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भाजपा का बड़ा कदम, मध्य प्रदेश के 18 जिलों में नए जिला कार्यालय बनाएगी, एक साल में होंगे तैयार

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के 18 जिलों में नए और आधुनिक जिला कार्यालय बनाने जा रही है। इन सभी कार्यालयों का निर्माण एक साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। भाजपा के स्थापना दिवस 6 अप्रैल को सभी 18 जिलों में एक साथ इन कार्यालयों का भूमिपूजन किया जाएगा। पार्टी इस कार्यक्रम को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी में है। पार्टी प्रत्येक जिला कार्यालय के निर्माण पर करीब डेढ़ करोड़ से ढाई करोड़ रुपए तक खर्च करेगी। इन भवनों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि संगठनात्मक कामकाज बेहतर तरीके से हो सके।  8 से 12 हजार वर्गफीट में बनेंगे भवन इन नए कार्यालयों का निर्माण 8 हजार से 12 हजार वर्गफीट क्षेत्र में किया जाएगा। छोटे जिलों में थोड़े छोटे और बड़े जिलों में बड़े भवन बनाए जाएंगे। सभी सुविधाओं से होंगे लैस हर जिला कार्यालय में मीटिंग हॉल, कॉन्फ्रेंस रूम, डिजिटल सुविधा, कंप्यूटर कक्ष और कार्यकर्ताओं के बैठने की व्यवस्था होगी। कुछ जगहों पर छोटे गेस्ट रूम भी बनाए जाएंगे। पार्टी ने तय किया है कि सभी कार्यालयों का निर्माण एक साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा, ताकि 2027 तक इनका उपयोग शुरू हो सके। इन जिलों में बनेंगे कार्यालय इन नए कार्यालयों का निर्माण प्रदेश के कई जिलों में किया जाएगा, जिनमें प्रमुख रूप से सीधी, शहडोल, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, सिवनी, छिंदवाड़ा, पन्ना, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी, बालाघाट, सिंगरौली और आगर-मालवा शामिल हैं। 

जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर करें सख्त कार्यवाही

भोपाल संपूर्ण प्रदेश में एलपीजी सहित अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी तरह की कोई कमी नहीं है। मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने पेट्रोलियम पदार्थों की सुगम उपलब्धता के लिए प्रदेश में किए जा रहे प्रयासों पर संतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर्स से कहा है कि वे प्रतिदिन मानीटरिंग करें और जमाखोरी के साथ कालाबाजारी की शिकायतों पर त्वरित तथा सख्त कार्यवाही करें। मुख्य सचिव  जैन ने गुरूवार को मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कलेक्टर्स के साथ जिलों में पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता की समीक्षा की। बैठक में तय किया गया कि राज्य स्तर और जिला स्तर पर पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता पर प्रतिदिन रिव्यू होगा। मुख्य सचिव  जैन ने पीएनजी लाइन वाले जिलों में अधिकाधिक घरेलू कलेक्शन देने के लिए संबंधित एजेंसियों को जिला प्रशासन से नियमित समन्वय करने के साथ ही कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि वे एजेंसियों को वर्क फोर्स उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के बीच पीएनजी की विशेषताओं का प्रचार-प्रसार करें, जिससे अगले 3 महीने की समय-सीमा मे उन क्षेत्रों में अधिकतम घरों तक पाइप से गैस पहुंच सके। बैठक में विगत एक माह में पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता और आपूर्ति की समीक्षा की गई। पेट्रोल पंप तथा गैस एजेंसियों पर अब लाइन आदि समाप्त होने के साथ पैनिक बुकिंग बंद होने पर संतोष व्यक्त किया गया। मुख्य सचिव  जैन ने निर्देश दिए कि वैकल्पिक ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव  जैन ने गैस की पर्याप्त उपलब्धता और निरंतर आपूर्ति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने घरों में पीएनजी कनेक्शन की समीक्षा की और निर्देश दिए कि पाइप लाइन की क्षमता अनुरूप घरेलू कनेक्शन करें। कनेक्शन जो बंद हो गए हैं, उन्हें भी पुन: प्रारंभ करें। उन्होंने इन एजेंसियों के लिए विभागों से 24 घंटे में अनापत्ति प्रमाण-पत्र आदि जारी करने के साथ ही कालोनियों में कनेक्शन के लिए शिविर लगाने के निर्देश दिए। जमा और मुनाफाखोरो के खिलाफ सख्त एक्शन लेने के निर्देश मुख्य सचिव  जैन ने प्रदेश में एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के विरूद्ध की गई कार्यवाही की समीक्षा की। उन्होंने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के लागू करने के साथ भारी अर्थदंड और एजेंसियों पर आवश्यक होने पर निलंबन की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि एजेंसियाँ कई बार मुनाफे के लिए अपने कर्मियों से भी कालाबाजारी करवाती है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 3029 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। 2759 छापे मारे गए हैं। दोषियों के विरूद्ध 11 एफआईआर भी दर्ज की गई हैं। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है और ऑयल कंपनी के डिपो से निरंतर आपूर्ति जारी है। जिलों में गैस पाईप लाईन बिछाने के सभी आर.ओ.यू आवेदनों को आवेदन प्रस्तुत करने के 24 कार्यकारी घंटो के अंदर डीम्ड सीजीडी अनुमति प्रदान करने के आदेश अनुसार कार्यवाही की जा रही हैं। राज्य शासन को अतिरिक्त 10% एलपीजी आवंटन प्राप्त हो चुका है। 27 मार्च 2026 को भारत सरकार द्वारा कॉमर्शियल एलपीजी का अतिरिक्त 20% आवंटन उ‌द्योग जैसे-स्टील, ऑटोमोबाईल, टेक्सटाइल, डाई, केमिकल्स, प्लास्टिक्स आदि के लिए किया गया है और उद्योगों को कॉमर्शियल गैस सप्लाई उक्त अनुसार की जा रही है। बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश को केरोसीन आवंटन और एवं प्रत्येक जिले में 2 पेट्रोल पंपों का आंकलन प्रक्रियाधीन है। विभाग द्वारा केरोसीन वितरण के दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। केरोसीन का वितरण मांग के आधार पर होगा। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारी और आयल कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

संस्कृति एवं पर्यटन विभाग द्वारा लोकमाता देवी अहिल्या बाई पर बनी फिल्म को दिल्ली फिल्म फेस्टिवल में मिला सम्मान

भोपाल  देश की राजधानी दिल्ली में मध्यप्रदेश संस्कृति और पर्यटन विभाग द्वारा देवी अहिल्या बाई की ३०० वीं जयंती के अवसर पर निर्मित फिल्म लोकमाता देवी अहिल्या बाई को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ दिल्ली – 2026 के दौरान “सिनेमा के माध्यम से इतिहास संरक्षण में योगदान" से सम्मानित किया गया। दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी)  तरनजीत सिंह संधू, दिल्ली की मुख्यमंत्री मती रेखा गुप्ता और कला, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  कपिल मिश्रा द्वारा “नाइट ऑफ ऑनर्स” समारोह में फिल्म की निर्देशक डिंपल दुगर को सम्मानित किया। आईएफएफडी, दिल्ली सरकार (NCT) की एक आधिकारिक सांस्कृतिक पहल है, जिसका आयोजन दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम द्वारा किया जाता है। मध्यप्रदेश की संस्कृति और विरासत की वैश्विक पहचान का प्रतीक यह सम्मान : अपर मुख्य सचिव  शुक्ला अपर मुख्य सचिव संस्कृति, गृह, जेल और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व  शिव शेखर शुक्ला ने इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ दिल्ली – 2026 में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर पर आधारित फिल्म को मिले सम्मान को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान मध्यप्रदेश की समृद्ध संस्कृति और विरासत की वैश्विक पहचान का प्रतीक है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के अवसर पर 7 मिनट की प्रभावशाली एनीमेशन फिल्म, उन्हें श्रद्धांजलि स्वरूप निर्मित की गई है। इसमें उनके सुशासन, धर्म संरक्षण, न्यायप्रियता और मंदिरों के पुनर्निर्माण की गौरवगाथा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया है। फिल्म की निर्देशक डिंपल दुगर ने जताया आभार  जेवीडी एनीमेशन स्टूडियो की निदेशक एवं संस्थापक और फिल्म की निर्देशक डिंपल दुगर ने इस सम्मान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित वरिष्ठ अधिकारियों का फिल्म निर्माण में मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म के निर्माण में प्राप्त मार्गदर्शन, सहयोग और विश्वास ने इसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह सम्मान न केवल पूरी टीम के प्रयासों का परिणाम है, बल्कि मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रेरणादायी इतिहास को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। फिल्म –JIO HOSTAR पर भी उपलब्ध लोकमाता अहिल्याबाई होलकर पर आधारित यह फिल्म उनके अद्वितीय जीवन, आदर्श शासन और जनकल्याणकारी कार्यों को केंद्र में रखती है। फिल्म में उनके न्यायप्रिय, संवेदनशील और दूरदर्शी शासन का सशक्त चित्रण किया गया है। धर्म, संस्कृति और समाज के लिए किए गए उनके ऐतिहासिक कार्य जैसे मंदिरों का पुनर्निर्माण और तीर्थस्थलों का विकास को जीवंत रूप में दर्शाया गया है। साथ ही, यह फिल्म महिला सशक्तिकरण और सुशासन का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत करती है।फिल्म यह भी दर्शाती है कि किस प्रकार अहिल्याबाई होलकर ने विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, नीति और सेवा भाव के साथ शासन करते हुए आदर्श नेतृत्व का परिचय दिया।यह केवल एक ऐतिहासिक कथा नहीं, बल्कि आज के समय में भी सुशासन, नारी शक्ति और सांस्कृतिक गौरव की प्रेरणा देने वाली एक सशक्त प्रस्तुति है। आर इस फिल्म को JIO HOSTAR पर देख सकते हैं।  आईएफएफडी-2026 में 30 हजार से अधिक दर्शकों ने कराया पंजीकरण आईएफएफडी-2026 में 30 हजार से अधिक दर्शकों ने पंजीकरण कराया था।सात दिनों तक चले इस महोत्सव में 100 से अधिक देशों से आई 2,187 फिल्मों की रिकॉर्ड प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जिनमें 1,372 अंतर्राष्ट्रीय और 815 भारतीय फिल्में शामिल थीं। राजधानी के 15 से अधिक स्थलों पर प्रदर्शित 125 से ज्यादा फिल्मों ने दर्शकों को विविधता और विषयवस्तु से परिचित कराया।  

प्रयोगशालाओं को बेहतर बनाने विज्ञान संकाय शिक्षकों को राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान में दिया जा रहा प्रशिक्षण

भोपाल  मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मंशा के अनुरूप विज्ञान संकाय की शिक्षा को समृद्ध किया जा रहा है। इसमें विभाग द्वारा विज्ञान विषय के शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थान में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। फिजिक्स, केमिस्ट्री एवं मैथमेटिक्स जैसे विषयों में शिक्षकों के प्रशिक्षण को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न पहलें की गई हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आधारभूत सिद्धान्त के अनुसार विभाग द्वारा सभी हाई और हायर सेंकडरी विद्यालयों में समुचित अधोसंरचना विकास के साथ प्रयोगशालाओं तथा अन्य शैक्षिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आवश्यकता है शिक्षक साथी इन संसाधनों का कक्षा शिक्षण में यथोचित उपयोग सुनिश्चित करें, जिससे विद्यार्थी रूचिपूर्वक अध्ययन कर सकें। यह बात स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल ने शिक्षकों के प्रशिक्षण सत्र में कही। मध्यप्रदेश लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (NITTTR) भोपाल के सहयोग से विगत 28 मार्च से भौतिकी, रसायन एवं गणित (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स) विषयों के शिक्षकों को प्रयोगशालाओं के बेहतर उपयोग एवं प्रायोगिक शिक्षण को प्रभावी बनाने का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल ने एक अप्रैल को राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान भोपाल पहुंचकर अवलोकन किया। साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षकों से संवाद किया।  17,000 शिक्षक होंगे प्रशिक्षित यह पहला अवसर है जब प्रदेश में विज्ञान शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थान में इस प्रकार का प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में कक्षा 9 से 12 तक के विज्ञान विषय से संबंधित सभी संकायों (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स) के शिक्षकों को विज्ञान प्रयोगशालाओं के व्यापक एवं सार्थक उपयोग का प्रशिक्षण विशेषज्ञों द्वारा दिया किया जा रहा है। प्रदेश के लगभग 17,000 शिक्षक, प्रयोगशालाओं के बेहतर उपयोग का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण का प्रथम चरण 2 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें कुल 416 मास्टर ट्रेनर तैयार किये जायेंगे। यह मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपने-अपने जिलों में प्रशिक्षण देंगे। सभी कक्षाओं के लिए तैयार किए गए हैं अलग-अलग मॉड्यूल लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा विज्ञान प्रयोगशाला प्रशिक्षण के लिए सभी कक्षाओं के लिए अलग-अलग मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। इन मॉड्यूल्स में समग्र एवं संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए सामग्री-आधारित प्रयोगों को शामिल किया गया है, जो विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अवधारणाओं की गहन समझ प्रदान करते हैं। प्रत्येक प्रयोग में जीवनोपयोगिता, सिद्धांत, अधिगम उद्देश्य, कार्य विधि, प्रेक्षण, परिणाम, सावधानियां एवं प्रश्नोत्तर को व्यवस्थित रूप से सम्मिलित किया गया है। एनटीटीटीआर के सहयोग से संचालित यह पहल भारत सरकार के "Skill India" और "Developed India@2047" के विज़न के अनुरूप है, जो हमारे शिक्षकों को उनकी दक्षता संवर्धन में सहयोग करने के साथ ही कौशल आधारित शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करने में भी सहायक होगी। इस अवसर पर आयुक्त लोक शिक्षण  शिल्पा गुप्ता, अपर परियोजना संचालक  नंदा भलावी कुशरे, एनटीटीटीआर के निदेशक प्रो. चंद्र चारू त्रिपाठी एवं अन्य अधिकारी और प्रशिक्षु शिक्षक उपस्थित थे।  

महंगाई भत्ता 55 से बढ़कर 58 प्रतिशत हुआ

भोपाल  वित्त विभाग ने राज्य के शासकीय कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (डीए) में वृद्धि का निर्णय लिया है। जारी आदेश के अनुसार सातवें वेतनमान के अंतर्गत कर्मचारियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता अब दिनांक एक जुलाई 2025 से (भुगतान माह अगस्त 2025 से) 55 प्रतिशत से 3 प्रतिशत बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर दिया गया है। वित्त विभाग के परिपत्र के अनुसार यह बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता 1 जुलाई 2025 से कुल 58 प्रतिशत देय माना जाएगा। हालांकि कर्मचारियों को इसका वास्तविक लाभ 1 अप्रैल 2026 (भुगतान माह मई 2026) से प्राप्त होगा। सरकार द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि 3 प्रतिशत की इस वृद्धि के बाद कर्मचारियों का कुल महंगाई भत्ता अब 58 प्रतिशत हो जाएगा। यह निर्णय राज्य के लाखों कर्मचारियों के लिए आर्थिक राहत लेकर आएगा। एरियर का भुगतान छह किश्तों में वित्त विभाग ने शासकीय सेवकों को महंगाई भत्ते में हुई वृद्धि का लाभ एक जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक की एरियर राशि का भुगतान छह समान किश्तों में दिया जाएगा। इन किश्तों का भुगतान मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 में किया जाएगा। सेवानिवृत्त और दिवंगत कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान वित्त विभाग ने जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि जो कर्मचारी 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच सेवानिवृत्त हो चुके हैं या जिनका निधन हो गया है, उन्हें अथवा उनके नामांकित सदस्य को एरियर की पूरी राशि एकमुश्त प्रदान की जाएगी। भुगतान संबंधी अन्य निर्देश महंगाई भत्ते की गणना में 50 पैसे या उससे अधिक राशि को अगले पूर्ण रुपये में जोड़ा जाएगा, जबकि 50 पैसे से कम राशि को छोड़ दिया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि महंगाई भत्ते का कोई भी हिस्सा किसी अन्य प्रयोजन के लिए वेतन का भाग नहीं माना जाएगा। सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि महंगाई भत्ते के भुगतान पर होने वाला व्यय संबंधित विभाग के स्वीकृत बजट प्रावधान के भीतर ही सुनिश्चित किया जाए। 

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में “विज्ञान में राष्ट्रीय स्वत्व” पर हुआ व्याख्यान

भोपाल ब्रिटिश शासनकाल में भारत को कमतर आंकने का कुत्सित प्रयास किया गया और भारतीय समाज में विद्यमान परंपरागत ज्ञान में निहित वैज्ञानिक उपलब्धियों को छुपाया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने, भारत को स्वाभिमान के साथ विश्वमंच पर पुनः सशक्त होकर खड़े होने का महत्वपूर्ण अवसर दिया है। हमारा देश, अपने पूर्वजों के दर्शन "ज्ञानमेव शक्ति" के आधार पर, विश्वमंच पर पुनः सिरमौर बनेगा, इसके भारतीय ज्ञान परम्परा में विद्यमान समृद्ध वैज्ञानिक दृष्टिकोण को युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में पुनः सामने लाने की आवश्यकता है। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने गुरुवार को, भोपाल स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के ज्ञान-विज्ञान भवन में, प्रज्ञा प्रवाह एवं बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित "विज्ञान में राष्ट्रीय स्वत्व : भारतीय वैज्ञानिकों का संघर्ष" विषयक एक दिवसीय व्याख्यान के शुभारम्भ अवसर पर कही। मंत्री  परमार ने भारतीय ज्ञान परम्परा में विद्यमान वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर स्वत्व के भाव की जागृति के आलोक में अपने विचार साझा किए। उच्च शिक्षा मंत्री  परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसरण में, उच्च शिक्षा में पाठ्यक्रमों में भारतीय ज्ञान परम्परा का समावेश किया जा रहा है। हर क्षेत्र, हर विधा और हर विषय में, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समृद्ध परंपरागत भारतीय ज्ञान पर शिक्षाविद् व्यापक मंथन कर रहे हैं। मंत्री  परमार ने कहा कि हमारे पूर्वज प्रकृति के ऊर्जा स्रोतों का महत्व जानते थे, इसलिए उन्होंने कृतज्ञता के साथ नदी, सूर्य और पेड़ों के प्रति संरक्षण भाव से पूजन की परंपराएं स्थापित की थी। भारत का दृष्टिकोण विश्व को परिवार मानता है, इसका सशक्त उदाहरण है जब भारत ने कोविड के संकटकाल में, विभिन्न देशों को वैक्सीन उपलब्ध करायी और वसुधैव कुटुंबकम् के भारतीय दृष्टि को विश्वमंच पर गुंजायमान किया। मंत्री  परमार ने कहा कि हमें अपनी पुरातन ज्ञान परम्परा पर, स्वत्व के भाव के साथ गर्व करने की आवश्यकता है, इससे स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत को विश्वमंच पर हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने की संकल्पना सिद्ध हो सकेगी। व्याख्यान के दौरान "नेशनल सेल्फहुड इन साइंस" पुस्तक का विमोचन भी किया गया। मुख्य वक्ता  जे. नंदकुमार ने अपने व्याख्यान में कहा कि विज्ञान एक सार्वलौकिक विषय है। उन्होंने कृत्रिम मेधा (एआई) जैसी आधुनिक तकनीक की उपयोगिता पर विस्तृत प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में भारतीय वैज्ञानिकों के महत्वपूर्ण योगदान का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार जैन ने स्वागत उद्बोधन में कार्यक्रम की प्रासंगिकता एवं विषय की महत्ता पर प्रकाश डाला। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. एस. बी. सिंह द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया तथा राष्ट्रगान “जन गण मन” के सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। व्याख्यान में प्रज्ञा प्रवाह के विभिन्न पदाधिकारीगण, विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलगुरु, प्राध्यापकगण, विविध शिक्षाविद्, विद्वतजन, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।  

इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर 4% रोड टैक्स लागू, खरीदना पड़ेगा महंगा सौदा

भोपाल  राज्य परिवहन विभाग ने ईवी रजिस्ट्रेशन के नियमों में संशोधन किया है। अब तक जिन इलेक्ट्रिक वाहनों पर शून्य रोड टैक्स लगता था, उन पर अब चार प्रतिशत तक टैक्स वसूलने की तैयारी कर ली गई है। इस फैसले से उन खरीदारों को बड़ा झटका लगा है, जो पर्यावरण संरक्षण और टैक्स बचत के नाम पर महंगी इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने की योजना बना रहे थे। नए नियमों के लागू होने के बाद गणित पूरी तरह बदल गया है। 20 लाख की कार पर अब 80 हजार रुपये अतिरिक्त उदाहरण के तौर पर, पहले जहां 20 लाख रुपये की इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स के नाम पर शून्य भुगतान करना पड़ता था, वहीं अब चार प्रतिशत टैक्स के हिसाब से खरीदार को लगभग 80 हजार रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। यह बदलाव न केवल कारों पर, बल्कि टू-व्हीलर और कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर भी असर डालेगा। परिवहन विभाग का कहना है कि प्रदेश में ईवी की बढ़ती संख्या और बुनियादी ढांचे (चार्जिंग स्टेशन आदि) के विकास के लिए राजस्व जुटाना आवश्यक है, इसलिए यह फैसला लिया गया है। बिक्री की रफ्तार सुस्त पड़ने की आशंका हालांकि ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से ईवी की बिक्री की रफ्तार सुस्त पड़ सकती है। लोग अब पेट्रोल-डीजल और हाइब्रिड गाड़ियों के साथ ईवी की कीमतों की तुलना नए सिरे से करेंगे। टैक्स में इस बढ़ोत्तरी के कारण हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों के बीच का अंतर कम हो जाएगा, जिससे ग्राहकों का रुझान बदल सकता है। शासन के निर्देशानुसार इलेक्ट्रिक वाहनों के टैक्स स्लैब में संशोधन किया गया है। अब तक ईवी को बढ़ावा देने के लिए शत-प्रतिशत छूट दी जा रही थी। अब चार प्रतिशत का टैक्स प्रभावी किया गया है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। – जितेंद्र शर्मा, आरटीओ, भोपाल  

संविदा कर्मियों के लिए खुशखबरी, 65 वर्ष तक सेवा जारी रखने की अनुमति

भोपाल  राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), मध्य प्रदेश में कार्यरत संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों के अनुभव को तरजीह दी गई है। विभाग ने अपने संविदा मानव संसाधन (एचआर) मैनुअल 2025 के नियमों में बड़ा संशोधन किया है। नए प्रविधान के तहत अब 65 वर्ष की आयु पूरी कर चुके अनुभवी कर्मचारी विशेष परिस्थितियों में आगे भी अपनी सेवाएं दे सकेंगे। मिशन कार्यालय द्वारा जारी इस आदेश से उन कर्मचारियों का रास्ता साफ हो गया है जो रिटायरमेंट के बाद भी विभाग को अपनी सेवाएं देना चाहते थे। मिशन संचालक को मिले विशेष अधिकार पुराने नियमों के मुताबिक, एलोपैथिक डॉक्टरों को छोड़कर बाकी सभी संविदा कर्मचारियों के लिए काम करने की अधिकतम उम्र सीमा 65 साल ही तय थी। अब इसमें बदलाव कर मिशन संचालक को विशेष अधिकार दिए गए हैं। यदि कोई सेवानिवृत्त कर्मचारी या अधिकारी शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ है, तो मिशन संचालक विशेष स्थिति में उन्हें 65 साल की उम्र के बाद भी आगामी वर्षों के लिए कार्य करने की अनुमति दे सकेंगे। एलोपैथिक डॉक्टरों पर लागू नहीं होगा नियम संशोधित नियमों में यह स्पष्ट किया गया है कि 65 साल के बाद कार्यकाल बढ़ाने की यह छूट एलोपैथिक स्नातक (एमबीबीएस) और स्नातकोत्तर (एमडी/एमएस) चिकित्सा अधिकारियों पर लागू नहीं होगी। विभाग का मानना है कि इस बदलाव से स्वास्थ्य मिशन को उन अनुभवी प्रशासनिक और तकनीकी स्टाफ का लाभ मिलता रहेगा, जो लंबे समय से मिशन की योजनाओं को धरातल पर उतारने का अनुभव रखते हैं। अनुभवी कर्मचारियों की कार्यक्षमता का लाभ लेने के लिए एचआर मैनुअल में यह संशोधन किया गया है। फिट होने की स्थिति में मिशन संचालक के पास कार्यकाल बढ़ाने का अधिकार रहेगा। – डॉ. राकेश बौहरे, वरिष्ठ संयुक्त संचालक (एचआर), एनएचएम म.प्र.  

इंदौर में आधुनिक ग्रेडिंग एवं कलर सॉर्टिंग प्लांट का शुभारंभ कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम : कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि इंदौर जिले के ग्राम अरण्या में अत्याधुनिक ग्रेडिंग एवं कलर सॉर्टिंग प्लांट का शुभारंभ से क्षेत्र के किसानों एवं व्यापारियों के लिए आधुनिक तकनीक के माध्यम से बेहतर गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा तेज़ प्रोसेसिंग सुनिश्चित हो सकेगी। यह पहल कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में अहम कदम है। कृषि मंत्री  कंषाना ने कहा आधुनिक तकनीकों के उपयोग से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा तथा कृषि व्यापार अधिक संगठित और प्रतिस्पर्धी बनेगा। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयासरत है। ऐसे आधुनिक प्लांट किसानों को बेहतर ग्रेडिंग सुविधा प्रदान करेंगे, जिससे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच आसान होगी। मंत्री  कंषाना ने कहा कि इस नई सुविधा से कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार के साथ स्थानीय कृषि व्यापार को नई गति मिलेगी। क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे कृषि विकास के लिए सकारात्मक कदम बताया है। मंत्री  कंषाना ने कहा कि आधुनिक ग्रेडिंग और कलर सॉर्टिंग प्लांट कृषि उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने के लिए उपयोग की जाने वाली एक उन्नत तकनीक है। इसमें कच्चे माल को हॉपर में डाला जाता है, जहाँ सफाई, ग्रेडिंग और रंग के आधार पर छंटाई की जाती है। इसमें फोटोसेंसर और हाई-स्पीड कैमरे लगे होते हैं जो खराब या रंगहीन दानों को पहचान कर उन्हें अलग कर देते हैं।यह गेहूं, चावल, चना, मूंगफली, तुलसी, कलौंजी, चिया सीड और किनवा जैसे विभिन्न अनाज और बीजों के लिए उपयोग किया जाता है। खराब, क्षतिग्रस्त या अलग रंग के दानों को हटाने से उत्पाद की ग्रेडिंग बेहतर होती है। बेहतरीन रंग और सफाई वाले अनाज की बाजार में अधिक कीमत मिलती है। मानव श्रम कम लगता है और शुद्धता अधिक होती है।  

फर्जी सिम रैकेट पर शिकंजा, ऑपरेशन फेस में आरोपी गिरफ्तार—455 सिम का खुलासा

नरसिंहपुर जिले में साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे ‘‘ऑपरेशन फेस’’ के तहत नरसिंहपुर पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। फर्जी सिम कार्डों के अवैध नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है, जिससे अब तक कुल 1232 फर्जी सिम कार्डों का खुलासा हो चुका है। इस कार्रवाई को साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया कि थाना गोटेगांव क्षेत्र निवासी विनय सिलावट पिता भगवानदास सिलावट (उम्र 28 वर्ष) इस नेटवर्क में सक्रिय था। आरोपित ने फर्जी दस्तावेजों और अपने चेहरे का उपयोग कर 455 सिम कार्ड अवैध रूप से एक्टिवेट कराए थे। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और मामले में पूछताछ जारी है। इससे पहले थाना ठेमी क्षेत्र के ग्राम बढ़ैयाखेड़ा निवासी रंजीत पटेल को गिरफ्तार किया गया था, जिसने 777 सिम एक्टिवेट कराए थे। दोनों मामलों को जोड़कर अब तक कुल 1232 फर्जी सिम कार्डों का खुलासा हो चुका है, जिससे बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। ऐसे होता था फर्जीवाड़ा जांच में खुलासा हुआ कि आरोपित फर्जी या छलपूर्वक प्राप्त पहचान दस्तावेज एकत्रित कर सिम विक्रेताओं के माध्यम से ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराते थे। फेशियल ऑथेंटिकेशन के दौरान अपने ही चेहरे का उपयोग कर सिम सक्रिय कर दिए जाते थे। इस तरह अलग-अलग फर्जी पहचान पर बड़ी संख्या में सिम कार्ड चालू किए गए। मामला दर्ज, अन्य की तलाश जारी पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीना के निर्देशन में गठित टीम ने आरोपित के खिलाफ धारा 419, 468, 471 भादवि एवं 66 (सी) आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। कार्रवाई में उनि गौरव नेमा, विजय द्विवेदी, श्रीराम रधुवंशी, जयवति कुरोपे, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र सिंह, हेमंत बाडिवा, भूपेन्द्र नवरेती, महिला आरक्षक कुमुद पाठक, आरक्षक जितेन्द्र ठाकुर, राकेश इनवाति एवं संकल्प ठाकुर की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस की यह अपील पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आधार, फोटो व अन्य दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को न दें और अपने नाम पर जारी सिम कार्डों की समय-समय पर जांच करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस को दें।