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बिहार में नए बालू घाटों की बंदोबस्ती का रास्ता साफ, Supplementary DSR से तेजी से शामिल होंगे नए निक्षेप

 पटना बिहार में बालू घाटों की बंदोबस्ती को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए जिलों में नई जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (DSR) तैयार की जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर बालू घाटों की बंदोबस्ती पांच वर्ष के लिए करने की तैयारी है। नई डीएसआर में जिलों के बालू भंडार, खनन योग्य क्षेत्र और नए विकसित हुए बालू निक्षेपों (डिपाजिट) का आकलन किया जाएगा। मंत्री की बैठक में लिया गया फैसला खान व भूतत्व मंत्री डाॅ. प्रमोद कुमार के स्तर पर हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब तक डीएसआर में बदलाव को लेकर बड़ी सीमा थी। प्रावधान था जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट में पांच वर्ष में केवल एक बार संशोधन किया जा सकता था। ऐसे में यदि डीएसआर तैयार होने के बाद किसी नदी में नया बालू निक्षेप सामने आता था, तो उसे बालू घाट के रूप में रिपोर्ट में शामिल करने का अवसर सीमित हो जाता था। इस समस्या के समाधान के लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार के साथ समन्वय किया। नए घाट की बंदोबस्ती की प्रक्रिया में आएगी तेजी विभाग के प्रयास के बाद केंद्र सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर नए बालू निक्षेपों को सप्लीमेंट्री, एडेंडम डीएसआर के माध्यम से मूल जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट में शामिल करने का प्रावधान कर दिया है। इससे अब पांच साल की अवधि के दौरान भी यदि किसी जिले में बालू का नया निक्षेप मिलता है, तो उसे अलग से सप्लीमेंट्री या एडेंडम डीएसआर के माध्यम से शामिल किया जा सकेगा। इसके बाद नियमानुसार उस स्थल को बालू घाट के रूप में विकसित कर बंदोबस्ती की प्रक्रिया में लाया जा सकेगा। इसी व्यवस्था के आधार पर नीलामी की प्रक्रिया प्रारंभ होगी।  

छात्रों के समर्थन में BJP का प्रदर्शन, JSSC-CGL पेपर लीक की CBI जांच और मुकदमे वापसी की मांग

रांची JPSC और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर झारखंड भाजपा ने चार दिवसीय राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया. आंदोलन के पहले दिन 8 अगस्त को राजधानी रांची में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता डीसी कार्यालय पहुंचे और घेराव किया. इस दौरान भाजपा की ओर से दो सूत्री मांगों को लेकर डीसी को ज्ञापन सौंपा गया. मांगों के समर्थन में कार्यकर्ता डीसी कार्यालय के बाहर धरने पर भी बैठे. छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग भाजपा की पहली मांग है कि छात्र आंदोलन के दौरान 300 से अधिक छात्रों पर दर्ज एफआइआर वापस लिये जाए. दूसरी मांग JSSC-CGL परीक्षा में पेपर लीक की जांच सीआइडी के बजाय सीबीआइ से कराने की है. भाजपा नेताओं का कहना है कि छात्रों के आंदोलन के बाद भी सरकार की ओर से उनकी मांगों पर गंभीरता से पहल नहीं की गयी है. प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा ने पहले भी चुनाव आयोग से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था और 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि छात्रों के हित में भाजपा का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा. सीपी सिंह बोले- जरूरत पड़ी तो बड़ा आंदोलन होगा रांची विधायक सीपी सिंह ने कहा कि बुधवार का प्रदर्शन सिर्फ शुरुआत है. यदि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिये गये, तो इससे भी बड़ा आंदोलन किया जायेगा. भाजपा लंबे समय से JSSC-CGL मामले की सीबीआइ जांच की मांग कर रही है. पार्टी का आरोप है कि सीआइडी जांच के जरिए सरकार के कुछ प्रमुख चेहरों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है. भाजपा नेताओं का कहना है कि सीबीआइ जांच होने पर मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सकती है और दोषियों तक पहुंचना संभव होगा. आदित्य साहू बोले- छात्रों के अधिकार से हुआ खिलवाड़ मीडिया से बातचीत में आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि झारखंड के छात्रों के साथ अन्याय हुआ है. उन्होंने कहा कि जिन नौकरियों पर झारखंड के छात्रों का अधिकार होना चाहिए था, उनमें बाहर के छात्रों को मौका दिया गया. उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि खोरठा और नागपुरी जैसी भाषाओं की परीक्षा में उन छात्रों का चयन हुआ, जो इन भाषाओं को जानते तक नहीं हैं. जबकि इन भाषाओं को बोलने वाले झारखंड के कई छात्र परीक्षा में सफल नहीं हो सके. आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि इससे परीक्षा में गड़बड़ी का स्तर समझा जा सकता है और झारखंड के छात्रों के अधिकार के साथ खिलवाड़ किया गया है. आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में भाजपा आदित्य साहू ने कहा कि छात्रों ने अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से आंदोलन किया. उनके अनुसार, आंदोलन के दौरान छात्रों ने किसी नेता को गाली नहीं दी और न ही अभद्र टिप्पणी की. इसके बावजूद छात्रों पर मुकदमे दर्ज किये गये हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को डराने के लिए मुकदमे किये जा रहे हैं. आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा शुरू से छात्रों के साथ खड़ी है और आगे भी उनके साथ रहेगी. छात्रों के साथ अन्याय या अत्याचार हुआ, तो पार्टी उसके खिलाफ आंदोलन करती रहेगी.  

प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के पच्चीस वर्ष पूरे होने पर बिहार में एक माह के कार्यक्रम

पटना भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक बिहार में एक माह का ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस अभियान में सेवा, समाज के सभी वर्गों के कल्याण और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया जाएगा। इसके तहत पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए पार्टी ‘सेवा सेतु अभियान’ चलाएगी। 25 साल के सफर पर महीनेभर होंगे कार्यक्रम सरावगी ने कहा कि सात अक्टूबर 2001 को नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में दायित्व संभाला था। सात अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होंगे। इसी उपलब्धि को लेकर पूरे बिहार में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रेसवार्ता में बिहार सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री एवं कार्यक्रम प्रभारी संजय सिंह टाइगर भी मौजूद रहे 17 सितंबर को घर-घर जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। शाम सात बजे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के लाभार्थी अपने घरों में दीप जलाकर प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करेंगे। इसके बाद 23 सितंबर से दो अक्टूबर तक ‘सेवा चित्र’ कार्यक्रम के तहत स्कूलों और महाविद्यालयों में चित्रकला व भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और पुरस्कार भी दिए जाएंगे। नाटक के जरिए जनता तक पहुंचेगी ‘सेवा की कहानी’ ‘सेवा संस्मरण’ कार्यक्रम के तहत 17 सितंबर से दो अक्टूबर तक गांवों और शहरों में संगीतमय नाट्य प्रस्तुतियां होंगी। इनके माध्यम से प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सेवा कार्यों को लोगों तक पहुंचाने की योजना है। प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ‘प्रधानमंत्री की जनसेवा’, ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे विषयों को केंद्र में रखा जाएगा। अंतिम दिन जुटेगा सवा लाख जनप्रतिनिधियों का महाकुंभ सरावगी ने बताया कि 17 अक्टूबर को ‘जनसेवक महाकुंभ : पंचायत से पार्लियामेंट तक’ कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें पंचायत से लेकर संसद तक के करीब सवा लाख जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की योजना है। कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम् का सामूहिक गायन होगा। भाजपा ने दावा किया कि इस आयोजन में गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड्स की टीम भी मौजूद रहेगी।

बिहार में बाढ़ से हाहाकार, 34 लाख लोग प्रभावित; हाजीपुर में नाव पलटी, दो लापता

पटना  बिहार में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक 13 जिलों की 34 लाख से अधिक आबादी बाढ़ और कटाव से प्रभावित हुई है। भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में मंगलवार को गंगा नदी ने फ्लड मार्क को क्रॉस कर दिया। इससे निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा सहित कई नदियां कई स्थानों पर खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं। बिहार में बाढ़ से पटना, भागलपुर, वैशाली, सारण, बेगूसराय, खगड़िया और मुंगेर समेत 13 जिले प्रभावित हैं। इन जिलों की 480 ग्राम पंचायतों में रहने वाले लगभग 34.31 लाख लोग प्रभावित हैं। सोमवार को यह आंकड़ा 29 लाख था। मंगलवार को नए इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया, जिससे चिंता बढ़ गई है। हाजीपुर में नाव पलटी, दो लोग लापता हाजीपुर के तेरसिया में बाढ़ के पानी में महात्मा गांधी सेतु के नीचे पाया नंबर 9 के पास मंगलवार को नाव पलट गई। नाव में कुल 11 लोग सवार थे। गंगा ब्रिज के पास यह हादसा हुआ। नाव सवार 9 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। हालांकि, दो लोगों के डूबने की सूचना है। एसडीआरएफ की टीम उनकी तलाश कर रही है। वहीं, दूसरी ओर नाव पलटने के बाद बचाए गए एक व्यक्ति को सांप ने काट लिया। हाजीपुर में नाव पलटने के बाद लापता लोगों की तलाश करती एसडीआरएफ टीम नदियां उफान पर डुमरियाघाट और हाजीपुर में गंडक नदी, बलतारा और कुर्सेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। भागलपुर में भी नाव पलटी भागलपुर जिले के खरीक राघोपुर के बाढ़ प्रभावित इलाके में मंगलवार सुबह एक छोटी नाव पलट गई। प्रशासन के अनुसार एसडीआरएफ के जवानों ने नाव पर सवार सभी 10 लोगों को बचा लिया। बाढ़ में राहत कार्य सरकार के अनुसार, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में कुल 432 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा, 14 राहत शिविर भी चलाए जा रहे हैं, जहां आवास, भोजन, चिकित्सा देखभाल और अन्य आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था की गई है। बाढ़ पीड़ितों को अब तक लगभग 1.29 लाख पॉलिथीन शीट और 22900 सूखे राशन के पैकेट बांटे जा चुके हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 3142 क्विंटल पशु चारा भी वितरित किया जा चुका है। जलजमाव वाली जगहों पर आवागमन के लिए 1832 नावें चलाई जा रही है। बाढ़ को देखते हुए बिहार के विभिन्न जिलों में बचाव एवं राहत कार्य के लिए एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमें तैनात की गई हैं। गंडक और कोसी बराज से डिस्चार्ज गंडक बराज पर मंगलवार सुबह 10 बजे 104400 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया, जिसकी प्रवृत्ति स्थिर बनी हुई है। इस साल अब तक का सबसे अधिक डिस्चार्ज 14 जुलाई को 224000 क्यूसेक दर्ज किया गया था। दूसरी ओर, कोसी बराज पर सुबह 10 बजे डिस्चार्ज गिरावट के क्रम में 169985 क्यूसेक था। इस साल अब तक इसका सर्वाधिक डिस्चार्ज 20 जुलाई को 255425 क्यूसेक रहा था। लालू यादव ने बाढ़ पर एनडीए सरकार को घेरा विपक्षी दल आरजेडी के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने बिहार की बाढ़ को लेकर एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया फेसबुक पर संसद का पुराना वीडियो साझा करते हुए उन्होंने कहा हमने बिहार में राहत कार्य के लिए हमने यूपीए सरकार से लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार के दौरान बिहार के मंत्रियों ने राज्य को कुछ नहीं दिलाया। बस राज्य की हमारी सरकार बदनाम करने या काम किया। उन्होंने कहा कि आज जब बाढ़ के दौरान बिहार का खजाना खाली है तो हमें सड़क से संसद तक का अपना संघर्ष याद आ रहा है।

पटना की हवा दिल्ली से बेहतर, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 11 पायदान का सुधार

पटना केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने सोमवार को स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के परिणाम घोषित कर दिए। लखनऊ की हवा देश में सबसे स्वच्छ पाई गई। लखनऊ ने 200 में 198 अंक प्राप्त किए हैं। वहीं, इंदौर को 197 अंक मिले। जबलपुर 195 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है। सर्वे में अलग-अलग श्रेणियों में बिहार के तीन शहरों ने जगह बनाई है। इनमें पटना ने 178 अंक प्राप्त कर 16वां स्थान प्राप्त किया जबकि मुजफ्फरपुर को 28वीं और गया जी को 35वीं रैक हासिल हुई है। वहीं, बिहारशरीफ देश में सबसे प्रदूषित शहर बना। वहीं, राजधानी दिल्ली 21वें और मुंबई 28वें स्थान पर रही। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी (कैटेगरी-1) में दिल्ली को 172, मुंबई को 160.8 अंक मिले। झारखंड की राजधानी रांची 162.5 अंकों के साथ 27वें क्रम पर रही। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 की अगल-अलग श्रेणी में यूपी के 16 शहरों ने जगह बनाई है। सर्वे के अनुसार, पटना की हवा दिल्ली, रांची, बेंगलुरु और कोलकाता से अच्छी है। पिछले सर्वे के मुकाबले इस बार पटना की स्थिति में नौ अंकों का सुधार भी हुआ है। पटना के वार्ड को मिला पुरस्कार केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में पहली बार देशभर में वार्ड स्तर पर भी मूल्यांकन किया गया। इसमें पटना के वार्ड 9 और 43 को राज्य स्तर पर पहला पुरस्कार मिला है।मालूम हो कि दोनों वार्डों को पुरस्कार के रूप में कुल 40 लाख रुपये मिले हैं। इस राशि का उपयोग संबंधित वार्डों में वायु प्रदूषण नियंत्रण, हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण सुधार से जुड़े कार्यों पर किया जाएगा। तीन श्रेणियों में हुआ वार्डों का मूल्यांकन वार्ड स्तर पर मूल्यांकन के लिए 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वार्डों को आबादी के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया था। श्रेणी-1 में 30 हजार से अधिक आबादी वाले वार्डों का मूल्यांकन किया गया। इस श्रेणी में पटना नगर निगम के वार्ड संख्या-43 ने राज्य स्तर पर पहला स्थान हासिल किया। इसके लिए निगम को 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली है। इस राशि का उपयोग राजेंद्र नगर, महमूदी चक, मैला टंकी रोड, आर्य कुमार रोड और पाटलिपुत्र पथ सहित अन्य इलाकों में वायु प्रदूषण कम करने से जुड़े कार्यों पर किया जाएगा। वहीं, 10 हजार से 30 हजार की आबादी वाले वार्डों को श्रेणी-2 में रखा गया था। इस श्रेणी में पाटलिपुत्र अंचल के वार्ड संख्या-9 ने राष्ट्रीय स्तर के शीर्ष नौ वार्डों में स्थान बनाया और राज्य स्तर पर पहला स्थान हासिल किया। वार्ड संख्या-9 के लिए निगम को 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली है। इस राशि का उपयोग एयरपोर्ट, राजवंशी नगर, हार्डिंग रोड और कौशल नगर सहित अन्य इलाकों में वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों पर किया जाएगा। वार्ड 9 के क्षेत्र लोक भवन,मुख्यमंत्री आवास, चिड़ियाघर,राजधानी वाटिका, सचिवालय,विधानसभा क्षेत्र आदि वार्ड 43 के क्षेत्र राजेंद्र नगर का पूरा इलाका,मोइनुल हक स्टेडियम,बहादुरपुर आदि पिछले वर्ष पटना 27वें स्थान पर था पटना नगर निगम ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में देशभर के 48 शहरों में 16वां स्थान हासिल किया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 11 पायदान का सुधार है। पिछले वर्ष पटना इस सर्वेक्षण में 27वें स्थान पर था। ये रहे टॉप-5 शहर लखनऊ (उत्तर प्रदेश) 198 अंक (रैंक-1) इंदौर (मध्य प्रदेश) 197 अंक (रैंक-2) जबलपुर (मध्य प्रदेश) 195 अंक (रैंक-3) भोपाल (एमपी)/आगरा (यूपी) 192 अंक (संयुक्त रूप से रैंक-4) सूरत (गुजरात) 191 अंक (रैंक-5) पुरस्कार राशि लखनऊ – 1.5 करोड़ इंदौर – 1.0 करोड़ जबलपुर – 50 लाख

पुराने रेलवे क्वार्टर होंगे ध्वस्त, अब G-4 या उससे अधिक मंजिल के बहुमंजिला आवास बनाने की तैयारी

अंबाला रेलवे की पुरानी और जर्जर कालोनियों में रहने वाले कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। रेलवे बोर्ड ने 50 साल से अधिक पुराने और असुरक्षित घोषित किए जा चुके रेलवे क्वार्टरों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उनकी जगह आधुनिक बहुमंजिला आवास बनाने की योजना तैयार की है। अब एकल मंजिल या कम ऊंचाई वाली कालोनियों के बजाय जमीन का बेहतर उपयोग करते हुए जी-4 या उससे अधिक मंजिल के भवन बनाए जा सकेंगे। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे, उत्पादन इकाइयों और केंद्रीय संगठनों को असुरक्षित रेलवे कालोनियों की प्राथमिकता सूची तैयार कर कार्ययोजना भेजने के निर्देश दिए हैं। नई आवास नीति के तहत रेलवे का जोर कम जमीन में अधिक कर्मचारियों के लिए आवास उपलब्ध कराने पर है। स्थानीय भवन नियमों के अनुसार बहुमंजिला भवनों का निर्माण किया जाएगा। इससे दशकों पुराने छोटे और जर्जर क्वार्टरों की जगह कर्मचारियों को सुरक्षित और आधुनिक आवास उपलब्ध कराने का रास्ता साफ होगा। अमृत भारत स्टेशन योजना से भी जोड़े जा सकेंगे प्रोजेक्ट रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार इन आवासीय पुनर्निर्माण परियोजनाओं के लिए राशि वर्क्स प्रोग्राम के प्लान हेड-51 यानी कर्मचारी सुविधाओं के तहत उपलब्ध कराई जाएगी। जहां संभव होगा, इन परियोजनाओं को स्टेशन पुनर्विकास और अमृत भारत स्टेशन योजना से भी जोड़ा जा सकेगा। नए रेलवे क्वार्टर कर्मचारियों को सौंपने से पहले उन्हें एचआरएमएस के एस्टेट माड्यूल पर दर्ज करना भी अनिवार्य होगा। इससे आवासों के आवंटन और रेलवे की संपत्तियों के प्रबंधन को डिजिटल तरीके से संचालित किया जा सकेगा। नाम न छापने की शर्त पर मंडल के एक अधिकारी ने बताया कि बोर्ड द्वारा बनाई गई नीति के अनुसार कंडम आवासों का सर्वे शुरू कर दिया गया है। अंबाला मंडल की पुरानी कालोनियों को भी मिल सकता है लाभ रेलवे बोर्ड के फैसले से अंबाला मंडल की पुरानी रेलवे कालोनियों के पुनर्निर्माण की उम्मीद भी बढ़ी है। मंडल स्तर पर पुराने और असुरक्षित आवासीय भवनों की स्थिति का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए जा सकते हैं। हालांकि, अंबाला मंडल की कौन-कौन सी कालोनियां पहले चरण में शामिल होंगी, यह संबंधित जोनल रेलवे की प्राथमिकता सूची और स्वीकृत कार्ययोजना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। रेलवे बोर्ड ने जोनल रेलवे को आगामी पिंक बुक और वर्क्स प्रोग्राम में ऐसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल करने के निर्देश दिए हैं। ये होंगे फायदे – नई व्यवस्था में टाइप-2 और टाइप-3 रेलवे क्वार्टरों का कवर्ड एरिया बढ़ाया जाएगा। – इन्हें आधुनिक दो और तीन कमरों वाले आवास के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। – कर्मचारियों को पुराने छोटे कमरों की बजाय पहले से अधिक जगह वाले और सुविधाजनक आवास मिल सकेगी। – तीन से अधिक मंजिल वाले भवनों में लिफ्ट की व्यवस्था अनिवार्य होगी। – छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र, आधुनिक रसोई की फिटिंग और वाहनों के लिए अलग पार्किंग की व्यवस्था प्रमुख चुनौतियां – पुराने क्वार्टरों को तोड़ने से पहले वहां रह रहे कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करनी होगी। – बड़े पैमाने पर निर्माण के लिए पर्याप्त बजट, निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित समय में काम पूरा करना चुनौती होगी। – कालोनियों को चरणबद्ध तरीके से खाली कराने के दौरान कर्मचारियों को अस्थायी परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है।  

रांची में भी मंडरा रहा भवन हादसे का खतरा, गहरी खुदाई और बेसमेंट निर्माण पर उठे सवाल

रांची  दिल्ली में पांच मंजिला भवन के अचानक गिरने की घटना ने निर्माणाधीन और पुराने भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली की घटना के बाद रांची में भी बड़े भवनों और निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच जरूरी हो गई है। दिल्ली की घटना ने साफ कर दिया है कि निर्माण में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। ऐसे में रांची में पुराने भवनों, बेसमेंट और गहरी खुदाई वाले निर्माण स्थलों का सुरक्षा ऑडिट कराना जरूरी है। समय रहते सचेत नहीं हुए तो शहर में भी बड़ी घटना घट सकती है। दो दिन पहले लालपुर इलाके में निर्माणाधीन मकान में पिलर गिरने से मजदूर की मौत हो चुकी है। शहर के अपर बाजार समेत कई घने इलाकों में पुराने भवनों में दोबारा निर्माण और बेसमेंट में काम चलने की स्थिति सामने आ रही है। कई जगहों पर बड़े भवनों के ठीक बगल में नई इमारतों का निर्माण हो रहा है। निर्माण के दौरान गहरी खुदाई होने से आसपास के पुराने भवनों की नींव और संरचना पर दबाव पड़ने का खतरा बढ़ गया है। क्या हैं नियम? झारखंड बिल्डिंग बायलाज में भवन निर्माण के लिए संरचनात्मक सुरक्षा और स्वीकृत नक्शे के अनुरूप निर्माण जरूरी है। बेसमेंट को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान हैं। बायलाज के अनुसार बेसमेंट ऐसे स्थान पर नहीं बनाया जा सकता जहां जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो। बेसमेंट के निर्माण की अनुमति संबंधित विकास योजना और प्राधिकरण के नियमों के अनुसार ही दी जा सकती है। वहीं छोटे आवासीय भवनों के मामले में भी यदि बेसमेंट बनाया जा रहा है, तो सामान्य छूट के तहत निर्माण की अनुमति नहीं मिलती। नियमों में बिना पूर्व स्वीकृति वाले छोटे आवासीय भवन के लिए बेसमेंट पर रोक का स्पष्ट प्रावधान है निर्माणकर्ता दिखा रहे हैं लापरवाही रांची में निर्माणकर्ता लापरवाही दिखा रहे हैं। निर्माण के दौरान नियमों का पालन पूरी तरह से नहीं हो रहा है। बेसमेंट की खुदाई से पहले आसपास के भवनों की संरचनात्मक की जांच नहीं होती है। गहरी खुदाई के दौरान पड़ोसी भवनों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी सपोर्ट और सुरक्षा उपाय नहीं किए जाते हैं। पुराने भवनों में दोबारा निर्माण होने पर उनकी संरचनात्मक क्षमता की जांच नहीं होती है।

जाम के बीच मोबाइल चलाते मिले 3 ट्रैफिक पुलिसकर्मी, वेतन रोका; 2 महिला पुलिसकर्मियों पर भी एक्शन

 पटना  मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान ड्यूटी में लापरवाही व अनुशासनहीनता बरतना एक महिला पुलिसकर्मी और महिला गृहरक्षक को महंगा पड़ गया। यातायात पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी से बिना सूचना गायब मिली महिला सिपाही निशा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं, महिला गृहरक्षक रुचि कुमारी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जा रही है। मामला दो सितंबर का है। मुख्यमंत्री के चैंबर आफ काॅमर्स में कार्यक्रम के मद्देनजर यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए रूट लाइन की जांच की जा रही थी। बाटा मोड़ से गायब मिली थीं दोनों पुलिसकर्मी इसी दौरान बाटा मोड़ पर यातायात संचालन के लिए महिला पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। जांच के क्रम निशा कुमारी और रूचि कुमारी अपने निर्धारित पोस्ट से अनुपस्थित पाई गई। बिना पूर्व सूचना या अनुमति के अपने ड्यूटी स्थल से वापस चली गई थी। मुख्यमंत्री के वीआईपी कार्यक्रम जैसे अति महत्वपूर्ण अवसर पर ड्यूटी से इस तरह गायब रहना गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता और आदेशों के उल्लंघन माना गया। मामले में निशा कुमारी को तत्काल प्रभाव से जीवनयापन भत्ता पर निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय यातायात संचालन निर्धारित किया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है। जाम के बीच केबिन में मोबाइल चलाते मिले तीन यातायात पुलिसकर्मी, वेतन रोका शहर में यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद कई इलाकों में जाम की समस्या बनी रहती है। इसकी एक वजह ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की लापरवाही भी सामने आ रही है। यातायात एसपी के औचक निरीक्षण में बाकरगंज पोस्ट पर इस तरह का मामला उजागर हुआ है। सड़क पर यातायात का दबाव बढ़ा था, बावजूद यातायात व्यवस्था संभालने की बजाय तीन यातायात पुलिसकर्मी केबिन के अंदर मोबाइल चलाते मिले। तीनों पुलिसकर्मियों का वेतन रोक इनसे सात दिनों में स्पष्टीकरण मांगा गया है। पांच सितंबर की शाम करीब 6:45 बजे बाकरगंज यातायात पोस्ट का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान एएसआई रविन्द्र कुमार मंडल, महिला सिपाही गीता कुमारी और गृहरक्षक सूरज कुमार केबिन में बैठकर मोबाइल का इस्तेमाल करते पाए गए। निरीक्षण के समय सड़क पर जाम की स्थिति बनी हुई थी। जबकि शाम पांच से रात आठ बजे तक पिक आवर में कर्मियों को केबिन से बाहर रहकर यातायात संचालन कराने का निर्देश है। इसके बावजूद तीनों ने निर्देश की अनदेखी की। रविन्द्र कुमार मंडल और गीता कुमारी का वेतन तत्काल प्रभाव से धारित कर दिया गया है। गृहरक्षक सूरज कुमार के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए अलग से प्रतिवेदन भेजा जा रहा है। इसी तरह कारगिल यातायात पोस्ट पर दो महिला पुलिसकर्मियों को मोबाइल चलाते हुए मिली। इनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई।  

अपराध की कमाई पर चलेगा बुलडोजर! बिहार में 4000 से अधिक अपराधियों की संपत्ति जब्ती की तैयारी

पटना बिहार में अपराधियों पर कड़ा प्रहार करने की तैयारी कर ली गई। दरअसल अपराध से संपत्ति अर्जित करने वाले बिहार के 4000 से अधिक अपराधी और माफियाओं की संपत्तियां अब जब्त होंगी। एसपी की अनुशंसा के आधार पर बिहार पुलिस मुख्यालय ने इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार किया है। इनमें से 800 मामले न्यायालय के स्तर पर प्रक्रियाधीन हैं। सोमवार को बिहार पुलिस के एडीजी (मुख्यालय) सुनील कुमार और एडीजी (विधि-व्यवस्था) केएस अनुपम ने इसकी जानकारी दी। पुलिस मुख्यालय में एडीजी (विधि व्यवस्था) ने कहा कि बीएनएसएस की धारा 107 के तहत संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव है। पुलिस पर हमले के 1166 आरोपित गिरफ्तार एडीजी (विधि व्यवस्था) ने बताया कि विगत तीन माह (जून से अगस्त माह) में 23,958 वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गयी है। इनमें पुलिस पर हमला के मामलों में 1166, सांप्रदायिक हिंसा के मामलों में 42, भीड़ द्वारा हिंसा के मामलों में 11 एवं हर्ष फायरिंग के मामलों में 10 सहित कुल 1229 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गयी है। इसके अलावा, 1270 हत्या, 784 एससी-एसटी एक्ट, 214 डकैती और 473 लूट कांडों के अभियुक्त भी गिरफ्तार हुए। जांच के दौरान बिना निबंधन के मिले 400 महिला छात्रावास केएस अनुपम ने बताया कि राज्य भर में महिला हॉस्टल और कोचिंग संस्थान की जांच को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान सिर्फ पटना में 400 महिला हॉस्टल बिना निबंधन के मिले हैं। पुलिस दीदी की मदद से निजी महिला हॉस्टलों पर नजर रखी जा रही है। इनमें सुरक्षा से संबंधित ऑडिट भी कराये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बक्सर में स्कूली छात्राओं के साथ गलत हरकत करने वाले आरोपित शिक्षकों के मामले में सभी आरोपितों की गिरफ्तारी कर ली गई है। जल्द ही इनके खिलाफ चार्जशीट दायर की जाएगी। पुलिस मुख्यालय इस मामले पर निरंतर नजर रखे हुए है। कांडों के निष्पादन को विशेष अभियान एडीजी (मुख्यालय) सुनील कुमार ने बताया कि लंबित कांडों के पर्यवेक्षण और निष्पादन को लेकर भी अभियान चलाया गया है। अभियान के दौरान दस दिन में 33,390 कांडों का निष्पादन किया गया। इनमें 10,875 कांड एसपी, 9159 कांड डीएसपी और 13356 कांड अंचल पुलिस निरीक्षक स्तर पर निष्पादित किए।

योगी के चेहरे पर चुनावी मैदान में उतरेगी BJP, इसी हफ्ते यूपी में शुरू होगा नेताओं का दौरा

पटना भारतीय जनता पार्टी ने यूपी विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश का सियासी माहौल गर्माने की तैयारी कर ली है। पार्टी इसी हफ्ते इसकी शुरुआत करने जा रही है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष राजधानी लखनऊ आएंगे। बीएल संतोष के साथ यूपी प्रभारी तावड़े भी दोबारा आएंगे। नितिन पश्चिमी यूपी से अपने दौरों की शुरुआत करेंगे। वहीं बीएल संतोष राजधानी लखनऊ में संगठनात्मक तैयारियों को परखेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इसी माह केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का भी यूपी दौरा प्रस्तावित है। यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने सियासी बिसात बिछा दी है। पार्टी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चेहरे पर यह चुनाव लड़ने जा रही है। योगी भी बीते काफी समय से पूरी तरह चुनावी मोड में हैं। उन्होंने प्रदेश के मंडलों के साथ ही जिलों के भी ताबड़तोड़ दौरे किए हैं। उधर, संगठन की बात करें तो प्रदेश और क्षेत्रीय टीमों की घोषणा के बाद अब जल्द मोर्चों के गठन की तैयारी है। इसके साथ ही पार्टी बूथ और शक्ति केंद्र स्तर पर भी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की मुहिम चला रही है। बीएल संतोष तैयारियों का लेंगे जायजा प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े व सह प्रभारी जगदीश भाई पटेल का दो दिनी दौरा रविवार को ही खत्म हुआ। हालांकि यह दौरा परिचयात्मक होने तक ही सीमित रहा। इस दौरे में प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक भी नहीं हुई। अब 10 और 11 सितंबर को राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष का लखनऊ दौरा प्रस्तावित है। वे यहां संगठन के मोर्चे पर तैयारियों का जायजा लेंगे। खासतौर से मीडिया और सोशल मीडिया को लेकर बात करेंगे क्योंकि इधर, विपक्षी दलों की सक्रियता भी सोशल मीडिया पर काफी अधिक है। बीएल संतोष का दौरा पहले सात व आठ सितंबर को प्रस्तावित था किंतु अंतिम समय पर वह निरस्त हो गया था। नितिन पश्चिम क्षेत्र से करेंगे शुरुआत उधर, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों का दौरा करेंगे। वे वहां सियासी आबोहवा का आकलन करने के साथ ही कार्यकर्ताओं में जोश भी भरेंगे। उनके इन दौरों की शुरुआत पश्चिम उत्तर प्रदेश से होने जा रही है। उनका दौरा इसी सप्ताह मेरठ से शुरू होने की चर्चा है। इसके अलावा गृहमंत्री अमित शाह भी अब यूपी का रुख करेंगे। उनका दौरा इसी माह प्रस्तावित है। अमित शाह वर्ष 2013 से लगातार यूपी में सक्रिय रहे हैं। यहां के प्रभारी भी रह चुके हैं। केंद्रीय नेतृत्व के दौरों को लेकर पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने तैयारी शुरू कर दी है।