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केंद्रीय बजट की ब्रांडिंग में भाजपा आगे, 15 दिन तक गांवों में संवाद कार्यक्रम

भोपाल   केंद्रीय आम बजट को जन-जन तक पहुंचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी, मध्य प्रदेश ने बड़ी रणनीति तैयार की है। इसके लिए 15 फरवरी तक मंडल से लेकर महानगरों तक बजट की खूबियों की जमकर ब्रांडिंग की जाएगी। बुद्धिजिवियों, जानकारों और जन सामान्य के बीच संवाद-चर्चा आयोजित की जाएगी।  पार्टी नेतृत्व का मानना है कि बजट में शामिल जनकल्याणकारी प्रावधानों की सही और स्पष्ट जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचना जरूरी है। इसी उद्देश्य से संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।  प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सभी जिलों में विशेष समितियों के गठन के निर्देश दिए हैं। ये समितियां न केवल केंद्रीय बजट बल्कि उसके बाद आने वाले प्रदेश सरकार के बजट के प्रचार की जिम्मेदारी भी संभालेंगी।  जिलों में गठित होंगी विशेष समितियां निर्देशों के अनुसार प्रत्येक जिले में एक संयोजक और पांच सदस्यों वाली समिति बनाई जाएगी। समिति में आईटी विभाग और सोशल मीडिया टीम के एक-एक प्रतिनिधि को शामिल किया जाएगा, ताकि डिजिटल माध्यमों से भी प्रभावी प्रचार किया जा सके। प्रदेश और जिला स्तर पर समितियों की संरचना एक जैसी रखी जाएगी। प्रदेश स्तर की समिति बजट से जुड़ी पूरी तथ्यात्मक जानकारी संकलित करेगी। इसमें केंद्रीय संगठन से प्राप्त बिंदुओं के साथ-साथ मध्यप्रदेश से जुड़े बजट प्रावधानों को भी विशेष रूप से शामिल किया जाएगा। यह सामग्री जिला अध्यक्षों के माध्यम से जिला समितियों तक पहुंचाई जाएगी, ताकि स्थानीय स्तर पर सुनियोजित ढंग से प्रचार किया जा सके। ग्राम पंचायत तक पहुंचेगी बजट की जानकारी भाजपा का उद्देश्य है कि इस बार बजट की जानकारी केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहे, बल्कि ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचे। खास तौर पर युवाओं के बीच यह संदेश दिया जाएगा कि बजट आम जनता के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। बजट के बाद होंगी कार्यशालाएं केंद्रीय बजट पेश होने के तुरंत बाद प्रदेश और जिला स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें पार्टी कार्यकर्ताओं, जिला एवं मंडल पदाधिकारियों को बजट के प्रमुख बिंदुओं की विस्तार से जानकारी दी जाएगी। साथ ही यह भी समझाया जाएगा कि जनता से संवाद करते समय किन विषयों को प्राथमिकता दी जाए। फरवरी माह के पहले पंद्रह दिनों में अधिक से अधिक लोगों तक बजट की जानकारी पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि संगठित और योजनाबद्ध प्रयासों से बजट का संदेश हर वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।  

MP बोर्ड परीक्षा में आंसर शीट रहेगी निगरानी में, 10वीं और 12वीं के छात्र रहें सतर्क

भोपाल  मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 10 फरवरी से प्रारंभ होने जा रही हैं। इस बार बोर्ड परीक्षा को पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए मंडल ने परीक्षा व्यवस्था में कई अहम बदलाव किए हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण बदलाव सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रेक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। पिछले साल सिर्फ संवदेनशील व अति संवदेशील केंद्रों पर ही प्रेक्षकों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन इस बार मंडल सभी केंद्रों पर प्रेक्षकों की तैनाती होगी। माशिमं द्वारा इस बार प्रेक्षक के रूप में सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं प्राचार्यों की नियुक्ति की जा रही है। इस बार प्रेक्षक केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर उनकी कड़ी नजर रहेगी। कलेक्टर की ओर से प्रेक्षक इन केंद्रों पर तैनात किया जाएगा। इनकी ड्यूटी प्रश्नपत्र खुलने के आधे घंटे पहले केंद्रों पर पहुंचना होगा और परीक्षा खत्म होने के बाद प्रश्नपत्र का बंडल समवन्वयक केंद्र पहुंचाने तक की ड्यूटी रहेगी। इनकी निगरानी भी मंडल की ओर से एप के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्रों पर उड़नदस्तों की विशेष टीम गठित की गई है। इन केंद्रों पर विशेष निगरानी मंडल की ओर से की जाएगी। प्रदेश में करीब 700 और भोपाल जिले में 16 संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्र चिह्नित किए गए हैं। बता दें, कि मंडल की ओर से करीब 25 हजार अधिकारी व कर्मचारी तैनात किए गए हैं। पूरी प्रक्रिया प्रेक्षकों की निगरानी में होगी कलेक्टर द्वारा प्रेक्षक की नियुक्ति की जाएगी। इसमें पांच साल पहले सेवानिवृत्त प्रथम या द्वितीय श्रेणी के अधिकारी या प्राचार्य शामिल होंगे।इन्हें एक दिनदके लिए 700 रुपये का मानयदेय दिया जाएगा। इन्हें परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा। प्रश्नपत्र एवं उत्तरपुस्तिकाओं के बंडल खुलवाने, उनका सुरक्षित वितरण, परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखने और परीक्षा समाप्ति के बाद उत्तरपुस्तिकाओं को एकत्र कर जमा कराने तक की संपूर्ण प्रक्रिया प्रेक्षक की निगरानी में होगी। परीक्षा समाप्त होने के बाद भी प्रेक्षक तब तक केंद्र पर मौजूद रहेंगे, जब तक सभी उत्तरपुस्तिकाएं विधिवत रूप से जमा नहीं हो जातीं। परीक्षा केंद्रों पर कोई भी घटनाक्रम होने पर इन्हें पुलिस कंट्रोल रूम, संभागीय मंडल कार्यालय में सूचना देनी होगी। सावधानी से ओएमआर शीट भरने के निर्देश इस बार विद्यार्थियों के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विद्यार्थियों को उत्तरपुस्तिका के ऊपर सबसे पहले पेज पर ओएमआर शीट अत्यंत सावधानी से भरने के लिए कहा गया है। रोल नंबर, विषय कोड, नाम सहित सभी प्रविष्टियां सही ढंग से भरना अनिवार्य होगा। ओएमआर शीट में किसी भी प्रकार की गलती से परीक्षा परिणाम प्रभावित हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं परीक्षार्थी की होगी। 25 हजार कर्मचारियों की तैनाती होगी     बोर्ड परीक्षा की पूरी तैयारी कर ली गई है। तकनीक की मदद से पारदर्शी व निष्पक्ष परीक्षा कराने का प्रयास रहेगा। इसके अलावा करीब 25 हजार कर्मचारियों की तैनाती होगी। इसके लिए जिला स्तर पर भी निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। सभी को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। – बुद्धेश कुमार वैद्य, सचिव, माशिमं  

MP सरकार का स्वास्थ्य कदम: तंबाकू और सिगरेट की लत छुड़ाने फ्री च्युइंग गम

शहडोल  शहडोल जिले के तीन अस्पतालों में उन लोगों के लिए एक नई सुविधा चालू की गई है, जो तंबाकू-गुटका और सिगरेट जैसे नशे को छोड़ना चाहते है। जिला अस्पताल सहित सिविल अस्पताल ब्यौहारी और जयसिंहनगर में एनआरटी च्युइंग गम (निकोटीन रिप्लेसमेंट थैरेपी) का मरीजों को निश्शुल्क वितरण किया जा रहा है। प्रदेश स्तर से स्वास्थ्य विभाग ने शहडोल सहित प्रदेश के अन्य जिलों के आधा सैकड़ा अस्पतालों में यह सुविधा चालू की है, जिसमें सभी जिला और सिविल अस्पताल शामिल हैं। इस कार्य के लिए ओपीडी में अलग से डॉक्टर, नर्सिंग ऑफिसर व अन्य अमले की तैनाती की गई है, जो व्यक्ति तंबाकू-गुटका, सिगरेट छोड़ना चाहता है, इन सरकारी अस्पतालों में जाकर च्युइंग गम प्राप्त कर सकता है। यहां च्युइंग गम देने के साथ डॉक्टरों द्वारा कांउसलिंग भी की जा रही है, ताकि नशे की लत से लोगों को छुटकारा दिलाया जा सके। हालांकि योजना के प्रचार-प्रसार के अभाव में अभी लोग कम संख्या में अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। नशे से मिल रहा छुटकारा तीनों अस्पतालों में अब 200 से ज्यादा लोग च्युइंग गम ले चुके हैं और नियमित ले भी रहे हैं। अब तीन हजार च्युइंग गम का वितरण किया जा चुका है। इनमें से अधिकांश का कहना है कि च्युइंग गम का इस्तेमाल शुरू करने के बाद तंबाकू की लत से वे दूर हो रहे हैं। कई लोगों ने यह बताया कि शुरू में दो-चार दिन थोड़ा अजीब लगता है, लेकिन डॉक्टरों से लगातार संपर्क रहते हुए च्युइंग गम चबा रहे है, जिससे नशे से छुटकारा मिल रहा है। जब भी तंबाकू, गुटका और सिगरेट लेने की इच्छा होती है, तो उसके स्थान पर च्युइंग गम ले रहे हैं। इस्तेमाल से नशे से मिलेगा छुटकारा आरएमओ जिला अस्पताल डॉ. पुनीत श्रीवास्तव ने बताया कि तंबाकू में निकोटीन पदार्थ होता है जो बहुत अधिक एडिक्ट है। निकोटीन पोलेक्रीलेक्स च्यूइंगगम निकोटीन रिप्लेसमेंट थैरेपी (एनआरटी) का एक रूप है। इसमें निकोटीन होता है, लेकिन तंबाकू के अन्य टाक्सिक कैमिकल जैसे टार और कार्बन मोनोक्साइड नहीं होते हैं। इसका इस्तेमाल धूम्रपान छोड़ने और धूम्रपान छोड़ने पर होने वाली परेशानियों जैसे असुविधाजनक विथड्रावल इफेक्ट और क्रेविंग को कम करने में मदद करने के लिए किया जाता है। यह दवा कई वर्षों से लोगों को धूम्रपान छोड़ने में मदद कर रही है और अगर काउंसलिंग जैसी अन्य सहायता ली जाए तो यह और अधिक प्रभावी है। इसे इलाज के रूप में अनेक सप्ताह तक लिया जा सकता है। जिला अस्पताल में काउंसलिंग के साथ दवा निश्शुल्क दी जा रही है। सरकार ने नशा मुक्ति के लिए शुरू किया प्रयोग     शहडोल जिला अस्पताल सहित दोनों सिविल अस्पताल में एनआरटी च्युइंग गम निश्शुल्क दी जा रही है। तंबाकू जैसे नशा को छोड़ने में यह च्युइंग गम कारगर साबित होगी। इसका सेवन कुछ दिन तक नियमित करने से फायदा मिलेगा। सरकार ने नशा मुक्ति के लिए यह प्रयोग पूरे प्रदेश में शुरू किया है। – डॉ. राजेश मिश्रा सीएमएचओ शहडोल।  

5 बड़े नियम बदल रहे हैं 1 फरवरी से, देखें कौन-सा नियम आम लोगों को प्रभावित करेगा

भोपाल फरवरी 2026 की शुरुआत आम लोगों के लिए बड़े बदलावों की सौगात लेकर आ रही है। आम बजट 2026 के साथ शुरू हो रहे इस महीने में रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जुड़े कई अहम नियम बदलने जा रहे हैं। LPG सिलेंडर, FASTag, तंबाकू उत्पाद, बैंक छुट्टियां और ईंधन के दाम हर तरफ असर ही असर। आइए जानते हैं 1 फरवरी 2026 से लागू होने वाले 5 बड़े बदलाव, जो आपकी जेब और सुविधा दोनों को प्रभावित करेंगे। 1. तंबाकू पर टैक्स का तगड़ा झटका पान मसाला और सिगरेट पीने वालों के लिए फरवरी की शुरुआत झटका साबित हो सकती है। सरकार ने GST क्षतिपूर्ति उपकर हटाकर नया उत्पाद शुल्क और उपकर लागू कर दिया है। अब GST के अलावा स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर भी लगेगा। असर जनवरी से ही दिखने लगा है.. सिगरेट: ₹2 प्रति स्टिक महंगी पान मसाला: ₹1 तक बढ़ोतरी 2. FASTag यूजर्स को बड़ी राहत FASTag लेने की प्रक्रिया अब और आसान होने वाली है। NHAI ने कार, जीप और वैन के लिए FASTag KYC वेरिफिकेशन की अनिवार्यता खत्म करने का फैसला लिया है, जो 1 फरवरी 2026 से लागू होगा। मतलब: नया FASTag लेना अब झंझट-मुक्त। 3. फरवरी में ज्यादा बैंक छुट्टियां फरवरी की शुरुआत ही बैंक हॉलिडे से होगी। RBI की लिस्ट के मुताबिक, साप्ताहिक अवकाश और छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती समेत इस महीने करीब 10 दिन बैंक बंद रहेंगे। ज़रूरी बैंकिंग काम पहले निपटा लें। 4. LPG सिलेंडर के नए दाम हर महीने की तरह 1 फरवरी को LPG सिलेंडर की नई कीमतें जारी होंगी। 14 किलो घरेलू सिलेंडर पर सबकी नजर जनवरी में 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर ₹14.50 सस्ता हुआ था.  उम्मीद है फरवरी में घरेलू गैस की कीमतों में भी बदलाव हो सकता है। 5. CNG, PNG और ATF के रेट में बदलाव LPG के साथ-साथ CNG, PNG और ATF (एयर टर्बाइन फ्यूल) के नए रेट भी जारी होंगे।ATF सस्ता या महंगा होने का सीधा असर हवाई टिकटों पर पड़ेगा। जनवरी में ATF करीब 7% सस्ता हुआ था, फरवरी में भी उतार-चढ़ाव संभव है। फरवरी 2026 सिर्फ तारीख नहीं, बल्कि नियमों का टर्निंग पॉइंट है। कहीं राहत, कहीं महंगाई—इन बदलावों से हर घर प्रभावित होगा।

OBC आरक्षण विवाद: MP में आंदोलन की संभावना, सरकार सुप्रीम कोर्ट में पिछड़ी

भोपाल   एमपी में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई फिर टल गई। अब 4 फरवरी को सुनवाई होना संभावित है। इसके बाद अब ओबीसी महासभा (OBC Mahasabha) वापस आंदोलन की राह पर चलने की तैयारी कर रही है। इसके लिए बैठक भी की गई, जिसमें बार-बार सुनवाई टलने को लेकर चिंता जाहिर की गई। साथ ही आगे की आंदोलन की रणनीति को लेकर चर्चा हुई। दरअसल, दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में गुरुवार को सुनवाई थी, लेकिन यह टल गई। ओबीसी महासभा ने कहा कि अब केवल अदालत की तारीखों का इंतजार नहीं होगा। जल्द कोई फैसला नहीं आता है तो आंदोलन होगा। (MP News) सरकार ने दी सफाई गुरुवार को ओबीसी मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट में सरकार की ओर से एएसजी केएम नटराज, स्टैंडिंग काउंसिल मृणाल अलंकार और रूपराह तथा एएजी धीरेंद्र परमार उपस्थित होकर तथ्य रखे थे। शासन ने स्पष्ट किया कि कोर्ट के द्वारा कही गई बात ओबीसी महासभा के बारे में की गई है। सरकार ने अपना पक्ष रखा है। सरकार ने नहीं रखा ठोस पक्ष महासभा याचिकाकर्ता व ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य लोकेंद्र गुर्जर ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस और प्रभावी पक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे लंबे समय से लागू 13% होल्ड हटाने की दिशा में कोई निर्णय नहीं हो सका। लगातार देरी से ओबीसी समाज में आक्रोश है। इसे केवल न्यायिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों के साथ अन्याय के रूप में देखा जा रहा है। गुर्जर ने कहा, अब आंदोलन अनिवार्य हो गया है। महासभा की बैठक के बाद जल्द ही आंदोलन की तारीख की घोषणा होगी।

बायपास विस्तार से जुड़ी बड़ी खबर, अयोध्या में 208 दुकानें हटेंगी, सड़क होगी 10 लेन चौड़ी

भोपाल   भोपाल के अयोध्या बायपास के लिए रत्नागिरी तिराहे से काम तेज किया जा रहा है। 10 लेन तक चौड़ाई बढ़ाने रत्नागिरी तिराहे पर 208 दुकानों को हटाया(demolished) जाएगा। एसडीएम ने दुकानदारों को नोटिस जारी किया है। दुकानदार इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर से शिकायत भी की है। दुकानदारों का कहना है कि वे 30 साल से यहां है और ऐसे उन्हें हटा देना ठीक नहीं है। दुकानदारों ने कलेक्टर को उन्हीं की दुकान के पीछे बंद पड़ी एक फैक्ट्री में जगह देकर विस्थापित करने की मांग की। करोंद चौराहा पर बनेगा ब्रिज प्रोजेक्ट के तहत करौंद चौराहा पर ओवरब्रिज का काम शुरू कर दिया है। इससे चौराहा पर जाम की समस्या दूर होगी। स्थानीय ट्रैफिक नीचे रोड से गुजरेगा, जबकि आगे बायपास की ओर जाने वाला ट्रैफिक सीधे ब्रिज से गुजरेगा। मेट्रो से जुड़ जाएगा बायपास रत्नागिरी तिराहा तक मेट्रो व बायपास(Ayodhya Bypass Widening) दोनों के लिए काम किया जा रहा है। भदभदा से रत्नागिरी तिराहा तक की ब्लू लाइन रत्नागिरी पर ही खत्म होगी। भोपाल में अंडरग्राउंड लाइन की उठी मांग मेट्रो रेल की एलीवेटेड लाइन को अंडरग्राउंड करने उत्तर विधानसभा के कांग्रेसी विधायक आतिफ अकील ने शासन समेत सांसद आलोक शर्मा को पत्र लिखकर सिंधी कॉलोनी से डीआइजी बंगला तक लाइन को अंडरग्राउंड करने की मांग की। अब मेट्रो रेल कॉरपोरेशन इन मांगों से उलझन में आ रहा है। ज्ञात हो कि इंदौर में भी एलीवेटेड का अंडरग्राउंड की मांग उठी थी और बीते माह प्रोजेक्ट का एक हिस्सा अंडरग्राउंड करने पर सहमति बनी। 3.34 किमी अंडरग्राउंड लाइन प्रस्तावितः मेट्रो प्रोजेक्ट की ओरेंज लाइन में पुल बोगदा के बाद एशबाग से सिंधी कॉलोनी तक 3.34 किमी की अंडरग्राउंड लाइन तय है। 1100 करोड़ में इसका काम दिया गया है। अभी भोपाल रेलवे स्टेशन के सामने अंडरग्राउंड स्टेशन का काम चल रहा है। इसके साथ सिंधी कॉलोनी व पुल बोगदा के पास काम शुरू हुआ है।

MP मौसम अपडेट: 40 से ज्यादा जिलों में तीन दिन तक बारिश की चेतावनी

भोपाल   आधे से ज्यादा मध्य प्रदेश कोहरे के आगोश में है और मौसम लगातार बदलता दिख रहा है। दो दिन से अचानक बढ़ी ठंड और अब बारिश के आसार…। दरअसल मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में एक बार फिर से बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। शनिवार 31 जनवरी से मध्य प्रदेश में एक स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो रहा है, जिसके कारण एमपी के कई जिलों में लगातार तीन दिन तक पानी गिरने की संभावना जताई गई है।  एमपी में क्यों बदला मौसम मौसम विभाग (IMD Alert) का कहना है, पिछले एक पखवाड़े से मौसम की चाल में बदलाव हो रहा है। लगातार आ रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह स्थिति बन रही है, जिससे हवा का रूख बार-बार बदल रहा है और कभी मौसम सर्द तो कभी गर्म हो रहा है। हाल ही में एक पश्चिमी विक्षोभ गुजरा है और उत्तर भारत में हुई बर्फबारी के बाद बर्फीली हवाओं ने प्रदेश में एंट्री मारी है। जिसके असर से यहां मौसम एक बार फिर सर्द हो गया है।  वेस्टर्न डिस्टर्बैंस लेकर आया बारिश का दौर मौसम विभाग के मुताबिक, वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से प्रदेश में एक बार फिर से बारिश का दौर लौटने को है। 31 जनवरी और 1 से 2 फरवरी को पानी गिरने की संभावना है। इससे पहले कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। आज शुक्रवार 30 जनवरी को प्रदेश के करीब आधे हिस्से में घना कोहरा छाया रहेगा। वहीं सुबह भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, चंबल, शहडोल, सागर और रीवा संभाग के 24 जिलों में कहीं हल्का तो कहीं मध्यम कोहरा छाया हुआ है। 3 दिन लगातार बारिश का अलर्ट अब मौसम विभाग ने एमपी के ग्वालियर, शहडोल, रीवा, सागर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, राजगढ़, निवाड़ी, श्योपुर, दतिया, भिंड, मुरैना, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, सीधी, सिंगरौली, मैहर, रीवा, मऊगंज, कटनी में कोहरा बने रहने और अगले तीन दिन बारिश गिरने की संभावना जताई है। 31 जनवरी को इन जिलों में गिरेगा पानी कल शनिवार 31 जनवरी को ग्वालियर, विदिशा, छतरपुर, टीकमगढ़, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, निवाड़ी, दतिया, शिवपुरी, श्योपुर, गुना और सागर में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 1 फरवरी को यहां बारिश के आसार वहीं 1 फरवरी को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल, ग्वालियर, गुना, विदिशा, सतना, सागर, सीहोर, रीवा, रायसेन, राजगढ़, श्योपुर, शाजापुर, शिवपुरी, अशोकनगर, आगर मालवा, मंदसौर, मुरैना, भिंड, छतरपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, दतिया, पन्ना और नीमच में बारिश होने के आसार है। 2 फरवरी को इन जिलों में होगी बरसात मौसम विभाग ने 2 फरवरी को भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, विदिशा, शिवपुरी, श्योपुर, शाजापुर, शहडोल, सिंगरौली, सीधी, सतना, सीहोर, सागर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, निवाड़ी, रायसेन, राजगढ़, रीवा, मऊगंज, मैहर, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, गुना, बड़वानी, बुरहानपुर, देवास, दतिया, दमोह, खरगोन, खंडवा, हरदा, धार, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, कटनी और उमरिया में बारिश का अलर्ट जारी किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वानिकी सम्मेलन एवं आई.एफ.एस. मीट का किया शुभारंभ

वन विभाग की गतिविधियों का विस्तार जल, थल और नभ सभी ओर है मुख्यमंत्री ने प्रदेश के वनों की सुरक्षा और बेहतरी में योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड-2026 प्रदान किया पूर्व पीसीसीएफ डॉ. गंगोपाध्याय को प्रदत्त पुरस्कार उनकी धर्मपत्नी श्रीमती गौरी गंगोपाध्याय ने किया प्राप्त   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के वन विभाग की गतिविधियों और प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की पुनर्स्थापना वन विभाग की दक्षता से ही संभव हो पाया है। चंबल में घड़ियाल और नर्मदा जी में मगरमच्छ स्वछंद विचरण के लिये छोड़ने का अनुभव अद्भुत रहा। वन वन्य जीव और क्षेत्रीय रहवासियों के बीच सह अस्तित्व की भावना का विकास वन विभाग की सेवाओं से ही संभव हो पाया। राज्य सरकार असम से वन्य जीवों को लाने के लिए प्रयास कर रही है। वन्य जीवों के संरक्षण में प्रदेश की जल संरचनाओं की भी बड़ी भूमिका है। वन विभाग की गतिविधियों का विस्तार नभ, थल, जल सभी ओर है। आईएफएस मीट प्रोफेशनल संवाद के साथ ही पारिवारिक आतमीयता और सहयोगी संबंधों को मजबूत करने का भी अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में वानिकी सम्मेलन एवं आई.एफ.एस. मीट-2026 के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग के आई.एफ.एस. थीम सॉन्ग तथा उसके वीडियो प्रसारण का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्ति अधिकारी और प्रदेश के पूर्व पीसीसीएफ श्रद्धेय डॉ. पी.बी. गंगोपाध्याय को प्रदेश के वनों की सुरक्षा और बेहतरी में उनके योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड-2026 प्रदान किया। यह अवार्ड डॉ. गंगोपाध्याय की पत्नी श्रीमती गौरी गंगोपाध्याय ने प्राप्त किया। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप सिंह अहिरवार, अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल एवं वन अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में आईएएस, आईपीएस एवं अब आईएफएस मीट का आयोजन एक सराहनीय प्रयास है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से विभाग के वर्तमान अधिकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों से बहुत कुछ सीखते हैं। भारतीय संस्कृति में वनों के साथ हमारा विशेष संबंध है। सनातन संस्कृति के 4 आश्रमों की व्यवस्था में गृहस्थ के बाद हम वानप्रस्थ आश्रम में वनों की महत्ता को समझते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे वन अधिकारी-कर्मचारी जंगलों के आसपास रहने वाले ग्रामीण परिवारों के लिए एक प्रकार से सहयोगी और मार्गदर्शन के रूप में भी काम करते हैं। वन विभाग के अधिकारी वनग्रामों के लिए सभी जरूरी सुविधाओं का ध्यान रखते हैं। प्रदेश में वन्य जीवों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय अभयारण्य के कोर एरिया और बफर जोन के बीच तार फेंसिंग की शुरुआत सराहनीय है। इससे वन्य जीवों के साथ रहवासियों को भी सुरक्षित वातावरण मिलेगा। प्रदेश सरकार वन विभाग के अधिकारियों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री वी.एन. अंबाडे ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शुरू की गई अविरल नर्मदा योजना के अंतर्गत नर्मदा बेसिन में 5000 हैक्टेयर से अधिक क्षेत्र में नदी पुनर्भरण एवं पौध-रोपण के कार्य किए जा रहे हैं। पिछला वर्ष मध्यप्रदेश वन विभाग के लिए सामुदायिक सहभागिता की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। विभाग द्वारा प्रति वर्ष 5 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया जाता है। रातापानी अभयारण्य को डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम पर टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है। आने वाले वर्षों में वन संरक्षण एवं पौधारोपण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड श्री जगदीश अहिरवार के प्रयास को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में सराहा है। उन्होंने 125 दुर्लभ वन औषधियों का संकलन करने का कार्य किया है। पर्यावरण संरक्षण को समाज के प्रयासों के साथ भी जोड़ा जा रहा है। मध्यप्रदेश के वन हमारी राष्ट्रीय धरोहर है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ भारतीय वन सेवा के अधिकारियों का समूह चित्र भी लिया गया।

मुख्यमंत्री, म.प्र. संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के राज्य स्तरीय सम्मेलन में हुए शामिल

संविदाकर्मियों के श्रम और विश्वास के आधार पर ही जनकल्याणकारी योजनाएं उतार रही हैं धरातल पर संविदाकर्मी राज्य सरकार का कार्यबल ही नहीं, हमारा आत्मबल भी हैं   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संविदाकर्मियों के श्रम और विश्वास पर ही राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में सफल हो रही है। संविदाकर्मियों की भूमिका हनुमान जी के समान है। आपके श्रम और साझेदारी ने ही शासन-प्रशासन की व्यवस्था बनाई रखी है। संविदाकर्मी अनुबंध से अवश्य आते हैं, किन्तु व्यवस्थाओं के प्रबंधन में विराट भूमिका निभाते हैं। स्वास्थ्य सेवाएं हों या शिक्षा, पंचायत, नगरीय निकाय या तकनीकी सेवाएं मैदानी स्तर पर सर्वे, मॉनीटरिंग और क्रियान्वयन में संविदा भाई-बहन हर जगह व्यवस्था के भरोसेमंद स्तंभ बनकर खड़े हैं। संविदाकर्मियों ने जिस निष्ठा से काम किया है, उसने यह सिद्ध कर दिया कि सेवा पद से बड़ी है। संविदाकर्मी राज्य सरकार का कार्यबल ही नहीं, हमारा आत्मबल भी हैं। भारतीय मजदूर संघ के 'देश के हित में करेंगे काम' के वाक्य को हमारे साथी चरितार्थ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को टीटी नगर दशहरा मैदान में भारतीय मजदूर संघ द्वारा आयोजित मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के 'संविदा कर्मचारी-अधिकारी सम्मेलन' को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा भारत माता और श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यक्रम स्थल आगमन पर पुष्प वर्षा कर और बड़ी माला पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी सरकार संविदा कर्मियों के अधिकारों के लिए सदैव सकारात्मक भाव के साथ खड़ी है। राज्य सरकार द्वारा संविदा कर्मियों के सेवा सुधार, पारिश्रमिक सुधार, कार्य परिस्थिति और भविष्य के सुधारों पर पहले भी सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं, भविष्य में भी उनका पूरा ध्यान रखा जाएगा। हमारी सरकार संविदा कर्मियों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सभी मुद्दों का समाधान निकालेगी। संविदा कर्मचारियों के लिए जो भी निर्णय हो सकते हैं, उससे अधिक करने का प्रयास करेंगे। नियम, न्याय और वित्तीय संतुलन के दायरे में रहते हुए संविदाकर्मियों की कठिनाइयों का हल निकाला जाएगा। मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच, वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के साथ समन्वय करते हुए सभी कठिनाइयों का समाधान इस प्रकार किया जाएगा, जिससे संविदाकर्मियों का सम्मान और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हों। संविदाकर्मियों की उचित मांगों पर राज्य सरकार संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ उनका सहयोग करेगी। संविदाकर्मियों की मांगों पर रखा जायेगा पूरा ध्यान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव     10 वर्ष से अधिक अनुभवी संविदाकर्मियों को नियमित पदों पर संविलियन की अभी तक 50 प्रतिशत पदों के लिए प्रक्रिया जारी है, इस दिशा में आगे और काम किया जाएगा।     सामान्य प्रशासन विभाग संविदा नीति-2023 के अंतर्गत सभी कंडिकाओं का केंद्र और राज्य पोषित परियोजनाओं में अक्षरश: क्रियान्वयन किया जाएगा। राज्य शासन के निगम मंडल इसे लागू करेंगे।     संविदा नीति-2023 के अंतर्गत सभी विभागों में संविदा कर्मियों के लिए एनपीएस, ग्रेज्युटी, स्वास्थ्य बीमा लाभ, अनुकंपा नियुक्ति के लिए केंद्र पोषित-राज्य पोषित समस्त योजनाओं-परियोजनाओं में एक साथ क्रियान्वयन तथा संविदा कर्मियों के लिए प्रावधान सीसीए रूल 1965, 1966 को पूर्णत: लागू करने के संबंध में नीतिगत निर्णय कराया जाएगा।     विभिन्न विभागों, योजना, परियोजना में पदस्थ संविदा कर्मचारियों की विसंगतिपूर्ण समकक्षता के निर्धारण के लिए अभ्यावेदनों का निराकरण, संविदा के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा समय-सीमा में किया जाएगा।     कृषि विभाग की आत्मा योजना, जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी, जिला विकलांग पुनर्वास केन्द्रों में संविदा नीति-2023 के तहत समकक्षता का निर्धारण किया जाएगा। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का श्री कुलदीप सिंह गुर्जर, श्री दिनेश सिंह तोमर, श्री गोविंद श्रीवास्तव, श्री दुर्गेश तिवारी तथा संयुक्त संघर्ष मंच के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया। श्री दिनेश तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच में प्रदेश के 34 विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कर्मचारी हित में निरंतर कार्य कर रही है। भारतीय मजदूर संघ ने प्रदेश के संविदा कर्मचारियों की मांगों को समझा है। प्रदेश महामंत्री श्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने भी संबोधित किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में प्रदेशभर से पधारे संविदा अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।  

ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन विन्ध्य की विकास रेखा है: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

रेलवे परियोजना का कार्य 2028 तक पूर्ण करने के दिए निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के नवीन सर्किट हाउस सभागार में आयोजित बैठक में ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन विन्ध्य की विकास रेखा है। सीधी-सिंगरौली हाईवे और रेलवे परियोजना का कार्य पूरा होने से नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का विकास होगा। सिंगरौली तक रेलवे लाइन के जुड़ जाने से विन्ध्य पूर्वोत्तर राज्यों से सीधे कनेक्ट हो जाएगा। लंबी दूरी की ट्रेनें चलने से आवागमन में सुविधा के साथ व्यापार और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। निर्धारित लक्ष्य अनुसार 2028 तक सीधी से सिंगरौली और पन्ना से खजुराहो तक रेलवे लाइन का निर्माण कार्य हरहाल में पूरा कराएं। अप्रैल 2026 तक रीवा से सीधी स्टेशन तक का निर्माण कार्य पूरा कराएं जिससे रेवांचल एक्सप्रेस ट्रेन का सीधी तक विस्तार किया जा सके। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि रेलवे परियोजना के पूरा होने से विन्ध्य और बुंदेलखण्ड के आर्थिक विकास में तेजी आएगी। रेलवे तथा प्रशासन के अधिकारी परियोजना के निर्माण कार्यों से जुड़ी बाधाएं समन्वय से दूर करें। रेलवे के अधिकारी सीधी और सिंगरौली कलेक्ट्रेट में प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाली टीएल बैठक में उपस्थित होकर भू-अर्जन संबंधी प्रकरणों का निराकरण कराएं। कलेक्टर हर सप्ताह परियोजना के कार्यों की समीक्षा करें। भू-अर्जन के कार्यों में देरी न करें। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए भू-अर्जन करें। बताया गया कि सीधी से गजरही तक का भू-अर्जन पूरा हो गया है। गजरही से गोपद नदी तथा सिंगरौली तक भू-अर्जन की कार्यवाही तेजी से पूरी करें। इनके लिए टेण्डर जारी हो गए हैं। भू-अर्जन पूरा होते ही निर्माण एजेंसी कार्य शुरू कर दे। रेलवे के अधिकारी इस बात का ध्यान रखें कि भू-अर्जन के बाद पूरक प्रस्ताव की आवश्यकता न रहे। पश्चिम मध्य रेलवे की महाप्रबंधक शोभना बंदोपाध्याय ने कहा कि 31 मार्च तक सीधी रेलवे लाइन का कार्य पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। रेलवे प्रशासनिक अधिकारियों के समन्वय से तेजी से कार्य कर रहा है। गोपद नदी से सिंगरौली तक भू-अर्जन की कार्यवाही जारी है। सिंगरौली तक रेलवे लाइन बनाने का कार्य दिसम्बर 2028 तक पूरा हो जाएगा। सतना से पन्ना जिले में सकरिया तक मार्च माह तक रेलवे लाइन बिछ जाएगी। पन्ना से अजयगढ़ तथा अजयगढ़ से खजुराहो तक लाइन बिछाने में लगभग 18 महीने का समय लग जाएगा। इस क्षेत्र में अभी वन विभाग से कार्य करने की अनुमति नहीं मिली है। महाप्रबंधक ने बताया कि पश्चिम मध्य रेलवे जोन को वर्ष 2024-25 में उत्कृष्ट कार्यों के लिए गोविंदवल्लभ पंत शील्ड प्रदान की गई है। बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति की सेक्शनवार जानकारी दी गई। बैठक में सांसद रीवा  जनार्दन मिश्र, कमिश्नर  बीएस जामोद, कलेक्टर रीवा मती प्रतिभा पाल, कलेक्टर सीधी  स्वरोचिष सोमवंशी, कलेक्टर सिंगरौली  गौरव बैनल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पश्चिम मध्य रेलवे  एमएस हाशमी, रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, संबंधित क्षेत्र के एसडीएम और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।