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अब बिना इंटरनेट AI से पढ़ेंगे बच्चे, समस्तीपुर के स्कूलों में शुरू होगी स्मार्ट शिक्षा

समस्तीपुर. सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई अब सिर्फ किताब, कॉपी और कक्षा तक सीमित नहीं रहेगी। मोबाइल आधारित 'पढ़ाई' ऐप के जरिये बच्चे घर बैठे बिना इंटरनेट के भाषा और गणित की बुनियादी समझ विकसित करेंगे। एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) आधारित यह ऐप बच्चों की पढ़ने की क्षमता, उच्चारण और सीखने की गति का आकलन कर उनकी जरूरत के अनुसार सीखने में मदद करेगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिले के ताजपुर और मोरवा प्रखंड के चयनित सरकारी विद्यालयों में 'टेक्नोलाजी इन टीचिंग एट द राइट लेवल' कार्यक्रम का संचालन मार्च 2027 तक किया जाएगा। यह प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के सहयोग से लागू होगा। इस पहल में कक्षा तीन से पांच तक के बच्चों को शामिल किया जाएगा। कमजोर बच्चों की पहचान होगी आसान हर बच्चे की सीखने की क्षमता अलग होती है। कुछ बच्चे तेजी से सीखते हैं, जबकि कुछ को अतिरिक्त अभ्यास की आवश्यकता होती है। 'पढ़ाई' ऐप बच्चों के प्रदर्शन का वास्तविक समय में विश्लेषण कर यह बताएगा कि किस बच्चे को भाषा या गणित में अधिक सहायता की जरूरत है। इससे शिक्षकों को बच्चों के अधिगम स्तर के अनुसार मार्गदर्शन देने में सुविधा होगी। ऐप बताएगा कहां हो रही गलती एआई आधारित यह ऐप केवल अध्ययन सामग्री उपलब्ध नहीं कराएगा, बल्कि बच्चों की पढ़ने की क्षमता का भी मूल्यांकन करेगा। बच्चा जब पाठ पढ़ेगा तो ऐप उसकी आवाज सुनकर उच्चारण, पढ़ने की गति और त्रुटियों का विश्लेषण करेगा। इसके साथ ही 'असर' टूल पर आधारित गणितीय आकलन भी इसमें शामिल किया गया है। इससे बच्चों की बुनियादी भाषा दक्षता मजबूत होने के साथ आगे की पढ़ाई की मजबूत नींव तैयार होगी। घर पर भी मिलेगा अभ्यास का अवसर शिक्षा विभाग के अनुसार इस ऐप का उद्देश्य स्कूल की पढ़ाई का विकल्प बनना नहीं, बल्कि बच्चों को अतिरिक्त अभ्यास का अवसर उपलब्ध कराना है। स्कूल के बाद भी बच्चे अपनी सुविधा के अनुसार घर पर अभ्यास कर सकेंगे। इससे उन बच्चों को विशेष लाभ मिलेगा, जिन्हें अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग नहीं मिल पाता। साथ ही शिक्षक और अभिभावक भी बच्चों की वास्तविक सीखने की स्थिति को आसानी से समझ सकेंगे। एफएलएन सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम     यह पहल बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डिजिटल उपकरणों को कक्षा आधारित शिक्षण प्रक्रिया से जोड़कर बच्चों के अधिगम स्तर का आकलन, उनकी आवश्यकता के अनुसार समूहीकरण और उचित शैक्षणिक सहयोग प्रदान करने में यह उपयोगी साबित होगी। – सुधीर कुमार, कार्यक्रम समन्वयक, प्रथम पढ़ाई' ऐप का प्रयोग सफल 'पढ़ाई' ऐप का प्रयोग सफल रहा तो बच्चों की पढ़ाई के आकलन, अभ्यास और सुधार की पूरी प्रक्रिया को नया डिजिटल आधार मिलेगा। यह पहल भविष्य में सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। – जमालुद्दीन, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान) शिक्षा विभाग, समस्तीपुर

पटना फायरिंग मामले में खान सर को राहत, गिरफ्तारी पर रोक, तीन जुलाई होगी सुनवाई

पटना  अपने कोचिंग सेंटर में हुई फायरिंग से संबंधित केस में फिलहाल खान सर की गिरफ्तारी पर रोक जारी रहेगी। दरअसल पटना सिविल कोर्ट में खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी। अब इसपर सुनवाई 03 जुलाई को होगी। अदालत ने पहले ही खान सर की गिरफ्तारी रोक लगा रखी है। अब फैजल खान और खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर 03 जुलाई को अदाालत सुनवाई करेगा। बताया जा रहा है कि सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक की तरफ से कहा गया कि खान सर के अंगरक्षकों के पास अवैध हथियार थे। दहशत फैलाने के इरादे से ही वहां फायरिंग की गई थी। इसपर बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी है कि हथियार का लाइसेंस है और कागजात फिलहाल पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। इसपर अदालत ने केस के आईओ को लोक अभियोजक से हथियार के कागजात मांगे हैं। इस मामले में अगली सुनवाई अब 03 जुलाई को होगी। बता दें कि पटना में -2 जुलाई को खान सर के कोचिंग संस्थान के नजदीक हुई गोलीबारी के वायरल वीडियो के आधार पर कदमकुआं थाना की पुलिस ने खान सर और उनके दो सुरक्षा कर्मियों के अलावा अन्य अज्ञात के खिलाफ बी एन एस और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं में 04 जून 2026 को कदम कुआं थाना में कांड संख्या 418/2026 दर्ज किया है। खान कोचिंग पर पथराव के एक घंटे बाद हुई फायरिंग बता दें कि पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र के मुसल्लहपुर में दो जून की रात दो कोचिंग संस्थान खान ग्सोबल कोचिंग सेंटर और ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के बीच विवाद के मामले को पुलिस हर पहलू पर परख रही है और इसका अनुसंधान कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रात 10 बजे के करीब खान ग्लोबल कोचिंग सेंटर पर पथराव और गार्ड के सााथ मारपीट की घटना हुई थी। लेकिन उनके बॉडीगार्ड द्वारा फायरिंग घटना के करीब एक घंटे के बाद की गई थी। इसका मतलब है कि निजी सुरक्षा कर्मियों ने पथराव से अपनी रक्षा की बजाय दहशत फैलाने और डर का माहौल कायम करने के लिए ऐसा किया था। इस घटना के अनुसंधान की निगरानी एक वरीय पुलिस अधिकारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि फुटेज को सुक्ष्मता से देखा गया है। रात में करीब 10 बजे खान कोचिंग सेंटर पर पथराव और गार्ड के साथ मारपीट की घटना हुई थी। करीब एक घंटे के बाद गार्ड द्वारा हवा में फायरिंग की गई थी। उस समय दूसरे पक्ष के लोग वहां से चले गए थे।

रांची के कई इलाकों में बिछेगी पीएनजी पाइपलाइन, 2026 तक जुड़ेंगे 20 हजार नए उपभोक्ता

 रांची  राजधानी रांची में स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में गेल इंडिया लगातार अपने पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) नेटवर्क का विस्तार कर रही है। शहर के वार्ड नंबर 46 स्थित कृष्णापुरी, मोरहाबादी, हेहल, लालपुर, स्मार्ट सिटी और बीआईटी मेसरा क्षेत्र में गैस पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।  इस विस्तार योजना के पूरा होने के बाद शहर की लगभग एक लाख आबादी को घरेलू गैस पाइपलाइन सुविधा का लाभ मिलने की उम्मीद है।  150 किलोमीटर अतिरिक्त पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने की योजना गेल इंडिया के डीजीएम प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि रांची में पीएनजी नेटवर्क का विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान लगभग 150 किलोमीटर अतिरिक्त पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने की योजना बनाई गई है, ताकि शहर के अधिक से अधिक क्षेत्रों को इस सुविधा से जोड़ा जा सके।  उन्होंने बताया कि वर्तमान में रांची में करीब 550 किलोमीटर एमडीपीई पाइपलाइन और लगभग 70 किलोमीटर स्टील पाइपलाइन नेटवर्क में गैस चार्ज की जा चुकी है। इसके माध्यम से शहर के विभिन्न इलाकों में गैस आपूर्ति की व्यवस्था विकसित की गई है। 78 हजार घरों तक पहुंची अवसंरचना घरेलू पीएनजी कनेक्शन के लिए अब तक लगभग 78 हजार घरों में आवश्यक अवसंरचना तैयार की जा चुकी है। इनमें से करीब 24 हजार घरों तक गैस आपूर्ति शुरू हो चुकी है, जबकि लगभग 18 हजार उपभोक्ता नियमित रूप से पीएनजी गैस का उपयोग कर रहे हैं।  कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2026 के अंत तक अतिरिक्त 20 हजार नए घरेलू उपभोक्ताओं को इस सुविधा से जोड़ने का है। गेल इंडिया की यह योजना केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है। आने वाले समय में औद्योगिक क्षेत्रों तक भी गैस नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा, जिससे उद्योगों को सस्ती, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा उपलब्ध हो सकेगी। वार्ड 46 में 20 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य वार्ड नंबर 46 की पार्षद आरती कुमारी ने बताया कि गैस सिलिंडर की उपलब्धता और बढ़ती कीमतों के कारण लोगों में पीएनजी कनेक्शन की मांग तेजी से बढ़ी है। स्थानीय लोगों की मांग और शिकायतों के बाद उनके वार्ड में पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू किया गया है। वार्ड में लगभग 20 किलोमीटर गैस पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे अगले एक वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्य पूरा होने के बाद विशेष शिविर लगाकर एक साथ बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। वार्ड में करीब 20 हजार परिवार रहते हैं, जिन्हें इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा। शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर जारी गेल इंडिया ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-123-121-111 जारी किया है। किसी भी प्रकार की शिकायत, तकनीकी सहायता या कनेक्शन संबंधी जानकारी के लिए उपभोक्ता इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। कंपनी ने वर्ष 2027 के अंत तक परियोजना को व्यापक रूप से पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। घर तक गैस पाइपलाइन पहुंचने से सिलेंडर बुकिंग और ढुलाई की परेशानी खत्म होगी। यह आम लोगों के लिए बड़ी राहत है।- संतोष सिंह, स्थानीय निवासी     पीएनजी कनेक्शन सुरक्षित होने के साथ-साथ किफायती भी है। इससे पुरुषों का समय बचेगा व महिलाओं को सबसे अधिक सुविधा मिलेगी।- सुमंत महतो, स्थानीय निवासी यदि पूरे वार्ड में समय पर काम पूरा हो जाता है तो हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। घरेलू गैस के साथ उद्योगों को भी लाभ मिलेगा।- विजय कुमार, स्थानीय निवासी  

डॉक्टरों की हर गतिविधि पर रहेगी नजर, बिहार के 15 हजार स्वास्थ्य संस्थानों में होगी कैमरों से मॉनिटरिंग

पटना  बिहार में स्वास्थ्य मंत्री की कुर्सी संभालने के बाद निशांत कुमार फुल ऐक्शन में नजर आ रहे हैं। वो ताबड़तोड़ अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं और लापरवाही पर ऐक्शन ले रहे हैं तो वहीं वो बड़े-बड़े फैसले भी ले रहे हैं। अब निशांत कुमार ने ऐलान किया है कि बिहार के सभी सरकारी अस्पतालों में कैमरे लगाए जाएंगे। सरकारी अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के पीछे सरकार की यह मंशा है कि वो डॉक्टरों पर निगरानी रख सकें कि अस्पताल में वो किस तरह से अपना काम कर रहे हैं।निशांत कुमार ने यह भी कहा है कि राज्य के सभी जिला अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल और सभी सीएचसी को स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में डेवलप किया जाएगा। मीडिया से बातचीत में निशांत कुमार ने कहा, ‘हमारी कोशिश है कि हम जो दवा दे रहे हैं वो जनता तक पहुंचे। हम इस बात को लेकर प्रयासरत हैं कि दवा सही मात्रा में और सही ढंग से जनता तक पहुंच सके। हमारी सबसे बड़ी समस्या है डॉक्टरों या अन्य कर्मचारियों की गैरमौजूदगी की। इसके लिए हमलोग काम कर रहे हैं। बिहार में करीब 15 हजार सरकारी स्वास्थ्य संस्थान हैं और हम इन सभी में अब कैमरा लगवा रहे हैं। हम एक ऐसा सॉफ्टवेयर डेवलप कर रहे हैं कि कोई भी डॉक्टर अस्पताल में आता है, जाता है तो उसके बीच में वो क्या करता है उसका रिकॉर्ड हम रख सकें। मान लीजिए अगर कोई डॉक्टर 9 बजे आया और 1 बजे गया तो इस बीच में उसने ओपीडी किया या आईपीडी किया याा फिर उसने सर्जरी की या क्या कुछ किया उन सभी चीजों का रिकॉर्ड हमारे पास रहेगा। सभी जगहों पर हम कैमरा लगा रहे हैं ताकि हम कैमरे से ही निगरानी कर सकें। मैं खुद इसको मॉनीटरिंग करूंगा।’ निशांत कुमार ने बताया है कि बिहार के पांच जोन में 11 लेवल-थ्री और पांच लेवल-टू ट्रामा सेंटर बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा एलएनजेपी अस्पताल में 400 बेड का नया अस्पताल बनाया जाएगा। PMCH के प्राचार्य पर हुआ था ऐक्शन बता दें कि इससे पहले पटना स्थित PMCH में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने जब दौरा किया था तब लापरवाही के आरोप में प्राचार्य पर ऐक्शन भी लिया गया था। बिहार सरकार ने पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (पीएमसीएच) के प्रभारी प्राचार्य को ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों के चलते अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया। यह कार्रवाई बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के पीएमसीएच के पूर्व निर्धारित निरीक्षण के बाद की गई थी। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने पाया था कि प्रभारी प्राचार्य नरेन्द्र प्रताप सिंह अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे। उन्होंने अपनी अनुपस्थिति की कोई सूचना नहीं दी थी और न ही अपने स्थान पर किसी अन्य अधिकारी को प्रभार सौंपा था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नरेंद्र सिंह ने विभागीय अधिकारियों के फोन कॉल का भी जवाब नहीं दिया। नरेंद्र सिंह को अब बेतिया में प्रोफेसर के पद पर पदस्थापित किया गया है। वहीं, पटना चिकित्सा महाविद्यालय के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रो. गीता सिन्हा को अगले आदेश तक पीएमसीएच की प्रभारी प्राचार्य का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

मिड-डे मील में गड़बड़ी पर सख्ती, खाली बोरों की राशि जमा नहीं करने पर महालेखाकार की आपत्ति

रांची  पीएम पोषण योजना (मध्याह्न भोजना योजना) के तहत चावल के खाली बोरे की राशि सरस्वती वाहिनी के बैंक खाते में जमा करना अनिवार्य है। इसे प्रधानाध्यापक या कोई शिक्षक अपने पास नहीं रख सकता। साथ ही स्कूलों को इसका पूरा हिसाब-किताब सरकार को देना है। महालेखाकार द्वारा कई जिलों में बोरे की राशि सरस्वती वाहिनी के बैंक खाते में जमा नहीं होने पर आपत्ति व्यक्त करते हुए हर हाल में राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसे लेकर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने भी सभी जिलों के जिला शिक्षा अधीक्षकों को यह राशि हर हाल में जमा करने को कहा है। महालेखाकार ने वित्तीय वर्ष 2019-20 से लेकर 2025-26 तक मध्याह्न भोजन में चावल के उपयोग के बाद खाली बोरे के हिसाब-किताब दुरुस्त नहीं होने तथा राशि जमा नहीं होने की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है। इस अवधि में चावल के उपयोग के बाद खाली बोरे के लिए प्रति बोरा 14.40 रुपये जमा किया जाना है। इस राशि का सही तरह से आकलन कर पूरी राशि को सरस्वती वाहिनी की बैंक खाते में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जिलों को इसकी रिपोर्ट देने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस आशय के निर्देश मिलने के बाद कुछ जिलों में इसके पूर्व के वर्षों की राशि का भी हिसाब-किताब लिया जा रहा है। बताते चलें कि स्कूलों को कुकिंग कास्ट के रूप में निर्धारित राशि दी जाती है, जबकि चावल एफसीआई के माध्यम से उपलब्ध कराए जाते हैं। चावल की राशि एफसीआई को झारखंड मध्याह्न भोजन प्राधिकरण द्वारा दी जाती है, जिसमें केंद्रांश की 60 प्रतिशत तथा राज्यांश की 60 प्रतिशत राशि होती है।

बिहार में RJD नेता पर सेल्स टैक्स विभाग की कार्रवाई, सिवान के 4 ठिकानों पर सर्वे

सिवान. राजद नेता सह व्यवसायी अरुण गुप्ता के चार ठिकानों पर रविवार को सेल्स टैक्स विभाग की टीम ने एक साथ सर्वे की कार्रवाई की। सुबह शुरू हुई यह कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। विभाग की अलग-अलग टीमें विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और संबंधित परिसरों पर पहुंचीं तथा कर संबंधी दस्तावेजों, बिल, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और अन्य कारोबारी अभिलेखों की गहनतापूर्वक जांच की। इस दौरान हरदिया मोड़ स्थित वीआईपी मॉल, मैरवा थानान्तर्गत मैरवा बाजार स्थित वीआइपी प्रतिष्ठान व पचरूखी थाना अंतर्गत उम्मेद पैलेस सह रेस्टोरेंट सहित अन्य जगहों पर सर्वे की कार्रवाई की गई। सर्वे के दौरान अधिकारियों ने जीएसटी रिटर्न, स्टाक रजिस्टर, कंप्यूटर में उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों का मिलान किया। टीम ने आवश्यक दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच भी शुरू कर दी है। हालांकि, कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की जब्ती या कर चोरी की पुष्टि को लेकर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। सेल्स टैक्स विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यह नियमित जांच प्रक्रिया का हिस्सा है और सर्वे पूरा होने के बाद ही तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। जांच पूरी होने तक विभाग ने विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार किया है। उधर, सर्वे की सूचना मिलते ही संबंधित परिसरों के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और कारोबारी हलकों में भी चर्चा का माहौल बना रहा। फिलहाल, विभाग सर्वे के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकार्ड का परीक्षण कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किसी प्रकार की कर अनियमितता मिली है या नहीं तथा आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

रिम्स का औचक निरीक्षण, वित्त मंत्री और स्वास्थ्य सचिव ने व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश

रांची. झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह ने सोमवार दोपहर अचानक राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) पहुंचकर वहां की चिकित्सा व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया. दोनों आलाधिकारी ठीक दोपहर 12 बजे रिम्स के ट्रॉमा बिल्डिंग पहुंचे और सेंट्रल इमरजेंसी के साथ-साथ क्रिटिकल केयर विभाग के आईसीयू (ICU) का भ्रमण किया. निरीक्षण के दौरान आईसीयू वार्ड में कई जगह खाली स्थान देखकर वित्त मंत्री और स्वास्थ्य सचिव ने रिम्स निदेशक डॉ. डीके सिन्हा को आड़े हाथों लिया. उन्होंने सख्त लहजे में पूछा कि यहां बेड क्यों नहीं हैं? इस पर रिम्स प्रशासन द्वारा सफाई दी गई कि पुराने बेड टूट गए हैं और नए बेड की खरीद की प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है. वेंटिलेटर की धीमी खरीद प्रक्रिया पर सचिव ने जताई नाराजगी बेड की कमी पर जवाब मिलने के तुरंत बाद स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह ने अस्पताल में जीवन रक्षक उपकरणों की उपलब्धता को लेकर रिम्स प्रबंधन से सवाल किए. उन्होंने पूछा कि अति आवश्यक वेंटिलेटरों की खरीदारी में अब तक इतनी देरी क्यों हुई है? रिम्स प्रबंधन ने इस पर अपनी दलील देते हुए बताया कि फिलहाल 13 नए वेंटिलेटरों की खरीद की कागजी प्रक्रिया अंतिम चरण में है और इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा. इस दौरान मंत्री और सचिव को क्रिटिकल केयर विभाग के एक्सपेंशन को लेकर आगामी योजनाओं से भी अवगत कराया गया. अधिकारियों को बताया गया कि परिसर स्थित बीएसएनएल (BSNL) की पुरानी बिल्डिंग को तोड़कर वहां जल्द ही 16 नए बेड स्थापित किए जा रहे हैं, जिस पर काम शुरू हो चुका है. 20 दिन में होगी गवर्निंग बॉडी की बैठक अस्पताल की बदहाली को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य सचिव ने रिम्स प्रशासन को तत्काल सभी अधूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का सख्त निर्देश दिया. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अगले 15 से 20 दिनों के भीतर रिम्स गवर्निंग बॉडी (GB) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक होने वाली है. उस बैठक से पहले अस्पताल की इन सभी बुनियादी कमियों और खामियों को हर हाल में दूर कर लिया जाना चाहिए. इसके बाद सचिव ने रिम्स के सभी विभागाध्यक्षों (HOD) के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की. उन्होंने साफ निर्देश दिया कि रिम्स परिसर के जितने भी जर्जर और अनुपयोगी भवन हैं, उन्हें अविलंब तोड़कर वहां नए और आधुनिक चिकित्सा भवनों का निर्माण कराया जाए. उन्होंने याद दिलाया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन में रिम्स को राज्य भर में अग्रणी भूमिका निभानी है, इसलिए आंतरिक व्यवस्था में अमूल-चूल सुधार लाना अनिवार्य है. पलामू के एक ही परिवार के पांचवें सदस्य की मौत वित्त मंत्री और स्वास्थ्य सचिव करीब एक घंटे तक ट्रॉमा बिल्डिंग में रहे. इस दौरान उन्होंने एक दुखद मामले का भी संज्ञान लिया. रिम्स के क्रिटिकल आईसीयू वार्ड में भर्ती पलामू के एक ही परिवार के प्रभावित सदस्यों में से सोमवार को पांचवें मरीज की भी इलाज के दौरान मौत हो गई. वहीं, इसी परिवार की छठवीं महिला सदस्य की स्थिति भी अभी गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज वेंटिलेटर सपोर्ट पर चल रहा है. हालांकि, डॉक्टरों के मुताबिक महिला की तबीयत में पहले की तुलना में आंशिक सुधार देखा गया है, लेकिन एहतियातन उन्हें आईसीयू में ही रखा गया है. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सोमवार को व्यक्तिगत रूप से पीड़ित परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया. उन्होंने डॉक्टरों की टीम को निर्देश दिया कि महिला को बचाने के लिए देश के बेहतरीन से बेहतरीन चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन किया जाए.

सिपाही भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का खुलासा, बिहार में 2 वीक्षक गिरफ्तार, 3 के खिलाफ FIR

हाजीपुर. केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती), बिहार, पटना द्वारा बिहार पुलिस, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस, बिहार पुलिस दूरसंचार (वितंतु) तथा तकनीकी अराजपत्रित संवर्ग में सिपाही (प्रचालक) पदों पर नियुक्ति के लिए 28 जून को आयोजित लिखित परीक्षा में बड़ी धांधली पकड़ी गई। नोबेल क्रिएटिव एकैडमी वासुदेवपुर चपुता केंद्र पर दो वीक्षक संदिग्ध गतिविधि करते पकड़े गए। मामले में स्टेटिक दंडाधिकारी ने केंद्र अधीक्षक सहित तीन के विरुद्ध काजीपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। हाजीपुर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सह स्टेटिक दंडाधिकारी सुशील कुमार ने वीक्षक मुकुल कुमार, सचिन कुमार एवं केंद्र अधीक्षक डॉ. आराधना के विरुद्ध काजीपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस प्राथमिकी के आधार पर जांच में जुट गई है।   कमरा नंबर-1 में पकड़ी गई धांधली प्राथमिकी के अनुसार 28 जून को 12:00 से 02:00 बजे तक एकल पाली में परीक्षा आयोजित थी। परीक्षा समाप्ति के बाद स्टेटिक दंडाधिकारी सुशील कुमार, जोनल दंडाधिकारी सह वरीय उप समाहर्ता तनुजा एवं नगर थाना के पुलिस अवर निरीक्षक कुमार प्रमोद सिंह जब कमरा संख्या-1 में पहुंचे तो दो वीक्षकों को संदिग्ध गतिविधि करते देखा। पूछताछ में वीक्षकों ने अपना नाम मुकुल कुमार एवं सचिन कुमार बताया।   वीक्षक के हाथ में मिला 1 से 100 तक का सॉल्वड आंसर मुकुल कुमार के हाथ में एक कागज का टुकड़ा मिला, जिस पर क्रमांक 1 से 100 तक उत्तर लिखा था। प्रत्येक क्रमांक के सामने 1-A, 2-A, 3-B, 4-B से लेकर 99-B, 100-C तक लिखा हुआ पाया गया। उक्त उत्तर पत्र को जब्त कर लिया गया।  केंद्र अधीक्षक ने वीक्षकों को भगाया इसी दौरान केंद्र अधीक्षक डॉ. आराधना भी कमरे में पहुंचीं। दोनों वीक्षकों को नोवेल क्रिएटिव एकेडमी के कार्यालय में बैठाकर पूछताछ शुरू की गई। इस बीच केंद्र अधीक्षक ने अधिकारियों से बकझक करते हुए दोनों वीक्षकों को भगा दिया और कहा कि जरूरत पड़ने पर बुला दिया जाएगा। बार-बार कहने पर भी केंद्र अधीक्षक ने वीक्षकों को नहीं बुलाया। प्राथमिकी दर्ज कराने से किया इनकार, मिलीभगत का आरोप स्टेटिक दंडाधिकारी के अनुसार, वीक्षक के पास से प्रश्न पत्र के हल जैसी आपत्तिजनक सामग्री मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जिम्मेदारी केंद्र अधीक्षक की थी, लेकिन उन्होंने थाना जाकर प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया और घर वापस चली गईं। कई बार फोन करने पर भी उन्होंने वीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई से इनकार किया। इससे स्पष्ट है कि वीक्षकों की संदिग्ध गतिविधि में केंद्र अधीक्षक की मिलीभगत है। मुकुल कुमार, सचिन कुमार और केंद्र अधीक्षक डॉ. आराधना सहित अन्य के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पटना समेत कई जिलों में गर्मी का असर, उत्तर बिहार में भारी बारिश की संभावना

 पटना बिहार में इन दिनों मौसम का दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। राज्य के एक हिस्से में आंधी-बारिश हो रही है, तो दूसरे हिस्से में लू और भीषण गर्मी पड़ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना की ताजा बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व बिहार में बादल छाए रहने की संभावना है। वहीं बाकी हिस्सों में भीषण गर्मी और हीट वेव का असर बना रहेगा। इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, सुपौल, अररिया, कटिहार, किशनगंज, पूर्णिया, सहरसा और मधेपुरा जिलों के अनेक स्थानों पर भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इन इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर परेशानी की स्थिति बन सकती है। वहीं उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व बिहार में मेघ गर्जन, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। जबकि दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार में भी गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है। इन जिलों में लू का प्रकोप बारिश के बीच दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी भी लोगों को परेशान करेगी। मौसम विभाग ने भभुआ (कैमूर), बक्सर और रोहतास जिलों में हीट वेव चलने की चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में लू के प्रकोप से बचने के लिए इन क्षेत्रों के लोगों अनावश्यक घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की गई है। मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, पश्चिम चंपारण, सीवान, मुजफ्फरपुर, दरभंगा जिले में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 से 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। वहीं उत्तर-पूर्व बिहार के अररिया, पूर्णिया, सुपौल अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के पटना, गया, बक्सर, भोजपुर यहां गर्मी का असर अधिक रहेगा और अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।  

मुंगेर से बड़ा ऐलान: पंचायत विकास दिवस पर सम्राट चौधरी का प्रशासनिक अल्टीमेटम

पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बार फिर काम में लापरवाही बरतने वाले अफसरों को सख्त लहजे में चेताया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुंगेर पहुंचे और मौका था पंचायत विकास दिवस का। इस कार्यक्रम में सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि अगर अफसर 30 दिनों में जनता काम पूरा नहीं करेंगे तो कोई भी आगे उन्हें बचा नहीं पाएगा। बिहार के गांवों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए रविवार को मुंगेर का टेटिया बंबर एक ऐतिहासिक बदलाव का गवाह बना। जगन्नाथ उच्च विद्यालय के मैदान में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूरे राज्य के लिए महत्वाकांक्षी 'पंचायत विकास दिवस' और 'जनसहयोग शिविर' अभियान का शंखनाद किया। उन्होंने करोड़ों की विकास योजनाओं की सौगात देते हुए बिहार को अग्रणी राज्य बनाने का ब्लूप्रिंट पेश किया। लापरवाही पर कड़ा प्रहार, 31वें दिन निलंबन ​भ्रष्टाचार और लालफीताशाही पर कड़ा प्रहार करते हुए सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी। उन्होंने कहा, 'अगर जनता के काम को 30 दिनों के भीतर निष्पादित नहीं किया गया, तो दोषी पदाधिकारी को 31वें दिन सस्पेंड होने से कोई नहीं बचा पाएगा।' इसकी मॉनिटरिंग खुद मुख्य सचिव और डीजीपी स्तर पर की जा रही है। ​ हर महीने का आखिरी रविवार पंचायत दिवस ​घोषणा के मुताबिक, अब हर महीने के आखिरी रविवार को राज्य की सभी 8.5 हजार पंचायतों में 'पंचायत विकास दिवस' मनेगा। इसमें सांसद, विधायक और त्रिस्तरीय जनप्रतिनिधि एक साथ बैठकर गरीबी मुक्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेंशन जैसे मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई करेंगे। ​ बजट ढाई गुना बढ़ा, सोलर और रोजगार क्रांति ​17वें वित्त आयोग के माध्यम से बिहार की पंचायतों का बजट 20,000 करोड़ से बढ़ाकर 52,000 करोड़ कर दिया गया है। मनरेगा की जगह 'विकसित भारत जी-राम-जी' अभियान से बिहार को 70,000 करोड़ तक मिलेंगे। बिजली क्षेत्र में नई नीति के तहत, सोलर पैनल से 125 यूनिट से अधिक उत्पादन करने वाले गरीबों के खाते में सरकार सीधे पैसे भेजेगी। महिला सशक्तिकरण के तहत जीविका दीदियों को गौ-पालन के लिए मुफ्त गाय दी जाएगी और दूध सरकार खुद खरीदेगी। ​ अंगिका में पूछा- 'तोय सब ठीक छो न?' ​भाषण के अंत में उन्होंने तारापुर की जनता का आभार जताया और स्थानीय अंगिका लहजे में पूछा— "तो तोय सब ठीक छो न? ठीक छो न कि?…" तो पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस मौके पर मुख्य सचिव, डीजीपी सहित कई आला अधिकारी और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।