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पहल रंग लाई: बुरहानपुर के 25 सरकारी स्कूलों में लगे RO प्लांट

बुरहानपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्र के 25 बड़े सरकारी स्कूलों में अब विद्यार्थियों और शिक्षकों को आरओ का शुद्ध पेयजल मिलेगा। जिससे वे दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बच सकेंगे। चयनित स्कूलों में आरओ यूनिटों की स्थापना की जा चुकी है। मंगलवार को सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र पाटिल ने इनका शुभारंभ भी करा दिया। मशीन का शुद्ध पानी पीकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने स्कूलों को ये मशीनें उपलब्ध कराई हैं।   उन्होंने कहा है कि आने वाले समय में अन्य स्कूलों में भी आरओ मशीनें लगवाई जाएंगी। इससे उन स्कूलों के विद्यार्थियों को भी शुद्ध पानी उपलब्ध हो सकेगा। बता दें कि जिले के कई सरकारी स्कूलों की पानी की टंकियों की सालों तक सफाई नहीं होती। साथ ही पानी की गुणवत्ता भी नहीं परखी जाती है। इन स्कूलों में लगाई आरओ यूनिट पहले चरण में जिन सरकारी स्कूलों में आरओ यूनिटें लगाई गई हैं, उनमें हायर सेकंडरी स्कूल लोनी, माध्यमिक विद्यालय बोहरडा, माध्यमिक विद्यालय हतनूर, हायर सेकंडरी स्कूल बिरोदा, कन्या माध्यमिक शाला बहादरपुर, हायर सेकंडरी स्कूल बोदरली, हायर सेकंडरी स्कूल जसौंदी, हायर सेकंडरी स्कूल बंभाडा, एकीकृत शाला बोरसल, सुभाष उत्कृष्ट स्कूल बुरहानपुर, कन्या शाला चौक बाजार, सावित्री बाई फूले कन्या शाला, कन्या उर्दू स्कूल हरीरपुरा, पुरुषार्थी हायर सेकंडरी स्कूल, माध्यमिक शाला लालबाग, माध्य स्कूल फोपनार, हायर सेकंडरी स्कूल इच्छापुर, हायर सेकंडरी स्कूल दापोरा, दर्यापुर, निम्बोला, कन्या हाईस्कूल धूलकोट, हायर सेकंडरी स्कूल जैनाबाद, हाईस्कुल अम्बा, सुक्ता नेपानगर और हायर सेकंडरी स्कूल खातला शामिल हैं। मेंटेनेंस के लिए करना होगा सचेत सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जन प्रतिनिधियों और सरकार के प्रयास तभी फलीभूत होते हैं, जब सुविधाओं का सुचारू संचालन होता है। सांसद द्वारा उपलब्ध कराई गईं आरओ मशीनों के मामले में स्कूल प्राचार्यों को सचेत करने की जरूरत होगी। अन्यथा मेंटेनेंस के अभाव में ये मशीनें अन्य स्कूलों की तरह चंद महीने बाद य तो बंद हो जाएंगे अथवा पानी को साफ करना बंद कर देंगी। जिससे लाखों रुपये बर्बाद हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिंडौरी जिला प्रशासन को दी बधाई

हीमोग्लोबिन परीक्षण में एशिया बुक और इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में स्थान बनाया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में जनजातीय बहुल डिंडौरी जिले में नए कीर्तिमान को स्थापित करने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में स्थान बनाने की उपलब्धि के लिए डिंडौरी जिला प्रशासन और डिंडौरी के निवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिंडौरी जिले ने "बेटी बचाओ -बेटी पढ़ाओ" के अंतर्गत "सुगढ़ टूरी- आज स्वस्थ, कल सशक्त" अभियान के माध्यम से एक ही दिन में जनजातीय बहुल क्षेत्र में 48 हजार से अधिक बालिकाओं और महिलाओं का हीमोग्लोबिन परीक्षण कर "एशिया बुक ऑफ रिकार्डस और इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस" में स्थान प्राप्त किया है। इस पहल ने प्रदेश को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए डिंडौरी जिला प्रशासन की टीम बधाई की पात्र है। यह अभियान महिला स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के प्रति मध्यप्रदेश की दृढ़ प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।  

अक्टूबर 2025 में 36 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को मिली 920 करोड़ से अधिक सब्सिडी

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में अटल गृह ज्योति योजना एवं किसान ज्योति योजना के अंतर्गत माह अक्टूबर 2025 में 36 लाख 41 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ताओं ने 920 करोड़ 83 लाख से अधिक की सब्सिडी का लाभ उठाया है। राज्य शासन द्वारा अटल गृह ज्योति योजना के अंतर्गत माह अक्टूबर 2025 में 26 लाख 39 हजार से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को लगभग 131 करोड़ 75 लाख रूपये एवं अटल किसान ज्योति योजना के अंतर्गत 10 लाख 02 हजार से अधिक कृषि उपभोक्ताओं को 789 करोड़ 08 लाख की सब्सिडी दी गई है।  

आबकारी नीति 2026-27 का निर्धारण करने मंत्रि-परिषद् समिति गठित

भोपाल राज्य शासन द्वारा वर्ष 2026-27 की आबकारी नीति के निर्धारण, उससे संबंधित अनुषांगिक विषयों पर समय-समय पर निर्णय लेने तथा आगामी वर्षों के लिए सुझाव प्रस्तुत करने के उद्देश्य से मंत्रि-परिषद् समिति का गठन किया गया है। समिति में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, श्री उदय प्रताप सिंह मंत्री परिवहन एवं स्कूल शिक्षा तथा श्रीमती सम्पतिया उइके, मंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति के सचिव प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर होंगे। समिति द्वारा आबकारी नीति 2026-27 को अंतिम रूप देने के साथ-साथ संबंधित विषयों पर निर्णय लेकर आगामी वर्षों के लिए आवश्यक सुझाव प्रस्तुत किए जाएंगे।  

‘होम डिलीवरी चालू है’ के पोस्टर संग शराब का ठेला, देवास में कांग्रेस ने किया प्रतीकात्मक प्रदर्शन

देवास शहर के नोवेल्टी चौराहे पर मंगलवार को युवा कांग्रेस ने अनोखा प्रदर्शन किया। शहर में गली-गली बिक रही अवैध शराब को लेकर आबकारी विभाग को घेरा। ठेले पर शराब की खाली बोतलें सजाकर बाजार में निकले। इस पर लिखा कि शराब की होम डिलीवरी चालू है। आबकारी विभाग की चुप्पी पर उठाए सवाल युकां पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह गौड़ ने कहा कि पिछले दिनों युवा कांग्रेस द्वारा आबकारी विभाग में ज्ञापन देकर शहर में चल रहे अवैध शराब कारोबार को लेकर शिकायत दर्ज करवाई गई थी। विभाग को स्पष्ट रूप से चेताया गया था कि शहर के कई इलाकों में डायरी सिस्टम के नाम पर अवैध रूप से शराब बेची जा रही है और शराब दुकानों के आसपास अवैध अहाते संचालित हो रहे हैं, लेकिन 10–15 दिन बीत जाने के बाद भी विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।   अवैध अहातों और डायरी सिस्टम पर रोक की मांग आबकारी विभाग की लापरवाही के कारण गली–मोहल्लों में खुलेआम शराब बिक रही है। इसी के विरोध में ठेले पर शराब की बोतलें रखकर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया है। हमारी मांग है कि शराब दुकानों के पास बने अवैध अहाते तुरंत बंद किए जाएं। शहर में चल रहे डायरी सिस्टम पर रोक लगे। अवैध शराब बिक्री करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा की हुंकार: आरक्षण पर बोले—यह हमारा हक है, एहसान नहीं

भोपाल राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान में रविवार को ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित आम सभा में कई नेताओं ने शिरकत की और प्रदेश सरकार से ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण को शीघ्र बहाल करने की स्पष्ट मांग की। इस आम सभा में प्रदेशभर से 70 से अधिक सामाजिक संगठनों की भागीदारी देखने को मिली। सभा को संबोधित करते हुए डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों को वर्षों से अधर में रखा गया है, जो सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर रिक्तियों में 27 प्रतिशत आरक्षण दिखाती है, वहीं दूसरी ओर 13 प्रतिशत पदों को होल्ड कर देना ओबीसी समाज के साथ अन्याय है। डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि, "27 प्रतिशत आरक्षण कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त अधिकार है। हम किसी का हक़ नहीं मार रहे बल्कि अपने हक़ की मांग कर रहे हैं। जब तक ओबीसी को उसका पूरा हक़ नहीं मिलेगा, तब तक सामाजिक समानता की बात अधूरी रहेगी।" उन्होंने एससी-एसटी-ओबीसी को जनसंख्या के अनुपात में निजी क्षेत्रों में आरक्षण दिए जाने की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में भी ओबीसी को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।

सागर में एम.पी. ट्रांस्को के कार्मिकों ने सीखीं जीवन रक्षक तकनीकें

भोपाल मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी एवं शासकीय बुंदेलखण्ड चिकित्सा महाविद्यालय, सागर के संयुक्त तत्वावधान में सी.पी.आर. एवं अन्य ऐसे ही जीवन रक्षक तकनीकों‘‘ पर प्रशिक्षण कार्यशाला हुई। एम.पी. ट्रांस्को के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस उप मुख्यालय- सागरकी पहल पर आयोजित हुई इस प्रशिक्षण कार्यशाला मे सागर के अधीक्षण अभियंता एम.वाय. मंसूरी, कार्यपालिक अभियंता एस.के. मुड़ा द्वारा कार्यक्रम के उद्देश्य एवं विषय की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। संयोजक सहायक अभियंता एम.ए. बेग एवं कनिष्ठ अभियंता जे.पी. असाटी के सतत् प्रयासों से आयोजित कंपनी के कार्मिकों एवं समाज के लिए बहुउपयोगी एवं जीवनरक्षक इस कार्यशाला के सफल आयोजन में एम.पी. ट्रांसको और मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र कंपनी सागर के करीब 100 मेंटनेन्स, ऑपरेटिंग एवं सुरक्षा कर्मियों ने हिस्सा लिया। चिकित्सकों द्वारा दिया गया व्यवहारिक प्रशिक्षण सी.पी.आर. प्रशिक्षण के लिये उपयोग किये जाने वाले मानव पुतले एवं कुछ वीडियों की सहायता से सी.पी.आर. तकनीक का व्यवहारिक और उपयोगी प्रशिक्षण दिया गया। चिकित्सकों द्वारा अन्य जीवन रक्षक तकनीकों यथा पानी में डूबे हुए व्यक्ति का बचाव, किसी भी प्रकार के शॉक लगने वाले व्यक्ति का बचाव, सिक्का या किसी अन्य वस्तु का गलती से श्वास नली में फंस जाने एवं चोट लगने पर उसका प्राथमिक उपचार इत्यादि पर विस्तृत जानकारी भी दी गई। प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान भी इस कार्यशाला में किया गया। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर के इन विशेषज्ञो ने दिया प्रशिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीएमसी, सागर के आकस्मिक चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष एवं प्राध्यापक डॉ सत्येंद्र उईके, सह प्राध्यापक एवं निश्चेतना विभाग के डॉ मोहम्मद इलियास,,निश्चेतना विभाग के ही डॉ दीपक गुप्ता, सहायक प्राध्यापक एवं मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन, सहायक प्राध्यापक डॉ उमेश पटेल शामिल थे।  

श्रीलंकाई उद्योग समूह जॉन कील्स के साथ निवेश अवसरों पर हुई चर्चा

भोपाल WEF-दावोस-दूसरा दिन वर्ल्ड इकोनॉमिक दावोस यात्रा के दूसरे दिन प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार श्री मनीष सिंह ने श्रीलंका के प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह जॉन कील्स होल्डिंग्स पीएलसी के चेयरमैन श्री कृष्णन बालेंद्र के साथ मीटिंग की। उन्होंने राज्य में निवेश एवं सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में लॉजिस्टिक्स, आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी), खाद्य प्रसंस्करण एवं पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में मध्यप्रदेश में उपलब्ध अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया। राज्य सरकार द्वारा निवेश को प्रोत्साहित करने हेतु लागू नीतियों एवं उपलब्ध प्रोत्साहनों की जानकारी भी प्रतिनिधिमंडल के साथ साझा की गई। जॉन कील्स समूह ने भारतीय कंपनियों के साथ अपने मौजूदा व्यावसायिक जुड़ाव तथा भारत में विभिन्न टाई-अप्स के माध्यम से अपने व्यापार की जानकारी दी। प्रमुख सचिव श्री सिंह ने राज्य की अनुकूल निवेश नीति, मजबूत अवसंरचना, कुशल मानव संसाधन एवं उद्योग-अनुकूल वातावरण को रेखांकित करते हुए जॉन कील्स समूह को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया।  

पद्मश्री लेखक आलोक मेहता ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भेंट की ‘मोदी राज के 25 वर्ष’ पर केंद्रित पुस्तक

प्रधानमंत्री मोदी के क्रांतिकारी विकास मार्ग पर मध्यप्रदेश’ अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकास मॉडल को अपनाते हुए प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में वरिष्ठ संपादक एवं लेखक पद्मश्री श्री आलोक मेहता द्वारा रचित पुस्तक ‘रिवॉल्यूशनरी राज – नरेन्द्र मोदी: 25 इयर्स’ (कॉफी टेबल बुक) ग्रहण करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर देशी-विदेशी निवेश को आकर्षित कर औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, स्टार्ट-अप्स, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाएँ प्रभावी रूप से क्रियान्वित की जा रही हैं। यह भेंट-वार्ता दिल्ली से दावोस (स्विट्ज़रलैंड) में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की बैठक में भाग लेने से पूर्व हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री की नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। प्रदेश में पुस्तकों और पठन-संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गीता भवन निर्माण योजना में पुस्तकालयों का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पत्रकारों, साहित्यकारों एवं सांस्कृतिक कलाकारों को सामाजिक जागरूकता के लिए हर संभव सहयोग, सहायता एवं प्रोत्साहन देती रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुस्तक में उल्लिखित समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवाओं में अनुशासन तथा आत्मनिर्भर विकसित भारत के प्रधानमंत्री के सपनों को साकार करने के लिए वे पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने पुस्तक की विस्तृत भूमिका केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा लिखे जाने को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री शाह, प्रधानमंत्री के संकल्पों को क्रियान्वित करते हुए आतंकवाद और नक्सल समस्या से प्रभावी ढंग से निपट रहे हैं, जिससे देश विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में यह पुस्तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और इसे शिक्षण संस्थानों व पुस्तकालयों तक पहुँचाया जाना चाहिए।उल्लेखनीय है कि पुस्तक का प्रकाशन शुभी पब्लिकेशंस द्वारा किया गया।

मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन निवेश पर क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के साथ हुई अहम चर्चा

भोपाल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 के दूसरे दिन दावोस में मध्यप्रदेश स्टेट लाउंज में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के डिप्टी सीईओ एवं हेड ऑफ इन्वेस्टमेंट्स श्री तुषार सिंहवी के साथ बैठक कर राज्य में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, इनलैंड कंटेनर डिपो, वेयरहाउसिंग तथा एकीकृत सप्लाई चेन अवसंरचना में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। बैठक के दौरान क्रेसेंट एंटरप्राइजेज ने भारत में अपने विस्तार की मजबूत मंशा व्यक्त करते हुए लॉजिस्टिक्स आधारित निवेश के लिए मध्यप्रदेश को एक रणनीतिक गंतव्य के रूप में परखने में गहरी रुचि दिखाई। इस अवसर पर मंत्री श्री शुक्ला ने राज्य की समर्पित लॉजिस्टिक्स एवं निर्यात नीति की जानकारी साझा की, जिसके अंतर्गत पूंजी निवेश सहायता, अवसंरचना सुविधा, स्टांप शुल्क प्रतिपूर्ति, भूमि आवंटन में सहयोग और हरित लॉजिस्टिक्स के लिए विशेष प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश, देश के केंद्र में स्थित होने से यहाँ प्राप्त भौगोलिक लाभ, राज्य के हवाई अड्डों के माध्यम से लागत प्रभावी कार्गो हैंडलिंग और खाद्य प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स (एपीआई सहित), वस्त्र एवं परिधान और नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण जैसे क्षेत्रों में मजबूत औद्योगिक आधार मौजूद हैं। साथ ही भूमि की पर्याप्त उपलब्धता, विश्वसनीय विद्युत एवं जल आपूर्ति तथा स्थिर श्रम वातावरण मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन परियोजनाओं के लिए उच्च दक्षता वाला निवेश गंतव्य बनाता है। आगामी कदम दोनों पक्षों ने विशिष्ट परियोजना अवसरों की पहचान करने तथा लॉजिस्टिक्स एवं संबद्ध अवसंरचना क्षेत्रों में संभावित निवेश पर आगे भी संवाद जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। यह संवाद मध्यप्रदेश में आधुनिक एवं सतत लॉजिस्टिक्स क्षमताओं के विकास के माध्यम से औद्योगिक वृद्धि और निर्यात संवर्धन की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।