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भाजपा की राष्ट्रीय टीम में दिखेंगे मध्य प्रदेश के कई चेहरे

भोपाल. भाजपा संगठन की राष्ट्रीय टीम में मध्य प्रदेश के कई चेहरे दिखाई दे सकते हैं। प्रदेश संगठन ने राज्य के ऐसे 15 नेताओं के नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजे हैं, जो अलग-अलग अंचलों से हैं और अभी सत्ता या संगठन के किसी पद पर नहीं हैं। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम का गठन होना है और अन्य मोर्चे भी गठित किए जाने हैं। केंद्रीय नेतृत्व ने इस बारे में प्रदेश संगठन से सुझाव मांगे थे। युवा और महिला चेहरों को भी वरीयता वर्तमान में मध्य प्रदेश से सत्यनारायण जटिया (संसदीय बोर्ड सदस्य), ओम प्रकाश धुर्वे (राष्ट्रीय सचिव) और लाल सिंह आर्य (राष्ट्रीय अध्यक्ष, एससी मोर्चा) जैसे नेता राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पार्टी 2029 के लोकसभा चुनाव और संगठन की मजबूती को ध्यान में रखकर अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवा और महिला चेहरों को भी वरीयता देना चाहती है। नड्डा की टीम मेंचार नेताओं को स्थान मिला था पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा की टीम में मध्य प्रदेश से कैलाश विजयवर्गीय सहित चार नेताओं को स्थान मिला था। उस दौरान कैलाश विजयवर्गीय राष्ट्रीय महासचिव थे। बाद में वर्ष 2023 में वह राज्य में मंत्री बना दिए गए। पार्टी नेताओं का मानना है कि चूंकि पूर्व में राष्ट्रीय संगठन में एक ही समय में मध्य प्रदेश से दो-दो महासचिव थावरचंद गहलोत और नरेंद्र सिंह तोमर रहे हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि नितिन नवीन की टीम में भी मध्य प्रदेश का प्रभाव बढ़ सकता है। इस बार भी चार से पांच नेताओं को स्थान मिलने की संभावना इस बार भी चार से पांच नेताओं को नितिन नवीन की टीम में स्थान मिलने की संभावना है। इसमें एक या दो महिलाएं भी हो सकती हैं। इसके साथ ही युवा नेताओं को भी अवसर मिल सकता है। बाकी अन्य को मोर्चा- प्रकोष्ठ में शामिल किया जा सकता है। दरअसल, मध्य प्रदेश हमेशा से ही भाजपा के लिए एक प्रयोगशाला की तरह रहा है। हिंदू महासभा हो या जनसंघ, दोनों की जड़ें मध्य प्रदेश में मजबूत रही हैं। यही कारण है कि भाजपा यहां लंबे समय से सत्ता में है। संगठन की मजबूती की दूसरी वजह यहां के कुशल संगठनकर्ता भी माने जा सकते हैं। जिनकी वजह से राष्ट्रीय संगठन के स्तर पर भी यहां के भाजपा कार्यकर्ताओं का दबदबा रहा है।

ग्वालियर मेडिकल सोल्लगे के इंटर्न छात्र को दिल का दौरा पड़ने पर बनाया ग्रीन कॉरिडोर

ग्वालियर. जीआरएमसी (GRMC) के इंटर्न छात्र को दिल का दौरा पड़ने के बाद उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी। शनिवार रात को उसे दिल्ली ले जाने के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। पहले उसे एयर एंबुलेंस से ले जाया जा रहा था, लेकिन रात में एयर एंबुलेंस लैंड नहीं हो सकी। इसके चलते आपात स्थिति में रात करीब 10 बजे ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। महज 20 मिनट में ही जेएएच से पुरानी छावनी ले जाया गया। जीआरएमसी के इंटर्न छात्र शैलेंद्र को दिल का दौरा पड़ा था। ग्वालियर में वह जेएएच में भर्ती था। यहां उसकी हालत में सुधार नहीं आया। इसके चलते शनिवार दोपहर में उसे दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया गया। रात तक एयर एंबुलेंस नहीं आ सकी एयर एंबुलेंस से संपर्क किया। जेएएच प्रबंधन द्वारा पुलिस को सूचना दी गई, जिससे एंबुलेंस को एयरपोर्ट तक पहुंचने में परेशानी न हो। जाम का सामना न करना पड़े। रात तक एयर एंबुलेंस न आ सकी। इसके बाद छात्र को सड़क मार्ग से ही ले जाने का निर्णय लिया गया। महज आधा घंटे में ही सारे इंतजाम कर लिए रात 9:30 बजे ट्रैफिक पुलिस को सूचना मिली। महज आधा घंटे में ही सारे इंतजाम कर लिए गए। तुरंत ही जेएएच से लेकर पुरानी छावनी तक सभी मार्गों पर ट्रैफिक रोक दिया गया। जेएएच से एंबुलेंस रवाना हुई। पूरे रास्ते कहीं भी एंबुलेंस नहीं फंसी। आगे पुलिस की गाड़ी चल रही थी, साथ में एंबुलेंस जा रही थी। महज 20 मिनट में जेएएच से पुरानी छावनी पहुंचा दिया गया। पुरानी छावनी में बानमोर बॉर्डर तक एंबुलेंस को छोड़ा गया। दरअसल, छात्र शैलेंद्र को हाथ में दर्द की शिकायत लेकर न्यूरोसर्जरी विभाग पहुंचे थे, जहां अचानक उन्हें सीवियर हार्ट अटैक (गंभीर हृदयाघात) आ गया। जैसे ही छात्र की तबीयत बिगड़ी, वहां मौजूद चिकित्सकों ने तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया और उन्हें भर्ती कर गहन निगरानी में रखा। स्वजन दिल्ली से ग्वालियर पहुंच गए हृदय रोग विशेषज्ञ एवं विभागाध्यक्ष, कार्डियक सेंटर जया आरोग्य अस्पताल डॉ. पुनीत रस्तोगी ने बताया कि छात्र को काफी गंभीर हार्ट अटैक आया है। शैलेंद्र को हार्ट अटैक आने की सूचना मिलते ही उनके स्वजन दिल्ली से ग्वालियर पहुंच गए। छात्र की नाजुक स्थिति को देखते हुए स्वजन बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर किया गया है। युवा वर्ग में बढ़ते हार्ट अटैक ने बढ़ाई चिंता अस्पताल परिसर में एक युवा डॉक्टर के साथ हुई इस घटना ने छात्रों के बीच चिंता बढ़ा दी है। डॉक्टरों का कहना है कि हाथ में दर्द या सीने में भारीपन जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही समय पर विशेषज्ञ के पास पहुंचकर  उपचार कराना चाहिए। शहर में दिल के दौरे के मरीज बढ़ते जा रहे हैं।

भोपाल में एयरोसिटी समेत 621 लोकेशन पर जमीनों के 11 प्रतिशत तक बढ़ेंगे दाम

भोपाल. वित्तीय वर्ष 2026-27 की कलेक्टर गाइडलाइन का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, जिसको लेकर शनिवार को कलेक्ट्रेट में जिला मूल्यांकन समिति की बैठक आयोजित की गई। जिसमें पंजीयन अधिकारियों ने नई कलेक्टर गाइडलाइन का प्रस्ताव रखा, जिस पर अधिकारियों व समिति के सदस्यों ने चर्चा करते हुए अपने सुझाव रखे। 11 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव तैयार इस बार अधिकारियों ने शहर के एयरोसिटी, कोहेफिजा, करोंद, लांबाखेड़ा, नवीबाग, मेट्रो रेल लाइन, नए औद्योगिक क्षेत्र, नए राजमार्ग के आसपास सहित करीब 621 लोकेशन पर 11 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया है। बैठक में जिला मूल्यांकन समिति के अध्यक्ष व कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, जिला पंजीयक स्वप्नेश शर्मा, मुकेश श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी व समिति के सदस्य उपस्थित थे। जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में हुईं प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रियों का विश्लेषण किया गया तो पता चला कि एक हजार 307 लोकेशन पर अत्यधिक दरों पर दस्तावेज रजिस्टर्ड किए गए हैं। समीक्षा के दौरान पता चला कि एक ही वार्ड की आसपास की कालोनियों में दरों के अत्यधिक अंतर को देखते हुए 203 लोकेशन और पंजीयन अधिकारियों के सर्वे के आधार पर 91 लोकेशन व नए विकास के कारण 37 लोकेशन में दरों में वृद्धि प्रस्तावित की गई है। इसी तरह टीएंडसीपी से अभिन्यास स्वीकृति व आमजन सुविधा के कारण 38 लोकेशन, नए राष्ट्रीय राजमार्ग, बायपास, रिंग रोड के प्रभाव से 18 लोकेशन और नए औद्योगिक व विशेष आर्थिक क्षेत्रों की स्थापना के कारण तीन लोकेशन प्रभावित पाई गई हैं। इस तरह जिले में कुल 621 लोकेशन में दर वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया गया है। शहरी क्षेत्र में डेढ़ से 11 प्रतिशत तक वृद्धि प्रस्तावित जिले में कुल दो हजार 882 लोकेशन हैं, जहां पर प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त की जाती है। इनमें से शहरी क्षेत्र की कुल 551 लोकेशन पर डेढ़ से 11 प्रतिशत तक प्रॉपर्टी की दरों में वृद्धि प्रस्तावित की गई है। इनमें लांबाखेड़ा, नवीबाग, एयरोसिटी राजाभोज परियोजना, सीटीओ कालोनी, कैलाश नगर, पूजाश्री नगर, लाउखेड़ी बीडीए, हाउसिंग बोर्ड कोहेफिजा, ग्राम पलासी एवं पलासी की अन्य कालोनी, पंचवटी एलआईजी, करोंद, जनता नगर व उसके आसपास की अन्य कालोनियां, बड़बई, नरेला बाजयाफ्त, हिरनखेड़ी, घाटखेड़ी, इनायतपुर, फंदा कलां, बैरागढ़ खुमान, बेहटा, मिनाल शॉपिंग, अरेड़ी, सूखसेवनियां, ओंकारा सेवनियां, नर्मदापुरम रोड, अरेरा कालोनी, भोपाल रेलवे स्टेशन सहित अन्य शामिल हैं। जबकि नगर पालिका परिषद बैरसिया की करीब 70 लोकेशन पर भी प्रॉपर्टी की दरों में वृद्धि करने का प्रस्ताव है। इनको मिलाकर कुल 621 लोकेशन प्रस्ताव में परिलक्षित की गई हैं। मेट्रो रेल लाइन के आसपास प्रॉपर्टी होगी महंगी कलेक्टर गाइडलाइन के प्रस्ताव में उन लोकेशन को भी शामिल किया गया है, जहां पर मेट्रो रेल लाइन का काम किया जा रहा है। इनमें सुभाष नगर से एम्स तक के मेट्रो रूट में आने वाले सभी इलाकों में प्रॉपर्टी की दरों में वृद्धि प्रस्तावित है। जबकि सुभाष नगर से करोंद तक के मेट्रो रूट के बीच आने वाले इलाकों में भी प्रॉपर्टी महंगी की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि जिन क्षेत्रों में शासन को प्रोजेक्ट लगाने या शासकीय प्रयोजन के लिए जमीन चाहिए, उन लोकेशन पर प्रॉपर्टी की दरें यथावत रखी गई हैं। औद्योगिक क्षेत्र में प्रॉपर्टी की दरों में बदलाव का सुझाव जिला मूल्यांकन समिति के सदस्य व विधायक ने सुझाव रखते हुए बताया कि गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में प्रॉपर्टी दरों में बदलाव किया जाना चाहिए। यहां पर अधिकांश जगह पर एक समान प्रॉपर्टी की दरें हैं, जिनमें बदलाव किया जाना चाहिए। जबकि हाउसिंग बोर्ड ने अपना सुझाव रखते हुए बताया कि रविशंकर शुक्ल मार्केट में बनी इमारतों में सभी में प्रॉपर्टी की दरें एक तरह की हैं, लेकिन एक इमारत में प्रॉपर्टी की दरें अलग हैं, जिन्हें एक समान किया जाना चाहिए। नई कलेक्टर गाइडलाइन 2026-27 में प्रमुख 17 लोकेशन पर प्रस्तावित दरें लोकेशन     वर्तमान दरें (प्रति वर्ग मीटर)     प्रस्तावित दरें (प्रति वर्ग मीटर) एयरोसिटी राजाभोज परियोजना     20,000     22,000 सीटीओ कालोनी/कैलाश नगर, पूजाश्री नगर     15,000     18,000 लाउखेड़ी     12,000     15,000 बीडीए, हाउसिंग बोर्ड कोहेफिजा     45,000     50,000 ग्राम पलासी एवं पलासी की अन्य कालोनी     15,000     17,000 पंचवटी एलआईजी     10,000     12,000 लांबाखेड़ा, नवीबाग व अन्य कालोनी     10,000     12,000 पुरुषोत्तम नगर     13,000     15,000 घाटखेड़ी     3,000     4,000 झागरिया खुर्द     5,600     7,000 दामखेड़ा खुर्द की कालोनियां     16,000     20,000 सुरम्य परिसर     26,000     30,000 नर्मदा एवन्यू     16,000     20,000 सागर एवन्यू     18,000     20,000 एकतापुरी, कौशल्या कालोनी     15,800     17,000 पंत नगर     13,800     15,000 राजेंद्र नगर     12,800     16,000 इनका कहना है वित्तीय वर्ष 2026-27 की कलेक्टर गाइडलाइन का प्रारंभिक प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, जिस पर जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में चर्चा करने के बाद अब आम नागरिकों से सुझाव मांगे गए हैं, जिसे संपदा टू पोर्टल पर दे सकते हैं। इन सुझावों पर चर्चा के बाद प्रस्ताव को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेज दिया जाएगा। – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर व अध्यक्ष, जिला मूल्यांकन समिति

यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा: इंदौर एयरपोर्ट में नए टर्मिनल विस्तार और 200 अतिरिक्त सीटें

इंदौर  मध्य प्रदेश का सबसे अधिक व्यस्ततम इंदौर एयरपोर्ट जल्द ही सालाना एक करोड़ की यात्री संख्या से अपग्रेड होगा. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यहां अतिरिक्त टर्मिनल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इंदौर के देवी अहिल्या इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर वर्तमान में यात्री संख्या सालाना 40 लाख तक पहुंच गई है, जो लगातार नई-नई फ्लाइट शुरू होने और बढ़ते एयर ट्रैफिक के कारण लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि इंदौर एयरपोर्ट परामर्शदात्री समिति ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के समक्ष कई साल पहले इसके टर्मिनल के विस्तार का प्रस्ताव भेजा था. हालांकि मंत्रालय ने विकल्प के तौर पर पुराने टर्मिनल को अपग्रेड करने के लिए 50 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की थी जिससे पुराने टर्मिनल को अपग्रेड किया गया है. साथ ही इंदौर एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए 200 नई सीटें लगेंगी. 30% यात्री पुराने टर्मिनल से उड़ान भर सकेंगे समिति के अध्यक्ष सांसद शंकर लालवानी ने बताया, ''पुराने टर्मिनल के अपग्रेड होने से अब 30% यात्री पुराने टर्मिनल से उड़ान भर सकेंगे. इसके अलावा छोटे एटीआर विमान यहां से टेक ऑफ कर सकेंगे. वीआईपी मूवमेंट भी अब पुराने टर्मिनल से होगा, जिससे एयरपोर्ट पर यात्रियों को वीआईपी के कारण होने वाली परेशानी से मुक्ति मिल सकेगी. उन्होंने बताया, ''जल्द ही यहां शासन स्तर पर जारी जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया के बाद एक नए बड़े टर्मिनल का निर्माण भी प्रस्तावित है. इसके बाद इंदौर एयरपोर्ट की सालाना यात्री संख्या एक करोड़ तक पहुंच जाएगी.'' लालवानी ने बताया, ''अपग्रेड किए गए पुराने टर्मिनल का उद्घाटन अप्रैल माह में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री द्वारा किया जाएगा. इसके पहले राज्य शासन द्वारा जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी. वेटिंग एरिया का विस्तार, समर शेड्यूल में नई फ्लाइट इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परिसर के वेटिंग एरिया में 200 अतिरिक्त सीटें लगाने का फैसला किया गया है. यह व्यवस्था अप्रैल 2026 तक पूरी तरह लागू कर दी जाएगी. विशेष रूप से त्योहारों, व्यावसायिक आयोजनों और पर्यटन सीजन के दौरान टर्मिनल में भीड़ की स्थिति बन जाती है. ऐसे में यात्रियों को बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध कराना प्रबंधन की प्राथमिकता था, हालांकि अब अतिरिक्त सीटों के लगने से यात्रियों को प्रतीक्षा के दौरान अधिक आरामदायक अनुभव मिलेगा. इसके अलावा समर शेड्यूल में इंदौर से फिर नई डेस्टिनेशन के लिए उड़ान शुरू की जाएगी. इसके पहले एयरपोर्ट प्रबंधन एवं पुराने टर्मिनल पर लगातार यात्री सुविधा विकसित कर रहा है, जिन में अब एक मल्टी लेवल पार्किंग भी है. जिससे यहां ज्यादा गाड़ियां पार्क हो सकेंगी. वहीं भविष्य में एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी मेट्रो ट्रेन के स्टेशन से होगी, जिससे कि लोगों को एयरपोर्ट तक मेट्रो ट्रेन से भी आने की सुविधा मिल सकेगी.''

MP में ब्लैकलिस्टेड ठेकेदारों को सरकारी ठेका, CAG की रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा

भोपाल  मध्य प्रदेश में वर्ष 2018 से 2023 के बीच लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा बनाई गई कई सड़कों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट (CAG report) में खुलासा हुआ है कि कई जगह ब्लैकलिस्टेड ठेकेदारों को ही निर्माण और मरम्मत का काम सौंपा गया। गुणवत्ताहीन सामग्री के उपयोग के कारण सड़कें बार-बार खराब हो रही हैं, जिससे आम जनता को लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ रही है। खराब सड़कों की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा है और वाहनों को भी समय से पहले नुकसान हो रहा है। विधानसभा में पेश हुई रिपोर्ट यह रिपोर्ट विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पेश की गई। रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि पीडब्ल्यूडी सुरक्षित और प्रभावी सड़क नेटवर्क उपलब्ध कराने में पूरी तरह सफल नहीं रहा। कई परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरी नहीं हुईं। दीर्घकालिक मास्टर प्लान के अभाव, भूमि अधिग्रहण और मंजूरी संबंधी अड़चनों के कारण कई कार्य अधूरे या विलंबित रहे। वित्तीय प्रबंधन और बजट उपयोग में भी कमियां सामने आईं। गुणवत्ता नियंत्रण कमजोर रहा और कई स्थानों पर डिजाइन भी टिकाऊ नहीं पाई गई। सड़क सुरक्षा से जुड़े बैरियर और संकेतकों की भी कमी देखी गई। कैग की प्रमुख अनुशंसाएं कैग ने पीडब्ल्यूडी को कई सुधारात्मक कदम उठाने की सलाह दी है। विभाग को 10 वर्षीय मास्टर प्लान तैयार करने, डीपीआर पारदर्शिता के साथ बनाने और परियोजनाओं की डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू करने की अनुशंसा की गई है। साथ ही, 20 प्रतिशत सामग्री का अनिवार्य परीक्षण, विलंब पर जुर्माना, अमानक कार्यों पर ठेकेदारों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं की स्थापना जैसे कदम उठाने की सिफारिश की गई है। कैग ने निविदा फाइलें उपलब्ध न कराने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की बात कही है। 

रेलवे की होली स्पेशल ट्रेनें: त्योहारों के दौरान बढ़ती भीड़ के बीच अब आसानी से घर पहुंचे

रतलाम  होली के त्योहार पर अपने घर जाने का प्लान बना रहे लोगों को यदि ट्रेनों में जगह नहीं मिल रही है, तो चिंता की कोई बात नहीं है. रेलवे यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए 5 जोड़ी होली स्पेशल ट्रेन चलाने जा रहा है. रतलाम रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनों से यह होली स्पेशल ट्रेन गुजरेगी. मुंबई, वडोदरा, सूरत और प्रयागराज, बनारस, पटना के लिए चलने वाली यह स्पेशल ट्रेन 22 फरवरी से 29 मार्च के मध्य संचालित की जाएंगी. रतलाम मंडल से होकर चलेगी होली स्‍पेशल ट्रेनें डॉ. अंबेडकर नगर – पटना साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन ट्रेन संख्या 09343, डॉ. अंबेडकर नगर – पटना साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन हर गुरुवार को 18:00 बजे डॉ. अंबेडकर नगर से चलकर अगले दिन शाम 18:30 बजे पटना पहुंचेगी. यह ट्रेन डॉ. अम्बेडकर नगर से 26 फरवरी 2026 से 26 मार्च 2026 तक चलेगी. वापसी में यह गाड़ी पटना – डॉ. अंबेडकर नगर स्पेशल (09344) हर शुक्रवार को 21:30 बजे पटना से चलकर शनिवार की रात 23:55 बजे डॉ. अंबेडकर नगर पहुंचेगी . यह ट्रेन पटना से 27 फरवरी 2026 से 27 मार्च 2026 तक चलेगी. इस ट्रेन का दोनों दिशाओं में इंदौर, फतेहाबाद चंद्रावतीगंज, उज्जैन, मकसी, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, बीना, सागर, दमोह, कटनी मुरवारा, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पं. दीन दयाल उपाध्याय, बक्सर, आरा एवं दानापुर स्टेशनों पर ठहराव रहेगा. मुंबई सेंट्रल – बनारस साप्ताहिक एसी स्पेशल ट्रेन संख्या 09183, मुंबई सेंट्रल – बनारस स्पेशल हर बुधवार को 22:30 बजे मुंबई सेंट्रल से चलकर शुक्रवार को सुबह 10 :30 बजे बनारस पहुंचेगी. यह ट्रेन 04 मार्च से 25 मार्च 2026 तक चलेगी. वापसी में यह ट्रेन बनारस– मुंबई सेंट्रल स्पेशल (09184) हर शुक्रवार को 14:30 बजे बनारस से चलकर रविवार को सुबह 4:20 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी. यह ट्रेन 06 मार्च से 27 मार्च 2026 तक चलेगी. इस ट्रेन का दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, वापी, सूरत, वडोदरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, भरतपुर, अछनेरा, आगरा ईदगाह, टूंडला, शिकोहाबाद, मैनपुरी, भोगांव, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़, जंघई एवं भदोही स्टेशनों पर ठहराव रहेगा. मुंबई सेंट्रल – कटिहार साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन संख्या 09189, मुंबई सेंट्रल – कटिहार साप्ताहिक स्पेशल हर शनिवार को 10:55 बजे मुंबई सेंट्रल से चलकर सोमवार को सुबह 07:30 बजे कटिहार पहुंचेगी. यह ट्रेन 21 फरवरी 2026 से 28 मार्च 2026 तक चलेगी. वापसी में कटिहार – मुंबई सेंट्रल स्पेशल (09190) हर मंगलवार को 00:15 बजे कटिहार से प्रस्थान कर बुधवार शाम 18:40 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी. यह ट्रेन 24 फरवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक चलेगी. यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, वापी, वलसाड, भरूच, वडोदरा, रतलाम, उज्जैन, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, गोंडा, मनकापुर, बस्ती, खलीलाबाद, गोरखपुर, देवरिया सदर, सिवान, छपरा, हाजीपुर, बरौनी, बेगूसराय, खगड़िया एवं नौगछिया स्टेशनों पर रुकेगी. ट्रेन संख्या 09189 का सूरत स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव होगा. वडोदरा – गोरखपुर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन संख्या 09111, वडोदरा – गोरखपुर साप्ताहिक स्पेशल हर सोमवार को 19:00 बजे वडोदरा से चलकर कर अगले दिन 23:30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी. यह ट्रेन 23 फरवरी 2026 से 23 मार्च 2026 तक चलेगी. वापसी में गोरखपुर – वडोदरा स्पेशल(09112) हर बुधवार को 05:00 बजे गोरखपुर से चलकर अगले दिन सुबह 10:35 बजे वडोदरा पहुंचेगी. यह ट्रेन 25 फरवरी 2026 से 25 मार्च 2026 तक चलेगी. यह ट्रेन दोनों दिशाओं में गोधरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, भरतपुर, आगरा फोर्ट, टुंडला, शिकोहाबाद, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, कानपुर, लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा एवं बस्ती स्टेशनों पर रुकेगी. वडोदरा – मऊ साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन संख्या 09195, वडोदरा – मऊ साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल हर शनिवार को 19:00 बजे वडोदरा से चलकर अगले दिन 20:45 बजे मऊ पहुंचेगी. यह ट्रेन 21 फरवरी 2026 से 28 मार्च 2026 तक चलेगी. वापसी में यह ट्रेन मऊ – वडोदरा स्पेशल (09196) हर रविवार को 23:15 बजे मऊ से प्रस्थान कर मंगलवार को 00:45 बजे वडोदरा पहुंचेगी. यह ट्रेन 22 फरवरी 2026 से 29 मार्च 2026 तक चलेगी. यह ट्रेन दोनों दिशाओं में दाहोद, रतलाम, कोटा, बयाना, आगरा फोर्ट, टुंडला, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, सुल्तानपुर एवं वाराणसी स्टेशनों पर रुकेगी. ट्रेन संख्या 09195 का गोधरा स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव होगा. होली स्पेशल ट्रेनों की बुकिंग हो चुकी है शुरू रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि "होली स्पेशल ट्रेन संख्या 09343, 09183, 09189, 09111 और 09195 की बुकिंग सभी पीआरएस काउंटरों तथा आईआरसीटीसी वेबसाइट पर शुरू हो चुका है. इन ट्रेनों के ठहराव सहित अन्य विस्तृत जानकारी के लिए यात्री www.enquiry.indianrail.gov.in पर विजिट कर सकते हैं."

बिजली की कीमतों में 10.2% का इजाफा, 23-26 फरवरी को नियामक आयोग की जनसुनवाई में भाग लें

भोपाल प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से बिजली की दरों में 10.2 प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव पर विद्युत नियामक आयोग 23 फरवरी से 26 फरवरी तक जनसुनवाई आयोजित करेगा। यह जनसुनवाई हाइब्रिड मोड में होगी, जिसमें उपभोक्ता ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से या भोपाल स्थित आयोग के कोर्ट कक्ष में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।   आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं ने लिखित आपत्तियां पहले ही प्रस्तुत कर दी हैं, वे निर्धारित तिथि पर अपने पक्ष को विस्तार से रख सकते हैं।  दरों में 15 फीसदी कमी की गुंजाइश : अग्रवाल विद्युत मामलों के विशेषज्ञ और अधिवक्ता राजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में बिजली दरों में वृद्धि की बजाय लगभग 15 प्रतिशत तक कमी संभव है। उन्होंने दावा किया कि इसके समर्थन में दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध हैं। अग्रवाल 23 फरवरी को सत्यापन याचिका 2024-25 की सुनवाई में तथा 24 फरवरी को पूर्व क्षेत्र की जनसुनवाई में आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे। उन्होंने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे जनसुनवाई में भाग लेकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं। 9 लाख से अधिक लोगों को मिल रही मुफ्त बिजली राज्य सरकार द्वारा बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को मुफ्त या रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में करीब 9 लाख 30 हजार उपभोक्ताओं को निशुल्क बिजली का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा अटल गृह ज्योति योजना के तहत लगभग एक करोड़ हितग्राहियों को लाभ दिया जा रहा है, जबकि अटल कृषि ज्योति योजना के अंतर्गत करीब 26 लाख किसानों को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। यह जानकारी हाल ही में सरकार ने विधानसभा में दी है।  कंपनियों ने अपनी याचिका में कुल 6,044 करोड़ रुपये का घाटा बताते हुए इस वृद्धि की मांग की है. इस प्रस्ताव पर नियामक आयोग ने अपनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और उपभोक्ताओं से 25 जनवरी 2026 तक आपत्तियां आमंत्रित की हैं. आपत्तियों के निराकरण और चर्चा के लिए जनसुनवाई का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया गया है. – पूर्व क्षेत्र (जबलपुर): 24 फरवरी 2026 – पश्चिम क्षेत्र (इंदौर): 25 फरवरी 2026 – मध्य क्षेत्र (भोपाल): 26 फरवरी 2026 – पुरानी खारिज राशियों को घाटे में शामिल करने का आरोप विद्युत मामलों के विशेषज्ञ एडवोकेट राजेंद्र अग्रवाल ने इस टैरिफ वृद्धि का पुरजोर विरोध किया है. उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि कंपनियों द्वारा दर्शाए गए 6,044 करोड़ रुपये के घाटे में 3,451 करोड़ रुपये की वह राशि भी शामिल है जो 12 साल पुरानी है और जिसे आयोग पहले ही अवैधानिक मानकर खारिज कर चुका है. इसके अतिरिक्त, 750 करोड़ रुपये की मांग स्मार्ट मीटर के नाम पर की गई है, जो उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ है. श्री अग्रवाल ने मांग की है कि कोरोना काल से चली आ रही ऑनलाइन सुनवाई को बंद कर पूर्व की भांति जबलपुर, इंदौर और भोपाल में व्यक्तिगत उपस्थिति वाली जनसुनवाई आयोजित की जाए. उन्होंने तर्क दिया कि भौतिक उपस्थिति वाली सुनवाई से ही अधिक से अधिक उपभोक्ता प्रभावी ढंग से अपना विरोध दर्ज करा सकेंगे.  

मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी भोपाल में प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षकों के बीच मैत्री वॉलीबाल मैच आयोजित

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भौंरी भोपाल में प्रशिक्षणरत 44वें एवं 45वें बैच के  प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षको के मध्य टीम भावना के निर्माण तथा नेतृत्व क्षमता के गुणों के विकास के उद्देश्य से अकादमी स्थित वॉलीबाल ग्राउंड में मैत्री वॉलीबाल मैच का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अकादमी के उप निदेशक  संजय कुमार अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, पीटीएस भौंरी मती यास्मिन जहरा, सहायक निदेशक (बाह्य प्रशिक्षण) मती ज्योति उमठ बघेल, उप पुलिस अधीक्षक  तिलकराज प्रधान आरक्षक  नारायण चौधरी,  अमरीश पटेल सहित अकादमी का समस्त स्टाफ, प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस फैमिली लाइन के परिवारजन भी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में 44वें बैच की पुरुष एवं महिला टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब प्राप्त किया। यह आयोजन प्रशिक्षुओं के मध्य आपसी समन्वय, अनुशासन, खेल भावना एवं नेतृत्व कौशल के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।

संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय सेवा का फिर उदाहरण बने डायल-112 जवान

भोपाल  डायल-112 सेवा प्रदेश में आपात स्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता का सशक्त माध्यम बन चुकी है। रतलाम जिले के जावरा औद्योगिक क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में घायल युवक एवं बालक को समय पर अस्पताल पहुँचाकर डायल-112 जवानों ने पुनः अपनी तत्परता और सेवा-भाव का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। दिनांक 20 फरवरी को  राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा अंतर्गत हसन पालिया रोड पर एक मोटरसाइकिल सवार युवक व बालक अज्ञात वाहन की टक्कर से गिरकर घायल हो गए हैं तथा तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही थाना जावरा शहर क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। कुछ ही समय में डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री चंद्रपाल सिंह एवं पायलट श्री मंगलेश्वर सूर्यवंशी मौके पर पहुँचे। डायल-112 जवानों ने मौके पर पहुँचकर पाया कि अज्ञात वाहन की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार युवक तथा बालक  घायल हो गए थे। जवानों ने बिना समय गंवाए त्वरित कार्यवाही करते हुए दोनों घायलों को सुरक्षित एफआरव्ही वाहन से शासकीय चिकित्सालय जावरा पहुँचाया। डायल-112 टीम की तत्परता, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण घायलों को शीघ्र चिकित्सा सहायता मिल सकी। डायल-112 जवानों द्वारा निभाई जा रही मानवीय जिम्मेदारी न केवल सराहनीय है, बल्कि यह आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी सुदृढ़ करती है। संकट की घड़ी में तत्पर सहायता पहुँचाना ही डायल-112 सेवा की वास्तविक पहचान है।

मध्यप्रदेश में बढ़ा वोट बैंक: अंतिम मतदाता सूची में 8 लाख से ज्यादा नाम शामिल

भोपाल प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन से पूर्व राज्य में कुल 5,74,06,143 मतदाता पंजीकृत थे। प्रारूप सूची के प्रकाशन के पश्चात यह 5,31,31,983 संख्या रही तथा अंतिम मतदाता सूची में 5,39,81,065 मतदाताओं के नाम सम्मिलित हैं।इस प्रकार प्रारूप सूची के बाद 8,49,082 मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई है। प्रत्येक जिले में अंतिम मतदाता सूची की प्रतियां नियमानुसार मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने बताया कि एसआईआर की घोषणा के बाद राज्यभर में 5.74 करोड़ मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित कर उनके डिजिटलीकरण का कार्य मिशन मोड में किया गया। SIR से एमपी के शहरी क्षेत्रों में बढ़ी चुनौती, राजनीतिक समीकरण प्रभावित होने के आसार अभियान के दौरान ही मृत, अनुपस्थिति, स्थायी रूप से स्थानांतरित एवं दोहरी प्रविष्टियों के सत्यापन के लिए बूथ लेवल अधिकारियों एवं राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ बैठकों का आयोजन किया गया। संबंधित विधानसभा क्षेत्रवार अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत्त एवं दोहरी प्रविष्टियों की सूची संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रकाशित की गई। लगभग चार माह चली प्रक्रिया के बाद एक जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर अंतिम मतदाता सूची सभी मतदान केंद्रों एवं निर्धारित स्थलों पर प्रकाशित की गई है। 27 अक्टूबर, 2025 से राज्यभर में आरंभ हुए इस विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत लगभग चार माह तक विभिन्न चरणों में व्यापक एवं प्रभावी कार्यवाही के पश्चात शनिवार को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई है। मतदाता सूची में नाम शामिल करने, विलोपन एवं संशोधन आदि के संबंध में दावे एवं आपत्तियां दिनांक 23/12/2025 से 22/01/2026 तक प्राप्त की गई। तत्पश्चात 14 फरवरी 2026 तक निर्वाचन अधिकारियों द्वारा प्राप्त दावे आपत्तियों का सत्यापन कर उनका निराकरण किया गया। विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए 55 जिला निर्वाचन अधिकारियों, 230 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों, 533 सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों, 71,930 बीएलओ, अनेक वालंटियर्स की सक्रिय भागीदारी रही। राज्य के मतदाताओं का उत्साहपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।मीडिया, राजनीतिक दलों एवं अन्य संगठनों का भी सहयोग मिला। इसके परिणामस्वरूप कुल 5,74,06,143 मतदाताओं में से 5,31,31,983 मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त हुए, जिनका पूर्ण डिजिटलीकरण किया गया। बीएलओ द्वारा निरंतर घर-घर सर्वेक्षण किया गया, जिसमें दिवंगत, स्थायी रूप से स्थानांतरित तथा दो स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं की पहचान की गई।