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550 करोड़ का बिजली प्रोजेक्ट: एमपी में बिजली दरें होंगी आधी, उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा

जबलपुर मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (जेनको) कम कीमत पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए सोलर प्लांट लगाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए 550 करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी की जा रही है। 110 मेगावाट के सोलर प्लांट तीन स्थानों पर लगाए जाएंगे। दो साल में स्थापित होने वाले प्लांट कंपनी थर्मल पावर प्लांट के आसपास ही स्थापित करेगी। कंपनी के टेक्निकल डायरेक्टर सुबोध निगम का कहना है कि, ये कंपनी का अबतक का सबसे बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट है। अभी तक कंपनी ने 7 मेगावाट का सोलर प्लांट मंदसौर के रातागुरड़िया में स्थापित किया है। कंपनी को लंबे समय से सोलर प्लांट लगाने की जरूरत थी। पर्यावरण को पहुंच रहा नुकसान अभी कोयले से संचालित थर्मल पावर प्लांट से बिजली की लागत अधिक होने के साथ पर्यावरण के लिए घातक गैस का उत्सर्जन हो रहा है। हालांकि, कंपनी स्तर पर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए काफी उपाय किए गए हैं और राख का पर्याप्त निष्पादन भी किया जा रहा है। ऐसे में कंपनी सोलर प्लांट लगाकर स्वच्छ ऊर्जा पैदा करने की तैयारी कर रही है।   550 करोड़ होंगे प्रोजेक्ट पर खर्च सुबोध निगम का कहना है कि, अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई में 40 मेगावाट, श्रीसिंगाजी ताप विद्युत गृह में 40 मेगावाट और बिरसिंहपुर ताप विद्युत गृह में 30 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाने की योजना है। इसके लिए निविदा कंपनी स्तर पर जारी की जा रही है। इस परियोजना पर करीब 550 करोड़ रुपये खर्च आएगा।

यात्री नहीं मिले तो बदला प्लान: भोपाल मेट्रो का 14 दिन में शेड्यूल रिवाइज

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की मेट्रो को अब एक चौथाई पैसेंजर भी नहीं मिल रहे हैं। यही कारण है कि, मेट्रो कॉर्पोरेशन ने शुरुआत के सिर्फ 14 दिन बाद मेट्रो की टाइमिंग में बदलाव करने के साथ ही ट्रिप भी घटा दी है। अब मेट्रो एम्स स्टेशन से सुबह 09 बजे की बजाय 03 घंटे की देरी से दोपहर 12 बजे शुरू होगी, जबकि यही से शाम साढ़े सात बजे आखिरी ट्रिप चलेगी। नया शेड्यूल 05 जनवरी से लागू होने जा रहा है। भोपाल मेट्रो का उद्घाटन 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने किया था। इसके अगले दिन यानी 21 दिसंबर से कमर्शियल रन शुरू हो गया। इस दिन से आम लोग मेट्रो में सफर करने लगे। ऐसे में कमर्शियल रन के पहले दिन मेट्रो में सफर करने को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला था। इस दौरान 6568 पैसेंजर सवार हुए थे। अब करीब एक हजार यात्री मेट्रो में हो रहे सवार वहीं, अब एक हजार के आसपास ही यात्री मेट्रो में सवार हो रहे हैं। इस वजह से मेट्रो कॉर्पोरेशन ने टाइमिंग और ट्रिप दोनों में बदलाव कर दिया है।   ऐसा रहेगा नया शेड्यूल -मेट्रो अब 3 घंटे देरी से दोपहर 12 बजे से चलेगी।, जबकि रात 7:55 बजे तक इसका संचालन होगा -शाम 7:30 बजे एम्स से सुभाष नगर के बीच आखिरी मेट्रो दौड़ेगी, जो 25 मिनट में सुभाष नगर स्टेशन पहुंचेंगी। -पहले की तरह 75 मिनट के अंतराल में मेट्रो मिलेगी। यानी, एक गाड़ी छूटने के बाद दूसरी गाड़ी सवा घंटे बाद ही मिल सकेगी। -पहले दोनों ओर कुल 17 ट्रिप लगाई जा रही थी, जो घटाकर 13 कर दी गई है। -एम्स से सुभाषनगर के बीच सात और सुभाषनगर से एम्स के बीच छह ट्रिप लगेगी।   अब ये रहेगी टाइमिंग -पहली मेट्रो दोपहर 12 बजे एम्स स्टेशन से शुरू होगी, जो दोपहर 12:40 बजे सुभाषनगर स्टेशन पहुंचेगी। -आखिरी मेट्रो शाम 7:30 बजे एम्स से शुरू होकर 7:55 बजे सुभाषनगर स्टेशन पर पहुंचेगी। किस दिन कितने पैसेंजर मिले -21 दिसंबर को मिले 6,568 पैसेंजर। -22 दिसंबर को मिले 2,896 पैसेंजर। -23 दिसंबर को मिले 2,163 पैसेंजर। -24 दिसंबर को मिले 1,787 पैसेंजर। -25 दिसंबर को मिले 4,264 पैसेंजर। -26 दिसंबर को मिले 1,473 पैसेंजर। -27 दिसंबर को मिले 1,200 पैसेंजर। -28 दिसंबर को मिले 2,349 पैसेंजर। -29 दिसंबर को मिले 1,100 पैसेंजर। -30 दिसंबर को मिले 9,67 पैसेंजर। -31 दिसंबर को मिले 1113 पैसेंजर। -01 जनवरी को मिले 2,023 पैसेंजर। -02 जनवरी को मिले 1,065 पैसेंजर।

स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स एवं उद्योग प्रतिनिधियों से करेंगे संवाद

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज जयपुर प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केंद्र (जेईसीसी) में आयोजित राजस्थान डिजीफेस्ट-टीआईई ग्लोबल समिट-2026 में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, जो उभरते और उच्च विकास वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए राज्य के प्रौद्योगिकी एवं निवेश संबंधी दृष्टिकोण को प्रस्तुत करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश प्राथमिकता प्राप्त प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अवसरों की विस्तृत रूपरेखा वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ साझा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इनोवेशन एक्सपो का भ्रमण करेंगे और मध्यप्रदेश पवेलियन का दौरा कर स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स एवं उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद भी करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीईओ, निवेशकों और वैश्विक उद्योग प्रतिनिधियों के साथ व्यक्तिगत बैठक कर मध्यप्रदेश में रणनीतिक निवेश के अवसरों एवं दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा करेंगे। टीआईई ग्लोबल समिट-2026 में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सिल्वर स्टेट पार्टनर के रूप में सशक्त भागीदारी कर रहा है। यह भागीदारी गत 27 नवंबर 2025 को आयोजित एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 के दौरान द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआईई) राजस्थान के साथ हस्ताक्षरित समझौते के अनुरूप है। समिट में मध्यप्रदेश अपनी नवस्थापित एवं प्रगतिशील नीतिगत व्यवस्था का प्रभावी प्रदर्शन करेगा। ये नीतियां राज्य को अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी, डिजिटल नवाचार और  उच्च-मूल्य वाले रोजगार सृजन के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने और भारत के टियर-2 शहरों के प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।

7 रेलवे ट्रैक को पार करेगा 100 करोड़ का आरओबी, शहर को मिलेगा बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर तोहफा

भोपाल निशातपुरा रेलवे ओवरब्रिज(ROB) इस साल नवंबर तक तैयार हो जाएगा। करीब 100 करोड़ रुपए से बनने वाला आरओबी नए और पुराने शहर को जोड़ेगा। इससे करीब 9 लाख लोगों को फायदा मिलेगा। शनिवार को मंत्री विश्वास सारंग ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। ये देश का पहला ऐसा आरओबी होगा, जो एकसाथ 7 रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा। बनाई गई कमेटी यह आरओबी भोपाल स्टेशन के प्लेटफार्म-1 से छोला खेड़ापति हनुमान मंदिर तक पहुंचेगा। पीडब्ल्यूडी, रेलवे, एफसीआइ सहित संबंधित विभागों में समन्वय के लिए एक कमेटी बनाई गई है ताकि, निर्माण कार्य में कोई अड़चन न आए और यह जल्दी बन जाए।   रेलवे स्टेशन पर आना होगा आसान आरओबी के बनने के बाद करोंद, बैरसिया, बैरागढ़, विदिशा से आने वाले लोग आसानी से भोपाल रेलवे स्टेशन आ-जा सकेंगे। पुराने शहर से किसी को भेल इलाके में जाना होगा तो यह आरओबी काफी फायदेमंद रहेगा। अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा समेत कई इलाकों से आना-जाना आसान हो जाएगा। भविष्य में यही आरओबी एयरपोर्ट तक आने-जाने के लिए भी उपयोग आ सकेगा। 2 नदियों पर नए ब्रिज, 5 बायपास और 3 ROB बनेंगे पांच बायपास रोड, दो नदियों पर नए पुल और रेल लाईनी पर तीन नए ओवरब्रिज अशोकनगर जिले की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाएंगे। इससे वाहन चालकों को आबादी क्षेत्रों में आवाजाही की समस्या तो खत्म होगी ही, साथ रेलवे क्रॉसिंग पर भी निकलने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए जिले में निर्माण कार्य चल रहे है, जो साल 2026 मैं तैयार हो जाएंगे।   नए साल में मिलेंगी ’50 सड़कों’ की सौगात लोक निर्माण विभाग भिंड के ग्रामीण क्षेत्रों में 56 गांवों को नए साल में पक्की सड़कों की सौगात देने की तैयारी में है। 80 प्रतिशत कार्य पूर्व में कराया जा चुका है। लोक निर्माण विभाग के पिछले तीन साल में कुल 56 सड़क निर्माण (Paved Roads Construction) कार्य स्वीकृत हुए हैं, जिनकी लंबाई 187.89 किलोमीटर और लागत 53.50 करोड़ रुपएसे अधिक है। एक दर्जन से अधिक कार्य तो वर्ष 2025 में ही स्वीकृत हुए हैं। जिनमें से अधिकांश में निविदा प्रक्रियाधीन है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सोमनाथ हमारे आत्मबल, पुनर्जागरण और अविनाशी विश्वास का है प्रतीक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सौभाग्य का विषय है कि भगवान श्रीमहाकाल और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग हमारे प्रदेश में विद्यमान है और प्रदेश की राजधानी भोपाल में मूल सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन का अवसर प्राप्त हो रहा है। बार-बार ध्वस्त होकर भी सोमनाथ का पुनर्निर्माण यह उद्घोष है कि, शिव शाश्वत हैं, हमारी आस्था अडिग है और सनातन की चेतना अमर है। सोमनाथ हमारे आत्मबल, पुनर्जागरण और अविनाशी विश्वास का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्था एवं भोपाल उत्सव मेला की सोमनाथ ज्योतिर्लिंग रूद्र पूजा और मूल सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन के रवीन्द्र भवन- मुक्ताकाश परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री भगवान दास सबनानी, भोपाल उत्सव मेला के श्री मनमोहन अग्रवाल, सामाजिक कार्यकर्ता श्री माखन सिंह और श्री राहुल कोठारी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिव ही सत्य और सनातन हैं। पंच महाभूतों से बने हमारे शरीर का शिव ही सनातन संस्कृति की मूल अवधारणाओं से परिचय कराते हैं। शिव ही हमारे विकारों का संहार करते हैं। सनातन के विरोध का भाव रखने वाली संस्कृतियां, वर्तमान में स्वयं आतंरिक संकट से ग्रस्त हैं। जबकि सदैव विश्व के कल्याण की कामना करने वाली भारतीय संस्कृति, संसार को एक परिवार मानते हुए आगे बढ़ रही है। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने जहां एक ओर श्री सोमनाथ महादेव का पुनर्निर्माण कराया वहीं प्रधानमांत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राम मंदिर की स्थापना की। उज्जैन में महाकाल जन-जन की श्रद्धा के केंद्र के रूप में विद्यमान हैं। यह इस तथ्य को स्थापित करता है कि सनातन आदि और अनंत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी का आध्यात्मिक ज्ञान, उनकी आत्मीयता और मानवमात्र के प्रति प्रेम, सम्मानीय है। उनके द्वारा प्रसारित, सांस लेने की लयबद्ध सुदर्शन क्रिया की तकनीक ने कई लोगों के जीवन से तनाव, चिंता और अवसाद जैसे जटिल विकारों का निदान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रूद्र पूजन में भगवान भोलेनाथ से प्रदेशवासियों को सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करने की कामना की।  

रेशम उत्पादन बढ़ाकर उपलब्ध कराए जा रहे हैं रोजगार के अवसर : राज्यमंत्री जायसवाल

प्रदेश के 3600 मलबरी एवं 850 टसर कोकून उत्पादक कृषकों को स्व-रोजगार से जोड़ा भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने कहा है कि प्रदेश में रेशम का उत्पादन बढ़ाकर लोगों को रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। विगत दो वर्षों में रेशम संचालनालय द्वारा निजी क्षेत्र में 231 एकड़ क्षेत्र में एवं शासकीय रेशम केन्द्रों पर 200 एकड़ क्षेत्र में नवीन मलबरी पौधरोपण किया गया है। साथ ही प्रदेश के 3,600 मलबरी एवं 850 टसर कोकून उत्पादक कृषकों को स्व-रोजगार से जोड़ा गया है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि पिछले दो वर्षों में 2.64 लाख किलोग्राम मलबरी कोकून एवं 31.51 लाख टसर कोकून का उत्पादन किया गया। प्रदेश में 5 हजार कृषकों को नवीन कोकून उत्पादन तकनीकी से प्रशिक्षित कर उल्लेखनीय कार्य किया गया है। प्रदेश में अभी तक 42 महिलाओं को रेशम उत्पादन से लखपति दीदी के रूप में चिन्हांकित किया गया है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि आगामी तीन वर्षों में मलबरी कोकून उत्पादन में वर्तमान 1.50 लाख किलोग्राम से 4 लाख किलोग्राम स्तर तक वृद्धि की जायेगी। टसर कोकून उत्पादन में वर्तमान 40 लाख से 70 लाख तक की वृद्धि का लक्ष्य है। मलबरी पौधरोपण के क्षेत्र में अतिरिक्त नवीन 3500 एकड़ की वृद्धि की जाएगी। पचमढ़ी जिला नर्मदापुरम में रेशम इंटरप्रिटेशन सेंटर प्रारंभ होगा। रेशम उत्पादों का विक्रय ई-कामर्स प्लेटफार्म के माध्यम से प्रारंभ होगा। इसके अलावा नवीन प्राकृत शोरूम ग्वालियर, जबलपुर एवंइन्दौर में प्रारंभ होंगे। रेशम समृद्धि कार्य-योजना राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि आगामी तीन वर्षों में 6 हजार 200 हितग्राहियों को कौशल उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करने की कार्य-योजना तैयार की गई है। प्रदेश में 150 एकड़ क्षेत्र में मलबरी पौधरोपण के लिए नर्सरी तैयार होगी। साथ ही 3 हजार 500 एकड़ क्षेत्र में नवीन मलबरी पौधरोपण एवं 16 नई बीज इकाइयों को प्रारंभ किया जाएगा। प्रदेश में 10 नई धागाकरण इकाइयों की स्थापना की जाएगी। धागाकरण, बुनाई, कार्यों हेतु नवीन उन्नत मशीनों की स्थापना होगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- शिक्षा और उत्कृष्टता को अपना पथ-प्रदर्शक मानता है मीना समाज

मृत्यु भोज का विरोध, दहेज मुक्त और सादे विवाहों का समर्थन तथा सामूहिक विवाहों को प्रोत्साहन समाज की प्रशंसनीय पहल मैधावी विद्यार्थियों, युवाओं और सामाजिक गतिविधियों में योगदान देने वाले वरिष्ठ जन को किया सम्मानित मुख्यमंत्री रवीन्द्र भवन में आयोजित मीना समाज के सम्मेलन में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मीना समाज ने अपनी मेहनत और ईमानदारी से प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। समाज बंधु अपने सामाजिक दायित्वों का भी बख़ूबी निर्वहन कर रहे हैं। शिक्षा, सामाजिक उन्नति का सबसे मजबूत आधार है। पिछले वर्षों में लगभग 550 प्रतिभाओं का सम्मान इस बात का प्रमाण है कि मीना समाज, शिक्षा और उत्कृष्टता को अपना पथ-प्रदर्शक मानता है। मृत्यु भोज जैसी कुप्रथाओं का विरोध, दहेज मुक्त और सादे विवाहों का समर्थन एवं सामूहिक विवाह सम्मेलनों को प्रोत्साहन देकर समाज ने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध मजबूत संदेश दिया है। ऐसे प्रयास समाज को शिक्षित और कुरीतियों से मुक्त करते हुए समाज बंधुओं को प्रगति की राह पर अग्रसर करते हैं। यह प्रयास प्रदेश और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास को भी नई दिशा देते हैं। राज्य सरकार मीना समाज के इन प्रयासों में पूरी तरह साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में आयोजित मीना समाज सम्मेलन और मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मध्यप्रदेश मीना समाज सेवा संगठन की ओर से तीन बड़ी मालाऐं पहनाकर स्वागत अभिनंदन और साफा बांधकर अंग वस्त्रम भेंट कर सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के लिए पूर्व मंत्री श्री राम निवास रावत ने अभिनंदन पत्र का वाचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित, खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने और पदक विजेयता एवं अन्य विधाओं में उपलब्धियां अर्जित करने वाले मीना समाज के 16 विद्यार्थियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक गतिविधियों के लिए दान देने तथा अन्य पहल करने वाले मीना समाज के वरिष्ठजन को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर विशेष रूप से उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मीना समाज पर श्री हरि की अत्यंत कृपा रही है, भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार से जुड़ी मीना समाज की उत्पत्ति जन सामान्य को जल और जीवन का महत्व बताती है।मीना समाज में बहुत प्रतिभाएं हैं, समाज नवरत्नों से परिपूर्ण है और युवा पीढ़ी तो पढ़ाई तथा खेल में अपना लोहा मनवा रही है। समाज के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतें, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समाज ने हर परिस्थिति में संघर्ष किया और परिवारों के लिए प्रगति की राह प्रशस्त की। मीना समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक उत्थान के उद्देश्य से वर्ष 1980 में मीना समाज सेवा संगठन स्थापित किया गया था। संगठन के कार्यों के सकारात्मक परिणाम वर्तमान में दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों के जीवन को सरल बनाने के लिए व्यवस्थाओं में कई नवाचार किए हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में ही प्रदेश में देश की पहली तीन नदी जोड़ो परियोजनाओं का कार्य आरंभ हुआ है। इन परियोजनाओं से श्योपुर, गुना सहित चंबल और मालवा का क्षेत्र सिंचित होगा, जिसका मीना समाज को विशेष रूप से लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर जातिगत जनगणना का बड़ा निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत इस वर्ष मकानों की गिनती होगी और आगामी कार्यवाही वर्ष 2027 में की जाएगी। जातिगत जनगणना से अतीत के कई उल्झे प्रश्नों का समाधान निकलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित कर रही है। समाज बंधु उद्योग धंधे लगाने और उद्यमिता के क्षेत्र में भी आगे बढ़ें, राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों से ही भगवान श्रीराम अयोध्या में मुस्कुरा रहे हैं। भगवान श्रीराम की तरह भगवान श्रीकृष्ण भी भगवान विष्णु के अवतार हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार मीनेष बोर्ड के गठन पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज की धर्मशाला के निर्माण में राज्य शासन की ओर से सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि मीना समाज शिक्षा, संस्कार और संगठन के बल पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा और प्रदेश एवं देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।  

मुख्यमंत्री ने किया 31वें आईईएस- डिजिआना इंटरप्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ

पत्रकार साथियों की कलम की बाउंसर, शब्दों की गुगली और रिपोर्टर्स का रन रेट लोकतंत्र में लगाता है चार चांद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पत्रकार साथियों की कलम की बाउंसर, शब्दों की गुगली और रिपोर्टर्स का रन रेट लोकतंत्र में चार चांद लगाता है। हमारा मध्यप्रदेश हमेशा से दमदार खिलाड़ियों और मजबूत पत्रकारों की धरती रहा है। देश हित में पत्रकारिता को दिशा देने वाले प्रदेश के पत्रकारों ने दिल्ली तक को गौरवान्वित किया है। पंडित माखनलाल चतुर्वेदी और भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जैसे कई पत्रकारों का साहित्य और पत्रकारिता में योगदान अनुकरणीय और वंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को भोपाल खेल पत्रकार संघ द्वारा ओल्ड कैंपियन ग्राउंड पर आयोजित 31वें आईईएस- डिजिआना इंटरप्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल खेल पत्रकार संघ लगातार तीन दशक से इंटर प्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट का निरंतर आयोजन कर रहा है। इस आयोजन में क्रिकेट मैच के साथ- साथ आत्मीयता की भी वर्षा होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं भी इस क्रिकेट टूर्नामेंट में आने की हैट्रिक लगा रहे हैं। क्रिकेट टूर्नामेंट को निरंतरता देने संस्था का प्रयास सराहनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, पूर्व विधायक श्री ध्रुव नारायण सिंह, वरिष्ठ पत्रकार श्री मृगेंद्र सिंह, श्री विजय दास, श्री तेजेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष श्री रवीन्द्र यति, समाजिक कार्यकर्ता श्री राहुल कोठारी सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी, अधिकारी, पत्रकार और खेल प्रेमी उपस्थित थे।  

योग, योग-डांस, ध्यान, भजन और पंचतत्व रीकी हीलिंग ने रचा इतिहास

नए वर्ष की नई शुरुआत: अनंत ऊर्जा सफ़र ने भोपाल की झील पर शिकाराओं में हुआ भारत का पहला भव्य आध्यात्मिक हीलिंग अनुभव भोपाल 4 जनवरी 2026 का दिन मध्य प्रदेश और भारत के आध्यात्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जब भोपाल की शांत झील के मध्य शिकाराओं पर भारत का पहला ऐसा भव्य आध्यात्मिक वेलनेस कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें 100 से अधिक साधकों ने एक साथ योग, योग-डांस, ध्यान, भजन और पंचतत्व आधारित रीकी हीलिंग का गहन अनुभव किया। Madhya Pradesh Tourism और Anannt Oorja Safar के संयुक्त सहयोग से तथा Dilip BuildCon के समर्थन से आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल प्रतिभागियों को भीतर तक स्पर्श किया, बल्कि यह सिद्ध कर दिया कि मध्य प्रदेश अब वैश्विक आध्यात्मिक वेलनेस मानचित्र पर एक सशक्त पहचान बना चुका है। झील के मध्य शिकाराओं पर ऊर्जा, चेतना और रूपांतरण का सजीव अनुभव इस अद्वितीय आयोजन में प्रतिभागियों ने जल तत्व के मध्य, खुले आकाश के नीचे, प्रकृति के पाँचों तत्वों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—की उपस्थिति में स्वयं को पूर्णतः समर्पित किया। शिकारा पर बैठकर किया गया ध्यान, भजन की ध्वनि-तरंगें और सामूहिक मौन ने पूरे वातावरण को एक उच्च चेतना क्षेत्र में परिवर्तित कर दिया। Aarvika Gupta के योग-डांस और ध्यान ने छुआ आत्मा का स्तर कार्यक्रम में Aarvika Gupta द्वारा कराया गया योग, योग-डांस और ध्यान प्रतिभागियों के लिए अत्यंत प्रभावशाली रहा। उनकी सहज, करुणामयी और ऊर्जावान मार्गदर्शन शैली ने लोगों को केवल शारीरिक अभ्यास तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें अपने भीतर उतरने, भावनाओं को मुक्त करने और आत्मिक संतुलन अनुभव करने का अवसर दिया। कई प्रतिभागियों ने इसे “एक डीप हीलिंग जर्नी” और “जीवन बदल देने वाला अनुभव” बताया। Ayush Gupta द्वारा पंचतत्व रीकी हीलिंग: शुद्ध ऊर्जा का प्रवाह इस आध्यात्मिक यात्रा को पूर्णता प्रदान की Ayush Gupta द्वारा कराई गई पंचतत्व (5 Elements) रीकी हीलिंग ने। जल के मध्य बैठकर जब सामूहिक रूप से रीकी ऊर्जा प्रवाहित हुई, तो प्रतिभागियों ने गहरे स्तर पर मानसिक शांति, भावनात्मक हल्कापन और ऊर्जा संतुलन का अनुभव किया। यह केवल एक सत्र नहीं, बल्कि एक सामूहिक ऊर्जा उपचार था, जिसने पूरे समूह को भीतर से हील किया। मध्य प्रदेश का पहला ऐसा आयोजन जिसने रचा नया मानक यह मध्य प्रदेश का पहला आध्यात्मिक कार्यक्रम है, जिसमें झील के बीच शिकाराओं पर 100 से अधिक लोगों ने एक साथ हीलिंग और ध्यान किया। इस ऐतिहासिक पहल ने यह सिद्ध कर दिया कि आध्यात्मिक पर्यटन केवल आश्रमों या बंद स्थानों तक सीमित नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ मिलकर एक जीवंत अनुभव बन सकता है। प्रतिभागियों की एक आवाज़: “यह अनुभव हर महीने होना चाहिए” कार्यक्रम के पश्चात प्रतिभागियों में भारी उत्साह देखने को मिला। अधिकांश लोगों की यही भावना रही कि— “ऐसे कार्यक्रमों में और अधिक लोगों को शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए” “यह अनुभव हर महीने झील पर होना चाहिए” “यह केवल एक इवेंट नहीं, बल्कि एक आवश्यकता है” भविष्य की ओर एक सशक्त संकेत इस सफल आयोजन के साथ ही भोपाल की झील केवल एक पर्यटन स्थल नहीं रही, बल्कि वह एक जीवंत आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभरकर सामने आई है। यह कार्यक्रम आने वाले समय में नियमित रूप से आयोजित हो—ऐसी सामूहिक इच्छा और संभावना दोनों स्पष्ट रूप से दिखाई दी। 4 जनवरी 2026 को संपन्न हुआ यह आयोजन केवल एक After Event नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है— मध्य प्रदेश से भारत के लिए, और भारत से पूरे विश्व के लिए शांति, हीलिंग और चेतना का संदेश। आने वाले दिनों में दुनिया भर से लोग अब म०प्र० आयेंगे अध्यात्म और योग विज्ञान के लिए़् इस कार्यक्रम में निम्नलिखित लोग उपस्थित रहे ःChief guests Rahul kothari ji Mahamatri bjp Dilip suryawanshi ji Dilip buildcon Malti rai Bhopal mahapor Reva kourse Actress Vibha bhagat Actress 100+ Influencers from Bhopal