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सिक्सलेन और फोरलेन ब्रिज का विस्तार, राजधानी में यात्रा की सुविधा बढ़ेगी

भोपाल  भोपाल में कोलार सिक्सलेन से केरवा डैम के बीच अब केरवा नदी बाधा नहीं बनेगी। पीडब्ल्यूडी कोलार रोड पर इनायतपुर के पास केरवा नदी पर चार लेन नया ब्रिज (New fourlane Bridge) बना रहा है। इसके लिए फरवरी में एजेंसी तय कर दी जाएगी। अगले डेढ़ माह में काम शुरू होगा। डेढ़ से दो साल में लोगों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। पीडब्ल्यूडी ब्रिज ईई एआर मोरे ने कहा कि हम केरवा का नया ब्रिज तैयार कर रहे हैं। इसके लिए प्रक्रियाएं इसी माह पूरी कर देंगे। अगले डेढ़ साल में ये तैयार हो जाएगा।  सीहोर, सलकनपुर और नसरुल्लागंज तक बेहतर राह अभी गोलजोड़ व इससे कुछ आगे तक सिक्सलेन है। इसके बाद जर्जर पुल है, जिससे गुजरने में आशंका रहती है। बड़े वाहन मंडीदीप के रास्ते आगे बढ़ते हैं। अब उच्चस्तरीय पुल बनने से मंडीदीप की बजाय सीधे केा पुल, कोलार डेम से होते हुए आगे बढ़ जाएंगे। नसरूल्लागंज और रातापानी तक की एप्रोच आसान होगी। ये नया ब्रिज रातापानी के झिरी एंट्री तक निकाल देगा। कोलार रोड से जुड़े 25 गांवों को इससे सीधे लाभ होगा। चार लेन का ब्रिज खत्म करेगा दुर्घटना की स्थिति केरवा नदी पर कोलार डैम के बीच चार लेन का ब्रिज नदी पर दुर्घटना की स्थिति खत्म करेगा। अभी केरवा नदी (Kerwa Dam) को पार करने जिस रास्ते कमा उपयोग किया जाता है वह करीब 30 साल पुराना है। भारी वाहन के दबाव से टूटने की स्थिति है। अब नया मजबूत उच्चस्तरीय ब्रिज के बनने से भारी वाहन भी सरपट आगे बढ़ जाएंगे। गौरतलब है कि हाल में जर्जर पुलिया के पास कार वबाइक दुर्घटनाग्रस्त हुए थे। इसमें वाहन चालकों की जान भी चली गई थी। 15 किमी का सिक्सलेन, अब 50 किमी तक लाभ देगा अभी कोलार तिराहा से नहर तिराहा होते हुए गोलजोड व आगे तक 15 किमी में सीसी सिक्सलेन किया गया है। इसमें कलियासोत ब्रिज को पहले ही सिक्सलेन कर दिया गया है। इसमें अब केरवा नदी का ब्रिज बचा था, जिसके लिए अब प्रक्रिया की जा रही है। इस ब्रिज के बनने से पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तहत बस का भी आगे के लिए रास्ता खुल जाएगा। बैरागढ़ चीचली से आगे का क्षेत्र विकसित हो जाएगा।

मध्यप्रदेश एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: 5 अत्याधुनिक पिस्तौल जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार

मध्यप्रदेश एसटीएफ की अवैध शस्त्रों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई,  5 अत्याधुनिक पिस्तौल जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा अवैध शस्त्रों के विरुद्ध कार्यवाही कर बड़ी सफलता प्राप्त की है। एसटीएफ इंदौर की दो विशेष टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें मय मैगजीन जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाही उप पुलिस अधीक्षक STF इंदौर श्री राजेश सिंह चौहान के निर्देशन में दो विशेष टीमों द्वारा की गई। इनमें प्रथम टीम में इंस्पेक्टर श्री रमेश चौहान, प्र.आर. भूपेन्द्र गुप्ता एवं आर. विवेक द्विवेदी तथा द्वितीय टीम में प्र.आर. आदर्श दीक्षित, आर. देवराज बघेल एवं आरक्षक देवेन्द्र सिंह शामिल थे। STF को प्राप्त विश्वसनीय सूचना के आधार पर अवैध शस्त्रों की धरपकड़ हेतु दोनों टीमों को कार्रवाई के लिए रवाना किया गया। सूचना के अनुसार बताए गए स्थान पर पहुंचकर टीमों द्वारा घेराबंदी कर दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोका गया। विधिवत तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें एवं मैगजीन बरामद की गईं। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने ग्राम बोराड़िया, थाना भिकनगांव, जिला खरगोन के रहना बताया। दोनों आरो‍पी किसी भी प्रकार का वैध शस्त्र लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सके, जिस पर सभी हथियारों को जब्त करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई। प्रकरण में अवैध शस्त्रों की आपूर्ति, नेटवर्क तथा इनके संभावित उपयोग से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई प्रचलन में है।  

मिट्टी और मानव स्वास्थ्य का आधार है प्राकृतिक खेती: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल. उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा जिले की ग्राम पंचायत हरिहरपुर में किसानों को दिये जा रहे प्राकृतिक खेती के नि:शुल्क प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। यहाँ पर प्राकृतिक खेती का मॉडल विकसित कर किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने प्रशिक्षण में उपस्थित किसानों से संवाद किया तथा प्राकृतिक खेती के गुणों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि रीवा प्राकृतिक खेती का हब बनेगा। बसामन मामा गौवंश वन्य विहार के साथ ही हिनौती गौधाम में भी प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि संबंधित क्षेत्र के किसान प्रशिक्षण प्राप्त कर प्राकृतिक खेती कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक किसान को अपनी भूमि के कुछ भाग में प्राकृतिक खेती अवश्य करनी चाहिए जो भूमि के स्वास्थ्य के साथ ही स्वयं व परिवार के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि हमें अपनी प्राचीन ज्ञान परंपरा को आदत में डालना होगा। रीवा जिले में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्धत है, इसलिए उन्हें सही दिशा में खेती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को प्राकृतिक खेती उत्पादन के संबंध में गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले किसानों में से ही मास्टर ट्रेनर तैयार होंगे जो जिले के अन्य किसानों को प्राकृतिक खेती के संबंध में प्रशिक्षण देंगे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अपने खेत में 4 एकड़ क्षेत्र में गेंहू व एक एकड़ में सब्जी की प्राकृतिक खेती आरंभ की है। उन्होंने खेत में जगपावनी का छिड़काव किया तथा प्रशिक्षण स्थल में गौकृपा अमृत निर्माण की शुरूआत की। प्राकृतिक खेती का ज्ञान जिंदगी व पीढ़ी को बदलने वाला प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे किसान  शिववरण सिंह एवं  विनोद ने बताया कि यह प्रशिक्षण जिंदगी व पीढ़ी को बदलने का प्रशिक्षण है। हम लोग इससे प्राकृतिक खेती को अपनाकर अपनी आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि हम प्रशिक्षण प्राप्त कर जिले के किसानों को भी प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण में अजगरहा, हरिहरपुर, अगडाल आदि आसपास के गांवों के किसान उपस्थित रहे। हरिरहरपुर में 25 जनवरी तक प्राकृतिक खेती का तीन दिवसीय नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है।   रविशंकर की संस्था लिविंग ऑफ आर्ट के प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में प्राकृतिक खेती के लिए भूमि तैयार करने, बीजों के उपचार, केमिकल रहित खाद तथा कीटनाशक बनाने एवं मल्टीलेयर फसल की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण में प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, पंचगव्य जगपावनी, अग्निहोत्र निर्माण, गौकृपा अमृत, अमृत जल/भस्म जल, भस्म खाद, धूम्र चिकित्सा, नीमास्त्र, ब्रहृमास्त्र, आग्नेयास्त्र, ताम्रदही तथा आवर खाद निर्माण की भी जानकारी दी जा रही है। इन सबका निर्माण नाममात्र के खर्च पर गोबर, गोमूत्र, गुड़, बेसन जैसे घर में उपलब्ध पदार्थों से किया जाता है।

सिर्फ समारोह नहीं, बदलाव की शुरुआत है बालिका दिवस: मंत्री भूरिया

भोपाल. राष्ट्रीय बालिका दिवस पर झाबुआ में आयोजित कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री  निर्मला भूरिया ने कहा कि “बेटियों को आत्मनिर्भर बनाकर समाज और राष्ट्र के विकास की मुख्यधारा में लाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह दिवस केवल उत्सव का नहीं, बल्कि सोच बदलने और संकल्प लेने का अवसर है।” मंत्री  भूरिया ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने की प्रक्रिया सतत होती है और चुनौतियाँ व्यक्ति को अधिक मजबूत बनाती हैं। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज का वातावरण बालिकाओं के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए बेटियों के लिए सुरक्षित, सकारात्मक और सहयोगी माहौल का निर्माण अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि रूढ़िवादी मानसिकता को बदलना समय की आवश्यकता है। “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसी योजनाओं से सरकार बेटियों को शिक्षा, सम्मान और समान अवसर उपलब्ध करा रही है। मंत्री  भूरिया ने जनजातीय समाज में बेटियों को प्राप्त सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी सकारात्मक सोच को पूरे समाज में अपनाने की आवश्यकता है। मंत्री  भूरिया ने बताया कि लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना सहित अनेक कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से बालिकाओं और महिलाओं को निरंतर सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज बेटियाँ शिक्षा, खेल, तकनीक और रोजगार के हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर रही हैं। मंत्री  भूरिया ने बालिकाओं से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने, साइबर सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से यह संकल्प लेने की अपील की कि हर बेटी को सम्मान, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर सुनिश्चित किए जाएँ।

धार्मिक स्थल के विकास को मिली रफ्तार, डिप्टी सीएम शुक्ल ने लिया सौंदर्यीकरण कार्य का जायजा

भोपाल. उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के कोठी कम्पाउण्ड रीवा मनकामेश्वर मंदिर में सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि गुणवत्ता के साथ कार्य को समय सीमा में पूर्ण कराएं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्माण कार्य के संबंध में निर्माण एजेंसी को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने भगवान आशुतोष के दर्शन किए।

राज्य मंत्री पटेल ने किया सिविल अस्पताल मैहर का निरीक्षण, व्यवस्थाओं की परखी हकीकत

मैहर . लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने मैहर सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता, स्वच्छता व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं तथा मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान श्री पटेल ने चिकित्सकीय स्टॉफ, उपचाररत मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधे संवाद कर अस्पताल की कार्य प्रणाली, समस्याओं तथा आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मरीजों एवं उनके परिजनों द्वारा दिए गए सुझावों और समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं जनहितकारी बनाया जा सके। राज्य मंत्री श्री पटेल ने कहा कि आमजन को समय पर, गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए अस्पतालों में संसाधनों, स्टॉफ और व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज के साथ संवेदनाशीलता पूर्वक व्यवहार किया जाए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रशासन द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारों के लिए त्वरित कार्यवाही के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर मैहर विधायक श्री श्रीकांत चतुर्वेदी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

किताबों से बाहर सीख: छात्रों को सिखाई गई ठप्पा प्रिंटिंग और पारंपरिक धुलाई विधि

  भोपाल . आईआईटी रुड़की में विरासत 2026 सोसायटी फॉर द प्रमोशन ऑफ इंडियन क्लासिकल म्यूजिक एंड कल्चर अमंग्स्ट यूथ (स्पिक मैके) द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), रुड़की में आयोजित 'विरासत-2026' कार्य शाला में मध्यप्रदेश की प्रसिद्ध हस्तशिल्प कला 'बाग प्रिंट' की प्रभावी उपस्थिति रही। 22 से 25 जनवरी तक चलने वाले इस सांस्कृतिक समागम में मध्यप्रदेश के बाग के प्रतिष्ठित मास्टर क्रॉफ्ट्समैन और नेशनल व इंटरनेशनल अवार्डी मोहम्मद बिलाल खत्री ने युवाओं को इस पारम्परिक कला की बारीकियों से रूबरू कराया। ठप्पों से उकेरी कला और सीखी 'भट्टी' की प्रक्रिया कार्य शाला के शुरुआती दिनों (22-23 जनवरी) में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक लकड़ी के पारंपरिक ठप्पों (ब्लॉक्स) और प्राकृतिक रंगों का उपयोग कर सुंदर डिजाइन तैयार किए।  बिलाल खत्री ने विद्यार्थियों को सिखाया कि कैसे प्राकृतिक संपदा का उपयोग कर कपड़े पर अमिट छाप छोड़ी जाती है। शनिवार 24 जनवरी को छात्र बाग प्रिंट की सबसे जटिल प्रक्रियाओं— 'विचलिये' और 'भट्टी' के व्यावहारिक प्रयोग से रू-ब-रू हुए।   विचलिये: कपड़े को बहते पानी में धोने की विशेष प्रक्रिया।     भट्टी: कपड़े को धावड़ी (पहाड़ी और मैदानी इलाकों में पाया जाने वाला झाड़ीनुमा लाल फूलों वाला वृक्ष) के फूल और अलीज़रीन (ऑल और मैहर की जड़ों) के साथ उबालकर रंगों को पक्का करने की पारंपरिक विधि। प्राचीन कला का संरक्षण है लक्ष्य मोहम्मद बिलाल खत्री ने बताया, "स्पिक मैके का मूल उद्देश्य देश की लुप्त होती प्राचीन कलाओं का संरक्षण और विस्तार करना है। आईआईटी रुड़की के छात्रों ने जिस दिलचस्पी के साथ इस पुश्तैनी हुनर को सीखा, वह सराहनीय है।" कार्य शाला के अंतिम दिन (25 जनवरी) को विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के कपड़ों और उन पर बाग प्रिंट की विशेषताओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। रूड़की में न केवल हस्तशिल्प, बल्कि योग, संगीत और अन्य सांस्कृतिक विधाओं के माध्यम से भारतीय विरासत का प्रदर्शन किया गया। मोहम्मद बिलाल खत्री के मार्गदर्शन में तैयार की गई कलाकृतियाँ कार्य शाला में आकर्षण का केंद्र रही।

मेट्रो प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, ट्रांसको ने चालू किया 200 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर

भोपाल . ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि भोपाल मेट्रो के लिए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा 220 केवी सबस्टेशन गोविंदपुरा, भोपाल में 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया गया है। इस ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से भोपाल मेट्रो के सुभाषनगर सबस्टेशन के लिए पर्याप्त और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति उपलब्ध हो सकेगी। सीमित जगह में स्थापित किया ट्रांसफार्मर ऊर्जा मंत्री ने बताया कि मेट्रो परियोजना के लिए यह स्थापना एमपी ट्रांसको के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण रही। शहर के मध्य स्थित गोविंदपुरा सब स्टेशन में सीमित उपलब्ध स्थान के कारण बड़े क्षमता वाले पावर ट्रांसफार्मर की स्थापना एक जटिल कार्य था। एमपी ट्रांसको मुख्यालय, जबलपुर स्थित प्लानिंग एवं डिजाइन विभाग के इंजीनियरों ने अपने कौशल, नवाचार और तकनीकी दक्षता से सब स्टेशन परिसर में आवश्यक स्थान चिन्हित कर यह कार्य संभव बनाया। इस चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने लिए ऊर्जा मंत्री  तोमर ने ट्रांसमिशन कंपनी के कार्मिकों को बधाई दी है। सब स्टेशन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि एमपी ट्रांसको भोपाल के अतिरिक्त मुख्य अभियंता  राजेश शांडिल्य ने जानकारी दी कि भोपाल मेट्रो के डिपॉजिट वर्क के तहत इस ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से 220 केवी सबस्टेशन, गोविंदपुरा (भोपाल) की ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता में वृद्धि हुई है। यह इस सब स्टेशन का पाचंवा 220 केवी वोल्टेज लेवल का ट्रांसफार्मर है। अब सब स्टेशन की कुल क्षमता बढ़कर 820 एमवीए हो गई है, जिससे भोपाल शहर और मेट्रो परियोजना की भविष्य की विद्युत आवश्यकताओं को सुदृढ़ता मिले

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सशुल्क वरिष्ठजन निवास संध्या छाया का किया लोकार्पण

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश-प्रदेश में विकास का अर्थ केवल अधोसंरचना निर्माण नहीं है, विकसित राष्ट्र के लिए, समाज के सभी वर्गों को बेहतर और सुरक्षित जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराना भी विकास है और यह राज्य सरकार का सर्वोच्च दायित्व भी है। राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और वृद्धजनों की सेवा के लिए संकल्पित है। राजधानी में वरिष्ठजनों को परिवार जैसा वातावरण देने के लिए सेवा भारती के माध्यम से इस सर्व-सुविधायुक्त सशुल्क वरिष्ठजन निवास की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए हर कदम पर उनके साथ है। राज्य सरकार ने वृद्धजनों की सेवा और 'ओल्ड एज होम' की स्थापना के लिए समाज को साथ जोड़ा है। राज्य सरकार दिव्यांगजन को भी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रोत्साहित कर उनमें क्षमताएं विकसित करने का प्रयास कर रही है। दिव्यांगजनों के पास अद्भुत बौद्धिक क्षमता होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नव निर्मित सशुल्क वृद्धाश्रम "संध्या छाया" के लोकार्पण अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा पत्रकार कॉलोनी लिंक रोड नं. 3 पर निर्मित सर्व सुविधायुक्त वृद्धाश्रम में आयोजित कार्यक्रम का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीपीपी मोड पर बने "संध्या छाया" ओल्ड एज होम का शुभारंभ कर अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां रह रहे एक दम्पत्ति का अभिवादन कर स्वागत भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यस्तरीय दिव्यांगजन स्पर्श मेला-2026 में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कलाकारों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कलाकारों से संवाद कर उन्हें प्रोत्साहित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में 54.52 लाख से अधिक पेंशन हितग्राहियों को 327.15 करोड़ रूपये से अधिक राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यस्तरीय दिव्यांगजन स्पर्श मेला-2026 में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कारों का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने भारत को सभी क्षेत्रों में विश्व का सर्वश्रेष्ठ देश बनाने का बीड़ा उठाया है। हमारा देश गौरवशाली और समृद्ध विरासत का सभी प्रकार से संरक्षण करते हुए निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रदेश सरकार भी विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मध्यप्रदेश भारत के सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले 3 राज्यों में शामिल हुआ है। मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश में अग्रणी भूमिका में है। हमारी सरकार ग्रीन एनर्जी को आगे बढ़ाते हुए दुनिया में सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में सोलर एनर्जी, विंड एनर्जी और पम्प स्टोरेज से ऊर्जा क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की प्रेरणा से इस बार दावोस के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भारत का सबसे बड़ा दल शामिल हुआ। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। यह ओल्ड एज होम ''संध्या छाया'' वृद्धजनों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। विभाग की प्रमुख सचिव मती सोनाली वायंगण्कर ने कहा कि सर्वसुविधायुक्त सशुल्क वरिष्ठजन निवास ''संध्या छाया'' लगभग 24 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। वृद्धाश्रम में 34 कमरे हैं, जिसमें 56 वृद्धजनों के रहने की व्यवस्था है। इसमें उच्च गुणवत्ता का भोजन, पार्क जैसी सभी सुविधाएं मिलेंगी। यहां पर दिव्यांगजन स्पर्श मेला भी आयोजित किया गया, जिसमें 450 से अधिक बच्चों ने विभिन्न खेल गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों, समाज सेवियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।

गौ सेवा से प्राकृतिक खेती तक: बसामन मामा वन्य विहार में राजेन्द्र दास जी की विशेष गौ कथा

भोपाल. बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में 12 से 14 फरवरी तक मलूक पीठाधीश्वर राजेन्द्र दास जी महाराज गौ कथा एवं गौ आधारित प्राकृतिक खेती पर अपनी अमृतमयी वाणी से कथा करेंगे। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने आयोजन की तैयारियों के संबंध में न्यू सर्किट हाउस रीवा में आयोजित बैठक में सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजेन्द्र दास जी की कथा से गौ संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती को बल मिलेगा। गौ अभ्यारण्य परिसर में आयोजित होने वाली कथा अप्रतिम व भव्य होगी।     उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बैठक में निर्देश दिए कि महाराज जी एवं उनके साथ आने वाले संतों के रूकने की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं। बैठक व्यवस्था से लेकर पार्किंग तथा प्रसाद वितरण आदि की व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को दायित्व सौंपे जाएं। प्रचार-प्रसार समिति आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। आयोजन स्थल में बनने वाला प्रसाद में प्राकृतिक खेती से उत्पादित अन्न व सब्जी का ही उपयोग किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आयोजन के संबंध में जिन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है उसका वह सजगता से निर्वहन करें। उल्लेखनीय है कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में 12 से 14 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक महाराज की कथा होगी। समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी, बसामन मामा गौवंश वन्य विहार के सचिव डॉ राजेश मिश्रा सहित संबंधितजन एवं अधिकारी उपस्थित रहे।