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जुलाई माह में होगी कलेक्टर्स- एसपी कॉन्फ्रेंस

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर्स वीसी में 21 जून को होने वाली नीट परीक्षा के सुव्यवस्थित संचालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नीट परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात के सुचारू संचालन के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। पुलिस प्रशासन परीक्षार्थियों के साथ सकारात्मक भाव से हर संभव सहयोग प्रदान करे। जिला स्तर पर सोशल मीडिया पर नजर रखी जाए तथा अफवाह फैलने की स्थिति में तत्काल वस्तुस्थिति से लोगों को अवगत कराया जाए। सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 30 जिलों में नीट परीक्षा के लिए 283 सेंटर बनाए गए हैं। सर्वाधिक 57 केंद्र इंदौर में हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति मती द्रोपदी मुर्मू के प्रदेश में होने वाले दौरे के दृष्टिगत आवश्यकत तैयारियों के संबंध में भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में हुई बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई,  अनुपम राजन और  शिव शेखर शुक्ला उपस्थित थे। जिलों की बनेंगी विकास पुस्तिकाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला स्तर पर विकास और जनकल्याण योजनाओं के संचालन की स्थिति की गहन समीक्षा की जाएगी। जुलाई माह में कलेक्टर्स-एसपी कांफ्रेंस भी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में जिले के प्रभारी मंत्री अपने संबोधन में विस्तृत रूप से जिले की उपलब्धियां प्रस्तुत करेंगे। प्रभारी मंत्रियों के संबोधन से पहले राज्य स्तर से मुख्यमंत्री का संबोधन होगा। यह सभी जिलों में प्रसारित होगा। जिला स्तर की उपलब्धियों के प्रस्तुतिकरण से जिला स्तर पर संचालित विकास और जनकल्याण गतिविधियों का दस्तावेजीकरण होगा, इसकी तैयारी तत्काल आरंभ की जाए। इस आधार पर जिलों की विकास पुस्तिका बनेगी।  

बजट का शत-प्रतिशत उपयोग: अमृत योजना में देश में 7वें स्थान पर मध्यप्रदेश

भोपाल नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त  संकेत भोंडवे ने निर्देश दिए कि "रेड लिस्ट के संविदाकार यदि 15 दिवस में परियोजनाओं में प्रगति नहीं लाते हैं, तो उनकी परफॉर्मेंस गारंटी की कटौती एवं उन्हें ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। साथ ही रेड लिस्ट वाली परियोजनाओं के सभी संविदाकारों पर L.D. अधिरोपित किया जाएगा। आयुक्त  भोंडवे ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा अमृत 2.0 अंतर्गत संचालित जलप्रदाय परियोजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक में संविदाकारों और अधिकारियों को निर्देश दिए। आयुक्त  भोंडवे ने बताया कि संविदाकारों के कार्यों में किए गए समयबद्ध भुगतान के संबंध में भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए उपलब्ध कराई गई राशि का 100 प्रतिशत उपयोग मार्च, 2026 तक सुनिश्चित कर लिया गया। इस बेहतर वित्तीय और प्रशासनिक प्रबंधन के फलस्वरूप मध्यप्रदेश अमृत योजना के अंतर्गत वर्तमान में देश में 7वें रैंक पर आ गया है। बैठक में वर्तमान में योजनांतर्गत कम प्रगति वाली पाई गई 122 परियोजनाओं की कार्यगुणवत्ता, समयबद्ध क्रियान्वयन एवं लंबित बिंदुओं की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की गई। आयुक्त  भोंडवे ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन कम प्रगति वाली परियोजनाओं की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए, जिससे कार्य समय-सीमा में पूरे हो सकें। बैठक में संभागीय संयुक्त संचालक, संभागीय अधीक्षण यंत्री, संभागीय कार्यपालन यंत्री, टीएल (TL), पीडीएमसी (PDMC) एवं आर.ई. प उपस्थित रहे। इसके साथ ही, शेष नगरीय निकायों के अधिकारी और संविदाकार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में सम्मिलित हुए।  

स्वयं को सुरक्षित रखते हुए आग पर काबू पाने की ली ट्रेनिंग

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा लगातार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को फायर सेफ्टी की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसी तारतम्य में शनिवार शाम पुलिस मुख्यालय के भूतल पर सुरक्षाकर्मियों एवं कर्मचारियों को स्वयं को सुरक्षित रखते हुए आग पर काबू पाने का प्रशिक्षण दिया गया। अग्नि नियंत्रण संबंधी प्रशिक्षण में आधुनिक उपकरणों द्वारा आग बुझाने की मॉकड्रिल भी की गई। मॉकड्रिल के दौरान तरल पदार्थों में लगी आग को पुलिस के जवानों ने अग्निशमन यंत्रों के प्रयोग से किस तरह आसानी से बुझाई जा सकती है, इसका प्रशिक्षण प्राप्त किया। सुरक्षाकर्मियों ने आग को धुएं और लपटों से बचकर बुझाने का प्रशिक्षण प्राप्त कर आग बुझाने का अभ्‍यास भी किया। मॉकड्रिल में प्रमुख रूप से पुलिस मुख्यालय के सुरक्षा इंचार्ज  मुकेश सैनी, निरीक्षक विजय नागले, पुलिस फायर स्टेशन भोपाल के एसआई  शिवनारायण शर्मा व उनकी टीम उपस्थित थी। इन उपकरणों का दिया प्रशिक्षण मॉकड्रिल के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आग बुझाने में प्रयोग किए जाने वाले आधुनिक उपकरणों के संबंध में जानकारी दी गई। आग बुझाने के दौरान प्रयोग में आने वाले कलेक्टिंग ब्रिज, डिवाइडिंग ब्रिज, फायर मेन हेलमेट, फोम नोजल, अग्निशमन सिलेंडर एवं कॉर्टेज, टॉर्च, रिवॉल्विंग नोजल, यूनिवर्सल ब्रांच, न्यू लाइट(ब्रांच), ऑर्डनरी ब्रांच, एडॉफ्टर, जाली, फायर मेन एक्स, लॉक कटर, प्रॉक्सीमेटी सूट, एल्यूमिनियम सूट, कैमिकल सूट, ब्रीदिंग ऑपरेटर सेट, लाइफ जैकेट, हौज पाइप, फायर ब्लैंकेट, अग्निशमन यंत्र आदि की जानकारी दी गई। 5 तरह की होती है आग- बुझाने में बरतें सावधानी प्रशिक्षण के दौरान एसआई  शिवनारायण शर्मा ने बताया कि आग पांच तरह की होती है, जिन्हें बुझाने का तरीका भी अलग-अलग होता है। उन्होंने बताया कि इन्हें ए से इ तक की श्रेणी में रखा गया है। लकड़ी-कोयला में लगी छोटी आग को ए क्लास में रखा गया है। तरल पदार्थों में लगी आग को बी क्लास, गैसों में लगी आग को सी क्लास, मेटल में लगी आग को डी क्लास और इलेक्ट्रिक आग को ई क्लास की श्रेणी में रखा गया है। इन सभी आग को पानी या कैमिकल की मदद से बुझाया जाता है। अग्नि दुर्घटना होने पर यह करें         फायर ब्रिगेड, पुलिस कंट्रोल रूम, पुलिस थाना, विद्युत विभाग एवं चिकित्सालय को सूचना दें।         फायर फायटिंग दल फायर एक्सटिंग्यूशर अथवा पानी या रेत से अग्नि को प्रारंभिक स्थिति में बुझाएं। भवन के विद्युत प्रवाह को मेन स्विच से तत्काल कट-ऑफ करें।         फायर अलार्म दल सभी को अग्नि दुर्घटना की चेतावनी अलार्म बजाकर दें।         बचाव दल (इवेक्युएशन टीम) बिल्डिंग के व्यक्तियों को पूर्व निर्धारित योजना अनुसार सुरक्षित रास्तों से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाएं।         भगदड़ नहीं करें।         लिफ्ट का प्रयोग कतई न करें।         संपत्ति बचाव दल महत्वपूर्ण व मूल्यवान सम्पत्ति को बाहर निकालें।         अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों जैसे-पैट्रोल, कैरोसिन, प्लास्टिक, आदि को अग्नि दुर्घटना स्थल से दूर करें। इन नंबरों पर करें सूचित आग की सूचना देने के लिए भोपाल में एमपीईबी के हेल्पलाइन नंबर 0755-2678251, 0755-2678369 पुलिस का हेल्पलाइन नंबर 0755-2555922, पुलिस फायर स्टेशन का हेल्पलाइन नंबर 0755-2441008 और नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर 0755-2542222 पर कॉल कर किया जा सकता है।  

प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने पर मंत्री सारंग ने नरेला शासकीय महाविद्यालय में विद्यार्थियों से किया संवाद

भोपाल  सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और विकास के स्वर्णिम 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे विभिन्न सामाजिक संस्थाओं एवं शिक्षण संस्थान संवाद के तहत शनिवार को शासकीय महाविद्यालय नरेला में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश में हुए ऐतिहासिक परिवर्तन, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास की उपलब्धियों की जानकारी साझा की। मंत्री  सारंग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत ने बीते 12 वर्षों में विकास, सुशासन, आत्मनिर्भरता, शिक्षा, खेल, तकनीक और जनसेवा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को प्राप्त किया है। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने, शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने तथा विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। मंत्री  सारंग ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। मंत्री  सारंग ने विद्यालय परिसर एवं महाविद्यालय की विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। मंत्री  सारंग ने नरेला विधानसभा अंतर्गत करोंद क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। साथ ही क्षेत्रवासियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों में आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने पर बल दिया। मंत्री  सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा के समग्र एवं सतत विकास के लिए विभिन्न आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसुविधाओं से जुड़े कार्य निरंतर किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।  

भोपाल में बाढ़ और अतिवृष्टि से निपटने के लिए जिला कंट्रोल रूम शुरू, 15 जून से 24 घंटे रहेगा सक्रिय

भोपाल भोपाल जिले में बाढ़ और अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं की संभावित स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत जिला कार्यालय भोपाल ने नगर निगम कार्यालय सदर मंजिल स्थित फायर ब्रिगेड स्टेशन (फतेहगढ़) में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। यह कंट्रोल रूम 15 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक 24 घंटे कार्यरत रहेगा। जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर आम नागरिक आपदा संबंधी सहायता और जानकारी के लिए निम्न दूरभाष क्रमांक पर संपर्क कर सकते हैं: 0755-2540220 0755-2701401 0755-2542222 अधिकारी और कर्मचारियों को किया गया पाबंद जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम के सुचारु संचालन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष रूप से पाबंद किया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के लिए निम्न अधिकारियों की नियुक्ति की गई है: प्रभारी अधिकारी:  लाखन सिंह चौधरी सहायक प्रभारी:  कृष्णा रावत, प्रभारी तहसीलदार भू-संसाधन प्रबंधन लिंक अधिकारी:  योगेश वास्तव, प्रभारी नायब तहसीलदार भू-संसाधन प्रबंधन इसके अलावा जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष में कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी भी निर्धारित कर दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। आपदा प्रबंधन के लिए प्रशासन की तैयारी प्रशासन का उद्देश्य मानसून के दौरान होने वाली भारी बारिश, जलभराव, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देना है। कंट्रोल रूम के माध्यम से नागरिकों की शिकायतें, सूचना और सहायता अनुरोध तुरंत संबंधित विभागों तक पहुंचाए जाएंगे। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मानसून के दौरान सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कंट्रोल रूम से संपर्क करें।

मध्यप्रदेश पुलिस ने ढाई साल के कार्यकाल में हासिल कीं कई ऐतिहासिक उपलब्धियां

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास बनाए रखना पुलिस का पहला कर्तव्य है। पीड़ित व्यक्तियों के साथ विनम्र व्यवहार और उनके हितों की सुरक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सिंहस्थ-2028, करोड़ों श्रद्धालुओं का आस्था पर्व है। इस आयोजन में संवेदनशीलता, सक्रियता, सतर्कता और सेवा भाव से मध्यप्रदेश पुलिस, आदर्श व्यवस्था का उदाहरण देश-दुनिया में प्रस्तुत कर सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित आईजी कांफ्रेंस के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर गार्ड ऑफ ऑनर देकर उनका अभिवादन किया गया। कॉन्फ्रेंस में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा, अपर मुख्य सचिव  संजय शुक्ला सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आईजी स्तर के बाद संभाग स्तर पर भी समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी और वे स्वयं इन बैठकों में शामिल होंगे। साइबर अपराधों की रोकथाम और जनजागरूकता को दी जाए सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देशित किया कि साइबर अपराधों की रोकथाम और जनजागरूकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, नशामुक्ति, मानव तस्करी पर नियंत्रण, महिला और बच्चों की सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ बनाने तथा धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में न्यायालयों द्वारा दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा तथा सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को पुलिस विभाग की प्रमुख प्राथमिकताएं बताते हुए अधिकारियों को प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध, संगठित अपराध, माफिया गतिविधियां, भूमि संबंधी अपराध, सामाजिक चुनौतियों के नए स्वरूप सामने आ रहे हैं। इनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस को तकनीकी दक्षता, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के साथ कार्य करना होगा। प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए संचालित किया जाए जनजागरण अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादवने मध्यप्रदेश पुलिस की कार्यवाहियों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की गई हैं। मध्यप्रदेश पुलिस के अथक प्रयासों से मंडला और बालाघाट जिले नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हुए। मध्यप्रदेश की धरती से लाल सलाम को आखिरी सलाम किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश की धरती से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने सुशासन की मिसाल प्रस्तुत की है। मध्यप्रदेश, नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने वाला देश का पहला राज्य बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी अनेकों उपलब्धियों के लिए आज प्रदेशवासी मध्यप्रदेश पुलिस और सुरक्षाबलों पर गर्व करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में संचालित नशामुक्ति अभियान की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आमजन की सहभागिता से व्यापक जनजागरण अभियान संचालित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने के लिए जागरूकता, संवाद और सामुदायिक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार हर साल भर्ती के लिए कर रही है आवश्यक प्रबंधन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार भारत सरकार के नए आपराधिक कानूनों को लागू करते हुए और सभी जरूरी संसाधन जुटाते हुए पुलिस भर्ती प्रक्रिया को जारी रख रही है। अब तक पुलिस विभाग में 22 हजार अलग-अलग पदों पर भर्ती की जा चुकी है। राज्य सरकार हर साल भर्ती करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंधन कर रही है। हमारा प्रयास है कि स्वीकृत पदों में से कोई भी पद खाली न रहे। विकास के क्रम में पुलिस अपनी पूरी क्षमता से सुशासन और प्रदेशवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए कार्य करे। सिंहस्थ : 2028 के लिए प्रशिक्षण और आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय प्रबंधन की बड़ी चुनौती भी है। इसके लिये अभी से प्रशिक्षण, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, आपदा प्रबंधन तथा आधुनिक तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जाए। इससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित वातावरण तथा आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था के प्रशिक्षण से प्रदेश में आयोजित होने वाले अन्य बड़े मेलों के प्रबंधन को भी बेहतर बनाया जा सकेगा। साम्प्रदायिक ताकतों पर नियंत्रण के लिए निरंतर सजग रहना जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार में भोजशाला से संबंधित न्यायालय के निर्णय को मध्यप्रदेश पुलिस ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर लागू कराया। भोजशाला में वसंत पंचमी के अवसर पर शांति पूर्ण स्थिति कायम रखने में भी पुलिस की अहम भूमिका रही। इसके लिए धार प्रशासन और पुलिस बल बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में साम्प्रदायिक ताकतों को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस को निरंतर सजग रहना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश     पेट्रोलिंग के लिए छोटी और तंग गलियों में उपयुक्त व्यवस्था हो, यह सुनिश्चित किया जाए कि पेट्रोलिंग में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आए।     थानों में शुचिता का माहौल बने।     वरिष्ठ अधिकारी आकस्मिक निरीक्षण सुनिश्चित करें।     वर्षाकाल से पहले नगरीय निकायों के सहयोग से खतरनाक बिल्डिंगों को चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही की जाए।     यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बाजार देर रात तक संचालित न हो। मैदानी पुलिस कार्यों की त्रैमासिक समीक्षा की नई व्यवस्था आरंभ : डीजीपी  मकवाणा कॉन्फ्रेंस में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा मैदानी पुलिस कार्यों की त्रैमासिक समीक्षा की नई व्यवस्था प्रारंभ की गई है, जिससे शासन की प्राथमिकताओं और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप पुलिस कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया प्रदेश में डायल-112 सेवा, अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण तथा नई आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के सुदृढ़ीकरण के लिए विभिन्न स्तरों पर बड़ी संख्या में भर्ती प्रक्रियाएं संचालित की जा रही हैं तथा लंबित पदोन्नति संबंधी मामलों के निराकरण की दिशा में भी … Read more

बेहतर नीति निर्माण के लिए बेहतर जनभागीदारी आवश्यक

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समान नागरिक संहिता के संबंध में नीति निर्माण जनसामान्य के सुझावों के आधार पर किया जाएगा। बेहतर नीति निर्माण के लिए बेहतर जनभागीदारी आवश्यक है। प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या सुझाव आमंत्रित करने के लिए सभी जिलों में जागरूकता अभियान चलाया जाए। नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ ग्राम स्तर तक नागरिकों को अपना अभिमत देने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। नगरीय स्तर पर स्कूल-कॉलेजों में गतिविधियां संचालित करें, सामाजिक-व्यापारिक संस्थाओं, बार कॉउंसिल आदि में चर्चा के सत्र आयोजित कर जनसामान्य से अपनी राय प्रकट करने के लिए कहा जाए। शासकीय अधिकारी-कर्मचारी भी समान नागरिक संहिता के संबंध में भी अपने सुझाव दें। ग्राम स्तर पर रोजगार सहायक, पंचायत सचिव आदि इस विषय पर चर्चा को प्रोत्साहित करें। इस संबंध में विशेष ग्राम सभा की बैठक भी आयोजित की जा सकती है। सभी जिला कलेक्टर इस गतिविधि को प्राथमिकता पर लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश शनिवार को समान नागरिक संहिता जागरूकता अभियान पर जिला कलेक्टर्स की वीसी में दिए। मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई,  अनुपम राजन और शिवशेखर शुक्ला उपस्थित थे। वेबसाइट पर देना है सुझाव : सरल है प्रक्रिया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता के बारे में 22 जून तक सुझाव आमंत्रित हैं। इसके लिए विशेष रूप से वेबसाइट ucc.mp.gov.in का विमोचन किया गया है, जिस पर सुझाव देने की प्रक्रिया बहुत सरल है। वेबसाइट के फॉर्म में केवल नाम, लिंग, धर्म, संभाग, जिला, पता और मोबाइल नंबर अंकित करना है। कुल 12 प्रश्नों का उत्तर हाँ या ना में दिया जाना है। मोबाइल ओटीपी से सत्यापित करने से सुझाव जमा हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संबंध में जिला स्तर पर संचालित गतिविधियों की जानकारी भी प्राप्त की। जागरूकता बढ़ाना आवश्यक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समान नागरिक संहिता के उद्देश्य और प्रक्रिया की जानकारी का विस्तार करने के लिए जनप्रतिनिधियों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की जरूरत बताई। उन्होंने स्व-सहायता समूहों, महिला मंडलों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में विभिन्न व्यक्तिगत तथा पारिवारिक विधियों के अंतर्गत विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार आदि विषयों से संबंधित पृथक-पृथक प्रावधानों का समग्र परीक्षण कर विधिक संरचना विकसित करने की आवश्यकता अनुभव की जा रही है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए राज्य शासन द्वारा विषय के विधिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन कर समान नागरिक संहिता के संबंध में अनुशंसाओं को प्रस्तुत करने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति द्वारा जिलों का भ्रमण कर लोगों को अपने सुझाव प्रेषित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।  

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शूटिंग अकादमी में खिलाड़ियों से किया संवाद, बढ़ाया उत्साह

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान ने शूटिंग अकादमी में खिलाड़ियों से किया संवाद नई शिक्षा नीति से खेल और शिक्षा को मिल रही नई दिशा 2036 ओलंपिक और विकसित भारत 2047 का लक्ष्य मंत्री सारंग ने मध्यप्रदेश में खेल उन्नयन में दी जानकारी भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री पद पर 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भोपाल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मध्यप्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग के साथ शूटिंग अकादमी का दौरा किया और खिलाड़ियों से संवाद कर उनके अनुभवों को जाना। केंद्रीय मंत्री प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में पहली बार कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल डिग्री आधारित शिक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें कौशल, खेल और नवाचार से जोड़ने का कार्य किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में खेलों को मिला विशेष स्थान केन्द्रीय मंत्री प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के माध्यम से खेल और शारीरिक शिक्षा को शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है। अब विद्यार्थियों को खेल और पढ़ाई में से किसी एक का चयन करने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि दोनों क्षेत्रों में समान रूप से आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों और विद्यार्थियों के लिए विशेष कोर्स वर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे खेल गतिविधियों और शैक्षणिक उपलब्धियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके। एपीएआर आईडी से जुड़ेंगी खिलाड़ियों की उपलब्धियां केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि एपीएआर (APAAR) आईडी के माध्यम से विद्यार्थियों और खिलाड़ियों की शैक्षणिक तथा खेल संबंधी उपलब्धियों को एक मंच पर जोड़ा जाएगा। इससे उनकी प्रतिभा और उपलब्धियों का समग्र रिकॉर्ड तैयार होगा, जो भविष्य में शिक्षा और करियर दोनों क्षेत्रों में लाभकारी साबित होगा। उन्होंने बताया कि इंटर-स्पोर्ट्स गतिविधियों को क्रेडिट स्कोर से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, ताकि खेलों में सक्रिय भागीदारी को भी अकादमिक मूल्यांकन का हिस्सा बनाया जा सके। आईआईटी सहित उच्च शिक्षण संस्थानों में बढ़ रहा खेलों का महत्व केन्द्रीय मंत्री प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी स्पोर्ट्स कोटा की व्यवस्था की गई है। यह कदम खेल प्रतिभाओं को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करने और खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। 2036 ओलंपिक और विकसित भारत 2047 का संकल्प केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले 20 वर्षों में भारत को आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ना है। उन्होंने 2036 ओलंपिक को देश का महत्वपूर्ण लक्ष्य बताते हुए कहा कि खेलों के क्षेत्र में भारत को वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए “विकसित भारत 2047” के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। जब देश स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब भारत को विकसित राष्ट्र, आत्मनिर्भर राष्ट्र और विश्व की अग्रणी महाशक्ति के रूप में स्थापित करना हमारा सामूहिक लक्ष्य होगा। मंत्री सारंग ने दी शूटिंग अकादमी की जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान को मंत्री सारंग ने मध्यप्रदेश की खेल उपलब्धियों एवं राज्य शूटिंग अकादमी की विशेषताओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि भोपाल स्थित शूटिंग अकादमी देश की ही नहीं बल्कि विश्वस्तरीय खेल अकादमियों में शामिल है। यहां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खिलाड़ियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। मंत्री सारंग ने बताया कि हाल ही में ओलंपिक चयन प्रक्रिया (ट्रायल्स) का आयोजन भी इसी शूटिंग अकादमी में किया गया था, जो इसकी उत्कृष्ट अधोसंरचना और व्यवस्थाओं का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देखने को मिल रहे हैं। खिलाड़ियों की उपलब्धियों से कराया अवगत मंत्री सारंग ने अकादमी के खिलाड़ियों द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अर्जित पदकों और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी भी केंद्रीय मंत्री को दी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी लगातार देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य सरकार खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, पोषण, खेल उपकरण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए हर संभव सहयोग उपलब्ध करा रही है।  

गुणवत्तापूर्ण निर्माण और सुगम यातायात सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : राज्यमंत्री गौर

राज्यमंत्री  गौर ने किया निर्माणाधीन 10 लेन सड़क का जायजा गुणवत्तापूर्ण निर्माण और सुगम यातायात सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : राज्यमंत्री गौर राज्यमंत्री  गौर बोली एक वर्ष में पूर्ण करें 10 लेन सड़क का निर्माण कार्य, आमजन को यातायात में नहीं हो असुविधा भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने शनिवार को निर्माणाधीन 10 लेन सड़क के कार्य का औचक निरीक्षण कर जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में अभूतपूर्व विकास कार्य हो रहे हैं। यह 10 लेन सड़क परियोजना भी इसी तीव्र विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि 10 लेन सड़क का यह निर्माण कार्य हर हाल में अगस्त 2027 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने निर्माण कार्य में सामने आ रही व्यवस्थागत समस्याओं एवं अव्यवस्थाओं को गंभीरता से लिया और इनके शीघ्र निराकरण के लिये संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने निर्माण एजेंसी और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण कार्य के दौरान आम नागरिकों को यातायात, आवागमन एवं अपनी दैनिक गतिविधियों में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए वैकल्पिक मार्गों और सुव्यवस्थित ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि जनसुविधा, सुगम यातायात एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  

मध्य प्रदेश में तबादलों को लेकर नया निर्देश, अब 3 साल का कार्यकाल नहीं बल्कि कामकाज तय करेगा पोस्टिंग

भोपाल  अब तबादलों में परफार्मेंस को आधार बनाया जाएगा। जिनका परफार्मेंस अच्छा होगा, वे तीन साल की अवधि पूरी करने बाद भी एक ही स्थान पर रह सकेंगे। ऐसे शासकीय सेवकों को विभागाध्यक्ष अपनी ओर से मौका देंगे, लेकिन जिनका कामकाज अच्छा नहीं होगा, उन्हें हटाने के लिए तीन साल के कार्यकाल पूरा होने का इंतजार नहीं किया जाएगा। 6 महीने में ही हटाया जा सकेगा। ये निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार सामान्य प्रशासन के एसीएस शिवशेखर शुक्ला और प्रमुख सचिव (कार्मिक) एम सेलवेन्द्रन को दिए। अब तक तीन साल में होती थी कार्यवाही आमतौर पर शासकीय सेवकों को एक स्थान पर तीन साल या अधिक की सेवा अवधि पूरी करने के बाद हटाया जाता है। सीएम ने सुशासन भवन में अपने प्रभार के विभागों की समीक्षा की। बारी-बारी से अफसरों को बुलाकर कामकाज पूछा आगामी निकाय चुनावों की तैयारियों को लेकर भी सीएम ने चर्चा की। अगले साल काम के आधार पर होगा ट्रांसफर मुख्यमंत्री (MP Transfer Policy) ने शासकीय सेवकों के तबादलों के लिए परफार्मेंस वाले जिन आधारों को तैयार करने की बात कही है, वे अगले साल की तबादला नीति में शामिल किए जाएंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में तबादलों का अंतिम चरण जारी है। इसमें किसी भी आधार को शामिल करना मुश्किल काम हो सकता है इसलिए आने वाले वर्ष की तबादला नीति को परफार्मेंस बेस्ड तबादला नीति के रूप में तैयार करेंगे। इधर तीन दिन और लेकिन नहीं हो रहे ट्रांसफर सरकार ने 13 दिन पहले तबादलों से बैन हटाया। अब तीन दिन बाद फिर से बैन लगने वाला है। लेकिन इन 13 दिनों में 90 फीसदी विभागों ने एक भी तबादले नहीं किए। यानी जो अफसर-कर्मचारी जहां पर डटे हुए हैं वे वहीं पर रहना चाहते हैं। वहीं सबसे बड़ी अनदेखी यह कि सरकार द्वारा तबादला नीति सार्वजनिक किए जाने के बावजूद एक भी विभागों ने खाली पदों को पोर्टल पर अपलोड नहीं किया। जबकि अंदर खाने गुपचुप सूचियां बनाई जा रही हैं। सीएम ने पारदर्शिता की बात कही लेकिन अफसरों ने इस पर तवज्जो नहीं दी। अब प्रदेशभर के शासकीय सेवक सरकार और भाजपा को कोस रहे हैं। स्कूल शिक्षा में पोर्टल ही नहीं, प्रोग्रामर पर गाज मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव, दोनों ने कहा कि जो भी तबादले होंगे, उसके लिए ऑनलाइन आवेदन मंगवाए जाएं। स्कूल शिक्षा विभाग में हाल यह है कि शिक्षकों के लॉग-इन आइडी के जरिए पोर्टल खोलने के निर्देश हैं, लेकिन वह खुल ही नहीं रहा। आवेदन के लिए प्लेटफार्म ही नहीं है। मंत्री के दफ्तर में भीड़ लग रही है। हालांकि विभाग ने एक प्रोग्रामर को हटा दिया है। स्वास्थ्य विभाग में आवेदन ले रहे, तबादला नहीं कर्मचारियों के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग ने सबसे पहले आवेदनों के लिए पोर्टल बनाया। हजारों की संख्या में आवेदन भी आ चुके हैं, लेकिन तबादले नहीं किए जा रहे हैं। यही हाल जनजाति कार्य विभाग का है। यहां भी आवेदनों की भरमार है लेकिन निपटारा नहीं। मंत्रियों से बिना पूछे तबादला, सीएम को शिकायत कास एवं आवास विभाग में तबादलों को लेकर शिकायतें भी होने लगी हैं। सूत्रों के मुताबिक मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, इंदर सिंह परमार और प्रद्मु्न सिंह तोमर के क्षेत्र के कुछ सीएमओ को नगरीय प्रशासन विभाग के एक अधिकारी ने अपने स्तर पर ही हटा दिया। तीनों मंत्रियों ने इस बात की शिकायत सीएम को कर दी। इसके बाद मामला विभागीय मंत्री को देखने के लिए कहा गया। उधर एक जिले के पुलिस अधीक्षक पर प्रभारी मंत्री से बगैर पूछे तबादला करने का मामला भी सीएम तक पहुंचा है। संबंधित मंत्री का कहना है कि पुलिस अधीक्षक ने 17 पुलिस अधिकारियों के तबादले किए लेकिन, एक भी सहमति नहीं ली। इसके बाद एसपी को जमकर फटकारा गया।