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उज्जैन के बाद अब बाबा विश्वनाथ के धाम में गूंजेगी भारतीय कालगणना

भोपाल कालगणना की पावन नगरी और 'महाकाल' के केंद्र उज्जैन से निकली भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा अब बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में भी जीवंत हो उठी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष पहल पर, भारतीय कालगणना पर आधारित विश्व की प्रथम 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी' को उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर प्रांगण में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ को बाबा काशी विश्वनाथ को अर्पित यह घड़ी भेंट की थी। इसके बाद विक्रम संवत् 2083, वैशाख कृष्ण पक्ष की द्वितीया (4 अप्रैल, 2026) को इसे मंदिर परिसर में पूर्ण श्रद्धा और विधि-विधान के साथ स्थापित किया गया। यह मध्यप्रदेश सरकार के उस संकल्प की ओर एक बड़ा कदम है, जिसके तहत देश के सभी ज्योतिर्लिंग और अयोध्या के श्रीराम मंदिर में भी वैदिक घड़ी की स्थापना की जानी है। परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम उज्जैन के 'महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ' द्वारा विकसित यह घड़ी केवल समय बताने वाला यंत्र नहीं, बल्कि भारत के प्राचीन वैज्ञानिक ज्ञान का डिजिटल पुनर्जागरण है। यह घड़ी सूर्योदय से परिचालित होती है और एक पूर्ण दिवस को 30 मुहूर्तों में विभाजित करती है। इसकी विशेषता यह है कि यह स्थान-विशिष्ट सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर सटीक समय की गणना करती है। इस घड़ी के माध्यम से श्रद्धालु और युवा पीढ़ी न केवल भारतीय मानक समय (IST) जान सकेंगे, बल्कि पंचांग, तिथि, योग, नक्षत्र, भद्रा स्थिति और ग्रहों के गोचर जैसी सूक्ष्म जानकारियों से भी रूबरू हो सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार अपनी सांस्कृतिक धरोहर को आधुनिक तकनीक के साथ सहेजने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह वैदिक घड़ी हमारे गौरवशाली अतीत को वर्तमान से जोड़ते हुए युवाओं को अपनी जड़ों की ओर लौटने की प्रेरणा देगी। मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, उज्जैन द्वारा भारतीय कालगणना पर आधारित विश्व की प्रथम विक्रमादित्य वैदिक घड़ी उज्जैन में स्थापित की गई है। यह घड़ी भारत की प्राचीन कालगणना परंपरा को आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से पुनर्स्थापित करने का एक अभिनव प्रयास है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण 29 फरवरी 2024 को फाल्गुन 2080, कृष्ण पक्ष, पंचमी, वरुण मुहूर्त (13वाँ मुहूर्त) में किया गया था।  

राज्य सरकार प्रभावित परिजन के साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कल कोतमा, अनूपपुर में हुए दुखद हादसे में काल-कवलित नागरिकों के परिजन को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 4-4 लाख, संबल योजना के अंतर्गत 4-4 लाख और रेडक्रॉस से 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। घायलों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 2-2 लाख रुपये और रेडक्रॉस से 50-50 हजार रुपये राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगतों की आत्मा को शांति और परिजन को यह गहन दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिजन के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनूपपुर जिले के कोतमा क्षेत्र में एक लॉज भवन ध्वस्त होने की दुखद घटना के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया था कि राहत एवं बचाव कार्यों में कोई कमी न रहे और प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाए। उल्लेखनीय है कि इस दुखद घटना में 3 लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि 3 अन्य घायल हो गए थे। घायलों में से गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को बेहतर उपचार के लिए शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जहाँ विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। अन्य घायलों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा में जारी है। शनिवार शाम से प्रारंभ हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन आज रविवार दोपहर तक जारी रहा। रेस्क्यू कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस, प्रशासन तथा एसईसीएल की टीमों ने आधुनिक मशीनों एवं डॉग स्क्वॉड की मदद से मलबे के एक-एक हिस्से की गहन तलाशी ली। रेस्क्यू टीम ने मलबे से 3 व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकालकर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जबकि 3 अन्य व्यक्तियों के शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान हनुमान दीन यादव, रामकृपाल यादव और एक अन्य स्थानीय निवासी के रूप में हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार जिले के प्रभारी मंत्री  दिलीप अहिरवार और कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री  दिलीप जायसवाल पूरी रात घटनास्थल पर उपस्थित रहकर राहत एवं बचाव कार्यों का नेतृत्व करते रहे। प्रभारी मंत्री  दिलीप अहिरवार ने बताया कि इस गंभीर हादसे की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। कलेक्टर  हर्षल पंचोली ने रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एसईसीएल की टीमों, पुलिस बल एवं सहयोग करने वाले स्थानीय नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।  

महान समाज सुधारक बाबू जगजीवन राम जी की जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई

ग्वालियर   महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर समाज सुधारक एवं दलित समाज के प्रेरणास्रोत देश के उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम जी की जयंती बड़े ही श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित प्रभुदयाल जोहरे जिलाअध्यक्ष ग्वालियर ग्रामीण ,मुकेश बंसल(उपाध्यक्ष प्रदेश अजा विभाग ) ,नीरज चंडाले (जिला अध्यक्ष शहर अजा विभाग ), विनय मालवीय (जिला अध्यक्ष ग्रामीण अजा विभाग ) ,शुभम इंद्रासे, शुभम अहिरवार सहित कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनुसूचित जाति विभाग कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने कहा कि बाबू जगजीवन राम जी का जीवन सामाजिक न्याय, समानता और संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज भी समाज में दलित, वंचित और कमजोर वर्ग के अधिकारों के लिए उसी दृढ़ता से संघर्ष करने की आवश्यकता है। प्रदीप अहिरवार ने अपने वक्तव्य में कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेशभर में अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारों को लेकर लगातार संघर्ष किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि—     •    प्रदेश में अनुसूचित जाति विभाग की संगठनात्मक मजबूती के लिए प्रदेश, जिला एवं पंचायत स्तर तक समितियों का गठन किया जा रहा है।     •    सामाजिक न्याय, आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिए निरंतर आंदोलन एवं जनजागरण अभियान चलाए जा रहे हैं।     •अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी में आगे लाने के लिए विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बाबू जगजीवन राम जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना और उनके बताए मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं आमजन उपस्थित रहे।

गुजरात तक फैला तस्करी नेटवर्क, बालाघाट में 21 किलो गांजा ज

बालाघाट बालाघाट पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ गांजा की तस्करी के अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है। रामपायली पुलिस ने 21 किलो गांजा के साथ ओडिशा के दो गांजा तस्कर सहित तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपित बालाघाट का निवासी है। रविवार को पुलिस कंट्रोल रूम में एसडीओपी अभिषेक चौधरी (वारासिवनी) ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम लिंगमारा-दीनी रोड पर चेकिंग के दौरान एक मोटरसाइकिल से बोरी में भरकर गांजा ले जाया जा रहा था। पुलिस ने जब संदिग्ध वाहन को रोका और जांच की, तो गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में सामने आया कि आरोपित ओडिशा के सक्रिय और संगठित गांजा तस्कर गिरोह से जुड़े हैं, जो ओडिशा से गांजा लाकर मध्यप्रदेश, गुजरात सहित अन्य राज्यों में सप्लाई करते थे। आरोपितों ने यह भी स्वीकार किया है कि वे इससे पहले भी बालाघाट में गांजे की सप्लाई कर चुके हैं। पुलिस ने तीनों आरोपितों को न्यायालय में पेश कर 13 अप्रैल तक रिमांड पर लिया है। 5-6 लाख रुपये का गांजा जब्त गिरफ्तार आरोपितों में भटेरा रोड, बालाघाट निवासी मुन्ना पिता बुधराम बर्वे (54), मिकेंद्र उर्फ मुकेश देव (28) निवासी कोडाला, जिला गजाम (ओडिशा) और दिलीप (32) निवासी बौद्ध जिला (ओडिशा) शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 21 किलो गांजा जब्त किया है, जिसकी कीमत लगभग पांच से छह लाख रुपये बताई जा रही है। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। आरोपितों के खिलाफ थाना रामपायली में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20, 25, 29 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है। जिले में बढ़ रही गांजा सप्लाई बालाघाट जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में गांजे की सप्लाई लगातार बढ़ती जा रही है। इससे पहले पांच फरवरी को नवेगांव पुलिस ने भी छह किलो गांजा जब्त किया था, जिसकी कीमत करीब ढाई लाख रुपये आंकी गई थी। पुलिस का कहना है कि एक ओर लगातार कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर तस्कर नए-नए तरीकों से सप्लाई जारी रखे हुए हैं। हालांकि इस बार पकड़े गए ओडिशा के मास्टरमाइंड से पूछताछ में पूरे नेटवर्क की बड़ी परतें खुलने की उम्मीद है। इनका कहना… पुलिस द्वारा आरोपितों से सघन पूछताछ की जा रही है। गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क, इसके स्रोत और गंतव्य की जानकारी जुटाई जा रही है। इस प्रकरण में अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ भी साक्ष्य संकलित कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

3552 एलपीजी सिलेण्डर जब्त और 10 मामलों में एफआईआर : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। भारत में कच्चे तेल (Crude Oil) का पर्याप्त भंडार उपलब्ध होने के कारण देश और प्रदेश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रही हैं, जिससे पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। मध्यप्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई में किसी प्रकार की रुकावट नहीं है। मंत्री  राजपूत ने अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नही दें तथा घबराहट में खरीदारी (पैनिक बाइंग) से बचें। कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक 2693 स्थानों पर जांच की गई है, जिसमें 3552 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 10 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा 666 पेट्रोल पंपों की जांच भी की गई, जिनमें 2 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। जिला आपूर्ति अधिकारियों और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को पेट्रोल पंपों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के अनुरूप सिलेंडरों की आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है। वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को भी शासन द्वारा निर्धारित प्राथमिकता क्रम के अनुसार कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सतत आपूर्ति की जा रही है। उपभोक्ताओं की मांग को देखते हुए गैस बॉटलिंग प्लांट अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित प्लांट और वितरकों के स्टॉक की निरंतर समीक्षा की जा रही है। पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारु प्रदेश में सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। पेट्रोल पंपों पर किसी प्रकार की कमी नहीं है और कंपनियों के डिपो से नियमित रूप से आपूर्ति जारी है। बढ़ती मांग को देखते हुए ऑयल कंपनियों के डिपो को भी अधिक समय तक संचालित किया जा रहा है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाए रखा जा सके। पीएनजी कनेक्शन विस्तार पर जोर सभी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) संस्थाएँ अगले 3 माह में दिये जाने वाले पीएनजी कनेक्शन का लक्ष्य निर्धारित करेंगी। साथ ही सीजीडी संस्थाओं द्वारा प्रतिदिन किये जा रहे आवेदन एवं उसके विरुद्ध दिये जा रहे पीएनजी कनेक्शन की सतत मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। सीजीडी संस्थाओं को पीएनजी के लाभ एवं पीएनजी कनेक्शन की प्रक्रिया से संबंधित एफएक्यू तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश नोडल सीजीडी संस्था थिंक गैस को दिये गए हैं। भारत सरकार के गतिशक्ति पोर्टल पर सीजीडी संस्थाओं को पाइप-लाइन अपलोड करने के निर्देश दिये गये। सीजीडी संस्थाएँ जिलेवार एवं लोकेलिटीवाइज कैम्प शेड्यूल कर जिला प्रशासन एवं विभाग को उपलब्ध करायेंगी। शहर के जिन स्थानों में पाइप-लाइन गई है, उसके आस-पास के क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को ऑयल कम्पनी द्वारा अवगत कराया गया है कि वह पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिये तत्काल आवेदन करें। इसके बाद पीएनजी कनेक्शन प्राप्त नही करने की स्थिति में आगामी 3 माह में एलपीजी का कनेक्शन बंद किया जा सकता है। जिला आपूर्ति अधिकारियों को एमपीआईडीसी के जिला अधिकारी, जिले में स्थित पॉलीटेक्निक तथा आईटीआई से प्रशिक्षणार्थियों की सूची सीजीडी संस्था को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं। सीजीडी संस्था द्वारा इन प्रशिक्षणार्थियों को वर्तमान वेण्डर के साथ क्लब कर मैन पॉवर बढ़ाया जाएगा। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) में प्रदेश में कार्यरत 10 संस्थाओं को पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की मांग और शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। पीएनजी पाइप लाइन जिन क्षेत्रों में बिछ चुकी है, वहां आवासीय परिसर, स्कूल, हॉस्टल, कॉलेज, कम्युनिटी किचन और आंगनवाड़ी केंद्रों को आवेदन प्राप्त होने के 5 दिन में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पीएनजी कनेक्शन की प्रगति की निगरानी के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर, एडीएम, जिला आपूर्ति अधिकारी और संबंधित सीजीडी संस्थाओं के अधिकारी समीक्षा करेंगे। केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के लिये नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक निर्माण एवं म.प्र. औद्योगिक विकास निगम द्वारा सीजीडी संस्थाओं को उनके आवेदन करने के 24 घंटे में पाइप-लाइन बिछाने की आरओयू अनुमति दिये जाने के आदेश जारी किये गये हैं। विभाग द्वारा 10 से अधिक आरओयू आवेदनों की 24 घंटे के अंदर स्वीकृति जारी की गई है। सीजीडी संस्थाओं को घरेलू एवं व्यावसायिक पीएनजी के आवेदनकर्ताओं को पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिये सीजीडी संस्थाओं के कंट्रोल रूम नम्बर इस प्रकार हैं। अवंतिका गैस लिमिटेड – इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर (9424098887), गैल गैस लिमिटेड – देवास, रायसेन, शाजापुर, सीहोर (7880001788), नवेरिया गैस लिमिटेड – धार (07292-223311), थिंक गैस – भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी (1800-5727-107), आईओसीएल – गुना (9425991090), मउगंज, रीवा (9424836488), अशोकनगर (9425119522), मुरैना (7223982333), बीपीसीएल – मैहर, सतना शहडोल (9424738607), सीधी, सिंगरौली (9424341954), गुजरात गैस लि. – रतलाम (7412230292) शामिल है। प्रदेश के इन स्थानों से पाइप-लाइन के आस-पास के घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिये आवेदन कर सकते हैं।  

शाजापुर में लड़की ने दूसरी जगह सगाई से दुखी होकर प्रेमी संग दी जान

शाजापुर. शाजापुर शहर के लालघाटी थाना क्षेत्र के करेड़ी नाका के पास जहरीला पदार्थ खाने वाले प्रेमी युगल की मौत के बाद दोनों परिवार में मातम पसरा हुआ है। युवती की जिला अस्पताल शाजापुर में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। वहीं युवक ने इंदौर ले जाते वक्त रास्ते में दम तोड़ दिया। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम के दोनों के शव स्वजन को सौंपे गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। गुरुवार को जिले सुनेरा निवासी आशुतोष धाकड़ और देवास निवासी कशिश परिहार ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। जहरीला पदार्थ खाने के बाद युवक ने अपने दोस्त को फोन पर सूचना दी। इस पर दोस्त ने दोनों को जिला अस्पताल शाजापुर पहुंचाया था। यहां चिकित्सकों ने शुरुआती ऊपचार किया। हालत गंभीर होने पर दोनों को रेफर किया गया। आशुतोष को स्वजन एंबुलेंस से इंदौर ले गए। वहीं, युवती कशिश के स्वजन नहीं आ पाने के कारण उसका जिला अस्पताल में ही उपचार जारी रहा। जब तक स्वजन अस्पताल पहुंचे कशिश की भी मौत हो गई। अचानक हुए घटनाक्रम से कशिश के परिजन सकते में आए, माता, पिता और भाई का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। पिता बोले कुछ दिन पहले ही बेटी की सगाई की थी। तब उससे बात की थी उसने ऐसा कुछ नहीं बताया। खुशी-खुशी सगाई हुई थी, फिर ऐसा क्यों हुआ। मौजूद लोगों ने बमुश्किल पिता को ढांढस बंधाया। कशिश के भाई को आशुतोष ने किया था फोन गुरुवार दोपहर करीब ड़ेढ़ बजे आशुतोष ने कशिश के भाई आयुष को फोन किया था। बताया था कि वह एक-दूसरे से प्यार करते हैं और एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते। आयुष ने आशुतोष को समझाया फिर बहन के बारे में पता किया तो जानकारी मिली की वह साथ ही थी। कशिश को समझाया आयुष ने कहा- मैं बहन को प्यार से बिट्टू कहता हूं। बोला कि बिट्टू क्या है, क्या करना है तुम्हें, दोनों को शादी करनी है। इस पर वह बोली की हां शादी करनी है। मैंने कहा कि यह सगाई के पहले नहीं बता सकती थी। बोली भैया मैं डर गई थी, फिर मैंने उसे समझाया कि अभी जो हुआ चलो ठीक है, मुझे थोड़ा समय लेने दो। मैं घर पर बात करूंगा, अभी घर आ जा। अपन आशुतोष से बात करेंगे। बोली मैं आधे घंटे में निकल रही हूं। उसके बाद तो मेरे पास अस्पताल से फोन आया। मैं अपना सारा काम छोड़कर मोटरसाइकिल से शाजापुर जिला अस्पताल पहुंचा। वहां पर वेंटिलेटर तक नहीं है, ऐसे अस्पताल हैं। मेरी इकलौती बहन थी। मैं क्या देख रहा हूं, जबकि एक से ड़ेढ़ घंटे पहले ही आशुतोष के फोन से मेरी बहन से बात हुई थी। कुछ दिन पहले अपने एक रिश्तेदार के साथ आशुतोष घर आया था। मैंने सामान्य बात की कहा कि खाना खाकर ही जाना। मुझे शूट पर जाना था इसलिये मैं निकल गया था। क्षणिक आवेश ने बिगाड़े दो परिवार युवक-युवती द्वारा आत्महत्या का यह प्रकरण चिंता का सबब भी है। क्षणिक आवेश में आकर दोनों ने जो कदम उठाया वह दोनों ही के परिवार के लिए कभी न मिटने वाला दुख है। सेवानिवृत पुलिस निरीक्षक अवधेश कुमार शेषा ने कहा कि ऐसी घटनाएं परिवार, समाज सभी के लिए चिंता का सबब है।

जंगलों पर माफिया का वार नाकाम: बुरहानपुर में सलाई गोंद की बड़ी खेप पकड़ी गई

बुरहानपुर वन विभाग की टीम ने रविवार को वन परिक्षेत्र खकनार के बोरखेड़ा से करीब साढ़े आठ क्विंटल सलाई गोंद जब्त की है। यह गोंद पिकअप वाहन क्रमांक एमपी 09 जीएच 3170 के माध्यम से ले जाई जा रही थी। वन विभाग की टीम ने जब वाहन रोककर इसकी जांच की तो उसमें गोंद भरी पाई गई, जिसके बाद गोंद और वाहन को जब्त कर लिया गया। चालक के खिलाफ वन अपराध का प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है ज्ञात हो कि जिले के जंगलों से सलाई व धावड़ा सहित अन्य पेड़ों से गोंद की निकासी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद गोंद माफिया लगातार सक्रिय हैं और जंगलों से अवैध रूप से गोंद निकाल रहे हैं। बीते माह प्रतिबंध के बावजूद गोंद माफिया द्वारा पेड़ों को खोखला करने संबंधी खबर प्रमुखता से सामने आई थी। इसके बाद वन विभाग ने निगरानी बढ़ाई और लगातार कार्रवाई करते हुए गोंद की बड़ी खेपें पकड़ना शुरू किया है। सीसीएफ और वन विभाग की टीम की संयुक्त कार्रवाई दो दिन पहले खंडवा सीसीएफ और बुरहानपुर वन विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए धूलकोट रेंज से 780 किलो गोंद जब्त किया था। इसके अलावा शाहपुर क्षेत्र से एक बाइक भी जब्त की गई थी। उल्लेखनीय है कि एक जनहित याचिका पर निर्णय सुनाते हुए हाईकोर्ट ने गोंद निकासी पर प्रतिबंध लगाया है। इसके चलते वन विभाग ने पूर्व में जारी किए गए गोंद निकासी के सभी लाइसेंस रद्द कर दिए हैं

अनूपपुर में भवन गिरने से त्रासदी, मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के लिए राहत पैकेज की घोषणा

अनूपपुर. मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा में शनिवार शाम को हुए एक दर्दनाक हादसे में तीन मंजिला 'अग्रवाल होटल' की इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह (Anuppur Building Collapse) गई। इस हृदयविदारक घटना में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। प्रशासन द्वारा चलाए गए 14 घंटे के लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रविवार सुबह अंतिम शव बरामद किया गया। 14 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, मलबे में दबी मिली महिला शनिवार शाम जब यह हादसा हुआ, तब मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका थी। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने तत्परता से मोर्चा संभाला। शनिवार रात तक दो शव निकाले जा चुके थे, जबकि रविवार सुबह करीब 11 बजे 42 वर्षीय राधा कोल का शव बरामद हुआ। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के खत्म होने तक कुल तीन मौतों की पुष्टि हुई है। मृतकों में हनुमान दीन यादव (50 वर्ष), रामकृपाल यादव (45 वर्ष) और राधाबाई (45 वर्ष) शामिल हैं। लापरवाही ने ली जान: होटल मालिक और भूमि स्वामी पर केस दर्ज प्रारंभिक जांच में हादसे की मुख्य वजह सुरक्षा मानकों की अनदेखी को माना जा रहा है। बताया गया है कि होटल की बिल्डिंग के ठीक बाजू में एक गहरा गड्ढा खोदा गया था, जिससे इमारत की नींव कमजोर हो गई और वह ढह गई। पुलिस अधीक्षक मोतीउर रहमान के अनुसार, इस गंभीर लापरवाही के लिए होटल मालिक लाल अग्रवाल और निर्माण कार्य करा रहे भूमि स्वामी राजीव गर्ग के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 304 और 106 के तहत मामला दर्ज किया गया है। शासन की ओर से आर्थिक सहायता की घोषणा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए विशेष आर्थिक सहायता के निर्देश दिए हैं: मृतकों के परिजनों को: कुल 9 लाख रुपये (4 लाख मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान, 4 लाख संबल योजना और 1 लाख रेडक्रास)। घायलों को: कुल 2.5 लाख रुपये (2 लाख मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान और 50 हजार रेडक्रास)। प्रशासनिक अधिकारियों का दौरा रविवार को भोपाल से अपर मुख्य सचिव (गृह) के.सी. गुप्ता ने कोतमा पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना और समुचित इलाज के निर्देश दिए। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और मामले की बारीकी से जांच जारी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व.  यज्ञदत्त शर्मा की जयंती पर विधानसभा में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनका स्मरण किया। पुष्पांजलि कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर, स्व.  शर्मा के परिजन, विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व.  शर्मा ने जनकल्याण के दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। स्व.  यज्ञदत्त शर्मा, मध्यप्रदेश विधानसभा के सम्मानित पूर्व अध्यक्ष थे। उन्होंने सदन की गरिमा और लोकतंत्र की मर्यादा को हमेशा बनाए रखा।  शर्मा ने अपने लम्बे राजनीतिक जीवन में सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया।  

शहीद के संघर्ष और बलिदान की गाथा भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा : राज्यपाल पटेल

भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने धार जिले के गौरव, अमर शहीद नायब सूबेदार रवींद्र सिंह राठौर की प्रतिमा का रविवार को अनावरण किया। शहीद की वीरता को नमन करते हुए उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शहीद की स्मृति को चिरस्थाई बनाने की यह पहल और अटूट निष्ठा अनुकरणीय है। राज्यपाल द्वारा शहीद की पत्नी  प्रताप कंवर और उनके परिवारजन का आत्मीय सम्मान किया गया। नगर परिषद द्वारा बदनावर की माथुर कॉलोनी में नवनिर्मित शहीद पार्क में समारोह का भव्य आयोजन किया गया था। राज्यपाल  पटेल ने शहीद रवींद्र सिंह के जीवन संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्राम पाना के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे रवींद्र सिंह ने सेना में भर्ती होने के लिए लगातार तीन बार प्रयास किए। उनकी यह जिद और देश सेवा का जज्बा ही उन्हें सेना तक ले गया। उन्होने बताया कि 9 जुलाई 2001 को जम्मू की सुरनकोट तहसील के जंगलों में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए उन्होंने वीरगति प्राप्त की। उनका बलिदान धार जिले सहित पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने परिसर में पौध-रोपण कर पर्यावरण-संरक्षण का संदेश दिया। समारोह में केंद्रीय राज्यमंत्री  सावित्री ठाकुर, क्षेत्रीय विधायक  नीना वर्मा, पूर्व मंत्री  राजवर्धनसिंह दत्तीगांव, नगर परिषद अध्यक्ष मीना शेखर यादव सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।