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कुड़मी समाज का आंदोलन उग्र, तीर-धनुष के साथ पारसनाथ स्टेशन पर रेल रोककर जताया विरोध

गिरिडीह  कुड़मी समाज के लोगों ने रेल टेका डहर छेका कार्यक्रम के तहत शनिवार को पारसनाथ रेलवे स्टेशन में रेल रोक दिया है। समाज से जुड़े लोग कुड़मी को एसटी और कुड़माली भाषा को आठवीं सूची में शामिल करने की मांग करते हुए पारंपरिक हथियार तीर धनुष व वेशभूषा एवं ढोल मांदर के साथ रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन कर रहे हैं। आदिवासी का दर्जा देने की अपनी पुरानी मांग को लेकर रेल रोको आंदोलन सुबह 5:50 से शुरू कर दिया है। आदिवासी कुड़मी समाज मंच के आह्वान पर सुबह से ही राज्य के कई जिलों में कुड़मी समाज के लोग रेलवे ट्रैक पर उतर आए और रेल परिचालन को पूरी तरह ठप कर दिया। बता दें कि धनबाद-गया रेलखंड के अप डाउन दोनों लाइन जाम कर दिया गया है। सभी माल गाड़ियों को विभिन्न स्टेशनों में खड़ा कर दिया गया है। रेलवे स्टेशन प्रबंधक अविनाश कुमार ने बताया कि सुबह दो राजधानी पास करने के बाद से तीसरी राजधानी दिल्ली हावड़ा 22812 जो कोलकाता जाएगी, उसे चौधरीबांध में खड़ा कर दिया गया है। एक मालगाड़ी को पारसनाथ स्टेशन पर खड़ा कर दिया गया है। रेलवे अधिकारी व पुलिस प्रशासन समाज से जुड़े लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आंदोलनकारी सक्षम अधिकारी के लिखित आश्वासन के साथ ट्रैक से हटने की बात पर अड़े हुए हैं। मौके पर रेलवे से सहायक कमांडेंट सुरेश कुमार मिश्रा, मो. शाकिब कुमार, आईपीएस निरंजन कुमार, इंस्पेक्टर दीपा राम, नीलम कुजूर, दीपक कुमार, डुमरी एसडीपीओ सुमित कुमार डीएसपी नीरज कुमार, थाना प्रभारी सुमन कुमार आदि उपस्थित थे।

गयाजी पहुंचे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पिंडदान में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का साथ

 गया पितृपक्ष के पावन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपती मुर्मू आज धर्मनगरी गयाजी पहुंची. उनके साथ बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी मौजूद रहे. गया एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया, इसके बाद वे सीधे विष्णुपद मंदिर के लिए रवाना हुईं. राष्ट्रपति ने अपने पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष की प्राप्ति के लिए पिंडदान किया. जानकारी के अनुसार, दोपहर 12 बजे राष्ट्रपति का दिल्ली वापसी कार्यक्रम तय है. इससे पहले शुक्रवार को रिलायंस समूह के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनके पुत्र अनंत अंबानी भी गया में पिंडदान करने पहुंचे थे. सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम राष्ट्रपति के आगमन को लेकर गया पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है. सुरक्षा के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए विष्णुपद मंदिर तक के मार्ग पर विशेष इंतजाम किए गए हैं. शुक्रवार को अधिकारियों ने मॉक ड्रिल कर सुरक्षा घेरों की मजबूती की तैयारी की.  संवेदनशील स्थानों पर पैनी नजर राष्ट्रपति का काफिला गया एयरपोर्ट से 5 नंबर गेट, घुघड़ीटॉड़ बाईपास और बंगाली आश्रम होते हुए विष्णुपद मंदिर तक पहुंचा. वापसी भी इसी मार्ग से होगी. संवेदनशील स्थानों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. हर मूवमेंट पॉइंट पर मजिस्ट्रेट के साथ सुरक्षा जवान तैनात किए गए हैं. इस दौरान सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रपति के स्वागत और मंदिर तक के सफर में किसी भी तरह की चूक नहीं होने दी जाएगी. भीड़ को व्यवस्थित रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं. ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव राष्ट्रपति के आगमन को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था में भारी बदलाव किया गया है. राष्ट्रपति के लिए जो मार्ग निर्धारित किया गया है. उस पर आम वाहनों का परिचालन पूरी तरह से बंद रखा गया है. दोमुहान से सिकड़िया मोड़ तक 5 नंबर गेट से सिटी पब्लिक स्कूल तक तथा चांद चौरा से बंगाली आश्रम-घूघड़ी टांड़ तक सभी वाहनों पर रोक लगा दी गई है. 

कांग्रेस का रणनीतिक फैसला: मौजूदा विधायकों का टिकिट सुरक्षित, 17 सीटों पर प्रत्याशी घोषित

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस ने अपनी 17 सीटिंग सीटों पर प्रत्याशी तय कर दिए हैं। पार्टी के मौजूदा विधायकों का टिकट नहीं काटा जाएगा। कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की नई दिल्ली में शुक्रवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। बिहार में कांग्रेस के अभी 17 विधायक हैं। आगामी चुनाव में उन्हें दोबारा टिकट दिया जाना तय हो गया है। कांग्रेस मुख्यालय में हुई इस मीटिंग में प्रत्याशियों के चयन समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। यह बैठक स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन की अध्यक्षता में हुई। इसमें बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान, विधान परिषद में दल के नेता मदन मोहन झा समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे। इससे पहले गुरुवार को पटना में प्रदेश चुनाव समिति की बैठक हुई थी। इस बैठक में प्रदेश चुनाव समिति ने कांग्रेस आलाकमान को उम्मीदवार तय करने के लिए अधिकृत किया था। इसके बाद टिकट की फाइल पटना से दिल्ली ट्रांसफर हो गई। दिल्ली में शुक्रवार को हुई स्क्रीनिंग कमेटी की मीटिंग पर कई सीटों पर संभावित प्रत्याशियों पर चर्चा की गई। 2020 में कांग्रेस ने 70 में से 19 सीटों पर जीत दर्ज की पिछले विधानसभा चुनाव मे कांग्रेस ने महागठबंधन में रहकर 70 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। उनमें से पार्टी को 19 सीटों पर ही जीत मिल पाई थी। बाद में कांग्रेस के दो विधायक पाला बदलकर एनडीए में चले गए थे, इनमें बिक्रम से सिद्धार्थ सौरव और चेनारी से मुरारी प्रसाद गौतम का नाम शामिल है। यानी अब विधानसभा में पार्टी के 17 विधायक ही बचे हैं। कांग्रेस के 17 सीटिंग विधायकों के नाम यहां देखें-     अररिया – अविदुर रहमान     किशनगंज- इजाहरुल हुसैन     कसबा- मोहम्मद आफाक आलम     कदवा- शकील अहमद खान     मनिहारी- मनोहर प्रसाद सिंह     मुजफ्फरपुर- बिजेंद्र चौधरी     महाराजगंज – विजय शंकर दुबे     राजापाकर- प्रतिमा दास     खगड़िया- छत्रपति यादव     भागलपुर- अजीत शर्मा     जमालपुर- अजय कुमार सिंह     बक्सर- संजय कुमार तिवारी     राजपुर- विश्वनाथ राम     करगहर- संतोष मिश्रा     कुटुंबा- राजेश राम     औरंगाबाद- आनंद शंकर सिंह     हिसुआ- नीतू कुमारी  

स्ट्राइक रेट के नाम पर सीटों की डिमांड, लोजपा ने चिराग को 2:17 वाला उदाहरण दिखाया

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए एनडीए में सीट शेयरिंग पर अभी सहमति नहीं बनी है।इस बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने लोकसभा के स्ट्राइक रेट के आधार पर विधानसभा चुनाव में सीटों की मांग कर दी है। एलजेपी-आर ने अपनी सहयोगी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) को 2019 में 2 सांसदों के बावजूद एनडीए में 17 सीटों की याद दिलाकर सियासी पारे को गर्मा दिया है। एलजेपी-आर के बिहार प्रभारी अरुण भारती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि आज बिहार विधानसभा में उनकी पार्टी का एक भी विधायक नहीं है। चर्चा हो रही है कि आने वाले चुनाव में लोजपा को सम्मानजनक सीटें नहीं मिलेंगी। उन्होंने दावा किया कि यह धारणा अधूरी है। असलियत यह है कि कुछ लोग LJP-R को केवल सीमित सीटों तक बांधकर देखना चाहते हैं। मानो उसकी असली ताकत और जनता में पकड़ को नजर अंदाज किया जा सकता हो। चिराग पासवान के जीजा एवं जमुई से लोजपा (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने आगे कहा,"बिहार की राजनीति और NDA का इतिहास बार-बार इसके बिल्कुल उलट गवाही देता है। 2019 के लोकसभा चुनाव में जब सिर्फ 2 सांसद की पार्टी (जेडीयू) को लोकसभा चुनाव में 17 सीटें मिल सकती हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में जब केवल 1 सांसद वाली पार्टी को 5 सीटें दी जा सकती हैं और वह पांचों सीटों पर जीत दर्ज करके गठबंधन के भरोसे को और मजबूत कर सकती है, तब यह तर्क ही बेमानी हो जाता है कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को विधानसभा चुनाव में सीमित हिस्सेदारी दी जानी चाहिए।" अरुण भारती ने साफ कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की जमीनी पकड़, संगठन की मजबूती इस बात को साबित करती है कि पार्टी को सीमित सीटों तक बांधकर देखना गलत है। उन्होंने दावा किया किआने वाले विधानसभा चुनाव में LJP-R निर्णायक भूमिका निभाएगी और गठबंधन के भीतर उसे उसका योग्य और सम्मानजनक स्थान अवश्य मिलेगा। दरअसल, 2014 के लोकसभा चुनाव में जेडीयू ने एनडीए से अलग रहकर 38 सीटों पर चुनाव लड़ा था और दो पर ही जीत मिल पाई थी। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले नीतीश एनडीए में वापस आ गए थे। उस चुनाव में दो सांसदों वाली जेडीयू को एनडीए में 17 सीटें लड़ने के लिए मिली थीं। उस समय लोजपा भी गठबंधन में थी और 7 में से 6 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद लोजपा में टूट हो गई और चिराग पासवान एवं चाचा पशुपति पारस के दो अलग-अलग गुट बन गए। पारस गुट एनडीए में बना रहा और चिराग 2020 के विधानसभा चुनाव से पहले अलग होकर अकेले बिहार के चुनावी मैदान में उतरे थे। हालांकि, वे कुछ खास कमाल नहीं कर पाए थे। 2024 लोकसभा चुनाव में चिराग का 100 फीसदी स्ट्राइक रेट 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले चिराग की एनडीए में वापसी हो गई और चाचा पशुपति पारस आउट हो गए। चिराग की पार्टी को एनडीए में रहकर 5 सीटें लड़ने कों मिली थीं, जिसमें सभी पर एलजेपी-आर की जीत हुई थी। अब पार्टी उसी 100 प्रतिशत स्ट्राइक रेट के हिसाब से बिहार विधानसभा चुनाव में जिताऊ सीटें मांग रही है।  

कुड़मी समाज का बड़ा आंदोलन कल से, झारखंड में थमेगी रेल सेवा?

रांची   आदिवासी कुड़मी समाज ने कल 20 सितंबर से अनिश्चितकालीन ‘रेल टेका डहर छेका’ आंदोलन की घोषणा की है. यह आंदोलन झारखंड, बंगाल और ओड़िशा तीनों राज्यों में एक साथ चलाया जायेगा. आंदोलन के कारण तीनों ही राज्यों में कल शनिवार को रेल यातायात प्रभावित होने की प्रबल संभावना है. इसके मद्देनजर रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने भी व्यापक तैयारी की है. रेल परिचालन में बाधा डालने वालों की होगी गिरफ्तारी आरपीएफ कमांडेंट पवन कुमार ने बताया कि आंदोलन को लेकर जिला प्रशासन के साथ बैठक हुई है. तय किया गया है कि सभी प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त बल की तैनाती होगी. साथ ही, धारा 144 लागू रहेगी. जो भी व्यक्ति रेल परिचालन में बाधा डालने की कोशिश करेगा, उसे तत्काल गिरफ्तार किया जायेगा. आंदोलन के लिए 40 स्टेशन चिह्नित इधर रांची रेल मंडल ने कहा है कि फिलहाल ट्रेनों को रद्द या मार्ग परिवर्तित करने का निर्णय नहीं लिया गया है. सीनियर डीसीएम शुचि सिंह ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. जरूरत पड़ने पर ही ट्रेनों के संचालन को लेकर कदम उठाए जायेंगे. आंदोलन के तहत झारखंड में 40 रेलवे स्टेशनों को चिह्नित किया गया है. इनमें प्रमुख स्टेशन हैं मूरी, टाटीसिलवे, मेसरा, राय, खलारी, बड़काकाना, गोला, जगेश्वर बिहार, चरही, चंद्रपुरा, प्रधानखंटा, पारसनाथ, हेसालौंग, चक्रधरपुर, सोनुवा, चाकुलिया, गोड्डा और जामताड़ा. क्या है कुड़मी समाज की मांग? मालूम हो कुड़मी समाज को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग को लेकर को लेकर आदिवासी कुड़मी समाज ने आंदोलन की घोषणा की है. कुड़मी समाज के वरीय केंद्रीय उपाध्यक्ष छोटेलाल महतो ने दावा किया कि 1931 की जनगणना में कुड़मी समाज को एसटी सूची में शामिल किया गया था, लेकिन 1950 में जो नयी सूची तैयार की गयी उसमें बाकी जनजातियों के नाम बने रहे, सिर्फ कुड़मी समाज का नाम हटा दिया गया. “हमारा नाम क्यों हटाया गया, इसका कोई आधार नहीं है. यह एक भूल थी और अब इसे सुधारना चाहिए.”

राजनीतिक तैयारी: भाजपा हर क्षेत्र में बढ़ाएगी वोटर बेस, हर विधानसभा में 5-7 हजार नए मतदाता

पटना  विधान सभा चुनाव 2022 में 53 सीटें ऐसी थीं जिनमें जीत हार का अंतर पांच हजार से कम का रहा था। इनमें से 15 सीटें तो ऐसी थी जिनमें एक हजार से कम मतों से जीत-हार हुई थी। यही वजह है कि पार्टी ने हर विधान सभा सीट पर पांच से सात हजार नए मतदाता पंजीकृत कराने की रणनीति बनाई है। दरअसल, वर्ष 2022 के विधान सभा चुनाव में 53 सीटें ऐसी थीं जिनमें जीत हार का अंतर पांच हजार से कम का रहा था। इनमें से 15 सीटें तो ऐसी थी जिनमें एक हजार से कम मतों से जीत-हार हुई थी। यही वजह है कि पार्टी ने हर विधान सभा सीट पर पांच से सात हजार नए मतदाता पंजीकृत कराने की रणनीति बनाई है। लॉगइन फीचर्स: अपनी पसंदीदा खबरों को लाइक कर, उन्हें बुकमार्क करें और कमेंट के जरिए अपनी राय साझा करें!  

बिहार की राजनीति में हलचल: अमित शाह-नीतीश की बैठक से बदल सकते हैं समीकरण

पटना  पटना के होटल मौर्या में गुरुवार को गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुलाकात ने बिहार की सियासत में तूफान ला दिया। विधानसभा चुनाव 2025 से पहले हुई इस अहम बैठक को लेकर अब चर्चा तेज हो गई है कि एनडीए में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला लगभग तय कर लिया गया है। सीट बंटवारे पर अहम बातचीत सूत्रों के अनुसार, मुलाकात में जेडीयू और बीजेपी के बीच सीट शेयरिंग पर अंतिम दौर की बातचीत हुई। चिराग पासवान और जीतन राम मांझी की सीटों की मांग पर भी गहन चर्चा चली। बताया जा रहा है कि इस बैठक में ही एनडीए के अंदरूनी समीकरण लगभग फाइनल कर लिए गए। खुशमिजाज माहौल, लेकिन गहरी रणनीति बता दें कि सीएम नीतीश होटल मौर्य पहुंचे तो अमित शाह ने आगे बढ़कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच बातचीत सहज और सकारात्मक माहौल में हुई। हालांकि बाहर आकर किसी ने भी आधिकारिक बयान नहीं दिया। बैठक से बाहर निकलने का क्रम भी दिलचस्प इस बीच, मीटिंग से सबसे पहले डेप्युटी सीएम सम्राट चौधरी और विजय चौधरी बाहर निकले। उसके बाद सीएम नीतीश सहयोगी संजय झा से बातचीत करते हुए होटल से बाहर आए। गृहमंत्री शाह यहां से सीधे डेहरी रवाना हो गए, जहां उन्हें बीजेपी कार्यकर्ताओं से मिलना था।   बिहार में नया समीकरण या मजबूती? हालांकि नेताओं की मुस्कान और चुप्पी दोनों ही संकेत देती हैं कि चुनावी रणनीति का बड़ा खाका तैयार हो चुका है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सीटों की औपचारिक घोषणा कब होती है और इसमें किसे कितना हिस्सा मिलता है।

मौसम विभाग की चेतावनी: तेज बारिश, आंधी और वज्रपात से रहें सतर्क

पटना  बिहार में एक बार फिर मौसम बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग पटना ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा।  मौसम विभाग पटना ने जमुई, मुंगेर, बांका, भागलपुर मधुबनी, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, कटिहार और खगड़िया में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी है। वहीं दो जिलों, पश्चिमी चंपारण और गोपालगंज में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही विभाग द्वारा पूरे राज्य में आंधी-तूफान और ठनका गिरने की चेतावनी जारी की गई है। ये भी कहा गया है कि अगले दो दिनों कर पूरे राज्य में ऐसी स्थिति बनी रह सकती है।  नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी  वहीं अगर बीते 24 घंटे की बात करें तो शिवहर, सीवान, नालंदा, बेतिया, रक्सौल, समस्तीपुर और गोपालगंज सहित कई जिलों भारी बारिश हुई है, जिसके चलते राज्य की नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।    

बिहार चुनाव 2025: तेजस्वी यादव ने युवाओं के लिए रखी नौकरी की गारंटी

बेगूसराय  बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बिहार अधिकार यात्रा पर हैं। इस यात्रा के तहत वो बेगूसराय पहुंचे।बेगूसराय में प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनी तो बिहार में हर नौजवान को नौकरी मिलेगी। उन्होंने कहा की बिहार और बेगूसराय के विकास के लिए आगे आना होगा। बिहार में अपराध और भ्रष्टाचार बढ़ गया है। बिहार में अब कोई भी नौजवान बेरोजगार नहीं होगा। तेजस्वी यादव ने कहा कि अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए नीतीश सरकार को बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार के पास बिहार को आगे बढ़ाने के लिए कोई विजन नहीं है। वह हमारे विजन को नकल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने के बाद पढ़ाई, कमाई, दवाई, सिंचाई कार्रवाई पर जोर होगा। जाते-जाते उन्होंने ‘जय बिहार, जय बिहारी’ का नारा देकर लोगों का हौसला बढ़ाया। उसके बाद ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे पर उपस्थित हजारों की भीड़ ने तेजस्वी यादव का समर्थन किया। असल में प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव अपने निर्धारित समय से 5 घंटा देर से बेगूसराय पहुंचे थे। वे सदर प्रखंड के कंकौल उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित अधिकार यात्रा में बुधवार की नौ बजे रात संबोधित कर रहे थे।  

नीतीश सरकार का बड़ा एलान: ग्रेजुएट बेरोजगारों को हर महीने मिलेगा आर्थिक सहारा

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार ने युवाओं को बड़ा तोहफा दिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेरोजगार ग्रेजुएट युवाओं के लिए नई योजना की घोषणा की है. इसके तहत सरकार 20 से 25 साल की उम्र के ऐसे स्नातक युवकों और युवतियों को हर महीने 1000 रुपये देगी, जिनके पास न नौकरी है और न ही स्वरोजगार. यह भत्ता अधिकतम दो साल तक दिया जाएगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घोषणा की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की. उन्होंने लिखा कि नवंबर 2005 में सरकार बनने के बाद से ही युवाओं को रोजगार और नौकरी देने को प्राथमिकता दी गई है. आने वाले पांच साल में राज्य सरकार का लक्ष्य है कि एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार दिया जाए. इस दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है और युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है. किन छात्रों को मिलेगा फायदा? नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार का मानना है कि जब तक युवा पढ़ाई या ट्रेनिंग के दौरान आत्मनिर्भर नहीं होंगे, तब तक वे नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अच्छे से नहीं कर पाएंगे. इसी सोच के तहत पहले से चल रही मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का विस्तार किया गया है. पहले इस योजना का लाभ सिर्फ इंटर पास बेरोजगार युवाओं को मिलता था. लेकिन अब इसका दायरा बढ़ा दिया गया है. अब कला, विज्ञान और वाणिज्य में स्नातक पास बेरोजगार युवक-युवतियों को भी यह भत्ता मिलेगा. आत्मनिर्भर बनने में मदद सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाना है. भत्ता मिलने से वे अपनी पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षा और कौशल प्रशिक्षण में आर्थिक मदद पा सकेंगे. नीतीश कुमार को उम्मीद है कि यह राशि बेरोजगार युवाओं को अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने में मदद करेगी. युवाओं को फायदा ही फायदा विशेष बात यह है कि सरकार का यह ऐलान चुनावी साल में आया है. ऐसे में इसे युवाओं को साधने की कोशिश भी माना जा रहा है. हालांकि, नीतीश कुमार का कहना है कि यह कदम राज्य को आत्मनिर्भर और रोजगारमूलक बनाने की दिशा में सरकार की दूरदर्शी सोच का हिस्सा है.