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रांची-रामगढ़ समेत कई हाईवे पर जलभराव रोकने के लिए सफाई और मरम्मत शुरू

रांची  बरसात के मौसम को देखते हुए एनएचएआई ने झारखंड के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह दुरुस्त करने को लेकर अभियान चलाया है. इस क्रम में सड़कों के रखरखाव और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम किया गया. एनएचएआई ने रांची-रामगढ़ मार्ग सहित रांची-जमशेदपुर मार्ग, रांची-डाल्टनगंज मार्ग और अन्य प्रमुख राजमार्गों पर ड्रेनेज सिस्टम की सफाई और मरम्मत का काम शुरू कराया है. जल भराव रोकने के लिए किए जा रहे कार्य यातायात को निर्बाध रखने के लिए साइड ड्रेन, बॉक्स कल्वर्ट और क्रॉस-ड्रेनेज संरचनाओं की सफाई की जा रही है, ताकि बरसात के पानी की तेजी से निकासी की व्यवस्था हो सके. इसके अलावा, राजमार्गों पर जल जमाव वाले और संवेदनशील स्थलों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है. इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि भारी बारिश के दौरान भी यातायात प्रभावित न हो और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न झेलनी पड़े. साथ ही, इन मार्गों पर सड़क सुरक्षा से जुड़े आवश्यक सुधार कार्य भी किए जा रहे हैं. एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी का बयान इस मानसून अभियान को लेकर एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी संतोष कुमार आर्य ने कहा कि मानसून के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित और निर्बाध यातायात बनाये रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी की जा रही हैं, जिससे बारिश के दिनों में भी यात्रियों का सफर सुरक्षित रहेगा.

पीएम ई-बस योजना के तहत आईएसबीटी से इलेक्ट्रिक बसों का संचालन तय

पटना  राजधानी पटना में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत जिले में जल्द ही 200 इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन शुरू किया जाएगा। इस संबंध में शुक्रवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परिवहन विभाग, पथ निर्माण विभाग, जिला प्रशासन और बस संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत होगा संचालन बैठक में योजना के क्रियान्वयन और बस परिचालन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना का उद्देश्य सतत और आधुनिक नगरीय परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि इस योजना से राजधानी के लोगों को बेहतर और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा। आईएसबीटी से शुरू होगा बसों का परिचालन जिलाधिकारी ने बताया कि पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, बैरिया (आईएसबीटी) से 200 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। इससे पटना और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होगा। बसों के परिचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अधिकारियों को समयबद्ध तैयारी के निर्देश समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सभी जरूरी तैयारियां निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया। अनुमंडल पदाधिकारी पटना सदर, जिला परिवहन पदाधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक को सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। यात्रियों को मिलेगी स्वच्छ और सुरक्षित यात्रा जिलाधिकारी ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और मजबूत होगी। लाखों यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा सुविधा उपलब्ध होगी। इसके साथ ही यातायात व्यवस्था में भी सुधार आएगा और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। प्रदूषण घटेगा, हरित परिवहन को मिलेगा बढ़ावा इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से वायु प्रदूषण में कमी आएगी और हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ टिकाऊ शहरी विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी। बैठक में बस परिचालन से जुड़ी आधारभूत संरचना, यात्री सुविधाओं और यातायात प्रबंधन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।  

पटना से गया, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय और राजगीर के लिए चलेगी रैपिड रेल: सीएम का ऐलान

 पटना बिहार में आने वाले समय में रैपिड रेल का जाल बिछने वाला है। राजधानी पटना से गयाजी, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय और राजगीर जैसे शहरों को हाईस्पीड ट्रेन से जोड़ा जाएगा। इन शहरों के बीच रोजाना सफर करने वाले कामकाजी लोगों एवं अन्य सभी वर्ग के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को इस बारे में घोषणा की। उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने की बात कही है। सीएम सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर पटना में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद बिहार में रेलवे का नेटवर्क मजबूत हो रहा है। राज्य के लगभग सभी रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं। अब भारत सरकार ने कहा है कि यहां रैपिड रेल चलाई जाएंगी। पटना से 4 शहरों के लिए चलेगी रैपिड रेल मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अभी पटना से गयाजी जाने में डेढ़ से दो घंटे का समय लगता है। सरकार ऐसी व्यवस्था करेगी कि रैपिड रेल से यह यह सफर 40 मिनट से भी कम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रेन से पटना और मुजफ्फरपुर के बीच का सफर भी दो से ढाई घंटे में पूरा होता है, उससे कम समय में रोड से लोग पहुंच जाते हैं। इन शहरों को भी रैपिड रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा नालंदा जिले का राजगीर टूरिस्ट हब के रूप में विकसित हो रहा है। बेगूसराय भी राज्य का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र हो गया है। पटना से राजगीर और बेगूसराय के लिए भी आने वाले समय में रैपिड रेल चलेंगी। सीएम ने दावा किया कि इन शहरों का भी राजधानी से सफर 40 मिनट के अंदर ही पूरा होगा। उन्होंने कहा कि रैपिड रेल को मेट्रो और रोड नेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा। पटना से जयनगर के बीच चल रही नमो भारत अभी पटना से जयनगर के बीच नमो भारत ट्रेन चलाई जा रही है। इसकी शुरुआत पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले की गई थी। सप्ताह में 6 दिन चलने वाली यह ट्रेन बाढ़, मोकामा, बरौनी, समस्तीपुर, दरभंगा, सकरी और मधुबनी स्टेशन पर रुकती है। हालांकि, 266 किलोमीटर की दूरी यह लगभग पौने 6 घंटे में पूरी करती है। इसकी औसत स्पीड 46 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह ट्रेन पूरी तरह से वातानुकूलित है और यात्री बिना रिजर्वेशन के सामान्य टिकट पर इस में यात्रा कर सकते हैं। ट्रेन की बाहरी बनावट वंदे भारत ट्रेन जैसी है। रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को ध्यान में रखते हुए इसे शुरू किया गया था।

संथाल-कोल्हान में सक्रिय हुआ मानसून, 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

 रांची झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार दस्तक दे दी है। गुरुवार को रांची के हिनू स्थित मौसम विज्ञान केंद्र में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि राज्य के पूर्वी हिस्से, विशेषकर संथाल परगना और कोल्हान क्षेत्र में मानसूनी प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। गोड्डा, देवघर, पूर्वी सिंहभूम तथा गिरिडीह के कुछ हिस्सों में मानसून सक्रिय हो चुका है। अगले दो से तीन दिनों में इसका विस्तार झारखंड के अन्य जिलों में भी होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम बंगाल में बने गहरे निम्न दबाव क्षेत्र के कारण झारखंड में मानसूनी गतिविधियां तेज हुई हैं। इसका सबसे अधिक असर कोल्हान और संथाल परगना क्षेत्र में देखने को मिलेगा। विभाग ने राज्य के नौ जिलों में भारी बारिश को लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं रांची समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। भारत में देर से पहुंचा मानसून, पिछले साल कम होगी भारत में बारिश मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि सामान्य तौर पर केरल में मानसून 1 जून को पहुंचता है, लेकिन इस वर्ष यह 4 जून को पहुंचा। झारखंड में मानसून का सामान्य आगमन 12 जून के आसपास माना जाता है, जबकि रांची और आसपास के मध्य भागों में यह 15 जून तक सक्रिय हो जाता है। इस बार भी इसी क्रम में मानसून आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि जून माह में राज्य में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। अल नीनो के प्रभाव के कारण इस वर्ष पूरे देश में मानसून अपेक्षाकृत कमजोर रह सकता है। हालांकि जुलाई और अगस्त के दौरान होने वाली वर्षा ही यह तय करेगी कि मानसून का कुल प्रदर्शन कैसा रहेगा। झारखंड में सर्वाधिक बारिश इन्हीं दो महीनों में दर्ज की जाती है। बिचड़ा लगाना शुरू करें किसान, निचले भागों में खेती करें शुरू कृषि क्षेत्र के लिए मानसून की शुरुआत राहत भरी खबर लेकर आई है। मौसम विभाग ने किसानों को धान की नर्सरी तैयार करने और बिचड़ा लगाने की सलाह दी है। विशेष रूप से निचले खेतों में धान की खेती शुरू करने का यह उपयुक्त समय बताया गया है। वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक फसलों की खेती पर जोर देने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। वज्रपात, तेज हवा और भारी बारिश की संभावना को देखते हुए खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसून का प्रभाव और अधिक स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा।

पार्सल-ओटीपी के नाम पर ठगी की कोशिश, कॉल पर गाली-गलौज और धमकी का मामला

पटना   बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को फोन पर अपशब्द कहने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने वाले शातिर बदमाश के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पटना साइबर थाने की पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के आधार पर धमकी देने वाले मुख्य आरोपी की पहचान कर ली है। मिली जानकारी के मुताबिक, जिस मोबाइल फोन से उपमुख्यमंत्री को धमकी भरे कॉल किए गए थे, पुलिस ने उसे शेखपुरा के एक घर में छापेमारी कर जब्त कर लिया है। हालांकि, पुलिस की भनक लगते ही धमकी देने वाला शातिर आरोपी फिलहाल फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। पार्सल और ओटीपी के नाम पर ठगी का प्रयास यह पूरी घटना सरकारी महकमे से लेकर आम जनता के बीच भारी चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल, बदमाशों द्वारा सीधे सूबे के उपमुख्यमंत्री से ही पार्सल के नाम पर साइबर ठगी करने का प्रयास किया गया था। घटना वाले दिन डिप्टी सीएम को एक अनजान नंबर से कॉल आया और कॉलर ने उनसे कहा कि आपकी एक पार्सल बुकिंग आई है। जब उन्होंने साफ लहजे में कहा कि उनका कोई पार्सल बुक नहीं है और यह कहकर कॉल काट दिया, तो बदमाश ने उन्हें दोबारा फोन घुमा दिया। इस बार कॉलर ने बेहद शातिर अंदाज में कहा कि आपके नंबर पर एक ओटीपी गया है, उसे जल्दी दीजिए। जब डिप्टी सीएम ने फिर से मना कर दिया, तो अपराधी अपना आपा खो बैठा और फोन पर ही उनके साथ बदतमीजी व गाली-गलौज करते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की खुली चेतावनी दे डाली। साइबर डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने शुरू की जांच इस बेहद संवेदनशील मामले को लेकर उपमुख्यमंत्री के निजी सचिव वीरेंद्र कुमार ने बिना कोई वक्त गंवाए पटना के साइबर थाने में एक लिखित शिकायत देकर आधिकारिक तौर पर एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद हरकत में आई साइबर पुलिस की टीम ने जब मोबाइल लोकेशन को ट्रेस किया, तो उसके तार सीधे शेखपुरा जिले से जुड़े मिले। मामले की पुष्टि करते हुए साइबर डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि जब्त किए गए मोबाइल फोन की कड़ाई से तकनीकी छानबीन की जा रही है। शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इस मोबाइल का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर लोगों से ऑनलाइन साइबर ठगी करने के लिए किया जा रहा था। डीएसपी ने साफ कहा है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही इस पूरे सिंडिकेट और इसकी असली सच्चाई का पूरी तरह से पर्दाफाश हो सकेगा।

जोरहाट एयरबेस हादसा: AN-32 विमान दुर्घटना में भोजपुर के अग्निवीर दानिश आलम शहीद

 कोईलवर (आरा)  असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर शनिवार को भारतीय वायु सेना का एएन-32 ट्रांसपोर्ट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड अंतर्गत कायमनगर गांव निवासी अग्निवीरवायु दानिश आलम वीरगति को प्राप्त हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही गांव और परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जा रहा है कि दुर्घटना में वायु सेना के दो अधिकारियों और दो अग्निवीरवायु समेत कुल पांच जवानों की मौत हुई है। 22 वर्षीय दानिश आलम, मोहम्मद फारूक आलम और अख्तरी बेगम के इकलौते पुत्र थे। उनके पिता गीधा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। बचपन से ही देश सेवा का था सपना परिवार में दो बड़ी बहनें शगुफ्ता परवीन और गजाला परवीन हैं, जिनमें एक की शादी हो चुकी है। स्वजनों ने बताया कि दानिश का बचपन से ही सैनिक बनकर देश सेवा करने का सपना था। अग्निवीरवायु में चयन के बाद उन्होंने 29 जून 2025 को बिहटा एयर फोर्स स्टेशन में योगदान दिया था। इसके बाद तीन जुलाई को प्रशिक्षण के लिए बेलगांव (कर्नाटक) भेजे गए थे। पिछले वर्ष अक्टूबर से वे जोरहाट में तैनात थे। परिवार के अनुसार, दानिश 23 मई को छुट्टी लेकर घर आए थे और 30 मई को वापस ड्यूटी पर लौट गए थे। अब उनके शहीद होने की खबर से पूरा परिवार सदमे में है। 30 मई को ही ड्यूटी पर लौटे थे दानिश भारतीय वायु सेना की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा और अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत भी वीरगति को प्राप्त हुए हैं। दानिश की शहादत की खबर मिलते ही कायमनगर गांव में मातम पसरा हुआ है। गांव के लोग और रिश्तेदार लगातार उनके घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं।

मानगो नगर निगम में आजीविका सुधार की बड़ी पहल, 5 साल की सिटी लाइवलीहुड एक्शन प्लान पर काम शुरू

जमशेदपुर  मानगो नगर निगम क्षेत्र में रोजगार, स्वरोजगार और शहरी आजीविका को मजबूत बनाने के लिए अगले पांच वर्षों की व्यापक कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। इसी कड़ी में शुक्रवार को मानगो नगर निगम में महापौर सुधा गुप्ता की अध्यक्षता में सिटी लाइवलीहुड एक्शन प्लान (सीएलएपी) को लेकर फोकस ग्रुप डिस्कशन का आयोजन किया गया। इसमें शहरी गरीबों, स्वयं सहायता समूहों, पथ विक्रेताओं, युवाओं और स्थानीय कारीगरों की आजीविका को बेहतर बनाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई। नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखंड सरकार के निर्देश पर दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत राज्य के 10 नगर निकायों में सिटी लाइवलीहुड एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कालीकट, केरल और नगर विकास एवं आवास विभाग के बीच समझौता हुआ है। एनआईटी कालीकट आगामी पांच वर्षों के लिए शहर की आजीविका संबंधी जरूरतों और संभावनाओं का अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करेगा। बैठक में जिला उद्योग केंद्र, जेएसएलपीएस, टाउन वेंडिंग कमेटी, एरिया लेवल फेडरेशन, स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि तथा एनआईटी कालीकट की टीम के सदस्यों सहित विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया। सभी ने सहभागिता आधारित विकास मॉडल को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। महिलाओं के उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर जोर महापौर सुधा गुप्ता ने बैठक में स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों के लिए साप्ताहिक हाट शुरू करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने से उन्हें उचित मूल्य मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। साथ ही उत्पादों को बाजार से जोड़ने के लिए विशेष रणनीति बनाने का निर्देश भी दिया। वेंडिंग जोन और बस अड्डे से बढ़ेंगे अवसर महापौर ने शहर को व्यवस्थित बनाने के लिए वेंडिंग जोन विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे कारोबार करने वाले पथ विक्रेताओं के लिए निर्धारित स्थान विकसित होने से ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी। इसके अलावा प्रस्तावित बस अड्डे को रोजगार और स्वरोजगार का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में भी योजना तैयार की जा रही है। गरीबी उन्मूलन और कौशल विकास पर रहेगा फोकस अपर नगर आयुक्त जितेंद्र कुमार यादव ने कहा कि योजना के तहत शहरी गरीबों और कमजोर वर्गों की पहचान कर उन्हें रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास तथा केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने का रोडमैप तैयार किया जाएगा। उप महापौर राहुल कुमार कश्यप ने कहा कि जागरूकता अभियान, सामुदायिक संस्थाओं को मजबूत बनाने, आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने तथा बाजार से जोड़ने की रणनीति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही सर्वेक्षण के माध्यम से आजीविका से जुड़े लोगों की चुनौतियों और अवसरों का मूल्यांकन कर रोजगार सृजन, गरीबी उन्मूलन और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने वाली योजनाएं तैयार की जाएंगी।

मानसून से पहले महंगाई का झटका, हरी सब्जियों के बढ़ते दामों ने बिगाड़ा रसोई का बजट

रांची राजधानी रांची में बदलते मौसम और मानसून की दस्तक के साथ हरी सब्जियों की कीमतों में अचानक आई तेजी ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बाजारों में टमाटर से लेकर अधिकांश सब्जियां 40 से 50 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही हैं, जबकि कुछ चुनिंदा सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। महंगाई का सीधा असर निम्न मध्यम और मध्यम वर्गीय परिवारों की रसोई पर पड़ रहा है, जिससे घरेलू बजट पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सब्जी विक्रेताओं के अनुसार एक सप्ताह पहले तक 10 से 15 रुपये प्रति किलो बिकने वाली भिंडी अब 30 से 40 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। वहीं स्थानीय टमाटर 50 से 55 रुपये प्रति किलो और हाइब्रिड टमाटर 50 से 70 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। फ्रेंच बीन की कीमत सबसे अधिक बढ़ी है और यह 40 से 50 रुपये प्रति पाव तक बिक रही है। बीन की कीमत 150 से 200 रुपये केजी तक पहुंच गई है। आलू और प्याज को छोड़कर लगभग सभी सब्जियों के दामों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। रांची में बुंडू, तमाड़, जोन्हा, सिल्ली, झालदा, बेड़ो समेत आसपास के क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में सब्जियों की आपूर्ति होती है। यहां से आने वाली खेप नागाबाबा खटाल, मोरहाबादी, लालपुर, डोरंडा, रेलवे स्टेशन बाजार और बहुबाजार जैसी प्रमुख मंडियों तक पहुंचती है। अंतिम फसल और कम आपूर्ति बनी महंगाई की वजह सब्जी व्यापारी ने कहा कि वर्तमान में कई सब्जियों की अंतिम फसल बाजार में आ रही है। मानसून शुरू होने के बाद कई हरी सब्जियों की खेती और उत्पादन प्रभावित हो जाता है, जिससे बाजार में आपूर्ति कम हो जाती है। यही कारण है कि हर वर्ष इस अवधि में सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं। विक्रेताओं का कहना है कि जब तक नई फसल तैयार होकर बाजार में नहीं आती, तब तक कीमतों में राहत मिलने की संभावना कम है। सब्जियों के क्या हैं, रेट सब्जी का नाम     भाव (रुपये प्रति किलो) फ्रेंच बीन                   40 – 50 टमाटर                       50 – 60 झींगी / तोरई                40 – 60 खीरा                            30 – 40 भिंडी                            30 – 40 कद्दू                              20 सफेद आलू                    15 लाल आलू                      20 प्याज                            25 बैंगन                            40 पटल                             40 शिमला मिर्च                   50 – 70 बोदी                                40     पहले 300 रुपये में सब्जियां पूरी होती थी, अब हालत ऐसी हैं, कि 500 रुपये में भी थैला नहीं भरता है।     प्रति दिन 200 रुपये में पर्याप्त सब्जियां मिल जाती थीं, लेकिन अब 400 रुपये खर्च करने के बाद 2 दिन में सब्जियां खत्म हो रही।     बारिश तक महंगाई की समस्या बनी, महंगी सब्जी खरीद ही नहीं रही।     पहले टमाटर की चटनी बनती थी, अब सब्जी में आधा कटा टमाटर इस्तेमाल कर रही।  

बिजली बिल से मिलेगी राहत, 14 जून से शुरू होगी बिहार की सोलर रूफटॉप महायोजना

पटना  बिहार के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सम्राट सरकार एक बेहद शानदार और बड़ी राहत देने वाली योजना की शुरुआत करने जा रही है। राज्य के लाखों परिवारों को अब हर महीने भारी-भरकम बिजली बिल से पूरी तरह मुक्ति मिलने वाली है। सूबे के 10 लाख गरीब परिवारों (कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं) के घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप यानी सोलर प्लेट लगाने की महायोजना की शुरुआत 14 जून से होने जा रही है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद इस बेहद महत्वाकांक्षी योजना का भव्य उद्घाटन करेंगे। इस योजना के जमीन पर उतरते ही गरीब परिवारों के घरों में न सिर्फ मुफ्त बिजली की रोशनी जगमगाएगी, बल्कि राज्य में हरित ऊर्जा को भी एक नया और मजबूत पंख मिलेगा। पहले चरण में ढाई लाख घरों पर लगेंगी सोलर प्लेट इस योजना को लेकर ऊर्जा विभाग ने अपनी सभी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां पूरी तरह से पूरी कर ली हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस महाअभियान की शुरुआत पहले चरण में 2.50 लाख गरीब परिवारों के घरों की छतों पर सोलर प्लेट लगाने से होगी। इन ढाई लाख परिवारों के घरों को सौर ऊर्जा से लैस करने के लिए सरकार कुल 1512 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च करने जा रही है। केंद्र सरकार की लोकप्रिय 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत इस पूरी स्कीम को जमीन पर उतारा जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, एक घर की छत पर लगने वाले इस सोलर रूफटॉप से करीब 1.1 किलोवाट बिजली का बंपर उत्पादन होगा, जो एक गरीब परिवार की दैनिक जरूरतों के लिए पूरी तरह पर्याप्त होगा। ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल का बड़ा एलान बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने इस योजना के भविष्य के रोडमैप का खुलासा करते हुए बताया कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों के भीतर सूबे के करीब 58 लाख गरीब परिवारों के घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप लगाने का एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में एक परिवार के घर की छत पर इस पूरे सिस्टम को इंस्टॉल करने में लगभग 60 हजार रुपये की राशि का खर्च आएगा। ऊर्जा मंत्री ने याद दिलाया कि इससे पहले 'जल-जीवन-हरियाली अभियान' के तहत बिहार के सभी प्रमुख सरकारी भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाकर बिजली उत्पादन का काम पहले ही सफलतापूर्वक शुरू किया जा चुका है। अब इसी कड़ी में आम और गरीब जनता को सीधे तौर पर इस मुफ्त बिजली क्रांति से जोड़ा जा रहा है।

सम्राट चौधरी बोले- 15 सितंबर से शुरू होगा टाउनशिप निर्माण, उद्योगों को 30 दिन में मिलेगी मंजूरी

 पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य की नई 11 टाउनशिप में छह लाख 45 हजार करोड़ का निवेश होगा। टाउनशिप के लिए सीमांकन का कार्य तेजी से चल रहे हैं। 15 सितंबर से जमीन पर इसके कार्य शुरू होंगे। मुख्यमंत्री शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 साल पूरा होने पर आयोजित मीडिया संवाद में बोल रहे थे। सम्राट चौधरी लालू प्रसाद यादव पर भी बोले मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सड़क, बिजली, रेल और हवाई संपर्क का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। दरभंगा और पूर्णिया एयरपोर्ट के बाद कई नए एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप और हेलीपैड परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। राजगीर, गया और मुजफ्फरपुर को जोड़ने वाली रैपिड रेल परियोजना पर भी गंभीरता से काम किया जा रहा है। सुल्तानगंज और सोनपुर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनेंगे। बिहार में पटना-पूर्णिया, बक्सर भागलपुर, आमस दरभंगा, गोरखपुर-सिलीगुड़ी, रक्सौल-हल्दिया तथा वाराणसी-गया-कोलकाता एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर जैसे बड़े संपर्क मार्गों पर कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। गंगा नदी पर सात नए पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है तथा सात अन्य पुल निर्माणाधीन हैं। कोसी, गंडक, सोन, बागमती और फल्गु जैसी प्रमुख नदियों पर भी नए पुल बन रहे हैं। औंटा-सिमरिया गंगा पुल और पटना-आरा-सासाराम फोरलेन कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं ने उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क को नई मजबूती दी है। 30 दिनों में उद्योग के लिए सभी स्वीकृतियां मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 नवंबर को अपने एक वर्ष पूरे होने तक बिहार में पांच लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को धरातल पर उतारने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। पहले उद्योग लगाने के लिए 33-34 प्रकार की अलग-अलग स्वीकृतियां लेनी पड़ती थीं, लेकिन अब 30 दिनों की समय सीमा तय की जा रही है। कोई भी निवेशक आवेदन करेगा तो निर्धारित अवधि के भीतर उसे आवश्यक स्वीकृतियां स्वतः उपलब्ध हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि राजगीर और मुंगेर में डिफेंस कॉरिडोर बनेगा। साथ ही हर जिले में हवाई संपर्कता बहाल की जाएगी। मीडिया संवाद कार्यक्रम का संचालन प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने किया। मौके पर राष्ट्रीय सह मीडिया प्रभारी एवं विधान पार्षद संजय मयूख मंचस्थ रहे। भाजपा संकल्पों से पीछे नहीं हटी मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने जनसंघ के समय से जो भी संकल्प देश के सामने रखा, उसे पूरा करने का काम किया है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाना तथा अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण भाजपा की ऐतिहासिक प्रतिबद्धताएं थीं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा किया गया। भाजपा अपने विचारों और संकल्पों से कभी पीछे नहीं हटी है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश आज भी मंत्री हैं और आगे भी मंत्री बने रहेंगे। मीडिया के सवाल पर कहा कि बिना किसी सदन के सदस्य के कोई भी पांच महीना 29 दिनों तक मंत्री रह सकता है। मैं स्वयं बिना सदन सदस्य के पांच महीना 28 दिन तक मंत्री था।  सम्राट चौधरी हूं मीडिया ने अतिक्रमण हटाने को लेकर चले अभियान पर सवाल किया कि आप देश के दूसरा योगी आदित्यनाथ हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा नाम सम्राट चौधरी है। राज्य में जहां भी अतिक्रमण है, चाहे वह किसी उद्योगपति का हो या बड़े व्यक्ति का, उसे तोड़ा ही जाएगा। लालू बड़े नेता, बड़ा दिल दिखाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि लालू प्रसाद बड़े नेता है। आवास खाली करने के मामले में भी उन्हें बड़ा दिल दिखाना होगा। यह राजशाही नहीं, लोकतंत्र है। सरकार का आदेश है तो खाली करना ही होगा। यह व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है। मैं आज मुख्यमंत्री हूं, पर मैं भी पूर्व होऊंगा। इस कुर्सी पर कोई सदा के लिए नहीं रहता है। बड़ी लंबित परियोजनाओं की समीक्षा स्वयं करूंगा मुख्यमंत्री ने कहा कि 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सभी लंबित परियोजनाओं की समीक्षा वह स्वयं करेंगे, ताकि भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति या अन्य कारणों से रुकी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जा सके। प्रधानमंत्री का भी आदेश है कि बड़े प्रोजेक्ट को सभी राज्यों के मुख्यमंत्री स्वयं देखें। राज्य में पर्यटन उद्योग विकसित होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यटन उद्योग विकसित होगा। इसका ख्याल रखा जाएगा कि पर्यटक आते हैं तो कहां ठहरें, आने-जाने में कोई परेशानी नहीं, निश्चित दूरी पर खाने-पीने का बेहतर इंतजाम रहे। इस हिसाब से आधारभूत संरचनाएं विकसित होंगी। कैमूर की पहाड़ियों का दर्शन हेलिकॉप्टर से कराया जाएगा।