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ग्वालियर-चंबल में मौसम हुआ बेहद गर्म, 15 मार्च से गर्मी का असर और बढ़ेगा

भोपाल  मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे सप्ताह की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने तेज तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राज्य के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है, जबकि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में यह औसत से करीब 6 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 मार्च के बाद गर्मी का असर और तेज हो सकता है। यह आज की ताज़ा ख़बरों में मौसम से जुड़ा बड़ा अपडेट माना जा रहा है। धार में सबसे अधिक 39 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में तापमान 38 डिग्री के पार पहुंच गया। धार में सबसे अधिक 39 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा सागर में 38.9 डिग्री, रतलाम और नर्मदापुरम में 38.8 डिग्री, खजुराहो में 38.3 डिग्री, गुना में 38.1 डिग्री तथा दमोह और टीकमगढ़ में 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पांच बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 37.2 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन में 37 डिग्री, इंदौर में 36.8 डिग्री, जबलपुर में 36.6 डिग्री और भोपाल में 36.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 34 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। हवा की दिशा बदलने से बढ़ी गर्मी मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में हवा की दिशा में बदलाव आया है। पहले जहां हवाएं उत्तर-पूर्व से आ रही थीं, वहीं अब पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर से चल रही हैं। इन हवाओं में नमी कम है और ये राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से होकर मध्यप्रदेश तक पहुंचती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है। 15 मार्च के बाद मौसम में बदलाव संभव मौसम विभाग के मुताबिक 15 मार्च के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके असर से प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई जा रही है।मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मार्च में लू चलने की संभावना नहीं है, लेकिन अप्रैल और मई में भीषण गर्मी पड़ सकती है। इस दौरान 15 से 20 दिनों तक हीट वेव का असर देखने को मिल सकता है। ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी पड़ने के संकेत हैं।  मंगलवार को प्रदेश के कई शहरों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। धार में सबसे अधिक 39 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि सागर में 38.9 डिग्री, रतलाम और नर्मदापुरम में 38.8 डिग्री, खजुराहो में 38.3 डिग्री और गुना में 38.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दमोह और टीकमगढ़ में भी पारा 38 डिग्री तक पहुंच गया। प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 34 डिग्री या उससे ऊपर रिकॉर्ड किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में तापमान 37.2 डिग्री, उज्जैन में 37 डिग्री, इंदौर में 36.8 डिग्री, जबलपुर में 36.6 डिग्री और भोपाल में 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च की शुरुआत में इतनी तेजी से तापमान बढ़ना सामान्य ट्रेंड से अलग है। मौसम विभाग के अनुसार, तापमान बढ़ने की मुख्य वजह हवा की दिशा में बदलाव है। फिलहाल प्रदेश में हवाएं उत्तर-पूर्व की बजाय पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही हैं। इन हवाओं में नमी कम है और ये रेगिस्तानी क्षेत्रों से होकर आती हैं, जिससे तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च का मौसम संक्रमण और एलर्जी के लिहाज से संवेदनशील होता है। दिन में तेज गर्मी और सुबह-रात हल्की ठंड रहने के कारण सर्दी-जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मरीज बढ़ सकते हैं। डॉक्टरों ने खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को सुबह और देर रात ठंडी हवा से बचने की सलाह दी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 मार्च के बाद प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम में हल्का बदलाव भी देखने को मिल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। हालांकि इससे गर्मी में ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल अप्रैल और मई के महीने सबसे अधिक गर्म रह सकते हैं। ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना जताई गई है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में भी गर्मी का असर तेज रहने का अनुमान है। पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में प्रदेश में दिन गर्म और रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहती हैं, जबकि कभी-कभी बारिश भी होती है। इस बार भी ऐसा ही मौसम देखने को मिल सकता है, लेकिन शुरुआती दिनों में ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी ने लोगों को गर्मी का अहसास जल्दी करा दिया है।

इनकम टैक्स का बड़ा एक्शन, माइनिंग बिजनेसमैन दिलीप गुप्ता के ठिकानों पर रेड, करोड़ों के दस्तावेज खंगाले जा रहे

भोपाल  राजधानी भोपाल में बुधवार सुबह उस समय हलचल मच गई जब आयकर विभाग की विशेष टीम ने शहर के बड़े माइनिंग कारोबारी दिलीप गुप्ता से जुड़े ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू कर दी। दिल्ली से पहुंची आयकर विभाग की टीम ने तड़के चूना भट्टी क्षेत्र में स्थित उनके आवास और एमपी नगर इलाके में मौजूद व्यावसायिक कार्यालयों पर कार्रवाई की। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह अभियान केवल भोपाल तक सीमित नहीं है, बल्कि विभाग की अलग-अलग टीमें कानपुर, छतरपुर और दिल्ली समेत कई शहरों में गुप्ता से जुड़े प्रतिष्ठानों और कार्यालयों की जांच कर रही हैं, जिससे पूरे मामले को बड़े पैमाने की समन्वित कार्रवाई माना जा रहा है। आयकर विभाग की इस कार्रवाई के पीछे मुख्य रूप से टैक्स चोरी और वित्तीय लेन-देन में संभावित अनियमितताओं की जांच को प्रमुख कारण बताया जा रहा है। विभाग को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि माइनिंग कारोबार से होने वाली आय का पूरा विवरण आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज, कंप्यूटर हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरण अपने कब्जे में लिए हैं। इन सभी रिकॉर्ड्स की जांच कर वास्तविक आय और घोषित आय के बीच अंतर का आकलन किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की कर चोरी या वित्तीय हेरफेर का पता लगाया जा सके। जांच एजेंसियों के रडार पर पहले भी रह चुके है दिलीप गुप्ता गौरतलब है कि दिलीप गुप्ता पहले भी जांच एजेंसियों के रडार पर रह चुके हैं। पिछले वर्ष नवंबर में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने भी उनके ठिकानों पर कार्रवाई की थी, जिसमें करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की गई थी। उस समय तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, जिंदा कारतूस और कई संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज बरामद होने की जानकारी सामने आई थी। आरोप लगाए गए थे कि निवेश योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये जुटाकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए शेयर आवंटन किया गया। अब आयकर विभाग की नई कार्रवाई ने इस मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है। अधिकारियों से सांठगांठ की जानकारी मौजूदा जांच में अधिकारियों द्वारा बेनामी संपत्तियों और हवाला से जुड़े लेन-देन के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। आयकर विभाग की टीम दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन कर रही है और घर के सदस्यों तथा कार्यालय के कर्मचारियों से पूछताछ भी की जा रही है। छापेमारी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और जांच पूरी होने तक बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। इस कार्रवाई के बाद भोपाल के व्यापारिक और माइनिंग क्षेत्र में भी हलचल देखी जा रही है, क्योंकि कारोबारियों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले दिनों में और भी जांच या खुलासे सामने आ सकते हैं। माइनिंग सेक्टर में सक्रिय दिलीप गुप्ता के खिलाफ यह कार्रवाई प्रदेश में आर्थिक अनियमितताओं पर नियंत्रण के प्रयासों के रूप में देखी जा रही है। हालांकि आयकर विभाग ने अभी तक आधिकारिक रूप से जब्त की गई संपत्तियों या दस्तावेजों का विस्तृत विवरण जारी नहीं किया है, लेकिन जिस स्तर पर यह अभियान चलाया जा रहा है उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि जांच में बड़े वित्तीय लेन-देन और संभावित अघोषित संपत्ति से जुड़े तथ्य सामने आ सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में आगे किस प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  

सरपंच व सचिव चला रहे अपने राज सरकार के पैसों का उडा रहे धज्जियां

सरपंच व सचिव चला रहे अपने  राज सरकार के पैसों का उडा रहे धज्जियां। राजेंद्रग्राम/छबिलाल जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत दुनिया के सरपंच श्रीमती जोगवती व सचिव पंचम सिमर को कर रहे अपने मन की राज और सरकार  के पैसों का धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं, अगर देखा जाए तो ग्राम पंचायत दुनिया के ग्राम मिर्च दादर में शासकीय प्राथमिक विद्यालय स्थित है जिसका बाउंड्री कारण किया जा रहा है जिसमें सुचारू रूप से गुणवत्ता विहीन है ऐसा लगता है की सीमेंट नहीं राख से चुने किया गया हो दीवाल को छूने से धूल जैसा उड़ रहा है उसे बाउंड्री वॉल में सरकार के द्वारा लाखों रुपए की लागत लगाकर बाउंड्री बनाने का निर्देश दिया गया है लेकिन एक पैसे का नहीं समझ में आ रहा है। उसे बाउंड्री वालों को बनते बनते लगभग एक से डेढ़ साल पूरा हो चुका है लेकिन अभी तक काम को पूरा कर सरपंच संचिव के द्वारा विद्यालय परिसर को नहीं सोपा गया है। और अगर देखा जाए तो कहीं पहले स्टार अधूरा तो कहीं चुनाई अधूरा तो कहीं दीवाल ही तैयार नहीं किया गया है और काम को पेंडिंग में छोड़ दिया गया है जहां कोई अधिकारियों  कर्मचारी के द्वारा जाकर वहां मौके पर संज्ञान में नहीं लिया जाता है। और यह भी कहा जाता है कि अगर सरिया को खुले में छोड़ दिया जाता है तो बहुत जल्दी जंग लग जाता है तो कई सालों से पड़ा हुआ जंग वाला सरिया टूटने के कगार में भी आ चुके हैं ऐसे में दीवार क्या सक्सेसफुल हो पाएगी। और जानकारी के अनुसार बताया गया की लगभग 1 साल काम को पेंडिंग में रखकर सरपंच सचिव चल फिर कर भी देखने नहीं पहुंच पा रहे हैं। की बाउंड्री बच्चा की गिर गया।

रचना टॉवर में सौंदर्यीकरण होगा, मंत्री सारंग ने दिया हरी झंडी, पार्क और जिम भी बनेगा

मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने किया रचना टॉवर का दौरा  रचना टॉवर परिसर में होगा सौंदर्यीकरण, पार्क, ओपन जिम और पोल लाइट लगाने के निर्देश भोपाल  सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को नरेला विधानसभा अंतर्गत स्थित रचना टॉवर परिसर का दौरा कर क्षेत्र की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों से चर्चा कर क्षेत्र की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। नागरिकों द्वारा क्षेत्र में बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं और सौंदर्यीकरण की मांग को ध्यान में रखते हुए मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को रचना टॉवर के समक्ष स्थित पेविंग के समीप सौंदर्यीकरण कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस स्थान को व्यवस्थित और आकर्षक रूप देने के लिए यहां पार्क का विकास किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सके। मंत्री  सारंग ने निर्देश दिए कि पार्क के साथ ही यहां ओपन जिम की भी व्यवस्था की जाए, जिससे क्षेत्र के नागरिक नियमित रूप से व्यायाम कर सकें और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बढ़ती आबादी को देखते हुए इस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पार्क और ओपन जिम क्षेत्र की फेंसिंग कर उसे सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाए। मंत्री  सारंग ने क्षेत्र में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए रचना टॉवर के समक्ष पोल लाइट लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रचना टॉवर परिसर के सौंदर्यीकरण से संबंधित सभी कार्यों की कार्ययोजना तैयार कर शीघ्रता से कार्य प्रारंभ किया जाए, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी और स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे। नागरिकों ने क्षेत्र के विकास के लिए मंत्री  सारंग का आभार व्यक्त किया। 

LPG आपूर्ति पर संकट: मध्य प्रदेश में सिलेंडर स्टॉक घटा, लाखों उपभोक्ताओं को परेशानी

भोपाल  ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जारी सैन्य कार्रवाई से पेट्रोलियम की सप्लाई प्रभावित हो रही है। केंद्र के निर्देश के बाद मध्य प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार सतर्क हो गई है। प्रदेश के डीलर्स के पास कमर्शियल सिलेंडर का करीब दो दिन का ही स्टॉक बचा है। कमर्शियल सिलेंडर की कमी से प्रदेश के करीब 15 लाख व्यावसायिक उपभोक्ता प्रभावित हो सकते हैं। ऐसी स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रदेश के सभी कलेक्टरों को कमर्शियल संस्थानों के साथ बैठक कर गैस का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।  घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त स्टॉक सरकार के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी गैस की आपूर्ति फिलहाल सामान्य रूप से जारी है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। गैस की आपूर्ति में किसी प्रकार की समस्या नहीं है। प्रदेश में एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 1 करोड़ 90 लाख के आसपास है, जिनमें से करीब 92 प्रतिशत उपभोक्ता घरेलू श्रेणी के हैं। वहीं, बाकी आठ प्रतिशत यानी करीब 15 लाख कमर्शियल उपभोक्ता हैं।  उद्योग हो सकते हैं प्रभावित  कमर्शियल उपयोग की बात करें तो प्रदेश में एलपीजी का केवल 5 से 7 प्रतिशत उपयोग कमर्शियल क्षेत्र में होता है। अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए करीब दो से तीन दिन का स्टॉक उपलब्ध है। वहीं, ऑयल कंपनियों के पास औसतन 6 से 7 दिन का स्टॉक रहता है। उन्होंने बताया कि फिलहाल होटल, रेस्टारेंट और उद्योगों को दूसरे विकल्पों का उपयोग करने के लिए कहा गया है। इसमें सबसे अधिक उद्योगों के प्रभावित होने की बात सामने आर ही है।  शादी-समारोहों पर असर पड़ना तय  कमर्शियल गैस की सीमित उपलब्धता का असर होटल व्यवसाय और शादी-समारोहों की तैयारियों पर पड़ना तय माना जा रहा है। वहीं घरेलू गैस सिलेंडरों को लेकर भी नए नियम लागू किए गए हैं। पहले जहां उपभोक्ता 21 दिन के अंतराल में सिलेंडर बुक कर सकते थे, अब बुकिंग के लिए 25 दिन का अंतराल तय किया गया है। इसके साथ ही एक उपभोक्ता को एक महीने में एक से अधिक सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।   कलेक्टरों को दिए गए निर्देश सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य वाणिज्यिक संस्थानों के साथ बैठक कर उन्हें स्थिति से अवगत कराएं और गैस का विवेकपूर्ण व सीमित उपयोग सुनिश्चित कराएं। आवश्यकता पड़ने पर इलेक्ट्रिसिटी सहित अन्य वैकल्पिक साधनों के उपयोग को भी प्रोत्साहित करने को कहा गया है। वहीं, अस्पताल और शैक्षणिक सेवाओं के लिए कमर्शियल गैस की सप्लाई फिलहाल जारी रहेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बाजार में गैस की काला बाजारी रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जा रही है। यदि जरूरत पड़ी तो वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। पेट्रोल का 15 दिन का स्टॉक  वहीं, अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल का 15 दिन का स्टॉक हैं। इसके अलावा सप्लाई जारी है। वहीं, पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने साफ किया है कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों को अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है। मध्य प्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। डिपो में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। बता दें मध्य प्रदेश में सालाना पेट्रोल की खपत करीब 1200 मीट्रिक टन और डीजल की खपत करीब 1600 मीट्रिक टन है। मुख्यमंत्री ने बनाई समन्वय समिति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेट्रोलियम से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रदेश के बीच समन्वय के लिए मंत्रिगण की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह समिति गैस आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर विभाग और केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर आगे की रणनीति तय करेगी। 

भोपाल जाने वाले यात्रियों के लिए खबर, इस रूट की कई ट्रेनें हुईं कैंसिल

भोपाल  देश में रोजाना करोड़ों लोग ट्रेन से सफर करते हैं. यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे हर दिन हजारों ट्रेनें चलाता है, जो लोगों को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाती हैं. हालांकि कई बार तकनीकी काम या ट्रैक मेंटेनेंस की वजह से यात्रियों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है. इसी तरह अब भोपाल रूट से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक जरूरी अपडेट सामने आया है. रेलवे की ओर से बताया गया है कि गोंदिया स्टेशन पर ट्रैक से जुड़ा जरूरी काम किया जाना है. इस वजह से भोपाल मंडल से होकर गुजरने वाली कुछ ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा. ऐसे में इस रूट से यात्रा करने की योजना बना रहे यात्रियों को पहले से ट्रेन से जुड़ी जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए, ताकि बाद में परेशानी का सामना न करना पड़े। इतने दिन कैंसिल रहेंगी ट्रेनें रेलवे की ओर से ट्रैक से जुड़ा जरूरी काम किया जा रहा है, जिसके कारण इस रूट से गुजरने वाली कुछ ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा. जानकारी के मुताबिक इस काम के लिए 5 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक ब्लॉक लिया गया है. इस दौरान भोपाल मंडल से होकर चलने वाली कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों को अस्थायी रूप से कैंसिल करने का फैसला लिया गया है. ऐसे में जो यात्री इस रूट से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें पहले ही अपनी ट्रेन की स्थिति जांच लेने की सलाह दी जा रही है. रेलवे का कहना है कि यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए यह जानकारी पहले से जारी की जा रही है, ताकि लोग अपनी यात्रा की योजना उसी हिसाब से बना सकें। इन ट्रेनों को किया गया कैंसिल     ट्रेन नंबर 18237 कोरबा-अमृतसर एक्सप्रेस कोरबा से 5 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक के लिए कैंसिल.     ट्रेन नंबर 18238 अमृतसर-बिलासपुर एक्सप्रेस अमृतसर से 7 अप्रैल से 27 अप्रैल 2026 तक के लिए कैंसिल.     ट्रेन नंबर 12410 हज़रत निजामुद्दीन-रायगढ़ एक्सप्रेस 2, 4, 6, 7, 8, 9, 11, 13, 14, 15, 16, 18, 20, 21 और 22 अप्रैल 2026 को कैंसिल.     ट्रेन नंबर 12409 रायगढ़-हज़रत निजामुद्दीन एक्सप्रेस 4, 6, 8, 9, 10, 11, 13, 15, 16, 17, 18, 20, 22, 23 और 24 अप्रैल 2026 को कैंसिल.     ट्रेन नंबर 12807 विशाखापत्तनम-हज़रत निजामुद्दीन एक्सप्रेस 5, 7, 8, 9, 11, 12, 14, 15, 16, 18, 19, 21, 22 और 23 अप्रैल 2026 को कैंसिल.     ट्रेन नंबर 12808 हज़रत निजामुद्दीन-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस 7, 9, 10, 11, 13, 14, 16, 17, 18, 20, 21, 23, 24 और 25 अप्रैल 2026 को कैंसिल.  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज दमोह और सागर के कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव दमोह और सागर में आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिल दमोह के हटा में आयोजित होगा महिला सम्मेलन दमोह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को दमोह और सागर जिले में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दमोह जिले के हटा में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में सहभागिता कर 405 करोड़ रूपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे। सागर में ज्ञानवीर विश्वविद्यालय का करेंगे उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसी दिन सागर में ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा संयुक्त रूप से युवा संगम वृहद रोजगार मेला भी आयोजित किया जायेगा। रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की कंपनियां शामिल होंगी, जो युवाओं को रोजगार से जोडेंगी।  

बीमा कंपनी के अधिकारी एवं अधिवक्तागणों के साथ नेशनल लोक अदालत 14 मार्च को

बीमा कंपनी के अधिकारी एवं अधिवक्तागणों के साथ नेशनल लोक अदालत 14 मार्च को  मंडला ष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेशानुसार नेशनल लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च को सम्पूर्ण देश में किया जाना है। इसी तारतम्य में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री कमल जोशी के निर्देशन में एवं सचिव श्री तपन धारगा के मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत आयोजित की जावेगी।     आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री कमल जोशी द्वारा समस्त न्यायाधीश, मोटरयान दुर्घटनादावा अधिकरण एवं बीमा कंपनियों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से एवं बीमा कंपनी के अधिवक्तागण एवं आवेदक अधिवक्तागण के साथ प्रीसिटिंग बैठक आयोजित की गई। नेशनल लोक अदालत में मो.दु.दा.अधि. के अधिक से अधिक प्रकरणों को चिन्हित कर उन्हें निराकृत करने में विशेष रूचि दिखाते हुए कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।     बैठक में बीमा कंपनी के अधिवक्ता सुश्री दीप्ती शास्त्री, अधिवक्ता श्री संजय मिश्रा,  अधिवक्ता श्री पी.एल. पटेल, अधिवक्ता श्री एन.के. रजक, अधिवक्ता श्री मुकेश शुक्ला एवं आवेदक की ओर से अधिवक्ता श्री आनंद राय, अधिवक्ता श्री पवन साहू, अधिवक्ता श्री सुरेन्द्र गढ़ेवाल, अधिवक्ता श्री मनोज गुप्ता, अधिवक्ता श्री थानेश्वर तेकाम, अधिवक्ता श्री अमित पटैल उपस्थित रहे।

उपलब्धियों का उत्सव भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियों की शुरुआत है : राज्यपाल पटेल

उपलब्धियों के उत्सव से शुरू होती भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियाँ : राज्यपाल  पटेल गरीब और वंचितों का जीवन बेहतर बनाने में ज्ञान से करें सहयोग भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने युवाओं से कहा कि आज का समारोह उनके जीवन की उपलब्धियों का उत्सव तो है, लेकिन यह उनके भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियों की शुरुआत भी है। उन्होंने युवाओं से अपेक्षा की कि वे संवेदना, सेवा और सहयोग के पथ पर निरंतर अग्रसर रहें और अपने हौसले तथा हुनर से गरीब, वंचित और जरूरतमंदों का जीवन बेहतर बनाने में योगदान दें। गरीब बस्तियों में जाकर जरूरतमंदों की मदद को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और अपने ज्ञान को सार्थकता प्रदान करें। राज्यपाल  पटेल ने  स्वशासी संस्थान टेक्नोक्रेट्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (टी.आई.टी.) के वार्षिक ‘प्लेसमेंट डे’ समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल  पटेल ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उनका स्मृति-चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया गया।राज्यपाल  पटेल ने समारोह में प्लेसमेंट प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और हायरिंग कम्पनियों के प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया। राज्यपाल  पटेल ने ‘प्लेसमेंट डे’ के अवसर पर रोजगार प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों, उनके गुरुजनों और अभिभावकों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी युवाओं को विकसित भारत का कर्णधार मानते हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, स्टार्टअप, कौशल विकास और डिजिटल इंडिया जैसे अभिनव कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं की प्रतिभा को नए पंख मिले हैं। उन्होंने वैश्विक मानकों और अपेक्षाओं के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करने के प्रयासों के लिए टी.आई.टी. ग्रुप से जुड़े सभी सहयोगियों को साधुवाद दिया। पूर्व मंत्री एवं विधायक  अजय विश्नोई ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने सामान्य हवा और हीलियम से भरे गुब्बारों के प्रसंग के माध्यम से विद्यार्थियों को ज्ञान की शक्ति का महत्व बताया। उन्होंने असफलता को सफलता में बदलने के लिए स्वयं की कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. एस.के. जैन, संस्थान की अध्यक्ष मती साधना करसोलिया और विभिन्न कंपनियों के कैंपस हायरिंग प्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर संस्थान के मुख्य संरक्षक  रामराज करसोलिया भी मंचासीन थे।  

लाइन बिछी पर पानी नहीं आया: भागीरथपुरा में बढ़ा जल संकट

इंदौर देश के सबसे स्वच्छ और मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अबतक 36 लोग जान गवा चुके हैं। इलाके के बड़े हिस्से में नगर निगम ने नर्मदा लाइन बिछा दी है, लेकिन फिर भी रहवासियों को जलसंकट से जूझना पड़ रहा है। नई लाइन से ज्यादातर रहवासी अपनी हौज में कनेक्शन नहीं ले पाए हैं। नीले पाइपों के जरिए वे हौज भर रहे हैं। इस कारण उन्हें जलसंकट झेलना पड़ रहा है। दरअसल नई लाइन से कनेक्शन लेने के लिए रहवासियों को हौज के आसपास खुदाई करना होगी। हौज तक पाइप लाने के लिए आंगन में भी खुदाई होगी। इसमें काफी पैसा खर्च होता है, इससे रहवासी बच रहे हैं। कई घरों में अस्थाई पाइपों से पानी पहुंचाया जा रहा है। टैंकरों से भी पहुंचाया जा रहा जल जिन इलाकों में नई लाइन नहीं बिछी, वहां टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को है, जो संकरी गलियों में रहते हैं। वहां टैंकर भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। रहवासी मदन यादव ने कहा कि बस्ती के लोगों को जलसंकट का सामना करना पड़ रहा है।   नए कनेक्शन नहीं ले पाए कई लोग कई लोग नई लाइनों से कनेक्शन नहीं ले पाए हैं। अस्थाई कनेक्शन लेने की वजह से फिर लाइन में गंदगी जाने का खतरा बना रहेगा। अभी भी कई गलियों में खुदाई चल रही है और सड़कें खराब पड़ी हैं। लोग सड़कों के पेंचवर्क की मांग भी कर रहे हैं।   बता दें कि, इंदौर के भागीरथपुरा में दो माह पहले डायरिया और हैजा फैलने से एक हजार से ज्यादा लोग बीमार हो गए थे। साढ़े चार सौ से ज्यादा लोगों को भर्ती किया गया था और 36 लोगों की मौत हो चुकी है। इसका मामला कोर्ट में भी है। कोर्ट ने जांच के लिए एक आयोग गठित किया है। आयोग ने लोगों से दूषित पेयजल कांड को लेकर साक्ष्य भी मंगाए हैं।