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एमपी बोर्ड 10वीं, 12वीं रिजल्ट जल्द ही, यहां पाएं Direct Link सबसे पहले

भोपाल  मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MPBSE) से 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षा दे चुके छात्र अपने परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। इस साल तकरीबन 16 लाख से अधिक छात्रों ने एमपी बोर्ड की परीक्षा दी थी। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम 15 से 20 अप्रैल के बीच जारी किया जाएगा। दोनों कक्षा का रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in और mpresults.nic.in पर जारी होगा। एमपी बोर्ड रिजल्ट 2026 के लिए 10वीं-12वीं कक्षा के छात्रों का रिजल्ट का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। बोर्ड किसी भी समय एमपी बोर्ड रिजल्ट 2026 जारी होने की तारीख और समय की घोषणा कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एमपी बोर्ड का रिजल्ट 15 अप्रैल से 20 अप्रैल 2026 के बीच घोषित हो सकता है। बोर्ड दोपहर 1 बजे या 4 बजे के बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिजल्ट घोषित करता है। इसके तुरंत बाद आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in और mpresults.nic.in पर एमपी बोर्ड के रिजल्ट का लिंक एक्टिव कर दिया जाता है। एमपी बोर्ड रिजल्ट कैसे चेक करें?     एमपी बोर्ड 10वीं, 12वीं रिजल्ट 2026 चेक करने के लिए मध्य प्रदेश बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट mpresults.nic.in या mpbse.nic.in पर विजिट करें।     ‘HSC (10th)’ या ‘HSSC (12th)’ रिजल्ट 2026 के लिंक पर क्लिक करें।     9 अंकों का अपना रोल नंबर और 8 अंकों का एप्लीकेशन नंबर डालें।     ‘Submit’ बटन दबाएं और मार्कशीट आपकी स्क्रीन पर होगी। फेल या कम नंबर हैं तो क्या करें? एमपी बोर्ड के छात्र अगर रिजल्ट से संतुष्ट नहीं हैं या एक-दो विषय में पास नहीं हो पाए हैं, तब भी आपको घबराने की जरूरत नहीं है। अपना साल बचाने के लिए अब भी आपके पास 2 विकल्प रहेंगे। एमपी सरकार की यह मशहूर ‘रुक जाना नहीं’ योजना के जरिए बोर्ड परीक्षा में फेल होने वाले छात्र इसी साल दोबारा परीक्षा देकर अपना साल बचा सकते हैं। 1 या 2 विषयों में फेल स्टूडेंट्स एमपी बोर्ड कंपार्टमेंट परीक्षा देकर अपनी मार्कशीट सुधार सकते हैं। नंबर से असंतुष्ट हैं, तो कॉपी दोबारा चेक कराएं रिजल्ट के 15 दिनों के अंदर ‘MP Online’ पोर्टल पर जाकर ‘री-टोटलिंग’ या ‘कॉपी की फोटोकॉपी’ के लिए आवेदन करें। इसके लिए प्रति विषय एक निर्धारित शुल्क (लगभग 200-500 रुपये) देना होता है। एमपी बोर्ड सप्लीमेंट्री/कंपार्टमेंट परीक्षा कब होगी? एमपी बोर्ड कंपार्टमेंट परीक्षाएं आमतौर पर जून 2026 में आयोजित की जाती हैं। इसके फॉर्म रिजल्ट आने के एक हफ्ते बाद ही भरना शुरू हो जाते हैं। एमपी बोर्ड कंपार्टमेंट परीक्षा का परिणाम जुलाई के अंत तक आ जाता है। इससे छात्रों के लिए कॉलेज में प्रवेश ले पाना आसान हो जाता है। SMS से भी देख सकेंगे स्कोर इंटरनेट न होने पर छात्र SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं. इसके लिए MPBSE10 रोल नंबर या MPBSE12 रोल नंबर लिखकर 56263 पर भेजना होगा. रिजल्ट आपके मोबाइल स्क्रीन पर फ्लैश हो जाएगा.    स्ट्रीम-वाइज नतीजे होंगे जारी कक्षा 12वीं के साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स तीनों स्ट्रीम के नतीजे एक साथ पोर्टल पर लाइव होंगे. इस बार छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहने का अनुमान लगाया जा रहा है. तकनीकी खामियों से बचने के लिए बोर्ड ने अतिरिक्त सर्वर की व्यवस्था की है.   स्कोरकार्ड कैसे डाउनलोड करें? 10वीं के छात्र रिजल्ट जारी होते ही mpbse.nic.in पर जाएं. 'Exam Results' टैब पर क्लिक करें और अपना रोल नंबर दर्ज करें. मार्कशीट की प्रोविजनल कॉपी तुरंत डाउनलोड की जा सकेगी. ओरिजिनल मार्कशीट स्कूल से प्राप्त करनी होगी.    टॉपर्स को मिलेगा सम्मान मुख्यमंत्री मेधावी छात्र योजना के तहत इस बार भी टॉपर्स को प्रोत्साहित किया जाएगा. बोर्ड सूत्रों का कहना है कि 10वीं और 12वीं की स्टेट मेरिट लिस्ट तैयार हो चुकी है. परिणाम घोषित होने के बाद टॉप-10 छात्रों की सूची सार्वजनिक की जाएगी.

अमरनाथ यात्रा के लिए 15 अप्रैल से एडवांस रजिस्ट्रेशन शुरू, 554 बैंक ब्रांच में होगी सुविधा उपलब्ध

 भोपाल  अमरनाथ यात्रा के लिए इस साल एडवांस रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) ने तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए देशभर में 554 निर्धारित बैंक शाखाओं में रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की है। अधिकारियों के अनुसार, यात्रा के लिए पंजीकरण और परमिट जारी करने की प्रक्रिया ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर की जाएगी। हालांकि, प्रत्येक बैंक शाखा में हर मार्ग के लिए प्रतिदिन एक तय कोटा निर्धारित किया गया है। जिसे पूरा होने के बाद उस दिन के लिए रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जाएगा। केवल 13 से 70 वर्ष की आयु के श्रद्धालु ही इस पवित्र यात्रा के लिए पात्र होंगे। इसके अलावा, छह सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को यात्रा करने की अनुमति नहीं दी गई है। कब से कब तक चलेगी यात्रा इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी। कुल 38 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु पवित्र गुफा में भगवान शिव के हिमलिंग के दर्शन करने पहुंचते हैं। इस बार भी यात्रा को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अनुसार, यात्रा में भाग लेने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से शुरू हो रही है। ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन आवेदन Shri Amarnathji Yatra app और आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकेगा। इसके लिए मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी के जरिए OTP सत्यापन अनिवार्य होगा। साथ ही, 8 अप्रैल 2026 या उसके बाद जारी किया गया अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (CHC) और पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करना होगा। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से देशभर की अधिकृत बैंक शाखाओं में शुरू होगा। प्रति व्यक्ति 150 रुपये शुल्क लिया जाएगा। अमरनाथ यात्रा के प्रमुख मार्ग अमरनाथ यात्रा दो मुख्य मार्गों से पूरी की जाती है। पहलगाम मार्ग: लगभग 46 किलोमीटर लंबा पारंपरिक रास्ता, जो अपेक्षाकृत आसान और धीरे-धीरे चढ़ाई वाला है। बालटाल मार्ग: लगभग 14 किलोमीटर लंबा लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाला रास्ता, जो कम समय में यात्रा पूरी करने वालों के लिए उपयुक्त है। सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा विभिन्न पड़ावों पर टेंट, आवास, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम और मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOPs) लागू रहेंगी। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि वे कठिन मौसम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी के साथ यात्रा करें। ऊंचाई और ठंड को देखते हुए उचित कपड़े, दवाइयां और शारीरिक फिटनेस बेहद जरूरी है। 550 से ज्यादा बैंक शाखाओं में होगा रजिस्ट्रेशन श्रद्धालु 15 अप्रैल से देशभर की 550 से अधिक अधिकृत बैंक शाखाओं में जाकर अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण करा सकते हैं. इससे लोगों को रजिस्ट्रेशन कराने में आसानी होगी. इस व्यवस्था का मकसद यह है कि देश के अलग‑अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को पंजीकरण कराने में आसानी हो और वे अपने घर के पास ही रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकें।  पहले आओ, पहले पाओ श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने साफ किया है कि रजिस्ट्रेशन पूरी तरह पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा. यात्रा के हर रास्ते के लिए रोज की एक तय संख्या होगी यानी हर दिन सीमित संख्या में ही यात्रियों को अनुमति दी जाएगी. इससे भीड़ को कंट्रोल करने और यात्रा को ज्यादा सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।  कब से कब तक चलेगी यात्रा इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी. इस यात्रा के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु पवित्र गुफा में भगवान शिव के हिमलिंग के दर्शन करने पहुंचते हैं. इस बार भी यात्रा को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं. श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अनुसार, यात्रा में भाग लेने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा. रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 15 अप्रैल, 2026 से शुरू जो जाएगी। 

प्रदेश के विद्यार्थियों ने देखी उत्तर-पूर्व भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं जीवन शैली

भोपाल.  "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" कार्यक्रम अंतर्गत मध्यप्रदेश एवं नागालैंड के बीच सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक समन्वय को बनाने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक्सपोज़र विज़िट” का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने एक से 7 अप्रैल के बीच नागालैंड का भ्रमण किया। इससे प्रदेश के विद्यार्थियों को उत्तर-पूर्व भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं जीवनशैली को देखा। अब तक इस कार्यक्रम में 4 दलों को नागालैंड भ्रमण के लिए भेजा जा चुका है। विभाग द्वारा पहली बार इस तरह की पहल शुरू की गई है। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह देखा गया। एक्सपोजर विजिट के दौरान विद्यार्थियों ने नागालैंड के प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण किया। इसमें कोहिमा, खोनोमा (भारत का प्रथम ग्रीन विलेज), किसामा विलेज (हॉर्नबिल महोत्सव स्थल), कोहिमा वॉर सेमेट्री (द्वितीय विश्व युद्ध स्मारक) एवं कैथेड्रल चर्च शामिल हैं। खोनोमा में विद्यार्थियों ने पारंपरिक जनजातीय जीवन एवं सांस्कृतिक संरचनाओं का अवलोकन भी किया। एक्सपोजर विजिट में जोत्सोमा स्थित शैक्षणिक संस्थानों एवं छात्रावासों का भी भ्रमण किया। स्थानीय छात्रों के साथ संवाद कर उनकी शिक्षा प्रणाली एवं दैनिक जीवन को समझा। साथ ही शिक्षकों द्वारा वहां प्रचलित शैक्षणिक नवाचारों एवं ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ का अध्ययन किया गया। सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के अंतर्गत दोनों राज्यों के विद्यार्थियों द्वारा लोक नृत्य, संगीत एवं पारंपरिक प्रस्तुतियों का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों द्वारा ‘कर्मा नृत्य’ की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसके अतिरिक्त दीमापुर स्थित नागालैंड विज्ञान केंद्र, बांस संसाधन केंद्र एवं कचरी अवशेषों का भी अवलोकन किया गया, जिससे विद्यार्थियों को क्षेत्रीय इतिहास एवं विज्ञान संबंधी जानकारी प्राप्त हुई। यात्रा का समापन नई दिल्ली स्थित इंडिया गेट एवं नेशनल वॉर मेमोरियल के भ्रमण के साथ हुआ।  

पति की हत्या के बाद पत्नी का ‘कातिल’ ड्रामा, रोते-रोते वायरल हुआ वीडियो

धार  मध्य प्रदेश के धार में एक पत्नी ने इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड की तरह अपने पति की हत्या कर दी. दो दिन पहले हुई घटना में पुलिस के सामने रो-रोकर बताया कि घर में लुटेरे घुसे थे जिन्होंने घटना को अंजाम दिया. लेकिन महिला की चालाकी पुलिस के सामने ज्यादा देर तक नहीं चली और पुलिस की सख्ती के बाद रटे तोते की तरह उसने सब उगल दिया. प्रेमी की खातिर उसने पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी. पुलिस ने आरोपी पत्नी प्रियंका और उसके प्रेमी कमलेश को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि सह-आरोपी सुरेन्द्र अभी फरार है. मामले में रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं।  परिजन ने लगाए प्रियंका पर गंभीर आरोप इधर अपने इकलौते बेटे की मौत के बाद मृतक की मां लक्ष्मीबाई और बहन ज्योति सहित रिश्तेदार सदमें में हैं. मृतक की मां और बहन ने बताया कि, ''प्रियंका और देव कृष्ण का विवाह लगभग 11 वर्ष पूर्व हुआ था. बाद में 2021 में प्रियंका का गौना कर ससुराल ले आए थे, लेकिन शुरू से ही प्रियंका का व्यवहार पति और घरवालों के प्रति ठीक नहीं था. वह बात-बात पर विवाद करती थी और परेशान करती थी. साथ ही घर के लोगों से कई बार हाथापाई भी करती थी. यहां तक की प्रियंका द्वारा दिनभर मोबाइल फोन चलाने के चलते भी कई बार विवाद हुआ. वह रंग को लेकर भी भैया को ताने मारती थी।  रंग को लेकर मारती थी ताना पूछताछ में प्रियंका ने पुलिस को बताया कि, पति का रंग काला था, इसलिए वह मुझे अच्छा नहीं लगता था. पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि, प्रियंका और देवकृष्ण का 2011 में बाल विवाह हुआ था. लेकिन विदाई नहीं हुई थी. इसी बीच प्रियंका की जिंदगी में 2017 में कमलेश की एंट्री हो गई, कमलेश उसका दूर का जीजा बताया जा रहा है. जिसके बाद से वह पति देवकृष्ण से दूरी बनाने लगी थी. चूंकि शादी पहले हो चुकी थी, इसलिए 21 में ससुराल गौना कर प्रियंका को घर ले आए थे. लेकिन ससुराल वालों के साथ उसका व्यवहार अच्छा नहीं रहा।  गालियां देती थी, केस में फंसाने की धमकी भी देती थी देवकृष्ण की मां लक्ष्मीबाई ने बताया कि, ''रात में पड़ोसन का फोन आया था. कमरे में जाकर देखा तो बेटा औंधा पड़ा था. पलटाने पर वह खून से सना मिला. घर का दरवाजा खुला था और हमलावर भाग चुके थे.'' मां ने बताया कि, ''प्रियंका उन्हें बेटे से दूर रखती थी और धमकाती थी. वह गालियां देती थी और केस में फंसाने की धमकी भी देती थी. कमलेश से उसका अफेयर लंबे समय से चल रहा था और इसी वजह से घर में लगातार विवाद होता था।  धार में राजा राघुवंशी की तरह हत्याकांड धार जिले के राजोद थाना क्षेत्र के गोंदीखेड़ा चारण में हुए सनसनीखेज लूट और हत्या के मामले का पुलिस ने चंद घंटों में खुलासा कर दिया है. इस पूरे हत्याकांड की साजिश मृतक की पत्नी प्रियंका ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर रची थी. पुलिस ने पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी फरार हैं. 7 अप्रैल की रात मिर्ची व्यापारी देवकृष्ण पुरोहित की हत्या को पहले लूट की वारदात बताया गया था. पत्नी प्रियंका पुरोहित ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात बदमाशों ने घर में घुसकर पति की हत्या कर दी और उसे बंधक बनाकर सोने-चांदी के आभूषण व नगदी लूटकर फरार हो गए।  हत्या के बाद गढ़ी लूट की कहानी मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर विशेष टीमों का गठन किया. एसपी मयंक अवस्थी के निर्देशन में एएसपी पारुल बेलापुरकर और एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार के मार्गदर्शन में पुलिस ने जांच शुरू की. घटनास्थल पर फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट, डॉग स्क्वॉड और साइबर टीम की मदद से बारीकी से जांच की गई. जांच के दौरान पुलिस को कई अहम तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्य मिले, जिससे संदेह की दिशा मृतक की पत्नी प्रियंका की ओर गया. पूछताछ के दौरान प्रियंका ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह किया, लेकिन सख्ती और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।  सुपारी देकर करवाई पति की हत्या प्रियंका ने बताया कि, ''उसका राजगढ़ निवासी कमलेश पुरोहित से लंबे समय से प्रेम संबंध था और पति से परेशान होकर उसने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची. आरोपी कमलेश ने अपने साथी सुरेन्द्र भाटी निवासी छडावद को 1 लाख रुपये देकर देवकृष्ण की हत्या करवाई और पूरी घटना को लूट का रूप देने की योजना बनाई गई. हत्या के बाद घर में सामान बिखेरकर लूट की झूठी कहानी रची गई, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।  एसपी मयंक अवस्थी ने बताया कि, ''शुरू में लूट की कहानी सामने आई थी, लेकिन जांच में पत्नी पर शक हुआ. पूछताछ में प्रियंका ने कबूल किया कि कमलेश के साथ मिलकर उसने हत्या की साजिश रची थी. योजना के तहत दरवाजा खुला छोड़ा गया. कमलेश और सुरेंद्र घर में घुसे और सो रहे देवकृष्ण की धारदार हथियार से हत्या कर दी. बाद में इशारा मिलने पर प्रियंका ने 10-15 मिनट बाद शोर मचाया. पुलिस ने आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।  मृतक की मां ने बताया कि, ''प्रियंका तीन-चार दिन ही ससुराल में रहती थी और विवाद करके मायके चले जाती थी. अब घटना के बाद मां और बहन आरोपियों के खिलाफ फांसी की सजा की मांग कर न्याय दिलाने की बात कर रही हैं. फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है, इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।  वो बयान, जिसने प्रियंका पर शक पैदा किया पुलिस जांच में प्रियंका के बयान विरोधाभासी पाए गए. उसने घुसपैठ के अलग-अलग तरीके बताए, जो सही नहीं थे. घटनास्थल की स्थिति भी उसकी कहानी से मेल नहीं खाती थी. जांच में सामने आया कि कमलेश शादीशुदा है और दो बच्चों का पिता है. वह ढाबा चलाता था, प्रियंका से उसके संबंध 2017 से थे. साजिश के तहत सुरेंद्र को एक लाख रुपए में हत्या का जिम्मा दिया गया था. 50 … Read more

पोषण पखवाड़ा अंतर्गत स्कूलों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन

भोपाल.  स्कूल शिक्षा विभाग केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार 9 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक “8वां पोषण पखवाड़ा” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें “जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क का अधिकतम विकास” थीम पर प्रदेश भर में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। पोषण पखवाड़े के दौरान स्कूलों में पोषण सत्र, रेसिपी प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता, कार्यशालाएं तथा पोषण रैली जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों, अभिभावकों और आमजन में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा इस संबंध में सभी कलेक्टर्स को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। संचालक राज्य शिक्षा केंद्र हरजिंदर सिंह ने बताया कि पोषण पखवाड़े के प्रभावी संचालन के लिए जिला, विकासखंड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी स्तरों पर समन्वय के साथ कार्यक्रम का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। पोषण पखवाड़ा अभियान अंतर्गत होंगी ये गतिविधियां कक्षा 6 वीं से 12वीं तक सभी स्कूलों में शनिवार को पोषण सत्र का आयोजन। प्राथमिक/माध्यमिक स्कूलों के सहयोग से स्थानीय पोषण रैली। कक्षा 9 से 11 तक घर पर तैयार रैसिपी की प्रतियोगिता/प्रदर्शनी स्थानीय खिलौने के प्रोत्साहन के लिए स्कूलों में कार्यशाला का आयोजन। को-लोकेशन एवं अन्य नजदीकी आंगनवाड़ी केन्द्र में खेल तथा नृत्य दिवस आयोजन। कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के माध्यम से उनके जन्म तिथि सहित विशेष तिथियों में नजदीकी आंगनवाड़ी केन्द्र में तिथि भोज आयोजन। स्थानीय खाद्य व्यवस्था के प्रोत्साहन के लिए पोषण मेला आयोजन।  

यूएनएफपीए एंबेसेडर कृति सेनन ने विद्यार्थियों से किया संवाद, जेंडर इक्वैलिटी का दिया संदेश

भोपाल.  यूएनएफपीए इंडिया की गुडविल एंबेसेडर एवं फिल्म अभिनेत्री सुकृति सेनन गुरुवार को भोपाल के शिवाजी नगर स्थित शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय का भ्रमण किया। यहां पर उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद भी किया। सुसेनन ने विद्यार्थियों को जेंडर इक्वैलिटी के प्रति जागरूक किया। साथ ही समानता एवं परस्पर सम्मान के लिए प्रेरित भी किया। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा नई शिक्षा नीति के अनुरूप विकसित जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत ‘उमंग स्कूल हेल्थ एवं वेलनेस कार्यक्रम’, ‘उज्ज्वल बदलाव हमसे है’ और ‘सशक्त’ जैसे नवाचार किये जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विशेष रूप से बालिकाओं को विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर सशक्त बनाना है। इन सभी नवाचारों को प्रदेश के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका स्कूलों में प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। सुकृति सेनन ने ‘उमंग’ कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित पाठ्यक्रम को विस्तार से समझा। उन्होंने प्रदेश के 12 जिलों से आए "हेल्थ एंड वेलनेस" एंबेसडर एवं विद्यार्थियों से संवाद कर अनुभवों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग एवं यूएनएफपीए के बीच बेहतर समन्वय की सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सामाजिक बदलाव लाने की दिशा में की जा रही पहलें अत्यंत सराहनीय हैं। ‘उज्ज्वल बदलाव हमसे है’ कार्यक्रम में उन्होंने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अब स्कूलों में ही विद्यार्थियों को छेड़छाड़, पॉक्सो एक्ट और दहेज जैसी कुप्रथाओं के विरुद्ध जागरूक करने के प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। सुकृति ने स्कूल शिक्षा विभाग की अपर परियोजना संचालक (सेकेंडरी एजुकेशन) श्रीमती नंदा बलवे कुशरे से भी मुलाकात की। उन्होंने नवीन शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होते ही विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकें और साइकिल उपलब्ध कराए जाने जैसी व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। विद्यार्थियों और शिक्षकों द्वारा अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों से जुड़े अनुभव भी साझा किए गए। इन अनुभवों को जानने के बाद कृति सेनन ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति इन शैक्षिक पहलुओं को अपने जीवन में अपनाए, तो समाज में व्याप्त कई बुराइयों और कुरीतियों पर प्रभावी रूप से रोक लगाई जा सकती है। लोक शिक्षण संचालनालय के डिप्टी डायरेक्टर महेश जैन, प्राचार्य सुधाकर पाराशर, यूएनएफपीए से चीफ पॉलिसी एंड पार्टनरशिप जयदीप विश्वास, स्टेट हेड सुनील जैकब तथा स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर अनुराग सोनवलकर उपस्थित रहे।  

दो आईएएस जॉइंट सेक्रट्री के लिए इम्पैनल, रीवा के अपर कलेक्टर का 8 महीने बाद हुआ रिलीव

भोपाल मध्यप्रदेश कैडर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को केंद्र स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिलने की दिशा में अहम कदम सामने आया है। 2009 बैच की आईएएस अधिकारी प्रियंका दास को भारत सरकार में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) के पद के लिए बनाए गए पैनल में शामिल किया गया है। इसी क्रम में 2009 बैच के ही मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी S. तेजस्वी नाइक का नाम भी संयुक्त सचिव पद के लिए पैनल में शामिल किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए गए इस पैनल में शामिल होना अधिकारियों के अनुभव, कार्यक्षमता और प्रशासनिक दक्षता का महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। पैनल में शामिल अधिकारियों को भविष्य में केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में संयुक्त सचिव के रूप में नियुक्ति दी जा सकती है। मध्यप्रदेश कैडर के दो वरिष्ठ अधिकारियों का इस पैनल में शामिल होना राज्य के प्रशासनिक तंत्र के लिए भी गौरव की बात माना जा रहा है। इससे प्रदेश के अधिकारियों की क्षमता और कार्यशैली को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलने का संकेत मिलता है। तबादले के बाद जारी किए आदेश त्रिपाठी के पदोन्नति के सवा साल बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 4 अगस्त 2025 को जारी तबादला सूची में उन्हें सिंगरौली जिले का अपर कलेक्टर बनाया गया। तब से लेकर अब तक रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने त्रिपाठी को सिंगरौली के लिए रिलीव नहीं किया। अब जबकि 9 अप्रैल को जारी आदेश में शासन ने रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल का तबादला सागर कलेक्टर के पद पर किया है तो रिलीव होने से पहले राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी प्रभाशंकर त्रिपाठी को कलेक्टर पाल ने सिंगरौली में अपर कलेक्टर के पद के लिए रिलीव किए जाने का आदेश जारी किया है। प्रियंका और तेजस्वी अब केंद्र में जॉइंट सेक्रेट्री इधर डीओपीटी ने अलग-अलग आदेश जारी कर एस तेजस्वी नायक 2009 बैच तथा प्रियंका दास 2009 बैच को केंद्र में जॉइंट सेक्रेट्री के पद पर इम्पैनल किए जाने के बाद इसके आधार पर वेतनमान और पदस्थापना के आदेश किए हैं। इसी हफ्ते जारी आदेश में दोनों ही अधिकारियों को जॉइंट सेक्रेट्री के लिए इम्पैनल किया गया है। दोनों ही अधिकारी भोपाल नगर निगम आयुक्त रह चुके हैं। केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण मंत्रालय (डीओपीटी) ने दोनों ही अधिकारियों के जॉइंट सेक्रेट्री के लिए इम्पैनल किए जाने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके पहले एमपी कैडर के आईएएस रवि सिहाग को विवाह के आधार पर एमपी कैडर से मुक्त किए जाने के आदेश भी केंद्र सरकार ने जारी किए हैं।

रोजगारोन्मुखी नवीन कोर्स करें डिजाइन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में प्रदेश की उपलब्धि अन्य राज्यों से बेहतर है। उन्होंने योजना से अधिक से अधिक युवाओं को लाभान्वित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ऐसे नए उपयोगी कोर्स भी डिजाइन किए जाएं, जो प्रशिक्षण के बाद युवाओं को तत्काल रोजगार दिलवाने में सहायक हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश समत्व भवन में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक में दिये। बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल उपस्थित रहे। बैठक में जाकनारी दी गई कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर आईटीआई की ग्रेडिंग जारी की है, इसमें मध्यप्रदेश 5वें स्थान पर है। प्रदेश की 47 शासकीय आईटीआई को 10 में से 9 प्लस ग्रेडिंग स्कोर प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को स्किल कैपिटल बनाने की दिशा में अनेक प्रयत्न किए हैं। देश में युवाओं की जनसंख्या के दृष्टिगत उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों और डेयरी विकास कार्यक्रमों से भी युवाओं को जोड़ने के निर्देश दिए। इसके लिए कौशल विकास और रोजगार विभाग से समन्वय कर समुचित कदम उठाए। मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना में लगभग 20 हजार से व्यक्तियों के प्रशिक्षण की उपलब्धि को दोगुना किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि वर्ष-2026 में विभिन्न गतिविधियों से युवाओं को जोड़ने और रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए समुचित प्रयास करने को कहा। तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास में मध्यप्रदेश की उपलब्धियां बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में देश में सर्वाधिक 11 हजार 400 प्रशिक्षणार्थियों का नामांकन मध्यप्रदेश में हुआ। साथ ही युवा संगम के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 2 लाख 68 हजार से अधिक आवेदकों को लाभान्वित किया गया। मध्यप्रदेश के एक लाख 32 हजार युवाओं को स्व-रोजगार का लाभ मिला है। संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क भोपाल द्वारा इस वर्ष 3 हजार से अधिक प्रशिक्षणार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। इनमें 1500 प्रशिक्षणार्थी लाँग टर्म और इतने ही शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग का लाभ प्राप्त करेंगे। युवाओं को पूर्व में जिन उद्योगों में प्रशिक्षण दिलवाया गया है, उनमें रिलायंस, ट्राइडेंट, जिंदल समूह के जेबीएम आदि शामिल हैं। प्रदेश में 290 शासकीय और 644 प्रायवेट आईटीआई संचालित हैं। शासकीय आईटीआई में 3484 सीटों की वृद्धि की गई, जिसके फलस्वरूप कुल सीट 52 हजार 248 हो गई हैं। प्रायवेट आईटीआई में कुल 61 हजार 32 सीट हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि परम फाउंडेशन द्वारा धार जिले में सरदारपुर आईटीआई में मैन्युफैक्चरिंग टेक्नीशियन कोर्स में प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। पीएम सेतु के अंतर्गत मध्यप्रदेश में 20 हब और 81 स्पोक आईटीआई उन्नयन का कार्य हुआ है। इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता 2025-26 में मध्यप्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा।  

नक्सल उन्मूलन के बाद बालाघाट जिले में तेज करें विकास की गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के बालाघाट जिले में नक्सल उन्मूलन के बाद विकास की गति को और तेज किया जाएं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा दिए गए निर्देश एवं प्रचार की गई कार्य योजना के फलस्वरूप प्रदेश से नक्सल तत्वों पर पूर्ण नियंत्रण में सफलता मिली है। नक्सलवाद की समस्या से बरसों प्रभावित रहे बालाघाट जिले सहित अन्य प्रभावित स्थानों पर अब तीव्र गति से कार्य करने की आवश्यकता है। मध्यप्रदेश सरकार विकास कार्यों की गति तेज करने को प्राथमिकता दे रही है। जनजातीय समाज की प्रतिभाओं को भी विभिन्न महोत्सवों से मंच देने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार को समत्व भवन में आगामी माह बालाघाट में होने वाले जनजातीय महोत्सव के संबंध में विचार-विमर्श हुआ। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव आदि बैठक में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय महोत्सव में सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों के साथ ही विभिन्न विभाग स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप शिविर आयोजित करें। धरती आबा अभियान में हितग्राहियों को लाभान्वित करने और स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्षेत्र में मेगा स्वास्थ्य शिविर और सिकल सेल स्क्रीनिंग का कार्य किया जाए। शिक्षा सुविधाओं के विस्तार, महिलाओं और बच्चों के कल्याण, रोजगार प्रदान करने, दिव्यांग नागरिकों को हित लाभ प्रदान करने और पूर्व वर्षों में नक्सल गतिविधियों के कारण प्रभावित हुए परिवारों की आवश्यक सहायता के लिए कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "एक बगिया मां के नाम" कार्यक्रम अंतर्गत गतिविधियों के आयोजन, आराधना स्थलों पर सुविधाओं के विकास के कार्य भी किए जाएं। जनजातीय संस्कृति विशेषकर बैगा समुदाय से जुड़े लोक नृत्यों, खेतों में बोवनी के कार्य से पूर्व आयोजित किए जाने वाले बिदरी, बीज पंडूम और बड़ा देव पूजा के कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा। महोत्सव में जनजातीय संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बोरा दौड़, मटका रेस, तीरंदाजी स्पर्धाएं भी होंगी। बैगा महिलाओं की विशिष्ट गोदाना कला के प्रदर्शन और कार्यशाला के साथ कोदो कुटकी और महुआ आदि से बने पारम्परिक व्यंजनों के फूड स्टॉल भी लगाए जाएंगे। पारम्परिक जड़ी-बूटियों की जानकारों और औषधीय ज्ञान रखने वालों का सम्मेलन भी प्रस्तावित है। स्व-सहायता समूहों के सदस्यों द्वारा निर्मित उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे। बालाघाट के साथ ही निकटवर्ती जिलों और छत्तीसगढ़ से भी जनजातीय समाज इस महोत्सव में भागीदारी करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय महोत्सव में होने जाने वाली गतिविधियों और विभागों की सहभागिता की जानकारी प्राप्त की। बैठक में बताया गया कि जनजातीय महोत्सव में स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य, उच्च शिक्षा, वन, महिला एवं बाल विकास, किसान कल्याण एवं कृषि विकास, नवीन और नवकरणीय ऊर्जा, कौशल विकास एवं रोजगार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम, सहकारिता, संस्कृति, पर्यटन, खनिज साधन, गृह और जनसम्पर्क विभाग द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया जाएगा।  

नगर परिषद नागौद की मतदाता सूची का प्रकाशन 7 मई को होगा

भोपाल.  मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर परिषद नागौद जिला सतना के रिक्त पार्षद पद के उप निर्वाचन के लिये एक जनवरी 2026 की संदर्भ तारीख के आधार पर फोटोयुक्त मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण 2026 के लिए कार्यक्रम निर्धारित कर दिया गया है। मतदाता सूची का सार्वजनिक प्रकाशन 7 मई को होगा। आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग श्री मनोज श्रीवास्तव ने बताया है कि रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और मास्टर ट्रेनर्स की नियुक्ति और जिला स्तरीय प्रशिक्षण 13 अप्रैल को होगा। फोटोयुक्त प्रारूप मतदाता सूची का नगरपालिका वार्ड एवं अन्य विहित स्थानों पर सार्वजनिक प्रकाशन 17 अप्रैल को किया जायेगा। दावा आपत्ति केन्द्र पर दावे आपत्ति प्राप्त करने की अवधि 17 से 25 अप्रैल तक रहेगी। दावा आपत्ति आवेदन पत्रों के निराकरण की अंतिम तिथि 2 मई 2026 है। फोटोयुक्त अंतिम मतदाता सूची का नगरपालिका वार्ड तथा अन्य विहित स्थानों पर सार्वजनिक प्रकाशन 7 मई को किया जायेगा।