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विद्यार्थी परिषद की पाठशाला से निकले स्व. केलकर जी की कार्य पद्धति का स्मरण किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की कार्यप्रणाली को अद्भुत और अनुकरणीय बताते हुए कहा कि यह संगठन केवल बातों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता को व्यवहार में उतारने का कार्य करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे सिलेबस के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक गौरव को भी समझें और देश के निर्माण में आगे बढ़कर काम करें। वे घंटाघर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस कल्चरल एंड इंर्फोमेशन सेंटर गीता भवन में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के शिल्पकार स्वर्गीय यशवंत राव केलकर की जन्मशती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. यशवंत राव केलकर को परिषद के वर्तमान स्वरूप की 'नींव का पत्थर' बताया, जिन्होंने संगठन को गढ़ने में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने छात्र जीवन के संस्मरण साझा करते हुए बताया कि परिषद एक परिवार की तरह है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सीख दी कि यदि हम छोटा बनकर काम करेंगे, तभी जीवन में बड़े लक्ष्य प्राप्त कर पाएंगे। विद्यार्थी आज का नागरिक है। विद्यार्थियों में जोश के साथ होश का संतुलन बनाये रखने के लिए इसमें शिक्षकों की भूमिका अतुलनीय है। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा स्वामी विवेकानंद और माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ किया गया। वक्ताओं ने स्व. केलकर के जीवन दर्शन और संगठन की विशिष्ट कार्य पद्धति पर विस्तार से प्रकाश डाला। विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष  रघुराज किशोर तिवारी ने बताया कि आज विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है, जिसका श्रेय स्व. केलकर द्वारा विकसित की गई विशिष्ट कार्य पद्धति को जाता है। उन्होंने कहा कि स्व. केलकर केवल उपदेश नहीं देते थे, बल्कि 'जीवंत आदर्श' थे, जो गरीब विद्यार्थियों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहते थे और स्वयं सहायता प्रदान करते थे। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि विद्यार्थी परिषद एक ऐसी कार्यशाला है जिसने समाज के हर क्षेत्र को नेतृत्व दिया है। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, सांसद मती सुमित्रा बाल्मिक, सांसद  आशीष दुबे, विधायक  अजय विश्नोई, डॉ. अभिलाष पांडे,  नीरज सिंह,  रत्नेश सोनकर,  राजकुमार पटेल,  अखिलेश जैन सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।  

काहिरा में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में राज्य शूटिंग अकादमी के खिलाड़ी ने बढ़ाया प्रदेश का मान

भोपाल मध्यप्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी के खिलाड़ी हेमंत बर्मन ने काहिरा में आयोजित ISSF जूनियर वर्ल्ड कप 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अर्जित कर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। हेमंत ने 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन जूनियर पुरुष वर्ग के फाइनल में 351.7 अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान हासिल किया। खेल मंत्री  सारंग ने दी शुभकामनाएं मध्यप्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने हेमंत बर्मन को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन एवं प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के खिलाड़ी भविष्य में भी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहेंगे। फाइनल में सटीकता और संयम का प्रभावशाली प्रदर्शन फाइनल मुकाबले में हेमंत बर्मन ने उच्च स्तर की एकाग्रता, तकनीकी दक्षता एवं मानसिक संतुलन का परिचय देते हुए पूरे प्रतियोगिता क्रम में निरंतरता बनाए रखी। कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच उनका यह प्रदर्शन अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर उनकी तैयारी और क्षमता को दर्शाता है। अंतर्राष्ट्रीय पटल पर मध्यप्रदेश की सशक्त उपस्थिति यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी वैश्विक प्रतिस्पर्धाओं में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। शूटिंग जैसे सूक्ष्म और तकनीकी खेल में प्राप्त यह सफलता प्रदेश में विकसित हो रही खेल अवसंरचना एवं प्रशिक्षण प्रणाली की गुणवत्ता को रेखांकित करती है। प्रशिक्षण व्यवस्था से मिल रहा सशक्त आधार राज्य शूटिंग अकादमी में खिलाड़ियों को अत्याधुनिक सुविधाएं, वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धति एवं अनुभवी कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए सक्षम बन रहे हैं। युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि हेमंत बर्मन की यह उपलब्धि प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है। यह सफलता न केवल शूटिंग खेल को प्रोत्साहित करती है, बल्कि मध्यप्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय खेल परिदृश्य में एक सुदृढ़ पहचान भी प्रदान करती है।  

1.41 करोड़ की साइबर ठगी मामले में गाजियाबाद के दो सगे भाई गिरफ्तार, खाते में पहुंचे थे 10.5 लाख

ग्वालियर ग्वालियर के कारोबारी दुर्गाशंकर नागर से क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर हुई 1.41 करोड़ रुपये की साइबर ठगी में पुलिस ने गाजियाबाद के दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। दोनों भाई दवा का थोक कारोबार करते हैं और इन्हीं की फर्म के खाते में ठगी के 10.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। क्या है मामला पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी अग्रिम जमानत के लिए ग्वालियर में वकील से मिलने आए थे, इसी दौरान क्राइम ब्रांच ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि 10 प्रतिशत कमीशन के लालच में उन्होंने अपनी फर्म के खाते में यह रकम मंगवाई थी। किस्तों में 1.41 करोड़ रुपये ठग लिए मुरार क्षेत्र निवासी 70 वर्षीय कारोबारी दुर्गाशंकर नागर को फेसबुक पर एक अनजान युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। ठग ने खुद को इंग्लैंड की युवती बताकर बातचीत शुरू की और फिर क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर अलग-अलग किस्तों में 1.41 करोड़ रुपये ठग लिए। इस मामले में क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पहली लेयर में 10.50 लाख रुपये गाजियाबाद स्थित महादेव फार्मा एंड सर्जिकल के एक्सिस बैंक खाते में ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। यह फर्म उत्तर प्रदेश के हापुड़ निवासी सगे भाई आदित्य शर्मा और प्रियांशु शर्मा संचालित करते हैं। जैसे ही आरोपितों को पता चला कि साइबर क्राइम विंग उनकी तलाश कर रही है, वे भूमिगत हो गए। पुलिस लगातार उनकी लोकेशन ट्रेस कर रही थी। इसी दौरान वे ग्वालियर पहुंचे, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपितों के पास से 59 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। थाने में रोकर बोले- पता नहीं था साइबर ठगी का पैसा है पूछताछ के दौरान दोनों भाई रोने लगे और बताया कि उन्हें यह नहीं पता था कि यह साइबर ठगी का पैसा है। उन्हें कहा गया था कि बड़ी रकम व्यापार के लिए ट्रांसफर की जा रही है और इसके बदले 10 प्रतिशत कमीशन मिलेगा। ऑनलाइन गेम के कर्ज में फंसे जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी ऑनलाइन गेम खेलते थे और इसी में कर्ज में डूब गए थे। कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने कमीशन के लालच में अपने खाते का इस्तेमाल किया।

शादी की खुशियां बदलीं मातम में, खंडवा में कार हादसे में तीन युवकों की जान गई

खंडवा पिपलोद थाना क्षेत्र में रविवार शाम करीब चार बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशियों भरे माहौल को मातम में बदल दिया। बलवाड़ा से लुन्हार गांव जा रही बारात की कार गुड़ी के पासअनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने खंडहरनुमा मकान में जा घुसी। हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में 22 वर्षीय मोहित निवासी भरुड बलवाड़ा, 24 वर्षीय ऋतिक यादव निवासी गरणगांव और 24 वर्षीय पुष्पक यादव निवासी बलवाड़ा की मौत हो गई। वहीं पवन और सावन गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका उपचार जिला अस्पताल में जारी है। क्या है मामला प्राप्त जानकारी के अनुसार बलवाड़ा स्थित यादव परिवार के यहां शादी समारोह था और बारात लुन्हार गांव के लिए रवाना हुई थी। इसी दौरान रास्ते में कार चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया और कार सीधे सड़क किनारे बने जर्जर मकान में जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। तीन युवकों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि दो घायलों का इलाज जारी है। स्वजनों और ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी जिला अस्पताल में हादसे की खबर मिलते ही स्वजनों और ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। रोते-बिलखते परिजनों का दर्द देख वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक अभिनव बारंगे सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।  

राहतगढ़ में विकास को मिली नई रफ्तार, खाद्य मंत्री ने किया 20 करोड़ के कार्यों का भूमि पूजन-लोकार्पण

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों को भरोसा देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार समर्थन मूल्य पर किसान का एक-एक दाना खरीदेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसान हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी किसान को अपनी उपज बेचने में परेशानी नहीं होने दी जाएगी। खाद्य मंत्री  राजपूत ने यह बात सुरखी विधानसभा क्षेत्र के राहतगढ़ विकासखंड के ग्राम बहादुरपुर, ख़ैजरामाफी, अलीनगर और भावुकाबारी में 20 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकार्पण अवसर पर कही। खाद्य मंत्री  राजपूत ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है, जिसे देखते हुए खरीदी की व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ की गई हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा स्लॉट बुकिंग, खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाने और भुगतान की त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। खाद्य मंत्री  राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। गेहूं खरीदी के लिए केंद्र से कोटा बढ़वाना हो या खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाना—हर कदम किसान हित में उठाया गया है। मंत्री राजपूत ने विश्वास जताया कि सरकार की पारदर्शी और किसान-केंद्रित नीतियों से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है और भविष्य में भी यह सिलसिला जारी रहेगा। विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  राजपूत ने राहतगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत बहादुरपुर में पुलिया निर्माण तथा बहादुरपुर एनएच-86 से खैजरामाफी मार्ग के नवीनीकरण कार्य का भूमिपूजन कर क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर मंत्री  राजपूत ने कहा कि इस मार्ग के सुधार की मांग क्षेत्र के ग्रामवासियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से की जा रही थी, जिसे प्राथमिकता देते हुए 4 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृति प्रदान कराई गई है। सड़क निर्माण पूर्ण होने के बाद लगभग 15 गांवों के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में मढ़िया बाघ परियोजना के माध्यम से क्षेत्र के 51 गांवों में लगभग 15 हजार हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे करीब 40 हजार किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मंत्री  राजपूत ने ग्राम कल्याणपुरवीर में नवीन आंगनवाड़ी भवन के निर्माण की घोषणा की, जिससे बच्चों और महिलाओं को बेहतर पोषण एवं देखभाल की सुविधा मिल सकेगी। इसके साथ ही ग्राम बहादुर में मंगल भवन के निर्माण तथा पेयजल समस्या के समाधान हेतु हैंडपंप स्थापना की भी घोषणा की गई। मंत्री  राजपूत ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है और इसी उद्देश्य के साथ क्षेत्र में लगातार विकास कार्यों को गति दी जा रही है। इस अवसर जनप्रतिनिधि और ग्रामीण जंग मौजूद रहे।  

उज्ज्वल भविष्य के लिए किया प्रेरित

भोपाल राजधानी भोपाल में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करते हुए रोज़ मैरी हायर सेकेंडरी विद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों ने आज सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास सारंग से उनके निवास के पास सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मंत्री  सारंग ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सफलता केवल विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें उनके शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे इसी तरह निरंतर प्रयास करते हुए अपने परिवार, विद्यालय और भोपाल शहर का नाम देशभर में रोशन करते रहें। मंत्री  सारंग ने कहा कि जीवन का यह पड़ाव केवल एक शुरुआत है, अभी लंबा सफर तय करना बाकी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी तीक्ष्ण बुद्धि, अनुशासन और परिश्रम का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है और वही भविष्य की दिशा और गति निर्धारित करते हैं। इसलिए युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। इस दौरान मंत्री  सारंग ने विद्यार्थियों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और प्रयासों से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्रदेश और देश की सरकारें स्कूलों और कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही हैं। साथ ही हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का भी प्रयास किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर और सुलभ उच्च शिक्षा के अवसर मिल सकें। मंत्री  सारंग ने विद्यार्थियों को उनकी आगे की पढ़ाई में हर संभव मदद और मार्गदर्शन देने का भी आश्वासन दिया। विद्यार्थियों ने अपने उत्कृष्ट परिणामों से सभी का ध्यान आकर्षित किया है। कक्षा 10वीं में महिमा खाड़े ने 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके अलावा राकेश कुमार (97.6 प्रतिशत), पूजा चौरसिया (97.4 प्रतिशत) और भूमिका अहिरवार (97.2 प्रतिशत) ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य मेरिट सूची में स्थान प्राप्त किया। इन विद्यार्थियों की उपलब्धि ने विद्यालय के साथ-साथ पूरे भोपाल शहर को गौरवान्वित किया है। मंत्री  सारंग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी जिम्मेदारी केवल अपने व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज के उत्थान और देश की प्रगति के लिए करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में मंत्री  सारंग ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का श्रवण किया। यह अवसर विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक रहा, जहां उन्हें न केवल अपनी उपलब्धियों के लिए सम्मान मिला, बल्कि भविष्य के लिए नई दिशा और ऊर्जा भी प्राप्त हुई।  

सकारात्मक व्यक्तित्व को अपनाने निरंतर प्रयासरत रहें : मुख्य न्यायाधिपति संजीव सचदेवा

भोपाल मध्यप्रदेश की जेलों में 26 अप्रैल को आयोजित विशेष जेल लोक अदालतों में 7 बंदियों की रिहाई के आदेश जारी हुए। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति व मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति  संजीव सचदेवा ने केन्द्रीय जेल, ग्वालियर में ऑनलाइन शुभारंभ किया गया। जेल लोक अदालतों का आयोजन म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर द्वारा किया गया था। बंदीगण को संबोधित करते हुये मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति  संजीव सचदेवा ने उन्हें सकारात्मक व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में प्रयासरत रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इससे बंदीगण समाज की मुख्यधारा में जुड सकेंगे। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ-ग्वालियर के प्रशासनिक न्यायाधिपति न्यायमूर्ति  आनंद पाठक ने बंदीगण से कहा कि पक्षकार इस कल्याणकारी जेल लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय स्वयं पक्षकार के पास आया है और लाभान्वित होने का एक मौका दे रहा है। लोक अदालत का मूल उद्देश्य अपराध या विवाद को समाप्त करना नहीं है बल्कि अपराध या विवाद के कारणों को उजागर कर उसे समाप्त करने का मौका देना है। उन्होंने कहा कि हम सभी को यह प्रयास करना चाहिये कि वर्ष 2047 तक हम एक विवाद विहीन समाज की स्थापना कर सके। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एक विवाद विहीन समाज की स्थापना की नींव रख रहा है। केन्द्रीय जेल, ग्वालियर में हुई लोक अदालत में निराकरण हेतु कुल 60 प्रकरण चिन्हित किये गये और उनके निराकरण के लिए कुल 3 खण्डपीठों का गठन किया गया। लोक अदालत की प्रक्रिया अनुसार किये गये प्रयासों के फलस्वरूप 6 प्रकरण का प्ली-बारगेनिंग (अपराध स्वीकारोक्ति के आधार पर) तथा 12 आपराधिक प्रकृति के प्रकरणों में उभयपक्ष के मध्य आपसी सहमति के आधार पर समझौता हो जाने से कुल 18 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इनमें से 7 बंदियों के रिहाई आदेश लोक अदालत खण्डपीठ के पीठासीन अधिकारी द्वारा जारी किये गये। वर्ष-2016 से लंबित एक मामले में शिकायतकर्ता स्वयं जेल परिसर में आये ताकि वे आरोपी के साथ आपसी सुलह एवं समझौता कर सकें। पीठासीन अधिकारी मती स्वाति शर्मा की खण्डपीठ क्रमांक 02 द्वारा इस समझौते को दर्ज किया और प्रक्रिया अनुसार आदेश पारित करते हुये आरोपी को तुरंत रिहा करने का आदेश जारी किया गया। इस प्रकार लगभग एक दशक से लंबित प्रकरण को मौके पर ही निराकृत कर जेल लोक अदालत की प्रभावशीलता को दर्शाया। एक अन्य मामले में, जहां आरोपी और शिकायतकर्ता दोनों ही ग्वालियर के केन्द्रीय जेल में निरूद्ध थे, उन्हें समझौता वार्ता की सुविधा प्रदान की गई। उन्हें लोक अदालत खण्डपीठ द्वारा इस आयोजन के महत्व व निराकरण से लाभों को बताते हुये राजीनामा के लिये प्रोत्साहित किया, जिन प्रयासों के फलस्वरूप उभयपक्ष समझौता हेतु स्वेच्छा से सहमत हुये और प्रकरण का निराकरण लोक अदालत में किया जाकर आरोपी को आरोपो से बरी किया गया। कार्यक्रम में न्यायमूर्ति  जी. एस. अहलूवालिया, न्यायमूर्ति  मिलिंद रमेश फडके, न्यायमूर्ति  आशीष श्रोती, न्यायमूर्ति  अमित सेठ, न्यायमूर्ति  आनंद सिंह बहरावत, न्यायमूर्ति  राजेश कुमार गुप्ता सहित मध्यप्रदेश जेल विभाग के विषेश महानिदेशक  अखेतो सेमा, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल  धरमिंदर सिंह, ग्वालियर के प्रधान जिला न्यायाधीश  ललित किशोर, जिला न्यायाधीश (निरीक्षण)  जाकिर हुसैन, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव सु सुमन वास्तव, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ-ग्वालियर के प्रिंसिपल रजिस्ट्रार  राजीव के पाल व रजिस्ट्रार  नवीन कुमार शर्मा, अतिरिक्त सचिव  अरविंद वास्तव, ग्वालियर कलेक्टर मती रूचिका चौहान व पुलिस अधीक्षक  धर्मवीर सिंह, केन्द्रीय जेल-ग्वालियर के जेल अधीक्षक  विदित सिरवैया एवं अन्य न्यायाधीशगण व जेल प्रशासन के अधिकारी सम्मिलित हुये।  

मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी, 43 डिग्री तक पहुंचा तापमान; इंदौर-उज्जैन में सबसे गर्म रातें दर्ज

इंदौर रात के तापमान में पिछले 24 घंटे में 6.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखने को मिली। वहीं उज्जैन में न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस अधिक था। उज्जैन में पिछले 24 घंटे में 4.1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखने को मिली है। सोमवार को दिन व रात के तापमान का दिखेगा उच्च स्तर सोमवार को इंदौर में दिन का पारा 43 डिग्री के आसपास रहेगा। दोपहर तक धूप की तपिश बरकरार रहेगी। दोपहर बाद बादल छाएंगे। रविवार दोपहर से रात तक बादल छाए रहने के कारण रविवार की रात भी सबसे गर्म रात रहने की संभावना है। इस वजह सोमवार को न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के आसपास ही रहेगा। अरब सागर से आई नमी ने बदला मौसम का मिजाज वर्तमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश पर एक चक्रवाती हवाओं का घेरा बना हुआ है। वही मप्र के मध्य क्षेत्र के ऊपर 1.5 किलोमीटर पर चारों दिशाओं से हवाएं आकर एक चक्रवाती हवाओं का घेरा बना रही है। ऐसे में अरब सागर से आ रही नमी के कारण इंदौर में दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदला और बादल व वर्षा की स्थितियां दिखाई दी। आज प्रदेश का 50 फीसद हिस्सा होगा लू की चपेट में रविवार को प्रदेश में सिर्फ खजुराहों में लू चली। सोमवार को प्रदेश के 25 जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है। इनमें भोपाल,विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, दतिया, भिंड, सतना, उमरिया, छिदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी शामिल है। प्रदेश में सबसे अधिकतम तापमान     खजुराहो : 45     नौगांव : 44.6     नर्मदापुरम : 44.4     सागर : 44.4     दमोह : 44.2 नोट: तापमान डिग्री सेल्सियस में एचएस पांडे, मौसम विज्ञानी, मौसम केंद्र भोपाल की राय सवाल: क्यों गर्म हो रहा शबे मालवा? जवाब: सड़क, फ्लायओवर व सीमेंट कांक्रीट की इमारतों का निर्माण, विकास कार्यो के लिए पेड़ों की अंधाधुंध कटाई। सवाल : इंदौर व उज्जैन में रातें प्रदेश में सबसे गर्म क्यों? जवाब: दिन में सूरज की किरणें जो जमीन पर आई। रात में इन दोनों शहरों में बादल छाने के कारण गर्मी वापस वायुमंडल में लौट नहीं पाई। ग्रीन हाउस इफैक्ट बना। बादलों के प्रभाव से गर्मी दोनों शहरों में थम गई। इस वजह से रात का पारा बढ़ा। सवाल : इंदौर में पानी क्यों बरसा? जवाब: गर्मी के मौसम जब कभी 43 व 44 डिग्री सेल्सियस तक तापमान बढ़ जाता है, तो शुष्क हवाएं नमी खींचती है। बादल छाते है और वर्षा की गतिविधि गरज-चमक के साथ दिखाई देती है।  

फिनायल पीकर भर्ती हुई महिला ने अस्पताल में मचाया हंगामा, छत पर चढ़ने से मचा हड़कंप

छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में रविवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब उपचाररत एक युवती प्रेम प्रसंग में उपजे तनाव के चलते पांचवीं मंजिल के छज्जे पर पहुंच गई। युवती नीचे कूदने की बात कह रही थी, जिसे देख अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। मिली जानकारी के अनुसार, युवती ने घरेलू विवाद या प्रेम प्रसंग के चलते फिनायल का सेवन किया था। अस्पताल में इलाज के दौरान वह युवक से संपर्क करने की कोशिश कर रही थी। संपर्क न होने पर उसने यह आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया। गनीमत रही कि स्वजनों और स्टाफ की 15 मिनट की समझाइश के बाद युवती सुरक्षित नीचे उतर आई। वार्ड से निकलकर छज्जे तक कैसे पहुंची मरीज? इस घटना ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा घेरे पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। कोतवाली पुलिस का कहना है कि वर्तमान में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटनाक्रम ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि एक मरीज इतनी आसानी से ऊपरी मंजिल तक कैसे पहुंच गया। वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया आंखों देखा हाल प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवती अचानक वार्ड से बाहर निकली और पांचवीं मंजिल पर पहुंच गई। कुछ ही देर में वह छज्जे पर खड़ी नजर आई। नीचे मौजूद लोगों ने यह देखा तो हड़कंप मच गया। युवती की स्थिति को देखते हुए मौके पर मौजूद लोगों में चिंता बढ़ गई। 15 मिनट तक चले इस घटनाक्रम के बाद जब युवती को सुरक्षित बचा लिया गया, तब जाकर अस्पताल प्रशासन और वहां मौजूद लोगों ने राहत की सा  

नामी स्कूलों तक पहुंचा एमडी ड्रग्स का नेटवर्क, किशोर हो रहे निशाना

इंदौर यदि आपके बच्चे के व्यवहार में अचानक बदलाव, देर रात तक जागना, पढ़ाई से दूरी बनाना, नए दोस्त बनाना, फोन छिपाना, पैसों की जरूरत बढ़ना, भूख और वजन में बदलाव, परिवार से दूरी बनाने जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं तो सतर्क होने की आवश्यकता है। इन सभी का एक कारण आपके बच्चे में एमडी ड्रग्स की लत भी हो सकती है। एमडी ड्रग्स जैसी खतरनाक लत इंदौर में कम उम्र के बच्चे अब एमडी ड्रग्स जैसी खतरनाक लत का शिकार हो रहे हैं। नामी स्कूलों में पढ़ने वाले 12 से 16 वर्ष तक के विद्यार्थी इस नशे की गिरफ्त में आते जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों और शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है। एमडी ड्रग्स की लत छुड़वाने के लिए बड़ी संख्या में माता-पिता बच्चों को लेकर मनोचिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों में नशे की शुरुआत अक्सर जिज्ञासा, दोस्तों के दबाव या एक बार ट्राय करने से होती है, लेकिन बहुत जल्दी यह आदत लत में बदल जाती है। बच्चों को इस लत का शिकार यह कहकर बनाया जाता है कि इससे फोकस बढ़ता है और तनाव कम होता है। पुलिस कार्रवाई में कई ऐसे तस्कर भी पकड़े जा चुके हैं, जो स्कूलों में एमडी ड्रग्स की आपूर्ति करते हैं। दिमाग पर असर, सोचने-समझने की क्षमता होती है कम विशेषज्ञों ने बताया कि एमडी ड्रग्स का असर सीधे बच्चों के दिमाग पर पड़ता है, जिससे उनकी सोचने-समझने की क्षमता, याददाश्त और व्यवहार प्रभावित होता है। इससे बच्चों में याददाश्त कमजोर होना, चिड़चिड़ापन, नींद की कमी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। पढ़ाई में होनहार बच्चे भी बन रहे शिकार विजयनगर क्षेत्र के एक कारोबारी का 14 वर्षीय बेटा पढ़ाई में काफी होशियार था, लेकिन अचानक उसने पढ़ाई से दूरी बना ली। वह देर रात तक जागने लगा और उसकी आंखें लाल रहने लगीं। काउंसलिंग में सामने आया कि वह एमडी ड्रग्स लेने लगा था। उसने बताया कि साथ पढ़ने वाले दोस्त ने उसे इसकी आदत लगवाई। दोस्तों के साथ पार्टी में पड़ी लत पलासिया क्षेत्र की 15 वर्षीय छात्रा दोस्तों के साथ पार्टियों में जाने लगी थी। कुछ माह बाद उसका वजन कम होने लगा, नींद घट गई और वह अकेले रहने लगी। काउंसलिंग में उसने स्वीकार किया कि दोस्तों के दबाव में उसने ड्रग्स लेना शुरू किया था। स्कूल बैग से मिला एमडी ड्रग्स निजी स्कूल में पढ़ने वाले 13 वर्षीय छात्र के बैग से पाउडर का पैकेट मिला। पूछने पर उसने बताया कि यह फोकस बढ़ाने के लिए है। जांच में सामने आया कि वह एमडी ड्रग्स का सेवन कर रहा था। घर से पैसे होने लगे गायब भंवरकुआं क्षेत्र के 16 वर्षीय छात्र के घर से पैसे गायब होने लगे। सख्ती के बाद उसने कबूल किया कि वह दोस्तों के साथ नशा करता है और उसी के लिए पैसे लेता था। काउंसलिंग के बाद अब उसकी स्थिति में सुधार है। मध्य प्रदेश में भी बन रहा एमडी ड्रग्स बताया जा रहा है कि एमडी ड्रग्स का निर्माण प्रदेश के मंदसौर, नीमच और जावरा में हो रहा है, जबकि इंदौर, रतलाम, देवास और उज्जैन में इसकी तस्करी की जा रही है। इन संकेतों पर दें ध्यान बच्चे का अचानक चुप या आक्रामक हो जाना पढ़ाई और पुराने शौकों से दूरी आंखों का लाल होना, नींद में बदलाव घर से पैसे या सामान का गायब होना नए संदिग्ध दोस्तों का साथ एक्सपर्ट का क्या कहना     शहर के नामी स्कूलों के विद्यार्थी अब एमडी ड्रग्स की लत में पड़ रहे हैं। हर माह पांच से छह बच्चों को माता-पिता काउंसलिंग के लिए लेकर आ रहे हैं। काउंसलिंग में सामने आता है कि बच्चे गुलाबी रंग की पुड़िया में एमडी ड्रग्स रखते हैं और स्कूल में लंच के समय भी इसका सेवन कर लेते हैं। बड़े घरों के इन बच्चों की पार्टी शाम पांच बजे शुरू होती है, जहां पहले शराब और बाद में ड्रग्स का सेवन किया जाता है। घर लौटने के बाद ये देर तक सोते रहते हैं, जिसे परिवार सामान्य थकान समझ लेता है।     – डॉ. कौस्तुभ बागुल, मनोचिकित्सक यह भी पढ़ें- 'मेरी मौत की जिम्मेदार पत्नी है…', भोपाल के पति ने होटल में लगाई फांसी, युवक के आखिरी वीडियो ने मचाया हड़कंप