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दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 2442.04 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद की बैठक लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए 38 हजार 555 करोड़ रूपये की स्वीकृति व्यापारियों के कल्याण के लिए राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन का निर्णय "दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन" के लिए 2442.04 करोड़ रूपये की स्वीकृति सड़क निर्माण और आवास अनुरक्षण के लिए 32 हजार 405 करोड़ रूपये की स्वीकृति इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफेक्चरिंग क्लस्टर्स और सूचना प्रौ‌द्योगिकी संबंधी कार्यों के लिए 1295.52 करोड़ रूपये की स्वीकृति आंगनवाड़ी केन्द्रों और समेकित बाल संरक्षण मिशन वात्सल्य के लिए 2,412 करोड़ रूपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई मंत्रि-परिषद की बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण के लिए विभिन्न विभागों की 38 हजार 555 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के व्यापारियों के कल्याण के लिए राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन का ऐतिहासिक निर्णय भी लिया है। यह निर्णय प्रदेश के बुनियादी ढांचे, कृषि आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से लिए गए हैं। बैठक के प्रमुख निर्णयों में 16वें वित्त आयोग की अवधि (2026-2031) के लिए सड़क निर्माण, ग्रामीण मार्गों के उन्नयन और शासकीय आवासों के रखरखाव के लिए सर्वाधिक 32 हजार 405 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए "दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन" को मंजूरी दी गई, इसमें आगामी 5 वर्षों में 2,442.04 करोड़ रुपये व्यय कर दलहन उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त महिला एवं बाल विकास के अंतर्गत नवीन आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण और 'मिशन वात्सल्य' के सुचारू संचालन के लिए 2,412 करोड़ रुपये तथा आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 1,295 करोड़ 52 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए मंत्रि-परिषद ने 'राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड' के गठन का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जो व्यापारियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और सरकार के साथ सीधे संवाद का सशक्त माध्यम बनेगा। यह पहल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने और समावेशी विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। "दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन" के लिए 2442.04 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश में "दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन" की आगामी 5 वर्षों 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता के लिए 2442 करोड़ 04 लाख रूपये की स्वीकृति दी। योजना के क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक नियम/दिशा-निर्देश जारी करने के लिए किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग को अधिकृत किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दलहन फसलों में आत्मनिर्भर बनने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन में से दलहन फसल को पृथक कर "दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन" 11 अक्टूबर 2025 को प्रारंभ किया गया। भारत सरकार ने केन्द्र प्रायोजित योजना के रूप में नए मिशन "दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन" को मंजूरी दी है। मिशन का उददेश्य दलहनी फसलों के उत्पादन वृद्धि एवं क्षेत्रफल का विस्तार करना, किसानों के लिए जलवायु-अनुकूल उन्नत बीजों का उत्पादन एवं उपलब्धता बढ़ाना, कटाई के बाद प्रसंस्करण, भंडारण एवं प्रबंधन तकनीकों को प्रोत्साहित करना है। योजना में प्रदेश में "दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन" क्रियान्वयन से प्रजनक बीज, बीज उत्पादन, बीज वितरण, प्रदर्शन और ट्रेनिंग होगी। साथ ही पोस्ट हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर (प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग इकाई) इकाई विकसित होने से कृषक लाभान्वित होगें तथा दलहनी फसलों के क्षेत्रफल में विस्तार को प्रोत्साहन मिलेगा तथा उत्पादन में वृद्धि होगी। सड़क निर्माण और आवास अनुरक्षण के लिए 32 हजार 405 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़क निर्माण और आवास अनुरक्षण के लिए 32,405 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार सड़क एवं सेतु के संधारण से संबंधित योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 6 हजार 150 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया है। इसी तरह 'एफ' टाईप एवं उससे नीचे की श्रेणी के शासकीय आवासों के अनुरक्षण के लिए 1 हजार 345 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। ग्रामीण सड़कों एवं अन्य जिला मार्गों का निर्माण और उन्नयन के लिए 24 हजार 300 करोड़ रूपये का अनुमोदन सहित सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों से जुड़ी योजना की 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 की निरंतरता के लिए 610 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गए। इलेक्ट्रॅानिक्स मैन्युफेक्चरिंग क्लस्टर्स और सूचना प्रौ‌द्योगिकी संबंधी कार्य के लिए 1295 करोड़ 52 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा विज्ञान एवं प्रौ‌द्योगिकी विभाग के अंतर्गत इलेक्ट्रॅानिक्स मैन्युफेक्चरिंग क्लस्टर्स और सूचना प्रौ‌द्योगिकी संबंधी कार्य से संबंधित योजनाओं की निरंतरता और संचालन के लिए 1295 करोड़ 52 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अनुसार आरसीबीसी , डीईजीएस और एनआईसी आदि केन्द्रों के आगामी पांच वर्षों 1 मार्च 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालन के लिए 244 करोड़ 20 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। ई-दक्ष प्रशिक्षण कार्यक्रम अंतर्गत राज्य के सभी शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। मंत्रि-परिषद द्वारा 16वें वित्त आयोग की अवधि के लिए प्रदेश में इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफेक्चरिंग क्लस्टर्स की स्थापना (EMC 2.0) के लिए 225 करोड़ 32 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी। इसके अंतर्गत भोपाल के बांदीखेड़ी में 209.47 एकड़ क्षेत्र में क्लस्टर की स्थापना की जायेगी। साथ ही सूचना प्रौ‌द्योगिकी निवेश प्रोत्साहन संबंधी योजना की निरंतरता के लिए 300 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों की स्थापना एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र की सहभागिता सुनिश्चित करना तथा राज्य को आईटी एवं आईटीईएस सेवाओं के लिए आकर्षक गंत्वय के रूप में स्थापित करने के लिए पूंजीगत अनुदान कर संबंधी रियायतें, प्रशिक्षण एवं मानव संसाधन विकास तथा आईटी पार्क/ईएमसी (इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफेक्चरिंग क्लस्टर्स) की स्थापना को बढ़ावा दिये जाने संबंधी कार्य किया जायेगा। इसका संचालन एमपीएसईडीसी के माध्यम से होगा। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में स्टेट वाईड एरिया नेटवर्क की स्थापना (स्वान) और संचालन संबंधी योजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता के लिए 526 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। इस योजना का उद्देश्य राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर सभी शासकीय कार्यालयों को आपस में जोड़कर सुगम … Read more

अंतिम छोर तक पानी पहुंचने से बदलेगी तस्वीर

भोपाल अनूपपुर जिले का आदिवासी बहुल विकासखंड पुष्पराजगढ़ अब कृषि विकास की नई दिशा की ओर अग्रसर है। ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान’’ के अंतर्गत झिलमिल जलाशय की नहरों के निर्माण, सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार कार्य से यहाँ किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा। वर्षों से इस क्षेत्र के किसान वर्षा आधारित खेती या सीमित जल स्त्रोतों पर निर्भर थे। नहर प्रणाली की जर्जर स्थिति के कारण जल अंतिम छोर तक नहीं पहुँच पाता था, जिससे सिंचाई में बाधा आती थी। अब जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत झिलमिल जलाशय के मुख्य नहर तथा माइनर नहर के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। करीब 19 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से यह कार्य पूर्ण होने पर 5.04 एमसीएम क्षमता वाले जलाशय का जल अंतिम छोर के खेतों तक पहुँच सकेगा। इससे सिंचाई व्यवस्था में स्थायी सुधार होगा। लगभग 905 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। करीब 11 किलोमीटर लंबा नहर तंत्र विकसित किया जा रहा है। इस योजना से सीधे तौर पर बीजापुरी, पीपाटोला, कछरा टोला और झिलमिल गाँवों के लगभग एक हजार किसान परिवार लाभान्वित होंगे। उनकी आय में वृद्धि और आजीविका में स्थिरता आयेगी। अनूपपुर कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली परियोजना की नियमित निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए हैं कि कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। स्थानीय किसानों में इस परियोजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। किसान जगत सिंह, ठाकुर सिंह और कमलेश्वर सिंह सहित कई कृषकों का कहना है कि नहरों के सुधार से अब अंतिम खेत तक पानी पहुँचने की समस्या समाप्त हो जाएगी, जिससे वे दोनों मौसमों में बेहतर खेती कर सकेंगे। पुष्पराजगढ़ में झिलमिल जलाशय से प्रवाहित यह जल न केवल खेतों को सिंचित करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा। ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान’’ के तहत यह पहल भविष्य में अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है।  

नेशनल हाईवे पर बड़ा हादसा: गोसलपुर में ट्रैक्टर और बस की जोरदार भिड़ंत, 39 घायल

जबलपुर. गोसलपुर में नेशनल हाईवे के बीच में मंगलवार सुबह ट्रैक्टर एमपी 20 ac 0372 बस क्रमांक एमपी 20 pa 9849 क्रॉसिंग के दौरान जबरदस्त भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद यात्रियों से भरी बस और ट्रैक्टर दोनों पलट गए। बस में सवार 39 लोग घायल, जिसमें 21 लोग सिहोरा अस्पताल और 18 गोसलपुर में के सरकारी अस्‍पतासल में भर्ती किए गए हैं। वहीं पाटन थाना क्षेत्र के नुनसर चौकी के पास बस और ट्रक की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि अन्य यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं। एक ट्रक पाटन से जबलपुर की ओर जा रहा था, जबकि यात्री बस जबलपुर से पाटन की ओर आ रही थी। दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त नुनसर तिराहे के पास दोनों वाहनों की जोरदार भिड़ंत हो गई, जिससे दोनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बस में सवार यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गंभीर रूप से घायल बच्ची को तुरंत उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ ही सड़क पर लगे जाम को हटाकर यातायात बहाल कराया।

भोपाल में नेक्स्ट जेन टैलेंट समिट 2026, कथक नृत्य में 9 छात्रों ने जीते पुरस्कार

भोपाल भोपाल को रविंद्र भवन के अंजलि सभागृह में राज्य सरकार की मिनिस्ट्री आफ कल्चर द्वारा हिंदुस्तान आर्ट एंड म्यूजिक समिति के माध्यम से, नेक्स्ट जेन टैलेंट समिट 2026 का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय संगीत और नृत्य कला की स्पर्धा में श्री कल्याणी नृत्य कला कौशल समिति के कथक नृत्य में पारंगत 9 छात्रों ने पुरस्कार प्राप्त किए हैं। इस उपलब्धि पर श्री कल्याणी नृत्य कला कौशल समिति की कत्थक शिक्षिका और संस्थापक श्रीमती दीक्षा अस्थाना ने सभी छात्रों को उनके इस प्रयास पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं तथा आशा व्यक्त की है भविष्य में और अधिक संख्या में यहां की छात्राएं ऐसी उपलब्धि प्राप्त करेंगी ।

सरकार की तैयारी: हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम से ‘दो संतान’ की बाध्यता खत्म करने पर विचार

भोपाल. मध्य प्रदेश में कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए सरकार जल्द ही दो बड़े फैसले लेने जा रही है। स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने और सरकारी नौकरी में दो संतान की बाध्यता समाप्त करने के प्रस्ताव अंतिम चरण में हैं। सामान्य प्रशासन विभाग इन दोनों प्रस्तावों को जल्द ही कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए पेश करेगा। कर्मचारी और पेंशनरों के लिए लंबे समय से स्वास्थ्य बीमा की मांग की जा रही थी। अब इस दिशा में सरकार ने ठोस कदम उठाते हुए योजना का प्रारूप तैयार कर लिया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार इस योजना को कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद लागू किया जाएगा, जिससे लाखों कर्मचारियों को राहत मिलेगी। दो संतान नियम खत्म करने की तैयारी सरकारी नौकरी में दो संतान की बाध्यता को समाप्त करने पर भी सरकार सहमत हो गई है। इस नियम को हटाने के लिए सभी स्तरों पर सहमति बन चुकी है और सामान्य प्रशासन विभाग जल्द ही इसे कैबिनेट में पेश करेगा। इससे कई कर्मचारियों और अभ्यर्थियों को लाभ मिलने की संभावना है। कर्मचारी संगठनों की मांग पर कार्रवाई राज्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद दोनों मुद्दों पर तेजी से काम किया जा रहा है। 15 अप्रैल को हुई बैठक में कर्मचारियों के हित में कई अहम निर्णय लिए गए थे। कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष ने संभाला कार्यभार इधर, राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा ने मंत्रालय में पदभार ग्रहण किया। इस मौके पर विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात कर कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा भी की।

शिक्षा के मंदिर में शर्मनाक कृत्य, ASP नेता के स्कूल में शराब बिक्री का वीडियो वायरल

मुरैना मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के जौरा रोड, सोलंकी पेट्रोल पंप के सामने आजाद समाज पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री मनोज सेमिल का मकान है। स्कूल का नाम है सम्राट पब्लिक स्कूल इस मकान की पहली मंजिल पर मनोज सेमिल का निजी विद्यालय चलता है, जिसका नाम सम्राट पब्लिक स्कूल है। इस स्कूल में अवैध शराब का कारोबार जमकर हो रहा है। मंगलवार की सुबह एक वीडियो प्रसारित हुआ जिसमें स्कूल के अंदर देशी शराब की पेटियां रखी हुई दिख रही हैं हैं। शराब बेचने खरीदने और पीने वाले लोग कमरे में मौजूद है। शराब पीने के लिए टेबल कुर्सी डाली गयी है। वीडियो में दिख रहा है कि अवैध शराब का यह कारोबार सम्राट स्कूल में हो रहा है वीडियो बनाने वाला कह भी रहा है कि यह मनोज सेमिल का स्कूल है, वह दूसरे लोगों की शिकायत करता है और ख़ुद अवैध शराब का कारोबार करता है। हेडक्वार्टर डीएसपी विजय भदौरिया ने कहा कि मामले की जाँच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।  

डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा के मुख्‍य आतिथ्‍य में NSG के सहयोग से कॉम्प्रिहेन्सिव कैपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग प्रोग्राम का समापन

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में आंतरिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़, तकनीकी रूप से सक्षम तथा भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के सहयोग से आयोजित कॉम्प्रिहेन्सिव कैपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग प्रोग्राम का आज रवीन्‍द्र भवन में समापन हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 07 अप्रैल से 04 मई 2026 तक स्पेशल ब्रांच ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश की विभिन्न विशेष इकाइयों के चयनित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने कहा कि वर्तमान समय में ड्रोन हमलों सहित नई प्रकार की आतंरिक सुरक्षा चुनौतियां सामने आ रही हैं, जिनसे निपटने के लिए इस प्रकार का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि माननीय केंद्रीय गृह मंत्री की पहल पर एनएसजी एवं मध्यप्रदेश पुलिस के मध्य एमओयू संपादित किया गया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में एटीएस, सीटीजी, बीडीएस, विशेष सशस्त्र बल एवं वीआईपी सुरक्षा से जुड़े कुल 432 अधिकारियों/कर्मचारियों ने सहभागिता की। इस दौरान 8 प्रमुख विषयों—क्लोज प्रोटेक्शन, काउंटर टेररिज्म, टैक्टिकल ड्राइविंग, बॉम्ब डिस्पोजल, एंटी ड्रोन, स्नाइपर, के-9 एवं पीएसओ पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। डीजीपी ने एटीएस एवं अन्य इकाइयों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश नक्सल उन्मूलन की दिशा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर चुका है। साथ ही भोपाल में एक आधुनिक सिटीजी ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जाने हेतु प्रयास जारी हैं, जो भविष्य में पुलिस बल के क्षमता विकास में सहायक होगा। डीजीपी श्री मकवाणा ने आगामी सिंहस्थ 2028 का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विशाल आयोजन के दौरान आंतरिक सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन एवं ट्रैफिक नियंत्रण में प्रशिक्षित बल की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने एनएसजी के प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल का उपयोग राष्ट्र एवं समाज की सुरक्षा में प्रभावी रूप से किया जाए। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि NSG के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रदान किया गया यह प्रशिक्षण अत्यंत उच्च स्तर का, व्यावहारिक एवं आधुनिक तकनीकों पर आधारित रहा। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण से न केवल उनकी व्यक्तिगत दक्षता एवं आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है, बल्कि टीम आधारित ऑपरेशन में समन्वय, त्वरित निर्णय क्षमता एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने की क्षमता भी सुदृढ़ हुई है। इस अवसर पर विशेष पुलिस महानिदेशक श्री आदर्श कटियार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री ए.साईं मनोहर, श्री चंचल शेखर, श्री सोलोमन मिंज, श्री डी श्रीनिवास वर्मा, पुलिस आयुक्त श्री संजय कुमार, पुलिस महानिरीक्षक डॉ आशीष, उप पुलिस महानिरीक्षक श्री तरुण नायक सहित पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं एनएसजी की ओर से ब्रिगेडियर शंकर तिवारी (ऑपरेशंस एवं ट्रेनिंग प्रभारी) एवं कर्नल अभिषेक सिंह (ग्रुप कमांडर, स्पेशल ऑपरेशंस, मुंबई) सहित अन्य प्रशिक्षक दल के सदस्य उपस्थित रहे। 

निर्माण कार्यों से आमजन को न हो असुविधा, मानसून से पूर्व पूरे हों आवश्यक कार्य : राज्यमंत्रीगौर

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)कृष्णा गौर ने सोमवार को अयोध्या बायपास पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की 10-लेन सड़क परियोजना एवं जल निकासी व्यवस्था को लेकर नगर निगम और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़क निर्माण कार्यों के कारण स्थानीय नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। राज्यमंत्रीगौर ने कहा कि अधिकारी संयुक्त रूप से प्रभावित इलाकों का सघन दौरा करें। उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए बारिश के मौसम से पहले जल निकासी और नाली निर्माण की सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर ली जाएं। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए इन्हें समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। बैठक में बताया गया कि एनएचएआई द्वारा 52 मीटर चौड़ाई में सड़क का निर्माण किया जा रहा है। निर्माणाधीन नाली का स्तर ऊंचा होने के कारण आसपास की कॉलोनियों में जलभराव की आशंका उत्पन्न हो रही है। राज्यमंत्रीगौर ने समस्या उत्पन्न होने से पहले ही अधिकारियों को संयुक्त रूप से निरीक्षण के लिए निर्देशित किया। अधिकारियों के निरीक्षण के उपरांत पुनः बैठक ली गई। जिसमें उन्होंने बारिश से पूर्व अधिकारियों को सघन जांच और दौरे कर जल्द से जल्द समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री देवांश नवल ने कॉलोनियों में जलभराव रोकने के लिए आवश्यक तकनीकी सुधार करने का आश्वासन दिया है। बैठक में बताया गया कि गीत गणेश कॉलोनी, शीतल पैराडाइस (टनाटन ढाबा), अयोध्या एक्सटेंशन और इन्द्रलोक कॉलोनी जैसे इलाकों में नाले-नालियों का निर्माण किया जाएगा। इससे रहवासियों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही, एनएचएआई के प्रोजेक्ट अधिकारी द्वारा यह भी आश्वासन दिया गया कि रत्नागिरी से पीपल्स मॉल तक बारिश के पानी की निकासी करने वाले 5 प्रमुख नालों, पं. अटल बिहारी वाजपेयी सब्जी मंडी नाला, अयोध्या बायपास शिवकल्प नाला, अमृत एन्क्लेव नाला, पिंक सिटी नाला और भानपुर नाला, का चौड़ीकरण कर पानी निकासी की अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। राज्यमंत्रीगौर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कॉलोनियों के स्तर के अनुसार नई नाली प्रस्तावित की जाए और क्रॉस ड्रेन के साथ ही कल्वर्ट की गहराई पर्याप्त रखी जाए ताकि भविष्य में जल निकासी बाधित न हो। इसके अतिरिक्त, दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु रोड क्रॉसिंग का ढलान भी मानकों के अनुरूप रखें। उन्होंने मानसून से पूर्व नालों की साफ-सफाई और मलबा हटाने के भी निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में पार्षदउर्मिला मौर्य,छाया ठाकुर,शिरोमणि शर्मा,ममता विश्वकर्मा सहित नगर निगम और NHAI के अधिकारी मौजूद रहे। 

तेज रफ्तार का कहर: गोसलपुर हाईवे पर ट्रैक्टर से भिड़ी बस, 39 यात्री जख्मी

जबलपुर   गोसलपुर में नेशनल हाईवे के बीच में मंगलवार सुबह ट्रैक्टर एमपी 20 ac 0372 बस क्रमांक एमपी 20 pa 9849 क्रॉसिंग के दौरान जबरदस्त भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद यात्रियों से भरी बस और ट्रैक्टर दोनों पलट गए। जबलपुर कटनी राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित बस में सवार 39 लोग घायल, जिसमें 21 लोग सिहोरा अस्पताल और 18 गोसलपुर में के सरकारी अस्‍पतासल में भर्ती किए गए हैं।  जबलपुर  गोसलपुर में नेशनल हाईवे के बीच में मंगलवार सुबह ट्रैक्टर एमपी 20 ac 0372 बस क्रमांक एमपी 20 pa 9849 क्रॉसिंग के दौरान जबरदस्त भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद यात्रियों से भरी बस और ट्रैक्टर दोनों पलट गए। जबलपुर कटनी राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित बस में सवार 39 लोग घायल, जिसमें 21 लोग सिहोरा अस्पताल और 18 गोसलपुर में के सरकारी अस्‍पतासल में भर्ती किए गए हैं। 

प्रबंधन सुधार की दिशा में कदम: महाकाल मंदिर में पांच न्यास गठन को मंजूरी

उज्जैन. मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में व्यवस्थाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए पांच नए न्यास बनाए जाएंगे। इनके माध्यम से अन्न क्षेत्र, भक्त निवास, पारमार्थिक गतिविधियों का संचालन, शैक्षणिक तथा चिकित्सा सेवा जैसे प्रकल्प पृथक-पृथक संचालित होंगे। यह निर्णय शनिवार को कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में लिया गया है। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि बैठक में प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण, श्रद्धालुओं की सुविधाओं व सिंहस्थ की तैयारियों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें महाकाल महालोक में 11 करोड़ की लागत से फैब्रिकेशन शेड, संध्या एवं शयन आरती के महत्व का प्रचार-प्रसार, क्यूआर कोड आधारित फैल्प बैरियर लगाने, महाकालेश्वर अन्नक्षेत्र में अन्नदान/भोजन की आनलाइन बुकिंग, 80 नई दानपेटियां लगाने, मंदिर समिति के कर्मचारियों को वेतन के साथ महंगाई भत्ता देने और सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था के विस्तारित का निर्णय शामिल है।