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उद्योग की मांग के अनुसार ट्रेड्स का प्रशिक्षण देकर प्लेसमेंट सुनिश्चित करें: मंत्री टेटवाल

उद्योग की मांग के अनुसार ट्रेड्स का प्रशिक्षण देकर प्लेसमेंट कराना सुनिश्चित करें : मंत्री टेटवाल मंत्री टेटवाल ने ‘आईटीआई चले हम’ प्रवेश 2026 का किया शुभारंभ भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने ‘आईटीआई चले हम’ प्रवेश 2026 अभियान का शुभारंभ करते हुए प्रदेशभर में कौशल आधारित शिक्षा को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। मंत्री टेटवाल ने इस अवसर पर आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न जिलों के आईटीआई संस्थानों की प्रगति, प्रशिक्षण व्यवस्था, प्लेसमेंट और विद्यार्थियों की सहभागिता का समग्र मूल्यांकन किया। मंत्री टेटवाल ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल प्रवेश प्रक्रिया नहीं, बल्कि युवाओं को कौशल, आत्मनिर्भरता और रोजगार से जोड़ने का व्यापक प्रयास है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी आईटीआई संस्थानों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा प्राचार्यों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित हों, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार हो सके। समीक्षा के दौरान प्लेसमेंट की स्थिति पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए मंत्री टेटवाल ने कहा कि उद्योगों की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रमों को अद्यतन किया जाए और प्रशिक्षण को पूरी तरह प्रैक्टिकल एवं जॉब-ओरिएंटेड बनाया जाए। मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल, ब्यूटी पार्लर, फूड प्रोसेसिंग सहित अन्य उभरते सेक्टर्स में रोजगारोन्मुख कोर्सेस को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए, जिससे अधिकाधिक युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही अवसर मिल सकें। विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मंत्री टेटवाल ने हॉस्टल सुविधाओं के बेहतर प्रबंधन, जरूरतमंद विद्यार्थियों को सहयोग उपलब्ध कराने तथा ड्रॉपआउट युवाओं को पुनः प्रशिक्षण से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने आईटीआई में बेटियों के प्रवेश को बढ़ावा देने और उनके लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी आई टी आई में शत प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करें। मंत्री टेटवाल ने निर्देशित किया कि प्रशिक्षण के साथ सॉफ्ट स्किल्स, कम्युनिकेशन और इंटरव्यू प्रिपरेशन को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, जिससे विद्यार्थी रोजगार के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें। साथ ही, जिन संस्थानों में विद्यार्थियों की उपस्थिति और सहभागिता कम है, वहां सुधार के लिए जवाबदेही तय कर नियमित समीक्षा की जाए। प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर के मॉड्यूल्स और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स (एसडीपी) को प्रभावी रूप से लागू करने, सेमिनार और ट्रेनिंग सेशन्स की नियमितता सुनिश्चित करने तथा उत्कृष्ट संस्थानों के मॉडल को अन्य स्थानों पर अपनाने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए डिजिटल माध्यमों के उपयोग को बढ़ाते हुए पोस्टर, फिल्म और अन्य डिजिटल कंटेंट के जरिए अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंच बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, कौशल विकास को स्कूल शिक्षा से जोड़ने की दिशा में भी कार्य करने की बात कही गई। मंत्री टेटवाल ने कहा कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें मुख्यमंत्री से भेंट का अवसर दिया जाएगा, जिससे युवाओं में प्रेरणा और प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होगी। मंत्री टेटवाल ने कार्यक्रम में पहुंचे विद्यार्थियों का मिठाई खिलाकर स्वागत किया और उन्हें आईटीआई से जुड़कर अपने भविष्य को सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया। बैठक में डायरेक्टर बसंत कुर्रे और सीईओ गिरीश शर्मा ने जानकारी दी कि विगत वर्ष आई टी आई में 96.4 प्रतिशत सीटों पर विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ था। इस वर्ष सीटों की संख्या बढ़ाकर उन पर शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनमें प्रशिक्षण शुल्क प्लेसमेंट के बाद लिया जाना, फीस की किस्तों में भुगतान की सुविधा तथा विभिन्न प्रकार के अनुदान शामिल हैं। ग्लोबल स्किल पार्क में 13 राज्यों के बच्चे भी विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षण ले रहे हैं। जल्दी ग्लोबल स्किल पार्क में कट सिस्को और द्रोण का प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि ड्रॉपआउट, दिव्यांग एवं अनाथ आश्रम के बच्चों को भी आईटीआई में पंजीयन कराकर कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है, जिससे वे रोजगार के अवसरों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। मंत्री टेटवाल ने आईटीआई के प्रतिभावान प्रशिक्षणार्थियों की सफलता की कहानियों पर आधारित फिल्म का विमोचन किया। साथ ही ऑटोमोबाइल सेक्टर में बालिकाओं की सफलता पर आधारित ग्लोबल स्किल्स पार्क द्वारा निर्मित फिल्म का अवलोकन किया। इसके बाद उन प्रशिक्षणार्थियों की प्रेरणादायक फिल्म प्रदर्शित की गई जो प्रशिक्षण के साथ पार्ट टाइम जॉब कर रहे हैं।  

कुएं, तालाब और नदियों की सफाई से जल सुरक्षा की ओर मजबूत पहल

भोपाल  मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से प्रारंभ होकर 30 जून तक संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और जनभागीदारी को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत कुएँ, तालाब, बावड़ी और नहरों की सफाई, गहरीकरण, पुनर्जीवन, पौधरोपण, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग तथा जल गुणवत्ता सुधार जैसे कार्य किए जा रहे हैं। यह अभियान अब जन-आंदोलन का रूप ले रहा है, जिसमें ग्रामीण और शहरी स्तर पर सामूहिक श्रमदान और जागरूकता गतिविधियाँ संचालित हो रही हैं। डिंडोरी जिले में जारी है नर्मदा घाटों पर साप्ताहिक सफाई अभियान डिंडोरी जिले में “जल गंगा संवर्धन अभियान” और “मैया अभियान” के तहत प्रत्येक रविवार को नर्मदा घाटों पर व्यापक सफाई की जा रही है। कलेक्टर मती अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन में विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संगठनों और नागरिकों द्वारा श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है। इससे नर्मदा घाटों की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। देवास में किया जा रहा जल संरचनाओं का निर्माण और गहरीकरण का कार्य देवास जिले में कलेक्टर  ऋतुराज सिंह के निर्देशन में जल संरचनाओं का निर्माण, गहरीकरण और मरम्मत कार्य किए जा रहे हैं। ग्राम नानूखेड़ा में सामुदायिक कूप गहरीकरण तथा ग्राम गुसट में तालाब गहरीकरण जनसहयोग से किया गया। इसके अलावा छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ विकासखंड में तालाबों की सफाई और श्रमदान कार्य किए गए। साथ ही, दीवार लेखन, स्कूल गतिविधियों और विद्यार्थियों के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश फैलाया जा रहा है। तालाब और प्राचीन बावड़ियों की सफाई कर संरक्षण कार्यों को मिली गति जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत छतरपुर में फुटेरा तालाब और प्राचीन बावड़ियों की सफाई कर संरक्षण कार्यों को गति दी गई। अभियान के तहत “हर बूंद का संरक्षण-जीवन का संरक्षण” का संदेश दिया जा रहा है। इसी तरह उमरिया जिले में भी अभियान के तहत दीवार लेखन और जनजागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ ग्राम बरदढार में बोरी बंधान का कार्य किया गया, जिससे जल संचयन और भूजल स्तर में वृद्धि होगी। टीकमगढ़ में ईदगाह स्थित कुएं की सफाई के लिए श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर  विवेक श्रोत्रिय ने नागरिकों से जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। दीवार लेखन, पोस्‍टर और निबंध प्रतियोगिता के माध्‍यम से जागरूकता पांढुर्णा जिले में दीवार लेखन, पोस्टर और निबंध प्रतियोगिताओं के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। विद्यार्थियों ने “जल ही जीवन है” जैसे संदेशों के जरिए लोगों को प्रेरित किया। इसके अतिरिक्‍त अभियान के तहत शहडोल में नाग तलैया की सफाई के लिए श्रमदान कार्यक्रम आयोजित कर जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई गई और नागरिकों को सामूहिक शपथ दिलाई गई। “जल गंगा संवर्धन अभियान” मध्यप्रदेश में जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में एक प्रभावी पहल बनकर उभर रहा है, जिसमें शासन और समाज मिलकर जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।  

रीवा से सूरत जा रही बस में आग, इंदौर-भोपाल हाईवे पर मची अफरा-तफरी

देवास मप्र के रीवा से गुजरात के सूरत जा रही यात्री बस एआर20ई2424 में भोपाल-इंदौर राजमार्ग पर देवास जिले के नेवरी फाटा क्षेत्र में मंगलवार शाम करीब पांच बजे अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। आग का पता चलते ही चालक ने बस को रोक दिया। जैसे ही यात्रियों को पता चला कि आग लग गई है तो अफरा-तफरी व चीख पुकार मच गई। यात्री दरवाजे की ओर भागने लगे, कई यात्री खिड़कियों से नीचे कूद गए। सूचना मिलने पर सोनकच्छ, टोंकखुर्द से फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यात्री बस सोमवार रात में सूरत के लिए रवाना हुई थी, बस में 40 से अधिक यात्री सवार थे। यात्री रामदास पटेल निवासी शहडोल ने बताया आग कैसे लगी, यह नहीं पता। जैसे ही पता चला हम जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे। किसी को सामान निकालने का मौका नहीं मिल पाया। कुछ यात्रियों ने बताया बस में कुछ किमी पहले ही डीजल डलवाया गया था जिससे बाद डीजल लीकेज हो रहा था, आशंका है कि इससे ही आग फैली हो। बस में मप्र, उप्र, गुजरात के यात्री सवार थे। कुछ लोग प्रयागराज क्षेत्र से रीवा पहुंचे थे फिर वहां से सूरत के लिए बस में सवार हुए थे। हादसे के बाद नेवरी फाटा की ओर से देवास की ओर आने वाले मार्ग का यातायात दूसरी ओर डायवर्ट कर दिया गया था। भौंरासा में फायर ब्रिगेड नहीं होने से आग बुझाने में लगा समय … घटनास्थल के समीप भौंरासा नगर परिषद में फायर ब्रिगेड नहीं है। ऐसे में सोनकच्छ से फायर ब्रिगेड बुलवाई गई जो करीब 15 किमी से भी अधिक दूर पड़ता है। इसमें समय अधिक लग गया और आग फैलती चली गई जिससे नुकसान अधिक हुआ। हालांकि गनीमत यह रही कि इसमें किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। यात्रियों ने यह भी बताया कि बस में चढ़ने-उतरने का एक ही दरवाजा था।  

कैबिनेट ने 53 हजार करोड़ की योजनाओं को जारी रखने का लिया फैसला, PWD की 26,311 करोड़ की परियोजनाएं रहेंगी सक्रिय

भोपाल  मोहन कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को मध्य प्रदेश आतंकवादी एवं उच्छेदक गतिविधियां और संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक, 2010 को वापस लेने का अनुमोदन किया गया। इसके साथ ही बैठक में खरीफ 2020 में खरीदी गई धान की मिलिंग से शेष बची 7.73 लाख मीट्रिक टन धान के ई-ऑक्शन के निराकरण पर चर्चा कर स्वीकृति दी गई। साथ ही भारतीय वन सेवा के अंतर्गत प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के एक पद के सृजन को मंजूरी मिली है। कैबिनेट ने कुल 53 हजार करोड़ रुपए की योजनाओं को 2031 तक जारी रखने को मंजूरी दी है। एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में कुल 21 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग की 26,311 करोड़ रुपए की पांच परियोजनाओं को जारी रखने पर सहमति बनी है। साथ ही शाजापुर जिले की लखुंदर सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिससे उज्जैन और शाजापुर जिले में 9 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हो सकेगी। कैबिनेट के अन्य फैसलों में कर्मचारियों और अधिकारियों को कोर्ट के निर्णय के बाद पेंशन व वेतनमान देने, साथ ही सोलहवें वित्त आयोग से कराए जाने वाले कार्यों की मंजूरी भी शामिल है। कैबिनेट में इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी     लखुंदर उच्च दाब सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति।     लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में 134 पीजी सीट वृद्धि योजना के अंतर्गत 80 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की कार्योत्तर स्वीकृति।     श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा के अंतर्गत सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के विस्तार की 174 करोड़ रुपए पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति। लोक निर्माण विभाग की इन योजनाओं को जारी रखने की स्वीकृति     लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत मरम्मत और सुधार कार्य समेत अन्य योजनाओं के लिए 16वें वित्त आयोग की अवधि तक काम जारी रखने का प्रस्ताव।     केंद्रीय सड़क अधोसंरचना निधि की योजनाओं को 16वें वित्त आयोग में जारी रखने का प्रस्ताव।     पीडब्ल्यूडी के एफ टाइप से उच्च श्रेणी के शासकीय आवास और गैर आवासीय भवनों की मरम्मत का काम 16वें वित्त आयोग से जारी रखने का प्रस्ताव।     16वें वित्त आयोग के अंतर्गत ही लोक निर्माण विभाग की भू अर्जन मुआवजा संबंधी योजा, भारतीय सड़क कांग्रेस को अनुदान और डिक्रीधन का भुगतान, मुख्य जिला मार्ग, जिला मार्ग तथा अन्य जिला मार्गों के नवीनीकरण का काम जारी रखने का प्रस्ताव।     उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के समक्ष दायर याचिका शकूर खान विरुद्ध एमपी शासन और अन्य में दायर अवमानना याचिका में शकूर खान को पेंशन देने का प्रस्ताव। इसी तरह संजय कुमार गुप्ता और अन्य 8 रिट याचिका के मामले में अमीन पद का वेतनमान स्वीकृत करने की अनुमति का प्रस्ताव भी हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर मंजूर किया जाएगा। ये प्रस्ताव भी हुए मंजूर     पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2005 में संचालित दिल्ली स्थित उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले एमपी के ओबीसी छात्र-छात्राओं के लिए छात्रगृह योजना जारी रखने का प्रस्ताव। इसमें अब 10 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे।     आंगनबाड़ी भवनों में विद्युत व्यवस्था के लिए 38901 आंगवनबाड़ी भवनों को मंजूरी। 80 करोड़ रुपए सरकार ने मंजूर किए।     खरीफ 2020 में खरीदी गई धान की मिलिंग से शेष बची धान 7.73 लाख मीट्रिक टन के ई-ऑक्शन के निराकरण पर चर्चा।     मध्य प्रदेश आतंकवादी और उच्छेदक गतिविधियां तथा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक 2010 को वापस लेने के प्रस्ताव का अनुमोदन।     भारतीय वन सेवा के अंतर्गत प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के एक पद के सृजन को मंजूरी।

सीएम डॉ. मोहन ने एमपी में 4 जंगली भैसें रिलीज की, वाइल्ड लाइफ और ईको-सिस्टम पर पड़ेगा बड़ा प्रभाव

और खूबसूरत हुई एमपी की वाइल्ड लाइफ, सीएम डॉ. मोहन ने रिलीज किए 4 जंगली भैसें, ईको-सिस्टम पर होगा इतना असर – बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र में हुआ कार्यक्रम – मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कान्हा टाइगर रिजर्व में छोड़े भैंसे – ईको-सिस्टम के साथ-साथ टूरिज्म पर होगा सकारात्मक असर – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिर समृद्ध हो रहे जंगल भोपाल  मध्यप्रदेश के वाइल्ड लाइफ और ईको-सिस्टम के लिए 28 अप्रैल का दिन बेहद खास रहा। आज प्रदेश की धरती यानी कान्हा टाइगर रिजर्व में चार जंगली भैसों की आमद हुई। इनमें एक नर और तीन मादा हैं।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र में इन भैसों को रिलीज किया। इन भैसों की आमद से एक तरफ प्रदेश के जंगल समृद्ध होंगे, तो दूसरी तरफ टूरिज्म पर भी सकारात्मक असर होगा। इनके आने से स्थानीय रोजगार भी बढ़ेगा। मध्यप्रदेश सरकार इन भैसों को असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से लाई है।  इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। 150 साल बाद मध्यप्रदेश की धरती पर, कान्हा टाइगर रिजर्व में एक बार फिर जंगली भैंसा आया है। यह हमारे पर्यावरण के लिए, पारिस्थितिक तंत्र के लिए अद्भुत अवसर है। हमारी अपनी धरती पर हमारे यहां से गए हुए मेहमान का शुभागमन है। इनके आने से पारिस्थितिक तंत्र मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे ही अवसरों से हमारा जंगल समृद्ध होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वो सारे वन्य प्राणी जो एक-एक करके विलुप्त हो गए थे और यहां से चले गए थे, वो अब मध्यप्रदेश के जंगल में आ रहे हैं।  बढ़ेगा टूरिज्म और रोजगार सीएम डॉ. यादव ने कहा कि इन जानवरों से हमारे जंगलों की शोभा बढ़ेगी। यह आकर्षण का केंद्र भी बनेगा। टूरिज्म पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इससे हमारा असम के साथ एक नया रिश्ता भी बना है। मैं असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा को भी धन्यवाद देता हूं। पिछली मुलाकात में हमने जंगली भैंसा और गैंडा लाने की बात की थी। आज उस मुलाकात का पहला चरण शुरू हुआ है। 4 जंगली भैंसे हमारे पास आए हैं। इनमें तीन फीमेल और एक मेल है। ये किशोरावस्था से आगे बढ़ रहे हैं। इसलिए स्वस्थ रहेंगे। ये मां कामाख्या का आशीर्वाद भी हैं।   भावी पीढ़ी को मिलेगा लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमारा प्रदेश चीता और लेपर्ड स्टेट है। प्रदेश में मगरमच्छ घड़ियाल और भेड़िया भी पर्याप्त संख्या में पाए जाते हैं। प्रदेश अब वल्चर स्टेट यानी गिद्ध स्टेट भी बना है। वन्य प्राणियों के मामले में मध्यप्रदेश का गौरवशाली इतिहास रहा है। प्रदेश अब इन वन्य प्राणियों से दोबारा समृद्ध हो रहा है। कई सौ साल पहले विलुप्त हुए पर अपनी प्राणियों के पुनर्स्थापना से मध्य प्रदेश के समृद्ध वन और वन्य प्राणियों के संरक्षण का सपना साकार हो रहा है। हमारा यह प्रयास भावी पीढ़ियों को लाभ देगा। लिखा जा रहा नया इतिहास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकारें अधोसंरचना और जन कल्याण के काम तो करती ही हैं, लेकिन परिस्थिति तंत्र के लिए कठोर निर्णय लेने पड़ते हैं। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वर्ष 2022 में समूचे एशिया महाद्वीप से गायब हो चुके चीतों को फिर से बसाया गया। हमारे गांधी सागर और श्योपुर के कुनो में चीते आनंद से रह रहे हैं। हमारा नोरादेही अभ्यारण्य भी चीतों के लिए तैयार हो रहा है। अभी कल के दिन भी हमने नारी सशक्तिकरण का एक बड़ा निर्णय करते हुए विधानसभा का विशेषण बुलाया और आज ही हमने जंगल की खूबसूरती बढ़ाने के लिए जंगल के नए मेहमान का स्वागत किया है। कान्हा की धरती हमारे जंगल का नया इतिहास लिखा जा रहा है।

प्रजापति विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नामांकित

प्रजापति विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नामांकित शासन ने जारी किया आदेश भोपाल राज्य शासन ने विन्ध्य क्षेत्र के समग्र एवं संतुलित विकास को गति देने की दिशा में विन्ध्य विकास प्राधिकरण में महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं। जारी आदेश के अनुसार पंचूलाल प्रजापति को विन्ध्य विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नामांकित किया गया है। साथ ही, डॉ. अजय सिंह तथा संजय तीर्थानी को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा जारी आदेश के माध्यम से प्राधिकरण के पुनर्गठन की प्रक्रिया को प्रभावी रूप दिया गया है।  

महिला आरक्षण पर कृष्णा गौर का पलटवार, कांग्रेस के 3 भ्रामक दावे किए नकारे, विपक्ष को कौरव कहा

भोपाल  मध्य प्रदेश में महिला आरक्षण (Women Reservation) को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच खींचतान जारी है। इसी उद्दे को लेकर सोमवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया। इसमें सीएम मोहन यादव 'नारी शक्ति वंदन' अधिनियम के तहत परिसीमन के आधार पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का संकल्प पेश किया। संकल्प पर चर्चा की शुरूआत राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने की। संकल्प का समर्थन करते हुए इसे देश की आधी आबादी के अधिकार, सम्मान और भागीदारी से जुड़ा ऐतिहासिक कदम बताया। गौर ने इस दौरान कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर निशाना जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस को कौरव बताया और कहा कि- महिलाएं उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी। कृष्णा गौर ने इसके बाद आरोप लगाया कि कांग्रेस में महिला आरक्षण को लेकर 3 भ्रामक दावे किए है। विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- उन्होंने तोड़ा महिलाओं का दिल मंत्री कृष्णा गौर ने अपने संबोधन में कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि ब महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संसद में संशोधन विधेयक लाया गया था, तब पूरे देश की महिलाओं को उम्मीद जगी थी लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने मनगढ़ंत और तर्कहीन कारणों के आधार पर इस विधेयक को पारित नहीं होने दिया। यह केवल विधेयक को गिराना नहीं था, बल्कि देश और प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के मान-सम्मान पर प्रहार था। ओबीसी के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा कृष्णा गौर ने स्वयं को ओबीसी वर्ग की महिला बताते हुए कहा कि सदन में विपक्ष के द्वारा यह दलील दी गई कि इस वर्ग को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा, लेकिन कांग्रेस ने कभी भी ओबीसी वर्ग का वास्तविक समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा भ्रम फैलाने का काम किया है, जबकि वर्तमान सरकार महिलाओं और पिछड़े वर्गों को वास्तविक अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है। कौरवों का उदाहरण देकर दी चेतावनी अपने भाषण के अंत में कृष्णा गौर ने महाभारत का उदाहरण देते हुए विपक्ष को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि- भगवान श्रीकृष्ण कौरवों को समझाने गए थे, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी और परिणाम महाभारत के रूप में सामने आया। आज फिर एक यदुवंशी मोहन आपको समझाने की कोशिश कर रहे हैं, यदि आप नहीं समझे तो परिणाम भी वैसा ही होगा। महिलाएं आपको कभी माफ नहीं करेंगी। गौर ने विपक्ष से अपील की कि वह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस संकल्प का समर्थन करे।  उन्होंने मंत्री ने कहा- कांग्रेस ने किए 3 भ्रामक दावे नारी शक्ति संशोधन विधेयक पर विधानसभा में चर्चा के दौरान राज्यमंत्री कृष्णा गौर कहा कि कांग्रेस ने इस विधेयक को रोकने के लिए भ्रामक और तर्कहीन दलीलों का सहारा लिया, लेकिन उनके सभी दावों की सच्चाई सामने आ गई।     मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का पहला भ्रम यह था कि इस प्रस्ताव से दक्षिण भारत के राज्यों को सीटों का नुकसान होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के प्रस्ताव में सभी राज्यों में सीटों की संख्या 50% के समान अनुपात से बढ़ाने का प्रावधान है, जिससे किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा।     दूसरे मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि विपक्ष यह भ्रम फैला रहा है कि ओबीसी महिलाओं को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। इस पर उन्होंने खुद का उदहारण दिया और कहा कि अगर किसी दल ने ओबीसी समाज को सम्मान दिया है, तो वह केवल भाजपा है। कांग्रेस ने तो कभी उन्हें संगठन और सत्ता में उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया।     तीसरे भ्रामक दावे को लेकर उन्होंने कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण”का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे को जानबूझकर उठा रही है। उ

Madhya Pradesh में UCC की दिशा में कदम, रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में 60 दिन में तैयार होगा ड्राफ्ट

भोपाल  भोपाल से बड़ी खबर सामने आ रही है. मध्यप्रदेश में अब ‘समान नागरिक संहिता’ (UCC) को लेकर हलचल तेज हो गई है. राज्य सरकार ने इसे लागू करने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठा लिया है. रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में बनी कमेटी विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है. सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. इस 6 सदस्यीय समिति की कमान सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी गई है. 60 दिन में तैयार होगा ड्राफ्ट यह कमेटी अपनी रफ्तार से काम करेगी. इसे अगले 60 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट और ‘UCC ड्राफ्ट बिल’ तैयार कर सरकार को सौंपना होगा. इस दौरान समिति उत्तराखंड और गुजरात में अपनाए गए मॉडलों का भी गहराई से अध्ययन करेगी. इन कानूनों पर रहेगा फोकस समिति का मुख्य काम विवाह, तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे कानूनों की समीक्षा करना है. इसके अलावा, लिव-इन रिलेशनशिप और दत्तक ग्रहण (Adoption) से जुड़े नियमों पर भी विशेष अध्ययन किया जाएगा. इसका उद्देश्य राज्य के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी ढांचा तैयार करना है. महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को प्राथमिकता इस पूरी प्रक्रिया में महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. समिति केवल बंद कमरों में काम नहीं करेगी, बल्कि आम लोगों की राय जानने के लिए जनसुनवाई और परामर्श बैठकें भी आयोजित करेगी. विशेषज्ञों से ली जाएगी राय समिति सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ-साथ विधि विशेषज्ञों से भी सुझाव मांगेगी. प्रशासनिक और क्रियान्वयन से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की जाएगी, ताकि कानून को सही ढंग से लागू किया जा सके. 6 सदस्यीय समिति में कौन? जारी आदेश के अनुसार, 6 सदस्यीय समिति की अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई होंगी. शत्रुघ्न सिंह (सेवानिवृत्त भा.प्र.से), अनूप नायर (कानूनविद), गोपाल शर्मा (शिक्षाविद), बुधपाल सिंह (सामाजिक कार्यकर्ता) और अजय कटेसरिया (अपर सचिव सामान्य प्रशासन विभाग).

खजुराहो में पारा 46 पार, 10 साल का रिकॉर्ड टूटा; एमपी में भीषण गर्मी, लू और आंधी-बारिश का अलर्ट जारी

भोपाल /जबलपुर  मध्य प्रदेश में गर्मी ने इस बार सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. पर्यटन स्थल खजुराहो में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले 10 सालों में सबसे अधिक बताया जा रहा है. इस भीषण गर्मी ने न सिर्फ आम जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि स्वास्थ्य और प्रशासन दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है. हालात ऐसे हैं कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों में कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट संभव है. इससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है।  तेज गर्मी के बीच मौसम में बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 1 मई तक प्रदेश में गर्मी के साथ कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। यह बदलाव साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के सक्रिय होने के कारण होगा। साथ ही, 28 अप्रैल से लू के प्रभाव में कुछ कमी आने के आसार हैं। मंगलवार को छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है। वहीं, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश हो सकती है। बीते सोमवार को प्रदेश के कई शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। खजुराहो (46.0 डिग्री) और नौगांव (45.5 डिग्री) के अलावा श्योपुर और दतिया समेत 13 शहरों में पारा 44 डिग्री से ऊपर दर्ज हुआ। राजधानी भोपाल और ग्वालियर में 43.4 डिग्री, इंदौर में 42.0 डिग्री, उज्जैन में 42.4 डिग्री और जबलपुर में 42.7 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। खजुराहो में अब तक 10 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है और अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो ऑल-टाइम रिकॉर्ड भी टूट सकता है। यहां 29 अप्रैल 1993 को अधिकतम तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने, दोपहर में धूप से बचने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। इन जिलों में लू का अलर्ट मंगलवार को जिन जिलों में लू का अलर्ट है, उनमें छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। 12 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में गरज-चमक और आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है। 13 शहरों में पारा 44 डिग्री के पार सोमवार को खजुराहो (46.0 डिग्री) और नौगांव (45.5 डिग्री) के अलावा श्योपुर और दतिया समेत कुल 13 शहरों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा दर्ज किया गया। भोपाल और ग्वालियर में 43.4 डिग्री, इंदौर में 42.0 डिग्री, उज्जैन में 42.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 42.7 डिग्री रहा। खजुराहो में ऑल-टाइम रिकॉर्ड टूटने का डर खजुराहो में 10 साल का रिकॉर्ड तो टूट ही चुका है, अब ओवरऑल रिकॉर्ड टूटने की भी आशंका है। मौसम विभाग के मुताबिक, खजुराहो में 29 अप्रैल 1993 को दिन का तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। यदि गर्मी का दौर इसी तरह जारी रहा तो यह रिकॉर्ड भी टूट सकता है। दमोह में आंधी-बारिश से दीवार गिरी, दबने से महिला की मौत दमोह में सोमवार शाम आंधी-बारिश से एक कच्ची दीवार गिर गई। इसमें दबने से पड़ोस में रहने वाली 48 वर्षीय रागिनी पटैरिया नाम की महिला की मौत हो गई। महिला घर के पास रखे कंडे ढंकने गई थी, तभी यह हादसा हुआ। घटना रनेह थाना क्षेत्र के महुआ खेड़ा गांव की है। गर्मी से बचाव के लिए एडवाइजरी गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने लोगों के लिए बचाव एडवाइजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहें। हलके वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर अपना ध्यान रखें। अप्रैल में पड़ती है तेज गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल में तेज गर्मी पड़ती है।

महेंद्र सिंह यादव अपेक्स बैंक के प्रशासक बने

भोपाल मनोज पुष्प, पंजीयक सहकारी संस्थाएं, मध्य प्रदेश, भोपाल ने अपने आदेश क्रमांक साख /एपी 276/2026/752, भोपाल, दिनांक 25 अप्रैल 2026 से ग्वालियर निवासी महेंद्र सिंह यादव सुपुत्र बाबूसिंह यादव, मोहनपुर , मुरार, ग्वालियर को अपेक्स बैंक के प्रशासक के पद पर नियुक्त करने के आदेश प्रसारित किये हैं. यादव बड़ागॉव सोसाइटी के सदस्य हैं। उल्लेखनीय है कि दिनांक 14 जुलाई 2025 से प्रमुख सचिव सहकारिता डी.पी.आहूजा इस पद पर पदस्थ थे।