच उतना असरदार नहीं रहा तो इसका खामियाजा महागठबंधन को भुगतना पड़ सकता है। खासकर तब जब विपक्षी गठबंधन ने हाल के महीनों में तेजी से चुनावी गति पकड़ी थी। अब देखना होगा कि राहुल गांधी का यह “हाइड्रोजन बम” वास्तव में सत्तारूढ़ दल को झटका देता है या फिर कांग्रेस के लिए ही भारी पड़ जाता है।  

पितृपक्ष में गयाजी पहुंची राष्ट्रपति, पुरखों की मोक्ष प्राप्ति के लिए किया पिंडदान

गयाजी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को देश और दुनिया में मोक्ष स्थली के रूप में चर्चित बिहार के गयाजी पहुंची। यहां उन्होंने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष प्राप्ति की कामना के साथ पिंडदान किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विशेष विमान से पहुंची। इसके बाद सड़क मार्ग से विष्णुपद मंदिर पहुंची। गया हवाई अड्डा पहुंचने पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति के पिंडदान के लिए जिला प्रशासन के जरिए विष्णुपद मंदिर परिसर में ही विशेष व्यवस्था की गई थी और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। गयापाल पुरोहित राजेश लाल कटरियाल ने वैदिक क्रियाओं के साथ कर्मकांड कराया। उन्होंने पूरे विधि विधान के साथ पिंडदान किया। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर विष्णुपद मंदिर और आसपास के इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को प्रसिद्ध व्यवसायी मुकेश अंबानी भी अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गयाजी पहुंचे थे और अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की प्राप्ति को लेकर पिंडदान किया था। प्रत्येक वर्ष पितृपक्ष में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार अपने पितरों के मोक्ष तथा शांति के लिए पिंडदान करने के लिए गयाजी आते हैं। यहां विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी, अक्षय वट एवं अन्य कई पवित्र स्थानों पर स्थित वेदियों पर श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि मृत्यु के पश्चात मनुष्य की आत्मा इस भौतिक जगत में ही विचरण करती रहती है। केवल शरीर नष्ट होता है, आत्मा अमर रहती है। यदि व्यक्ति का परिवार पिंडदान करता है, तो उस आत्मा को इस लोक से मुक्ति मिलती है और वह सदैव के लिए बंधनों से मुक्त हो जाती है। पितृपक्ष में देश-विदेश से हजारों पिंडदानी अपने पितरों की मोक्ष प्राप्ति के लिए गयाजी पहुंचते हैं। पिंडदानियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से व्यापक तैयारी की गई है। पितृपक्ष मेला 21 सितंबर तक चलेगा।

दरभंगा में दर्दनाक हादसा, तालाब में डूबकर 3 मासूमों की मौत; परिजनों को 4-4 लाख मुआवज़ा

दरभंगा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दरभंगा जिले के जाले प्रखण्ड के मुरेठा गांव में तालाब में डूबने से तीन बच्चियों की हुई मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री कुमार ने इस हादसे को अत्यंत दुखद बताया और मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने दुख की इस घड़ी में मृतकों के शोक संतप्त परिजनों को धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने इस हादसे में मृत तीन बच्चियों के परिजनों को चार-चार लाख रूपये अविलंब अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया है।  

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में संकट के समय स्वास्थ्य मंत्री बने सहारा, 23 छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित

रांची झारखंड के जामताड़ा जिले के नारायणपुर में बीते शुक्रवार की शाम को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में शॉर्ट सकिर्ट से अचानक आग लगने की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला गई। धुएं के कारण विद्यालय की 23 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई जिन्हें आनन-फानन में सीएचसी नारायणपुर भर्ती कराया गया। जैसे ही घटना की सूचना, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को मिली उन्होंने अपने सारे कार्यक्रम रद्द कर तत्काल नारायणपुर अस्पताल पहुंचकर छात्राओं से मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना। मंत्री के पहुंचते ही पूरा अस्पताल अलर्ट मोड में आ गया और चिकित्सा व्यवस्था में और तेज़ी से जुट गई। डॉ. अंसारी ने कहा कि उपचार के बाद सभी बच्चियों की हालत पूरी तरह से स्थिर है। जरूरत पड़ी तो उन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल भेजा जाएगा। मैं सभी छात्राओं के माता-पिता से मिला हूं और हर संभव मदद का भरोसा देता हूं।   डॉ. अंसारी ने आगे कहा कि यह घटना प्राकृतिक आपदा जैसी थी, भारी बारिश और ठनका गिरने की वजह से छात्राएं बेहोश हुईं, लेकिन नारायणपुर की जनता, स्वास्थ्यकर्मियों और समाजसेवियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। मंत्री ने मीडिया बंधुओं को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने तुरंत सूचना साझा की। डॉ. अंसारी ने अस्पताल का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की कमियों का जायजा लिया और कहा कि विभाग के पास पर्याप्त फंड है। अस्पताल की हर जरूरत पूरी की जाएगी, लेकिन इलाज और स्वास्थ्य व्यवस्था में जरा सी भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रभारी को सख्त निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने साफ-साफ संदेश दिया कि सरकार जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह समर्पित है।  

युवाओं की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे बाबूलाल मरांडी: पांडेय का आरोप

रांची झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर लगाए गए आरोपों को 'सस्ते राजनीतिक हथकंडे' बताया है। पांडेय ने कहा कि भाजपा को हर मुद्दे में साजिश दिखती है, क्योंकि जनता ने उन्हें नकार दिया है। बाबूलाल मरांडी बार-बार झूठ बोलकर युवाओं की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं। सरकार ने इस प्रकरण की पारदर्शी जांच के लिए पहले दिन से सख्त कदम उठाए हैं। जिम्मेदार पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। सीजीएल परीक्षा का मामला कोर्ट में है और हेमंत सरकार न्यायालय के आदेशानुसार आगे बढ़ रही है। पांडेय ने कहा कि भाजपा के नेता यह भूल जाते हैं कि उनकी ही सरकारों में प्रतियोगी परीक्षाओं में घोटाले हुए, तब वे चुप्पी साधे बैठे रहे। हेमंत सोरेन सरकार ने देश के भविष्य नौजवानों के उज्जवल भविष्य के लिए परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सख्त से सख्त कानून बनाया है। भाजपा नेताओं ने इस बिल का सदन में विरोध किया था। यह भी जगजाहिर है कि परीक्षाओं को डिस्टर्ब करने में एक खास राजनीतिक दल के लोगों का नाम आता है। यही लोग अपने राजनीतिक लाभ के लिए परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से कोर्ट जाते हैं। पांडेय ने कहा कि हेमंत सरकार की नीयत की हकीकत को समझने के लिए पिछले दिनों जारी हुए जेपीएससी के अंतिम परीक्षा परिणाम पर गौर किया जा सकता है। उसमें गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले कई परिवारों के अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इसकी सराहना हर तरफ की जा रही है। पांडेय ने सवाल उठाया कि अगर बाबूलाल मरांडी को युवाओं की इतनी चिंता है तो वे बताएं कि जब उनकी सरकारों में नियुक्ति परीक्षाओं में धांधली हुई थी, तब वे कहां थे? सच्चाई यह है कि भाजपा के पास न नीति है, न नीयत। केवल झूठ बोलकर राजनीतिक रोटियां सेंकना उनका काम है। पांडेय ने कहा कि हेमंत सरकार बेरोजगार युवाओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने भाजपा नेताओं से अपील की कि वे अदालत और जांच एजेंसियों को काम करने दें, न कि लगातार गुमराह करने की कोशिश करें। भाजपा के नेता जान लें – युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, लेकिन झूठे आरोप लगाकर सरकार को बदनाम करने की साजिश भी कामयाब नहीं होगी।  

रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर भारत के सपने को झारखंड देगा बल: ईस्ट टेक 2025 में बोले मुख्यमंत्री

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड संभावनाओं का प्रदेश है और यहां रक्षा सेक्टर में उपयोग होने वाले रॉ-मैटेरियल प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। मुख्यमंत्री सोरेन ने बीते शुक्रवार को टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव, रांची परिसर में आयोजित ' ईस्ट टेक सिंपोजियम-2025' (डिफेंस एक्सपो) कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में कहा कि झारखंड में पर्याप्त मात्रा में यूरेनियम की भी उपलब्धता है। सोरेन ने कहा कि आज का दिन राज्य के लिए महत्वपूर्ण दिन है। राजधानी रांची की स्थित वीर टाना भगत इंडोर स्टेडियम परिसर खेलगांव में केंद्रीय रक्षा मंत्रालय की ओर से 'ईस्ट टेक सिम्पोजियम-2025' का ऐतिहासिक आयोजन किया जा रहा है। ये आयोजन अपने आप में एक विशिष्ट कार्यक्रम है जिसमें रक्षा क्षेत्र के कई नए आयाम जोड़ने की पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि इस आयोजन के उद्देश्य को पूरा करने में हमें जरूर सफलता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड ने देश को बहुत कुछ दिया है, इस राज्य में डिफेंस सेक्टर से जुड़े उद्योग क्षेत्र के विस्तार की भी प्रबल संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र के साथ पूरा सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। सोरेन ने कहा कि झारखंड में कई बड़े-बड़े उद्योग संस्थान स्थापित हुए है। उद्योग के विस्तार में भी इस राज्य का देश में अलग पहचान रहा है। कई छोटे-बड़े उद्योग यहां पले-बढ़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार गलत नीति निर्धारण के कारण कुछ चीजें समाप्त होती नजर आती है। हम सभी लोग ये जानते हैं कि एचईसी जैसी उद्योग संस्थान रांची में स्थापित है। इस संस्थान के सहयोग से देश के भीतर कई अन्य औद्योगिक संस्थाएं आगे बढ़े हैं।  

विज्ञान-तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा: मुख्यमंत्री नीतीश ने कई योजनाओं का किया उद्घाटन

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को विज्ञान प्रदर्शनी बस को हरी झंडी दिखाकर राज्य में भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी बस सेवा का शुभारंभ किया। राजधानी पटना के तारामंडल में आयोजित कार्यक्रम में भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी बस सेवा का शुभारंभ किया गया। यह बस बिहार के सभी क्षेत्रों में जाकर छात्र – छात्राओं को विज्ञान के बारे में जानकारी उपलब्ध करायेगी। सीएम नीतीश कुमार ने इसके बाद विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन किया। इसके तहत तारामंडल, पटना में एस्ट्रा पार्क के निर्माण कार्य का शुभारंभ एवं स्मारिका बिक्री केंद्र का उद्घाटन किया गया। साथ ही बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी, पटना एवं बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय, पटना के संयुक्त तत्वाधान में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के अंतर्गत एम.टेक (जियोइनफॉरमैटिक्स)पाठ्यक्रम का बिहार रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर, पटना शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल रियलिटी थियेटर का किया उद्घाटन आज के कार्यक्रम में तारामंडल, पटना में टेलीस्कोप सहित ऑब्जर्वेटरी डोम के निर्माण के लिये बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी तथा राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिसर के बीच समझौता ज्ञापन संपन्न हुआ। साथ ही तारामंडल, पटना में इंटर्नशिप पोटर्ल का शुभारंभ किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने वर्चुअल रियलिटी थियेटर का उद्घाटन किया। तारामंडल के मुख्य भवन में 5.6 करोड़ रूपये की लागत से वर्चुअल रियलिटी थियेटर की स्थापना की गई है। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने वर्चुअल रियलिटी थियेटर के संबंध में विस्तृत जानकारी ली और वहां बैठकर इसका अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह थियेटर अच्छा बना है। यहां आनेवाले विद्यार्थियों एवं लोगों को विज्ञान के साथ-साथ अन्य नयी जानकारियों का अनुभव होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग पास आउट छात्र – छात्राओं को डिग्री प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने समग्र रूप से विश्वविद्यालय में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करनेवाले छात्र सुमन कुमार (मैकनिकल इंजीनियर, मोतिहारी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग) को 50 हजार एक रुपये का चेक, स्वर्ण पदक, लैपटॉप, प्रशस्ति पत्र एवं बी.टेक की उपाधि से सम्मानित किया। साथ ही सिविल इंजीनियरिंग में प्रथम स्थान प्राप्त करनेवाली छात्रा सुश्री वैष्णवी प्रिया (बी.सी.ई. भागलपुर), इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में प्रथम स्थान प्राप्त करनेवाली छात्रा सुशी सलोनी कुमारी (जी.ई.सी0, नवादा), इलेक्ट्रॉनिक्स कम्युनिकेशन एंड इंजीनियरिंग में प्रथम स्थान प्राप्त करनेवाले श्री रितिक राज (बी.सी.ई., भागलपुर), कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में प्रथम स्थान प्राप्त करनेवाले प्रमित कुमार (बी.सी.ई. भागलपुर) एवं इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी में प्रथम स्थान प्राप्त करनेवाली सुश्री रानी कुमारी ( एम.आई.टी, मुजफ्फरपुर) को लैपटॉप, स्वर्ण पदक, प्रशस्ति पत्र एवं बी.टेक. की उपाधि से सम्मानित किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुमित कुमार सिंह, शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त डॉ. एस. सिद्धार्थ, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी विभाग की सचिव डॉ. प्रतिमा एस. वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा, बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के कुलपति एस. के. वर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

प्रशांत किशोर का आरोप, अशोक चौधरी का पलटवार- अनाप-शनाप बोल रहे हैं

पटना भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बाद अब जनत दल यूनाईटेड के नेता और बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी पर प्रशांत किशोर ने बड़ा आरोप लगा दिया है। प्रशांत किशोर ने कहा कि अशोक चौधरी ने 200 करोड़ की बेनामी संपत्ति खरीदी है। इधर, मंत्री अशोक चौधरी ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रशांत किशोर अनाप-शनाप बोल रहे हैं। मैंने मानहानी का नोटिस भेजा है, इसलिए बौखलाहट में हैं। अब दोनों नेताओं के इन बयानबाजी से बिहार की सियासत गरमा गई है। प्रशांत किशोर ने शुक्रवार शाम को प्रेस वार्ता के दौरान अशोक चौधरी पर कई आरोप लगाए। कहा कि अशोक चौधरी मुख्यमंत्री के दाहिने हाथ हैं और इन्होंने बिहार में भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड बना दिए हैं। इन्होंने अपने पर्सनल सेक्रेटरी योगेंद्र दत्त के नाम पर साल 2019 में 23 कट्ठा जमीन खरीदा गया। योगेन्द्र दत्त ने दो साल बाद उस जमीन को अशोक चौधरी की बेटी शांभवी चौधरी के नाम 34 लाख रुपये में ट्रांसफर कर दिया। लेकिन उनको अकाउंट से सिर्फ 10 लाख रुपये दिए गए। बाद में इनकम टैक्स के नोटिस पर इन्होंने 27 अप्रैल 2025 को इनकम टैक्स नोटिस से बचने के लिए योगेंद्र दत्त को 25 लाख रुपये फिर ट्रांसफर किए? 'इस ट्रस्ट के माध्यम से जमीनों की खरीद की गई' प्रशांत किशोर ने बड़ा आरोप लगाते हुए कि अशोक चौधरी की पुत्री शांभवी चौधरी की जब सगाई हुई, उसके बाद स्वर्गीय किशोर कुणाल के परिवार से जुड़े मानव वैभव विकास ट्रस्ट के माध्यम से करीब 200 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी है। हमारे पास इस ट्रस्ट के खिलाफ सबूत नहीं है, लेकिन शांभवी चौधरी के सायन कुणाल से सगाई के बाद ही इस ट्रस्ट के माध्यम से जमीनों की खरीद की गई। पिछले दो साल में सगाई से शादी के बीच कुल 38.44 करोड़ रुपये की पांच जमीनें खरीदी गई जिसका चेक से पेमेंट किया गया। इन सभी जमीनों का मालिकाना हक अशोक चौधरी और ट्रस्ट से जुड़े लोगों के पास हैं। 'हाल के दिनों में इतनी जमीन की खरीद क्यों की गई है?' प्रशांत किशोर ने सवाल पूछते हुए कहा कि अशोक चौधरी को बताना चाहिए कि इस ट्रस्ट से उनका क्या लेना देना है? अगर कोई लेना देना नहीं है तो ट्रस्ट से जुड़ी अनीता जी जो किशोर कुणाल की पत्नी हैं, उनके अकाउंट से अशोक चौधरी की पत्नी के अकाउंट में रुपये क्यों ट्रांसफर हुए हैं? यह सब रिकॉर्ड हमारे पास है। साथ ही इस ट्रस्ट से जुड़े लोगों जिनमें अनिता जी, पूर्व ब्यूरोक्रेट जियालाल आर्या और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की माताजी जैसे लोग भी हैं, उनको बताना चाहिए कि ट्रस्ट के माध्यम से अचानक हाल के दिनों में इतनी जमीन की खरीद क्यों की गई है? 'मंत्री बोले- बिना साक्ष्य के ही झूठे आरोप लगा रहे पीके' इधर, मंत्री अशोक चौधरी ने प्रशांत किशोर के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर बौखलाहट में हैं। वह सिर्फ झूठे आरोप लगा रहे हैं। इनका साक्ष्य वह दे ही नहीं सकते हैं। मैंने कुछ गलत नहीं किया है। मेरा सबकुछ जनता जानती है। सब कुछ पब्लिक डोमेन में है। मैं हर साल आईटी रिटर्न दाखिल करता हूं। मैंने अपनी कोई संपत्ति नहीं छिपाई है। मैं क्या जवाब दूं? यह तो अजीब बात है कि किसी के खिलाफ जो मन में आए, वह बोल दीजिए। अशोक चौधरी ने कहा कि मैंने हाल में ही प्रशांत किशोर पर मानहानी का नोटिस भेजा था। इसके बाद से वह बौखलाए हुए है। इसी बौखलाहट में वह अनाप-शनाप बोल रहे हैं। 

बिहार चुनाव में भूचाल: तेजस्वी का CM फेस शर्त, कांग्रेस पर दबाव बढ़ा

पटना  बिहार की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर चर्चा तेज हो गई है. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने साफ कहा है कि महागठबंधन बिना मुख्यमंत्री पद के चेहरे के चुनाव नहीं लड़ेगा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या हम भाजपाई हैं कि बिना चेहरे के चुनाव लड़ेंगे? तेजस्वी की यह टिप्पणी उनकी पूरक अधिकार यात्रा के दौरान आई है जो उन इलाकों में की गई जहां उनकी पिछली विपक्षी पदयात्रा नहीं पहुंची थी. तेजस्वी यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को विपक्षी गठबंधन का प्रधानमंत्री पद का चेहरा मानने की बात पहले ही कही है. हालांकि, राहुल गांधी ने अभी तक तेजस्वी को बिहार में महागठबंधन का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया है. इस पर तेजस्वी ने कहा कि थोड़ा इंतजार कीजिए, फैसला जनता करेगी. मुख्यमंत्री या सरकार होना ही सबकुछ नहीं है, हमें बिहार को बनाना है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि सीट बंटवारे के बाद मुख्यमंत्री पद का चेहरा भी तय हो जाएगा. नीतीश सरकार पर निशाना, खुद को बताया असली CM तेजस्वी यादव ने 31 अगस्त को आरा में एक रैली के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि यह एक नकलची सरकार है, हमें असली मुख्यमंत्री चाहिए, न कि नकली. भीड़ से उन्होंने सवाल किया था कि क्या लोगों को डुप्लीकेट सीएम चाहिए या असली सीएम? उनके इस बयान से साफ संकेत मिला कि तेजस्वी खुद को गठबंधन का संभावित चेहरा मान रहे हैं. कांग्रेस का संतुलित रुख मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस की तरफ से अब तक कोई सीधा रुख सामने नहीं आया है. राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा था कि इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दल आपसी सम्मान और सहयोग की भावना से साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे और अच्छे नतीजे आएंगे. इस बयान से साफ है कि कांग्रेस अभी संतुलित रवैया अपनाए हुए है और अंतिम फैसला बाद में हो सकता है.