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मातृ मृत्यु दर 173 से घटकर 142 और शिशु मृत्यु दर 41 से हुई घटकर 37

भोपाल . मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में गेहूं का उपार्जन 7 फरवरी से आरंभ हो गया है, यह 7 मार्च तक जारी रहेगा। प्रदेश में 3186 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। गेहूं का समर्थन मूल्य गत वर्ष से 160 रुपए अधिक है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक संदेश मिला है। प्रदेश में मातृ मृत्यु दर 173 से घटकर 142 और शिशु मृत्यु दर 41 से घटकर 37 हो गई है। टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम में मध्यप्रदेश देश के 5 शीर्ष राज्यों में शामिल है। सिकल सेल उन्मूलन के लिए प्रदेश में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। आयुष्मान योजना के माध्यम से उपचार में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। एयर एंबुलेंस सेवा और राहवीर योजना के क्रियान्वयन में भी निरंतर प्रगति हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले हुए वंदे मातरम के सामूहिक गान के बाद, अपने संबोधन में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आहवान किया कि सभी जिलों में विक्रमोत्सव और गुड़ी पड़वा का पर्व उल्लास और उत्साह से मनाया जाए। उन्होंने कहा कि इसके तत्काल बाद प्रदेश में जल गंगा अभियान आरंभ हो जाएगा जो 3 महीने तक जारी रहेगा। उन्होंने मंत्रीगण को अपने-अपने जिलों में अभियान की गतिविधियों के व्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश को नक्सलियों से मुक्त करने के उपलक्ष में 9 फरवरी को बालाघाट में आयोजित कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकौशल क्षेत्र की कृषि कैबिनेट बालाघाट में की जाएगी, जो पूरे क्षेत्र को विकास की मुख्य धारा में लाने के संकल्प का प्रतीक होगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश को रेल के क्षेत्र में सिंगरौली जबलपुर ट्रेन की सौगात प्राप्त होने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रेस्क्यू सेंटर और जू एक साथ विकसित करने की योजना है, इसके अंतर्गत जबलपुर और उज्जैन में गतिविधियां आरंभ हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जहां अभयारण्य हैं वहां रेस्क्यू सेंटर की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य जीव पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिये पर्यटन, वन और संस्कृति विभाग समन्वित रूप से कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में चीतों के परिवार में वृद्धि की बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया मैं विलुप्त हो रही वन्य प्रजाति पुनर्जीवित हो रही है। प्रदेश में चीतों की संख्या 35 हो गई है। उन्होंने बताया कि जल्द ही और भी खुशखबरी मिलेगी। उन्होंने बताया कि इंदौर जू से भी व्हाइट टाइगर की संख्या में वृद्धि का शुभ समाचार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री  भूपेंद्र यादव से प्रदेश में वन्य जीवों के पुनर्स्थापना के संबंध में हुई चर्चा के परिणाम स्वरूप अब प्रदेश में जंगली भैंसा भी लाए जा रहे हैं। साथ ही बोत्सवाना से 8 चीते 28 फरवरी को प्रदेश में लाऐ जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि धान का समर्थन मूल्य 2369 रुपए रखा गया है, जो पिछली बार की एमएसपी से अधिक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 51 लाख 74 हजार मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ। प्रदेश में 8 लाख 59 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया, जिसमें से 7 लाख 89 हजार से अधिक किसानों ने स्पॉट बुकिंग कर धान उत्पादन में अपना योगदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा इस वर्ष प्रदेश में गेहूं की पर्याप्त पैदावार होने की संभावना है, राज्य सरकार के पास भंडारण की समुचित व्यवस्था है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंत्रीगण अपने-अपने क्षेत्र में वस्त्र उद्योग इकाई स्थापना की संभावनाओं को भी देखें तथा मूलभूत आवश्यकता वाले रोजगारपरक टेक्सटाइल यूनिटों की अपने-अपने क्षेत्रों में स्थापना के लिए प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत दिवस हुई उनकी हरिद्वार यात्रा के संबंध में भी जानकारी दी।  

बजट प्रस्तावों में सभी क्षेत्रों और वर्गों के विकास तथा कल्याण का रखा गया है ध्यान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल . मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों में सभी क्षेत्रों और वर्गों के विकास तथा कल्याण का ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बजट प्रस्तावों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बेहतर बताते हुए उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा के दृष्टिकोण तथा प्रस्ताव तैयार करने में विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा किए गए परिश्रम की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों का प्रेजेंटेशन दिया गया। मंत्रालय में हुई बैठक में उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय)  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव (वित्त)  मनीष रस्तोगी तथा वित्त विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्रि-परिषद के समक्ष भी आज ही बजट प्रस्तावों का प्रेजेंटेशन हुआ। मंत्रि-परिषद द्वारा अनुमोदित बजट 18 फरवरी को उप मुख्यंमत्री  देवड़ा द्वारा विधान सभा में प्रस्तुत किया जायेगा।  

शिवपुरी में हनीट्रैप का भंडाफोड़, पति-पत्नी की जोड़ी गिरफ्तार

 शिवपुरी.  देहात थाना क्षेत्र में बदरवास के गल्ला व्यवसायी को हनीट्रैप के जाल में फंसाकर उसे ब्लैकमेल करने और उससे पैसे ऐंठने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरोह में शामिल महिला का पति और उसके दोस्त पैसे वाला शिकार ढूंढते थे, जबकि महिला उनसे दोस्ती कर प्रेम संबंध स्थापित करने का प्रयास करती थी। जब शिकार जाल में फंस जाता तो महिला उसे मिलने के लिए अपने पास बुलाती थी। इसी दौरान उसका वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया जाता था। बदरवास रेलवे स्टेशन रोड निवासी गल्ला व्यवसायी 26 वर्षीय आदित्य जैन के पास गत 26 जनवरी को अंजली नाम की एक युवती का फोन आया और उसने मित्रता की पेशकश की। आदित्य उसकी बातों में आ गया और उससे बात करने लगा। इंदौर में वकील को हनीट्रैप में फंसाकर 10 लाख रुपये मांगे, पहले खुद को पीड़‍ित बता मोबाइल पर भेजे थे अश्लील फोटो 31 जनवरी को युवती ने मिलने की इच्छा जाहिर की और उसे बड़ौदी स्थित पानी की टंकी पर बुलाया। आदित्य किराए की कार लेकर चालक विनोद राठौर के साथ टंकी पर पहुंचा, जहां उसे युवती मिली, वह उसकी कार में बैठ गई और शहर भर में घुमाती रही। कुछ घंटे बाद युवती ने अपने साथियों को फोन लगाया और कार से चार लोग बड़े गांव के पास आ गए। चारों ने आदित्य के साथ मारपीट की। इसके बाद चारों उसे कार में बिठाकर बांकड़े हनुमान मंदिर की तरफ ले गए, जहां उसका वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करते हुए उससे एक लाख पांच हजार 640 रुपये फोन पे करवाए। आदित्य ने पुलिस से शिकायत की। इसके बाद हनीट्रैप गिरोह पकड़ा गया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह इससे पहले जिले के विभिन्न क्षेत्रों के कई लोगों को अपना शिकार बना चुकी है। बदरवास में बैठे गैंग लीडर ने च़िह्नित किया था शिकार पुलिस के अनुसार, ग्राम ऐनवारा बदरवास निवासी इस गैंग के लीडर चंद्रपाल सिंह धाकड़ ने आदित्य जैन के बारे में जानकारी जुटाई। उसका फोन नंबर हासिल किया और माधव नगर निवासी राजा ओझा और उसकी पत्नी कल्पना रजक उर्फ अंजली को उपलब्ध करवाया। कल्पना को पूरी प्लानिंग समझाई। आदित्य इसके बाद कल्पना उर्फ अंजली के जाल में फंस गया तो तीनों ने अपने दो अन्य साथी पवन रावत निवासी ढकरोरा खोरघार थाना सिरसौद व विकास रावत निवासी बड़ौदी शिवपुरी के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया।  

इंदौर मामला: कोचिंग सेंटर में छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप, गुस्साए परिजनों ने मैनेजर को पीटा

इंदौर. अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में कोचिंग सेंटर में छात्रा के साथ छेड़छाड़ की घटना से हंगामा हो गया। रहवासी और स्वजन ने आरोपित को कोचिंग में ही पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी। उसके खिलाफ पाक्सो एक्ट और छेड़छाड़ की धारा में केस दर्ज करवाया है। कोचिंग के डायरेक्टर को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। मैनेजर पर अश्लील हरकत का आरोप डीसीपी ऋषिकेश मीणा (कृष्ण लालचंदानी) के अनुसार घटना नरेंद्र तिवारी मार्ग स्थित केटेलाइजर कोचिंग सेंटर की है। क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति की दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी कोचिंग में आती है। उसका आरोप है कि सोमवार को वह कोचिंग में ही थी। उसी वक्त ब्रांच मैनेजर आदेश जोशी आया और छात्रा को लाबी में ले गया। उसने अश्लील हरकत करने की कोशिश की। छात्रा के बैग से परफ्यूम निकाल कर लगा लिया।  

सेफर इंटरनेट डे 2026 पर एआई और साइबर जोखिमों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

भोपाल. सेफर इंटरनेट डे-2026 के अवसर पर इस वर्ष की निर्धारित थीम “एआई और उभरते साइबर जोखिम” के तहत राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (एनआईसी) मध्यप्रदेश राज्य इकाई द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को इंटरनेट के सुरक्षित, जिम्मेदार और जागरूक उपयोग के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि तकनीकी शिक्षा निदेशालय के आयुक्त  अवधेश शर्मा उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी  कमलेश जोगी ने की। इस अवसर पर एनआईसी राज्य इकाई के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहभागिता की। साथ ही प्रदेश के सभी शासकीय एवं स्वायत्त इंजीनियरिंग तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों के शिक्षक एवं विद्यार्थी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने पर जोर दिया। वक्ताओं ने बताया कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग जहां विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है, वहीं इसके दुरुपयोग से साइबर अपराधों के नए स्वरूप सामने आ रहे हैं। एआई-सक्षम धोखाधड़ी, डीपफेक तकनीक, वॉयस क्लोनिंग, व्यक्तिगत संदेशों के माध्यम से ठगी और स्वचालित साइबर हमलों जैसे खतरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने साइबर स्वच्छता की सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए मजबूत पासवर्ड का उपयोग, संदिग्ध लिंक या संदेशों से सावधानी, सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचाव तथा नियमित रूप से डिजिटल उपकरणों के अपडेट रखने जैसे उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में नागरिकों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर बताया गया कि सेफर इंटरनेट डे प्रत्येक वर्ष फरवरी के दूसरे मंगलवार को विश्व के लगभग 160 देशों में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को इंटरनेट एवं डिजिटल तकनीक के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी जिलों में जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र के सहयोग से विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और कार्यालयों में जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं एवं आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार के प्रति प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में सुरक्षित डिजिटल वातावरण के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया तथा नागरिकों से साइबर अपराधों से बचाव के लिए सतर्क और जागरूक रहने की अपील की गई।  

नई दिल्ली में 17 फरवरी को होगी ‘एमपी की समीक्षा’, अमित शाह करेंगे समीक्षा सत्र

भोपाल  'केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 17 फरवरी को नई दिल्ली में सहकारिता सम्मेलन में समीक्षा करेंगे। इसमें राज्यों के सहकारिता विभागों के क्रियाकलापों की समीक्षा के साथ उनके नवाचारों पर भी चर्चा होगी।प्रदेश के सहकारिता विभाग ने भी इसकी तैयारी शुरू कर दी है।सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग भी इसमें शामिल होंगे। प्रजेंटेशन तैयार करने के निर्देश उन्होंने विभाग में किए गए नवाचार एवं उपलब्धियों से संबंधित प्रजेंटेशन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा चाही गई बिन्दुवार जानकारी तैयार की जाए।  दी हिदायत भी इस बात का रखा जाए खास ख्याल जानकारी पूर्णत: अद्यतन हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। मंत्री ने कहा कि प्रजेंटेशन में सहकारिता विभाग की उपलब्धियों के साथ सीपीपीपी मॉडल, चीता, बीज और नवाचारों का भी समावेश किया जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. शुक्ल की जयंती पर किया नमन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. शुक्ल की जयंती पर किया नमन मध्यप्रदेश विधानसभा भवन में की पुष्पांजलि अर्पित विधानसभा अध्यक्ष  तोमर ने भी किया स्मरण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर ने मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. राजेंद्र प्रसाद शुक्ल की जयंती पर विधानसभा परिसर में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। विधायक  रामेश्वर शर्मा, पूर्व मंत्री  पी.सी. शर्मा, पूर्व विधायक  सुदर्शन गुप्ता और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. शुक्ल के परिजन ने भी चित्र पर पुष्पांजलि की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 10 फरवरी 1930 को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जन्मे  राजेंद्र प्रसाद शुक्ल, वर्ष 1985 से 1990 तक मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रहे। उन्होंने छत्तीसगढ़ क्षेत्र में पदयात्राओं के माध्यम से जन जागरण का कार्य किया। लोकप्रिय जन नेता रहे  शुक्ल राज्य सरकार में विधि-विधायी एवं सामान्य प्रशासन मंत्री भी रहे। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के बाद, उन्होंने 14 दिसंबर 2000 से 19 दिसंबर 2003 तक छत्तीसगढ़ के प्रथम विधानसभा अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। स्व. राजेंद्र प्रसाद शुक्ल ने 'असंसदीय अभिव्यक्तियां' नामक पुस्तक की संकल्पना की, जो विधायी कामकाज पर एक महत्वपूर्ण संदर्भ है। उन्होंने संसदीय मामलों सहित कई पुस्तक लिखीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष रहे व्यक्तित्वों की जयंती और पुण्यतिथि पर मध्यप्रदेश विधानसभा भवन में उन्हें स्मरण करने की परंपरा स्थापित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष  तोमर की सराहना करते हुए उनका आभार माना।  

वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण में बड़ा कदम: एमपी की 1,178 संपत्तियां बाहर, 24,696 दावे खारिज

भोपाल  वक्फ संपत्तियों के रख-रखाव और उनके जनहित में उपयोग के लिए केंद्र सरकार की ओर से लाए गए वक्फ संशोधन कानून के परिणाम सामने आने लगे हैं। वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया के बीच सरकार ने अब तक 24,696 वक्फ दावे खारिज (अस्वीकार) कर दिए हैं। यानी इन दावों में शामिल संपत्तियों को फिलहाल वक्फ संपत्तियां नहीं माना गया है। अस्वीकार होने वाले मामलों में सबसे अधिक 4,802 दावे राजस्थान में हैं। तेलंगाना 4,458 खारिज मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। मध्यप्रदेश में 1,178 दावे निरस्त किए गए हैं। संशोधित कानून में वक्फ संपत्तियों के अनिवार्य पंजीकरण के प्रावधान को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद केंद्र ने जून में 'उम्मीद' पोर्टल शुरू कर वक्फ संपत्तियों का डिजिटल पंजीकरण अनिवार्य किया था। देश में 8,72,802 वक्फ अचल संपत्तियां दर्ज हैं। इनमें से 5,82,541 का विवरण अपलोड किया जा चुका है। 1. डीड या घोषणा का अभाव यदि किसी संपत्तियों को वक्फ घोषित करने का विधिवत दस्तावेज उपलब्ध नहीं है या रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। 2. राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज न होना राज्य के भू-राजस्व अभिलेख (खसरा, खतौनी, जमाबंदी आदि) में संपत्ति वक्फ के नाम दर्ज नहीं हो, या निजी/सरकारी भूमि के रूप में दर्ज हो  3. स्वामित्व विवाद यदि संपत्ति पर निजी व्यक्ति का दावा हो, कोर्ट में मामला लंबित हो, सरकारी भूमि के रूप में दर्ज होने पर 4. डुप्लीकेट या ओवरलैप एंट्री एक ही संपत्ति को दो बार दर्ज या सीमांकन स्पष्ट न होना 5. अधूरी जानकारी पोर्टल पर दस्तावेज अधूरे, नक्शा या सर्वे विवरण न हो, क्षेत्रफल में विसंगति क्यों जरूरी है यह प्रक्रिया? अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, वक्फ संपत्तियों का डिजिटलीकरण पारदर्शिता बढ़ाने, फर्जी दावों पर रोक लगाने और वक्फ संपतियों के बेहतर प्रबंधन के उद्देश्य से किया जा रहा है।

इंदौर में गंदे पानी से मौतें जारी, बच्ची और बुजुर्ग की जान गई; आंकड़ा 35 हुआ

इंदौर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी है। मंगलवार को बस्ती में दो लोगों की मौत हो गई। इनमें दो साल की बच्ची रिया भी शामिल है। इसके अलावा 75 वर्षीय शालिग्राम ठाकुर की भी जान चली गई। उन्हें सात दिन पहले उल्टी दस्त की शिकायत के चलते निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था।   परिजनों का कहना है कि उन्हें लकवे की शिकायत थी, अन्य कोई बीमारी नहीं थी। उधर दो वर्षीय रिया प्रजापति को भी दिसंबर में उल्टी दस्त की शिकायत के चलते भर्ती किया गया था। बाद में उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि बीमार होने के कारण रिया काफी कमजोर हो गई थी और उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। 15 दिन पहले रिया को चाचा नेहरू अस्पताल में एडमिट कराया गया था। उसे लीवर की शिकायत थी।  बच्ची ने इलाज के दौरान तोड़ा दम परिजनों के मुताबिक, बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर चाचा नेहरू अस्पताल में दाखिल किया गया था। वहां इलाज में फायदा नहीं होने पर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में दाखिल किया गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इधर, 75 वर्षीय शालिग्राम के परिजनों ने बताया कि दो जनवरी को उल्टी-दस्त के कारण शैल्बी अस्पताल में रेफर किया गया था। वहां से उन्हें बॉम्बे हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया। इसके बाद वह वेंटिलेटर पर ही थे। करीब 12 दिन पहले उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था। फिलहाल दोनों मौतों को मौत की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने डायरिया की वजह से नहीं की है। डॉक्टरों का कहना है कि दोनों को दूसरी बीमारियां भी थीं। बता दें कि अब तक 35 मौतें दूषित पानी के कारण हो चुकी हैं। कोर्ट ने अफसरों ने 16 लोगों की मौत डायरिया की वजह मानी है। आयोग ने जांच शुरू की इंदौर भागीरथपुरा में दूषित जल से 35 मौतें और सैकड़ों लोगों के बीमार होने के मामले में उच्च न्यायालय द्वारा गठित आयोग की जांच शुरू हो गई है। आयोग के समक्ष रहवासी या अन्य व्यक्ति शिकायत और आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। उच्च न्यायालय ने भागीरथपुरा क्षेत्र में पेयजल प्रदूषण तथा उससे जनस्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों पर पड़े प्रभाव की जांच के लिए न्यायमूर्ति सुशील कुमार गुप्ता पूर्व न्यायाधीश उच्च न्यायालय की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया है। आयोग द्वारा जल प्रदूषण के कारणों, प्रशासनिक लापरवाही, जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई, जनहानि, चिकित्सकीय प्रभाव तथा सुधारात्मक उपायों की जांच की जाएगी। आयोग ने इसे लेकर सार्वजनिक सूचना जारी की है। इसके तहत भागीरथपुरा एवं आसपास के क्षेत्रों के सभी प्रभावित नागरिक, परिजन, जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, अस्पताल, सामाजिक संगठन, ठेकेदार, शासकीय अधिकारी अथवा कोई भी व्यक्ति, जिनके पास प्रकरण से संबंधित जानकारी, दस्तावेज या साक्ष्य उपलब्ध हों, वह आयोग के सामने पेश कर सकता है। साथ ही पेयजल प्रदूषण से संबंधित शिकायतें या आवेदन, चिकित्सकीय अभिलेख, अस्पताल में भर्ती होने की पर्चियां, डिस्चार्ज समरी, मृत्यु प्रमाण पत्र, जल पाइप लाइन में रिसाव, सीवरेज मिश्रण या क्षति से संबंधित फोटो/वीडियो, जल आपूर्ति से संबंधित टेंडर दस्तावेज, कार्य आदेश, निरीक्षण रिपोर्ट या कोई अन्य सामग्री भी आयोग के कार्यालय स्कीम नंबर 140 आरसीएम 10, प्रथम मंजिल आनंद वन स्थित आयोग के कार्यालय में 28 फरवरी तक प्रस्तुत कर सकते हैं। बच्ची के लिवर में तकलीफ बताई गई थी 15 दिन पहले रिया को चाचा नेहरू अस्पताल में एडमिट किया गया था। यहां उसके लिवर में तकलीफ बताई गई थी। इसके बाद उसे सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल में एडमिट किया गया, जहां करीब 5 दिन बाद उसकी मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि दूषित पानी के कारण ही तबीयत बिगड़ी। उसका असर लिवर तक हुआ। गुइलेन बैरे सिंड्रोम से जूझ रही महिला 57 वर्षीय एक महिला गंभीर जीबीएस (गुइलेन बैरे सिंड्रोम) से जूझ रही हैं। हालांकि इस मरीज को जीबीएस होने का स्वास्थ्य विभाग खंडन कर चुका है, लेकिन परिजन का कहना है कि इसी बीमारी के कारण उन्हें HDU (High Dependency Unit) में एडमिट किया गया है। दरअसल, दूषित पानी के कारण इस महिला की हालत 28 दिसंबर को बिगड़ी थी। पहले उसे एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। इसके बाद 2 जनवरी को दूसरे बड़े हॉस्पिटल में रेफर किया गया। इस तरह करीब डेढ़ माह से इलाज चल रहा है। इस बीच हालत गंभीर होने पर 20 दिन से ज्यादा समय तक वह आईसीयू, वेंटिलेटर पर भी एडमिट रही। परिजन के मुताबिक, अभी ठीक होने में समय लगेगा। जीबीएस गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी जीबीएस एक दुर्लभ और गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपनी ही स्वस्थ तंत्रिकाओं पर हमला करने लगती है। इसका एक कारण गंदे पानी में पनपने वाला कैम्पीलोबैक्टर जेजुनी बैक्टीरिया भी है। बीमारी के तहत हाथ-पैरों में झुनझुनी और सुन्नपन होता है। यह गैस्ट्रोएंटेराइटिस (पेट का इंफेक्शन) देखने में आता है। इसमें मरीज को ठीक होने में समय लगता है। इसमें 70% मरीज स्वस्थ हो पाते हैं। इसमें मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। मरीज सांस तक नहीं ले पाता है और वेंटिलेटर पर भी रखना पड़ता है। ये क्या…12 किमी दूर जाकर करें शिकायत जिस भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई मौतों व बीमारी के मामले में जांच होनी है, उसका ऑफिस भागीरथपुरा से करीब 12 किलोमीटर दूर खोला गया है। प्रशासन द्वारा ऑफिस के लिए जगह उपलब्ध कराने की बात सामने आई है। पीडितों को शिकायत करने के लिए लंबी दूरी तय करनी होगी। भागीरथपुरा से स्कीम 140 तक का लंबा सफर चर्चा का विषय है। HC के आदेश पर बना आयोग कर रहा जांच मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच के लिए एक आयोग बनाया गया है। इस आयोग के अध्यक्ष एमपी हाईकोर्ट के रिटायर्ट जज सुशील कुमार गुप्ता हैं। आयोग किन पॉइंट्स पर जांच कर रहा?     पीने का पानी कैसे और क्यों प्रदूषित हुआ?     इसमें किस स्तर पर प्रशासन की लापरवाही हुई?     कौन-कौन लोग इसके जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकती है?     लोगों की सेहत पर इसका क्या असर पड़ा?     कितनी जनहानि हुई?     भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए क्या सुधार जरूरी हैं? इस मामले को लेकर आयोग ने सार्वजनिक सूचना भी … Read more

60 जवानों को समय से पहले प्रमोशन, मध्य प्रदेश के बालाघाट में बनेगा अमर जवान ज्योति

 बालाघाट मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को बालाघाट में आयोजित एक कार्यक्रम में नक्सली मुठभेड़ों में अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन करने वाले 60 जवानों को नियमों से हटकर पदोन्नति प्रदान की। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने राज्य की शांति और सुरक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वाले जवानों को अमर जवान ज्योति पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री यादव ने बालाघाट जिले में आईएसओ मानकों के अनुसार विकसित किए गए 32 थानों और अन्य सरकारी कार्यालयों का रिमोट से उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने जिले में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हॉक फोर्स और पुलिस कर्मियों के साथ दोपहर का भोजन भी किया। नक्सलियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि बालाघाट नाम में ही शक्ति निहित है। अपने दृढ़ संकल्प से इस जिले ने यह साबित कर दिया है कि नक्सलवाद जैसी हिमालयी चुनौती का भी अंत किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया गया। मध्य प्रदेश पुलिस ने प्रभावी अभियान चलाकर नक्सलियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया और राज्य में लाल सलाम को अंतिम विदाई दी। मध्य प्रदेश अब नक्सलवाद से मुक्त मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि नक्सलवाद को खत्म करने में हॉक फोर्स के बहादुर जवानों की भूमिका वाकई सराहनीय है। बालाघाट कभी नक्सलियों के खून-खराबे का अड्डा हुआ करता था, लेकिन सुरक्षा बलों की बहादुरी, पुलिस के दृढ़ संकल्प और जनता के भरोसे ने मिलकर इस क्षेत्र को नक्सली आतंक की जंजीरों से मुक्त कराया। राज्य सरकार अमर जवान ज्योति के जरिए शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रही है। हम गर्व से कह सकते हैं कि मध्य प्रदेश अब नक्सलवाद से मुक्त है। नक्सल प्रभावित 250 विद्यालयों का जीर्णोद्धार उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था कर रही है कि नक्सलियों को दोबारा पैर जमाने का मौका कभी न मिले। बालाघाट जिले में नक्सल प्रभावित 250 विद्यालयों का जीर्णोद्धार किया गया है। स्थानीय नागरिकों के लिए एकल-खिड़की सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जबकि आदिवासी समुदायों को वन अधिकार प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए शिविरों का आयोजन किया गया है। बालाघाट में अमर जवान ज्योति बनेगा मुख्यमंत्री ने इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष घोषित करते हुए महाकौशल क्षेत्र के बालाघाट में कृषि मंत्रिमंडल की बैठक की घोषणा की। बालाघाट में अमर जवान ज्योति नक्सल मुक्त अभियान की स्मृति के रूप में स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता के लिए पुलिसकर्मियों को बधाई दी।