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नर्मदापुरम में बनेगा सिक्योरिटी पेपर, 1788 करोड़ के निवेश से करारे नोटों के कागज तैयार होंगे

नर्मदापुरम  मध्य प्रदेश का नर्मदापुरम अब नोटों के कागज बनाने के मामले में पूरे देश में नई पहचान दर्ज कराएगा. भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने नर्मदापुरम की सिक्योरिटी पेपर मिल (SPM) यानि प्रतिभूति कागज कारखाना के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए कुल 1788 करोड़ रुपये की राशि को संसद में मंजूर किया है. इस राशि से SPM में पूरे कागज कारखाने का अपग्रेडेशन होगा. वहीं नोटों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए नई मशीन भी लगाई जायेगी. लंबे समय से उठ रही थी मांग नर्मदापुरम नरसिंहपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से नर्मदापुरम के प्रतिभूति कागज कारखाना के आधुनिकीकरण और विस्तार की मांग उठाई थी. उन्होंने इस बात को लोकसभा में वित्त मंत्रालय के समक्ष भी उठाया था. लंबे समय से इसकी मांग चल रही थी. इसी मांग के चलते केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सहमति के बाद अब SPM नर्मदापुरम के विकास और नई पेपर मशीन की स्थापना की मांग को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने SPM के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए 1788 करोड़ की राशि स्वीकृत कर दी. इस राशि का उपयोग कारखाने की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने के लिए होगा. इस परियोजना से SPM का विकास होगा, जिसका उद्देश्य देश में बैंक नोटों और अन्य सुरक्षा-संबंधित कागजात की बढ़ती मांग को पूरा करना है. जो क्षेत्र के औद्योगिक विकास और रोजगार की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी. देश को करारे नोटों का कागज देता है मध्य प्रदेश का मिल जिन करारे रंगीन करेंसी को लेकर लोग इतराते फिरते हैं वो मध्य प्रदेश की एक खास मिल से निकलती है. यहां के जैसा पेपर देश की कोई भी मिल में जेनेरेट नहीं हो पाती. खासियत ऐसी की जानकर चौक जाएंगे. यह पेपर जो बाद में नोट में तब्दील हो जाते हैं इन्हे बनाने के लिए रुई है. जी हां कॉटन और गोंद के बेहतरीन ब्लेंड से तैयार होते हैं भारतीय नोट. ये नोट हमारे और आपके घर की ही नहीं बल्की देश की इकॉनमी रन करते हैं. क्या है नोटों वाले कॉटन के पेपर की खासियत भारतीय रिजर्व बैंक के इन नोटों वाले पेपर की खूबी ऐसी है कि इन पर पानी को अपना रंग दिखाने में लंबा वक्त लगता है. भीगने के बाद भी ये तत्काल नहीं गलता. पसीने का तो इन पर कोई बड़ा असर नहीं होता. बिना मिलावट वाला शुद्ध कॉटन ही इस कागज और साथ ही नोट को वो रुप देता है जिससे इसमें सारी खासियतें आती हैं और ये बेहद टिकाऊ बन जाते हैं. कब से तैयार हो रहा नर्मदापुरम में करारे नोटों का कागज मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिसे अब नर्मदापुरम कहते हैं वहां 1967 में करेंसी नोट के लिए कागज तैयार करने का काम शुरु हुआ. इसके लिए पहला कारखाना खोला गया. अब यहां सरकार नए सिरे से इंवेस्टमेंट कर रही है. यहां अब 1788 करोड़ रुपए का इंवेस्टमेंट किया जा रहा है. यही वो कारखाना है जिसमें देश की विदेशी कागज पर नोटों की निर्भरता खत्म की थी. SPMCIL की प्रमुख इकाई है SPM नर्मदापुरम का प्रतिभूति कागज कारखाना भारत प्रतिभूति मुद्रण तथा मुद्रा निर्माण निगम लिमिटेड (SPMCIL) की एक प्रमुख इकाई है, जो देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील कागज आवश्यकताओं की पूर्ति करती है. यहां वर्तमान में संचालित पुरानी मशीनों के स्थान पर नवीन अत्याधुनिक पेपर मशीन की स्थापना से उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और आत्मनिर्भरता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. इस परियोजना से न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा सुदृढ़ होगी, बल्कि नर्मदापुरम क्षेत्र में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, औद्योगिक सुदृढ़ीकरण, स्थानीय युवाओं को तकनीकी अवसर तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी. इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा केंद्रीय मंत्रिमंडल एवं शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया गया है. सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि, ''यह निर्णय नर्मदापुरम को औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने वाला सिद्ध होगा.''  नर्मदापुरम के प्रतिभूति कागज कारखाना के PRO संजय भावसार ने जानकारी देते हुए बताया कि, ''इस यूनिट की स्थापना के लिए कैबिनेट से स्वीकृति मिल गई है. इस बारे में अभी हमारे यहां अभी विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है. इस यूनिट की स्थापना होने से SPM के साथ ही क्षेत्र और देश के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि रहेगी.'' 1967 में हुई थी स्थापना की शुरुआत SPM, भारत का प्रमुख औद्योगिक संस्थान है, यह भारत प्रतिभूति मुद्रण तथा मुद्रा निर्माण निगम लिमिटेड (SPMCIL) की एक इकाई है. जो भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है. इसकी स्थापना औपचारिक शुरुआत 9 मार्च 1967 को तत्कालीन भारत के उप प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई द्वारा की गई थी. इसमें उत्पादन कार्य 1968 में प्रारंभ हुआ. इस कारखाने का मुख्य कार्य बैंक नोटों के लिए उच्च सुरक्षा वाले कागज, गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर और पासपोर्ट के लिए कागज का निर्माण करना है. यहां उत्पादित कागज का उपयोग देवास (BNP) और नासिक (CNP) के करेंसी नोट प्रेस द्वारा नोट छापने के लिए किया जाता है. यह वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत गैर-वाणिज्यिक उपक्रम के रूप में अधिसूचित किया गया था. यह एक भारत की उच्च गुणवत्ता वाले बैंक नोट और अन्य सुरक्षा कागजात बनाने का काम करती है. 2006 में निगमीकरण के समय यह एसपीएमसीआईएल की एक इकाई बन गई. 

राजेंद्र शुक्ल का शहडोल दौरा, जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक आज होगी

 शहडोल मध्यप्रदेश शासन के उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक आज शुक्रवार को आयोजित की जाएगी। उप मुख्यमंत्री गुरुवार रात्रि सर्किट हाउस शहडोल पहुंचे, जहां उन्होंने रात्रि विश्राम किया। तय कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को दोपहर 12 बजे उप मुख्यमंत्री पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके पश्चात दोपहर 1 बजे कलेक्टर कार्यालय स्थित विराट सभागार में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक लेंगे। बैठक के बाद दोपहर 2:30 बजे उप मुख्यमंत्री शहडोल से अनूपपुर जिले के लिए प्रस्थान करेंगे। सिविल अस्पताल ब्यौहारी का औचक निरीक्षण, मरीजों से की चर्चा शहडोल जिले के एक दिवसीय दौरे के दौरान उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने गुरुवार रात्रि सिविल अस्पताल ब्यौहारी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। अस्पताल में भर्ती मरीजों से संवाद कर उपचार, दवाइयों एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश उप मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज का उपचार संवेदनशीलता एवं मानवीय दृष्टिकोण के साथ किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यक दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें और किसी भी मरीज को असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों, दवाइयों की स्थिति एवं एम्बुलेंस सेवाओं की जानकारी भी ली। सर्किट हाउस पहुंचने पर हुआ स्वागत गुरुवार रात उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के सर्किट हाउस शहडोल पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। 

अयोध्या बायपास के लिए 8 हजार पेड़ों की कटाई पर NGT की रोक, भोपाल की सांसे अब नहीं थमेंगी

भोपाल   विकास बनाम पर्यावरण की जंग में हरियाली की जीत होती दिख रही है. भोपाल के अयोध्या बायपास रोड को 10 लेन बनाने के लिए प्रस्तावित पेड़ों की कटाई पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाया है. एनजीटी ने इस प्रोजेक्ट पर लगी रोक को बरकरार रखा है. इसके साथ ही एनजीटी ने इस मुद्दे को केवल भोपाल तक सीमित न रखते हुए पूरे देश में लागू होने वाली एक समान नीति बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिससे विकास कार्यों की आड़ में पेड़ों का अंधाधुंध सफाया न हो. विकास के साथ पर्यावरण संतुलन जरूरी यह फैसला नितिन सक्सेना बनाम राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) प्रकरण में सुनाया गया. न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने कहा कि सड़क, पुल और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए पेड़ों की कटाई को लेकर पूरे देश में एक समान और सख्त नीति होना आवश्यक है. इससे आर्थिक प्रगति और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाया जा सकेगा. इसी के साथ इस प्रकरण को एनजीटी की प्रधान पीठ, नई दिल्ली स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं. अयोध्या बायपास रोड के लिए कटने हैं हजारों पेड़ सड़कों के विस्तार और शहरों की बढ़ती जरूरतों के बीच पर्यावरण संरक्षण का सवाल अब राष्ट्रीय स्तर पर भी उठने लगा है. भोपाल के अयोध्या बायपास पर प्रस्तावित 10 लेन सड़क परियोजना के कारण हजारों पेड़ों की कटाई का मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल तक पहुंचा, जहां कटाई पर स्टे बरकरार रखा गया है. एनजीटी ने स्पष्ट किया है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसके नाम पर प्रकृति की बलि स्वीकार्य नहीं है. यह पेड़ नहीं भोपाल की सांसें हैं सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ताओं ने दलील दी कि ये पेड़ केवल लकड़ी नहीं, बल्कि भोपाल के नागरिकों की सांसों की सुरक्षा हैं. दूसरी ओर एनएचएआई ने परियोजना की आवश्यकता और समयबद्धता का हवाला दिया. इस बीच यह भी सामने आया कि पहले दिए गए स्थगन आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील को वापस ले लिया गया है. हालांकि, इस दौरान कोई आधिकारिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, जिसके बाद एनजीटी ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग अपील का स्टेटस साफ नहीं होता, तब तक ट्रिब्यूनल इस मामले में आगे कोई सुनवाई नहीं करेगा और पहले से कटाई पर लगाई गई रोक बरकरार रहेगी. पूरे देश में मिसाल बनेगा ये फैसला बता दें की एनजीटी ने भोपाल में काटे जाने वाले 8 से 12 हजार पेड़ों को शहर के फेफड़े बताया. आसाराम तिराहा से करोंद होते हुए रत्नागिरी तिराहा तक प्रस्तावित 16 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए इतने ही पेड़ों को काटे जाने की योजना थी. एनजीटी ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को भी दोहराया, जिसके तहत किसी भी तरह की कटाई या छंटाई से पहले एनजीटी की समिति की अनुमति अनिवार्य है. शहर के पर्यावरणविदों का मानना है कि इस फैसले के साथ यह स्पष्ट संदेश गया है कि अब देश में विकास की राह हरियाली को कुचलकर नहीं, बल्कि उसे साथ लेकर ही तय होगी.

एमपी में घना कोहरा और शीतलहर, भोपाल-इंदौर ट्रेनें लेट, ग्वालियर में पारा 5 डिग्री तक लुढ़का

भोपाल  मध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्से में सर्दी ने इस सीजन का सबसे सख्त रूप दिखाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार सुबह ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के 17 जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता बेहद कम होने से दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने-जाने वाली करीब एक दर्जन ट्रेनें देरी से चल रही हैं। कोहरे के साथ-साथ ठंड ने भी रफ्तार पकड़ ली है। दतिया, रीवा समेत 7 जिलों में मौसम विभाग ने शीतलहर (कोल्ड वेव) का अलर्ट जारी किया है। हालात ऐसे हैं कि कई जगह दिन और रात के तापमान में फर्क लगभग खत्म हो गया है। ग्वालियर-दतिया में दिन भी रात जितना ठंडा गुरुवार को ग्वालियर और दतिया में दिन का तापमान 12 डिग्री से नीचे चला गया। यह इस सीजन में पहली बार हुआ, जब अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच मामूली अंतर दर्ज किया गया। ग्वालियर में पारा एक ही दिन में 7.8 डिग्री लुढ़ककर 10.4 डिग्री तक पहुंच गया, जो न्यूनतम तापमान से महज 4.3 डिग्री ज्यादा रहा।  गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात छतरपुर जिले का खजुराहो प्रदेश में सबसे ठंडा दर्ज किया गया, जहां न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस रहा। दतिया में पारा 3.9 डिग्री, शिवपुरी में 4 डिग्री और राजगढ़ में 5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री, मंडला में 5.9 डिग्री, रीवा में 6 डिग्री, उमरिया में 6.4 डिग्री और सीधी व टीकमगढ़ में 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इन जिलों में शीतलहर का असर मौसम विभाग के अनुसार दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, मऊगंज और शहडोल में कोल्ड वेव का प्रभाव बना रहेगा। शहडोल में ‘कोल्ड डे’ की स्थिति भी दर्ज की गई है, यानी दिनभर ठंड का असर बरकरार रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि शनिवार को भी ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में कोहरा छाया रहेगा। इसके बाद मौसम साफ होने के संकेत हैं और अधिकतम-न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले गुरुवार को यहां दिन का तापमान 10.4 डिग्री रहा था। राजधानी भोपाल में रात का तापमान 8 डिग्री, इंदौर में 9.4 डिग्री, उज्जैन में 8.3 डिग्री और जबलपुर में 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल ठंड और कोहरे से राहत के आसार कम हैं। आने वाले दिनों में भी सुबह-शाम कोहरा छाए रहने और तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होने की संभावना है, जिससे रेल और सड़क यातायात पर असर बना रह सकता है। मुरैना में आठवीं तक के बच्चों की आज और कल छुट्‌टी वहीं मुरैना में रात का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूरे जिले में घना कोहरा छाया हुआ है और कंपकंपाने वाली सर्दी लोगों को परेशान कर रही है। हालात को देखते हुए कलेक्टर ने 9 और 10 जनवरी तक कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी हैं। खजुराहो सबसे ठंडा, कई शहर 10 डिग्री से नीचे प्रदेश में गुरुवार को छतरपुर का खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। रीवा में 4.1 डिग्री, दतिया में 4.2 डिग्री, नौगांव और शिवपुरी में 5 डिग्री, उमरिया में 5.4 डिग्री और पचमढ़ी में 5.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अधिकतर शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे ही बना रहा।  रिकॉर्ड तोड़ सर्दी की राह पर जनवरी इस बार मध्यप्रदेश में सर्दी लगातार रिकॉर्ड बना रही है। नवंबर में 84 साल और दिसंबर में 25 साल का ठंड का रिकॉर्ड टूटा। जनवरी की शुरुआत भी उसी ट्रेंड पर चल रही है। भोपाल में ठंड ने 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार जनवरी में ‘माइनस जैसी’ ठंड महसूस की जा रही है, जिसमें घना कोहरा और शीतलहर दोनों साथ चल रहे हैं। जनवरी क्यों होती है सबसे सर्द? मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि जैसे मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे अहम होते हैं, वैसे ही सर्दी के लिहाज से दिसंबर और जनवरी सबसे प्रभावी महीने हैं। इन दिनों उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा सक्रिय रहती हैं। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के चलते जनवरी में मावठा पड़ने की संभावना भी रहती है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी, जबकि इस साल जनवरी के पहले दिन ही बादलों ने दस्तक दे दी थी।  इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। ठंड के लिए इसलिए खास जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे।

मध्य प्रदेश में खुद को सीएम का रिश्तेदार बताने वाले एसडीएम को हटाया, पंडितों से विवाद के कारण कार्रवाई

 नलखेड़ा मध्यप्रदेश में खुद को सीएम का रिश्तेदार बताकर आगर मालवा के नलखेड़ा में स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर के पंडितों से भिड़ना सुसनेर के एसडीएम को महंगा पड़ गया है। पंडितों के विरोध और आंदोलन के बाद कलेक्टर ने एक्शन लेते हुए सुसनेर एसडीएम को प्रभार से हटा दिया है। पंडितों ने आरोप लगाया था कि एसडीएम खुद को सीएम का रिश्तेदार बताते हुए उन्हें धमकाते हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग भी करते हैं। इतना ही नहीं एसडीएम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पंडितों ने मंदिर में अनुष्ठान और हवन बंद कर दिए थे। पंडितों ने एसडीएम के खिलाफ खोला मोर्चा मां बगलामुखी मंदिर के पंडितों ने सुसनेर एसडीएम सर्वेश यादव के खिलाफ गुरुवार को मोर्चा खोल दिया था। मंदिर पहुंचे एसडीएम का घेराव करते हुए पंडितों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी और मंदिर में होने वाले अनुष्ठान और हवन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए थे। विरोध प्रदर्शन करने वाले पंडितों ने आरोप लगाया था कि मंदिर समिति से बिना कोई बातचीत किए एसडीएम सर्वेश यादव रोजाना नए-नए नियम बना देते हैं। इतना ही नहीं लंबे समय से मंदिर में पूजा अर्चना करने वाले पंडितों को हटाने की धमकी भी देते हैं। अभद्र भाषा के इस्तेमाल का लगाया था आरोप पंडित एसोसिएशन अध्यक्ष देवेंद्र शास्त्री ने बताया एसडीएम स्वयं को मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताकर दबाव बनाते हैं। पंडितों का कहना है कि मंदिर समिति को विश्वास में लिए बिना रोज नए-नए नियम लागू किए जा रहे हैं जिससे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। साथ ही बातचीत के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया जाता है। अभा ब्राह्मण समाज प्रदेशाध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्र ने मामले में कहा है कि ब्राह्मण समाज को लेकर जिस तरह से लगातार अधिकारियों द्वारा बयानबाजी की जा रही है इससे समाज बेहद व्यथित और आक्रोशित है। पंडितों ने मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरु किया और हवन-अनुष्ठान बंद किए तो बात वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची। कुछ घंटों बाद ही कलेक्टर के निर्देश पर एडीएम ने मां बगलामुखी मंदिर के प्रभार से एसडीएम सर्वेश यादव को हटा दिया। एसडीएम से मंदिर समिति का प्रभार लेते हुए डिप्टी कलेक्टर कमल मंडलोई को सौंपा गया है। वहीं एसडीएम सर्वेश यादव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है।

इंदौर में अजय बनकर सलमान ने की इंस्टाग्राम दोस्ती, शादी का झांसा देकर रेप और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव

इंदौर   इंदौर के तिलक नगर थाना क्षेत्र में लव जिहाद का एक मामला सामने आया है. यूपी के बरेली निवासी एक युवती ने आरोप लगाया है कि एक युवक ने धोखे से पहचान छिपाकर उसके साथ जबरन शारीरिक शोषण किया और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया. युवती की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. तिलक नगर थाने से मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता इंदौर में रहकर एक प्राइवेट जॉब करती है. उसकी इंस्टाग्राम पर आकाश नाम के युवक से पहचान हुई थी. बातचीत बढ़ने के बाद मुलाकातें होने लगीं और पीड़िता का आरोप है कि युवक ने दबाव बनाकर कई बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए. बाद में पता चला कि युवक का असली नाम सलमान है, जिससे वह खुद को ठगा हुआ महसूस करने लगी. सख्त कार्रवाई की मांग इसके बाद पीड़िता ने बजरंगदल के कार्यकर्ताओं से संपर्क किया. संगठन के जिला संयोजक लक्की रघुवंशी ने बताया कि युवती की शिकायत पर कार्यकर्ताओं ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया. उनका कहना है कि युवती के साथ छल किया गया, उसकी भावनाओं और विश्वास का दुरुपयोग हुआ है, इसलिए आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है. सोनीपत में खुला राज धोखे का खुलासा तब हुआ जब आरोपी पीड़िता को हरियाणा के सोनीपत ले गया। वहां आरोपी के भाई के जरिए महिला को पता चला कि जिसे वह अजय समझ रही है, वह सलमान खान है और तीन बच्चों का पिता है। आरोपी ने उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। जब महिला ने बात करना बंद किया तो आरोपी फर्जी आइडी बनाकर फोटो वायरल करने की धमकी देने लगा। होटल में किया गलत काम पीड़िता को उसने 1 सितंबर 2025 को स्कीम-140 स्थित एक होटल में बुलाया और दुष्कर्म किया। पीड़िता ने हिंदू संगठन के पदाधिकारियों आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामला थाने पहुंचा। टीआइ मनीष लोधा के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। युवती को दी धमकी  बाइट में लक्की रघुवंशी ने बताया कि युवती ने रात में संपर्क कर शिकायत की थी कि एक युवक उसे परेशान कर रहा है. प्रारंभिक बातचीत में पता चला कि युवती एक प्राइवेट अस्पताल में काम करती है और पिछले दो साल से आरोपी उसे परेशान कर रहा था. आरोप है कि आरोपी ने शारीरिक शोषण किया, पैसे लिए और फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी दी. जांच में आरोपी के मोबाइल से कई फर्जी आईडी भी सामने आई हैं. युवती का शोषण किया बताया गया कि आरोपी ने इंस्टाग्राम पर अजय यादव नाम से फर्जी आईडी बनाकर युवती से दोस्ती की थी. बाद में जब युवती उसके प्रभाव में आ गई, तब उसने अपना असली नाम सलमान बताया और खुद को बरेली का निवासी बताया. इंस्टाग्राम के माध्यम से शुरू हुई इस दोस्ती के बाद कथित तौर पर युवती का शोषण किया गया. जांच में जुटी पुलिस वहीं तिलक नगर थाना प्रभारी मनीष लोधा ने बताया कि युवती की शिकायत के आधार पर आरोपी सलमान के खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है. युवती का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसके बयान दर्ज कर लिए गए हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. 

हाईकोर्ट ने यासीन मछली को नहीं दी जमानत, विधानसभा में फर्जी पास लगाने का मामला

भोपाल /जबलपुर  भोपाल के गैंगस्टर यासीन अहमद मछली को फर्जी विधानसभा एंट्री पास मामले में हाईकोर्ट से झटका लगा है. उच्च न्यायालय ने अपराध की गंभीरता तथा अपीलकर्ता के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए उसे जमानत का लाभ देने से इंकार कर दिया है. हाईकोर्ट जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ये फैसला सुनाया. भोपाल के गैंगस्टर यासीम अहमद मछली की तरफ से निजी वाहन में फर्जी विधानसभा एंट्री पास का उपयोग किये जाने के मामले में अरेरा थाने में धारा 318(4), 319(2), 336(3) और 340(2) के तहत मुकदमें में जमानत के लिए आवेदन किया था. अपीलकर्ता की तरफ से तर्क दिया गया कि क्राइम ब्रांच ने उसे 23 जुलाई 2025 को एक अन्य अपराध में हिरासत में लिया था. इस अपराध में वह 1 अगस्त 2025 से अभिरक्षा में है. दरअसल भोपाल पुलिस की गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने जमानत याचिका हाईकोर्ट में दायर की थी। आरोपी मछली विधानसभा का फर्जी पत्रकार पार्किंग पास निजी वाहन में इस्तेमाल करता था, जिस पर भोपाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने कहा कि यह मामला सीधे विधानसभा की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। भोपाल के अरेरा हिल्स थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध क्रमांक 131/2025 से संबंधित है। अभियोजन के मुताबिक, 25 जुलाई 2025 को प्राप्त शिकायत के बाद जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि दिसंबर 2024 के विधानसभा सत्र के लिए पत्रकार गौरव शर्मा के नाम से जारी पार्किंग पास क्रमांक 433 को आरोपी यासीन अहमद उर्फ मछली ने कथित रूप से छेड़छाड़ कर अपनी निजी कार (एमपी 04 जेड एल 0999) में लगा लिया। जबकि यह पास किसी अन्य वाहन के लिए वैध रूप से जारी किया गया था। अपीलकर्ता ने कहा, विधानसभा में एंट्री के लिए नहीं किया इस पास का इस्तेमाल शिकायतकर्ता के अनुसार अगस्त 2024 तक उसने अपनी गाड़ी पर इस पास का इस्तेमाल किया था. अपीलकर्ता ने विधानसभा में एंट्री के लिए इस पास का इस्तेमाल नहीं किया है. अपीलकर्ता का अपराधिक रिकॉर्ड है परंतु वह अधिकांश मामलों में दोषमुक्त हो गया है. शासन की तरफ से जमानत अर्जी का विरोध करते हुए बताया गया कि विधानसभा ऑफिस ने ब्रेकिंग न्यूज के एडिटर गौरव शर्मा के वाहन नंबर एमपी-04-टीबी-3950 लिए “जर्नलिस्ट” विधानसभा पार्किंग पास नंबर 433 जारी किया था. अपीलकर्ता फर्जी पास का उपयोग अपने वाहन क्रमांक एमपी 04-डेजएल 0999 में कर रहा था. आवेदक एक क्रिमिनल हिस्ट्रीशीटर है और वह पास वाली गाड़ी का इस्तेमाल गैर-कानूनी कामों के लिए कर रहा था. कोर्ट ने कहा, जुर्म की गंभीरता और आवेदक के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए नहीं दी जा सकती जमानत आवेदक ने जाली पास बनाकर अपनी गाड़ी पर लगाया है, जिसका इस्तेमाल सिर्फ विधानसभा में एंट्री के लिए किया जाता था. यह विधानसभा के विधायकों और मंत्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा था. एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि जुर्म की गंभीरता और आवेदक के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता है. शासन की तरफ से अधिवक्ता सीएम तिवारी ने पैरवी की.

सीएम डॉ. मोहन यादव सीधी में 213 करोड़ के विकास कार्यों का करेंगे उद्घाटन, 714 परियोजनाओं का शिलान्यास

सीधी  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को सीधी जिले के बहरी में 201 करोड़ 64 लाख रुपये की लागत वाले कुल 209 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों के हितग्राहियों के लिए प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 68 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले 179 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। ये कार्य अनुसूचित जाति विभाग, आदिवासी विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जिला पंचायत वाटरशेड, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत हैं। इन कार्यों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा 133 करोड़ 62 लाख रुपये की लागत वाले 30 विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया जाएगा। यह कार्य पंचायत एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना–वाटरशेड विकास), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीआईयू विभाग और लोक निर्माण विभाग (भवन/सड़क) के अंतर्गत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "एक बगिया मां के नाम" योजना में 505 हितग्राहियों को 11 करोड़ 58 लाख रुपये की राशि वितरित करेंगे। इस कार्यक्रम से शासन की योजनाओं की जानकारी सीधे लाभार्थियों तक पहुंचेगी और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। इन 714 कार्यों में से 6801.40 लाख रुपए की लागत वाले 179 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। वहीं, 13362.67 लाख रुपए की अनुमानित लागत वाले 30 नए विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा, 'एक बगिया मां के नाम' योजना के तहत 505 लाभार्थियों को 1158.11 लाख रुपए की राशि वितरित कर लाभान्वित किया जाएगा। 179 परियोजनाओं से विकास को बढ़ावा मिलेगा लोकार्पित किए जाने वाले 179 कार्यों में अनुसूचित जाति विभाग, आदिवासी विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जिला पंचायत वाटरशेड, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं से शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा। शिलान्यास किए जाने वाले 30 विकास कार्य पंचायत और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – वाटरशेड विकास), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीआईयू विभाग और लोक निर्माण विभाग (भवन/सड़क संभाग) के अंतर्गत आते हैं। लाभार्थियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित समारोह के दौरान विभिन्न विभागों के लाभार्थियों के लिए प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सरकारी जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे हितग्राहियों तक पहुंचाना और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता करना है।

इंदौर में कार-ट्रक हादसा, तीन की मौत – बाला बच्चन की बेटी प्रेरणा और कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल का बेटा प्रखर भी शामिल

इंदौर  इंदौर में तेजाजी नगर थाना क्षेत्र स्थित बाईपास पर एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। तेज रफ्तार कार एक खड़े ट्रक में जा घुसी, जिसमें कार सवार चार लोगों में से तीन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। इस हादसे में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े नाम सामने आने के बाद घटना और भी संवेदनशील हो गई है। मृतकों के बारे में सामने आई जानकारी इंदौर में यह हादसा तेजाजी नगर बाईपास पर रालामंडल के पास देर रात हुआ। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार नेक्सन कार पीछे से एक ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार में कुल चार लोग सवार थे, जिनमें तीन युवतियां और एक युवक शामिल था। हादसे में पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन की बेटी प्रेरणा बच्चन, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे प्रखर कासलीवाल और मनसिंधु की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कार में सवार चौथी युवती अनुष्का गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। कैसे हुआ हादसा? प्राथमिक जानकारी के अनुसार, सभी दोस्त प्रखर कासलीवाल का जन्मदिन मनाकर पार्टी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार और संभवतः चालक का नियंत्रण बिगड़ने के कारण यह दर्दनाक हादसा हो गया। पुलिस को सूचना मिलते ही तेजाजी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भिजवाया गया। गृह मंत्री बाला बच्चन अस्पताल पहुंचे घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन एमवाय अस्पताल पहुंचे। वहीं, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल सहित परिजन भी अस्पताल पहुंचे। इस दौरान अस्पताल परिसर में शोक का माहौल नजर आया। हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और परिचित भी एमवाय अस्पताल पहुंचे। सभी मृतकों के परिजन गहरे सदमे में हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है, वहीं ट्रक चालक से भी पूछताछ की जा रही है।  कांग्रेस नेता बोले- बच्चे घूमने गए थे कांग्रेस नेता धर्मेंद्र गेंदर ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार बच्चे घूमने के लिए कहीं निकल थे। तेजाजी नगर के पहले हादसे का शिकार हो गए। शव एमवाय अस्पताल में रखे गए हैं। पूर्व मंत्री बाला बच्चन अस्पताल में मौजूद हैं। ट्रक चालक फरार, पुलिस ने नाकाबंदी कराई रालामंडल थाना प्रभारी देवेंद्र मरकाम के मुताबिक, कार सवार युवक-युवतियां संभवतः छात्र थे और पार्टी मनाकर लौट रहे थे। फिलहाल, पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मृतकों की उम्र लगभग 25 वर्ष बताई जा रही है। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है। आसपास के मार्गों पर नाकेबंदी की जा रही है। नेताओं ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया पूर्व सीएम कमलनाथ ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा – इंदौर में एक सड़क हादसे में मेरे साथी और मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन की सुपुत्री प्रेरणा के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ। यह अत्यंत हृदयविदारक घटना है। मेरी सहानुभूति श्री बाला बच्चन के परिवार के साथ है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और परिवार को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति प्रदान करे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लिखा – मध्यप्रदेश शासन के पूर्व गृह मंत्री, बाला बच्चन जी की सुपुत्री प्रेरणा का भीषण सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन अत्यंत हृदयविदारक है। घर की बेटी का यूं अचानक चले जाना पूरे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति प्रदान करें और दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

इंदौर कलेक्टर का RSS कार्यालय दौरा, जीतू पटवारी का आरोप – ‘शिवम वर्मा BJP कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे

इंदौर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इंदौर के कलेक्टर की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थानीय कार्यालय जाने के लिए आलोचना की. मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कलेक्टर शिवम वर्मा बीजेपी कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं. पटवारी ने दावा किया कि शिवम वर्मा, इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव के साथ बुधवार रात शहर की पंत वैद्य कॉलोनी में 'सुदर्शन' कार्यालय गए थे और RSS मालवा प्रांत प्रचारक राज मोहन सिंह के साथ भागीरथपुरा में खराब पानी की घटना सहित कई मुद्दों पर चर्चा की थी. इस दौरे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. एक न्यूज एजेंसी ने बताया कि सांवेर में अपने साथियों को संबोधित करते हुए पटवारी ने कहा, "भार्गव, वर्मा को RSS ऑफिस ले गए. कलेक्टर ने दिखा दिया है कि वह प्रशासनिक अधिकारी नहीं हैं. वह बीजेपी सदस्य की तरह काम कर रहे हैं. अगर आप ड्यूटी पर रहते हुए राजनीतिक पार्टियों के ऑफिस जाएंगे, तो याद रखें, कांग्रेस कार्यकर्ता आपके काम करने के तरीके को सुधारेंगे." पटवारी ने आरोप लगाया, "कलेक्टर को अपने ऑफिस में काम करना चाहिए, चीफ सेक्रेटरी से मिलना चाहिए और मंत्रियों और अधिकारियों के साथ मामलों पर चर्चा करनी चाहिए. इंदौर में लोग मर रहे हैं, हर जगह खराब पानी है, और भ्रष्टाचार का स्तर अद्भुत और अकल्पनीय है. लेकिन कलेक्टर काम नहीं कर रहे हैं. वह बीजेपी के लिए अपनी हाजिरी लगाने RSS ऑफिस जा रहे हैं." बार-बार कोशिश करने के बावजूद कलेक्टर शिवम वर्मा से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका. बता दें कि सूबे की आर्थिक राजधानी इंदौर पिछले लगभग एक दशक से देश का सबसे साफ शहर है. लेकिन फिलहाल अपने भागीरथपुरा इलाके में पानी खराब होने से मौतों के कारण खबरों में है. स्थानीय निवासियों के दावों के बीच कि पानी खराब होने से 17 लोगों की मौत हुई है, मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को 18 प्रभावित परिवारों को मुआवजा बांटा. उधर, कांग्रेस नेता पटवारी ने खुद एक X पोस्ट में मरने वालों की संख्या 20 बताई थी.