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आरजीपीवी में छिपकली कांड के बाद कैंटीन बंद, छात्रों ने गेट पर किया विरोध प्रदर्शन

भोपाल  राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) में छिपकली कांड के बाद कैंटीन बंद होने के बाद छात्रों के सामने खाने का संकट खड़ा हो गया है। आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बाहर से आने वाले टिफिन पर भी रोक लगा दी, जिससे छात्रों को रात में भोजन नहीं मिल पाया। इसी के विरोध में सोमवार-मंगलवार रात 12 बजे तक मुख्य गेट पर छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया। भूखे छात्रों ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और व्यवस्था सुधारने की मांग की। छात्रों का कहना है कि इस घटना के बाद से उन्हें नियमित भोजन नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी दिनचर्या और पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रही हैं।  समाज में अमानवीय प्रताड़नाओं का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। राजधानी स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कुछ स्टूडेंट्स ने खाने में छिपकली को लेकर हंगामा किया। इसके कारण मैनेजमेंट ने कैंटीन बंद करवा दी और बाहर से भी टिफिन नहीं आने दे रहे हैं। हॉस्टल में स्टूडेंट्स भूख से तड़प रहे हैं। सोमवार की रात उन्होंने हंगामा किया लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ।  राजधानी भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में पिछले दिनों कुछ स्टूडेंट्स ने खाने में छिपकली होने का दावा किया था। हालांकि कैंटीन के कर्मचारियों ने उस संदिग्ध चीज को छिपकली नहीं शिमला मिर्च बताया था और विश्वास दिलाने के लिए उसको खुद खा भी लिया था, लेकिन फिर भी हंगामा किया गया और सोशल मीडिया पर वीडियो को वायरल किया गया। यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए थे, लेकिन बात इतनी पर खत्म नहीं हुई। मैनेजमेंट ने स्टूडेंट्स के साथ बदले की कार्रवाई शुरू की है। स्टूडेंट्स ने बिना वजह यूनिवर्सिटी की कैंटीन को बदनाम करने के लिए शिमला मिर्च को छिपकली बढ़कर वीडियो वायरल किया था। अब मैनेजमेंट ने कैंटीन को बंद करवा दिया है और यूनिवर्सिटी कैंपस में बाहर से खाना नहीं आने दे रहे हैं। RGPV BHOPAL के भूखे छात्रों ने रात 12:00 बजे प्रदर्शन किया इसी के विरोध में सोमवार-मंगलवार रात 12 बजे तक मुख्य गेट पर छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया। भूखे छात्रों ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और व्यवस्था सुधारने की मांग की। छात्रों का कहना है कि इस घटना के बाद से उन्हें नियमित भोजन नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी दिनचर्या और पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रही हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर टिफिन लेकर आने वाले व्यक्ति को गार्ड्स ने रोक दिया। छात्रों का कहना है कि जब कैंटीन बंद है, तो बाहर से खाना आने देना चाहिए, लेकिन प्रशासन ने इस पर भी पाबंदी लगा दी है। इससे छात्र रात में भूखे रहने को मजबूर हो गए। बदले की कार्रवाई की जा रही है सीवी रमन बॉयज हॉस्टल के 40 से 50 छात्र करीब 2 किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य गेट तक पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और पूर्व वार्डन व वरिष्ठ फैकल्टी के खिलाफ भी विरोध जताया। बाहरी गुंडो को कोई नहीं रोकता, टिफिन वाले को रोक रहे हैं छात्रों ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी में बाहरी लोग आकर विवाद करते हैं, तब उन्हें नहीं रोका जाता, लेकिन छात्रों के खाने के टिफिन को रोक दिया जाता है। इस दोहरे रवैये को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी देखी गई।एक छात्र आर्यन देशमुख ने बताया कि मंगलवार से मिड टर्म परीक्षा शुरू हो रही है। छात्र दिनभर लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन रात में खाने की व्यवस्था नहीं होने से परेशानी बढ़ गई। छात्रों का कहना है कि परीक्षा के समय इस तरह की अव्यवस्था उनके प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है। रात तक चलता रहा विरोध सोमवार रात करीब 12 बजे तक यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर प्रदर्शन जारी रहा। छात्रों ने मांग की कि जल्द से जल्द कैंटीन शुरू की जाए या बाहर से खाना लाने की अनुमति दी जाए, ताकि उन्हें भोजन की समस्या का सामना न करना पड़े। प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे छात्रों की नाराजगी और बढ़ सकती है।

कैबिनेट निर्णय: ST छात्रों को ₹10 हजार की सहायता, उज्जैन से एयरबस विमानों का संचालन शुरू होगा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्री परिषद की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। जन कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए 16,720 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (FTRI) की स्थापना की स्वीकृति दी गई। वाणिज्यिक कर विभाग की 8 योजनाओं के लिए 2030-2031 तक 2,952 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया है। इसके अलावा चना एवं मसूर फसल के आगामी तीन वर्षों में उपार्जन के लिए 3,174 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। पीएम श्री विद्यालय योजना के लिए 940 करोड़ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में वन क्षेत्रों में पुनरुत्पादन, पुनर्स्थापना एवं संरक्षण के लिए 5,215 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 3039 करोड़ रुपये की स्वीकृति की गई है। पीएम श्री विद्यालय योजना के लिए 940 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। छात्रगृह योजना में प्रतिमाह 10 हजार रुपये इसके अलावा, कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पुस्तकें प्रदान करने के लिए 693 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रगृह योजना में प्रतिमाह 10 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। योजनांतर्गत प्रति वर्ष 100 नवीन विद्यार्थियों एवं पूर्व से अध्ययनरत विद्यार्थी लाभांवित होंगे। इसमें 50 नवीन स्नातक, 50 नवीन स्नातकोत्तर और 50 पूर्व से अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए एक वर्ष के मान से 1.80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उज्जैन में भूमि अधिग्रहण के लिए 590 करोड़ उज्जैन में शासकीय हवाई पट्टी में एयरबस विमानों के संचालन के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए 590 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि उज्जैन देश-विदेश में धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है, जहां 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक ज्योर्तिलिंग महाकालेश्वर एवं सांदिपनी आश्रम स्थित है तथा सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन भी होता है, जिससे यहां पर काफी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को दूरस्थ क्षेत्रों से आवागमन होता रहता है। विक्रम उ‌द्योगपुरी एवं अन्य औ‌द्योगिक क्षेत्रों के कारण औ‌द्योगिक गतिविधियों में तेजी से वृ‌द्धि हो रही है। इसके अतिरिक्त उज्जैन कृषि एवं सेवा क्षेत्र की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण एवं विकासशील नगर है। इसलिए उज्जैन में हवाईपट्टी का उन्नयन/विस्तार आवश्यक है। मंदसौर की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 88.41 करोड़ मंदसौर जिले की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 88.41 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से मंदसौर जिले की भानपुरा तहसील के 12 ग्रामों में 3500 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा का लाभ होगा। मंत्रि परिषद द्वारा निर्णय लिया गया कि वित्तीय प्रशासन एवं प्रबंधन से संबंधित सभी स्तरों के कार्मिकों को केंद्रीकृत एवं मानकीकृत प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (FTRI) की स्थापना आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासनिक एवं प्रबंधन अकादमी, भोपाल के परिसर में की जाएगी। संस्थान का उद्देश्य वित्तीय प्रशासन एवं प्रबंधन से संबंधित सभी स्तरों के कार्मिकों को केंद्रीकृत एवं मानकीकृत प्रशिक्षण प्रदान करना होगा, जिससे विभागीय कार्यकुशलता, वित्तीय अनुशासन तथा पारदर्शिता में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित किया जा सके। प्रदेश में वर्तमान में संचालित सात लेखा प्रशिक्षण शालाओं का चरणबद्ध एकीकरण कर राज्य स्तरीय एकीकृत प्रशिक्षण व्यवस्था स्थापित की जायेगी। संस्थान हेतु पद सृजन पर राज्य शासन पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं होगा। तीन वर्षों 2026-27, 2027-28, 2028-29 में स्थापना और संचालन के लिए वित्तीय लागत 26 करोड़ रुपये आएगी। राजस्व व्यय संबंधी 8 योजनाओं के लिए 2951.86 करोड़ वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत राजस्व व्यय संबंधी संचालित 8 योजनाओं के लिए 2030-2031 तक निरन्तरता और 2951.86 करोड़ रुपये का अनुमोदन दिया गया है। इसमें मप्र नगरीय अधोसंरचना विकास निधि का वर्ष 2026-2027 से 2030-2031 तक निरन्तरता और 1317.62 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया है। सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण, आबकारी सामग्री की खरीद, विभागीय दुकानों का संचालन एवं कार्यालय भवनों के निर्माण से संबंधित कार्यों के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 120.98 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया। स्टाम्पों की लागत के लिए व्यय राशि रुपये 806 करोड़ रुपये तथा मुख्यालय स्थापना व्यय एवं जिला कार्यपालिका स्थापना के लिए 1428 करोड़ रुपये का अनुमोदन दिया गया। मंत्री परिषद द्वारा केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत कार्य योजनाओं के प्रावधानों के अनुसार वन क्षेत्रो में पुनरुत्पादन, पुनर्स्थापना एवं संरक्षण कार्यवृत्तों में उपचार कार्य के लिए 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक कुल 5 वर्षों के लिए 5215 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अंतर्गत प्रथम वर्ष उपचार कार्यों के साथ-साथ विगत वर्षों में कराए गए कार्यों का रखरखाव भी सम्मिलित है। अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 3039 करोड़ आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 3039 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम अनुसार गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने के एवज में फीस प्रतिपूर्ति योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 से वित्तीय वर्ष 2030-31 तक 3039 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।  

दतिया उपचुनाव: सुनवाई 15 अप्रैल तक टली, BJP की अंदरूनी बैठक से बढ़ी हलचल

दतिया  दतिया विधानसभा सीट को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। दिल्ली हाईकोर्ट में पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सजा के खिलाफ दायर अपील पर मंगलवार को सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अगली तारीख 15 अप्रैल तय की है।  दरअसल बैंक फ्रॉड मामले में राजेंद्र भारती को 2 अप्रैल को दिल्ली की एमपी/एमएलए कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दतिया सीट को रिक्त घोषित कर दिया। अब इस सीट पर उपचुनाव होने की संभावना बन गई है। भोपाल में आज पूर्व गृह मंत्री  डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निवास पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष ओर नरोत्तम मिश्रा ने इस अवसर पर प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, संगठनात्मक गतिविधियों और समसामयिक मुद्दों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा की।  सुनवाई टलने के बाद राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भोपाल में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में चर्चा हुई। माना जा रहा है कि यह बैठक दतिया उपचुनाव की रणनीति को लेकर थी। दतिया सीट को डॉ. नरोत्तम मिश्रा का मजबूत क्षेत्र माना जाता है। वे यहां से तीन बार विधायक रह चुके हैं हालांकि पिछले चुनाव में उन्हें कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था। अब सीट खाली होने के बाद उनके फिर से चुनाव मैदान में उतरने की चर्चाएं तेज हैं।फिलहाल सभी की नजरें 15 अप्रैल की अगली सुनवाई पर टिकी हैं क्योंकि इसके बाद ही दतिया उपचुनाव की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहुंचे डॉ मिश्रा के  निवास,बंद कमरे में की चर्चा दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सजा के खिलाफ दायर अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के बाद अगली तारीख 15 अप्रैल निर्धारित की गई है। न्यायाधीश डॉ. स्वर्ण कांता शर्मा ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के उपरांत यह आदेश दिया। उल्लेखनीय है कि बैंक फ्रॉड मामले में राजेंद्र भारती को गत 2 अप्रैल को दिल्ली की एमपी/एमएलए कोर्ट ने तीन वर्ष की सजा सुनाई थी। सजा के बाद उनकी विधायकी समाप्त हो गई, जिससे दतिया विधानसभा सीट रिक्त हो गई है। सुनवाई टलने के साथ ही मध्यप्रदेश की राजनीति, विशेषकर भोपाल में, हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निवास पहुंचकर उनसे करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में चर्चा की। इस मुलाकात को दतिया उपचुनाव की संभावित रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। दतिया विधानसभा सीट लंबे समय से डॉ. मिश्रा का मजबूत गढ़ रही है, जहां से वे तीन बार विधायक रह चुके हैं। हालांकि पिछले चुनाव में उन्हें कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था। वर्तमान परिस्थितियों में सीट रिक्त होने के कारण उपचुनाव की स्थिति बन रही है, और ऐसे में डॉ. मिश्रा के फिर से मैदान में उतरने की संभावना प्रबल मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अब 15 अप्रैल की सुनवाई और उसके बाद के घटनाक्रम पर सबकी नजरें टिकी हैं, जो दतिया उपचुनाव की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकते हैं।

मध्य प्रदेश में 30 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि, 3 दिन बाद हीटवेव का रहेगा असर

भोपाल   मध्य प्रदेश में अप्रैल में आमतौर पर तेज गर्मी का दौर शुरू हो जाता है. इस बार आंधी और बारिश ने तापमान को नीचे ला दिया है. मौसम विभाग ने प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में मंगलवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. अगले 72 घंटे तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का अलर्ट है. मौसम साफ होते ही तापमान तेजी से बढ़ेगा और अगले सप्ताह तक पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना है।  तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा मध्य प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान तापमान में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. बादल और हल्की बारिश के कारण प्रदेश के ज्यादातर जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहा. बीते 24 घंटे में सबसे अधिक तापमान नर्मदापुरम में 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके बाद खरगोन और रतलाम में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा. राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 3.8 डिग्री सेल्सियस कम है।  मध्य प्रदेश में अगले 3 दिन आंधी-बारिश के साथ ओले गिरेंगे  इंदौर में 34.2 डिग्री और जबलपुर में 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके साथ ही रात के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है. हिल स्टेशन पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. कई जिलों के न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई।  इन जिलों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा मौसम विभाग ने 7 अप्रैल के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया है. भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. ग्वालियर-चंबल संभाग में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा बताया गया है।  ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी और गुना जिलों में वज्रपात को लेकर लोगों को सावधान रहने को कहा गया है. इसके अलावा बुंदेलखंड के छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और सागर जिलों में भी तेज हवा और हल्की बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।  पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया "पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में मौसम का असर ज्यादा दिखाई दे सकता है. रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, पन्ना और दमोह में आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. रीवा और मऊगंज क्षेत्र में हवाओं की रफ्तार तेज रहने की संभावना है. वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है।  एक साथ कई वेदर सिस्टम सक्रिय मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार "प्रदेश में मौसम के अचानक बदलने की मुख्य वजह एक साथ कई मौसमी प्रणालियों का सक्रिय होना है. जम्मू-कश्मीर के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में सक्रिय है. इसके साथ ही दक्षिण कैस्पियन सागर क्षेत्र से एक और पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ रहा है. उत्तर-पूर्व उत्तरप्रदेश से लेकर पूर्वी मध्यप्रदेश होते हुए विदर्भ तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है. इन सभी प्रणालियों के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, बारिश और आंधी की स्थिति बन रही है।  8 से 10 अप्रैल तक ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार "अगले तीन दिन तक प्रदेश में मौसम में अस्थिरता बनी रहेगी, हालांकि धीरे-धीरे इसका असर कम होने लगेगा. 8 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग के जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. 9 अप्रैल तक बारिश का क्षेत्र सिमटकर मुख्य रूप से पूर्वी मध्य प्रदेश तक रह जाएगा. इस दिन रीवा, सीधी और सिंगरौली जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. जबकि 10 अप्रैल से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ होने लगेगा. विभाग ने इस दिन के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है।  अप्रैल के दूसरे सप्ताह से तेज गर्मी मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही बादल छंटेंगे और आसमान साफ होगा, तापमान तेजी से बढ़ने लगेगा. 10 अप्रैल के बाद दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है. वर्तमान में जहां अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री के बीच है, वहीं, अगले सप्ताह की शुरुआत तक कई शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है. इसके साथ ही प्रदेश में हीट वेव यानी लू का असर भी शुरू होने की संभावना जताई गई है। 

MP के इस गांव में गाली-मुक्त अभियान, जुबान से गलती होने पर तुरंत एक्शन

बुरहानपुर बुरहानपुर का बोरसर गांव इस बार किसी त्योहार से नहीं, संस्कारों की सुनामी से सुर्खियों में है! एमपी का पहला गाली-मुक्त मॉडल गांव बनने के बाद यहां की हवा में अब गालियां नहीं, संस्कारों की खुशबू बह रही है. यहां सड़कों पर कदम रखते ही साफ लिखा मिलता है, गाली की एंट्री बैन… यदि कोई व्यक्ति गाली देता पकड़ा जाता है, तो उस पर ₹500 का जुर्माना लगाया जाता है और साथ ही एक घंटे तक गांव की सफाई करने की सजा भी दी जाती है. इसका मतलब एकदम ऑन-द-स्पॉट एक्शन होता है. चाहे आम आदमी हो या कोई प्रभावशाली रसूखदार गाली दी तो कार्रवाई होना तय है।  क्या बोले गांव वाले? गांव वासियों ने बताया कि इससे बहुत लाभ मिल रहा है, अगर ये सब रुक जाए तो अच्छा है. गाली गलौच से तो बहुत से झगड़े भी होते हैं, लड़ाई होती है उसको अगर रुकवा देंगे तो अपना गांव देश अच्छा बन जाएगा. हम बिलकुल इस नियम के साथ हैं, जब ये मुद्दा उठाया गया था तो हमने तभी से इसे मानने का मन बना लिया था।  स्पेशल फोर्स भी बनाई गई गांव के युवा अब ‘गाली पकड़ो स्पेशल फोर्स’ की विशेष टीम का हिस्सा बन गए हैं. यह टीम निगरानी रखती है और नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई करती है. किसी ने गलती की, तो ये टीम वैसे ही पकड़ेगी जैसे पुलिस मोस्ट वांटेड को पकड़ती है. ग्राम पंचायत और समाजसेवी अश्विन पाटिल के इस नवाचार ने गांव की सोच का असली अपग्रेशन कर दिया है. बच्चों की जुबान से गालियां गायब और उनकी जगह किताबों की खुशबू महक रही है।  गांव की इस पहल से शहर भी शर्मिंदा गांव वालों का कहना है कि गांव में खुला नया पुस्तकालय अब संस्कारों की ऊर्जा फैला रहा है. आज बोरसर सिर्फ गांव नहीं, सचमुच संस्कारों की प्रयोगशाला बन चुका है, जहां से उठी यह क्रांति बड़े शहरों को भी शर्मिंदा कर रही है। 

उमा भारती ने टीमकगढ़ में लगाया पोहा-जलेबी का ठेला, प्रशासन से कहा- गरीबों की रोजी-रोटी मत छीनो

 टीमकगढ़   प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती मंगलवार को सड़क किनारे लगे एक ठेले पर पोहा बेचती नजर आई हैं। हालांकि, वो ऐसा प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के विरोध में रही हैं। लेकिन, कुछ ही देर में उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा है। आपको बता दें कि, पूर्व सीएम उमा भारती मंगलवार को टीकमगढ़ शहर के सिविल लाइन इलाके में सड़क किनारे लगे ठेले पर पोहा बेच रही हैं। उन्होंने प्रशासन द्वारा एक दिन पहले की गई अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को गलत ठहराया था। आज वो उन्हीं हटाए गए ठेलो को फिर से लगाकर उनमें से एक ठेले पर पोहा बेचने पहुंची हैं। टीकमगढ़ में मंगलवार (7 अप्रैल) सुबह पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सड़क किनारे हाथठेला लगाकर पोहा-जलेबी बेची। उन्होंने एक दिन पहले हटाए गए छोटे दुकानदारों को वापस ठेले लगाने के लिए बुलाया। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि गरीबों की रोजी-रोटी नहीं छीनी जनि चाहिए।  दरअसल, सोमवार को नगर पालिका, एसडीएम और तहसीलदार की टीम ने सिविल लाइन रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। इस दौरान जेसीबी से कई छोटी दुकानें और हाथठेले हटा दिए गए थे। उमा भारती ने इस कार्रवाई का विरोध किया था और छोटे दुकानदारों को हटाने को गलत बताया था। इसी को लेकर मंगलवार सुबह वे सिविल लाइन रोड स्थित बंगले से निकलकर हाथठेले पर पहुंचीं। यहां खुद पोहा-जलेबी बेचकर दुकानदारों का समर्थन किया। उन्होंने हाथठेला वालों से दोबारा सड़क किनारे ठेले लगाने को कहा। उमा बोलीं- प्रशासन पहले दुकानों के लिए जगह दे, बाद में हटाए उमा भारती ने कहा कि पार्षदों ने पहले स्थान चिह्नित करने को कहा था। तीन-चार स्थान भी बताए थे। प्रशासन पहले दुकानों के लिए जगह दे, बाद में हटाए। उन्होंने हटाए गए दुकानदारों से अपील की कि वे वापस आएं और यहीं दुकानें लगाएं, मैं उनके साथ हूं। उनके ठेलों को यहां से नहीं हटने दिया जाएगा। प्रशासन से बात करूंगी, सभी के ठेले वापस यहां लगाए जाएंगे उमा भारती से पूछा गया कि क्या उन्होंने प्रशासन से बात की है। उन्होंने कहा कि मुझे अभी इसका पता चला है। मैं अभी प्रशासन से बात करूंगी। सभी के ठेले वापस यहां लगाए जाएंगे। उमा भारती ने उठाए थे कार्रवाई पर सवाल प्रशासन ने सोमवार की दोपहर सिविल लाइन से अतिक्रमण हटाया तो देर शाम पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने उस पर सवाल उठते हुए इसे गरीबों के खिलाफ की गई अनुचित कार्रवाई बताया था। उनका कहना था कि, प्रशासन सबसे पहले पैसे वालों का अतिक्रमण हटाएं। ठेले वाले सबसे बाद में आते है। सोमवार की रात 8.45 बजे पूर्व मुख्यमंत्री ईदगाह के सामने पहुंची। यहां पर उन्होंने प्रशासन द्वारा हटाए गए अतिक्रमण की जानकारी ली थी।

भोपाल में बड़ा तालाब के पास बुलडोजर की कार्रवाई, 9 दुकानों को गिराया, 347 अन्य पर कार्रवाई की तैयारी

भोपाल बड़ा तालाब के किनारे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। भदाभदा इलाके से कार्रवाई की शुरुआत हुई है। तालाब किनारे अवैध रूप से बने नौ दुकानों को सोमवार को जमींदोज कर दिया गया है। वहीं, 347 लिस्टेड जगह हैं, जिन पर कार्रवाई होनी है। इसे लेकर भोपाल प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। 21 अप्रैल तक चलेगा अतिक्रमण अभियान दरअसल, भोपाल की लाइफलाइन कही जाने वाली बड़ी झील जो न सिर्फ शहर की पहचान है बल्कि भोपाल की जनता की प्यास भी बुझाती है। इसी बड़ा तालाब के किनारे बने अतिक्रमणों पर आज से बुलडोजर चलना शुरू हो गया है जो 21 अप्रैल तक चलेगा। जिला प्रशासन ने 347 अतिक्रमण चिह्नित किए हैं, जो तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) के 50 मीटर दायरे में आते हैं, जिन पर अवैध निर्माण किया गया है। भदभदा इलाके में चला बुलडोजर पहले दिन भदभदा इलाके में बुलडोजर एक्शन देखने को मिला है। नौ दुकानों पर प्रशासन का बुलडोजर चला, कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा है। हालांकि स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने विरोध जताया, लेकिन बुलडोजर चलता रहा। बड़े तालाब के किनारे है अतिक्रमण     भोपाल की शान है बड़ा तालाब     नोटिस के बाद गुरुवार से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू     347 अतिक्रमणकारियों को लिस्टेड किया गया     नोटिस देने के बाद हो रही है कार्रवाई 15 दिनों में हटाया जाएगा अतिक्रमण वहीं, तालाब किनारे जितने भी अतिक्रमण हैं वो 15 दिनों के अंदर हटाए जाएंगे। 16 मार्च 2022 के बाद बने सभी निर्माण हटाए जाएंगे। एनजीटी के निर्देश के बाद जिला प्रशासन अतिक्रमण को चिह्नित कर रहा है। सभी लोगों को चिह्नित कर नोटिस दिया गया था। इसके साथ ही उनसे कहा गया था कि आप खुद से हटा लें, नहीं तो प्रशासन हटाएगी। गौरतब है कि आज से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। कुछ जगहों पर लोग खुद हटा रहे हैं। हर इलाके से अतिक्रमण हटाने के लिए अलग-अलग तारीख तय की गई है। प्रेमपुरा में हटाई गई दुकानों और मकानों की जमीन की कीमत कलेक्टर गाइडलाइन के मुताबिक 2788 रुपए प्रति वर्ग फीट के हिसाब से 3 करोड़ रुपए से ज्यादा आंकी गई है। 72 घंटे में दुकानों को खाली कराया गया था, इसके बाद सोमवार सुबह एसडीएम अर्चना शर्मा और तहसीलदार कुणाल राऊत टीम के साथ कार्रवाई शुरू की। टीटी नगर सर्कल में एफटीएल क्षेत्र में 116 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। इनमें 68 सरकारी और 48 निजी जमीन पर बने हैं। निजी जमीन पर बने 92 निर्माण-होटल, रिसोर्ट, फार्महाउस, मकान और दुकान की अलग से जांच चल रही है। नगर निगम ने इन्हें नोटिस देकर दस्तावेज मांगे हैं। पहले नोटिस, फिर कार्रवाई… अतिक्रमण चिह्नित करने के बाद संबंधित को नोटिस देकर दस्तावेज मांगे गए और सुनवाई की गई। जिन मामलों में अतिक्रमण पाया गया, वहां कार्रवाई की गई। बुजुर्ग दंपति को राहत… भदभदा चौराहे पर कार्रवाई के दौरान टीम एक कमरे तक पहुंची, जहां चलने-फिरने में असमर्थ बुजुर्ग दंपति रह रहे थे। उन्हें देख एसडीएम टीटी नगर अर्चना शर्मा ने कमरा नहीं तोड़ने के निर्देश दिए और अधिकारियों को देखभाल के लिए कहा। एफटीएल के 50 मीटर दायरे में सख्ती बड़े तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) से 50 मीटर तक के दायरे में आने वाले सभी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस सीमा के भीतर किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं बचेगा। 16 मार्च 2022 को भोज वेटलैंड रूल्स लागू होने के बाद बने सभी निर्माण हटाए जाएंगे। इसी आधार पर पूरी कार्रवाई की जा रही है। इन गांवों में सबसे ज्यादा कब्जे टीटी नगर एसडीएम सर्कल के गौरा गांव और बिसनखेड़ी में सबसे ज्यादा अतिक्रमण सामने आए हैं। इसके अलावा बैरागढ़ और बहेटा इलाके में भी बड़ी संख्या में निर्माण किए गए हैं। 25 फरवरी से शुरू हुआ अभियान 28 फरवरी के बाद धीमा पड़ गया था, लेकिन अब प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए रोजाना कार्रवाई का शेड्यूल तय कर दिया है। किस दिन कहां चलेगा बुलडोजर 10 अप्रैल: हलालपुरा 11 अप्रैल: बैरागढ़ (काशियाना बंगले के पीछे) 12-13 अप्रैल: सेवनिया गोंड 15-16 अप्रैल: बैरागढ़ (मकान, मैरिज गार्डन) 17 अप्रैल: हुजूर तहसील 18-19 अप्रैल: टीटी नगर 20 अप्रैल: बैरागढ़ शेष अतिक्रमण 21 अप्रैल: हुजूर तहसील अंतिम कार्रवाई वन विहार में पिलर निर्माण पर नया विवाद कार्रवाई के बीच वन विहार नेशनल पार्क क्षेत्र में करीब 2.5 किमी में 100 से ज्यादा पिलर लगाए जाने का मामला सामने आया है। विशेषज्ञ इसे वेटलैंड नियमों के खिलाफ बता रहे हैं। पर्यावरणविद् राशिद नूर खान ने इस मामले को गंभीर बताते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में ले जाने की तैयारी की है।  

फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा

रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा  मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और 'डिजिटल फर्जीवाड़े' का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी 'अंधेरगर्दी': लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि:कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: "राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल" पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस 'डिजिटल सेंधमारी' को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240

मंत्री कुशवाह का निर्देश: चंदेल-बुन्देला कालीन जल संरचनाओं का जीर्णोद्वार प्राथमिकता से होगा

चंदेल-बुन्देला कालीन जल संरचाओं का जीर्णोद्वार प्राथमिकता से किया जाये: मंत्री कुशवाह मंत्री कुशवाह द्वारा निवाड़ी जिले की विकास योजनाओं की समीक्षा निवाड़ी सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण तथा निवाड़ी जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत निवाड़ी जिले में स्थित चंदेल-बुंदेला कालीन जल संरचाओं का जीर्णोद्वार प्राथमिकता के साथ किया जाए। साथ ही अमृत सरोवरों का विकास और जीर्णोद्वार कार्य को भी प्राथमिकता दी जाए। कुशवाह ने यह निर्देश निवाड़ी जिले में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में दिए। मंत्री कुशवाह ने कहा निवाड़ी जिले में संचालित सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण किए जाए। उन्होंने कहा कि निवाड़ी जिले में नवीन कलेक्ट्रेट भवन सहित अन्य विभागों के भवनों का निर्माण कार्य प्राथमिकता से कराया जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण के लिए निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से मौका मुआयना करें। उन्होंने जिले में स्वास्थ्य सेवाऐं को सुदृढ़ बनाने और संजीवनी क्लिनिक कार्य भी पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। मंत्री कुशवाह ने कहा कि निवाड़ी जिला बुंदेला और चंदेल राजवंश में काफी विकसित क्षेत्र रहा है। इन राजवंशों ने बुन्देलखण्ड अंचल में पानी की कमी को देखते हुए तालाबों, नहरों, कुओं और बावडियों का बड़े पैमाने पर निर्माण कराया था। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत इन संरचनाओं सफा-सफाई जीर्णोद्वार प्राथमिकता के साथ किया जाए। उन्होंने जिले में राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये। बैठक मेंविधायक निवाड़ी अनिल जैन, कलेक्टर श्रीमती जमुना भिडे, पुलिस अधीक्षक राय सिंह नरवरिया, सांसद प्रतिनिधि राजेश पटेरिया, पूर्व विधायक पृथ्वीपुर डॉ शिशुपाल यादव, अध्यक्ष नगर पालिका निवाड़ी गुलाब अहिरवार अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री का दावा: हिनौती गौधाम बनेगा गौ संरक्षण और प्राकृतिक खेती का आदर्श केंद्र

हिनौती गौधाम गौ संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती का दिव्यधाम बनेगा : उप मुख्यमंत्री प्रशासनिक भवन सहित विभिन्न निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण रीवा  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि हिनौती गौधाम गौ संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती का दिव्य धाम बनेगा। गौधाम में 25 हजार गायों का आश्रय स्थल बनाया जा रहा है। इसी के साथ ही प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण केन्द्र भी बनाया जाएगा जिससे गाय के गोबर और अन्य प्रकल्पों के माध्यम से प्राकृतिक खेती का प्रदर्शन कर किसानों को अपने खेतों में प्राकृतिक खेती करने के लिए जागरूक किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने गौधाम में नवनिर्मित प्रशासनिक भवन एवं जनभागीदारी से बनाई गई पानी की टंकी व अन्य निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने प्राकृतिक खेती स्थल का भूमिपूजन भी किया। प्रशासनिक भवन का निर्माण 76 लाख रुपए की लागत से कराया गया है। इसमें 25 लाख रुपए सांसद निधि से, 5 लाख रुपए जनपद निधि से तथा 42 लाख रुपए जनभागीदारी निधि से प्रदत्त किए गए हैं। लोकार्पण के उपरांत प्रशासनिक भवन के सभागार में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री ने गौधाम में निर्माणाधीन गौ शेड, भूसा शेड सहित अन्य कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण कराए जाएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने गत रात्रि गौधाम में ही विश्राम किया तथा सुबह भ्रमण के दौरान व्यवस्थाओं का अवलोकन कर इन्हें और सुदृढ़ तथा बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने गौ माता को गुड़ खिलाया। उप मुख्यमंत्री ने गौधाम परिसर में पंच पल्लव पीपल, अशोक, बरगद, आंवला एवं बेलपत्र के पौधे रोपे। उप मुख्यमंत्री रात्रि विश्राम के पूर्व गौधाम में रामचरित मानस पाठ में शामिल हुए तथा पूजा-अर्चना की। इस दौरान विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति, जनपद अध्यक्ष गंगेव विकास तिवारी, जिला पंचायत सदस्यगण, भारत साकेत सरपंच, एसडीएम दृष्टि जायसवाल, उप मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि राजेश पाण्डेय सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।