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ओंकारेश्वर में शंकराचार्य प्रकटोत्सव की धूम, मोहन यादव ने मांधाता पर्वत पर किया उद्घाटन

ओंकारेश्वर  देश में एकात्म धाम के रूप में विकसित आचार्य शंकराचार्य की तीर्थस्थली ओंकारेश्वर में आज शुक्रवार से एकात्मक पर्व का शुभारंभ किया गया है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ओंकारेश्वर के मांधाता पर्वत पर स्थित एकात्म धाम पहुंचकर 5 दिवसीय प्रकटोत्सव का शुभारंभ किया. इस अवसर पर उनके साथ जगतगुरु शंकराचार्य सदानंद सरस्वती के अलावा स्वामी शारदानंद सरस्वती एवं सुश्री निवेदिता भिड़े आदि मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के शुभारंभ में पंचांग पूजन और यज्ञ वेदी के पूजन के साथ प्रकटोत्सव का शुभारंभ किया।  ओडिसी नृत्य की होगी प्रस्तुति आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास और संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस आयोजन में अद्वैत वेदांत की समकालीन परंपराओं पर विस्तृत चर्चा की गई. साथ ही अद्वैत एवं Gen-Z जैसे महत्वपूर्ण एवं समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हो रही है. इस दौरान स्वामी ब्रह्मा प्रज्ञानंद सरस्वती शतावधानी ललित द्वितीय एवं विशाल चौरसिया जैसे मर्मज्ञ अद्वैत की व्याख्या करेंगे. इस दौरान जय तीर्थ मेवुडी का शास्त्री गायन और सुवधावराड़ कर के ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति भी होगी।  यह प्रतिमा स्वामी शंकराचार्य के 12 वर्षीय बाल रूप को दर्शाती है, जिसका अनावरण 21 सितंबर 2023 को हुआ था. इसके बाद यहां एक विशाल संग्रहालय जो शंकराचार्य के जीवन दर्शन और भारतीय संस्कृति के गौरव को प्रदर्शित करता है विकसित किया गया है. यहां अद्वैत वेदांत के अध्ययन और अनुसंधान के लिए एक वैश्विक केंद्र भी स्थापित किया गया है. बता दें कि, मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की अध्यक्षता में मई 2025 में आयोजित कैबिनेट में 'अद्वैत लोक' संग्रहालय के निर्माण के लिए 2,195 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।  जागरण का सुंदर संगम इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा-आद्य गुरु शंकराचार्य की पावन स्मृति और अद्वैत वेदांत के सार्वभौमिक संदेश को आम जन तक पहुंचाने के लिए एकात्म धाम, ओंकारेश्वर में आयोजित आचार्य शंकर प्रकटोत्सव  एकात्म पर्व में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। यह उत्सव भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक विरासत और एकात्म भाव के जागरण का सुंदर संगम है। अद्वैत का संदेश हमें याद दिलाता है कि पूरी सृष्टि एक ही चेतना से भरी हुई है।  अद्वैत दर्शन को नई पीढ़ी से जोड़ने की पहल ‘एकात्म पर्व’ के माध्यम से अद्वैत वेदांत के गूढ़ सिद्धांतों को सरल और आधुनिक तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। खासतौर पर युवाओं को भारतीय दर्शन से जोड़ने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों को समझ सकें। आधुनिकता और अध्यात्म का संगम महोत्सव में अद्वैत दर्शन को आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पर्यावरण और वैश्विक शांति जैसे विषयों पर चर्चा से यह आयोजन नई सोच और आध्यात्मिकता का अनूठा मेल प्रस्तुत कर रहा है।  समापन में युवा शक्ति का सम्मान कार्यक्रम के अंतिम दिन नर्मदा तट पर दीक्षा समारोह आयोजित होगा, जिसमें सैकड़ों युवा ‘शंकरदूत’ के रूप में जुड़ेंगे। साथ ही अद्वैत दर्शन के प्रचार में योगदान देने वालों को सम्मानित किया जाएगा। मांधाता पर्वत पर शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची मूर्ति एकात्म धाम मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में नर्मदा तट पर मांधाता पर्वत पर स्थित एक भव्य आध्यात्मिक केंद्र है, जो अद्वैत वेदांत के दार्शनिक आदि गुरु शंकराचार्य को समर्पित है. यहां आदि गुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची स्टैचू ऑफ वननेस स्थापित की गई है. जो अद्वैत लोक संग्रहालय और अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद वेद संस्थान परिसर में स्थित है। 

मध्य प्रदेश में लू का कहर, नर्मदापुरम में तापमान 43 डिग्री, स्कूलों का समय हुआ बदल

भोपाल  मध्य प्रदेश में गर्मी ने अप्रैल में ही अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है. सूरज की तेज तपिश और झुलसाने वाली गर्म हवाओं से जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. गुरुवार को नर्मदापुरम 43 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला बन गया है, वहीं आज भी एमपी के 20 जिलों में लू का येलो अलर्ट जारी किया गया है. इधर, तेज गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने भी बच्चों को हीट वेव से बचाने के लिए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल गर्मी से राहत के संकेत नहीं दिए हैं, जिससे आने वाले दिनो में असर और व्यापक हो सकता है। पारा 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। आसमान से बरसती इस आग के बीच नौनिहाल स्कूल जाने को मजबूर हैं, जिससे उनका हाल बेहाल है।  नर्मदापुरम में 43 डिग्री, कई शहर 40 के पार गुरुवार को नर्मदापुरम में पारा 43 डिग्री तक पहुंचकर इस सीजन में अधिकतम रिकार्ड बना चुका है. वहीं रतलाम 42.8 डिग्री के साथ दूसरे स्थान पर है. दमोह और मंडला में 42 डिग्री, शाजापुर में 41.8 डिग्री और गुना में 41.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है. मलाजखंड, टीकमगढ़ और छिंदवाड़ा में भी पारा 41.5 डिग्री तक पहुंच गया है. उमरिया और श्योपुर 41.4 डिग्री, जबकि धार और खजुराहो 41 डिग्री पर दर्ज किए गए. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे बड़े शहर भी 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुके हैं।  28 जिलों में 40 से 41 डिग्री तापमान दर्ज नर्मदापुरम शहर प्रदेश का सबसे गर्म रहा जहां पारा 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके साथ रतलाम में 42.8 और दमोह मंडला में 42-42 सहित 28 जिलों में 40 से 41 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। जो नार्मल टेंपरेचर से 4 से 5 डिग्री अधिक है।  सीजन में पहली बार भोपाल में पारा 40.5 डिग्री पहुंचा भोपाल में इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया,जो सीजन का सबसे गर्म दिन था। यहां 10 साल में तीसरी बार 20 अप्रैल से पहले इतनी गर्मी रही। इससे पहले  2016 में 42.6 डिग्री और 2017 में 42.7 डिग्री दर्ज हुआ था। इसके अलावा जबलपुर में 41.4, ग्वालियर में 40.5,इंदौर में 40.1,उज्जैन में 40.7 के करीब तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, कुछ जिलों में 2-3 तो कुछ में एक से दो डिग्री तापमान बढ़ सकता है,वही हीट वेव चलने से लोगों को और परेशानियां होगी। आज 20 जिलों में लू का खतरा मौसम केंद्र भोपाल ने आज के लिए 20 जिलों में लू की चेतावनी जारी की है. इनमें रतलाम, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला और बालाघाट जैसे जिले शामिल हैं. मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि, ''उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय तेज जेट स्ट्रीम और चक्रवातीय परिसंचरण की वजह से गर्म हवाओं का असर बढ़ रहा है. आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की आशंका है।   कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने स्कूली बच्चों को राहत देने के लिए अहम कदम उठाए हैं. अनूपपुर और डिंडौरी में स्कूलों का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक कर दिया गया है. डिंडौरी में यह आदेश नर्सरी से 8वीं तक लागू किया गया है. वहीं इंदौर, छिंदवाड़ा, सागर, देवास और अशोकनगर में भी कलेक्टरों ने स्कूल टाइम घटाने के निर्देश दिए हैं।  कुछ दिन तक राहत के आसार नहीं मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, ''प्रदेश में मौजूदा मौसम का सिस्टम काफी जटिल बना हुआ है. उत्तर हरियाणा और उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश के ऊपर चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है. इसके साथ ही राजस्थान से मणिपुर तक ट्रफ लाइन गुजर रही है. एक अन्य ट्रफ लाइन मध्य प्रदेश से तमिलनाडु तक फैली हुई है. इन सबके बावजूद गर्मी से तत्काल राहत मिलने के संकेत नहीं हैं. मौसम विभाग के अनुसार 19-20 अप्रैल को कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन इससे तापमान में ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं है। 

ग्वालियर-इंदौर संभाग में जनगणना के राष्ट्रीय महत्व के कार्य में नागरिकों की स्वेच्छिक भागीदारी

ग्वालियर  जनगणना जैसे कार्य में शासकीय सेवकों को महत्वपूर्ण दायित्व निभाने के लिए शासन द्वारा सभी सुविधाएं और मानदेय दिया जाता है। वहां ऐसे भी भारतीय नागरिक हैं जो बिना किसी शासकीय सुविधा के स्वप्रेरणा से जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में अपना समय और पैसा खर्च करके प्रत्येक नागरिक को जागरूक करने के लिए दूर-दूराज के ग्रामीण इलाकों में भ्रमण कर रहे हैं। 5-4-26 से ग्वालियर क्षेत्र में यह कार्य प्रख्यात पुस्तक लेखक डॉ अजित बाबू जैन के नेतृत्व में उनकी पूरी टीम द्वारा संचालित किया जा रहा है। उनकी टीम में श्री अक्षय कुमार दानी, श्री अमित कुमार, श्रीमती सुधा जैन , प्रख्यात समाजसेवी श्री महेन्द्र कुमार जैन, एवं पुष्पराज के नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है जिन्होंने 11 दिनों में सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, फेसबुक आदि संचार माध्यमों और स्वयं सभी स्थानों पर दौरा करते हुए सभी क्षेत्रों तक अपनी पहुंच बनाकर लोगों को जागरूक किया है। इंदौर क्षेत्र में यही कार्य भारत सरकार से राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षाविद डॉ मनोरमा जैन के मार्गदर्शन में उनकी टीम कर रही है। उनकी टीम में मुख्य रूप से श्री योगेश कुमार जागीचा देपालपुर, श्रीमती मनीषा मंडोवरा गौतमपुरा, श्रीमती नयन जैन बेटमा, श्रीमती मधु नाहर इंदौर और श्री अमिष जैन बेटमा द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया जा कर संपूर्ण इंदौर क्षेत्रों में पहुंच बनाई गई है। ग्वालियर और इंदौर दोनों ही टीमों में बहुत लोग स्वेच्छा से जुड़ते जा रहे हैं जिससे कार्य अधिक आसान हो रहा है।

आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय निपनिया रीवा का दीक्षांत समारोह उत्सव आयोजित

आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय निपनिया रीवा द्वारा आयोजित किया गया दीक्षांत समारोह उत्सव भोपाल  शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय निपनिया रीवा के BAMS बैच 2019 का तथा MD बैच 2022 दीक्षांत समारोह ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय के दरबार सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने सभी छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र, पदक प्रदान कर आशीर्वाद प्रदान किया उनके उज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा आने वाला कल आयुर्वेद का है। स्वस्थ भारत की कल्पना आयुर्वेद के बिना नही की जा सकती। मध्यप्रदेश सरकार आयुर्वेद के विकास के लिए संकल्प बद्ध है। कार्यक्रम मे 65 स्नातक एवं 4 स्नातकोत्तर कनिष्ठ चिकित्सकों के दीक्षांत समारोह मे मेधावी छात्रों डॉ. शालिनी शुक्ला, डॉ. अनुष्का सहाय, डॉ सुशांत तिवारी का सम्मान किया गया! बिशिष्ट अतिथि श्रीमती अर्पिता अवस्थी प्राचार्या टीआरएस कॉलेज, विशिष्ट अतिथि श्रीमान व्यंकटेश पांडेय माननीय अध्यक्ष नगर निगम रीवा, राजगोपालाचारी मिश्र जी, इंजी विवेक दुबे जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्राचार्य डॉ दीपक कुलश्रेष्ठ द्वारा स्वागत भाषण के साथ छात्रों को चरक शपथ दिलाई गयी। दीक्षांत समारोह संचालन समिति के अध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश व्दिवेदी ने अंत में सभी अतिथिगणों, अधिकारियों, अभिभावकों,छात्र छात्राओं एवम कर्मचारियों का आभार का आभार व्यक्त किया। मंच का संचालन डॉ. रामरक्षा शुक्ला एवम डॉ अर्चना सिंह व्दारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. उषा दुबे, डॉ. प्रभंजन आचार्य, डॉ. नारायण तिवारी, डॉ. जिनेश जैन, डॉ. संजीव खुजे, डॉ. विवेक श्रीवास्तव, डॉ. लोकेश, डॉ निशा, डॉ. आशुतोष द्विवेदी, डॉ. प्रीतू तिवारी, डॉ नीलेश पटेल, डॉ. पवन गर्ग, डॉ. राजीव, डॉ. अरविंद, डॉ. ओ.पी. शुक्ला उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन छात्राओं द्वारा वंदे मातरम से किया गया।  

यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज और सतत विकास लक्ष्य के लिए मुख्य सचिव जैन का प्रस्तावित मॉडल

यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज और सतत विकास लक्ष्य के लिए तैयार करे व्यावहारिक और भविष्योन्मुखी मॉडल : मुख्य सचिव जैन मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के रोडमैप के लिए दो दिवसीय संयुक्त परामर्श बैठक में किया जाएगा मंथन भोपाल  मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (यूएचसी) एवं सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) के रोडमैप के निर्माण एवं कार्यान्वयन के लिए भोपाल में संयुक्त परामर्श बैठक आयोजित हुई। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा आयोजित 2 दिवसीय उच्च स्तरीय संयुक्त परामर्श बैठक के प्रथम दिवस में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अशोक बर्णवाल, छत्तीसगढ के स्वास्थ्य सचिव, केंद्र सरकार एवं दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ के मुख्य सचिव विकास शील वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि विभिन्न विशेषज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स के संयुक्त परामर्श से व्यावहारिक और भविष्योनुमुखी मॉडल तैयार किए जायेंगे। सतत विकास लक्ष्य एवं यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज सुनिश्चित करने के लिए समस्त घटकों पर आधारित 'रोडमैप' तैयार करने में सहायता प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि प्राप्त सुझावों से रोडमैप तैयार कर उनका चरणबद्ध क्रियान्वयन मध्यप्रदेश में सुनिश्चित किया जायेगा। परामर्श बैठक में राज्यों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने और एसडीजी लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु रणनीतिक रोडमैप पर विस्तृत चर्चा की गई। दोनों राज्यों ने स्वास्थ्य सेवाओं एवं सूचकांकों की अद्यतन स्थिति एवं विगत वर्षों की कार्ययोजना एवं हुए सुधार पर प्रस्तुत्तीकरण दिया। संयुक्त परामर्श बैठक में वर्ल्ड बैंक, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन, विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधि, डेवलपमेंट पार्टनर्स, अशोक यूनिवर्सिटी एवं अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।  

मंत्री परमार ने क्लाइमेट चेंज एंड बायोडायवर्सिटी विषयक राष्ट्रीय वेबीनार पर आधारित पुस्तिका का किया विमोचन

भोपाल. उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने भोपाल स्थित निवास कार्यालय पर गुरुवार को शासकीय श्यामाप्रसाद मुखर्जी विज्ञान एवं वाणिज्य महाविद्यालय भोपाल में आयोजित “क्लाइमेट चेंज एंड बायोडायवर्सिटी” विषयक राष्ट्रीय वेबीनार पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर मंत्री परमार ने, महाविद्यालय के शैक्षणिक व बौद्धिक प्रयासों की सराहना करते हुए, इसे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए प्रेरणादायी पहल बताया। इस अवसर पर मप्र हिंदी ग्रंथ अकादमी के निदेशक अशोक कड़ेल, प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति के अध्यक्ष डॉ रविंद्र कान्हेरे, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शालिनी सक्सेना, वनस्पति शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ कीर्ति जैन, गणित विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ राजेश श्रीवास्तव, डॉ. एस डी सिंह एवं डॉ एस के मल्होत्रा उपस्थित थे।

ऑपरेशन मुस्कान — संवेदनशीलता, तत्परता और तकनीक का समन्वय

भोपाल.  हर बच्चे की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है” के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित “ऑपरेशन मुस्कान” के अंतर्गत प्रदेशभर में सतत एवं सुनियोजित कार्रवाई करते हुए उल्लेखनीय सफलताएं प्राप्‍त की जा रही हैं। आधुनिक तकनीक, सशक्त मुखबिर तंत्र एवं पुलिस टीमों के समन्वित प्रयासों से विभिन्न जिलों की पुलिस ने प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों तक पहुंचकर गुमशुदा/अपहृत नाबालिगों को सुरक्षित दस्तयाब कर उनके परिजनों से मिलाया है। इस अभियान के दौरान गुमशुदा एवं अपहृत नाबालिगों की प्राथमिकता के आधार पर तलाश सुनिश्चित की गई, वहीं साइबर तकनीक, कॉल डिटेल एवं लोकेशन ट्रैकिंग का प्रभावी उपयोग करते हुए मामलों को त्वरित रूप से सुलझाया गया। अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय के माध्यम से जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, गुजरात, दिल्ली एवं उत्तरप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में दबिश देकर नाबालिगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई। दस्तयाब किए गए बच्चों की काउंसलिंग कर उनका सुरक्षित पुनर्वास किया गया, वहीं प्रकरणों में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही भी की गई है। डिण्डौरी : डिण्डौरी पुलिस ने 03 वर्ष से लापता नाबालिग बालिका को जम्मू-कश्मीर के जिला कठुआ से सकुशल दस्तयाब किया। सीधी : सीधी पुलिस द्वारा दो अलग-अलग प्रकरणों में उत्कृष्ट कार्यवाही करते हुए तेलंगाना राज्य (जिला मेडचल) से दो नाबालिग किशोरियों को सुरक्षित बरामद किया गया। एक प्रकरण में बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वहीं दूसरे प्रकरण में रोजगार की तलाश में गई किशोरी को खोजकर काउंसलिंग उपरांत परिजनों को सौंपा गया। देवास : थाना उदयनगर पुलिस ने गुजरात (राजकोट एवं मोरबी) से 02 नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया। दोनों बालिकाएं अलग-अलग प्रकरणों में लापता थीं, जिनकी तलाश हेतु विशेष टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई की गई। टीकमगढ़ : टीकमगढ़ पुलिस ने मुस्कान अभियान के तहत दिल्ली एवं मथुरा से 02 नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित दस्‍तयाब किया। साथ ही आरोपियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की गई है। राजगढ़ : नरसिंहगढ़ पुलिस ने अपहृत नाबालिग बालिका को अहमदाबाद (गुजरात) से दस्तयाब कर आरोपी को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई अंतरराज्यीय समन्वय एवं तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से संभव हो सकी। अनूपपुर : अनूपपुर की कोतवाली पुलिस द्वारा 15 वर्षीय अपहृत नाबालिग बालिका को कर्नाटक से सकुशल दस्तयाब किया गया तथा बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया। मध्यप्रदेश पुलिस बच्चों एवं किशोरियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत निरंतर कार्यवाही कर रही है, जिससे समाज में सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण मजबूत हो रहा है। मध्‍यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि यदि किसी भी नाबालिग/व्यक्ति के गुम होने की जानकारी प्राप्त हो तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर सूचित करें। आपकी सतर्कता किसी परिवार को पुनः मुस्कान दे सकती है।  

नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर: निर्मला भूरिया

भोपाल.  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लाए गए 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सकारात्मक कदम बताते हुए इसे मील का पत्थर निरूपित किया है। सुभूरिया गुरुवार को उज्जैन में जिला स्तरीय नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महिलाओं को संबोधित कर रही थीं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश भर में चल रहे नारी शक्ति वंदन जागरूकता अभियान की सफलता को रेखांकित करते हुए मंत्री सुभूरिया ने इस आयोजन को नारी शक्ति के उत्थान का प्रतीक बताया। उन्होंने अधिनियम की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संसद में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने वाले इस कानून से न केवल नारी शक्ति का नेतृत्व सुदृढ़ होगा, बल्कि विधायी और संसदीय कार्यक्षेत्र में उनकी भागीदारी भी प्रभावी ढंग से बढ़ेगी। उन्होंने महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि अब देश के नीति निर्धारण में मातृशक्ति की भूमिका और भी निर्णायक होने वाली है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही नगर निगम सभापति कलावती यादव ने प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता की सराहना की। यादव ने इसे 'युगांतरकारी' परिवर्तन बताते हुए कहा कि महिलाओं के प्रति सरकार की यह संवेदनशीलता आज धरातल पर दिखाई दे रही है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से आह्वान किया कि वे इस अधिनियम और शासन की कल्याणकारी योजनाओं के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएं, जिससे समाज की अंतिम पंक्ति की महिला तक भी इनका लाभ पहुँच सके। इस दौरान उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि हासिल करने वाली मेरिट की छात्राओं को मंत्री सुनिर्मला भूरिया एवं सभापति कलावती यादव द्वारा सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। सम्मेलन का समापन एक भव्य और विशाल महिला जागरूकता रैली के साथ हुआ। मंत्री सुभूरिया और सभापति यादव ने न केवल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, बल्कि स्वयं भी सैकड़ों महिलाओं के साथ पूरे मार्ग पर पैदल मार्च किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों की महिला प्रतिभागी सम्मिलित हुईं।

राजनीतिक समीकरण में बड़ा बदलाव: 345 विधानसभा और 43 लोकसभा सीटों पर 33% महिला आरक्षण का असर

भोपाल  संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र आज बुलाया गया है। इसमें महिला आरक्षण और परिसीमन के बिलों को रखा जाएगा। इससे मध्यप्रदेश की राजनीति आने वाले वर्षों में बड़े बदलाव की ओर बढ़ सकती है। संसद के विशेष सत्र में प्रस्तावित 33% महिला आरक्षण और परिसीमन (डिलिमिटेशन) बिल लागू होने के बाद राज्य की चुनावी तस्वीर पूरी तरह बदलने की संभावना है। नई व्यवस्था के तहत मध्यप्रदेश विधानसभा की सीटें 230 से बढ़कर करीब 345 तक पहुंच सकती हैं। इसके साथ ही सदन में महिलाओं के लिए लगभग 114 सीटें आरक्षित होने की संभावना है, जिससे महिला प्रतिनिधित्व में ऐतिहासिक बढ़ोतरी होगी। अगर यह व्यवस्था लागू होती है तो मध्यप्रदेश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी कई गुना बढ़ जाएगी, जिससे सत्ता और संगठन दोनों के समीकरण बदल जाएंगे।  बहुमत का गणित भी बदलेगा सीटों की संख्या बढ़ने के बाद सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा भी बदल जाएगा। अभी जहां 116 सीटों पर बहुमत माना जाता है, वहीं नए परिसीमन के बाद यह बढ़कर करीब 174 सीटों तक पहुंच सकता है। कैबिनेट का आकार भी बढ़ सकता है विधानसभा की बढ़ी हुई संख्या का असर मंत्रिमंडल पर भी पड़ेगा। नियमों के अनुसार, सदन की कुल संख्या का लगभग 15% मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश में मंत्रियों की संख्या 35 से बढ़कर करीब 52 तक पहुंच सकती है। लोकसभा में भी बढ़ेगी मध्यप्रदेश की ताकत परिसीमन के बाद राज्य से लोकसभा सीटों की संख्या भी 29 से बढ़कर करीब 43 होने का अनुमान है। इनमें महिला सांसदों की संख्या भी मौजूदा 6 से बढ़कर लगभग 14 तक पहुंच सकती है। इन सभी प्रस्तावित बदलावों को 31 मार्च 2029 के बाद होने वाले चुनावों से लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है।  कैबिनेट का भी होगा विस्तार परिसीमन का असर सिर्फ सदन की सीटों तक सीमित नहीं रहेगा। नियमों के मुताबिक, विधानसभा की कुल संख्या का 15% हिस्सा मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। ऐसे में प्रदेश के कैबिनेट मंत्रियों की अधिकतम संख्या 35 से बढ़कर 52 हो जाएगी। यानी आने वाले समय में मध्य प्रदेश में मंत्रियों की एक बड़ी फौज नजर आएगी। लोकसभा के मोर्चे पर भी एमपी की ताकत बढ़ेगी। राज्य से लोकसभा सांसदों की संख्या 29 से बढ़कर 43 करने का प्रस्ताव है। इनमें महिला सांसदों की संख्या भी मौजूदा 6 से बढ़कर 14 होने की उम्मीद है। यह पूरा ढांचा 31 मार्च 2029 के बाद होने वाले चुनावों से प्रभावी होने की संभावना है।

बिरसिंगपुर 500 मेगावाट यूनिट ने बिना रूके किया 150 दिन तक विद्युत उत्पादन

भोपाल मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) के संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंगपुर की 500 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 5 ने उत्कृष्ट तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए 150 दिनों तक निरंतर व निर्बाध विद्युत उत्पादन कर लगातार विद्युत उत्पादन करने की शृंखला में एक कड़ी और जोड़ दी। यह इकाई दिनांक 16 नवम्बर 2025 से सतत् संचालन में है, जो कि संयंत्र की विश्वसनीयता, संचालन क्षमता व उच्च स्तरीय रखरखाव का जीता जागता प्रमाण है। विद्युत उत्पादन के लिए आवश्यक मानदंड में श्रेष्ठ प्रदर्शन 150 दिनों तक लगातार विद्युत उत्पादन करने के दौरान 500 मेगावाट की यूनिट ने न केवल सतत् उत्पादन का कीर्तिमान स्थापित किया, बल्कि विभिन्न परिचालन व तकनीकी मानकों पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। यूनिट ने 98.64 प्रतिशत का प्लांट अवेलेबिलिटी फैक्टर (Plant Availability Factor) बनाए रखा, जो विद्युत उत्पादनके लिये यूनिट की स्थ‍िरता एवं उपलब्धता को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त यूनिट ने 98.45 प्रतिशत का प्लांट लोड फैक्टर (Plant Load Factor) दर्ज किया, जो कि उत्पादन क्षमता के अधिकतम उपयोग को इंगित करता है। यूनिट नंबर 5 ने सहायक विद्युत खपत (Auxiliary Power Consumption) को मात्र 5.52 प्रतिशत तक सीमित रखा गया, जो कि ऊर्जा दक्षता एवं संसाधनों के समुचित उपयोग का परिचायक है। मशीन के साथ ‘मेन’ का कमाल यूनिट नंबर 5 ने जहां मशीन के संदर्भ में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया, वहीं इस यूनिट से संलग्न अभियंताओं, तकनीकी कार्मिकों एवं ठेका श्रमिकों की समर्पित कार्यशैली, सतत निगरानी व समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण रखरखाव के कारण यूनिट नंबर 5 श्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल हुई है। कठिन परिस्थितियों में भी संयंत्र की मशीनरी का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना टीम की उच्च पेशेवर दक्षता को परिलक्षित करता है। यूनिट नंबर 5 ने तीसरी बार बनाया रिकार्ड वित्तीय वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल 13 विद्युत यूनिट ने 100 दिन से ऊपर निर्बाध विद्युत उत्पादन का कीर्तिमान बनाया था। जिसमें संजय गांधी ताप विद्युत गृह की यूनिट नंबर 3 ने एक बार और यूनिट नंबर 4 व 5 ने 2-2 बार यह उपलब्धि हासिल की थी। इस तरह यूनिट नंबर 5 ने अपने इस कीर्तिमान की दूसरी पारी को आगे बढ़ते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 का आग़ाज़ 150 दिन निर्बाध विद्युत उत्पादन कर किया।