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दमोह की नदी में घात लगाए मगरमच्छ, महिला पर किया घातक हमला

दमोह मध्यप्रदेश के दमोह जिले में शुक्रवार की सुबह एक मगरमच्छ ने नदी के किनारे बैठी 40 वर्षीय महिला को मार डाला। स्थानीय लोगों ने बताया कि पीड़िता मालती बाई सावन के पवित्र महीने के पहले दिन कनियाघाट पट्टी गाँव में नदी में नहाने गई थी। क्षेत्र के उप मंडल दंडाधिकारी आर एल बागरी ने बताया कि मालती नदी के पास बैठी थी, तभी एक मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया और उसे पानी में खींच लिया। उनके अनुसार, ग्रामीणों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। उन्होंने बताया कि बाद में, वन विभाग और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल ने बचाव अभियान चलाया। अधिकारी ने बताया कि महिला का शव जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर नदी से एसडीआरएफ की एक टीम ने बरामद किया। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव मालती के परिवार को सौंप दिया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि वन विभाग ने जलाशय के पास होर्डिंग लगाकर ग्रामीणों को नदी में न जाने की चेतावनी दी है क्योंकि मगरमच्छों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है।  

महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून : POSH अधिनियम 2013

भोपाल  अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुश्री सोनाली मिश्रा ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित करने के लिये भारत सरकार द्वारा वर्ष 2013 में लागू किया गया। इस कानून में “कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम” (POSH एक्ट, 2013) महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी और मजबूत कानूनी संरचना के रूप में सामने आया है। इस अधिनियम का उद्देश्य कार्यस्थलों पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करना, उत्पीड़न की घटनाओं को रोकना, और समुचित समाधान की प्रक्रिया उपलब्ध कराना है। सुश्री मिश्रा शुक्रवार को मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा पं. सुंदरलाल शर्मा केन्द्रीय व्यावसायिक शिक्षण संस्थान में कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम-2013 पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। सुश्री मिश्रा ने कहा कि POSH अधिनियम महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। पुलिस विभाग इसे केवल कानून प्रावधान नहीं बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व के रूप में देखता है। कार्यस्थल पर पीड़िता को शिकायत दर्ज कराने के लिये प्रेरित करना चाहिए। शासकीय सेवा में नियुक्ति के समय महिलाओं के साथ पुरूषों का भी ओरिएंटेशन किया जाना चाहिए। सुश्री मिश्रा ने कहा कि कार्यस्थल पर गठित समिति को देखना चाहिए कि POSH अधिनियम का दुरूपयोग न किया जा रहा हो। पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विनीत कपूर ने कहा कि कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न दण्डनीय अपराध है। POSH अधिनियम का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकना, उनके सुरक्षित, सम्मानजनक और समान अवसरों वाला कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में उत्पीड़न समिति के सदस्यों का नाम नोटिस बोर्ड पर प्रमुखता से लिखा होना चाहिए। साथ ही कार्यालय में पारदर्शिता से कार्य, सीसीटीवी और शौचालय आदि की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाना चाहिए। श्री कपूर ने कहा कि इस अधिनियम के तहत पीड़िता की पहचान को गोपनीय रखते हुए पूरे मामले की संवेदनशीलता के साथ जांच की जाती है। म.प्र. बाल संरक्षण आयोग की सदस्य श्रीमती निशा सक्सेना ने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिला कर्मचारियों को POSH अधिनियम के प्रति जागरूक करना है। राज्य महिला आयोग के सचिव श्री सुरेश तोमर ने कहा कि POSH अधिनियम की जानकारी सभी कर्मचारियों को देना संस्थानों की जिम्मेदारी है। समय-समय पर कर्मचारियों के लिये संवेदनशीलता और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम न केवल महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करता है बल्कि संस्थानों को नैतिक और कानूनी रूप से जवाबदेह भी बनाता है। कार्यशाला में सुफल सर्व उत्थान फॉर आर्ट, लाइफ एण्ड कल्चर वेलफेयर सोसायटी की श्रीमती भावना त्रिपाठी ने कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न, निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष विषय पर विस्तृत जानकारी दी।  

भविष्य के लिए सतत हरित शहरीकरण विषय पर हुआ सत्र

हरित बुनियादी ढांचे का विकास, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, कार्बन क्रेडिट, स्मार्ट सिटी एवं नागरिकों की भागीदारी विषय पर हुई चर्चा भोपाल  इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को हुये सत्र में मध्यप्रदेश ग्रोथ कान्क्लेव 2025 के अंतर्गत "भविष्य के लिए सतत हरित शहरीकरण" सत्र में इंटीग्रेटेड टाउन प्लानिंग, वेस्ट मैनेजमेंट, हरित बुनियादी ढांचे का विकास, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण स्मार्ट सिटी एवं नागरिकों की भागीदारी विषयों पर विचार मंथन किया। प्रमुख सचिव पर्यावरण श्री नवनीत मोहन कोठारी ने कहा है कि सरकार नीतियों एवं चुनौतियों को सुदृढ़ करते हुये हरित नगरों का विकास कर सतत विकास को बढ़ावा देने का प्रयास जारी है। शहरों का विकास इस तरह से करना चाहिए कि पर्यावरण को कम से कम नुकसान हो और लोगों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सके। सत्र में कार्यकारी निर्देशक सीएसई सुश्री अनुमिता रॉय चौधरी ने कहा कि समुदाय हरित विकास की योजना बनाने और उसे लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे पर्यावरण को बचाने और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देने में सक्रिय सहभागिता करते है। अधोसंरचना तत्परता के लिये भवन निर्माण एवं वाहन क्षेत्र में उचित वेस्ट मैनेजमेंट किया जाना चाहिए। रीसाइक्लिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट पर भी विशेष ध्यान देना चाहिये। रीएनर्जी डायनेमिक्स प्राइवेट के सीईओ और सह-संस्थापक श्री वरुण कराड ने कहा कि भविष्य उन्मुखी शहरों का निर्माण किया जाना चाहिए जो अगले कई सालों तक यथावत रहे। ग्रीन बॉन्ड ,कार्बन क्रेडिट एवं पीपीपी मॉडल इस ओर एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। वर्बियो इंडिया के प्रबंध निदेशक श्री आशीष कुमार ने बायो फ्यूल में पीपीपी मॉडल, नीति आधारित समावेशी प्रबंधन विषयों पर चर्चा कर निजी क्षेत्र में तकनीकी अनुभव, प्रमाणित तकनीक एवं प्रमाणीकरण की महत्ता पर ज़ोर दिया गया है । एसएस गैस लैब एशिया के सदस्य आईएफजीई अध्यक्ष नेट जीरो,लघु उद्योग भारती की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री जयंती गोएला ने तीव्र औद्योगिक विकास के दौर में ट्रांज़िशन तकनीकों की आवश्यकता पर जोर देते हुए ऐसी तकनीकों के विकास पर बल दिया जिनसे कार्बन फुटप्रिंट को नियंत्रित किया जा सके। ईकेआई एनर्जी उपाध्यक्ष और वैश्विक व्यापार विकास के प्रमुख श्री सिद्धात गुप्ता ने नेट जीरो लक्ष्य, सस्टेनेबल प्लानिंग, कार्बन क्रेडिट मॉनिटरिंग आदि विषयों पर चर्चा की। सत्र के अन्त में पूर्व लोकसभा स्पीकर श्रीमती सुमित्रा महाजन ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे शहरीकरण पर अपने विचार रखें ।  

मंत्रालय वल्लभ भवन क्रमांक-1 के रेनोवेशन संबंधी हुई बैठक

भोपाल  मंत्रालय वल्लभ भवन क्रमांक-1 के रेनोवेशन संबंधी बैठक अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री संजय कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में हुई। वर्तमान में इस भवन में मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय सहित 19 विभाग कार्य कर रहे हैं। बैठक में विभागों के स्थान परिवर्तन पर विचार-विमर्श किया गया। जीर्णोधार एवं उन्नयन में अग्निशमन, विद्युत, लिफ्ट, शौचालय, एयर कंडीशन, फर्नीचर की व्यवस्था एवं उच्च गुणवत्ता का ध्यान रखे जाने पर बल दिया गया। बैठक में संबंधित विभागों के अपर सचिव, उपसचिव सहित कार्यपालन यंत्री, उपस्थित थे।  

कानूनी मोर्चे पर राहत, पूर्व सीएम कमल नाथ को हाई कोर्ट से मिला सकारात्मक फैसला

इंदौर  मध्य प्रदेश के चर्चित हनी ट्रैप मामले की सीडी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ को हाई कोर्ट की इंदौर बेंच से बड़ी राहत मिली है। उनके खिलाफ दायर जनहित याचिका गुरुवार को कोर्ट ने खारिज कर दी। एडवोकेट भूपेंद्रसिंह कुशवाह द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि नाथ ने खुद एक साक्षात्कार में कहा था कि उनके पास हनी ट्रैप मामले की सीडी है। मांग की गई थी कि नाथ को आदेश दिया जाए कि वे सीडी एसआईटी को उपलब्ध कराएं। याचिका निरस्त करते हुए कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के आधार पर याचिका दायर की है। किसी राजनेता के राजनीतिक बयान को गंभीरता से नहीं लिया जा सकता। प्रतिपरीक्षण का अवसर दिए बगैर प्रकरण में फैसला लेने के मामले में मप्र हाई कोर्ट ने सीजीएसटी को फटकार लगाई है। कोर्ट ने सीजीएसटी को आदेश दिया कि वह प्रकरण की दोबारा सुनवाई करे और प्रतिपरीक्षण का अवसर दे। एडवोकेट पीयुष पाराशर ने बताया कि पेपर ट्रेड लिंक के खिलाफ वर्ष 2023 में सीजीएसटी ने एक आदेश पारित किया था। इसमें सीजीएसटी और एसजीएसटी के 3.78 करोड़ रुपये की रिकवरी कंपनी पर निकाली गई थी। प्रकरण की सुनवाई के दौरान गवाहों के प्रतिपरीक्षण का अवसर नहीं दिया गया था। कंपनी ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका कंपनी ने यह बात बार-बार उठाई, लेकिन हर बार यह कहकर इसे खारिज कर दिया गया कि इससे केस के निराकरण में समय लगेगा। इस पर कंपनी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। कंपनी ने कोर्ट को बताया कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के अनुसार उन्हें गवाहों के प्रतिपरीक्षण का अवसर दिया जाना था, जो नहीं मिला। कोर्ट ने सभी पक्षकारों के तर्क सुनने के बाद कहा कि अपीलकर्ता को बहस और गवाहों के प्रतिपरीक्षण का अवसर दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने जनवरी 2023 में जारी आदेश को रद करते हुए कहा कि केस में दोबारा सुनवाई करें।

अब सराफा चौपाटी का स्वरूप बदलेगा, अपने पुराने रूप में नजर आएगी

इंदौर   सराफा चौपाटी में अब सिर्फ 80 परंपरागत दुकानें ही रहेंगी। शेष दुकानों को बाहर करने पर गुरुवार को हुई महापौर परिषद (एमआईसी) की बैठक में मुहर लग गई। परंपरागत दुकानों को निगम से पंजीयन करवाना होगा। नगर निगम चौराहा से अहिल्याश्रम तक रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। इस पर 22 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि खर्च होगी। शहरवासियों को जल्द ही ऑन डिमांड कचरा कलेक्शन की सुविधा मिलने लगेगी। शहर में जल्द ही प्लास्टिक और कपड़ों से ईंधन बनने लगेगा। ये वे कुछ प्रस्ताव हैं, जिन्हें गुरुवार को हुई महापौर परिषद की बैठक में स्वीकृति मिल गई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में निगम मुख्यालय के सभागृह में हुई इस बैठक में निगमायुक्त शिवम वर्मा, महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर, अश्विनी शुक्ल, अभिषेक शर्मा, मनीष शर्मा, राकेश जैन और प्रिया डांगी शामिल हुईं। बैठक में 50 से ज्यादा प्रस्तावों पर चर्चा हुई। सभी को स्वीकृति दे दी गई। सराफा चौपाटी की सुरक्षा को लेकर उठ रहे थे सवाल सराफा चौपाटी की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। गुरुवार को हुई एमआईसी की बैठक में परंपरागत 80 दुकानों को छोड़कर शेष दुकानें बाहर (Indore Shop Removal News) करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा ऑन डिमांड कचरा संग्रहण, प्लास्टिक से ईंधन, चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड तक बनने वाली सड़क, रिमूवल कार्रवाई में जब्त सामान को छोड़ने के शुल्क में बढ़ोतरी को भी स्वीकृति दी गई। बैठक में 500 करोड़ रुपये ऋण लेने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग गई। इन प्रस्तावों पर लगी मुहर महापौर भार्गव ने बताया कि स्वच्छता के माडल को अगले स्तर पर ले जाते हुए अब इंदौर में आन डिमांड कचरा संग्रहण कार्य शुरू किया जा रहा है। मोबाइल एप के माध्यम से आन डिमांड कचरा संग्रहण किया जाएगा। मोबाइल एप से सूचना मिलने पर घरों, फैक्ट्रियों और संस्थानों से कचरा तत्काल उठाया जा सकेगा। हानिकारक घरेलू कचरे का निपटान किया जाएगा। पुराने कपड़ों से धागा बनाने की यूनिट को मंजूरी दी गई। प्राणी संग्रहालय में मध्य भारत का पहला आधुनिक फिश एक्वेरियम स्थापित करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। मृत पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए रोबोटिक सिस्टम और पालतू जानवरों के लिए एनिमल कारकस सुविधा की स्वीकृति। खराब हो चुके कुकिंग आयल की प्रोसेसिंग से बायोडीजल बनाने की योजना को स्वीकृति। 29 गांवों में अमृत 2.0 के तहत सीवरेज सुधार के 61.50 करोड़ रुपये के काम स्वीकृत किए गए। निगम चौराहा से अहिल्याश्रम तक 22 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। बड़ा गणपति फ्लाइओवर की बड़ी बाधा सीवर लाइन की शिफ्टिंग को मंजूरी दे दी गई। अटल बिहारी वाजपेई क्षेत्रीय उद्यान (रीजनल पार्क) को पीपीपी माडल पर संचालित किया जाएगा। एजेंसी तय की जाएगी। नगर निगम कर्मचारियों की उपस्थिति अब चेहरा देखकर लगेगी। इसके लिए फेस आधारित उपस्थिति प्रणाली के क्रियान्वयन को स्वीकृति दी गई। चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड तक बनने वाली सड़क के लिए 26.83 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति दी गई। निपानिया चौराहा पर आइकोनिक स्कल्पचर की स्थापना की जाएगी। नगर निगम के सभी वाहनों की अब ऑनलाइन निगरानी होगी। वर्कशाप को डिजिटलाइज किया जाएगा। सराफा चौपाटी नए रूप में आएगी नजर     निर्देश दे दिए हैं सराफा चौपाटी में सिर्फ परंपरागत दुकानें ही रहेंगी। शेष दुकानों को हटाया जाएगा। इस संबंध में कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही सराफा चौपाटी नए स्वरूप में दिखाई देगी। – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर दुकानों को हटाने की समय सीमा तय नहीं     जल्द ही हम सराफा चौपाटी का सर्वे कर परंपरागत दुकानदारों को चिह्नित कर लेंगे। इन दुकानों को छोड़कर शेष दुकानें हटाई जाएंगी। अभी समय सीमा तय नहीं की है, लेकिन ये कार्रवाई जल्दी ही कर लेंगे। – -शिवम वर्मा, निगमायुक्त इंदौर नगर निगम  

शादी का वादा कर युवती से दुष्कर्म, जबरन धर्म बदलवाने के प्रयास की जांच जारी

ग्वालियर देशभर में धर्म छिपाकर शादी का झूठा वादा करके शारीरिक संबंध बनाने के काफी मामले निकलकर सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला ग्वालियर जिले के बहोड़ापुर इलाके में भी आया है, जहां 21 वर्षीय युवती के साथ मुस्लिम युवक ने दुष्कर्म किया। उसने युवती को शादी का झांसा देकर अपने साथ रखा और कई बार गलत काम किया। इसके साथ ही उस पर धर्म परिवर्तन करने का भी दबाव डालता रहा।अब मामले में अब युवती ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए युवती की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है। बहोड़ापुर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह तोमर के मुताबिक, पीड़िता की मुलाकात माधोगंज के लक्कड़खाना क्षेत्र में रहने वाले शान खान से हुई थी। आरोपी ने उसे शादी का झांसा दिया और दोनों साथ में रहने लगे। पहले नौ महीने तक पटेल नगर में और फिर बहोड़ापुर स्थित सदाशिव नगर में आरोपी ने युवती को अपने साथ रखा। इस दौरान उसने युवती के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त 12 जुलाई को, सीएम डॉ. यादव ने दी जानकारी

भोपाल  मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की करोड़ों बहनों के लिए खुशखबरी है। शनिवार 12 जुलाई को उज्जैन से सीएम डॉ मोहन यादव योजना की 26वीं किस्त जारी करेंगे। इसके तहत 1.27 करोड़ बहनों के खाते में 1250 रुपए भेजे जाएंगे। इसके साथ ही 26 लाख बहनों को सिलेंडर रिफिलिंग के लिए राशि दी जाएगी। सीएम ने कहा है कि अगले माह अगस्त में रक्षाबंधन के अवसर पर लाड़ली बहना योजना के तहत वर्तमान में दी जा रही मासिक आर्थिक सहायता राशि के साथ 250 रूपए की विशेष सहायता राशि भी अंतरित की जाएगी। अप्रैल से 10 से 15 तारीख के बीच भेजी जाती है योजना की किस्त आमतौर पर योजना की किस्त हर महीने की 10 तारीख तक जारी कर दी जाती थी, लेकिन अप्रैल 2025 से राशि वितरण की तारीख में बदलाव किया गया है।इस दौरान कैबिनेट बैठक में मोहन सरकार ने फैसला किया था कि वह प्रतिमाह 15 तारीख के आसपास बहनों के खाते में राशि भेजेगी। यही कारण था कि अप्रैल में 16 तारीख को 23वीं किस्त, 15 मई को 24वीं किस्त और 16 जून को 25वीं किस्त जारी की गई थी।अब 12 जुलाई को मोहन सरकार योजना की अगली किस्त जारी करने जा रही है। दिवाली बाद बहनों को हर माह मिलेंगे 1500     दिवाली के बाद भाई दूज से योजना की राशि में 250 रु का इजाफा किया जाएगा और हर माह 1250 की जगह 1500 रुपए मिलेंगे।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रक्षाबंधन से पहले सभी पात्र बहनों को 250 रुपए की अतिरिक्त राशि शगुन के रूप में भेजी जाएगी।     दीपावली के बाद हम प्रदेश की सभी लाडली बहनों को हर माह 1500 रुपए महीना देंगे। अभी वर्तमान में योजना के तहत 1250 रूपये प्रति माह की राशि लाड़ली बहनों को दी जा रही है।योजना के तहत चरणबद्ध रूप से राशि बढ़ाकर तीन हजार रूपये प्रति माह तक की जायेगी। लाड़ली बहना योजना में मिलते है हर माह 1250     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।     लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से जून 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 25 किश्तों का अंतरण किया गया है।प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब तक 30 हजार करोड़ से अधिक का लाभ मिल चुका है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। लाड़ली बहना योजना के ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने 1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैंजिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो।     लाभार्थी सूची में चेक करें नाम, पैसा मिलेगा या नहीं?

किसानों से खरीदी मक्का, पैसे दबाए 3 करोड़! छिंदवाड़ा में व्यापारी पर पुलिस की कार्रवाई

छिंदवाड़ा   छिंदवाड़ा में किसानों के साथ धोखा करने वाले एक व्यापारी को पुलिस ने पकड़ लिया है। चौरई पुलिस ने इस व्यापारी को गिरफ्तार किया है। इस व्यापारी पर आरोप है कि उसने किसानों से मक्का खरीदा और लगभग 3 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया। इसके बाद वह फरार हो गया था। पुलिस ने उसे छिंदवाड़ा से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी भारती जाट ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। चौरई पुलिस ने तकनीकी जांच और लगातार निगरानी के बाद आरोपी को पकड़ा। भारी मात्रा में मक्का जब्त पुलिस ने आरोपी हिमांशु साहू की निशानदेही पर दादा गुरु वेयरहाउस कंडीपार से 4276.840 मीट्रिक टन मक्का जब्त की है। इस मक्के की कीमत लगभग 9 करोड़ 40 लाख 72 हजार रुपये है। पुलिस ने इस फसल को फ्रीज कर दिया है। इससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से फरार था आरोपी पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से फरार था। वह दूसरे स्थान पर अलग नाम से रह रहा था। पुलिस लगातार उस पर नजर रख रही थी। पुलिस ने उसे घेरकर पकड़ लिया। इन धाराओं में मामला दर्ज थाना चौरई में अपराध क्रमांक 502/25 के तहत धारा 318(4), 318(3), 316(5), 3(5) BNS में मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस ठगी के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। FIR दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं किसानों में भुगतान न होने के कारण असंतोष का भाव है।  

गुना में स्कूल भवन निर्माण पर तेजी, केंद्रीय मंत्री सिंधिया को कलेक्टर ने दी जानकारी

 गुना  गुना जिले के बमोरी विकासखंड के ग्राम सांगई स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय, मारकी महू में लंबे समय से टपरे के नीचे कक्षाएं संचालित हो रही थीं। जैसे ही इस विद्यालय की जर्जर हालत और बच्चों की दयनीय पढ़ाई व्यवस्था की जानकारी केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को मिली, उन्होंने इस गंभीर विषय पर तुरंत संज्ञान लिया और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बताया गया कि केंद्रीय मंत्री सिंधिया उस समय बेंगलुरु प्रवास पर थे। लेकिन जैसे ही उन्हें विद्यालय की बदहाल स्थिति और बच्चों की कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई किए जाने की सूचना मिली, उन्होंने स्थान और समय की परवाह किए बिना गुना कलेक्टर को फोन कर विद्यालय भवन निर्माण कार्य को प्राथमिकता पर लेकर शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया को आश्वस्त किया कि विद्यालय भवन का निर्माण कार्य अगले एक-दो दिनों में प्रारंभ कर दिया जाएगा। प्रशासन ने स्थल का निरीक्षण कर जरूरी तैयारियाँ भी शुरू कर दी हैं। यह विद्यालय पिछले तीन वर्षों से अत्यंत जर्जर स्थिति में था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने और प्लास्टर झड़ने के कारण बच्चों को अस्थायी टपरे के नीचे बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती थी। टिन-तिरपाल से बने इस अस्थायी ढांचे में पढ़ाई का वातावरण न तो सुरक्षित था और न ही सम्मानजनक। केंद्रीय मंत्री सिंधिया की इस त्वरित पहल ने न केवल प्रशासनिक कार्यशैली को सक्रिय किया, बल्कि यह भी साबित किया कि वे अपने संसदीय क्षेत्र की समस्याओं को लेकर हमेशा सजग और संवेदनशील रहते हैं।