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मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों के छात्रों को कक्षा 1 से 8 तक मिलेगा फ्री दूध, बड़ी खुशखबरी

भोपाल  मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को डॉ. अंबेडकर नगर (महू) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जनता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को दूध उपलब्ध कराने का भी एलान किया। सीएम ने बताया कि अगले एकेडमिक सेशन से बच्चों के लिए ये व्यवस्था कर दी जाएगी। सीएम ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि 'हमारी सरकार गरीब, महिला, युवा, किसान सबकी बेहतरी के लिए है। हम तो दूध का उत्पादन बढ़ाने वाले लोग हैं। ऐसे में स्कूल के अंदर, सरकारी स्कूलों में भी कक्षा 1 से लेकर 8 तक बच्चों को अगले सत्र से दूध पिलाने की व्यवस्था सरकार के माध्यम से करने वाले हैं।' बजट में भी हो चुका इसका एलान विधानसभा में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 16 फरवरी को छठवीं बार बजट पेश किया था जिसमें बच्चों को दूध देने की बात कही गई थी। बजट भाषण के दौरान उन्होंने जानकारी दी थी कि बच्चों को टेट्रा पैक में दूध दिया जाएगा। महू-खंडवा रेलवे लाइन जल्द सीएम ने जानकारी दी है कि 'भविष्य की दृष्टि से सर्वसुविधायुक्त 'सांदीपनि विद्यालय' पूरे प्रदेश में बन रहे हैं। आने वाले समय में महू-खंडवा रेलवे लाइन प्रारंभ होने से कनेक्टिविटी बेहतर होगी और क्षेत्र के विकास को गति भी मिलेगी। राज्य में उद्योग स्थापना को प्रोत्साहित कर निवेशकों को इंडस्ट्री ग्रोथ के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार हर क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए लगातार कोशिश कर रही है।' टेंपल मैनेजमेंट के लिए एकेडमिक कोर्स सीएम ने जानकारी दी है कि 'सरकार ने विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर टेंपल मैनेजमेंट के लिए एकेडमिक कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके जरिए मंदिर प्रबंधन को पेशेवर और रोजगारपरक बनाया जाएगा।' आपको बता दें कि मुख्यमंत्री इंदौर जिले के महू विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत महूगांव में 85 करोड़ रुपये लागत के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, विधायक सुश्री उषा ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

MP में 70 हजार अतिथि शिक्षकों को तगड़ा झटका, ये कदम नहीं उठाया तो नौकरी पर बन सकती है खतरे की तलवार

भोपाल  लोक शिक्षण संचालनालय ने मध्य प्रदेश के करीब 70 हजार अतिथि शिक्षकों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के मुताबिक यदि कोई अतिथि शिक्षक लगातार सात दिनों तक ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं करता है, तो उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है। यह व्यवस्था स्कूलों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है। ई-अटेंडेंस से जुड़े नए नियम प्रदेश के जिन शासकीय स्कूलों में स्थायी शिक्षकों की कमी है, वहां पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अतिथि शिक्षकों (Guest Teachers) की नियुक्ति की गई है। इन शिक्षकों को ई-अटेंडेंस (e-attendance) प्रणाली के माध्यम से अपनी दैनिक उपस्थिति दर्ज करनी होती है। वेतन भी इसी आधार पर जारी किया जाता है। विभाग के अनुसार तकनीकी खराबी, नेटवर्क समस्या या अन्य कारण बताकर बड़ी संख्या में शिक्षक अनुपस्थित पाए गए हैं। इसी को देखते हुए सख्ती बढ़ाई गई है। शिक्षकों का विरोध, बताया तुगलकी फरमान इस आदेश का अतिथि शिक्षक संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश सचिव रविकांत गुप्ता ने इसे ‘तुगलकी फरमान’ करार दिया है। उनका कहना है कि जो शिक्षक जानबूझकर गैरहाजिर रहते हैं, उन पर कार्रवाई उचित है, लेकिन बीमारी, दुर्घटना या अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में अनुपस्थित रहने वालों के लिए स्पष्ट प्रावधान नहीं है। आदेश में संशोधन की मांग संगठन की मांग है कि आदेश में “कारण बताओ” का प्रावधान जोड़ा जाए, ताकि वास्तविक कारणों पर विचार किया जा सके। यदि नियमों में संशोधन नहीं किया गया तो अतिथि शिक्षकों ने लोकतांत्रिक तरीके से उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। अब देखना होगा कि विभाग इस मांग पर क्या निर्णय लेता है। 

IAS अधिकारी ने लिया तलाक, 20 साल बड़े कांग्रेस नेता से की शादी, अब 19 साल बाद धोखा मिला

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस नेता की पत्नी ने अपनी ही पति पर कई आरोप लगाए हैं। कांग्रेस के नेता डॉ महेंद्र सिंह चौहान की दूसरी पत्नी शिखा सिंह के आरोपों ने राजधानी भोपाल में हड़कंप मचा दिया है। शिखा ने हबीबगंज थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए अपने पति पर 'स्लो पॉइजन' देने और जान से मारने की कोशिश का आरोप लगाया है। जूस में जहर देने का आरोप शिखा सिंह का दावा है कि उनके पति ने एक दिन उन्हें प्यार से जूस का गिलास थमाया, लेकिन उस जूस में मौत का सामान मिला था। शिखा के मुताबिक, जूस पीने के कुछ ही देर बाद मेरी हालत बिगड़ने लगी, शरीर साथ छोड़ने लगा और मैं बेसुध होकर गिर गई। जब अस्पताल में आंख खुली, तब समझ आया कि मुझे जहर दिया गया था। शिखा ने पुलिस को बताया कि उनके पति के पास दो लाइसेंसी बंदूकें हैं और वह अपनी जान को लेकर बेहद खौफ में हैं। IAS से तोड़वा दी शादी आपको बता दें कि यह हाई-प्रोफाइल ड्रामा यहीं खत्म नहीं होता। शिखा सिंह का आरोप है कि महेंद्र सिंह ने ही साजिश रचकर उनकी पहली शादी एक आईएएस अफसर से तुड़वाई थी। अब 19 साल पुराने इस रिश्ते में दहेज प्रताड़ना और मारपीट की एंट्री हो चुकी है। वहीं, महेंद्र सिंह चौहान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का नाम दिया है। एफआईआर दर्ज हो चुकी है और जहर वाले आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। उमेश तिवारी, एसीपी महेन्द्र सिंह का कहना है कि जैसे ही मैंने उसे तलाक का नोटिस भेजा, उसने मुझे फंसाने के लिए यह जहरीली कहानी बुन ली। वह 15 साल से मुझे ब्लैकमेल कर रही है। पुलिस महकमे में भी इस मामले को लेकर हलचल तेज है। 2007 में IAS से हुई थी शादी शिखा सिंह की शादी 2007 में एक आईएएस अधिकारी से हुई थी। शिखा सिंह का दावा है कि महेंद्र सिंह चौहान के प्रभाव और दबाव में आकर उन्होंने अपने IAS पति को तलाक दिया। शिखा ने कहा कि इस शादी का उनके पिता ने विरोध किया था। शिखा सिंह ने अपने से 20 साल बड़े नेता से शादी कर ली थी। पवन तिवारी

डीएमई का शेड्यूल जारी, अभ्यर्थी 27 फरवरी को करेंगे संस्थानों में रिपोर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में नीट एमडी/एमएस काउंसलिंग 2025–26 के तहत स्ट्रे वैकेंसी राउंड की समय-सारणी जारी कर दी गई है। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त कार्यालय, भोपाल द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार ऑल इंडिया कोटा की स्ट्रे वैकेंसी काउंसलिंग के बाद शेष बची सीटों पर राज्य स्तर पर प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 23 और 24 फरवरी तक शेष रिक्त सीटों का प्रकाशन जारी सूचना के मुताबिक 23 और 24 फरवरी तक शेष रिक्त सीटों का प्रकाशन किया जाएगा। इसी अवधि में पात्र अभ्यर्थी डीएमई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करते हुए अपनी पसंद के कॉलेज और विषय के विकल्प भर सकेंगे। यह प्रक्रिया 24 फरवरी की रात 11:59 बजे तक पूरी करनी होगी। कॉलेज और विषयवार मेरिट सूची पोर्टल पर उपलब्ध होगी इसके बाद 25 और 26 फरवरी को कॉलेज और विषयवार मेरिट सूची पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी। डीएमई के अनुसार रियल-टाइम मेरिट के आधार पर प्रत्येक विषय में उपलब्ध रिक्त सीटों की संख्या के दस गुना अभ्यर्थियों की सूची जारी की जाएगी, ताकि प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारु ढंग से पूरी हो सके। स्ट्रे वैकेंसी राउंड की सबसे अहम कड़ी 27 फरवरी को होगी। इस दिन अभ्यर्थियों को आवंटित संस्थान में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करानी होगी। उपस्थिति दर्ज कराने वाले अभ्यर्थियों को ही उसी दिन मेरिट के अनुसार प्रवेश दिया जाएगा।  

दिल्ली पुलिस ने ग्वालियर के कांग्रेस नेता को गिरफ्तार किया, AI समिट में प्रदर्शन में भाग लेने का आरोप

ग्वालियर दिल्ली पुलिस ने मध्यप्रदेश युवक कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव जितेंद्र यादव को ग्वालियर से उठाकर दिल्ली ले गई है. माना जा रहा है कि यादव पर राजधानी दिल्ली में चल रहे AI समिट 2026 के दौरान अर्धनग्न विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आरोप है. पुलिस ने इस मामले में उन्हें हिरासत में लिया है. प्रदर्शन का मामला जानकारी के अनुसार, 20 फरवरी को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित AI समिट 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें 15-20 कार्यकर्ता हाथ में सफेद रंग की टी-शर्ट लिए हुए दिखाई दिए. टी-शर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर के साथ लिखा था-“PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड”. दिल्ली पुलिस ने इन वीडियो के आधार पर युवक कांग्रेस के नेताओं की पहचान कर कार्रवाई शुरू की. माना जा रहा है कि जितेंद्र यादव इसी मामले में हिरासत में लिए गए हैं. परिवार का आरोप परिजनों ने बताया कि जितेंद्र अपने कमरे में थे. अचानक घर के गेट पर किसी की आहट हुई. जब तक परिवार के लोग बाहर आए, पुलिस सीधे उनके कमरे में जाकर उन्हें उठाकर नीचे ले आई. उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन्हें मारते पीटते दिल्ली की स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाकर ले गई. रात में परिजन कुछ नेताओं के साथ थाने गए, लेकिन मिलने नहीं दिया गया. उनके मोबाइल के जरिए ही परिवार को संपर्क कराया गया. पिता केशव यादव का बयान पिता केशव यादव ने बताया कि रविवार सुबह पुलिस के कुछ लोग फिर उनके घर आए और दावा किया कि उनके बेटे ने दिल्ली में उत्पात मचाया है. उन्होंने रात को ही जितेंद्र को ले जाने की जानकारी दी थी. पुलिस ने परिवार के सभी मोबाइल भी ले लिए, बाद में लौटाए. पुलिस ने जितेंद्र के कपड़े भी ले लिए. उसके बाद से उनकी कोई जानकारी नहीं है कि उनका बेटा कहां है. ग्वालियर पुलिस इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं और फिलहाल कोई बयान नहीं दे रही है.

ब्रिटिश हुकूमत ने सेठ जुम्मा लाल से लिया था 35,000 रुपए का कर्ज, 109 साल बाद पोते ने भेजा नोटिस

सीहोर भोपाल की नवाब सुल्तान जहां बेगम के बाद उस समय अमीरों की सूची में दूसरे नंबर पर आने वाले सीहोर के रईस सेठ जुम्मा लाल रूठिया ने 109 साल पहले 1917 में ब्रिटिश सरकार को 35 हजार रुपए का कर्ज दिया था। ब्रिटिश हुकूमच देश छोड़कर चली गई, लेकिन रूठिया परिवार का उधार अभी तक नहीं चुकाया है। ब्रिटिश सरकार को भेज रहे नोटिस ब्रिटिश हुकूमत के साथ कर्ज के लेन-देन को लेकर हुई लिखा-पढ़ी के आधार पर पोते विवेक रूठिया ब्रिटिश क्राउन को लीगल नोटिस भेज रहे हैं। रूठिया के मुताबिक उस समय की 35 हजार रुपए की राशि इस समय का एक करोड़ से ज्यादा है। सेठ विवेक रूठिया ने बताया कि ब्रिटिश हुकूमत को कर्ज देने के 20 साल बाद 1937 में उनके दादा सेठ जुम्मा लाल की मौत हो गई। पिता सेठ मानकचंद्र रूठिया को वसीयत में ब्रिटिश हुकूमत के साथ हुई लिखा-पढ़ी के दस्तावेज मिले। 35000 रुपए का है कर्ज ब्रिटिश हुकूमत ने यह राशि भोपाल रियासत में अपने मैनेजमेंट को व्यवस्थित करने के लिए लिए थे। विवेक रूठिया का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक संप्रभु देश सिद्धांतत: अपने पुराने कर्ज को चुकाने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है। शहर में 40 फीसदी प्रॉपर्टी रूठिया परिवार की सेठ मानकचंद्र रूठिया के बारे में कहा जाता है कि शहर की 40 से 45 फीसदी बसाहट उनकी जमीन पर बसी है। इंदौर, सीहोर और भोपाल में कई प्रोपर्टी तो ऐसी बताई जाती हैं, जो रूठिया परिवार के नाम पर दर्ज हैं, लेकिन उन्हें पता ही नहीं है, यदि पता भी है तो उन पर दूसरे लोगों का कब्जा है। शहर की कई प्रोपर्टी को लेकर रूठिया परिवार का कब्जेधारियों से विवाद भी चल रहा है। वहीं, कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इनके मकान, दुकानों में रहते हैं और पुराने हिसाब से 100 से 500 रुपए तक ही किराया देते हैं। जानकारों का यह है कहना एडवोकेट जीके उपाध्यय का तर्क है कि लिखा-पढ़ी के आधार पर ब्रिटिश क्राउन को नोटिस भेजा जा सकता है, लेकिन जब भी कोई कर्ज लिया-दिया जाता है तो एग्रीमेंट में उसे वापस करने का समय निर्धारित किया जाता है। दस्तावेजों के आधार पर कानूनी कार्रवाई विवेक रूठिया का कहना है कि उनके पास उस समय की लिखा-पढ़ी और लेन-देन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध हैं, जो उन्हें पारिवारिक वसीयत के माध्यम से प्राप्त हुए। सेठ जुम्मा लाल रूठिया का निधन वर्ष 1937 में, कर्ज देने के लगभग 20 वर्ष बाद हो गया था। विवेक रूठिया के अनुसार, उस समय के 35 हजार रुपए की कीमत आज के हिसाब से करोड़ों रुपए के बराबर है। उनका तर्क है कि यदि 1917 में सोने की कीमत और वर्तमान कीमत के आधार पर गणना की जाए, तो यह राशि कहीं अधिक हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला विवेक रूठिया का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कोई भी संप्रभु राष्ट्र पूर्व में लिए गए कर्ज के भुगतान के लिए सैद्धांतिक रूप से बाध्य होता है। इसी आधार पर वे ब्रिटिश सरकार को कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी में हैं। फिलहाल यह मामला ऐतिहासिक दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगे बढ़ेगा। वसीयत से खुला राज विवेक के अनुसार उनके दादा का निधन 1937 में हुआ था। उनके पिता सेठ मानकचंद्र को वसीयत में ब्रिटिश हुकूमत के साथ हुई लिखा-पढ़ी के पुख्ता दस्तावेज मिले। अब अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला देते हुए विवेक लीगल नोटिस भेज रहे हैं। तर्क है कि एक संप्रभु राष्ट्र सिद्धांतत: अपने पुराने कर्ज चुकाने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है, भले ही सत्ता बदल गई हो। ये हैं अहम बातें     जुम्मा लाल रूठिया भोपाल नवाब के बाद सबसे अमीर सेठ थे     सीहोर में इनकी ढेर सारी संपत्तियां आज भी मौजूद     वसीयत के पेपर में हुआ खुलासा कि दादा ने दिया था कर्ज     ब्रिटिश क्राउन को परिवार भेज रहा है नोटिस     35000 हजार रुपए का कर्ज आज की तारीख में एक करोड़ से ज्यादा

एमपी के 25 जिलों में बारिश से फसलें प्रभावित, सीएम मोहन ने दिए राहत उपायों के निर्देश

भोपाल  मध्य प्रदेश में हाल ही में बारिश से 25 जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। मालवा-निमाड़ और ग्वालियर के कुछ जिलों में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि होने से फसलें खासा प्रभावित हुई हैं। इन क्षेत्रों के जिलों में तेज बारिश के साथ ही 63 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी चली थी, जिससे कई जिलों में फसलें खेतों में आड़ी हो गईं। सीएम मोहन यादव ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिये कि, वो अपने-अपने जिलों में फसल नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को फसल नुकसान की राहत राशि दिलाए। जनवरी माह में भी इसी तरह मौसम का मिजाज बिगड़ा था। तेज हवाओं से भी नुकसान मध्य प्रदेश के 25 जिलों में बारिश से फसलें बर्बाद हो गई हैं। मालवा-निमाड़ और ग्वालियर के कुछ जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि ने फसलों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ 63 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चली थी, जिससे कई जिलों में फसलें खेतों में आड़ी हो गईं। सीएम यादव ने जारी किए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस स्थिति पर संज्ञान लेते हुए सभी कलेक्टरों को तत्काल निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि वे अपने-अपने जिलों में फसल नुकसान का सर्वे कराएं। सर्वे के आधार पर प्रभावित किसानों को फसल नुकसान की राहत राशि दिलाई जाए। राज्य सरकार ने खराब फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा और फसल बीमा आदि का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुछ जिलों को आपदा नियंत्रण में राज्य राहत कोष (एसआरएफ) राशि भी जारी कर दी गई है। सभी कलेक्टर अपने-अपने जिलों में तत्काल फसल नुकसान का सर्वे कराएं। प्रभावित किसानों को राहत राशि और फसल बीमा का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिलाया जाए। डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री (मध्य प्रदेश) कहीं-कहीं प्रथम चरण पूरा फसल नुकसान के जहां-जहां प्रथम चरण का सर्वे हुआ है, वहां राशि वितरण कार्य शुरू हो गया है। यह प्रक्रिया प्रभावित किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। जनवरी माह में भी इसी तरह मौसम का मिजाज बिगड़ा था और फसलों को नुकसान पहुंचा था। उस समय भी राज्य सरकार ने सर्वे कराकर मुआवजा और फसल बीमा का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू की थी। खबर के 5 मुख्य बिंदु 1. मध्यप्रदेश के कुल 25 जिले इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की चपेट में आए हैं, जिससे गेहूं और सरसों की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान है। 2. मौसम विभाग के अनुसार 63 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने फसलों को जमीन पर सुला दिया है। 3.मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि कोई भी प्रभावित किसान सर्वे से छूटना नहीं चाहिए, राहत राशि का वितरण प्राथमिकता पर होगा। 4.जनवरी में हुए नुकसान का सर्वे पूरा हो चुका है और प्रथम चरण की राशि वितरण का काम भी शुरू कर दिया गया है। 5. जहां सरकार 'कृषि वर्ष' मना रही है, वहीं राजस्व विभाग के बड़े अधिकारी जमीनी हकीकत से अनजान बने हुए हैं। SRF राशि जारी राज्य सरकार ने खराब फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा और फसल बीमा आदि का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू की थी। कुछ जिलों को आपदा नियंत्रण में राज्य राहत कोष (एसआरएफ) राशि जारी कर दी गई है। राशि वितरण कार्य शुरू फसल नुकसान के जहां-जहां प्रथम चरण का सर्वे हुआ हैं वहां राशि वितरण कार्य शुरू हो गया है। इधर, इस मामले में राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव विवेक कुमार पोरवाल से मोबाइल पर संपर्क किया तो उन्होंने पूरी बात सुनी और कहा कि अभी मेरी जानकारी में यह नहीं है, इसके बाद कॉल काट दिया। ऐसे में ये चिंता का विषय है कि, एक तरफ प्रदेश सरकार साल 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मना रही है तो वहीं अधिकारियों का किसानों के प्रति इस तरह लापरवाह रवैया सरकार की मंशा पर पानी फेरता नजर आ रहा है।

एमपी में बारिश का चौथा अलर्ट, सीधी, सिंगरौली सहित 8 जिलों में आंधी और गरज-चमक का अनुमान

भोपाल  मध्य प्रदेश में फरवरी का महीना जाते-जाते भी अपनी रंगत बदल रहा है। प्रदेश के किसानों और आम जनता के लिए राहत और चिंता की मिली-जुली खबर है। मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को राज्य के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है। यह इस महीने में चौथी बार है जब बेमौसम बारिश प्रदेश को भिगोने वाली है। बंगाल की खाड़ी में बना 'लो प्रेशर' बढ़ाएगा मुसीबत मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) सक्रिय है। इसके साथ ही एक 'ट्रफ लाइन' भी गुजर रही है, जो नमी खींच रही है। इस सिस्टम की वजह से मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से के 8 जिलों, जिसमें सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट शामिल हैं, में आज जोरदार बारिश होने का अनुमान है। इन इलाकों में बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। सिस्टम आगे बढ़ा, इसलिए बूंदाबांदी हुई मौसम विभाग ने पहले 22 फरवरी को एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने का अलर्ट जारी किया था, लेकिन यह सिस्टम आगे बढ़ गया। इसी बीच लो प्रेशर एरिया और टर्फ की एक्टिविटी शुरू हो गई। इसके चलते सोमवार को बारिश होने का अनुमान है। फरवरी में तीन बार बारिश वाला मौसम बता दें कि फरवरी के शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। अब चौथी बार बारिश होने के आसार है। 23 फरवरी को फिर से बारिश हो सकती है। रात में सर्दी से राहत, दिन में पारा लुढ़का बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट हुई है। रविवार को सर्द हवाओं से थोड़ी राहत मिली। शनिवार-रविवार की रात में पचमढ़ी में ही पारा सबसे कम 10.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, राजगढ़ में 11 डिग्री, कल्याणपुर में 11.2 डिग्री, करौंदी में 11.4 डिग्री और मंदसौर मे 11.5 डिग्री रहा। बाकी में पारा बढ़ा गया। फरवरी में बारिश से फसलों पर संकट इस साल फरवरी का मिजाज काफी अलग रहा है। महीने की शुरुआत में दो बार ओलावृष्टि और बारिश ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था, जिसका सर्वे अब भी जारी है। 18 से 21 फरवरी के बीच तीसरी बार हुई बारिश के बाद, अब यह चौथी बार है जब मौसम बिगड़ रहा है। पिछले 24 घंटों में उज्जैन और श्योपुर जैसे इलाकों में हुई भारी बारिश और 63 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने खेतों में खड़ी फसलों के लिए नई चिंता पैदा कर दी है। दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर मध्य प्रदेश के तापमान में इन दिनों 'विरोधाभास' देखा जा रहा है। एक तरफ जहां खरगोन में पारा 34.3 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, वहीं पचमढ़ी और राजगढ़ जैसे इलाकों में रातें अभी भी सर्द हैं। राजधानी भोपाल की बात करें, तो यहाँ दिन का पारा 30 डिग्री के पार होने से हल्की गर्मी महसूस हो रही है, लेकिन रात होते ही हल्की ठंडक वापस आ जाती है। 23 फरवरी के बाद रात के तापमान में 1 से 2 डिग्री की और गिरावट आने की संभावना है। अगले 24 घंटों के लिए चेतावनी मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटों के लिए नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी जैसे दक्षिणी जिलों में भी बादलों के डेरा डालने की चेतावनी दी है। वहीं उत्तर मध्य प्रदेश के पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में भी हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। राहत की बात यह है कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का जो सिस्टम पहले बहुत शक्तिशाली लग रहा था, वह अब थोड़ा आगे बढ़ गया है, जिससे पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी तबाही की आशंका कम हुई है।

मध्य प्रदेश: 10 जिलों में आज से पुलिस आरक्षक भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षा का आयोजन

 भोपाल  मध्य प्रदेश में पुलिस आरक्षक भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) 23 फरवरी से शुरू हो रही है। परीक्षा 10 जिलों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा, बालाघाट, रतलाम और मुरैना में होगी। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल पुलिस आरक्षक (जीडी) के कुल 7,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया करवा रहा है। इसके लिए 30 अक्टूबर से 15 दिसंबर, 2025 तक ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 25 जनवरी, 2026 को जारी किया जा चुका है। भोपाल में शारीरिक दक्षता परीक्षा लाल परेड ग्राउंड पर होगी। तैयारी के दौरान सेंसर वाली जैकेट, टाइमिंग सिस्टम और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों की सटीकता परखी गई, ताकि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित रहे। 7,500 पदों के लिए प्रदेश भर में दौड़ेंगे 59 हजार अभ्यर्थी आरक्षक के 7,500 पदों के लिए प्रदेश भर से लगभग 59 हजार अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होंगे। सभी चयनित प्रतियोगियों को निर्धारित केंद्रों पर पहुंचना होगा, जहां दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। मुख्य रूप से तीन स्पर्धाएं होंगी 800 मीटर दौड़, लंबी कूद,गोला फेंक होगा। परीक्षा के दौरान आधार ई-केवाईसी सत्यापन अनिवार्य है, इसलिए सभी अभ्यर्थियों को अपना मूल आधार कार्ड साथ लाना होगा। अभ्यर्थी यह भी सुनिश्चित करें कि उनका आधार नंबर 'लाक' न हो। इसके साथ ही, दस्तावेज परीक्षण के लिए सभी मूल प्रमाण पत्र और उनकी फोटोकापी का सेट साथ लाना अनिवार्य है। आधार सत्यापन के बाद जैकेट के क्यूआर से लिंक होगा रोल नंबर, हर चरण में होगा स्कैन इस बार फर्जीवाड़ा रोकने के लिए कई नवाचार किए गए हैं। क्यूआर कोड वाली जैकेट पहनाई जा रही है। परीक्षा स्थल पर सबसे पहले आधार कार्ड का सत्यापन फिंगरप्रिंट, रेटिना और फोटो के मिलान से होगा। सत्यापन सफल होने के बाद ही क्यूआर कोड वाली अभ्यर्थी को दी जाएगी। इस जैकेट में क्यूआर कोड होगा, जिसे रोल नंबर से लिंक किया जाएगा। हर चरण में इसी क्यूआर कोड को स्कैनर से स्कैन किया जाएगा, तभी प्रवेश मिलेगा। 5500 अभ्यर्थी आजमाएंगे अपनी किस्मत, पुलिस की कड़ी निगरानी ग्वालियर की 14वीं बटालियन में सोमवार को नव आरक्षकों की शारीरिक प्रवीणता परीक्षा (पीपीटी) आयोजित होने जा रही है। इस परीक्षा में तकरीबन 5500 युवा अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमाने पहुंचेंगे। 14वीं बटालियन के मैदान पर यह परीक्षा प्रक्रिया 14 मार्च तक चलेगी, इसमें हर दिन करीब 400 उम्मीदवारों की परीक्षा ली जाएगी। दौड़, गोला फेंक और लंबी कूद का टेस्ट होगा नवआरक्षकों भर्ती प्रक्रिया के लिए एसएएफ के करीब 300 पुलिस जवान और अधिकारियों तैनात रहेंगे। यह पुलिस के जवान और अधिकारी इस परीक्षा में पहुंचने वाले युवाओं की दौड़, गोला फेंक और लंबी कूद का परीक्षण करवाएंगे। इस भर्ती परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बटालियन के ग्राउंड पर दो दर्जन CCTV कैमरे भी लगवाए गए हैं। यह भर्ती प्रक्रिया प्रदेश भर में नवआरक्षकों के करीब 7500 पदों के लिए आयोजित की जा रही है। लिखित परीक्षा के बाद अब शारीरिक प्रवीणता परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इस परीक्षा के लिए एक कमेटी का गठन किया है, जिसके अध्यक्ष डीआईजी अमित सांघी हैं। उनकी निगरानी में यह परीक्षा आयोजित की जाएगी। 800 मीटर की पूरी करनी होगी दौड़ 14वीं बटालियन के मैदान पर पीपीटी परीक्षा के लिए रविवार को टैंट, लाइट, CCTV कैमरे और मैदान की साफ-सफाई सहित अन्य सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। परीक्षा देने आने वाले युवाओं के लिए चाय-पानी की भी व्यवस्था की गई है। भर्ती परीक्षा की तैयारी का जायजा बटालियन के कमांडेंट संजीव सिंह ने किया था और प्रक्रिया के लिए तैनात जवानों व अधिकारियों से चर्चा की। रविवार को एसएएफ मैदान पर पीपीटी परीक्षा से एक दिन पहले रिहर्सल की गई, जिसमें कमेटी के अध्यक्ष डीआईजी अमित सांघी, कमांडेंट संजीव सिन्हा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मैदान पर एसएएफ जवानों को उम्मीदवार बनाकर रिहर्सल कराई गई ताकि परीक्षा के दौरान होने वाली किसी भी कमी को पूरी तरीके से पूर्ण किया जा सके। 14वीं बटालियन के मैदान पर पीपीटी परीक्षा में उम्मीदवारों को 800 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। इसके अलावा, गोला फेंक और लंबी कूद भी शामिल होगी। गोला फेंक और लंबी कूद में प्रत्येक उम्मीदवार को तीन-तीन मौके दिए जाएंगे। 300 जवान और अधिकारी किए तैनात ग्वालियर DIG अमित सांघी ने बताया कि एसएएफ मैदान पर 23 मार्च से पीपीटी परीक्षा शुरू होने जा रही है जिसके लिए पुलिस के 300 जवान और अधिकारी तैनात किए जाएंगे। परीक्षा के दौरान इमरजेंसी के लिए चिकित्सा कैंप भी लगाया है। जिसमें अनुभवी डॉक्टर भी तैनात रहेंगे और भर्ती प्रक्रिया के लिए पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं। इन केंद्रों पर होगी परीक्षा     भोपाल : लाल परेड ग्राउंड, जहांगीराबाद     इंदौर : माउंटेड ट्रूप डिपार्टमेंट परिसर, आरएपीटीसी     जबलपुर : परेड ग्राउंड, 6वीं वाहिनी विसबल, रांझी     ग्वालियर : परेड ग्राउंड, 14वीं वाहिनी विसबल, कंपू     उज्जैन : महानंदा एरीना ग्राउंड, देवास रोड     सागर : शासकीय इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कालेज, बहेरिया     रीवा : परेड ग्राउंड, 9वीं वाहिनी विसबल     बालाघाट : फुटबाल/हाकी ग्राउंड, 36वीं वाहिनी विसबल     रतलाम : भगत सिंह शासकीय कालेज बस स्टैंड के पास जावरा रतलाम     मुरैना : परेड ग्राउंड, 05वीं वाहिनी विसबल  

रंगों भरी यात्रा! होली पर इंदौर से निजामुद्दीन स्पेशल ट्रेन, जानें समय और स्टॉपेज

इंदौर होली के दौरान अतिरिक्त यात्रियों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए पश्चिम रेलवे द्वारा रतलाम मंडल से होकर चार जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। इनमें से एक जोड़ी ट्रेन रतलाम मंडल के इंदौर-हजरत निजामुद्दीन के लिए चलेगी। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, इंदौर-हजरत निजामुद्दीन स्पेशल प्रत्येक शुक्रवार एवं रविवार को शाम 05:00 बजे इंदौर से प्रस्थान कर रतलाम मंडल के देवास (05.33/05.35), उज्जैन (06.20/06.25), नागदा (07.20/07.45) होते हुए अगले दिन सुबह 05:00 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। ऐसा रहेगा ट्रेन का शेड्यूल यह ट्रेन 22 फरवरी से 27 मार्च 2026 तक चलेगी। हजरत निजामुद्दीन-इंदौर स्पेशल प्रत्येक शनिवार एवं सोमवार को हजरत निजामुद्दीन से 08:20 बजे प्रस्थान कर रतलाम मंडल के नागदा (06.10/06.35), उज्जैन (07.20/07.25), देवास (08.05/08.07), होते हुए अगले दिन 09:00 बजे इंदौर पहुंचेगी। यह ट्रेन 23 फरवरी से 28 मार्च, 2026 तक चलेगी। इन स्टेशनों पर रुकेगी यह ट्रेन दोनों दिशाओं में देवास, उज्जैन, नागदा, शामगढ़, रामगंज मंडी, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, भरतपुर एवं मथुरा स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, स्लीपर क्लास एवं जनरल सेकंड क्लास के कोच होंगे।