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शिवपुरी मर्डर के विरोध में MP के वकील कोर्ट से हटेंगे, ज्ञापन देकर सुरक्षा कानून की कर रहे मांग

जबलपुर  मध्य प्रदेश के वकील आज सोमवार को न्यायालयीन कार्य से अलग रहेंगे। 14 फरवरी शिवपुरी जिले में एडवोकेट संजय कुमार सक्सेना की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात उस समय हुई, जब अधिवक्ता यूनिफॉर्म में कोर्ट जा रहे थे। इससे आक्रोशित वकीलों ने विरोध स्वरूप प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय लिया है। यह फैसला रविवार को मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल की बैठक में लिया गया है। इससे पहले मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जिला बार और हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार ने भी संयुक्त रूप से सोमवार को पैरवी न करने का निर्णय लिया था। मप्र स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन राधेलाल गुप्ता ने कहा कि अधिवक्ताओं पर लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए अब एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू कराने के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। रविवार दोपहर सभी सदस्यों की ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें सोमवार को प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया है। 7 दिन का अल्टीमेटम, फिर मुख्यमंत्री निवास घेराव बैठक में यह भी तय किया गया कि राज्य सरकार को 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया जाएगा। इस दौरान कलेक्टर और तहसील स्तर पर अधिवक्ता, तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। यदि इसके बाद भी सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाया, तो काउंसिल के नेतृत्व में प्रदेश के करीब सवा लाख अधिवक्ता भोपाल जाकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। बैठक के अंत में मृत अधिवक्ता को श्रद्धांजलि भी दी गई। एक करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग स्टेट बार काउंसिल की बैठक से पहले रविवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके जैन, सचिव परितोष त्रिवेदी, जिला बार अध्यक्ष मनीष मिश्रा, सचिव ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी और हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार के सचिव निखिल तिवारी की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया है कि संजय कुमार सक्सेना के परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा, एक आश्रित को सरकारी नौकरी और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग सरकार से की जाएगी। साथ ही एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को शीघ्र लागू करने पर जोर दिया गया। चीफ जस्टिस को पत्र, मुकदमे खारिज न करने का आग्रह तीनों बार एसोसिएशनों ने सोमवार को मनाए जाने वाले प्रतिवाद दिवस की जानकारी मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र के माध्यम से दी है। पत्र में आग्रह किया है कि वकीलों की गैरहाजिरी में मामलों को खारिज न किया जाए। सोमवार को दोपहर 12:30 बजे वकील मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपेंगे। वर्षों से लंबित है एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके जैन ने कहा कि वकीलों की सुरक्षा के लिए कई वर्षों से एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की जा रही है। भोपाल में वकीलों की महा-पंचायत आयोजित कर सरकार ने भरोसा भी दिलाया था, लेकिन अब तक इसका कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।

MP में बजट सत्र शुरू, राज्यपाल के अभिभाषण में मोहन सरकार के विकास पर जोर, जानें बजट में क्या शामिल

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की सोमवार से शुरुआत हो गई। कार्यवाही के प्रारंभ में संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् का गायन हुआ, जिसके बाद राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपना अभिभाषण दिया। अपने संबोधन में राज्यपाल ने सरकार की विकास उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं से आए बदलावों का उल्लेख किया। साथ ही संकल्प पत्र 2023 में किए गए वादों पर अब तक हुए कार्य और आगामी लक्ष्यों की जानकारी भी दी। सदन में विभिन्न हस्तियों और नेताओं के निधन पर पक्ष-विपक्ष के सदस्यों द्वारा श्रद्धांजलि दी जाएगी। इससे पहले विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यपाल का स्वागत किया। 6 मार्च तक चलेगा सत्र सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण और कृतज्ञता प्रस्ताव होगा। सत्र के लिए कुल 3478 प्रश्नों की विधानसभा को सूचनाएं, 236 ध्यानाकर्षण, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 अशासकीय संकल्प पेश होंगे। शून्य काल में विधानसभा में 83 सवाल होंगे। जानिए बजट में क्या मिलने वाला है मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू हो रहा है और सबकी निगाहें 18 फरवरी पर टिकी हैं, जब वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा राज्य का 2026-27 का बजट पेश करेंगे। यह डॉ. मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट होगा। सूत्रों के अनुसार, इस बार का बजट सिर्फ एक साल का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि भविष्य की एक विस्तृत वित्तीय योजना होगी, जिसमें पूंजीगत व्यय बढ़ाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया गया है। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में लगभग 10% की औसत वार्षिक वृद्धि दर हुई है। इसे देखते हुए, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक बजट का आकार 4.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। इस बजट में सरकार का फोकस स्वास्थ्य, पोषण, किसान, युवा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित रहने की उम्मीद है। बजट में करीब 1.40 करोड़ बच्चों को मिड डे मील में टेट्रा पैक दूध देने से लेकर, किसानों की आय बढ़ाने के लिए हर जिले में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और 'सीएम केयर' योजना के तहत मेडिकल कॉलेजों में कैंसर और हार्ट जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा देने जैसी बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं। पढ़िए, इस बजट में क्या खास रहने वाला है… स्वास्थ्य: 'सीएम केयर' से सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार इस बजट में सरकार 'सीएम केयर' योजना की घोषणा कर सकती है, जिसका मकसद प्रदेश में सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना है।     स्टेट कार्डियक सेंटर और अंग प्रत्यारोपण संस्थान: बजट में एक अत्याधुनिक स्टेट कार्डियक सेंटर और एक अंग प्रत्यारोपण संस्थान बनाने की घोषणा हो सकती है, जहां लिवर, किडनी, हार्ट, फेफड़े और कॉर्निया ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध होगी।     मेडिकल कॉलेजों में इलाज: इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर के मेडिकल कॉलेजों में ऑन्कोलॉजी (कैंसर), ऑन्को-सर्जरी, कार्डियोलॉजी और कार्डियक सर्जरी जैसे सुपर-स्पेशलिटी विभाग शुरू किए जा सकते हैं।     बजट और लागत: इस महत्वाकांक्षी योजना पर अगले पांच सालों में 2,000 करोड़ रुपए खर्च होने का प्रारंभिक अनुमान है, जो परियोजना के आगे बढ़ने पर और बढ़ सकता है।     नए मेडिकल कॉलेज: सीहोर (बुधनी), दमोह और छतरपुर में केंद्र सरकार के सहयोग से नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए भी बजट में राशि का प्रावधान किया जा सकता है। वेलनेस टूरिज्म: 12 आस्था स्थल बनेंगे, पर्यटन और आरोग्य का संगम मध्य प्रदेश अब वेलनेस टूरिज्म के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। प्रदेश के 12 स्थलों को आस्था, पर्यटन और आरोग्य के संगम के रूप में विकसित किया जा सकता है।     चयनित स्थल: उज्जैन, ओंकारेश्वर, खजुराहो, पचमढ़ी, सिंगरौली, चित्रकूट, चंदेरी, मंदसौर, आलीराजपुर, ओरछा, आगर मालवा और दतिया।     सुविधाएं: इन स्थलों पर 10-10 बेड के झोपड़ीनुमा डीलक्स अस्पताल बनाए जाएंगे, जहां पर्यटक पंचकर्म, योग और ध्यान जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों से उपचार करा सकेंगे।     आयुष वीजा: सबसे खास बात यह है कि मध्य प्रदेश, केरल के बाद देश का दूसरा राज्य बनने जा रहा है जो वेलनेस टूरिज्म को आयुष वीजा से जोड़ेगा। इससे विदेशी पर्यटक सीधे वेलनेस के लिए वीजा लेकर यहां आ सकेंगे।     उज्जैन में आयुर्वेदिक एम्स: देश के तीन प्रस्तावित आयुर्वेद AIIMS में से एक उज्जैन में स्थापित किए जाने की कोशिश है, यदि ऐसा हुआ तो ये प्रदेश को आयुर्वेदिक चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में एक नई पहचान देगा। पोषण एवं शिक्षा: बच्चों को मिलेगा टेट्रा पैक दूध पहली से आठवीं तक के 98.37 लाख बच्चे और आंगनवाड़ियों में 3 से 6 साल की उम्र के 48 लाख बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने के लिए सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब मध्यान्ह भोजन के साथ इस भी बच्चों को ट्रेटा पैक दूध भी दिए जाने की योजना है। इसके लिए ग्रामीण एवं पंचायत विभाग मप्र दुग्ध महासंघ के साथ एमओयू साइन करेगा।     टेट्रा पैक दूध की खासियत: यह दूध अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर (UHT) तकनीक से कीटाणु रहित किया जाता है और इसे 6-परतों वाली एयर-टाइट पैकेजिंग में सील किया जाता है। इससे यह बिना फ्रिज के 6-9 महीने तक सुरक्षित और ताजा रहता है, जो इसे दूर-दराज के इलाकों में वितरण के लिए आदर्श बनाता है।     शिक्षा: शिक्षा के क्षेत्र में 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोलने की घोषणा हो सकती है। साथ ही, जबलपुर स्थित धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के दूसरे चरण के निर्माण के लिए 197 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जा सकता है। किसानों के लिए: सिंचाई से लेकर भावांतर तक किसानों को साधने के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की उम्मीद है।     सिंचाई: सिंचाई क्षमता को साढ़े सात लाख हेक्टेयर बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सिंचाई बजट को 17,214 करोड़ से बढ़ाकर 19-20 हजार करोड़ रुपये किया जा सकता है। राजगढ़ की सुल्तानपुर और बरेली की बारना जैसी नई सिंचाई परियोजनाओं के लिए 715 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा सकता है।     भावांतर और जैविक खेती: सोयाबीन के साथ अन्य नकदी फसलों पर भी भावांतर योजना की घोषणा हो सकती है। जैविक खेती … Read more

एमपी के IAS अफसर अवि प्रसाद की तीसरी शादी, कलेक्टर और डिप्टी सेक्रेटरी हैं उनकी दो पत्नियां

 भोपाल     मध्य प्रदेश की प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक नाम फिर चर्चा के केंद्र में है अवि प्रसाद. वजह इस बार कोई तबादला, सख्त कार्रवाई या विकास मॉडल नहीं, बल्कि उनकी निजी जिंदगी है. अवि प्रसाद ने तीसरी शादी कर ली है, हालांकि दोनों से उनका तलाक हो चुका है और खास बात यह है दोनों भी भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी है और वर्तमान में जिले की कलेक्टर के रूप में काम कर रही हैं. तीसरी पत्नी राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी हैं.  अवि प्रसाद का प्रशासनिक करियर शुरुआत से ही उल्लेखनीय रहा है. वर्ष 2013 में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में हुआ था, लेकिन उन्होंने दोबारा प्रयास किया और वर्ष 2014 की यूपीएससी परीक्षा में 13वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में स्थान बनाया. उनकी यह उपलब्धि उन्हें अपने बैच के प्रतिभाशाली अधिकारियों में शुमार करती है. वे मूलतः उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से ताल्लुक रखते हैं. राजनीति और सार्वजनिक जीवन का माहौल उन्होंने बचपन से देखा. उनके दादा टम्बेश्वर प्रसाद उर्फ बच्चा बाबू चौधरी चरण सिंह की सरकार में मंत्री रहे थे. ऐसे में शासन-प्रशासन की समझ उन्हें विरासत में मिली, ऐसा उनके करीबी बताते हैं. पहली शादी: तैयारी के दिनों का रिश्ता दिल्ली में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान उनकी मुलाकात रिजु बाफना से हुई थी. दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में विवाह हुआ. रिजु बाफना वर्तमान में मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले की कलेक्टर हैं और राज्य में एक सक्षम व सख्त प्रशासक के रूप में जानी जाती हैं. हालांकि यह रिश्ता लंबा नहीं चला. कुछ वर्षों बाद दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया और तलाक हो गया.  दूसरी शादी: मिशा सिंह के साथ पहले रिश्ते के समाप्त होने के बाद अवि प्रसाद ने दूसरी शादी आंध्र प्रदेश की 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह से की. विवाह के बाद मिशा सिंह ने मध्य प्रदेश कैडर ले लिया. वर्तमान में वे रतलाम की कलेक्टर हैं और 2025 में उन्होंने जिले का कार्यभार संभाला. रतलाम में उनका कार्यकाल सक्रिय प्रशासनिक शैली के लिए जाना जा रहा है. विकास कार्यों के औचक निरीक्षण और योजनाओं की समीक्षा को लेकर वे अक्सर चर्चा में रहती हैं. हालांकि अवि प्रसाद और मिशा सिंह का यह रिश्ता भी ज्यादा समय तक नहीं चल पाया. करीब चार वर्षों बाद दोनों ने अलग होने का निर्णय लिया. तीसरी शादी: कूनो में सादे समारोह में फेरे अब अवि प्रसाद ने 2017 बैच की आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे से विवाह किया है. अंकिता धाकरे वर्तमान में राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर काम कर रही हैं. जानकारी के अनुसार, 11 फरवरी को दोनों ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में सादगीपूर्ण समारोह में विवाह किया. कूनो, जो हाल के वर्षों में अपने वन्यजीव संरक्षण प्रयासों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहा है, इस निजी आयोजन का साक्षी बना. शादी की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कुछ लोगों ने इसे निजी निर्णय बताते हुए सम्मान की बात कही, तो कुछ ने लगातार वैवाहिक बदलावों पर सवाल उठाए. प्रशासनिक पहचान और सख्त कार्यशैली अवि प्रसाद की पहचान केवल उनकी निजी जिंदगी तक सीमित नहीं है. वे मध्य प्रदेश शासन में एक भरोसेमंद और तेजतर्रार अधिकारी माने जाते हैं. फिलहाल वे मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. इससे पहले वे कई जिलों में जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर रह चुके हैं. कटनी में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कुपोषण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया था. उस समय जिले में बढ़ते कुपोषण के आंकड़ों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी थी. अवि प्रसाद ने आंगनवाड़ी नेटवर्क की समीक्षा, स्वास्थ्य विभाग के समन्वय और जमीनी स्तर पर निगरानी को मजबूत करने जैसे कदम उठाए. उनके इस अभियान की राज्य स्तर पर सराहना हुई थी. कई बार उन्हें प्रशासनिक नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सम्मानित भी किया जा चुका है. उनके समर्थक कहते हैं कि वे निर्णय लेने में देरी नहीं करते और फील्ड विजिट को प्राथमिकता देते हैं. तीसरी शादी को लेकर अवि प्रसाद की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. न ही उन्होंने सोशल मीडिया पर कोई प्रतिक्रिया दी है.

त्योहार में लापरवाही पड़ेगी महंगी: होली पर बिना टिकट सफर करने वालों से वसूले जाएंगे दोगुने पैसे

 भोपाल कुछ ही दिनों में होली का सीजन शुरू होने वाला है और ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ना तय है। हर साल त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग बिना टिकट या अनियमित तरीके से यात्रा करते पकड़े जाते हैं। भोपाल मंडल के पिछले दो वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि अप्रैल-मई, अक्टूबर-नवंबर और जनवरी में सबसे ज्यादा मामले सामने आए। पिछले वर्ष त्योहारों में रिकॉर्ड वसूली हुई थी। इसी को देखते हुए रेलवे ने होली से पहले सख्त जांच अभियान चलाने की तैयारी की है। बिना टिकट यात्रा करने वालों से दोगुना किराया व जुर्माना वसूला जाएगा और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। जनवरी महीने में हुई सबसे ज्यादा कार्यवाही रेलवे के अनुसार वर्ष 2025-26 (जनवरी तक) में 5,19,949 मामलों में कार्रवाई की गई और 33.19 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली हुई। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 4.56 प्रतिशत अधिक है। इनमें करीब 2.56 लाख मामले बिना टिकट यात्रा के और 2.61 लाख मामले अनियमित यात्रा (गलत श्रेणी या दूरी से अधिक सफर) के शामिल हैं। इसके अलावा 2,414 बिना बुकिंग सामान (यूबीएल) के मामले भी दर्ज किए गए। जनवरी महीने में सबसे अधिक कार्रवाई दर्ज की गई, जो यह दर्शाता है कि सीजनल भीड़ के समय नियम उल्लंघन बढ़ जाता है। होली के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने गृह नगर लौटते हैं। कई बार सीट कंफर्म न होने या भीड़ के कारण यात्री बिना टिकट या सामान्य टिकट लेकर स्लीपर-एसी कोच में चढ़ जाते हैं। रेलवे प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाए जाते हैं। भीड़ बढ़ने पर टीटीई और फ्लाइंग स्क्वाड की तैनाती बढ़ा दी जाती है, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। भोपाल मंडल के अधिकारियों के अनुसार बिना टिकट और अनियमित यात्रा के अधिकतर मामले लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों में सामने आते हैं, जहां त्योहारों के दौरान भीड़ अधिक रहती है। स्पेशल ट्रेनों पर निगरानी और रेलवे के सख्त दिशा-निर्देश होली और अन्य पर्वों पर चलाई जाने वाली स्पेशल ट्रेनों में भी विशेष निगरानी रखी जाती है। इन ट्रेनों में टीटीई और फ्लाइंग स्क्वाड की अतिरिक्त तैनाती कर सघन जांच अभियान चलाया जाता है। रेलवे ने कहा है कि बिना टिकट या गलत श्रेणी में यात्रा दंडनीय अपराध है। पकड़े जाने पर तय दूरी का किराया, अतिरिक्त जुर्माना या दोगुना किराया वसूला जाएगा। भुगतान न करने पर कानूनी कार्रवाई होगी। बिना बुकिंग सामान पर अलग पेनल्टी लगेगी। यात्रियों से वैध टिकट लेकर नियमों का पालन करने की अपील की गई है। होली के सीजन में बढ़ती भीड़ को देखते हुए भोपाल मंडल में बिना टिकट और अनियमित यात्रा के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल मंडल

मध्यप्रदेश में बिगड़ेगा मौसम: तेज आंधी और मूसलाधार बारिश से खतरे की आशंका

भोपाल मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के प्रभाव से 18 और 19 फरवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। मौसम केंद्र भोपाल ने उत्तरी मध्य प्रदेश के 8 जिलों में वर्षा का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में हो सकती है बारिश मौसम विभाग (IMD) के अनुसार ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में बारिश हो सकती है। इन जिलों और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने की संभावना है। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है तो फरवरी महीने में यह तीसरी बार बारिश का दौर होगा। इससे पहले माह की शुरुआत में प्रदेश के कई हिस्सों में ओलावृष्टि, बारिश और आंधी से फसलों को भारी नुकसान हुआ था। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे भी कराया था। पश्चिम विक्षोभ के कारण MP में बदलेगा मौसम… मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि फिलहाल एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है, लेकिन उसका असर मुख्य रूप से पहाड़ी राज्यों में दिखाई दे रहा है, जहां बर्फबारी हो रही है। 16 फरवरी से एक नया सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। वर्तमान में प्रदेश में हल्की सर्दी का दौर जारी है। रात और सुबह के समय ठंड महसूस हो रही है, जबकि दिन में तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अधिकांश शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर है। न्यूनतम तापमान पचमढ़ी का.. ताजा आंकड़ों के अनुसार पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 14.2 डिग्री, इंदौर में 13.6 डिग्री, ग्वालियर में 12.8 डिग्री, उज्जैन में 15.7 डिग्री और जबलपुर में 14.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। कटनी, सतना, शहडोल, छतरपुर और रीवा के कुछ इलाकों में पारा 10 से 11 डिग्री के बीच रहा। अगले दो दिन का पूर्वानुमान 16 फरवरी को कुछ जिलों में हल्का कोहरा रहेगा। बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन दिन में बादल छा सकते हैं। 17 फरवरी को हल्का कोहरा रहेगा। बारिश की संभावना नहीं, हालांकि बादल छाए रहेंगे।

शहरों की बदलेगी तस्वीर: भोपाल-इंदौर मेट्रो समेत शहरी विकास योजनाओं पर खास फोकस

भोपाल मध्य प्रदेश का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 18 फरवरी को प्रस्तुत होगा। यह चार लाख, 70 हजार करोड़ रुपये के आसपास रह सकता है। इसमें कृषि के साथ नगरीय और ग्रामीण विकास पर फोकस रहेगा। अधोसंरचना के कामों की गति बढ़ाई जाएगी। भोपाल और इंदौर मेट्रोपालिटन, मेट्रो ट्रेन, प्रधानमंत्री आवास शहरी सहित अन्य योजनाओं के लिए प्रविधान रखे जाएंगे। वहीं, ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं पर भी फोकस रहेगा। विकसित भारत-जी राम जी, प्रधानमंत्री आवास, पंचायत एवं सामुदायिक भवन, जल संरचना आदि कार्यों के लिए राशि आवंटित की जाएगी।   शहरी क्षेत्र में 10 लाख आवास बनाने का लक्ष्य मिला है प्रदेश को अगले पांच साल में शहरी क्षेत्र में 10 लाख आवास बनाने का लक्ष्य मिला है। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से राशि का प्रविधान होगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्र और राज्यांश मिलाकर पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि रखी जा सकती है। भोपाल और इंदौर मेट्रोपालिटन क्षेत्र घोषित हो चुके हैं। इसका काम आगे बढ़ाने के साथ मेट्रो ट्रेन के संचालन और आगे का काम पूरा करने के लिए प्रविधान किया जाएगा। अमृत मिशन में नगरीय निकायों को राशि दी जाएगी इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से लोगों की मौत की घटना सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था में सुधार की कवायद प्रारंभ हो गई है। इसके लिए अमृत मिशन में नगरीय निकायों को राशि दी जाएगी ताकि काम तेजी से पूरा हो सके। अधोसंरचना विकास के कामों के लिए भारत सरकार से मिलने वाली राशि को मिलाकर प्रविधान किया जाएगा। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र में भी अधोसंरचना विकास पर जोर रहेगा। इन योजनाओं पर भी सरकार खर्च करेगी राशि प्रधानमंत्री आवास, ग्रामीण सड़क, पंचायत एवं सामुदायिक भवन के साथ जल संरचनाओं के विकास, मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम, प्रधानमंत्री जनमन योजना, मध्याह्न भोजन, मुख्यमंत्री आवास मिशन के लिए राशि दी जाएगी। विकसित भारत जी राम जी योजना के लिए अब 40 प्रतिशत अंशदान के साथ प्रविधान करना होगा। योजना में चार हजार करोड़ रुपये से अधिक रखे जा सकते हैं।

न्याय की मांग तेज: शिवपुरी केस के विरोध में वकीलों की हड़ताल, सरकार को चेतावनी

जबलपुर शिवपुरी में शनिवार को एक अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या से समूचे राज्य के वकील आक्रोशित हो गए हैं। सोमवार को पूरे प्रदेश के वकील न्यायिक कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाएंगे। यह निर्णय रविवार को एमपी स्टेट बार काउंसिल ने सर्वसम्मति से लिया है। इससे पहले रविवार को ही मप्र हाई कोर्ट बार, जिला बार और हाई कोर्ट एडवोकेट्स बार ने संयुक्त रूप से सोमवार को प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय लिया था। दरअसल, करेरा तहसील के वकील संजय सक्सेना की शनिवार, 14 फरवरी की दोपहर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के वक्त संजय सक्सेना काले कोट में अपने घर से कोर्ट जा रहे थे। घटना के बाद शिवपुरी पुलिस ने हत्याकांड में शामिल तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था।   सात दिनों का अल्टीमेटम, वरना सीएम हाउस का होगा घेराव स्टेट बार कौंसिल के चेयरमैन राधेलाल गुप्ता और वाइस चेयरमैन आरके सिंह सैनी ने कहा है कि एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू कराने अब निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। गुप्ता के अनुसार रविवार को दोपहर को सभी सदस्यों की आनलाइन मीटिंग बुलाकर सोमवार को प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक में सभी सदस्यों की सहमति से तय किया गया कि पूरे राज्य में वकीलों की सुरक्षा से जुड़े एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू कराने राज्य सरकार को सात दिनों का अल्टीमेटम दिया जाएगा। इसके बाद भी सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती तो फिर काउंसिल के नेतृत्व में प्रदेश के सवा लाख वकील भोपाल जाकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। काउंसिल के वाईस चैयरमेन आरके सिंह सैनी ने बताया कि ऑनलाइन मीटिंग के अंत में सभी सदस्यों ने मृत अधिवक्ता संजय सक्सेना को शोक श्रद्धांजलि भी दी। वकीलों ने की ये मांगें स्टेट बार काउंसिल की बैठक से पहले रविवार को ही हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके जैन, सचिव परितोष त्रिवेदी, जिला बार के अध्यक्ष मनीष मिश्रा, सचिव ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी और हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार के सचिव निखिल तिवारी की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया है कि अधिवक्ता स्व. संजय सक्सेना के परिवार को एक करोड़ का मुआवजा, उनके आश्रित को सरकारी नौकरी, हत्या के आरोपितों पर कठोर कार्रवाई के साथ एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट जल्द से जल्द लागूकिया जाए। चीफ जस्टिस को भेजी गई सूचना तीनों बार एसोसिएशनों ने सोमवार को मनाए जाने वाले प्रतिवाद दिवस की जानकारी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को भेजी है। एसोसिएशनों ने चीफ जस्टिस से आग्रह किया है कि उनकी ये मांगें जायज हैं। ऐसे में सोमवार को सुनवाई पर लगे मुकदमों को वकीलों की गैरहाजिरी में खारिज न किया जाए। वकील सोमवार को दोपहर साढ़े 12 बजे मुख्यमंत्री के नाम पर एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपेंगे।   वर्षों से की जा रही मांग, मिला सिर्फ आश्वासन इस सम्बन्ध में हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष डीके जैन ने कहा है कि वकीलों की सुरक्षा के लिए पिछले कई वर्षों से एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की मांग वकीलों द्वारा की जा रही है। एक बार तो भोपाल में वकीलों की महा-पंचायत बुलाकर एडवोकेट्स प्रोटेक्शन को जल्द से जल्द लागू करने का भरोसा भी दिलाया गया, लेकिन अभी तक नतीजा शून्य ही रहा है।

त्योहार से पहले ही फुल हुई ट्रेनें, भोपाल रूट पर वेटिंग लंबी; यात्रियों की बढ़ी चिंता

भोपाल होली का त्योहार नजदीक आते ही घर लौटने की चाह हर दिल में जाग उठती है। लोग अपनों के साथ रंगों की खुशियां बांटना चाहते हैं, लेकिन इस बार सफर आसान नहीं है। भोपाल से दिल्ली, मुंबई, बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। इंदौर–पटना, कर्नाटका और हमसफर एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट और रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है। सीट न मिलने से यात्रियों को वैकल्पिक साधनों की तलाश करनी पड़ रही है, जिससे खर्च और परेशानी दोनों बढ़ गए हैं।   हर बार त्योहारों पर वही समस्या, कंफर्म सीट का संकट होली हो या दिवाली, बड़े त्योहारों के दौरान ट्रेनों में कंफर्म सीट न मिलना अब आम समस्या बन गई है। यात्रा की तारीख से करीब एक महीने पहले ही अधिकांश ट्रेनों में 'नो रूम' की स्थिति दिखाई देने लगती है। वेटिंग लिस्ट लंबी हो जाती है और कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है। यात्रियों का कहना है कि हर साल त्योहारों के समय यही स्थिति बनती है। मजबूरी में लोगों को तत्काल टिकट का सहारा लेना पड़ता है, जहां भीड़ और अधिक रहती है। कई यात्रियों को घर पहुंचने के लिए बस, फ्लाइट या निजी वाहन जैसे महंगे विकल्प चुनने पड़ते हैं। यात्रियों की मांग है कि त्योहारों से पहले रेलवे को अतिरिक्त या स्पेशल ट्रेनों की घोषणा करनी चाहिए, ताकि भीड़ का दबाव कम हो सके और लोगों को समय पर कंफर्म सीट मिल सके। होली स्पेशल : भोपाल मंडल से चलेंगी 4 जोड़ी विशेष ट्रेनें होली पर्व पर यात्रियों की सुविधा हेतु भारतीय रेलवे ने देशभर में 1410 विशेष ट्रेनों का संचालन किया है, जिनमें पश्चिम मध्य रेल से 43 ट्रेनें शामिल हैं। भोपाल मंडल से रीवा-रानी कमलापति (02192/02191, 02186/02185), भोपाल–रीवा (01704/01703) तथा रानी कमलापति–दानापुर (01667/01668) स्पेशल ट्रेनें निर्धारित तिथियों पर चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों के संचालन से त्योहार के दौरान अतिरिक्त भीड़ कम होगी और यात्रियों को सुगम यात्रा की सुविधा मिलेगी। इन ट्रेनों में 'रिग्रेट व नो रूम' की स्थिति     श्रीनगर-शिरड़ी-कालका सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22455) 28 फरवरी से 5 मार्च तक इस ट्रेन में कंफर्म टिकट उपलब्ध नहीं है। यात्रियों को 'नो रूम' की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।     कर्नाटका एक्सप्रेस (12627) 28 फरवरी से 5 मार्च तक सभी प्रमुख श्रेणियों में कंफर्म टिकट नहीं मिल रहे हैं।     अहमदाबाद-सहरसा एक्सप्रेस (19483) 25 फरवरी से 2 मार्च तक स्लीपर, 2एसी और 3एसी श्रेणियों में 'रिग्रेट' की स्थिति है।     इंदौर-पटना एक्सप्रेस (19321) 25 फरवरी से 1 मार्च तक स्लीपर, 2एसी और 3एसी में सीटें फुल हैं और रिग्रेट दिखा रहा है।     अहमदाबाद-आसनसोल एक्सप्रेस (19435) 25 फरवरी से 5 मार्च तक सभी प्रमुख श्रेणियों में टिकट उपलब्ध नहीं है।     मंगला लक्षद्वीप सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12618) 26 फरवरी से 2 मार्च तक रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है।     हमसफर एक्सप्रेस (19092) 25 फरवरी से 5 मार्च तक टिकट बुकिंग में 'रिग्रेट' स्थिति दर्शाई जा रही है।

एमपी के टॉप पुलिस अधिकारियों की संपत्ति पर सवाल, दिल्ली में लग्जरी फ्लैट से करोड़ों की कमाई

भोपाल मध्य प्रदेश कैडर के एडीजी स्तर के कई अधिकारियों ने भोपाल में कृषि भूमि खरीदी है। कुछ अधिकारियों के पास दिल्ली में फ्लैट भी हैं, जिनसे उन्हें हर साल लाखों रुपये की आय हो रही है। यह जानकारी अधिकारियों द्वारा केंद्र सरकार को दिए गए अचल संपत्ति के ब्योरे में सामने आई है। किसके पास कितनी संपत्ति एडीजी एसएएफ चंचल शेखर के पास भोपाल में 11 हजार 325 वर्गफीट कृषि भूमि है। यह जमीन उन्होंने वर्ष 2009 में 10 लाख रुपये में अपने और पत्नी के नाम से खरीदी थी, जिसकी वर्तमान कीमत एक करोड़ 80 लाख रुपये है। दिल्ली के साउथ वेस्ट क्षेत्र में उनका एक फ्लैट है, जिसे वर्ष 2011 में 17 लाख रुपये में खरीदा गया था और जिसकी वर्तमान कीमत 65 लाख रुपये है। इस फ्लैट से उन्हें प्रतिवर्ष छह लाख 60 हजार रुपये की आय हो रही है।   इसके अलावा वर्ष 2017 में उन्होंने दिल्ली में ही एक करोड़ 70 लाख रुपये का एक और फ्लैट खरीदा, जिसकी वर्तमान कीमत भी उतनी ही है। यह फ्लैट उनके और पत्नी के नाम पर है और इससे उन्हें सालाना एक लाख 80 हजार रुपये की आय होती है। ए साई मनोहर के पास केवल एक संपत्ति एडीजी इंटेलिजेंस ए साई मनोहर के पास केवल एक संपत्ति है, जो दिल्ली में फ्लैट के रूप में है। उन्होंने वर्ष 2024 में यह फ्लैट तीन करोड़ 60 लाख रुपये में खरीदा था और इसकी वर्तमान कीमत भी उतनी ही है। इस संपत्ति से उन्हें प्रतिवर्ष 17 लाख 13 हजार रुपये की आय हो रही है। स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव के पास तीन अचल संपत्तियां हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक फ्लैट शामिल है, जिसे वर्ष 2012 में 40 लाख रुपये में अपने और पत्नी के नाम पर खरीदा गया था। इसकी वर्तमान कीमत सवा करोड़ रुपये है और इससे उन्हें प्रतिवर्ष एक लाख 75 हजार रुपये की आय होती है। संपत्ति का ब्योरा जमा कर दिया भारतीय प्रशासनिक सेवा के मध्य प्रदेश कैडर के अधिकारियों ने भी 31 जनवरी की स्थिति में अपनी संपत्ति का ब्योरा जमा कर दिया है, लेकिन इसे अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। इनकी संख्या लगभग 365 बताई गई है। संभावना है कि एक सप्ताह के भीतर इनकी अचल संपत्ति की जानकारी भी सार्वजनिक की जाएगी।

जनगणना का नया डिजिटल रूप: घर बैठे दें 33 प्रश्नों के उत्तर, 1 मई से शुरू प्रक्रिया

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन की एक मांग को जनगणना निदेशालय मान लेता है तो मजरे-टोलों में रहने वालों लोगों की अलग से जानकारी सामने आ जाएगी। इसका लाभ जल जीवन मिशन जैसी कई योजनाओं को लेकर नीति बनाने में होगा। उन्होंने शुक्रवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में जनगणना-2027 को लेकर आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर प्रशिक्षण कार्यक्रम में रजिस्ट्रार जनरल व जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के समक्ष यह बात कही। अनुराग जैन ने कहा कि जनगणना में मजरे-टोलों का कालम अलग से जोड़ दिया जाए तो मध्य प्रदेश ही नहीं आदिवासी बहुल जनसंख्या वाले दूसरे राज्यों को भी उतना ही लाभ होगा। बता दें, प्रदेश में एक लाख 27 हजार मजरे-टोले हैं। ये अधिकतर आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ही होते हैं। प्रशिक्षण कार्यशाला को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मृत्युंजय कुमार ने संबोधित किया।   अनुराग जैन ने कहा कि जीआईएस सिस्टम से महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी। आंकड़े सही तरीके से फीड किए जाएंगे तभी जनगणना का परिणाम बेहतर मिलेगा। आमजन भी सही जानकारी दें। कई बार लोगों को लगता है कि संपत्ति संबंधी जानकारी नहीं बताने पर वह लाभ में रहेंगे। सरकारी योजनाओं से सहायता मिल सकती है, पर ऐसा नहीं है। इनबिल्ड एप गलतियां भी बताएंगे मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि देश में पहली बार डिजिटल माध्यम से जनगणना होगी, इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म तैयार किया गया है। जनगणना में स्व-गणना का विकल्प भी पहली बार उपलब्ध कराया जा रहा है। नागरिक मोबाइल, लैपटाप और डेस्कटाप से जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इस बार जातिगत जनगणना भी होगी। जानकारी बहुत सावधानी से अंकित की जाए जिससे किसी तरह की गलती की आशंका नहीं रहे। उन्होंने बताया जनगणना के सॉफ्टवेयर में कुछ इनबिल्ड एप्लीकेशन भी हैं, जो कुछ हद तक फीडिंग की गलतियों से सतर्क करेंगे। दो चरणों में जानकारियां एकत्र की जाएंगी निदेशक जनगणना कार्तिकेय गोयल ने कहा कि मध्य प्रदेश में प्रथम चरण में मकानों की सूची तैयार करने का कार्य एक से 30 मई के बीच होगा। इसमें मकानों की स्थिति, सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों का विवरण प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर एकत्रित किया जाएगा।द्वितीय चरण में जनसंख्या की गणना का कार्य फरवरी, 2027 में कराया जाना तय किया गया है। जनसंख्या की गणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी। साथ ही, व्यक्तियों के संबंध में अन्य बिंदु जैसे आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, दिव्यांगता, मातृभाषा, साक्षरता, शैक्षणिक योग्यता, आर्थिक क्रियाकलाप, प्रवास और संतानों की जानकारी एकत्र की जाएगी। यह 33 सवाल पूछे जाएंगे भवन संख्या (नगरपालिका या स्थानीय प्राधिकरण या जनगणना संख्या), घर संख्या, फर्श की प्रमुख सामग्री, भवन की दीवार की प्रमुख सामग्री, भवन की छत, घर का उपयोग, घर की स्थिति, परिवार संख्या, घर में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, मुखिया का नाम व लिंग, क्या परिवार का मुखिया एससी/एसटी/अन्य से संबंधित है, स्वामित्व की स्थिति, परिवार के स्वामित्व वाले आवासीय कमरों की संख्या, घर में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या, पीने के पानी का मुख्य स्रोत, पेयजल स्रोत की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय है या नही, शौचालय का प्रकार, अपशिष्ट जल निकास, स्नान सुविधा, रसोई और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, खाना बनाने में मुख्य ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट तक पहुंच किस तरह है।