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कूनो से ग्वालियर तक हाईवे पर चीतों की बढ़ी चहलकदमी, सुरक्षा बढ़ाने का लिया गया फैसला

ग्वालियर  श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में बसाए गए चीते बढ़ती संख्या के बाद अब वहां से 150 से 200 किमी दूर ग्वालियर-मुरैना तक चहलकदमी कर रहे हैं, कुछ चीते काफी दिनों से ग्वालियर-मुरैना में ही डेरा डाले हैं। ये चीते हाईवे पार करते हुए भी देखे गए हैं। हाईवे पार करते समय एक चीते की मौत भी हो चुकी है। ऐसे में वन विभाग ने चिंता जताते हुए हाईवे को पूरी तरह चीतों के लिए सुरक्षित करने की कवायद शुरू कर दी है। वन विभाग एनएचएआइ को प्रस्ताव भेजकर ग्वालियर से शिवपुरी तक हाईवे पर रेलिंग, तेज गति में चलने वाले वाहनों की गति नियंत्रण के लिए स्पीड कंट्रोलर व आटोमेटिक कैमरे लगाने का आग्रह करेगा। इसके अलावा वन विभाग वाहन चालकों को अलर्ट करते हुए चीतों के आवागमन संबंधी बोर्ड भी लगाने जा रहा है। हो रहे दुर्घटना का शिकार गौरतलब है कि 7 दिसंबर 2025 को घाटीगांव के सिमरिया टांका क्षेत्र में सड़क पार कर रहे चीते को एक कार ने टक्कर मार दी थी। यह चीता गामिनी का शावक था, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उसके साथ मौजूद दूसरा चीता बाल-बाल बच गया। इसी इलाके में आशा चीता का शावक भी काफी समय से देखा जा रहा है। वहीं मुरैना जिले में भी एक चीते की मौजूदगी दर्ज की गई है। वन विभाग का मानना है कि कूनो से बाहर निकलकर चीते नए और उपयुक्त जंगली क्षेत्रों की तलाश कर रहे हैं। ऐसे में हाईवे और आसपास के इलाकों में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी हो गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। सात दिसंबर 2025 को ग्वालियर के घाटीगांव सिमरिया टांका पर रविवार सुबह कार ने सड़क पार कर रहे चीते को टक्कर मार दी थी। यह चीता गामिनी का शावक था। टक्कर लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। शावक के साथ दूसरा चीता बाल- बाल बच गया था। आशा चीता का शावक भी इसी इलाके में लंबे समय से मौजूद है। मुरैना जिले में भी एक चीता है, जिससे वन विभाग का मानना है कि कूनो से दूर भी चीता उपयुक्त जंगली माहौल तलाश रहे हैं, इसलिए यहां भी इनकी सुरक्षा बढ़ाना जरूरी है।  

MP में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का गठन, 90 दिन में जानेंगी बीमारियां – बड़ी तकनीकी सौगात

भोपाल  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) को शासन, स्वास्थ्य और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में मध्यप्रदेश को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा देशभर में प्रस्तावित 58 एआइ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (AI Centers of Excellence) में से दो सेंटर मप्र में स्थापित होंगे। प्रत्येक सेंटर करीब 10 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में विकसित होगा, जहां शासकीय कार्यों में एआइ के नवाचार और समाधान विकसित किए जाएंगे। साथ ही चैट-जीपीटी (ChatGPT) जैसा स्वदेशी एआइ प्लेटफॉर्म भी तैयार किया गया है, जिसे फरवरी में नेशनल एआइ समिट से पहले लॉन्च किया जाएगा। रिसर्च फैलोशिप शुरू- सीईओ इंडिया एआइ अभिषेक सिंह मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026 (MP Regional AI Impact Conference-2026) में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अपर सचिव एवं सीईओ इंडिया एआइ अभिषेक सिंह ने बताया कि एआइ से प्रदेश में लिए रिसर्च फैलोशिप शुरू की गई है, जिसका लाभ अब सभी विषयों के विद्यार्थी ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि भारत एआइ के क्रियान्वयन में वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर है। अनुवाद के लिए 'भाषिणी' पोर्टल और देशभर में एआइ डेटा लैब्स विकसित की जा रही है। मप्र में 30 एआइ डेटा लैब्स बनने से लाखों युवाओं को डेटा एनालिस्ट के रूप में प्रशिक्षण मिलेगा। हैकाथॉन विजेताओं को मिले पुरस्कार कॉन्फ्रेंस में सीएम डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन सिंहस्थ-2028 के संचालन के लिए आयोजित उज्जैन महाकुंभहैकाथॉन और मप्र इनोटेक स्पर्धा के विजेताओं को पुरस्कृत किया। भोपाल स्मार्ट सिटी के बीनेस्ट इंक्यूबेशन सेंटर से निकले स्टार्टअप स्टारब्रू टेकसिस्टम्स के आशुतोष राय को पहला स्थान मिला है। इसमें देशभर से 1726 कंपनियों ने भाग लिया था। वेक्टर बॉर्न बीमारियों का हो सकेगा फोरकास्ट एमपी इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSEDC) के एमडी आशीष वशिष्ठ ने बताया कि एआइ के उपयोग से शासन में पारदर्शिता और सेवा वितरण में सुधार होगा। एआई आधारित मॉडल से डेंगू, चिकनगुनिया जैसी वेक्टर बॉर्न बीमारियों और कुपोषणकी तीन महीने पहले ही भविष्यवाणी की जा रही है। डब्ल्यूएचओ मानकों के आधार पर कुपोषण फोरकास्टिंग से संभावित कुपोषित बच्चों की पहचान पहले ही हो सकेगी। एआई से फसल गिरदावरी और रोग प्रकोप की सटीक जानकारी भी मिलेगी। (MP News)  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव सम्मेलन को किया संबोधित

पंचायत सचिवों के वेतनमान और अन्य सेवा शर्तों के लिए कमेटी बनाकर किया जाएगा विचार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का स्मरण करते हुए कहा कि सच्चे अर्थों में भारत की आत्मा गांवों में बसती है। अगर देश का विकास करना है तो गांवों को विकसित करें, देश अपने आप आगे बढ़ता चला जाएगा। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्र के साथ ग्रामीण अंचलों में उद्योग स्थापित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि हमारे गांव ही स्वावलंबी भारत की नींव हैं। राज्य सरकार पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से सभी क्षेत्रों में कार्य कर रही है। प्रदेश के किसानों की समृद्धि और ग्रामीण विकास को गति प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने वर्ष-2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है। इसमें 16 अलग-अलग विभागों को शामिल किया गया है। कृषि कल्याण वर्ष में खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन और लघु-कुटीर उद्योग सहित सभी विभागों की योजनाओं का लाभ पंचायत हितग्राहियों को मिलेगा। ग्रामीण विकास में पंचायत सचिवों की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को भेल दशहरा मैदान पर आयोजित प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सम्मेलन में पहुंचने पर करतल ध्वनि और नारों से उनका स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पंचायत सचिव महासंघ के प्रतिनिधियों द्वारा बड़ी माला और पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी पंचायती राज व्यवस्था में पंचायत सचिव जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की धुरी हैं। वे सरकारी नीति-निर्णयों और योजनाओं को क्रियान्वित कर धरातल पर उतारते हैं। राज्य सरकार, पंचायत, पंचायत सचिव और पंच परमेश्वर के सहयोग से जनकल्याण के साथ विकास के पैमाने पर आगे बढ़ रही है। हम रामराज की कल्पना करें तो पंचायत सचिव एक प्रकार से पंचायती राज में हनुमान जी की भूमिका में काम करते हैं। प्रधानमंत्री आवास हो या आर्थिक सहायता का लाभ, सभी जनकल्याणकारी कार्य पंचायत सचिव ही पूर्ण कराते हैं। वे ग्रामीण परिवारों के लिए एक सदस्य के नाते संपूर्ण जिम्मेदारी के साथ काम करते हैं। ऐसे में पंचायत सचिवों की चिंता करना सरकार का कर्तव्य है। पंचायत सचिवों के लिए जिला स्तर पर कैडर का गठन करने के साथ उन्हें डिजिटल भारत के निर्माण के लिए सभी तरह के तकनीकी संसाधनों से लैस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने पंचायत को सम्मान, संसाधन और आधुनिकता देने में कोई कमी नहीं छोड़ी है। पंचायत के लिए सुसज्जित कार्यालय अटल भवन सामुदायिक भवनों के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण से केवल कौशल नहीं अपितु प्रशासकीय व्यवस्था की संस्कृति को बदलने का प्रयास किया गया है। राज्य सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय और वाहन भक्तों में वृद्धि की है। इसके साथ ही सरपंचों को 25 लाख रुपए तक के कार्य करने का अधिकार दिया गया है। पंचायत सचिवों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत सचिवों के सेवाकाल की आयु सीमा 62 वर्ष निर्धारित की गई है। उनके लिए 7वें वेतनमान के आदेश जारी किए जा चुके हैं। पंचायत सचिवों को विशेष भत्ते का भी लाभ दिया जाएगा। सेवाकाल में पंचायत सचिव की मृत्यु होने पर परिवार को दी जाने वाली डेढ़ लाख रुपए की आकस्मिक सहायता राशि अनुकंपा नियुक्ति के बाद वापस नहीं ली जाएगी। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवों के वेतनमान और अन्य सेवा शर्तों के लिए कमेटी बनाकर विचार किया जाएगा। पंचायत सचिव का दायित्व केवल नौकरी नहीं, जन सेवा का है पवित्र अवसर : मंत्री श्री प्रहलाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि ग्राम सभा से लेकर विकास कार्यों के क्रियान्वयन तक हर प्रक्रिया की धूरी पंचायत सचिव हैं। उनका दायित्व केवल नौकरी नहीं, जन सेवा का पवित्र अवसर है। पंचायत सचिवों को आयुष्मान कार्ड योजना के दायरे में लाने की शुरुआत कर दी गई है। पंचायत सचिवों को मिलने वाला 1300 रुपए भत्ता भी प्रारंभ किया जाएगा। म.प्र. पंचायत सचिव संगठन के प्रदेशाध्यक्ष श्री राजेश पटेल ने कहा कि यह महासम्मेलन ग्रामीण भारत की रीढ़ को सशक्त करने का आयोजन है। पंचायत सचिव शासकीय योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हैं। ग्रामीण विकास में पंचायत सचिवों की भूमिका महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने सुशासन के नए आयाम स्थापित किए हैं। प्रदेश ने औद्योगिक विकास के साथ ग्रामीण विकास के लिए जल संचयन की योजना में राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण के लिए समर्पित किया है। सभी पंचायत सचिव इसमें हर संभव योगदान देने के लिए तत्पर हैं। भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री श्री कुलदीप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार श्रमिकों एवं मजदूरों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव महासम्मेलन में भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री सुनील किदवई, सचिव संगठन के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष श्री बालमुकंद पाटीदार, श्री सत्यनारायण यादव, श्री अरविंद सोलंकी, श्री शिवराज सिंह रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में पंचायत सचिव एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

सड़कों का विकास परिवहन, कृषि, उद्योग और देश के समग्र विकास की आधारशिला : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

ग्राम आक्या बीका में 9.38 करोड़ की 3 सड़कों का किया भूमि-पूजन टीबी मरीजों को फूड बॉस्केट किए प्रदान भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि सड़कों का विकास परिवहन, कृषि, उद्योग और देश के समग्र विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय सड़कों के विकास का स्वर्णिम युग है। सड़कों का चहुंमुखी विकास हुआ है, जिससे गांव-गांव तक आवागमन सुगम हुआ है। मल्हारगढ़ क्षेत्र में ही लगभग 250 सड़कों का निर्माण किया गया है। यह सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम है कि विकास कार्य लगातार गति से हो रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा मंदसौर जिले के ग्राम आक्या बीका गोशाला परिसर में कुल 9 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली तीन सड़कें, जिनमें 3 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से खेड़ा से टकरावद सड़क, 3 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से आक्या बीका से मगराना सड़क तथा 2 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से ढाणी से भेरूजी सड़क शामिल हैं, के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा कहा कि गांधी सागर का पानी खेतों तक पहुंचाने का कार्य सरकार द्वारा किया जा रहा है और आगामी एक वर्ष के भीतर किसानों के खेतों तक पानी पहुंच जाएगा। सरकार की योजनाओं का लाभ किसानों, महिलाओं, गरीबों एवं सभी हितग्राहियों को सीधे मिल रहा है। सड़क परिवहन देश के समग्र विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सड़कों के माध्यम से न केवल लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जोड़ने का कार्य होता है, बल्कि कृषि, उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्रों को भी नई गति मिलती है। सशक्त सड़क नेटवर्क के बिना संतुलित विकास संभव नहीं है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि अच्छी सड़कों से किसान अपनी उपज समय पर मंडियों तक पहुंचा पाते हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य मिलता है। वहीं उद्योगों को कच्चा माल और तैयार उत्पाद के परिवहन में सुविधा होती है, जिससे उत्पादन बढ़ता है और निवेश के नए अवसर सृजित होते हैं। सड़क परिवहन से रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि मजबूत सड़क अवसंरचना शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाती है तथा आम नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने टीबी मरीजों को फूड बॉस्केट का वितरण भी किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, जिला योजना समिति सदस्य श्री राजेश दीक्षित, श्री मदनलाल राठौर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

जबलपुर के विद्युत नेटवर्क को मिली नई सुदृढ़ता

एम.पी. ट्रांसको के विनोबा भावे सब स्टेशन में अब डबल सर्किट सप्लाई भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने जबलपुर शहर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी द्वारा 132 के.वी. विनोबा भावे सबस्टेशन के लिए निर्मित की जा रही अत्यंत जटिल डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन परियोजना का सब स्टेशन स्तर पर दूसरा चरण भी सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। अब शहर को मिलेगी और अधिक विश्वसनीय बिजली आपूर्ति एम.पी. ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री अमरकीर्ति सक्सेना ने बताया कि 132 के.वी. विनोबा भावे सबस्टेशन के स्विचयार्ड में सीमित स्थान होने के बावजूद, पहले से स्थापित सेट-अप में आवश्यक तकनीकी संशोधन करते हुए दूसरे 132 के.वी. सर्किट की व्यवस्था करना एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य था। उन्होंने बताया कि ट्रांसको की टीम ने समर्पण, आपसी समन्वय एवं सतत परिश्रम के बल पर इस जटिल कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर एक नई तकनीकी मिसाल कायम की है। इससे शहर के विद्युत तंत्र को और अधिक स्थायित्व एवं विश्वसनीयता प्राप्त होगी। विनोबा भावे सब स्टेशन में अतिरिक्त सर्किट की सुविधा अब 132 के.वी. विनोबा भावे सब स्टेशन को 220 के.वी. सबस्टेशन नयागांव, जबलपुर से एक अतिरिक्त सर्किट उपलब्ध हो गया है, जो पहले से संचालित 132 के.वी. व्हीकल फैक्टरी सबस्टेशन, जबलपुर से जुड़े सर्किट के अतिरिक्त है। इस नई व्यवस्था से किसी एक सर्किट में तकनीकी समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में न्यूनतम समय में विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सकेगी। साथ ही रख-रखाव कार्यों के दौरान अब पूर्ण शटडाउन लेने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी।  

महिलाओं के चेहरे पर खुशी: लाड़ली बहनों को 1500 रुपये मिले, गैस सब्सिडी की भारी रकम जारी

नर्मदापुरम नर्मदापुरम के माखन नगर (बाबई) से मध्य प्रदेश की सवा करोड़ महिलाओं के लिए खुशियों की बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साल 2026 का पहला बड़ा तोहफा देते हुए 'लाडली बहना योजना' की 32वीं किस्त जारी कर दी है। इस बार बहनों के खातों में 1250 रुपये के बजाय बढ़ी हुई राशि यानी 1500-1500 रुपये जमा किए गए हैं। 1.25 करोड़ महिलाओं को मिला लाभ मुख्यमंत्री ने एक सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में कुल 1,836 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। गौरतलब है कि सरकार ने नवंबर महीने से ही योजना की राशि में 250 रुपये का इजाफा कर इसे 1500 रुपये प्रति माह कर दिया था।   गैस सिलेंडर सब्सिडी का भी हुआ भुगतान लाडली बहना योजना के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने 'गैस सिलेंडर रिफिलिंग योजना' की सब्सिडी भी जारी की। प्रदेश की लगभग 29 लाख लाडली बहनों के खातों में 90 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि ट्रांसफर की गई है। इस कदम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को रसोई खर्च में बड़ी राहत मिलेगी। ऐसे चेक करें अपने खाते का स्टेटस यदि आप भी इस योजना की लाभार्थी हैं और अपना पेमेंट स्टेटस चेक करना चाहती हैं, तो इन आसान स्टेप्स का पालन करें:     वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल cmladlibahna.mp.gov.in पर लॉग-इन करें।     विकल्प चुनें: होम पेज पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” लिंक पर क्लिक करें।     डिटेल्स भरें: अपना आवेदन क्रमांक (Application ID) और कैप्चा कोड दर्ज करें।     OTP वेरिफिकेशन: मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) को दर्ज कर "खोजें" बटन पर क्लिक करें।     स्टेटस देखें: आपकी स्क्रीन पर भुगतान की पूरी जानकारी आ जाएगी। बजट और भविष्य की योजनाएं नर्मदापुरम के कार्यक्रम के दौरान सीएम ने स्पष्ट किया कि महिला सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लाडली बहना योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बना रही है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति दे रही है।

स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम से देश में मध्यप्रदेश अग्रणी

भोपाल राष्ट्रीय स्टार्ट-अप दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश, भारत के स्टार्ट-अप आंदोलन के एक दशक और राष्ट्र निर्माण में एमएसएमई व स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम की परिवर्तनकारी भूमिका का उत्सव मना रहा है। आज भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित है। यहाँ एमएसएमई इंडस्ट्री देश की जीडीपी में लगभग 30% का योगदान देती है। यह 11 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान कर रही है। इसका कुल निर्यात में 40 से 45% का योगदान है। राष्ट्रीय दृष्टि के अनुरूप मध्यप्रदेश एक अग्रणी स्टार्ट-अप डेस्टीनेशन के रूप में उभरा हैं। वर्ष 2016 में डीपीआईआईटी से मान्यता प्राप्त मात्र 7 स्टार्ट-अप से बढ़कर वर्तमान में राज्य के सभी जिलों में 6,600 से अधिक स्टार्ट-अप सक्रिय हैं। विशेष रूप से, इन स्टार्ट-अप में से 48% में कम-से-कम एक महिला संस्थापक हैं, जो समावेशी और समान उद्यमिता के प्रति राज्य की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्टार्ट-अप से क्षेत्र में उल्लेखनीय यह प्रगति सशक्त नीतिगत ढांचे और संस्थागत सहयोग का परिणाम है, जिसका आधार मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप नीति एवं क्रियान्वयन योजना-2025 है, जिसे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के दौरान  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया। यह नीति स्टार्ट-अप जीवन चक्र के प्रत्येक चरण में समग्र सहयोग प्रदान करती है, जिसमें एंटरप्रेन्योर-इन-रेज़िडेंस सहायता, विचार स्तर पर सीड फंडिंग तथा विकास-चरण के उद्यमों के लिए समर्पित स्टार्ट-अप कैपिटल फंड शामिल है। साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला, दिव्यांगजन एवं ट्रांसजेंडर संस्थापकों के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं। स्टार्ट-अप यात्रा के हर चरण में सहायता के लिए नीति में कई अन्य प्रावधान भी सम्मिलित हैं। मध्यप्रदेश सरकार संस्थागत सहयोग, वित्तीय सहायता और सतत मार्गदर्शन के माध्यम से उद्यमिता को आकांक्षी, सुलभ और साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट-2026 का आयोजन 11 एवं 12 जनवरी 2026 को रवीन्द्र भवन, भोपाल में किया गया। यह आयोजन राज्य के स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुआ, जिसमें स्टार्ट-अप, निवेशक, इनक्यूबेटर्स, नीति-निर्माता एवं वैश्विक साझेदारों सहित 2,500 से अधिक हितधारकों की सहभागिता रही। प्रमुख आकर्षणों में 70+ स्टार्ट-अप की स्टार्ट-अप एवं नवाचार प्रदर्शनी, महिला-नेतृत्व वाली उद्यमिता, वैश्विक विस्तार और एग्री स्टार्ट-अप जैसे प्राथमिक क्षेत्रों पर केंद्रित 9 थीमैटिक सत्र तथा 105 टीमों के साथ 12 घंटे का इनोवेशन स्प्रिंट HACK & MAKE 2026 शामिल रहे। समिट के ठोस परिणामों में 170+ स्टार्ट-अप को रूपये 2.5 करोड़ से अधिक की सिंगल-क्लिक वित्तीय सहायता, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत 21 स्टार्ट-अप को रूपये 8.17 करोड़ के ऋण स्वीकृत, चार एमओयू का आदान-प्रदान तथा एमपी स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम अवॉर्ड्स-2026 में 27 स्टार्ट-अप और तीन इनक्यूबेटर्स का सम्मान शामिल है जिससे मध्यप्रदेश की अग्रणी स्टार्ट-अप हब के रूप में स्थिति और सुदृढ़ हुई। इन उपलब्धियों के साथ, मध्यप्रदेश “राष्ट्रीय स्टार्ट-अप दिवस” को नवाचार-आधारित, समावेशी और भविष्य-सक्षम आर्थिक विकास के माध्यम से देश के स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम को मजबूत करने की प्रतिबद्धता के साथ मना रहा है तथा वर्ष 2030 तक राज्य में डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप की संख्या को दोगुना कर 12,000+ तक पहुँचाने के लक्ष्य की दिशा में अग्रसर है।  

शैक्षिक ओलम्पियाड स्पर्धा में उत्साहपूर्वक शामिल हुए विद्यार्थी

विकासखंड मुख्यालय स्तर पर आयोजित हो रही स्पर्धा भोपाल शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 2 से 8 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जा रही जिला स्‍तरीय शैक्षिक ओलम्पियाड स्‍पर्धा में पहले दिन लाखों विद्यार्थियों ने उत्‍साहपूर्वक सहभागिता की। दो दि‍वसीय स्‍पर्धा का आयोजन स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जा रहा है। यह प्रदेश के समस्‍त विकासखंड मुख्‍यालयों पर आयोजित की जा रही। शैक्षिक ओलम्पियाड प्रतियोगिता में पहले दि‍न कक्षा 2 और 3 के विद्यार्थियों ने हिन्‍दी, अंग्रेजी और गणित विषयों के प्रश्‍नों के उत्‍तर ओएमआर शीट पर अंकित किए। दूसरी तरफ कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों ने पहले दिन हिन्‍दी, अंग्रेजी और संस्‍कृत विषयों के प्रश्‍नों को हल किया। 17 जनवरी 2026 को कक्षा 4 एवं 5 के विद्यार्थियों के लिए हिन्‍दी, अंग्रेजी, गणित एवं पर्यावरण अध्‍ययन एवं कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थी विज्ञान, गणित और सामाजिक अध्‍ययन विषयों के प्रश्‍नों को ओएमआर शीट पर हल करेंगे। उल्‍लेखनीय है कि, इस जिला स्‍तरीय शैक्षिक ओलम्पियाड प्रतियोगिता में सहभागिता कर रहे विद्यार्थी अपने-अपने जन शिक्षा केन्‍द्र के विजेता बन इस प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए हैं। प्रत्‍येक जनशिक्षा केन्द्र से कक्षा 2 एवं 3 के तीनों विषयों (अंग्रेजी, हिन्दी, गणित) के 04-04 टॉपर विद्यार्थी तथा कक्षा 4 एवं 5 से चारों विषयों (अंग्रेजी, हिन्दी, गणित, पर्यावरण) के टॉपर 04-04 विद्यार्थी अर्थात् प्रत्येक जनशिक्षा केन्द्र से कक्षा 2-5 के कुल 28 विद्यार्थियों का चयन जिला स्‍तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया है। वहीं कक्षा 6 से 8 के तहत जनशिक्षा केन्द्र स्तर से सर्वाधिक अंको के आधार पर प्रत्येक विषय से 06-06 विद्यार्थियों के रुप में एक जनशिक्षा केन्द्र से कुल 36 विद्यार्थियों का चयन जिला स्तरीय ओलंपियाड़ के लिए किया गया है। जन शिक्षा केन्‍द्र मुख्‍यालयों से प्रभारी शिक्षक विद्यार्थियों को बसों और अन्‍य परिवहन सुविधाओं से विकासखंड मुख्‍यालय के परीक्षा केन्‍द्रों तक पहुंचे। विकासखंड मुख्‍यालयों पर आयोजित हो रही इस ओलम्पियाड परीक्षा के लिए चयनित बच्‍चों के परिवहन, स्‍वल्‍पाहार एवं भोजन आदि की सभी व्‍यवस्‍थाएं स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा की गई हैं।  

देशभक्ति और जन सेवा की भावना मजबूत करते हुए प्रदेश को आंतरिक सुरक्षा का आदर्श राज्य बनाए रखना हम सबका लक्ष्य

पुलिस बल का हर परिस्थिति में अपने कर्तव्य पर डटे रहना और उनका अनुशासन सराहनीय देश को नारकोटिक्स से मुक्त करने का अभियान आगामी एक अप्रैल से होगा आरंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश से नक्सलियों का पूरी तरह सफाया करना असंभव को संभव करने जैसा था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश से नक्सल उन्मुलन के लिए पुलिस अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पुलिस की ड्यूटी में कई तरह की चुनौतियां होती हैं, लेकिन पुलिस बल हर समय अपने कर्तव्य पर उत्साह और उमंग के साथ डटा रहता है। सभी पुलिसकर्मी अभिनंदन के पात्र हैं, पुलिस का अनुशासन सराहनीय और अनुकरणीय है। प्रदेश सरकार के लिए वर्ष 2025 उपलब्धियों से भरा रहा है। राष्ट्र विरोधी ताकतों को मध्यप्रदेश पुलिस जड़ से खत्म कर रही है। राज्य में संगठित अपराध के लिए कोई स्थान नहीं है। नशा विरोधी अभियान में प्रदेश पुलिस निरंतर सराहनीय उपलब्धियां हासिल कर रही है। राज्य सरकार और पुलिस नए अनुभवों के साथ आगे बढ़ रही है। देशभक्ति और जन सेवा की भावना को और मजबूत करते हुए मध्यप्रदेश को आंतरिक सुरक्षा का आदर्श प्रदेश बनाए रखना हम सबका लक्ष्य हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आईपीएस सर्विस मीट का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना तथा अध्यक्ष भारतीय पुलिस सेवा संघ श्री चंचल शेखर ने पुष्पगुच्छ और पौधा भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सलामी ली और भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के साथ उनका ग्रुप फोटो हुआ। पुलिस महानिदेशक श्री मकवाना तथा आईपीएस ऐसोसिएशन के अध्यक्ष श्री चंचल शेखर द्वारा मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था की मजबूती में पुलिस का महत्वपूर्ण योगदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था की मजबूती में पुलिस का महत्वपूर्ण योगदान है। जल्द ही प्रदेश पुलिस को पदोन्नति की स्वीकृति का समाचार मिलेगा। इसके साथ ही पुलिस विभाग में पर्याप्त भर्तियां भी होंगी। नए कानून लागू करने में प्रदेश पुलिस देश के लिए आदर्श उदाहरण है। मध्यप्रदेश में साइबर अपराधों सहित सभी तरह के संगठित गिरोह और अपराधियों पर अंकुश लगाया जा रहा है। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्यवाही से प्रदेश में किसी भी राष्ट्र विरोधी ताकत को पनपने का अवसर नहीं मिला। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आतंकवाद और अपराध के गठजोड़ के प्रति सभी को चेताया है। हमें भी पराम्परागत तरीके बदलकर बड़े पैमाने पर काम करना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 भविष्य की पुलिसिंग की दिशा तय करने का अवसर है। आने वाले वर्षों में हम तकनीक में दक्ष, निर्णय में तेज और जनता के प्रति अधिक संवेदनशील पुलिस व्यवस्था समाज और प्रदेशवासियों को प्रदान करें, हम सब इस संकल्प के साथ आगे बढ़ें। नक्सलमुक्त प्रदेश करने में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मार्गदर्शन और त्वरित निर्णय रहे महत्वपूर्ण : डीजीपी श्री मकवाना पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने कहा कि प्रदेश को नक्सलमुक्त करने में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मार्गदर्शन और उनके द्वारा लिए गए त्वरित निर्णयों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। नक्सल आपरेशन्स में पुलिस निरीक्षक आशीष शर्मा का शहीद होना दुर्भाग्यपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर ही उनके परिवार को एक करोड़ रुपए की राहत राशि और छोटे भाई को उप निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई। श्री मकवाना ने कहा कि डायल 112 योजना का छह माह में क्रियान्वयन और नए अपराधिक कानूनों को लागू करना वर्ष 2025 की बड़ी उपलब्धि रही। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में संसाधन और रिक्त पदों की पूर्ति करते हुए तैयारियां जारी हैं। मध्यप्रदेश पुलिस बल साइबर अपराध की चुनौती का सामना करने के लिए स्वयं को निरंतर सशक्त और सक्षम बना रहा है। सिंहस्थ, सड़क सुरक्षा और साइबर सक्षमता विकास पुलिस की प्राथमिकताओं में पुलिस महानिदेशक श्री मकवाना ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा आगामी एक अप्रैल 2026 से नारकोटिक्स से देश को मुक्त करने का अभियान आरंभ किया जा रहा है। देश को ड्रग्स मुक्त बनाने के लिए तीन वर्ष का लक्ष्य रखा गया है। ड्रग्स माफिया के विरूद्ध पुलिस का अभियान निरंतर जारी रहेगा। ड्रग्स के बारे में जागरूकता के लिए प्रदेश में "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान का भी वर्ष 2025 में सफलतापूर्वक संचालन किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस कर्मियों में तनाव प्रबंधन और उनके मानसिक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए हॉर्ट फुलनेस संस्था से समन्वय कर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सिंहस्थ-2028, सड़क सुरक्षा, साइबर सक्षमता विकास पुलिस की प्राथमिकताओं में है।  

विंध्य लंबी उड़ान भरने के लिए है तैयार: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

विंध्य गौरव अवार्ड कार्यक्रम में हुए शामिल, विंध्य क्षेत्र की विभूतियों को किया सम्मानित भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विंध्य के लोगों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। राष्ट्र सेवा, कला, अभिनय, साहित्य, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, खेल सभी क्षेत्रों में विंध्य की प्रतिभाओं ने नए मानक स्थापित किए हैं। आज थल सेना और नौ-सेना का प्रतिनिधित्व विंध्य के सपूत कर रहे हैं। विंध्य क्षेत्र में अधोसंरचना, सिंचाई, पर्यटन सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास हो रहा है। विंध्य लंबी उड़ान भरने के लिए तैयार है। रीवा-सीधी टनल, सोलर पार्क, रीवा एयरपोर्ट, हाईवे, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार ने विंध्य क्षेत्र में संभावनाओं का विस्तार किया है। विंध्य का उज्जवल भविष्य है विंध्य लंबी उड़ान भरने के लिए तैयार है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहाँ की प्रतिभाएँ विंध्य क्षेत्र को अग्रणी क्षेत्र बनाने में कोई कोर कसर बाक़ी नहीं छोड़ेंगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल कार्यालय आयुक्त, दिव्यांगजन, मध्यप्रदेश स्टेट रिसोर्स सेंटर भवन, भोपाल में स्नेहा इवेंट्स एंड मैनेजमेंट, मुंबई द्वारा आयोजित आयोजित विंध्य गौरव अवार्ड कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विंध्य क्षेत्र की विभूतियों को सम्मानित किया। विंध्य के लोग रिश्ता निभाना जानते हैं उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बताया कि रीवा की बेटी स्वर्गीय श्रीमती कृष्णा कपूर की स्मृति में कृष्णा-राजकपूर ऑडिटोरियम बनाया गया। जब उनके पुत्र रणधीर कपूर रीवा आए तो वे भावुक हो गए उन्होंने कहा जो काम बेटे नहीं कर पाए वो आपने कर दिया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि विंध्य के लोग रिश्ता निभाना जानते हैं। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा विधायक श्री कुंवर सिंह टेकाम, श्री शारदेंदु तिवारी, श्री घनश्याम चंद्रवंशी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।