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नर्सिंग कॉलेजों की छात्राओं की नियुक्ति में उपलब्ध सभी जिलों का विकल्प करें प्रदान

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, लंबित प्रस्तावों एवं आवश्यक प्रशासनिक कार्यवाहियों की प्रगति की समीक्षा कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के साथ समय पर पूर्ण किया जाए, जिससे आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने बुधनी, दमोह एवं छतरपुर मेडिकल कॉलेजों में टीचर्स के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य संस्थाओं में लंबित आउटसोर्स पदों पर भर्ती के लिए सभी जिलों में आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा। उन्होंने नर्सिंग कॉलेजों में नर्सिंग शिक्षकों के 59 राजपत्रित पदों पर भर्ती के लिए मांग पत्र लोक सेवा आयोग को शीघ्र प्रेषित करने के निर्देश भी दिए गए। जिला चिकित्सालय राजगढ़ में रैन बसेरे के संचालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की स्वीकृति की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित नर्सिंग कॉलेजों की उत्तीर्ण छात्राओं को नियुक्ति में सभी जिलों का विकल्प प्रदान करने संबंधी कार्यवाही भी प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने परियोजना परीक्षण समिति एवं व्यय वित्त समिति को भेजे जाने वाले प्रस्तावों की वृहद समीक्षा की। उन्होंने नवीन स्वास्थ्य संस्थाओं की स्वीकृति एवं उन्नयन, सागर में कैंसर अस्पताल और सिंगरौली में अस्पताल उन्नयन के प्रस्ताव के संबंध में आवश्यक कार्यवाही की पूर्ति के निर्देश दिए। कैबिनेट अनुमोदन के लिए एयर एम्बुलेंस संचालन में नई शर्तों का समावेश, शव वाहन के संभागीय संचालन की अनुमति, विशेषज्ञों की सीधी भर्ती, 16 जिला अस्पतालों में नए पदों का सृजन, सी.सी.एच.बी. अंतर्गत पदों की स्वीकृति के प्रस्तावों को आवश्यक औपचारिकताओं की पूर्ति कर शीघ्र अग्रेषित करने के लिए कहा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने चिकित्सकों की पदोन्नति के लिए लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 से छूट, विशेषज्ञों की सीधी भर्ती के लिए अनुमति, नर्सिंग ऑफिसर एवं ट्यूटर के 2 हजार 317 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी करने और अस्पताल सहायकों के 1200 पदों पर भर्ती परीक्षा आयोजित करने हेतु आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज रीवा एवं सतना के भ्रमण के दौरान आए विषयों पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रीवा में आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन भुगतान को तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, जिला चिकित्सालय मैहर के लिए भूमि चिन्हांकन प्रक्रिया पूर्ण कर आगामी कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के लिए कहा। बैठक में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन  संजय कुमार शुक्ल उपस्थित थे।  

अप्रैल माह में अवैध शराब एवं वाहन सहित 1 करोड़ 66 लाख से अधिक की संपत्ति जप्त

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन, संग्रहण एवं बिक्री के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही लगातार की जा रही है। इसी कार्यवाही के परिणामस्‍वरूप पुलिस ने अप्रैल माह में विभिन्न जिलों में लगातार दबिश, चेकिंग एवं विशेष अभियान चलाकर 1 करोड़ 66 लाख रुपये से अधिक मूल्य की अवैध शराब, वाहन सहित अन्य संपत्ति जप्त की है। उज्जैन नानाखेड़ा थाना पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए 44 पेटी शराब, 2 लग्जरी वाहन एवं फर्जी नंबर प्लेट सहित लगभग 50 लाख रूपए की संपत्ति जप्त कर 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया। शिवपुरी थाना करैरा पुलिस ने अवैध शराब के विरूद्ध दो अलग-अलग कार्यवाही की है। एक कार्यवाही में आरोपी के खेत पर बने कमरे में दबिश देकर 24 पेटी, 216 बल्क लीटर अवैध शराब कीमत 1 लाख 20 हजार रूपए की जप्त की। जबकि एक अन्‍य कार्यवाही में पुलिस ने 30 पेटी अवैध शराब (264 बल्क लीटर) एक बोलेरो वाहन सहित कुल 6 लाख 75 हजार रुपये की संपत्ति जब्‍त कर आरोपी को गिरफ्तार किया। इसी प्रकार चौकी मगरौनी थाना नरवर पुलिस ने आरोपी के घर के आंगन से 50 पेटी शराब कीमत 2 लाख 6 हजार रूपए की जप्त की। थाना कोलारस पुलिस ने 25 पेटी शराब एवं बलेनो कार सहित 11 लाख 25 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। थाना मायापुर पुलिस ने 20 पेटी अवैध शराब (180 लीटर) एक स्कॉर्पियो वाहन सहित कुल 11 लाख रुपये की संपत्ति जब्‍त कर आरोपी को गिरफ्तार किया। इस प्रकार संपूर्ण कार्यवाही में शिवपुरी पुलिस ने 32 लाख 26 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। डिण्डौरी कोतवाली पुलिस ने 101 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब एवं बलेनो कार सहित लगभग 12 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त कर 01 आरोपी को गिरफ्तार किया है। छतरपुर थाना बक्स्वाहा पुलिस ने दमोह रोड पर तस्करी की जा रही 30 पेटी (270 लीटर) अवैध शराब सहित दो तस्करों को गिरफ्तार कर कार सहित लगभग 11 लाख 50 हजार की संपत्ति जप्त की है। इसके अतिरिक्‍त चौकी घुवारा थाना भगवा पुलिस ने ग्राम कुटौरा में छापा मारकर 16 पेटी (144 लीटर) शराब लगभग 65 हजार रूपए की जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। रतलाम थाना कालूखेड़ा पुलिस ने दो प्रकरणों में 03 आरोपियों को गिरफ्तार कर अवैध शराब, क्रेटा कार एवं मोटरसाइकिल सहित 6 लाख 84 हजार 650 रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। थाना सैलाना पुलिस ने अवैध शराब परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 17 पेटी अवैध शराब सहित एक स्विफ्ट कार जप्त कर लगभग 3 लाख 18 हजार रुपये की संपत्ति जब्‍त की है। इस प्रकार दोनों कार्यवाही में पुलिस ने 10 लाख 2 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। खरगोन थाना भगवानपुरा पुलिस ने आरोपी के घर के पीछे पानी की टंकी में छुपाकर रखी गई 198 लीटर देशी-विदेशी शराब जप्त की, जिसकी कीमत 68 हजार 625 रूपए है। वहीं थाना बलकवाड़ा चौकी खलटाका पुलिस ने ढाबे पर बिक्री हेतु संग्रहित 12 पेटी विदेशी शराब 82 हजार 148 रूपए की जप्त कर 01 आरोपी को गिरफ्तार किया। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में थाना महेश्वर पुलिस ने 44 पेटी (465 लीटर) अवैध शराब एवं तस्करी में प्रयुक्त कार सहित लगभग 7 लाख 63 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। इस प्रकार तीनों कार्यवाही में पुलिस ने लगभग 9 लाख 13 हजार 773 रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। नर्मदापुरम जिले में अवैध शराब के विरुद्ध लगातार कार्रवाई करते हुए 133 लीटर अवैध शराब के साथ परिवहन में प्रयुक्त एक कार सहित लगभग 2 लाख 65 हजार रुपये की संपत्ति जप्त की गई। वहीं इटारसी पुलिस द्वारा 26 पेटी (241 लीटर) अवैध शराब एवं एक कार सहित लगभग 6 लाख 45 हजार रुपये की संपत्ति जब्‍त की है। दोनों कार्यवाही में पुलिस ने 9 लाख 10 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। मंदसौर थाना शामगढ़ पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 41.28 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब तथा डिजायर कार 7 लाख 23 हजार 760 रूपए की संपत्ति जब्‍त कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। बालाघाट थाना लांजी पुलिस ने 81 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब एवं परिवहन में प्रयुक्त पिकअप वाहन सहित लगभग 7 लाख 12 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त कर आरोपी को गिरफ्तार किया। मुरैना थाना पोरसा पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए 01 शराब तस्कर को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 19 पेटी अवैध विदेशी शराब एवं तस्करी में प्रयुक्त लोडिंग वाहन सहित कुल 5 लाख 87 हजार रूपए की संपत्ति जप्त की गई है। सिवनी थाना कोतवाली पुलिस ने 2 लाख 67 हजार रूपए कीमत की 121 पेटी बीयर (1452 लीटर) सहित 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं छपारा पुलिस ने हाईवे पर स्कॉर्पियो से 33 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब (256.92 लीटर) कीमत 2 लाख 83 हजार 320 रूपए की जब्‍त की है। दमोह पुलिस ने अवैध शराब, कार एवं कट्टा-कारतूस सहित आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्‍जे से लगभग 2 लाख 34 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। दतिया थाना सिविल लाइन पुलिस ने अल्टो कार से 30 पेटी देशी शराब (270 लीटर) जप्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 20 हजार रूपए है। कटनी “ऑपरेशन शिकंजा” के तहत पुलिस ने 86 लीटर अवैध शराब सहित 75 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। वहीं थाना कैमोर पुलिस ने ग्राम जमुवानी कला में दबिश देकर 14 पेटी (126 लीटर) शराब 72 हजार रूपए की जब्‍त की है। राजगढ़ जिले के थाना बोडा पुलिस ने ग्राम गुलखेड़ी में दबिश देकर 73 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब जप्त की, जिसकी कीमत लगभग 57 हजार 800 रुपये है। भोपाल क्राइम ब्रांच ने नशे के विरुद्ध अभियान चलाते हुए 45 हजार मूल्य की 10 पेटी मदिरा एवं एक चार पहिया वाहन सहित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध शराब के विरुद्ध इस प्रकार की सख्त एवं निरंतर कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर दृढ़ता से कार्य कर रही है। आम नागरिकों से अपील है कि अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने तथा डायल-112 को दे।  

हनीमून मर्डर केस: राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम को 11 महीने बाद मिली जमानत

इंदौर  इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की मेघालय में हनीमून के दौरान हत्या करने की आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को जमानत मिल गई है। राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने इसकी पुष्टि की है। प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने की आरोपी सोनम को हत्याकांड के 11 महीनों बाद अदालत से राहत मिली है। सोनम गिरफ्तारी के बाद से जेल में बंद थी। उसका प्रेमी राज भी शिलॉन्ग जेल में बंद है। इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी अपनी नई नवेली दुल्हन सोनम रघुवंशी के साथ 23 मई 2025 को हनीमून पर मेघालय गए थे। यहां अचानक दोनों के गायब होने की खबर आई। कई दिनों की तलाश के बाद 2 जून को एक खाई में राजा रघुवंशी की लाश मिली थी तो हत्या करके फेंके जाने की बात सामने आई। हत्याकांड के कुछ दिनों बाद सोनम को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था। सोनम रघुवंशी ने गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड का खुलासा किया और बताया कि उसने अपने प्रेमी राज के साथ पति को मार डालने की साजिश रची थी। इसी के तहत वह राजा को शिलॉन्ग ले गई थी। इंदौर से ही गए राज के तीन दोस्तों के साथ मिलकर सोनम ने अपने हाथों से ही अपना सुहाग उजाड़ लिया था। पति को मारकर उसने खाई में फेंक दिया। राजा को धारदार हथियार से मारा गया था और पत्थर से भी वार किया गया था। सोनम और राज ने इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए बेहद चालाकी के साथ पूरी साजिश रची थी। वह इस लूटपाट के दौरान हुई हत्या के रूप में दिखाना चाहते थे। जमानत किस आधार पर मिली है? इस सवाल पर उन्होंने बताया कि जिस तरह से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से उसे उठाया गया था, उस दौरान पुलिस ने नहीं बताया था कि सोनम को क्यों उठाया गया है। इसी आधार पर सोनम के वकील ने तर्क दिए थे। पेशी पर मुझे बुलाया नहीं गया था। राज कुशवाहा की जमानत के लिए अर्जी लगाई गई है। हम लोग हाईकोर्ट में जाएंगे। राजा रघुवंशी मर्डर केस में गिरफ्तार पांच में से अब तक चार आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। इनमें सोनम, लोकेंद्र सिंह तोमर, गार्ड बलबीर अहिरवार और शिलोम जेम्स हैं। 11 मई 2025 को शादी, 21 को हनीमून और 23 को हुई थी राजा की हत्या राजा रघुवंशी की सोनम से शादी इसी साल 11 मई 2025 को हुई थी। सोनम रघुवंशी और राजा 21 मई को हनीमून मनाने के लिए मेघालय के शिलॉन्ग गए थे, जहां 23 मई को हनीमून के दौरान लापता हो गए। 10 दिन बाद पुलिस ने 30 फीट गहरी खाई से उनका क्षत-विक्षत शव बरामद किया, जिस पर धारदार हथियार से किए गए कई घाव थे। सोनम तब लापता थी। इसके बाद यूपी में उसने सरेंडर किया था। उससे पूछताछ के बाद आकाश, आनंद और विशाल को पकड़ा था। सोनम के राज कुशवाहा से प्रेम सबंध थे। हालांकि, उसके परिवार ने इस बात से इनकार किया था। पत्नी सोनम राजा को दर्शनीय स्थलों की सैर के बहाने एक सुदूर स्थान पर बुलाकर ले गई थी। उनके पीछे अन्य तीनों हत्या के आरोपी भी चले गए थे। फिर दो छुरों से वार कर उसकी हत्या कर दी, जिनमें से एक छुरा बाद में जंगल से बरामद किया गया। सोनम घटनास्थल से भाग गई और बाद में उसने उत्तर प्रदेश में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। सोनम और राज सहित सभी पांचों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। तीन बार रद्द हो चुकी थी जमानत याचिका सोनम पति राजा रघुवंशी की हत्या के आरोप में जून 2025 से शिलॉन्ग जेल में बंद है। सोनम की ओर से इससे पूर्व तीन बार जमानत याचिका दायर की गई, लेकिन तीनों बार कोर्ट ने खारिज कर दी थी। जबकि, सोनम रघुवंशी के मददगार रहे लोकेंद्र सिंह तोमर, गार्ड बलबीर अहिरवार और शिलोम जेम्स को अदालत ने जमानत दे दी थी। अब सोनम की चौथी याचिका मंजूर करते हुए कोर्ट ने उसे जमानत दे दी है। राजा रघुवंशी की हत्या में सोनम रघुवंशी का सहयोगी रहा उसका कथित प्रेमी राज कुशवाह अभी भी जेल में बंद है। यूपी में पकड़ी गई थी सोनम हत्याकांड को अंजाम देने के बाद सोनम बड़ी चालाकी से वहां से भाग निकली थी। इंदौर आकर उसने प्रेमी के साथ मुलाकात भी की और फिर जब तीन आरोपी पकड़े गए तो उसे अपनी गिरफ्तारी का अंदाजा हो गया और वह आखिरकर यूपी में पकड़ी गई। सोनम ने जिस तरह इस हत्याकांड को अंजाम दिया उसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। परिवार ने तोड़ लिया था रिश्ता सोनम रघुवंशी तब से ही शिलॉन्ग जेल में बंद थी। शुरुआत में उसके परिवार ने सोनम से रिश्ता तोड़ने और किसी तरह की कानूनी मदद नहीं उपलब्ध कराने की बात कही थी। सोनम के भाई राजा के लिए वकील उपलब्ध कराने की बात कह रहे थे। हालांकि, बाद में सोनम को कानूनी मदद दी गई। राजा रघुवंशी के परिवार ने शिलॉन्ग में जाकर उस जगह पूजा-पाठ भी किया था जहां राजा की हत्या की गई थी।

जन-जन को जोड़ा जाए जल संरचनाओं के संरक्षण से 25 मई को गंगा दशहरा पर करें सभी श्रमदान

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 27 अप्रैल को विधानसभा में प्रस्तुत नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू करने के संकल्प के लिए मंत्रि-परिषद की महिला सदस्यों ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अभिनंदन किया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती संपतिया उइके, महिला एवं बाल विकास मंत्री सु निर्मला भूरिया, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, नगरीय‍विकास एवं आवास राज्य मंत्री मती प्रतिमा बागरी तथा पंचायत और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री मती राधा सिंह ने पुष्प-गुच्छ भेंटकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया। प्रदेश में बढ़ा गेहूं उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन किया गया। मध्यम और बड़े किसानों को स्लॉट बुकिंग की सुविधा दी गई। इस श्रेणी के 1 लाख 60 हजार 261 किसानों ने स्लॉट बुक किए हैं। स्लॉट बुकिंग की अवधि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई तक की गई है। प्रदेश में अब तक कुल 9.49 लाख स्लॉट बुक हुए हैं जिनमें 4.49 लाख किसानों ने अपनी फसल बेची है। अब तक कुल 19.31 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन हो चुका है, जिसके लिए 2 हजार 547 करोड़ रूपए की राशि भुगतान की जा चुकी है। प्रत्येक शनिवार के अवकाश दिवस में भी स्लॉट बुकिंग और उपार्जन जारी रहेगा। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 प्रति केन्द्र की गई है। किसान को तहसील के स्थान पर जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा दी गई। किसानों को राहत देते हुए एफए क्यू मापदण्ड को शिथिल करते हुए चमकविहीन गेहूं की सीमा 50% तक, सूकड़े दाने की सीमा 06% से बढ़ाकर 10% तक और क्षतिग्रस्त दानों की सीमा बढ़ाकर 06% तक की गई। जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ सामाजिक, धार्मिक, स्वयंसेवी संस्थायें जल संरक्षण में करें सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 19 मार्च से प्रारंभ जल गंगा संवर्धन अभियान 30 जून तक चलेगा। सभी जिलों में कई गतिविधियां और नवाचार हो रहें है। इसी अभियान के मध्य 25 मई को गंगा दशहरा है। इस दिन पूरे प्रदेश में एक साथ जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत विभिन्न गतिविधियां वृहद स्तर पर आयोजित की जायें। अधिक से अधिक व्यक्ति अपने आस-पास की जल संरचनाओं की बेहतरी के लिए श्रमदान करें। जन-जन को जल संरचनाओं के संरक्षण से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देशित किया अभियान नगरीय एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में एक साथ गतिविधियां आयोजित की जायें। जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ सामाजिक, धार्मिक, स्वयंसेवी संस्थायें, स्व-सहायता समूह, व्यापारी संगठन एवं अन्य शासकीय, अशासकीय संस्थाओं को भी जोड़ा जाये। मंत्रीगण अपने-अपने प्रभार के जिलों में अभी से ही इस कार्यक्रम की तैयारी की रूपरेखा बनाएं। मंत्रीगण अपने-अपने क्षेत्र में नागरिकों को जनगणना में भाग लेने के लिए करें प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 26 अप्रैल को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 133वें संस्करण में भारत की जनगणना 2027 पर केन्द्रित चर्चा की। इस बार जनगणना का अनुभव अलग रहने वाला है क्योंकि यह पूरी तरह से डिजिटल है। गणना करने वाले कर्मचारियों के पास मोबाइल ऐप है। नागरिक खुद भी अपनी जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज कर सकते हैं। प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा जनगणना का महत्व बताते हुये जनगणना की प्रक्रिया में सभी के भाग लेने का आव्हान किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से अपने-अपने क्षेत्र में नागरिकों को जनगणना के महत्व के बारे में जागरूक करते हुए उन्हें प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। सांदीपनि विद्यालय गुणवत्तापूर्ण परिणामोन्मुख शिक्षा का मॉडल बन रहें हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य शासन की अपेक्षाओं के अनुरूप सांदीपनि विद्यालयों से बेहतर परिणाम आने लगे हैं। हाल के ही दसवी एवं बारहवीं बोर्ड परीक्षा के नतीजों में इन विद्यालयों के 58 छात्र-छात्राओं ने मेरिट में स्थान बनाया। दसवीं की मेरिट सूची में 41 विद्यार्थी सांदीपनि विद्यालयों से हैं वही बारहवीं में 17 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। विगत 4 वर्षों में सांदीपनि विद्यालयों में कक्षा दसवीं में उत्तीर्ण विद्यालयों का प्रतिशत 68 से बढ़कर 88 हो गया। कक्षा बारहवीं का परिणाम इस अवधि में बढ़कर 59 प्रतिशत से 89 प्रतिशत हो गया। सांदीपनि विद्यालय गुणवत्तापूर्ण परिणामोन्मुख शिक्षा का मॉडल बन रहें हैं। कान्हा में आए जंगली भैसे मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वन्य जीव संरक्षण और जैव विविधता सहयोग का नया केन्द्र बन गया है। प्रदेश में एक सदी से अधिक समय से जंगली भैस प्रजाति विलुप्त हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि आज 28 अप्रैल को कान्हा नेशनल पार्क बालाघाट के सूपखार में जंगली भैंसे का पुनर्स्थापन किया गया। चार जंगली भैंसों को उनके नये प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया है। यह जंगली भैंसें असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से लाये गये हैं। मध्यप्रदेश और असम के बीच वन्य जीवों के आदान-प्रदान का नया अध्याय शुरू हो रहा है। असम से गैडें/रायनों के 2 जोड़े लाने की भी योजना है। जंगली भैंसों के आने से मध्यप्रदेश में जैव विविधता का नया आयाम जुड़ा है।  

ड्रग्स के खिलाफ सख्ती: भोपाल में रोलिंग पेपर बेचने पर पहली FIR, कमिश्नर की चेतावनी

भोपाल राजधानी में युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। इसी कड़ी में रातीबड़ थाना पुलिस ने नीलबड़ क्षेत्र में एक पान गुमठी संचालक के विरुद्ध स्मोकिंग रोल पेपर बेचने पर मामला दर्ज किया है। शासन द्वारा इस पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भोपाल में यह अपनी तरह की पहली दंडात्मक कार्रवाई है। मुखबिर की सूचना पर छापेमारी और जब्ती रातीबड़ थाना प्रभारी रासबिहारी के अनुसार, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नीलबड़ स्थित एक पान गुमठी पर प्रतिबंधित स्मोकिंग रोल पेपर धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। सूचना की तस्दीक करने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की। जांच के दौरान गुमठी संचालक रवि कुमार के पास से स्मोकिंग रोल पेपर बरामद हुए, जिन्हें तत्काल जब्त कर लिया गया।  

रीवा एयरपोर्ट के करें उन्नयन के करें प्रयास : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि रीवा सहित समस्त विंध्य क्षेत्र तेज गति से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। यहाँ के संसाधनों और क्षमताओं के अनुरूप अधोसंरचना का भी भविष्योनुमुखी विस्तार किया जा रहा है। रीवा को नवीन गंतव्यों से हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने मंत्रालय में विमानन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रीवा एयरपोर्ट के विस्तार के प्रयास किए जाएँ। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने एयरपोर्ट के विस्तार की कार्ययोजना की जानकारी दी। इसमें रनवे विस्तार एवं अन्य आवश्यक तकनीकी उन्नयन किया जाएगा। विस्तार के बाद भविष्य में, रीवा एयरपोर्ट से बड़े विमानों (A -320 एवं अन्य) का परिचालन संभव होगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव, विमानन  संजय कुमार शुक्ल, आयुक्त, विमानन  चंद्रमौली शुक्ला एवं अपर सचिव, विमानन  धरणेन्द्र कुमार जैन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 

“लाइवलीहुड ऑन व्हील्स” बना आत्मनिर्भरता और सम्मान की नई पहचान

भोपाल सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग द्वारा संवेदना विकास एवं अनुसंधान मण्डल (सक्षम) तथा एल्टियस (Altius) इन्फ्रा के सहयोग से “लाइवलीहुड ऑन व्हील्स” कार्यक्रम के अंतर्गत दिव्यांगजनों को नि:शुल्क ई-साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें रोजगार एवं आजीविका से जोड़ना तथा उनके जीवन को अधिक सुगम एवं सम्मानजनक बनाना है। एल्टियस इन्फ्रा के सहयोग से सक्षम संगठन द्वारा संचालित इस पहल के अंतर्गत मध्यप्रदेश के तीनों प्रांत- मध्य भारत, मालवा एवं महाकौशल के अस्थिबाधित दिव्यांगजनों को 139 ई-साइकिलों का वितरण किया जा रहा है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि दिव्यांगजन अद्भुत क्षमता और आत्मबल के प्रतीक हैं। समाज और शासन का दायित्व है कि उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि “सक्षम भारत–समर्थ भारत” अभियान दिव्यांगजनों को सम्मान और स्वावलंबन प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि राष्ट्र के उत्थान एवं भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के संकल्प को लेकर सभी विभाग एवं समाज के लोग मिलकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित एवं समर्थ भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में वर्ष 2047 तक विभिन्न संस्थाएं और सामाजिक संगठन निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने “सक्षम” संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए संस्था को बधाई दी। मंत्री  कुशवाह ने दिव्यांग हितग्राहियों को वितरित ई-साइकिलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान हितग्राहियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंत्री  कुशवाह ने कहा कि ईश्वर की साधना और पूजा से जितना पुण्य प्राप्त नहीं होता, उससे अधिक पुण्य किसी दिव्यांगजन को सक्षमता और आत्मनिर्भरता प्रदान करने से प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन दिव्यांगजनों के कल्याण, पुनर्वास एवं आत्मनिर्भरता के लिए संवेदनशीलता के साथ निरंतर कार्य कर रहा है। ई-साइकिल वितरण जैसी पहल दिव्यांगजनों के आवागमन को सुगम बनाते हुए उन्हें रोजगार एवं आत्मसम्मान से जोड़ने का कार्य करेगी। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता रही।  

लोधी समाज वीरता और‍किसान योद्धा परंपरा का प्रतीक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को नई ऊर्जा दे रहा है। आज राजा हिरदेशाह लोधी की 168वीं पुण्यतिथि पर शौर्य यात्रा के माध्यम से हम, भूले-बिसरे उन नायकों को समाज के सामने ला रहे हैं, जिन्होंने अंग्रेजी साम्राज्यवाद के खिलाफ सबसे पहले संगठित विद्रोह किया। राजा हिरदेशाह को नर्मदा टाइगर के नाम से भी जाना जाता है। वे 1842 की क्रांति के महानायक थे, जिनकी शौर्य गाथा आज भी बुंदेला, लोधी और जनजातीय समाज के नाटकों, लोक गीतों और लाखों-लाख हृदय में जीवित है। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायी और आदर्श है। समाज के महापुरुषों के संघर्ष को भी याद करने की आवश्यकता है। जो संघर्षों से लड़ना जानता है, समाज उसका अभिनंदन करता है। राज्य शासन राजा हिरदेशाह के संघर्ष और देश की आजादी में उनके योगदान पर शोध कराएगी। इतिहास के गौरवशाली पृष्ठ पुन: खुलने चाहिए। राजा हिरदेशाह के जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में भी शामिल किया जाएगा। नर्मदा के किनारे हीरापुर में राजा हिरदेशाह के नाम से एक तीर्थ स्थल का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1842 की क्रांति के महानायक राजा हिरदेशाह लोधी की स्मृति में जंबूरी मैदान पर हुए ऐतिहासिक आयोजन और शौर्य यात्रा को संबोधित किया। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, सांसद  फग्गन सिंह कुलस्ते, सांसद  दर्शन सिंह चौधरी तथा राजा हिरदेशाह लोधी और गोंड राजा नरवर शाह के वंशज उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा टाइगर राजा हिरदेशाह पुस्तक का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1842 की क्रांति के नायक नर्मदा टाइगर राजा हिरदेशाह पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का राजा हिरदेशाह पर शोध और उनके संघर्ष को पाठ्यक्रम में शामिल करने की घोषणा के लिए समाज के प्रतिनिधियों द्वारा अभिवादन किया गया। राज्य सरकार प्रदेश की विरासत और महान हस्तियों के सम्मान में कर रही है निरंतर गतिविधियां संचालित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोधी समाज वीरता और‍किसान योद्धा परंपरा का प्रतीक है। अंग्रेजों की बढ़ती दखलअंदाजी, करों के भारी बोझ और किसानों के शोषण ने राजा हिरदेशाह को विद्रोह के लिए प्रेरित किया। राजा हिरदेशाह की कहानी केवल युद्ध की नहीं, बल्कि एकता, साहस और देशभक्ति की गाथा है। आज के युवाओं के लिए उनका स्पष्ट संदेश है कि अत्याचार के खिलाफ खड़े होना, हर भारतीय का कर्तव्य है। राज्य सरकार प्रदेश की विरासत और महान हस्तियों के सम्मान में निरंतर गतिविधियां संचालित कर रही है। रानी अवंतीबाई के नाम पर सागर में राजकीय विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। राज्य सरकार द्वारा सनातन संस्कृति के सभी तीज-त्यौहार धूमधाम से मनाए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए कृषक कल्याण वर्ष मनाने की पहल की है। महान सम्राट विक्रमादित्य पर भी शोध संस्थान बनाया गया है। प्रदेश सरकार सांस्कृतिक पुनरोत्थान के लिए संकल्पित है। इसीलिए प्रत्येक नगरीय निकाय में सर्व सुविधायुक्त भव्य गीता भवन बनाए जा रहे हैं। सभी जनपदों में एक-एक वृंदावन ग्राम भी तैयार किए जा रहे हैं। समाज के युवाओं को साहसी, सामर्थ्यवान, शिक्षित और संस्कारवान बनने की आवश्यकता है पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि यह कार्यक्रम अपने पुरखों के बलिदान को स्मरण करने का है। आज सामाजिक जीवन में शिक्षित होने के साथ संस्कारित बनने का संकल्प भी लेना चाहिए। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने देश की आजादी के गुमनाम नायकों को याद करने का आह्वान किया था। आज सवाल यह नहीं है कि 1857 की क्रांति बड़ी थी या 1842 की। राजा हिरदेशाह के द्वारा 1842 में आरंभ की गई बुंदेली क्रांति से 1942 भारत छोड़ो आंदोलन तक का कालखंड भारत के ऐतिहासिक आंदोलन में सबसे महत्वपूर्ण 100 वर्ष हैं। राजा हिरदेशाह ने 1842 से 1858 तक लगातार ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष जारी रखा। आज राजा मेहरबान सिंह को भी याद करने का अवसर है, जिन्होंने कभी कोई लड़ाई नहीं हारी। यह आयोजन ऐसे वीरों के बलिदान को याद करने के लिए है। उनके परिवारों का सम्मान करने का दिन है। लोधी समाज सामर्थ्यवान हैं, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए दुश्मनों से लोहा लिया, प्रश्न यह है कि वो पिछड़े कैसे हो गए। समाज के युवाओं को साहसी, सामर्थ्यवान, शिक्षित और संस्कारवान बनने की आवश्यकता है। आज हम सभी राजा हिरदेशाह लोधी के बलिदान को नमन कर रहे हैं। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि राजा हिरदेशाह लोधी ने 1857 की क्रांति से पहले आजादी के लिए 1842 में क्रांति का बिगुल फूंका था। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। राज्य सरकार सभी शहीदों के बलिदान को नमन कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से राजा हिरदेशाह लोधी के बलिदान और उनके कार्यों को पाठ्यक्रम में शामिल कराने का अनुरोध किया। नर्मदा के तट से आजादी की क्रांति का पहला बिगुल फूंका गया था पूज्य दादा गुरु ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में पहली क्रांति नर्मदा के तट पर 1842 में शुरू हुई थी, यह तथ्य हम सबको गौरवान्वित करने वाला है। राजा हिरदेशाह ने इसका नेतृत्व किया और अपना बलिदान दिया। इस आयोजन में जहां धैर्य है वहीं धर्म भी है। शौर्य दिवस के अवसर पर हमें सनातन धर्म के मार्ग पर चलते हुए अखंड भारत के निर्माण में योगदान का संकल्प लेना है। राजा हिरदेशाह ने बुंदेलों, जनजातियों और सकल समाज को एकजुट कर राष्ट्र के लिए लड़ने को तैयार किया था। नर्मदा के तट से आजादी की क्रांति का पहला बिगुल फूंका गया था। प्रदेश में रानी अवंतीबाई, वीरांगना दुर्गावती जैसी वीरांगनाओं ने अपने राज्य की रक्षा के लिए सर्वस्व न्यौछावर कर दिया था। युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करना आवश्यक लोधी-लोधा समाज के प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक  जालम सिंह पटेल ने कहा कि लोधी समाज के गौरव राजा हिरदेशाह ने ब्रिटिश शासन के कानूनों का विरोध करते हुए 1842 की क्रांति का नेतृत्व किया। इस संघर्ष में उनके करीब 12 भाई बलिदान हुए। उनकी पूरी संपत्ति राजसात कर ली गई थी। लोधी एक किसान और योद्धाओं का समाज है।  जालम सिंह पटेल ने कहा कि लोधी समाज ने नशे के खिलाफ मुहिम शुरू की है। उन्होंने युवाओं को इस मुहिम में सहयोग करने के … Read more

शहरी स्व-सहायता समूहों की बहने ‘सोलर दीदीयाँ’ बनकर लिखेंगी नारी सशक्तिकरण की नई गाथा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में नारी सशक्तिकरण मिशन को एक नई ऊंचाई प्रदान की जा रही है, जिसके अंतर्गत "शहरी स्व-सहायता समूह की बहनें" अब 'पीएम सूर्य घर मुक्त बिजली योजना' में "सोलर दीदी" के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के माध्यम से स्व-सहायता समूहों को संवहनीय आजीविका से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत भोपाल, इंदौर, जबलपुर और सतना के नगर पालिक निगमों से की जा रही है, जहाँ पंजीकृत कुल 17,426 स्व-सहायता समूहों और 593 एरिया लेवल फेडरेशन की वे बहनें जो कक्षा 10वीं या उससे अधिक शैक्षणिक योग्यता रखती हैं, उन्हें "सोलर दीदी" के रूप में कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा। यह अभिनव पहल भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त अभिसरण कार्यक्रम द्वारा पीएम सूर्य घर मुक्त बिजली योजना अंतर्गत किया जा रहा है जिसके प्रथम चरण में देश के 12 राज्यों के 40 चयनित निकायों को शामिल किया गया है। योजना के में दीनदयाल अन्त्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को "सोलर दीदी" के रूप में संलग्न कर कार्य संपादित करने की पहल की जा रही है, जो प्रदेश में महिला समूहों की बढ़ती महत्ता और उनकी कार्यक्षमता को रेखांकित करता है। नगरीय आवास एवं विकास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय एवं राज्यमंत्री मती प्रतिमा बागरी द्वारा नारी सशक्तिकरण की इस दूरगामी पहल के लिए भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त  संकेत भोंडवे और अपर आयुक्त सह मिशन संचालक,  शिशिर गेमावत इस परियोजना को प्रदेश में एक उत्कृष्ट मॉडल के रूप में स्थापित करने के लिये प्रतिबद्ध हैं, जिससे इन समूहों के माध्यम से आजीविका प्रदाय की दिशा में मध्यप्रदेश देश का सबसे अग्रणी और प्रगतिशील राज्य बनेगा।  

राज्यपाल के समक्ष जनजातीय उपयोजना कार्यशाला की अनुशंसाओं पर हुई चर्चा

भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय कार्यशाला में प्राप्त सुझावों और अनुशंसाओं को संवेदनशीलता के साथ लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि जनजातीय कल्याण, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनजातीय सशक्तिकरण के लिए सरकार के दिशा-निर्देशों और मार्गदर्शन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। जनजातीय विकास से संबद्ध विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय अत्यंत आवश्यक है।     प्रदेश के परिदृश्य में हो नवाचारों का अध्ययन।      विकास कार्य, जनजातीय क्षेत्र फोकस्ड हों।     अन्तर्विभागीय समन्वय जरूरी।     क्रियान्वयन में जवाबदारी बढ़ाए।     स्कूलों की गुणवत्ता में पेसा समितियों को जोड़े।  राज्यपाल  पटेल मंगलवार को लोकभवन में जनजातीय प्रकोष्ठ के साथ जनजातीय कार्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि जनजातीय सशक्तिकरण और विकास के लिए प्रावधानित बजट का जनजाति उन्मुख उपयोग हो। राशि को लक्षित उद्देश्य पर ही खर्च किया जाए। राज्यपाल  पटेल ने मैदानी भ्रमण कर जनजातीय विकास प्रयासों की जमीनी हकीकत जानने के और अधिक सघन प्रयासों पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सर्वाधिक जनजातीय जनसंख्या वाला विस्तृत क्षेत्र है। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में निवासरत जनजातियों के विकास एवं कल्याण के कार्य और अधिक क्षेत्र फोकस्ड होना जरूरी है। कार्यशाला में प्राप्त देश के जनजातीय बाहुल्य राज्यों द्वारा जनजातीय शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार आदि के क्षेत्र में किए गए नवाचारों का प्रदेश की आवश्यकता के संदर्भ में अध्ययन किया जाए, उन्हें समझ कर अपनाने के प्रयास किए जाने चाहिए। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि कमजोर वर्गों के कल्याण प्रयासों में संवेदनशीलता सबसे महत्वपूर्ण है। समानुभूति की भावना के साथ किए गए आत्मीय प्रयास सदैव सुफल देते हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीय कल्याण प्रयासों में जन प्रतिनिधियों और शासकीय सेवकों की और अधिक संवेदनशीलता तथा सक्रियता जरूरी है। पात्र हितग्राहियों का चयन, योजना का प्रभावी क्रियान्वयन, बजट राशि के समुचित उपयोग की प्रक्रियाओं में और अधिक जवाबदारी होनी चाहिए। जिम्मेदारी के निर्वहन में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई भी की जानी चाहिए। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि शिक्षा, प्रगति का मार्ग सुनिश्चित करती है। जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण में शिक्षा के प्रसार की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए जरूरी है कि जनजाति क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। पेसा निगरानी समिति के माध्यम से शिक्षकों, शिक्षण, शैक्षणिक गुणवत्ताओं आदि की निगरानी और मूल्यांकन के प्रयास किए जाए।  राज्यपाल  पटेल को बैठक में जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव  गुलशन बामरा ने विगत 16 और 17 अप्रैल 2026 को आयोजित जनजातीय उपयोजना कार्यशाला की अनुशंसाओं की विस्तार से जानकारी दी। लोकभवन के जवाहर खण्ड सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष  दीपक खाण्डेकर, राज्यपाल के उप सचिव  सुनील दुबे, जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त सह संचालक डॉ. सतेन्द्र सिंह, जनजातीय कार्य विभाग, जनजातीय प्रकोष्ठ के सदस्य और लोकभवन के अधिकारी उपस्थित थे।