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नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष डॉ. के.पी. यादव एवं उपाध्यक्ष कांकर ने संभाला पदभार

नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष डॉ. के.पी. यादव एवं उपाध्यक्ष कांकर ने संभाला पदभार खाद्य मंत्री राजपूत और राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष पवैया भी थे मौजूद भोपाल मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष पद पर डॉ. के.पी. यादव एवं उपाध्यक्ष पद पर संजीव कांकर ने बुधवार को विधिवत अपना पदभार ग्रहण किया। यह पदभार ग्रहण प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत तथा राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। मंत्री राजपूत ने नव-नियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य नागरिक आपूर्ति निगम प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद वर्ग तक खाद्यान्न पहुंचाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाता है। ऐसे में पारदर्शिता, सुशासन और जवाबदेही के साथ कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने भरोसा जताया कि डॉ. के.पी. यादव और कांकर अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करते हुए निगम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने कहा कि निगम की भूमिका केवल वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने नव-नियुक्त अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से अपेक्षा व्यक्त की कि वे प्रशासनिक दक्षता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, निगम के प्रबंध संचालक अनुराग वर्मा सहित निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सपने कभी नहीं रुकते, बस सही मौके का इंतजार करते हैं

सपने कभी रुकते नहीं, बस सही मौके का इंतजार करते हैं और यह वही मौका है सपनों को सच करने का : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं द्वितीय परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं प्रदेश में 7 मई से शुरू हो रही है कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड की द्वितीय परीक्षा भोपाल प्रदेश सरकार द्वारा एमपी बोर्ड के परी क्षा परिणाम में असफल हुए विधार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए द्वितीय परीक्षा का अवसर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुनः परीक्षा देने वाले विधार्थियों को शुभकामना संदेश देते हुए कहा कि प्रिय विद्यार्थियों, आप जानते हैं कि इस साल एमपी बोर्ड की कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 16 वर्षों में सबसे बेहतर रहा, इसी प्रकार 10वीं के परिणाम भी अच्छे रहे, लेकिन कुछ परीक्षार्थी सफल नहीं हो सके थे। ऐसे बच्चों के लिए मध्यप्रदेश में द्वितीय परीक्षा अवसर की शुरुआत 7 मई से की जा रही है। आप सभी को मेरी ओर से अग्रिम शुभकामनाएं। आप केवल छात्र नहीं, प्रदेश के भविष्य की उज्ज्वल आशा हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आप सभी मेरे लिए केवल छात्र नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य की उज्ज्वल आशा हैं। जब आप अपने सपनों के लिए मेहनत करते हैं, तो उसमें केवल आपका नहीं, आपके परिवार का, आपके शिक्षकों का और पूरे प्रदेश का विश्वास जुड़ा होता है। मैं समझता हूं कि कभी-कभी परिस्थितियां हमारे अनुकूल नहीं होतीं, परिणाम उम्मीद के अनुसार नहीं आते, इससे मन थोड़ी देर के लिए ठहर जाता है। लेकिन सच्चाई यह है कि सपने कभी रुकते नहीं, वह बस सही मौके का इंतजार करते हैं और यह वही मौका है। महज योजना नहीं, विद्यार्थियों के सपनों को उड़ान देन का संकल्प मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं हर विद्यार्थी को ये कह रहा हूं कि एक परिणाम आपके पूरे भविष्य की कहानी तय नहीं कर सकता। प्रदेश सरकार की ओर से यह अवसर इसी दिशा में एक विशेष पहल है। ये महज योजना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों को फिर से उड़ान देन का संकल्प है। यह उन बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण है। जो 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा में किसी कारणवश अनुत्तीर्ण हो गए या परीक्षा नहीं दे पाए। द्वितीय परीक्षा विद्यार्थियों के लिए एक नई शुरुआत है। एक ऐसा मौका, जहां आप अपनी मेहनत को फिर से साबित कर सकते हैं। अपने आत्मविश्वास को पुनः खड़ा कर सकते हैं और अपने लक्ष्य के और करीब पहुंच सकते हैं। वहीं अब प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की द्वितीय बोर्ड परीक्षाएं 7 मई से प्रारंभ हो रही हैं। बच्चों के साथ खड़े रहें अभिभावक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि अभिभावकों और शिक्षकों से भी मेरा विनम्र निवेदन है कि इस समय बच्चों के साथ खड़े रहें। उनके मन को समझें, उन्हें सपोर्ट करें क्योंकि कई बार एक विश्वास भरा शब्द ही उन्हें नई ऊर्जा दे देता है, हर विद्यार्थी में अपार क्षमता है। अगर जरूरत है तो केवल उसे पहचानने की, उसे संवारने की और सही दिशा देने की। याद रखिए यह परीक्षा सिर्फ अंक सुधारने का नहीं, बल्कि अपने आत्मविश्वास को फिर से मजबूत करने का अवसर भी है। अंत में मैं आप सभी को परीक्षा के लिए अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं। आप प्रदेश का भविष्य हैं। आप सफल होकर अपने सपनों को साकार करें और मध्यप्रदेश का नाम रोशन करें। आप सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं। आगे बढ़ें, सफल हों और अपने जीवन में नई ऊंचाइयों को छुएं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सुशासन का दौर जारी, इसका कोई अंत नहीं

सुशासन का है यह दौर, जिसका ओर है ना छोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवाचारों के साथ हमने प्रदेश की तरक्की के बनाए हैं नए रास्ते मुख्यमंत्री का निगम-मंडल-बोर्ड एवं विकास प्राधिकरणों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों ने किया अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जैसी नीयत होती है, वैसी ही बरकत होती है। हमारा प्रदेश आज देश में सुशासन के जरिए लोक कल्याण का पर्याय बन चुका है। लोक कल्याण के अवसर सबको मिलते हैं, लेकिन जो हृदय की गहराईयों से लोगों के कल्याण की सोच रखते हैं, ईश्वर उसकी मदद करते हैं। हमारी सरकार लोक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्ध सोच, कर्मठता, समर्पण और नवाचारों के साथ आगे बढ़ रही है। आज प्रदेश के हर कोने में, हर छोर में सुशासन का दौर है। उन्होंने कहा कि हमने 'विरासत से विकास' की परम्परा को कायम रखते हुए जनहित में अधिकाधिक नवाचार अपनाकर प्रदेश की तरक्की के नए रास्ते बनाये हैं। प्रदेश की जनता की सेवा, कल्याण और सबके जीवन में खुशहाली लाने में हम कोई कसर नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए विधायकों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'सच्चा वादा- पक्का काम' यही हमारी सरकार का मूलमंत्र है। प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और वन पर्यटन बढ़ाने के लिए हम भरपूर प्रयास कर रहे हैं। पर्यटन बढ़ेगा तो प्रदेश में रोजगार बढ़ेंगे और इसका सीधा लाभ हमारे अपने नागरिकों को होगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आयोग-निगम-मंडलों एवं विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी है। प्रदेश की जनता के कल्याण के लिए सभी श्रेष्ठ व्यक्तियों को अवसर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश के विभिन्न निगम-मंडल-बोर्ड एवं विकास प्राधिकरणों के नवनियुक्त अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर हुए गरिमामय समारोह में अभिनंदन कर आभार जताया। अभिनंदन समारोह में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप भी उपस्थित थे। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष रामनिवास रावत, मध्यप्रदेश राज्य सहरिया विकास प्राधिकरण की नवनियुक्त अध्यक्षा श्रीमती गुड्डीबाई आदिवासी, मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. कृष्णपाल सिंह यादव, निगम के उपाध्यक्ष संजीव कांकर, रतलाम विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त अध्यक्ष मनोहर पोरवाल, प्राधिकरण के उपाध्यक्षद्वय गोविंद काकाणी एवं प्रवीण सोनी तथा मध्यप्रदेश राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष महेश केवट एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन करके उन्हें जनकल्याण का सेवा दायित्व देने के लिए आभार ज्ञापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रतीक चिन्ह भी दिए गए।  

ब्योहारी तहसील के एसडीएम कार्यालय में लोकायुक्त का छापा ,15 हजार की रिश्वत लेते बाबू रंगे हाथ हुआ गिरफ्तार!

ब्योहारी  तहसील कार्यालय में भृत्य के पद पर पदस्थ रहते हुए बीर सिंह कर रहा था एसडीएम कार्यालय में पेशकार का काम। कई सालों से यहां पर था पदस्थ। बिना लिये दिए नहीं होता तहसील कार्यालय में किसी का कोई काम। तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार की लिखी जा  रही इवारत की खबरों की हो गई पुष्टि भ्रष्टाचार का गढ़ बना तहसील कार्यालय, पैसों के दम पर होते है फैसले। तहसील कार्यालय में हुई लोकायुक्त की दविश से मची खलबली। ब्यौहारी- भ्रष्टाचार के विरुद्ध रीवा लोकायुक्त की टीम ने आज एक बड़ी कार्यवाही करते हुए ब्यौहारी तहसील में अनुभागीय अधिकारी कार्यालय के बाबू पेशकार को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। न्यायालयीन प्रकरण में पक्ष में फैसला सुनाने के नाम पर रिश्वत की मांग की गई थी। ​जमीनी विवाद के फैसले के बदले मांगी थी पंद्रह हजार की घूंस। ​मिली जानकारी अनुसार, तहसील कार्यालय के अनुभागीय अधिकारी कार्यालय में कार्यरत लिपिक वीर सिंह जो भृत्य के पद पर पदस्थ रहते हुए यहां सालों से पेशकार का काम करता रहा है। जिसने एक जमीनी विवाद के मामले में निर्णय पीड़ित पक्ष के हक में करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। आरोपी बाबू ने शिकायतकर्ता को धमकी भी दी थी कि यदि पैसे नहीं दिए, तो वह मामले का निर्णय दूसरे पक्ष संपत जायसवाल के समर्थन में करवा देगा। ​20 हजार में तय हुआ था सौदा। ​शिकायतकर्ता अंकिता जायसवाल पति सुरेश जायसवाल ने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त रीवा से की थी। बताया जा रहा है कि एसडीएम के बाबू वीर सिंह ने शुरुआत में 20 हजार रुपये की मांग की थी, लेकिन बाद में मामला 15,000/- रुपये में तय हुआ। ​लोकायुक्त रीवा की कार्यवाही ​शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त की बारह सदस्यी टीम ने जाल बिछाया और तहसील के एसडीएम कार्यालय में जैसे ही शिकायतकर्ता ने रिश्वत की रकम बाबू वीर सिंह को दी, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया।  लोकायुक्त की टीम फिलहाल भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही कर रही है।

क्रिकेट में धमाल: शहडोल की रीना ने WMPL टीम में बनाई जगह, भोपाल बुल्स की नजर

शहडोल / भोपाल   मध्य प्रदेश के शहडोल जिले की पहचान अब गर्ल्स क्रिकेट की नर्सरी के तौर पर भी होने लगी है. क्योंकि यहां से कई लड़कियां क्रिकेट में कमाल कर रही हैं. पूजा वस्त्रकार जहां भारतीय टीम तक का सफर तय कर चुकी हैं, तो वहीं पूनम सोनी जैसी लड़कियां भी हैं जो क्रिकेट में बड़ा कमाल कर चुकी हैं. अब रीना यादव जैसी लड़कियां हैं जिनके घर की आर्थिक स्थिति भले ही बेहतर नहीं है. लेकिन अपने सपने को साकार करने के लिए वो लगातार कड़ी मेहनत कर रही हैं और सफलता हासिल कर रही हैं।  मेहनत से मंज़िल पाने की ज़िद कहते हैं सही दिशा में किया गया हार्ड वर्क एक दिन मंजिल जरूर दिला देता है. रीना यादव की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिनके घर की घरेलू परिस्थितियों बहुत बेहतर नहीं हैं. पिता ऑटो चलाकर घर को संभाल रहे हैं. लेकिन बेटी का सपना था कि उन्हें क्रिकेटर बनना है और इसीलिए उन्होंने क्रिकेट खेलने की शुरुआत कर दी. और धीरे-धीरे कड़ी मेहनत और हार्ड वर्क से आज रीना यादव मध्य प्रदेश के सीनियर टीम तक का सफर तय कर ही चुकी हैं।   उन्हें हाल ही में विमेंस मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग WMPL की टीम में चुना गया है. जिसके बाद वो एक बार फिर से सुर्खियों में आ गई हैं. रीना यादव बताती है कि, ''वो मध्य प्रदेश एसोसिएशन की खिलाड़ी हैं और उनका सिलेक्शन अभी हाल ही में WMPL के लिए भोपाल बुल्स की टीम में हुआ है. पिछले साल उन्हें बुंदेलखंड बुल्स की टीम ने चुना था।  कैसे हुई क्रिकेट की शुरुआत रीना यादव बताती हैं कि, ''वो शहडोल जिले के बुढार के पास रुंगटा कॉलोनी की रहने वाली हैं और उन्हें बचपन से क्रिकेट खेलने का शौक था. इसी में वो अपना करियर बनाना चाहती थी. पेरेंट्स भी उनके काफी सपोर्टिव थे और उनके हर फैसले का समर्थन कर रहे थे. यही उनकी सबसे बड़ी ताकत थी जिसकी वजह से आज वह अपने क्रिकेट करियर के लिए आगे बढ़ पा रही है और नई मंजिल को अचीव कर रही हैं।  रीना यादव बताती हैं कि, ''उन्होंने शहडोल क्रिकेट अकादमी में भी क्रिकेट सीखा फिर इसके बाद उनका सिलेक्शन शिवपुरी के महिला क्रिकेट अकादमी में हो गया जहां वो अभी भी सीख रही हैं. सब कुछ अच्छा चल रहा है, शिवपुरी में रहती हैं तो वहां महिला क्रिकेट अकादमी में ट्रेनिंग कर रही हैं. कभी- कभी शहडोल आने पर यहां भी ट्रेनिंग करती हैं. इस तरह से वो अपने क्रिकेट में बेहतर करने की कोशिश में डटी हुई हैं।  रीना यादव के अचीवमेंट्स शहडोल क्रिकेट अकादमी के कोच सोनू रॉबिंसन बताते हैं कि, ''रीना यादव 10 साल से शहडोल संभाग के लिए क्रिकेट खेल रही हैं. रीना को पहली बार स्कूल गेम्स में देखा गया था जिसके बाद उन्हें शहडोल क्रिकेट अकादमी प्रैक्टिस के लिए बुलाया गया था. पहले वो हफ्ते में तीन-चार दिन आती थी, कुछ साल तक तो वहीं से उन्होंने अप डाउन किया लेकिन इसके बाद अपने मामा के यहां रहने लगीं. शहडोल में ही उन्होंने क्रिकेट की रेगुलर शुरुआत कर दी. इसके बाद रीना यादव का सफर यहीं नहीं थमा।  अपनी हार्ड वर्क और कड़ी मेहनत के दम पर रीना ने मध्य प्रदेश से अंडर-19, अंडर 23 और सीनियर ग्रुप को रिप्रेजेंट किया है. इस बार उनके परफॉर्मेंस के आधार पर मध्य प्रदेश के WMPL में जो वूमेंस का दूसरा संस्करण है भोपाल बुल्स की टीम ने उन्हें अपनी टीम में रखा है. रीना यादव राइट हैंड बैट्समैन हैं और पार्ट टाइम ऑफ स्पिन भी करती हैं. उनमें बहुत काबिलियत है, उन्हें बेहतर मंच मिला है, अब उनके पास एक अच्छा मौका है अपने टैलेंट को दिखाने का।  शहडोल बना गर्ल्स क्रिकेट की नर्सरी देखा जाए तो शहडोल जिला गर्ल्स क्रिकेट की नर्सरी है क्योंकि यहां से कई लड़कियां हैं जो मध्य प्रदेश के अलग-अलग एज ग्रुप की टीम से खेल रही हैं. अभी हाल ही में कई लड़कियां WMPL के लिए जो सिलेक्ट हुई हैं, उसमें शहडोल संभाग से भी कई लड़कियां शामिल हैं. पूजा वस्त्रकार जैसे खिलाड़ी भारतीय टीम से खेल चुकी हैं. पूनम सोनी मध्य प्रदेश से तो खेल ही चुकी हैं. इसके अलावा अब वो क्रिकेट के दम पर रेलवे में नौकरी भी कर रही हैं और रेलवे की टीम से भी खेल रही हैं. इसके अलावा भी कई ऐसी लड़कियां हैं, जो लगातार क्रिकेट में कमाल कर रही हैं और अपने टैलेंट से सभी का ध्यान खींच रही हैं। 

MP Metro ट्रेनों में अब बर्थडे और प्री-वेडिंग का मजा, सस्ती बुकिंग के साथ जश्न संभव

इंदौर/भोपाल   मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) ने एक पहल शुरू की है, जिसके तहत मेट्रो ट्रेनों और स्टेशन परिसर में बर्थडे पार्टी, प्री-वेडिंग शूट, फिल्म की शूटिंग और अन्य सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनुमति दी जाएगी। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब इंदौर और भोपाल में मेट्रो सेवाओं में यात्रियों की संख्या उम्मीद से कम है। MPMRCL ने बताया कि 'सेलिब्रेशन्स ऑन व्हील्स' पहल के तहत, मेट्रो कोच और चुनिंदा स्टेशन क्षेत्रों का उपयोग विभिन्न रचनात्मक और सामाजिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा, बशर्ते निर्धारित शुल्क और सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए। MPMRCL के प्रबंध निदेशक एस. कृष्णा चैतन्य ने कहा, "सेलिब्रेशन्स ऑन व्हील्स पहल इंदौर और भोपाल की जीवंत संस्कृति, तेजी से बढ़ते शहरी वातावरण और नागरिकों की बदलती जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है।" उन्होंने कहा, "यह मेट्रो को जनता के करीब लाने का एक प्रयास है, जिससे लोग मेट्रो के सुरक्षित और आधुनिक वातावरण में अपने खास मौकों का जश्न मना सकें। इससे मेट्रो सेवाएं नागरिकों के दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बन जाएंगी।" सुरक्षा और अनुशासन को ध्यान में रखते हुए कुछ पाबंदियां भी तय की गई हैं. मेट्रो परिसर में शराब, बीड़ी-सिगरेट और पटाखों पर पूरी तरह मनाही रहेगी. आयोजन में शामिल होने से पहले सभी लोगों की स्टेशन पर जांच की जाएगी।  पिछले साल शुरू हुई थी भोपाल मेट्रो भोपाल मेट्रो का उद्घाटन 20 दिसंबर 2025 को हुआ था और 21 दिसंबर से इसे आम यात्रियों के लिए खोला गया था. शुरुआती दिनों में यात्रियों की अच्छी खासी तादाद देखने को मिली, लेकिन वक्त के साथ फुटफॉल में गिरावट आई. ऐसे में अब मेट्रो एडमिनिस्ट्रेश ने कमाई बढ़ाने के लिए यह नया प्रयोग शुरू किया है। 

किसान मुद्दों पर प्रदेश में गर्माई राजनीति, कांग्रेस करेगी आज आंदोलन और जाम

भोपाल  मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दों को लेकर सियासत तेज हो गई है। आज 7 मई को कांग्रेस सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है, जिसमें मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में नेशनल हाईवे जाम कर किसानों की समस्याओं और मांगों को लेकर दबाव बनाने की रणनीति तैयार की गई है, जिससे कई जिलों में यातायात प्रभावित होने की आशंका है। भोपाल में पीसी शर्मा ने बताया कि सरकार की खरीदी व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है। बार-बार खरीदी और स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ाने से सिस्टम की कमजोरी उजागर हो गई है। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया के पहले 14 दिनों में केवल 9.30 लाख मीट्रिक टन गेहूं ही खरीदा गया है। इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। किसान स्लॉट बुकिंग, रजिस्ट्रेशन पर्ची अपलोड करने और भुगतान में देरी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। पार्टी ने सरकार से मांग की है कि किसानों को गेहूं का दाम 2625 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाए। साथ ही, जिन किसानों ने कम कीमत पर गेहूं बेचा है, उन्हें अंतर की राशि “भावांतर योजना” के तहत सीधे उनके बैंक खातों में दी जाए। इसके अलावा, पार्टी ने मूंग और सोयाबीन के दामों को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा है। कांग्रेस के इस आंदोलन के कारण 11 जिलों में करीब 747 किलोमीटर तक यातायात प्रभावित होने की संभावना है। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन किसानों के हित में किया जा रहा है, जबकि प्रशासन ने भी सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस की मांगें पार्टी ने सरकार से मांग की है कि किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल का भाव दिया जाए और कम कीमत पर बेचे गए गेहूं का अंतर भावांतर योजना के तहत सीधे खातों में डाला जाए। साथ ही मूंग और सोयाबीन के दामों को लेकर भी जवाब मांगा गया है। मंत्री बोले- वेयरहाउस की क्षमता में 20% बढ़ाई मध्यप्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंदसिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री और विभाग द्वारा गेहूं खरीदी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी की अनुमति थी, लेकिन किसानों के अधिक पंजीयन को देखते हुए केंद्र सरकार से इसे बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन करा लिया गया है। मंत्री ने कहा कि खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है और अब तक करीब 15 लाख स्लॉट बुक हो चुके हैं। 50 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीदी भी हो चुकी है। राजपूत ने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए तौल कांटे बढ़ाए गए हैं और वेयरहाउस की क्षमता में 20% तक की बढ़ोतरी की गई है, ताकि भंडारण में दिक्कत न आए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री खुद औचक निरीक्षण कर रहे हैं और वे स्वयं भी विभिन्न केंद्रों का दौरा कर रहे हैं। भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना- कांग्रेसी किसी किसान को एक गिलास पानी तक नहीं पिलाते मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेसी किसी किसान को एक गिलास पानी तक नहीं पिलाते और आंदोलन का ढोंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष में होने के कारण कांग्रेस इस तरह के कदम उठा रही है, लेकिन हाईवे जाम से आम जनता को परेशानी होगी। राजपूत ने कहा कि सड़कों को जाम करने से लोगों की आवाजाही प्रभावित होगी और इससे आम नागरिकों को अनावश्यक दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी। उन्होंने कांग्रेस से इस पर पुनर्विचार करने की अपील की। मंत्री ने यह भी कहा कि अन्य राज्यों में कांग्रेस की स्थिति कमजोर है और पार्टी को आंदोलन करने के बजाय आत्ममंथन करने की जरूरत है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बोले कांग्रेस ने आज तक अन्नदाता की चिंता नही की कांग्रेस को तो यह बात कहने का भी अधिकार नहीं हैं। हमारी सरकार बनने के बाद हम अन्नदाता को किसान सम्मान निधि दे रहे हैं। समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की जा रही हैं, जबकि बारदाने का संकट था। जीतू पटवारी को किसानों से माफी मांगना चाहिए। वो बताएं कि 2003-04 के पहले उन्होंने अन्नदाता के लिए क्या किया? जीतू पटवारी को आत्ममंथन और आत्मचिंतन करने की जरुरत है।

इंदौर में सड़क विकास: मधु मिलन–छावनी मार्ग होगा 60 फीट चौड़ा, अवरोध हटाने की तैयारी

इंदौर  मधुमिलन-छावनी मार्ग पर वर्षों से ट्रैफिक जाम की समस्या रहती थी, लेकिन अब यह समस्या हल होगी। नगर निगम ने इस मार्ग को 60 फीट चौड़ा करने का मन बना लिया है और इसके लिए दो-तीन दिन में 100 से ज्यादा अतिक्रमण भी हटाने की तैयारी की जा रही है। मेयर पुष्यमित्र भार्गव खुद इस मार्ग पर अतिक्रमण हटाने से पहले रहवासियों से मिलने पहुंचे और रहवासियों से आग्रह किया कि वे अगले दो से तीन दिनों के भीतर अपने-अपने अतिक्रमण खुद हटा लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने पर नगर निगम द्वारा कार्रवाई कर उन्हें हटाया जाएगा। कुछ रहवासी स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के लिए तैयार हो चुके हैं। भार्गव ने बताया कि मधुमिलन चौराहे से छावनी तक का यह मार्ग शहर के ट्रैफिक के लिए महत्वपूर्ण है। इसका निर्माण निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान के तहत इस सड़क को प्रथम चरण में 60 फीट चौड़ा किया जाएगा। इसके बाद यातायात की स्थिति के अनुसार आगे की योजना बनाई जाएगी।   उन्होंने यह भी बताया कि 60 फीट चौड़ाई को लेकर क्षेत्र के अधिकांश रहवासी सहमत हैं, जिससे कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। आपको बता दें कि छह साल पहले भी तत्कालीन कलेक्टर आकाश त्रिपाठी ने इस सड़क को चौड़ा करने की योजना बनाई थी और तब मथुरवाला स्वीट्स का निर्माण भी तोड़ा गया था, लेकिन बाद में उनका तबादला हो गया और सड़क चौड़ी नहीं हो पाई थी।

लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए प्रदेश में 9 मई को नेशनल लोक अदालत आयोजित

नेशनल लोक अदालत लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए प्रदेश में 9 मई को नेशनल लोक अदालत संपत्ति एवं जल कर के सरचार्ज (अधिभार) में मिलेगी 100 प्रतिशत तक की छूट भोपाल मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदेश में 9 मई शनिवार को 'नेशनल लोक अदालत' का वृहद स्तर पर आयोजन किया जा रहा है। नागरिकों के कल्याण और उन्हें आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। नेशनल लोक अदालत में नागरिकों को विशेष सुविधा प्रदान करते हुए संपत्तिकर, जलकर एवं अन्य उपभोक्ता कर के लंबित प्रकरणों में देय अधिभार (सरचार्ज) पर 100 प्रतिशत तक की अभूतपूर्व छूट प्रदान की जा रही है। योजना के प्रावधानों के अंतर्गत 50 हजार रुपये तक के संपत्तिकर और 10 हजार रुपये तक के जल कर की बकाया राशि वाले प्रकरणों में सरचार्ज पूर्णतः माफ किया जाएगा। इससे अधिक की बकाया राशि होने पर निर्धारित स्लैब के अनुरूप सरचार्ज में 25 से 75 प्रतिशत तक की रियायत का प्रावधान किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 तक की बकाया राशि पर यह विशेष छूट वन टाइम सेटलमेंट के रूप में देय होगी। इसयोजना का लाभ प्राप्त करने वाले नागरिकों को छूट के उपरांत शेष राशि अधिकतम दो आसान किश्तों में जमा करने की सुविधाजनक व्यवस्था प्रदान की गई है, जिसके अंतर्गत कम से कम 50 प्रतिशत राशि लोक अदालत के दिन ही जमा करना अनिवार्य होगा। राज्य शासन ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस नेशनल लोक अदालत में सहभागिता कर अपने लंबित प्रकरणों का निराकरण करवाएं और शासन द्वारा प्रदाय की जा रही इस विशेष छूट का अधिकतम लाभ उठाएं।    लोक अदालत के माध्यम से नगरीय निकायों के लंबित प्रकरणों का त्वरित एवं सुलभ निराकरण किया जाएगा, जिससे आमजनों को व्यापक राहत मिलेगी। शासन की इस जन-कल्याणकारी पहल से नागरिकों को न केवल करों के भारी बोझ से मुक्ति प्राप्त होगी, बल्कि इसके फलस्वरूप नगरीय निकायों को भी एकमुश्त राजस्व की प्राप्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

मध्य प्रदेश के नौरादेही टाइगर रिजर्व में अनोखी पहल, एक्स-आर्मी मैन संभालेंगे वन्यजीव सुरक्षा

सागर  मध्य प्रदेश के सबसे बड़े टाइगर रिजर्व वीरांगना रानी दुर्गावती (नौरादेही) टाइगर रिजर्व की बात करें, तो ये तीन जिलों में फैला हुआ है. नौरादेही वन्य जीव अभ्यारण को टाइगर रिजर्व में तब्दील तो कर दिया गया है. लेकिन 2 साल से ज्यादा वक्त बीतने के बाद भी आज यहां पर वही फील्ड स्टाफ काम कर रहा है. जो नौरादेही वन्यजीव अभ्यारण्य के समय पर कर रहा था. जबकि नौरादेही वन्यजीव अभ्यारण्य का क्षेत्रफल आज के टाइगर रिजर्व से आधा भी नहीं था. ऐसे में टाइगर रिजर्व में बढ़ती बाघों की संख्या और आने वाले मेहमान चीतों की सुरक्षा की चिंता लाजिमी है।  वहीं पिछले दिनों में कुछ ऐसे घटनाक्रम भी सामने आए हैं. जो वन अपराधियों के बेलगाम हौसले की तरफ इशारा करते हैं. ऐसी स्थिति में वन अपराध जैसे लकड़ी तस्करी और वन्यजीवों के शिकार के साथ-साथ बाघों और आने वाले चीतों की सुरक्षा को लेकर प्रबंधन ने भूतपूर्व सैनिकों की मदद लेना शुरू किया है. टाइगर रिजर्व की सुरक्षा की कमान वनरक्षक तो संभाली रहे हैं. वहीं अब एक्स आर्मी मैन वन रक्षकों के कंधे से कंधे मिलाकर वन और वन्यजीव की सुरक्षा करेंगे।  वन्यजीवों की सुरक्षा और वन अपराध चिंता का विषय नौरादेही टाइगर रिजर्व की बात करें, तो इसका कुल क्षेत्रफल 2339 वर्ग किलोमीटर है. यह सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिले तक फैला हुआ है. यहां बाघों का कुनबा 30 पहुंच गया है. चीता प्रोजेक्ट के तहत इसे मध्य प्रदेश में चीतों के तीसरे घर के तौर पर विकसित किया जा रहा है. जुलाई में यहां चीता छोड़े जाना प्रस्तावित है. ऐसे में वन और वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ यहां की बेशकीमती वनसंपदा की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है।  वन्यप्राणियों की सुरक्षा पूर्व सैनिकों के जिम्मे  राष्ट्रीय बाघ संरक्षण योजना में 2018 में शामिल किए जाने और यहां चीतों के तीसरा घर बनाने का फैसला केंद्र और राज्य सरकार ने तो कर लिया. लेकिन सुरक्षा और प्रबंधन की दृष्टि से यहां वन अमले की पदस्थापना आज तक नहीं की गयी है. ये जब वन्यजीव अभ्यारण्य था, वहीं वन अमला आज भी यहां सुरक्षा और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहा है. यहां या तो श्रमिक या आउटसोर्सिंग के जरिए कर्मचारियों से काम लिया जा सकता है. ऐसे में वन अपराध रोकना और वनसंपदा की सुरक्षा के लिए प्रबंधन एक्स आर्मी मैन की तैनाती की गयी है. जो वन अमले के साथ सुरक्षा का दायित्व भी संभाल रहे हैं।  क्या कहना है प्रबंधन का नौरादेही टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह कहते हैं कि, ''पहली बात तो ये कोई नया प्रयोग नहीं है, मध्य प्रदेश के दूसरे टाइगर रिजर्व और जब नौरादेही वन्यजीव अभ्यारण्य हुआ करता था. तब भी यहां एक्स आर्मी मैन जिला सैनिक कल्याण बोर्ड के जरिए नियुक्त किए गए थे और वो वनकर्मियों के साथ कदम से कदम और कंधे से कंधा मिलाकर वन्यप्राणी क्षेत्र की सुरक्षा में अपना योगदान दे रहे हैं. ये बात कोई छिपी नहीं है कि हमारी सेना और सेना के जवानों का एक अनुशासन है और काम करने का अपना तरीका है।  जब हम उनके साथ जुड़कर वनकर्मी काम करते हैं, तो उनका अनुशासन और दक्षता का स्तर ऊपर होता है. सेना की दक्षता है, वो हमारे क्षेत्र में मेहनत के साथ जुटती है तो अपराधी तत्व डिफेंस में आ जाते हैं. वो जानते हैं कि कोई भी तरह का अपराध करेंगे, तो सेना के लोग छोड़ेगे नहीं. हमारी वन और वन्यप्राणी सुरक्षा मजबूत होती है. पूर्व में हम पेंच, कान्हा और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में ये प्रयोग हो चुका है।